आज से खाद्य तेलों पर आयात शुल्क में भारी कटौती, सुप्रीम कोर्ट ने CEC नियुक्ति कानून को संविधान पीठ को भेजा, और UNGA-81 में भारत ने अपना स्वास्थ्य रिकॉर्ड रखा
Thursday, 24 September 2026 · IST · राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय · 11 टॉपिक · 2 MCQs
केंद्र ने त्योहारी मौसम की खाद्य महंगाई को थामने के लिए 24 सितंबर 2026 से कच्चे और रिफाइंड खाद्य तेलों पर मूल सीमा शुल्क घटा दिया, जबकि RBI ने ओवरनाइट VRRR नीलामी के ज़रिये 1.25 लाख करोड़ रुपये की अधिशेष तरलता सोख ली। सुप्रीम कोर्ट की खंडित पीठ ने CEC और अन्य निर्वाचन आयुक्त (नियुक्ति) अधिनियम, 2023 की चुनौती को बड़ी संविधान पीठ को भेज दिया। UNGA-81 में भारत ने सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज, हेपेटाइटिस और सिकल सेल के आँकड़े रखे तथा OneSCD साझेदारी की सह-शुरुआत की, वहीं Planetary Health Check 2026 और सुपर अल नीनो मृत्यु-अनुमान ने जलवायु चेतावनी और तीखी कर दी।
आज एक नज़र में — याद रखने वाली बातें
कच्चे सूरजमुखी तेल पर मूल सीमा शुल्क घटाकर 0%; कच्चा पाम और सोया 5% — 24 सितंबर 2026 से प्रभावी।
RBI ने 1,25,000 करोड़ रुपये की ओवरनाइट VRRR नीलामी की; रेपो दर 5.25% पर स्थिर।
सुप्रीम कोर्ट ने 1:1 के बँटे फैसले के बाद CEC व ECs (नियुक्ति) अधिनियम, 2023 की चुनौती संविधान पीठ को भेजी।
UNGA-81 में भारत: 1.8 लाख+ आयुष्मान आरोग्य मंदिर, 90 करोड़ ABHA आईडी, OneSCD की सह-शुरुआत।
Planetary Health Check 2026: नौ में से सात ग्रहीय सीमाएँ अब पार हो चुकी हैं।
सुपर अल नीनो से भारत में 15,800 अतिरिक्त गर्मी-जनित मौतों का अनुमान — विश्व में चौथा सर्वाधिक।
DDU-GKY 2.0 प्रशिक्षण अक्टूबर 2026 से शुरू — 1,164 बैच में 34,920 युवा।
DAC ने लगभग 1.10 लाख करोड़ रुपये की खरीद मंज़ूर की, करीब 98% भारतीय उद्योग से।
ISRO ने चंद्रपुर, असम में उन्नत रडार अनुसंधान सुविधा की आधारशिला रखी।
भारत ने UNGA की इतर बैठकों में रूसी और ईरानी तेल पर अमेरिकी प्रतिबंध कानून पर चिंता जताई।
विस्तृत नोट्स
1. केंद्र ने आज से खाद्य तेलों पर आयात शुल्क घटाया
ECONOMYसामान्य: प्रीलिम्स + मेन्स GS3
सिलेबस से संबंध
GS-III — भारतीय अर्थव्यवस्था: कराधान, मुद्रास्फीति, कृषि विपणन एवं खाद्य प्रसंस्करण। प्रीलिम्स संकेत: मूल सीमा शुल्क, कृषि अवसंरचना एवं विकास उपकर, प्रभावी शुल्क बनाम BCD, खाद्य तेल आयात निर्भरता।
संदर्भ
24 सितंबर 2026 से सरकार ने कच्चे और रिफाइंड दोनों प्रकार के खाद्य तेलों पर मूल सीमा शुल्क (BCD) घटा दिया है। यह बदलाव त्योहारी मौसम से पहले अधिसूचना संख्या 31/2026-सीमा शुल्क, दिनांक 23 सितंबर 2026 के ज़रिये किया गया।
मुख्य तथ्य
कच्चा पाम और कच्चा सोयाबीन तेल: BCD 10% से घटाकर 5%।
कच्चा सूरजमुखी तेल: BCD 10% से घटाकर 0% — पूर्ण छूट।
रिफाइंड पाम और रिफाइंड सोयाबीन तेल: BCD 32.5% से घटाकर 27.5%।
रिफाइंड सूरजमुखी तेल: BCD 32.5% से घटाकर 22.5%।
कच्चे–रिफाइंड शुल्क अंतर को जानबूझकर चौड़ा रखा गया है ताकि खुदरा दाम घटें और घरेलू रिफाइनिंग उद्योग भी सुरक्षित रहे।
आगे की राह
शुल्क कटौती से तुरंत राहत मिलती है पर आयात बिल बढ़ता है; टिकाऊ समाधान के लिए राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन – ऑयल पाम के तहत घरेलू तिलहन उत्पादकता बढ़ाकर आयात निर्भरता घटानी होगी।
अवधारणा
मूल सीमा शुल्कसीमा शुल्क अधिनियम, 1962 और सीमा शुल्क टैरिफ अधिनियम, 1975 के तहत लगाया जाता है। प्रभावी शुल्क = BCD + AIDC + समाज कल्याण अधिभार। उल्टा शुल्क ढाँचा तब बनता है जब कच्चे माल पर तैयार माल से अधिक कर लगे — यहाँ रिफाइंड तेल का शुल्क कच्चे से ऊपर रखकर इससे बचा गया है।
समूहित बार चार्ट, जिसमें कच्चे और रिफाइंड पाम, सोयाबीन तथा सूरजमुखी तेल पर पुराने और नए मूल सीमा शुल्क की तुलना है, 24 सितंबर 2026 से प्रभावी। — StudyForGS
2. 'सुपर अल नीनो' से भारत में 15,800 अतिरिक्त गर्मी-जनित मौतें संभव
REPORTसामान्य: प्रीलिम्स + मेन्स GS3
सिलेबस से संबंध
GS-III — पर्यावरण: जलवायु परिवर्तन, आपदा प्रबंधन। GS-II — स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दे। प्रीलिम्स संकेत: ENSO, अल नीनो बनाम ला नीना, वॉकर परिसंचरण, हीट एक्शन प्लान।
संदर्भ
23 सितंबर 2026 को जारी एक अध्ययन के अनुसार मौजूदा सुपर अल नीनो — जिसे अब तक का सबसे प्रबल बताया गया है — विश्व भर में 4.5 लाख से अधिक अतिरिक्त गर्मी-जनित मौतों का कारण बनेगा, जिनमें लगभग 2.39 लाख मौतें सितंबर 2026 – फरवरी 2027 की अवधि में होंगी।
मुख्य तथ्य
भारत: लगभग 15,800 अतिरिक्त गर्मी-जनित मौतें, नाइजीरिया, सूडान और इंडोनेशिया के बाद चौथा सर्वाधिक।
भारत में सर्वाधिक मृत्यु-दर दिसंबर से फरवरी के बीच अनुमानित है।
अफ्रीकी साहेल सबसे अधिक प्रभावित — 66,800 मौतें; दक्षिण-पूर्व एशिया 19,000+; ब्राज़ील 13,000।
मध्य-2027 तक वैश्विक तापमान सामान्य से लगभग 1.2 °C अधिक रहने का अनुमान।
1996–2025 के आधार वर्षों की तुलना में 44% अधिक अत्यधिक गर्म दिन।
आगे की राह
शहर-स्तरीय हीट एक्शन प्लान, पूर्व-चेतावनी तंत्र, कूलिंग शेल्टर और गर्मी के अनुसार कार्य-समय का विस्तार करना होगा, साथ ही मुआवज़े के लिए लू को आपदा अधिसूचित करने पर विचार करना चाहिए।
अवधारणा
अल नीनो दक्षिणी दोलन (ENSO) उष्णकटिबंधीय प्रशांत महासागर में समुद्र–वायुमंडल का युग्मित दोलन है। अल नीनो के दौरान व्यापारिक पवनें कमज़ोर पड़ती हैं, गर्म जल पूर्व की ओर खिसकता है और वॉकर परिसंचरण उलट जाता है — जिससे भारत में प्रायः कमज़ोर दक्षिण-पश्चिम मानसून रहता है।
क्षैतिज बार चार्ट, जिसमें सितंबर 2026 से फरवरी 2027 तक क्षेत्रवार अनुमानित अतिरिक्त गर्मी-जनित मौतें दिखाई गई हैं और भारत 15,800 पर रेखांकित है। — StudyForGS
3. Planetary Health Check 2026: नौ में से 7 ग्रहीय सीमाएँ पार
ENVIRONMENTसामान्य: प्रीलिम्स + मेन्स GS3
सिलेबस से संबंध
GS-III — पर्यावरण: संरक्षण, पर्यावरण प्रदूषण एवं क्षरण। प्रीलिम्स संकेत: नौ ग्रहीय सीमाएँ, महासागरीय अम्लीकरण, नवीन पदार्थ, जैवमंडल अखंडता।
संदर्भ
क्लाइमेट वीक के दौरान जारी Planetary Health Check 2026 के अनुसार नौ में से सात ग्रहीय सीमाएँ अब पार हो चुकी हैं और सभी में प्रवृत्तियाँ बिगड़ रही हैं।
मुख्य तथ्य
पार हो चुकीं (7): जलवायु परिवर्तन, जैवमंडल अखंडता, जैव-भू-रासायनिक प्रवाह, नवीन पदार्थ, भू-प्रणाली परिवर्तन, मीठे जल में बदलाव और महासागरीय अम्लीकरण।
महासागरीय अम्लीकरण सबसे नई औपचारिक रूप से पार हुई सीमा है।
सुरक्षित सीमा में (2): समतापमंडलीय ओज़ोन क्षरण और वायुमंडलीय एरोसोल भार।
ओज़ोन की रिकवरी का श्रेय मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल, 1987 को है — यानी संधियाँ काम करती हैं।
रिपोर्ट परस्पर जुड़ी पृथ्वी-प्रणालियों में शृंखलाबद्ध टिपिंग पॉइंट की चेतावनी देती है।
आगे की राह
भारत की प्रतिक्रिया में मिशन लाइफ और अद्यतन NDC के साथ ब्लू-कार्बन पारितंत्रों की बहाली तथा प्लास्टिक व संश्लेषित रसायनों जैसे नवीन पदार्थों पर कड़ा नियंत्रण जुड़ना चाहिए।
अवधारणा
ग्रहीय सीमाओं का ढाँचा स्टॉकहोम रेजिलिएंस सेंटर ने 2009 में (जोहान रॉकस्ट्रॉम एवं सहयोगियों द्वारा) प्रस्तावित किया था। यह नौ पृथ्वी-प्रणाली प्रक्रियाओं में मानवता के लिए सुरक्षित संचालन क्षेत्र तय करता है; सीमा पार होने पर अपरिवर्तनीय, गैर-रैखिक बदलाव का जोखिम बढ़ता है।
डोनट चार्ट जिसमें नौ में से सात ग्रहीय सीमाएँ पार दिखाई गई हैं, साथ में पार हो चुकीं और सुरक्षित सीमाओं की सूची है। — StudyForGS
4. DAC ने 1.10 लाख करोड़ रुपये का रक्षा खरीद पैकेज मंज़ूर किया
DEFENCEसामान्य: प्रीलिम्स + मेन्स GS3
सिलेबस से संबंध
GS-III — सुरक्षा: रक्षा खरीद, प्रौद्योगिकी का स्वदेशीकरण, आत्मनिर्भर भारत। प्रीलिम्स संकेत: DAC, आवश्यकता की स्वीकृति, Buy (Indian-IDDM), AESA रडार, CBRN।
संदर्भ
रक्षा मंत्री की अध्यक्षता वाली रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) ने लगभग 1.10 लाख करोड़ रुपये के प्रस्तावों को आवश्यकता की स्वीकृति (AoN) दी है, जिसका करीब 98% मूल्य भारतीय उद्योग से लिया जाएगा।
मुख्य तथ्य
सेना: CBRN टोही वाहन, उच्च गतिशीलता वाहन, स्व-चालित यांत्रिक माइन लेयर और अतिरिक्त ALH ध्रुव हेलिकॉप्टर।
नौसेना: अरुध्रा रडार — लगभग 400 किमी निगरानी परास वाली 4D AESA प्रणाली — और एक मरीन गैस टरबाइन कार्यक्रम।
वायु सेना: इलेक्ट्रॉनिक युद्ध के लिए ग्राउंड-बेस्ड मल्टी-पर्पज़ जैमर।
खरीद मुख्यतः Buy (Indian-IDDM) श्रेणी के तहत होगी।
लाभार्थियों में DPSU, निजी कंपनियाँ, MSME और स्टार्ट-अप शामिल हैं।
आगे की राह
DAP 2020 की समय-सीमा के भीतर AoN को हस्ताक्षरित अनुबंधों में बदलना और उत्तर प्रदेश व तमिलनाडु के रक्षा औद्योगिक गलियारों को गहरा करना ही तय करेगा कि स्वदेशीकरण के लक्ष्य वास्तव में पूरे होते हैं या नहीं।
अवधारणा
AoN भारत के पूँजीगत अधिग्रहण चक्र की पहली औपचारिक मंज़ूरी है, जो रक्षा अधिग्रहण प्रक्रिया (DAP) 2020 के तहत दी जाती है। Buy (Indian-IDDM) — स्वदेशी रूप से अभिकल्पित, विकसित एवं निर्मित — सर्वाधिक वरीयता वाली श्रेणी है, जिसमें भारतीय डिज़ाइन और न्यूनतम 50% स्वदेशी सामग्री अनिवार्य है।
तीन-स्तंभ आरेख, जिसमें रक्षा अधिग्रहण परिषद के लगभग एक लाख दस हज़ार करोड़ रुपये के पैकेज में सेना, नौसेना और वायु सेना की मंज़ूर वस्तुएँ दिखाई गई हैं। — StudyForGS
5. ISRO असम में उन्नत रडार अनुसंधान सुविधा बनाएगा
SCI-TECHसामान्य: प्रीलिम्स + मेन्स GS3
सिलेबस से संबंध
GS-III — विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी: अंतरिक्ष में विकास, स्वदेशीकरण। प्रीलिम्स संकेत: ISTRAC, अंतरिक्ष स्थितिजन्य जागरूकता, प्रोजेक्ट नेत्र, अंतरिक्ष मिशन का भू-खंड।
संदर्भ
असम के कामरूप मेट्रोपॉलिटन ज़िले स्थित चंद्रपुर में ISTRAC उन्नत रडार अनुसंधान सुविधा (IARRF) की आधारशिला रखी गई है — यह पूर्वोत्तर का पहला बड़ा अंतरिक्ष-अनुसंधान प्रतिष्ठान है।
मुख्य तथ्य
ISTRAC ISRO का टेलीमेट्री, ट्रैकिंग एंड कमांड नेटवर्क है, मुख्यालय बेंगलुरु।
यह सुविधा उपग्रह ट्रैकिंग और अंतरिक्ष स्थितिजन्य जागरूकता में सहायक होगी।
पूर्वी देशांतर होने से प्रक्षेपणों और निम्न भू-कक्षा पासों के लिए भू-स्टेशन कवरेज सुधरता है।
यह अंतरिक्ष मलबे और कक्षीय पिंडों की निगरानी वाले ISRO के प्रोजेक्ट नेत्र का पूरक है।
इससे पूर्वोत्तर में अंतरिक्ष-प्रौद्योगिकी पारितंत्र और कुशल रोज़गार बनने की उम्मीद है।
आगे की राह
इस सुविधा को IN-SPACe से जुड़े निजी खिलाड़ियों और क्षेत्रीय विश्वविद्यालयों से जोड़ा जाए तो एक ट्रैकिंग स्टेशन वास्तविक अंतरिक्ष-अनुसंधान क्लस्टर बन सकता है।
अवधारणा
हर अंतरिक्ष मिशन के तीन खंड होते हैं — अंतरिक्ष खंड (उपग्रह), भू-खंड (ट्रैकिंग, टेलीमेट्री और कमांड) तथा उपयोगकर्ता खंड। अंतरिक्ष स्थितिजन्य जागरूकता कक्षा में मौजूद पिंडों की पहचान, ट्रैकिंग और पूर्वानुमान की क्षमता है, जो टक्कर-निवारण और मलबा प्रबंधन के लिए केंद्रीय है।
6. एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स बैठक में 2029 का नशामुक्ति लक्ष्य
DEFENCEसामान्य: प्रीलिम्स + मेन्स GS3
सिलेबस से संबंध
GS-III — आंतरिक सुरक्षा: संगठित अपराध, धन शोधन, सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा चुनौतियाँ। प्रीलिम्स संकेत: NCB, NDPS अधिनियम 1985, PITNDPS अधिनियम 1988, गोल्डन क्रीसेंट और गोल्डन ट्रायंगल।
संदर्भ
एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) के तीसरे राष्ट्रीय सम्मेलन में 31 दिसंबर 2029 तक संगठित मादक पदार्थ व्यापार समाप्त करने का लक्ष्य रखा गया, और ज़ब्ती-केंद्रित पुलिसिंग से हटकर तस्करी नेटवर्क ध्वस्त करने की रणनीतिक दिशा तय की गई।
मुख्य तथ्य
केंद्र-बिंदु: वित्तीय जाँच, पूर्ववर्ती रसायनों का नियमन और सीमा-पार प्रत्यर्पण।
ज़िलों का वर्गीकरण विनिर्माण स्रोत, पारगमन गलियारे या उपभोग केंद्र के रूप में किया जा रहा है।
46,780 पंजीकृत नशामुक्त मित्र सामुदायिक स्वयंसेवकों के रूप में तैनात किए गए हैं।
लखनऊ और देहरादून में नए NCB परिसर बन रहे हैं।
प्रमुख चुनौतियाँ: संश्लेषित ड्रग लैब, डार्कनेट बाज़ार और कम दोषसिद्धि दर।
आगे की राह
प्रवर्तन के साथ नशा मुक्त भारत अभियान के तहत माँग में कमी जोड़ें, फोरेंसिक और अभियोजन क्षमता मज़बूत करें, तथा केवल खेप नहीं बल्कि अपराध की आय पर वार करने के लिए वित्तीय आसूचना का उपयोग करें।
अवधारणा
NDPS अधिनियम, 1985 मूल कानून है; PITNDPS अधिनियम, 1988 तस्करों की निवारक निरोध की अनुमति देता है। भारत गोल्डन क्रीसेंट (अफ़ग़ानिस्तान, ईरान, पाकिस्तान) और गोल्डन ट्रायंगल (म्यांमार, लाओस, थाईलैंड) के बीच स्थित है, जिससे यह पारगमन मार्ग भी है और गंतव्य बाज़ार भी।
7. UNGA की इतर बैठक में भारत ने रूसी तेल पर अमेरिकी प्रतिबंध कानून पर चिंता जताई
IRसामान्य: प्रीलिम्स + मेन्स GS2
सिलेबस से संबंध
GS-II — अंतर्राष्ट्रीय संबंध: भारत से जुड़े द्विपक्षीय समझौते, विकसित देशों की नीतियों का भारत के हितों पर प्रभाव। प्रीलिम्स संकेत: द्वितीयक प्रतिबंध, रणनीतिक स्वायत्तता, ऊर्जा सुरक्षा।
संदर्भ
न्यूयॉर्क में UNGA-81 की इतर बैठकों के दौरान भारत के विदेश मंत्री ने अमेरिकी विदेश मंत्री से मुलाक़ात की और रूसी तथा ईरानी तेल खरीद से जुड़े प्रतिबंधों वाले नए अमेरिकी कानून पर भारत की चिंता से अवगत कराया।
मुख्य तथ्य
यह कानून रियायती रूसी कच्चे तेल के तीसरे देशों के खरीदारों पर द्वितीयक प्रतिबंध की आशंका पैदा करता है।
ऊर्जा सुरक्षा केंद्रीय है: मूल्य के हिसाब से कच्चा तेल भारत का सबसे बड़ा एकल आयात है।
दोनों पक्ष प्राथमिकता वाले क्षेत्रों और हिंद-प्रशांत साझेदारी पर सहयोग जारी रखने पर सहमत हुए।
भारत का रुख रणनीतिक स्वायत्तता और उपभोक्ताओं के लिए न्यूनतम लागत पर ऊर्जा जुटाने पर टिका है।
यह बैठक भारत–अमेरिका व्यापार संबंधों में चल रहे व्यापक टैरिफ विवाद के साथ हुई।
आगे की राह
भारत को कच्चे तेल के स्रोतों में विविधता बनाए रखनी चाहिए, रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार का विस्तार तेज़ करना चाहिए, और बाह्यक्षेत्रीय प्रतिबंध व्यवस्थाओं में विकासशील देशों के लिए छूट की माँग रखनी चाहिए।
अवधारणा
द्वितीयक प्रतिबंध उन तीसरे देशों की संस्थाओं पर दंड लगाते हैं जो किसी प्रतिबंधित देश से व्यापार करती हैं, और प्रभाव में बाह्यक्षेत्रीय होते हैं। रणनीतिक स्वायत्तता भारत का वह सिद्धांत है जिसमें किसी गुट में शामिल हुए बिना मुद्दा-आधारित संरेखण किया जाता है — यह गुटनिरपेक्षता का आधुनिक उत्तराधिकारी है।
8. पश्चिमी घाट ESA अधिसूचना अब भी राज्यों की आपत्तियों में अटकी
ENVIRONMENTसामान्य: प्रीलिम्स + मेन्स GS3
सिलेबस से संबंध
GS-III — पर्यावरण: संरक्षण, जैव विविधता हॉटस्पॉट। GS-II — पर्यावरणीय शासन में केंद्र–राज्य संबंध। प्रीलिम्स संकेत: पश्चिमी घाट, ESA, गाडगिल एवं कस्तूरीरंगन रिपोर्ट, पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम 1986।
संदर्भ
पश्चिमी घाट के लिए लंबे समय से लंबित पारिस्थितिक संवेदनशील क्षेत्र (ESA) अधिसूचना अब भी अनसुलझी है; कर्नाटक ने सातवें मसौदे को अस्वीकार कर अंतिम सीमांकन से पहले भू-अभिलेख (कैडस्ट्रल) सर्वेक्षण की माँग की है।
मुख्य तथ्य
पश्चिमी घाट छह राज्यों में लगभग 1,64,280 वर्ग किमी में फैले हैं।
कस्तूरीरंगन समिति ने इस शृंखला के लगभग 37% — यानी करीब 60,000 वर्ग किमी — को ESA का दर्जा देने की सिफ़ारिश की थी।
प्रस्तावित प्रतिबंध: खनन और उत्खनन पर पूर्ण रोक, कम से कम 30% पारिस्थितिक प्रवाह वाली रन-ऑफ-द-रिवर जल विद्युत परियोजनाएँ, और नई टाउनशिप पर रोक।
ESA क्षेत्रों में निर्माण की सीमा लगभग 20,000 वर्ग मीटर तय है।
राज्यों की आपत्ति है कि ज़मीनी सत्यापन के बिना उपग्रह मानचित्रण कृषि आजीविका को नुकसान पहुँचाता है।
आगे की राह
वन अधिकार अधिनियम, 2006 के तहत वास्तविक परामर्श के साथ गाँव-स्तरीय कैडस्ट्रल सीमांकन, तथा पारिस्थितिकी-विकास और पारितंत्र-सेवा भुगतान मॉडल, संरक्षण और आजीविका के गतिरोध को तोड़ सकते हैं।
अवधारणा
पश्चिमी घाट विश्व के आठ सर्वाधिक तप्त जैव विविधता हॉटस्पॉट में से एक और यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल हैं। ESAपर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 के तहत अधिसूचित होते हैं। गाडगिल समिति (2011) ने कहीं बड़ा ESA और पश्चिमी घाट पारिस्थितिकी प्राधिकरण प्रस्तावित किया था; कस्तूरीरंगन समिति (2013) ने इसे घटा दिया।
9. सुप्रीम कोर्ट ने CEC नियुक्ति कानून संविधान पीठ को भेजा
POLITYसामान्य: प्रीलिम्स + मेन्स GS2
सिलेबस से संबंध
GS-II — राजव्यवस्था: संवैधानिक निकाय, शक्तियों का पृथक्करण, संवैधानिक पदों पर नियुक्ति। प्रीलिम्स संकेत: अनुच्छेद 324, भारत निर्वाचन आयोग, संविधान पीठ, अनूप बरनवाल मामला।
संदर्भ
23 सितंबर 2026 को सुप्रीम कोर्ट की दो-न्यायाधीश पीठ ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त तथा अन्य निर्वाचन आयुक्त (नियुक्ति, सेवा शर्तें और कार्यकाल) अधिनियम, 2023 की चुनौती पर 1:1 का बँटा फैसला दिया और मामला संविधान पीठ गठित करने हेतु भारत के मुख्य न्यायाधीश को भेज दिया।
मुख्य तथ्य
चुनौती 2023 अधिनियम की धारा 7 पर है, जो तीन-सदस्यीय चयन समिति बनाती है।
समिति की संरचना: प्रधानमंत्री (अध्यक्ष), लोकसभा में विपक्ष का नेता और प्रधानमंत्री द्वारा नामित एक केंद्रीय कैबिनेट मंत्री।
इसने अनूप बरनवाल बनाम भारत संघ (2023) में तय अंतरिम PM + LoP + CJI पैनल को हटा दिया।
न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता ने कहा कि निर्वाचन आयोग को केवल स्वतंत्र होना ही नहीं, स्वतंत्र दिखना भी चाहिए, और LoP की भूमिका संभवतः 'काफ़ी हद तक दिखावटी' है।
पीठ ने और देरी रोकने के लिए तीन-न्यायाधीश पीठ को भेजने के बजाय सीधे ऊपर भेजा।
आगे की राह
संविधान पीठ को अनुच्छेद 324(2) के तहत संसद की शक्ति और निर्वाचन आयोग की संस्थागत स्वायत्तता में संतुलन बैठाना होगा — विकल्पों में तटस्थ चयन पैनल, निश्चित कार्यकाल और सेवानिवृत्ति के बाद कूलिंग-ऑफ अवधि शामिल हैं।
अवधारणा
अनुच्छेद 324 चुनावों का अधीक्षण, निर्देशन और नियंत्रण भारत निर्वाचन आयोग में निहित करता है। अनुच्छेद 324(2) के अनुसार नियुक्तियाँ राष्ट्रपति करते हैं, जो संसद द्वारा बनाए गए किसी कानून के अधीन होंगी। अनुच्छेद 145(3) के तहत संविधान पीठ में न्यूनतम पाँच न्यायाधीश होते हैं और वह संविधान की व्याख्या के सारवान प्रश्न सुनती है।
प्रवाह चित्र, जिसमें अनूप बरनवाल की अंतरिम चयन समिति की तुलना 2023 अधिनियम की सांविधिक समिति से की गई है, और 2026 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा संविधान पीठ को भेजे जाने को दिखाया गया है। — StudyForGS
10. भारत ने UNGA-81 में स्वास्थ्य उपलब्धियाँ रखीं, OneSCD की सह-शुरुआत
HEALTHसामान्य: प्रीलिम्स + मेन्स GS2
सिलेबस से संबंध
GS-II — शासन: स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दे, कल्याणकारी योजनाएँ, भारत और अंतर्राष्ट्रीय संस्थाएँ। प्रीलिम्स संकेत: आयुष्मान भारत, ABHA, ई-संजीवनी, राष्ट्रीय वायरल हेपेटाइटिस नियंत्रण कार्यक्रम, सिकल सेल रोग।
संदर्भ
24 सितंबर 2026 को संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में भारत ने सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज (UHC), हेपेटाइटिस उन्मूलन और सिकल सेल देखभाल का अपना रिकॉर्ड प्रस्तुत किया तथा OneSCD वैश्विक साझेदारी की सह-शुरुआत की।
मुख्य तथ्य
1.8 लाख से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिर प्राथमिक, द्वितीयक और तृतीयक देखभाल दे रहे हैं।
90 करोड़ से अधिक नागरिकों के पास ABHA डिजिटल स्वास्थ्य आईडी है; 49.7 करोड़ से अधिक टेली-परामर्श दिए गए।
राष्ट्रीय वायरल हेपेटाइटिस नियंत्रण कार्यक्रम (2018): लगभग 22.5 करोड़ की जाँच, 1.80 लाख सुविधाओं और 1,039 उपचार केंद्रों के ज़रिये; उन्मूलन लक्ष्य 2030।
राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन (2023–2047): 7.29 करोड़ की जाँच, 20 लाख+ वाहक चिह्नित, 2.5 लाख मामले निदान और 4.93 करोड़ सिकल सेल कार्ड जारी।
OneSCD के साझेदारों में नाइजीरिया, WHO, UNICEF और अफ्रीका CDC शामिल हैं।
आगे की राह
अब जाँच के पैमाने को उपचार परिणामों में बदलना होगा — हाइड्रॉक्सीयूरिया की सुनिश्चित आपूर्ति, आनुवंशिक परामर्श, और सिकल सेल देखभाल को आयुष्मान भारत के लाभ पैकेज में शामिल करना।
अवधारणा
सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज का अर्थ है कि सभी लोगों को वित्तीय कठिनाई के बिना आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएँ मिलें — यह SDG लक्ष्य 3.8 है। सिकल सेल रोग एक अप्रभावी सूत्रसमीय (ऑटोसोमल रिसेसिव) हीमोग्लोबिन विकार है, जो मध्य भारत की जनजातीय आबादी में केंद्रित है।
छह आँकड़ा-टाइलों की पंक्ति, जिसमें UNGA-81 में प्रस्तुत भारत के स्वास्थ्य कवरेज आँकड़े — आयुष्मान आरोग्य मंदिर, ABHA आईडी और सिकल सेल जाँच — दिए गए हैं। — StudyForGS
11. DDU-GKY 2.0 के ग्रामीण कौशल बैच अक्टूबर से शुरू
SOCIETYसामान्य: प्रीलिम्स + मेन्स GS2
सिलेबस से संबंध
GS-II — शासन: कमज़ोर वर्गों के लिए कल्याणकारी योजनाएँ, तंत्र एवं प्रदर्शन। GS-III — रोज़गार और कौशल विकास। प्रीलिम्स संकेत: ग्रामीण विकास मंत्रालय, NRLM, प्लेसमेंट-लिंक्ड कौशल प्रशिक्षण।
संदर्भ
ग्रामीण विकास मंत्रालयअक्टूबर 2026 से अधिकांश राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में DDU-GKY 2.0 के प्रशिक्षण बैच शुरू करेगा — यह दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना का पुनः शुरू किया गया संस्करण है, जो ग्रामीण आजीविका मिशन की प्लेसमेंट-लिंक्ड कौशल शाखा है।
मुख्य तथ्य
अक्टूबर 2026 में 1,164 बैच में 34,920 ग्रामीण युवा प्रशिक्षण शुरू करेंगे।
24 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों और 1,200 से अधिक परियोजनाओं में कुल 5.6 लाख लक्ष्य आवंटित।
चरण-1 का लक्ष्य: 31 दिसंबर 2027 तक 14 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में 3,57,112 युवा।
पाठ्यक्रम 3 से 12 माह के, परियोजना क्रियान्वयन एजेंसियों (PIA) के ज़रिये, 2026–2028 चक्र में।
एक नया एंड-टू-एंड डिजिटल पोर्टल परियोजनाओं का प्रबंधन करेगा; क्षेत्रीय कार्यशालाएँ शिलांग, विजयवाड़ा, मुंबई और धर्मशाला में।
आगे की राह
DDU-GKY की असली कसौटी हमेशा नामांकन नहीं बल्कि प्लेसमेंट में टिकाव रही है — 2.0 के डिज़ाइन में PIA को परिणाम-आधारित भुगतान, नियोक्ता गठजोड़ और प्लेसमेंट के बाद अनुवर्तन शामिल होना चाहिए।
अवधारणा
DDU-GKYदीनदयाल अंत्योदय योजना – राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) का प्लेसमेंट-लिंक्ड कौशल घटक है। यह गरीब ग्रामीण युवाओं को लक्षित करने वाली केंद्र प्रायोजित योजना है और PMKVY के माँग-आधारित कौशल प्रशिक्षण की पूरक है।
DDU-GKY 2.0 का माइंड मैप, जिसमें 2026 से 2028 चक्र के केंद्रीय हब के चारों ओर पैमाना, अक्टूबर से शुरुआत, चरण-एक लक्ष्य और क्रियान्वयन मॉडल दिखाए गए हैं। — StudyForGS
आज का डेटा पॉइंट
₹1,25,000 crore absorbed
RBI ओवरनाइट VRRR नीलामी — 24 सितंबर 2026 वैरिएबल रेट रिवर्स रेपो तरलता अवशोषण का उपकरण है, जो तरलता समायोजन सुविधा (LAF) के अंतर्गत आता है। इसकी दर नीलामी से बाज़ार-निर्धारित होती है, जबकि स्थायी जमा सुविधा (SDF) की दर निश्चित रहती है। आज का नीति गलियारा: रेपो 5.25%, SDF 5.00%, MSF 5.50%, CRR 3.00%, रुख तटस्थ।
प्रारंभिक परीक्षा रैपिड-फायर
अनुच्छेद 324(2) — संसद को CEC और निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति पर कानून बनाने की शक्ति देता है।
अनूप बरनवाल बनाम भारत संघ (2023) — वह निर्णय जिसने अंतरिम PM + LoP + CJI पैनल बनाया।
VRRR — तरलता सोखता है; VRR (वैरिएबल रेट रेपो) — तरलता डालता है। दोनों LAF के भीतर हैं।
ग्रहीय सीमाओं का ढाँचा — स्टॉकहोम रेजिलिएंस सेंटर ने 2009 में प्रस्तावित किया; कुल नौ सीमाएँ।
कस्तूरीरंगन समिति — पश्चिमी घाट के लगभग 37% (करीब 60,000 वर्ग किमी) को पारिस्थितिक संवेदनशील क्षेत्र बनाने की सिफ़ारिश।
ISTRAC — ISRO का टेलीमेट्री, ट्रैकिंग एंड कमांड नेटवर्क, मुख्यालय बेंगलुरु।
अभ्यास MCQs — UPSC Prelims पैटर्न
Q1. वैरिएबल रेट रिवर्स रेपो (VRRR) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. इसका उपयोग RBI बैंकिंग तंत्र में तरलता डालने के लिए करता है।
2. VRRR की ब्याज दर पहले से तय न होकर नीलामी से निर्धारित होती है।
3. यह तरलता समायोजन सुविधा के अंतर्गत संचालित होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
केवल 1 और 2
केवल 2 और 3
केवल 1 और 3
1, 2 और 3
उत्तर देखें
उत्तर: B कथन 1 गलत है — VRRR अधिशेष तरलता सोखता है; तरलता डालने का काम वैरिएबल रेट रेपो करता है। कथन 2 और 3 सही हैं: VRRR की दर नीलामी से बाज़ार-निर्धारित होती है और यह सुविधा तरलता समायोजन सुविधा (LAF) के अंतर्गत चलती है। 24 सितंबर 2026 को RBI ने 1,25,000 करोड़ रुपये की ओवरनाइट VRRR नीलामी की।
Q2. मुख्य निर्वाचन आयुक्त तथा अन्य निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति संविधान के किस अनुच्छेद द्वारा शासित होती है?
अनुच्छेद 280
अनुच्छेद 315
अनुच्छेद 324
अनुच्छेद 338
उत्तर देखें
उत्तर: C अनुच्छेद 324भारत निर्वाचन आयोग से संबंधित है; अनुच्छेद 324(2) कहता है कि नियुक्ति संसद द्वारा बनाए गए किसी कानून के अधीन होगी। अनुच्छेद 280 वित्त आयोग, अनुच्छेद 315 लोक सेवा आयोगों और अनुच्छेद 338 राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग से संबंधित है।
मुख्य परीक्षा अभ्यास प्रश्न
Q. "संस्थागत स्वतंत्रता उतनी ही औपचारिक सुरक्षा उपायों पर निर्भर करती है जितनी निष्पक्षता की धारणा पर।" मुख्य निर्वाचन आयुक्त एवं निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति को लेकर चल रही संवैधानिक बहस के आलोक में इस कथन की परीक्षा कीजिए। (250 शब्द, 15 अंक)
संकेत / दृष्टिकोण
अनुच्छेद 324(2) और अनूप बरनवाल (2023) की अंतरिम व्यवस्था से शुरुआत कीजिए। इसकी तुलना CEC व ECs अधिनियम, 2023 की धारा 7 से कीजिए। शक्तियों के पृथक्करण तथा स्वतंत्र व निष्पक्ष चुनाव को आधारभूत ढाँचा मानने वाले तर्क प्रयोग कीजिए, और विधायन में संसदीय सर्वोच्चता का प्रति-तर्क भी दीजिए। निष्कर्ष में सुधार के विकल्प दें — तटस्थ चयन पैनल, निश्चित कार्यकाल और सेवानिवृत्ति के बाद कूलिंग-ऑफ।
📌 एक पंक्ति में रिवीज़न: आज को चार आँकड़ों से याद रखिए — कच्चे सूरजमुखी तेल पर 0% शुल्क, 1.25 लाख करोड़ रुपये की VRRR, नौ में से 7 ग्रहीय सीमाएँ पार, और भारत में 15,800 अनुमानित अतिरिक्त गर्मी-जनित मौतें।