उत्तराखंड में महीनेभर का 'सेवा संकल्प' अभियान शुरू; राज्य 5 उच्च-जोखिम हिमनद झीलों का अध्ययन कर रहा; भारत ने नई दिल्ली में 18वें BRICS शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता की
Friday, 18 September 2026 · IST · उत्तराखंड + राष्ट्रीय · 10 टॉपिक · 2 MCQs
आज उत्तराखंड की सबसे बड़ी खबरें हैं राज्यव्यापी सेवा संकल्प अभियान (17 सितंबर–17 अक्टूबर) और नेपाल GLOF के बाद पाँच उच्च-जोखिम हिमनद झीलों का ग्राउंड-ज़ीरो अध्ययन, वहीं नैनीताल हाई कोर्ट ने 'महामारी जैसी' जल-संकट स्थिति पर फटकार लगाई। राष्ट्रीय स्तर पर भारत ने नई दिल्ली में 18वें BRICS शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए 15 द्विपक्षीय बैठकें कीं, ISRO का EOS-05 GSLV का सबसे भारी पेलोड बना, और RBI ने रेपो दर 5.5% पर बरकरार रखी।
आज एक नज़र में — याद रखने वाली बातें
सेवा संकल्प अभियान उत्तराखंड में 17 सितंबर–17 अक्टूबर 2026 तक चलेगा।
उत्तराखंड HC ने नैनीताल जल-संकट को 'महामारी जैसा' बताया।
5 उच्च-जोखिम हिमनद झीलों का ग्राउंड-ज़ीरो अध्ययन शुरू (GLOF)।
राज्य में 450 हिमनद झीलें; 13 अधिकतम-जोखिम वाली Category A में।
हरिद्वार कुंभ 2027 की तैयारी तेज़; आयुक्त को ₹5 करोड़ के अधिकार।
उत्तराखंड GSDP 2025-26 ₹3.82 लाख करोड़ आँकी गई।
भारत ने नई दिल्ली में 18वें BRICS शिखर सम्मेलन की मेज़बानी की।
ISRO EOS-05 GSLV का सबसे भारी पेलोड — 2,367 kg।
WEF ग्लोबल जेंडर गैप इंडेक्स 2026 में भारत 131वें स्थान पर।
RBI ने रेपो दर 5.5% पर तटस्थ रुख के साथ बरकरार रखी।
विस्तृत नोट्स
1. उत्तराखंड में महीनेभर का 'सेवा संकल्प' सेवा अभियान शुरू
UTTARAKHANDUKPSC: Prelims + Mains (राजव्यवस्था एवं शासन – उत्तराखंड)
सिलेबस से संबंध
राज्य शासन एवं कल्याण वितरण; Prelims: राज्य योजनाएँ, विकसित भारत 2047; Mains GS-II शासन।
संदर्भ
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्यव्यापी सेवा संकल्प अभियान शुरू किया, जो 17 सितंबर–17 अक्टूबर 2026 तक चलेगा; यह PM के जन्मदिन से जुड़ा है और विकसित भारत 2047 की दिशा में जन-सरकार संपर्क गहरा करने हेतु है।
मुख्य तथ्य
11 प्रमुख कार्यक्रम, जिनमें सेवा सेतु द्वार-द्वार योजना शिविर और आशीर्वाद का दीया शामिल।
सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज में IIT/IIM विशेषज्ञ निर्णायक व मार्गदर्शक होंगे।
मार्गदर्शी विषय: 'जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार' (नागरिक के द्वार पर सरकार)।
लक्ष्य: विद्यार्थी, महिलाएँ, युवा, लाभार्थी व निर्वाचित प्रतिनिधि।
आगे की राह
सफलता केंद्र व राज्य योजनाओं के अंतिम-छोर तक संतृप्तिकरण और पारदर्शी लाभार्थी-फीडबैक पर निर्भर।
अवधारणा
संतृप्ति-शासन SDG-16 से जुड़ा; विकसित भारत 2047 स्वतंत्रता-शताब्दी की 2047 विकास दृष्टि है।
सेवा संकल्प अभियान का स्तंभ-आरेख जिसमें विकसित भारत 2047 लक्ष्य के तहत पाँच प्रमुख कार्यक्रम दर्शाए गए हैं। — StudyForGS
2. उत्तराखंड HC की नैनीताल प्रशासन को 'महामारी जैसे' जल-संकट पर फटकार
POLITYUKPSC: Prelims + Mains (राजव्यवस्था, शासन एवं अधिकार – उत्तराखंड)
सिलेबस से संबंध
न्यायपालिका – PIL एवं अनुच्छेद 226; अनुच्छेद 21 के तहत स्वच्छ जल का अधिकार; सार्वजनिक-स्वास्थ्य शासन।
संदर्भ
नैनीताल खंडपीठ (न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी व सिद्धार्थ शाह) ने दूषित-जल प्रकोप को 'महामारी जैसा' बताते हुए अधिकारियों को लापरवाही के लिए जवाबदेह ठहराया।
मुख्य तथ्य
2 मौतें और 250+ लोगजिओलीकोट, छीना व सरियाताल जैसे गाँवों में बीमार।
पेयजल निगम को कुमाऊँ जल-परीक्षण लैब शीघ्र बनाने और प्रदूषण बोर्ड को 20–25 स्रोतों के नमूने 6 दिनों में लेने के निर्देश।
DM टैंकर से स्वच्छ जल सुनिश्चित करें; ELISA जाँच हेतु ₹4 लाख जारी।
आगे की राह
जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण पाइप-जल गुणवत्ता निगरानी सुदृढ़ करें और सीवर-रिसाव निवारण तेज़ करें।
अवधारणा
अनुच्छेद 226 के तहत PIL से उच्च न्यायालय अधिकार लागू करा सकते हैं; स्वच्छ जल का अधिकार अनुच्छेद 21 से निकलता है।
3. GLOF के भय के बीच 5 उच्च-जोखिम हिमनद झीलों का विशेषज्ञ अध्ययन
ENVIRONMENTUKPSC: Prelims + Mains (भूगोल एवं आपदा प्रबंधन – उत्तराखंड)
26 अगस्त 2026 के नेपाल GLOF के बाद बहु-विषयक दलों ने (8 सितंबर 2026) उत्तराखंड की सर्वाधिक खतरनाक हिमनद झीलों का ग्राउंड-ज़ीरो अध्ययन शुरू किया।
मुख्य तथ्य
5 अति-संवेदनशील झीलें: वसुधारा (चमोली), एक धारचूला समूह और एक जोशीमठ झील।
राज्य में 450 हिमनद झीलें; 13Category-A (अधिकतम जोखिम) में।
वाडिया संस्थान, CWC व C-DAC के दल प्राकृतिक बाँधों व अनुप्रवाह जोखिम का आकलन कर रहे।
आगे की राह
2027-30 जोखिम-अवधि से पहले पूर्व-चेतावनी सेंसर, झील-जलस्तर घटाने वाले साइफन और सामुदायिक GLOF अभ्यास लगाएँ।
अवधारणा
GLOF तब होता है जब मोरेन या बर्फ का बाँध टूटने से हिमनद-झील का जल अचानक निकलता है, जिसे तापन बढ़ाता है।
उत्तराखंड की GLOF/आपदा-प्रबंधन प्रतिक्रिया श्ृंखला का प्रवाह-आरेख — खतरे से राहत तक। — StudyForGS
4. हरिद्वार कुंभ 2027 की तैयारी तेज़; वित्तीय अधिकार प्रत्यायोजित
UTTARAKHANDUKPSC: Prelims + Mains (शासन एवं संस्कृति – उत्तराखंड)
सिलेबस से संबंध
उत्तराखंड के मेले व पर्व; भीड़/आयोजन प्रबंधन; सहकारी आयोजन-शासन।
संदर्भ
2027 हरिद्वार कुंभ की तैयारी तेज़ हुई; मुख्य सचिव ने घाटों, सड़कों व पुलों की समीक्षा की और कैबिनेट ने मंज़ूरियाँ तेज़ कीं।
मुख्य तथ्य
मेला अधिकारी₹1 करोड़ तक और गढ़वाल आयुक्त₹5 करोड़ तक के कार्य स्वीकृत कर सकते हैं।
कुंभ-काल में आवागमन हेतु 250 नई राज्य परिवहन बसें स्वीकृत।
मुख्य क्षेत्र: भीड़ प्रबंधन, स्वच्छता व घाट सुरक्षा।
आगे की राह
पूर्व की तीर्थयात्री-भीड़ से सीख लेकर तकनीक-आधारित भीड़ निगरानी व वहन-क्षमता सीमा अपनाएँ।
अवधारणा
कुंभ मेला (UNESCO अमूर्त सांस्कृतिक विरासत, 2017) हरिद्वार, प्रयागराज, नासिक व उज्जैन में क्रमानुसार होता है।
डोनट चार्ट: उत्तराखंड की 450 हिमनद झीलें Category A (13), B और C जोखिम-श्रेणियों में विभाजित। — StudyForGS
5. सकल पर्यावरण उत्पाद: उत्तराखंड का हरित-लेखांकन मॉडल चर्चा में
ENVIRONMENTUKPSC: Prelims + Mains (पर्यावरण एवं अर्थव्यवस्था – उत्तराखंड)
सिलेबस से संबंध
हरित GDP/GEP, पर्यावरणीय अर्थशास्त्र, पारिस्थितिकी-तंत्र सेवाएँ; Prelims: भारत में पहला GEP।
संदर्भ
उत्तराखंड का सकल पर्यावरण उत्पाद (GEP) — भारत का पहला — नई नीतिगत प्रासंगिकता पा रहा है क्योंकि राज्य जलविद्युत, पर्यटन व हिमालयी पारिस्थितिकी में संतुलन साध रहा है।
मुख्य तथ्य
GEP चार संसाधनों — वायु, जल, मृदा व वन — को पारिस्थितिक बहीखाते के रूप में मूल्यांकित करता है।
यह ecosystem services का मूल्य आँककर GDP का पूरक बनता है, एक प्रकार का 'हरित GDP'।
यह पारिस्थितिकी-तंत्र सेवाओं हेतु भुगतान और eco-sensitive zone नियोजन में सहायक।
आगे की राह
हरित बजटिंग और अंतर-राज्यीय 'ग्रीन बोनस' दावों हेतु वार्षिक GEP लेखांकन को संस्थागत करें।
अवधारणा
पारिस्थितिकी-तंत्र सेवाएँ — प्रावधानकारी, नियमनकारी, सांस्कृतिक व सहायक — GEP मूल्यांकन का आधार हैं।
उत्तराखंड GSDP का बार चार्ट: ₹3,81,889 करोड़ (2025-26), ~12% बढ़कर ₹4,27,716 करोड़ (2026-27)। — StudyForGS
6. भारत ने नई दिल्ली में 18वें BRICS शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता की
IRUKPSC: Prelims + Mains (अंतर्राष्ट्रीय संबंध)
सिलेबस से संबंध
भारत व समूह (BRICS), द्विपक्षीय कूटनीति; Mains GS-II अंतर्राष्ट्रीय संबंध।
संदर्भ
भारत ने 18वें BRICS शिखर सम्मेलन (11–13 सितंबर 2026) की नई दिल्ली में मेज़बानी की, जहाँ PM मोदी ने 15 द्विपक्षीय बैठकें कीं।
मुख्य तथ्य
मोदी–शी: दोहराया कि 'मतभेद विवाद न बनें'; सीमा-शांति पर बल।
मोदी–पुतिन: रक्षा, ऊर्जा व अंतरिक्ष सहयोग; भारत रूस में वार्षिक शिखर सम्मेलन हेतु आमंत्रित।
नई दिल्ली घोषणापत्र ने पश्चिम एशिया पर संयम और गाज़ा में मानवीय पहुँच का आग्रह किया।
आगे की राह
स्थानीय-मुद्रा व्यापार, कनेक्टिविटी व ग्लोबल-साउथ प्राथमिकताओं हेतु BRICS का लाभ उठाएँ।
अवधारणा
BRICS (2009; 2024 से विस्तारित) एक बहुपक्षीय समूह है जिसमें भारत संस्थापक सदस्य है।
नई दिल्ली में 18वें BRICS शिखर सम्मेलन 2026 और PM मोदी की प्रमुख द्विपक्षीय बैठकों का माइंड-मैप। — StudyForGS
7. ISRO ने अपना पहला समर्पित GEO इमेजिंग उपग्रह EOS-05 प्रक्षेपित किया
SCI-TECHUKPSC: Prelims + Mains (विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी – अंतरिक्ष)
सिलेबस से संबंध
अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, पृथ्वी-अवलोकन, GSLV; Prelims: प्रक्षेपण यान व कक्षाएँ।
संदर्भ
4 सितंबर 2026 को GSLV-F17 ने EOS-05 को भूस्थिर कक्षा की ओर स्थापित किया — किसी भारतीय इमेजिंग उपग्रह के लिए यह पहली बार।
मुख्य तथ्य
2,367 kg के साथ यह GSLV द्वारा अब तक का सबसे भारी पेलोड है।
यह एक ही क्षेत्र के सतत अवलोकन हेतु लगभग 36,000 km पर संचालित होता है।
यह चक्रवात, बाढ़ व वनाग्नि निगरानी और आपदा-प्रतिक्रिया में सहायक; 7+ वर्ष आयु।
आगे की राह
सतत GEO इमेजिंग वास्तविक-समय आपदा पूर्व-चेतावनी बढ़ाती है, जो हिमालयी राज्यों हेतु उपयोगी।
अवधारणा
भूस्थिर कक्षा (~35,786 km) की परिक्रमण-अवधि पृथ्वी के घूर्णन के बराबर होती है।
ISRO EOS-05 के प्रमुख तथ्यों की स्टैट-टाइल पंक्ति: GSLV-F17, 2,367 kg, ~36,000 km कक्षा, 7+ वर्ष आयु। — StudyForGS
8. ESA और ISRO ने गगनयान, चंद्रमा व शुक्र पर सहयोग गहरा किया
SCI-TECHUKPSC: Prelims + Mains (विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी – अंतरिक्ष कूटनीति)
Q1. उत्तराखंड में हिमनद झील विस्फोट बाढ़ (GLOF) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. राज्य ने अपनी हिमनद झीलों को A, B और C जोखिम-श्रेणियों में वर्गीकृत किया है। 2. Category-A झीलों में अधिकतम जोखिम होता है। 3. वाडिया हिमालयी भूविज्ञान संस्थान उनका अध्ययन करने वाली एजेंसियों में शामिल है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?
केवल 1 और 2
केवल 2 और 3
केवल 1 और 3
1, 2 और 3
उत्तर देखें
उत्तर: D उत्तराखंड की ~450 हिमनद झीलें A/B/C में श्रेणीबद्ध हैं; 13 Category-A झीलें सर्वाधिक जोखिम वाली हैं; वाडिया संस्थान, CWC व C-DAC अध्ययन एजेंसियों में शामिल हैं। अतः तीनों कथन सही हैं।
Q2. ISRO द्वारा हाल ही में प्रक्षेपित EOS-05 का सर्वोत्तम वर्णन है:
निम्न भू-कक्षा में एक नौवहन उपग्रह
भूस्थिर कक्षा में भारत का पहला समर्पित इमेजिंग उपग्रह
PSLV द्वारा प्रक्षेपित एक संचार उपग्रह
एक चंद्र ऑर्बिटर
उत्तर देखें
उत्तर: B EOS-05, GSLV-F17 पर 2,367 kg (सबसे भारी GSLV पेलोड) के साथ प्रक्षेपित, सतत अवलोकन हेतु भूस्थिर कक्षा (~36,000 km) की ओर भारत का पहला समर्पित पृथ्वी-इमेजिंग उपग्रह है।
मुख्य परीक्षा अभ्यास प्रश्न
Q. बार-बार होने वाली GLOF व बादल-फटने की घटनाएँ हिमालयी राज्यों की संवेदनशीलता उजागर करती हैं। पूर्व-चेतावनी तकनीक व सामुदायिक तैयारी को समेकित करते हुए उत्तराखंड को आवश्यक आपदा-प्रबंधन उपायों की चर्चा कीजिए। (250 शब्द)
संकेत / दृष्टिकोण
अगस्त 2026 के नेपाल GLOF, 450 झीलें / 13 Category-A, DM Act 2005 व SDMA, सेंसर व झील-जलस्तर घटाने वाले साइफन, और सामुदायिक अभ्यास पर आधारित रहें; हरित-लेखांकन (GEP) से जोड़ते हुए निष्कर्ष दें।
📌 एक पंक्ति में रिवीज़न: आज दोहराएँ: सेवा संकल्प (17 सितंबर–17 अक्टूबर), 450 हिमनद झीलें / 13 Category-A, GSLV-F17 पर EOS-05 (2,367 kg), नई दिल्ली में 18वाँ BRICS, जेंडर गैप इंडेक्स में भारत 131वें, RBI रेपो 5.5%।