UPSC सिविल सेवा के लिए डेली करेंट अफेयर्स

UPSC करेंट अफेयर्स — 7 October 2026

RBI ने 2023 के बाद पहली बार रेपो दर बढ़ाकर 5.50% की; कैबिनेट ने ₹10,000 करोड़ के SME ग्रोथ फंड और एकीकृत परिवहन एवं लॉजिस्टिक्स प्राधिकरण को मंज़ूरी दी; नौसेना का पहला स्वदेशी फ्लीट सपोर्ट शिप 'सूर्य' लॉन्च

Wednesday, 7 October 2026 · IST · राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय · 11 टॉपिक · 2 MCQs

RBI की मौद्रिक नीति समिति ने सर्वसम्मति से रेपो दर 25 bps बढ़ाकर 5.50% की और रुख को 'कैलिब्रेटेड टाइटनिंग' कर दिया, क्योंकि पश्चिम एशिया तनाव से कच्चे तेल के दाम बढ़ रहे हैं और रुपया कमज़ोर हुआ है; साथ ही FY27 GDP अनुमान 7.1% और CPI अनुमान 5.2% कर दिया। केंद्रीय कैबिनेट ने ₹10,000 करोड़ के SME ग्रोथ फंड और शीर्ष एकीकृत परिवहन एवं लॉजिस्टिक्स प्राधिकरण को मंज़ूरी दी, तथा रक्षा मंत्री ने विशाखापत्तनम में FSS-1 'सूर्य' लॉन्च किया।

आज एक नज़र में — याद रखने वाली बातें

विस्तृत नोट्स

1. RBI ने रेपो दर 25 bps बढ़ाकर 5.50% की, रुख 'कैलिब्रेटेड टाइटनिंग' किया

ECONOMYCOMMON: Prelims + Mains GS3
सिलेबस से संबंधGS3 – भारतीय अर्थव्यवस्था: मौद्रिक नीति, मुद्रास्फीति, संवृद्धि। Prelims: रेपो/SDF/MSF, MPC की संरचना, मुद्रास्फीति लक्ष्यीकरण।
संदर्भ7 अक्टूबर 2026 को गवर्नर संजय मल्होत्रा ने MPC (बैठक 5–7 अक्टूबर) के सर्वसम्मत निर्णय की घोषणा की — रेपो दर 5.25% से 5.50% — जो फरवरी 2023 के बाद पहली वृद्धि है; कारण: पश्चिम एशिया तनाव, महँगा कच्चा तेल और कमज़ोर रुपया।
मुख्य तथ्य
  • रुख 'न्यूट्रल' से 'कैलिब्रेटेड टाइटनिंग'; निकट भविष्य में दर कटौती की संभावना लगभग समाप्त।
  • FY27 CPI मुद्रास्फीति अनुमान बढ़ाकर 5.2%; तिमाही पथ Q2 4.9%, Q3 6.0%, Q4 5.7%, Q1 FY28 5.6%।
  • FY27 वास्तविक GDP संवृद्धि 40 bps बढ़ाकर 7.1% (6.7% से); Q2 7.2%, Q3 6.9%, Q4 6.8%।
  • गवर्नर: मुद्रास्फीति परिदृश्य पिछले वर्ष जैसा 'सौम्य नहीं'; RBI ने 2025 में कुल 125 bps की कटौती की थी।
  • निर्णय के बाद रुपया लगभग ₹96 प्रति अमेरिकी डॉलर पर रहा।
आगे की राहविकास की गति बनाए रखते हुए मुद्रास्फीति अपेक्षाओं को स्थिर करना; ईंधन करों और खाद्य आपूर्ति-पक्ष प्रबंधन पर राजकोषीय उपायों से समन्वय।
अवधारणाMPC (RBI अधिनियम 1934 की धारा 45ZB, 2016 में जोड़ी गई): 6 सदस्य (3 RBI + 3 सरकार द्वारा नामित); गवर्नर के पास निर्णायक मत। लचीला मुद्रास्फीति लक्ष्यीकरण: CPI 4% ± 2%। SDF = रेपो − 25 bps (निचली सीमा); MSF = रेपो + 25 bps (ऊपरी सीमा)।
समूहित बार चार्ट जिसमें RBI के FY27 तिमाही अनुमानों की तुलना है — वास्तविक GDP संवृद्धि और CPI मुद्रास्फीति: Q2 7.2% और 4.9%, Q3 6.9% और 6.0%, Q4 6.8% और 5.7%; रेपो दर 5.25% से 5.50%।
समूहित बार चार्ट जिसमें RBI के FY27 तिमाही अनुमानों की तुलना है — वास्तविक GDP संवृद्धि और CPI मुद्रास्फीति: Q2 7.2% और 4.9%, Q3 6.9% और 6.0%, Q4 6.8% और 5.7%; रेपो दर 5.25% से 5.50%। — StudyForGS

2. कैबिनेट ने प्रत्यक्ष इक्विटी हेतु ₹10,000 करोड़ के SME ग्रोथ फंड को मंज़ूरी दी

ECONOMYCOMMON: Prelims + Mains GS3
सिलेबस से संबंधGS3 – संवृद्धि एवं विकास, औद्योगिक नीति, संसाधन जुटाना। Prelims: AIF, MSME वर्गीकरण, SEBI (AIF) विनियम 2012।
संदर्भकेंद्रीय कैबिनेट ने 6 अक्टूबर 2026 को SME ग्रोथ फंड हेतु ₹10,000 करोड़ की सरकारी प्रतिबद्धता को मंज़ूरी दी, ताकि विकासोन्मुख इक्विटी पूंजी मिले और 'चैंपियन' भारतीय उद्यम बनें — विकसित भारत 2047 के अनुरूप।
मुख्य तथ्य
  • SEBI (AIF) विनियम, 2012 के अंतर्गत वैकल्पिक निवेश कोष (AIF) के रूप में संरचित।
  • सिद्ध व्यवहार्यता और विस्तार-क्षमता वाले SMEs लक्षित; अधिकांश आवंटन विनिर्माण SMEs को।
  • टियर-II और टियर-III शहरों के औद्योगिक क्लस्टरों पर फोकस।
  • पूंजी का उपयोग: क्षमता विस्तार, प्रौद्योगिकी अपनाना, निर्यात, GVC एकीकरण और अधिग्रहण।
  • MSMEs का योगदान लगभग GDP का 30% और वस्तु निर्यात का 45%।
आगे की राहइक्विटी के साथ TReDS आधारित कार्यशील पूंजी, क्रेडिट गारंटी और SME एक्सचेंज पर आसान लिस्टिंग जोड़ना ताकि फर्में सूक्ष्म से मध्यम स्तर तक बढ़ें।
अवधारणाMSME (MSMED अधिनियम 2006; संशोधित मानदंड): निवेश + टर्नओवर आधारित। फंड ऑफ फंड्स फॉर स्टार्टअप्स (2016) और आत्मनिर्भर भारत फंड (₹50,000 करोड़) पूर्व के इक्विटी मार्ग; AIF श्रेणी I/II/III का नियमन SEBI करता है।
SME ग्रोथ फंड का सार दर्शाती स्टैट टाइल्स: ₹10,000 करोड़ सरकारी प्रतिबद्धता, SEBI 2012 नियमों के तहत AIF संरचना, अधिकांश आवंटन विनिर्माण को, टियर-II व टियर-III क्लस्टर, MSMEs का GDP में लगभग 30% और निर्यात में 45% योगदान।
SME ग्रोथ फंड का सार दर्शाती स्टैट टाइल्स: ₹10,000 करोड़ सरकारी प्रतिबद्धता, SEBI 2012 नियमों के तहत AIF संरचना, अधिकांश आवंटन विनिर्माण को, टियर-II व टियर-III क्लस्टर, MSMEs का GDP में लगभग 30% और निर्यात में 45% योगदान। — StudyForGS

3. शीर्ष नियोजन निकाय के रूप में एकीकृत परिवहन एवं लॉजिस्टिक्स प्राधिकरण (ITLA) गठित

ECONOMYCOMMON: Prelims + Mains GS3
सिलेबस से संबंधGS3 – अवसंरचना: सड़क, बंदरगाह, रेलवे, हवाई अड्डे; निवेश मॉडल। Prelims: पीएम गति शक्ति, राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नीति 2022।
संदर्भकैबिनेट ने 6 अक्टूबर 2026 को ITLA को मंज़ूरी दी — एक SPV जो परिवहन अनुसंधान, नियोजन, मूल्यांकन, निगरानी और प्रभाव आकलन का शीर्ष निकाय होगा और पाँच केंद्रीय मंत्रालयों में मंत्रालय-वार बिखराव को समाप्त करेगा।
मुख्य तथ्य
  • 8 क्षेत्रों — सड़क, रेलवे, बंदरगाह व शिपिंग, नागरिक उड्डयन, अंतर्देशीय जलमार्ग, तटीय शिपिंग, शहरी परिवहन, लॉजिस्टिक्स — हेतु 10+ वर्ष का राष्ट्रीय परिवहन मास्टर प्लान बनाएगा।
  • ₹500 करोड़ या अधिक लागत वाली केंद्रीय परियोजनाओं का तकनीकी मूल्यांकन; वित्तीय मूल्यांकन मौजूदा तंत्र के पास रहेगा।
  • राष्ट्रीय परिवहन डेटा भंडार में ई-वे बिल, FASTag, वाहन, GPS और शहरी यातायात डेटा एकत्र होगा।
  • कैबिनेट ने पश्चिम बंगाल, ओडिशा, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में चार रेल मल्टीट्रैकिंग परियोजनाएँ भी मंज़ूर कीं।
आगे की राहसमय के साथ ITLA को वैधानिक आधार देना, इसे गति शक्ति NMP की परतों से जोड़ना और परियोजना-पश्चात ऑडिट से लॉजिस्टिक्स लागत GDP के 8–9% से नीचे लाना।
अवधारणापीएम गति शक्ति NMP (अक्टूबर 2021): 7 इंजनों पर GIS आधारित एकीकृत नियोजन। राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नीति (सितंबर 2022)। LEADS सूचकांक राज्यों को लॉजिस्टिक्स पर रैंक करता है। SPV: विशिष्ट उद्देश्य हेतु पृथक कानूनी इकाई।
माइंड-मैप जिसके केंद्र में ITLA है, जो आठ क्षेत्रों — सड़क, रेलवे, बंदरगाह व शिपिंग, नागरिक उड्डयन, अंतर्देशीय जलमार्ग, तटीय शिपिंग, शहरी परिवहन और लॉजिस्टिक्स — तथा कार्यों: मास्टर प्लान, ₹500 करोड़ से अधिक परियोजना मूल्यांकन, निगरानी और डेटा भंडार से जुड़ा है।
माइंड-मैप जिसके केंद्र में ITLA है, जो आठ क्षेत्रों — सड़क, रेलवे, बंदरगाह व शिपिंग, नागरिक उड्डयन, अंतर्देशीय जलमार्ग, तटीय शिपिंग, शहरी परिवहन और लॉजिस्टिक्स — तथा कार्यों: मास्टर प्लान, ₹500 करोड़ से अधिक परियोजना मूल्यांकन, निगरानी और डेटा भंडार से जुड़ा है। — StudyForGS

4. उच्च-ऊर्जा कॉस्मिक न्यूट्रिनो की खोज हेतु भौतिकी नोबेल पुरस्कार 2026

SCI-TECHPRELIMS: Sci-Tech + GS3
सिलेबस से संबंधGS3 – अंतरिक्ष एवं कण भौतिकी में जागरूकता। Prelims: न्यूट्रिनो, IceCube, INO (भारत-आधारित न्यूट्रिनो वेधशाला)।
संदर्भरॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज़ ने 6 अक्टूबर 2026 को भौतिकी नोबेल फ्रांसिस हाल्ज़ेन (यूनिवर्सिटी ऑफ विस्कॉन्सिन–मैडिसन) को दक्षिणी ध्रुव स्थित IceCube न्यूट्रिनो वेधशाला द्वारा उच्च-ऊर्जा खगोलीय न्यूट्रिनो की खोज हेतु दिया।
मुख्य तथ्य
  • IceCube में लगभग एक घन किलोमीटर अंटार्कटिक बर्फ में ऑप्टिकल सेंसर लगे हैं जो मंद चेरेनकोव प्रकाश पकड़ते हैं।
  • न्यूट्रिनो लगभग द्रव्यमानहीन, आवेशहीन 'घोस्ट पार्टिकल' हैं जो पदार्थ से लगभग बिना टकराए गुज़र जाते हैं।
  • उच्च-ऊर्जा न्यूट्रिनो ब्लेज़ार, सक्रिय गैलेक्टिक नाभिक और अन्य ब्रह्मांडीय त्वरकों के संदेशवाहक हैं।
  • 2026 चिकित्सा नोबेल (5 अक्टूबर को घोषित) ऑप्टोजेनेटिक्स के अग्रदूतों को मिला।
आगे की राहबोडी वेस्ट हिल्स (थेनी, तमिलनाडु) में भारत की INO परियोजना को पुनर्जीवित व तेज़ करना तथा वैश्विक न्यूट्रिनो और मल्टी-मैसेंजर खगोलिकी सहयोग में भागीदारी बढ़ाना।
अवधारणान्यूट्रिनो — 3 फ्लेवर (इलेक्ट्रॉन, म्यूऑन, टाउ) वाला लेप्टॉन; न्यूट्रिनो दोलन से शून्येतर द्रव्यमान सिद्ध (नोबेल 2015)। चेरेनकोव विकिरण: जब आवेशित कण किसी माध्यम में प्रकाश की गति से तेज़ चले तब उत्सर्जित प्रकाश।

5. FSS-1 'सूर्य': नौसेना का पहला स्वदेशी फ्लीट सपोर्ट शिप लॉन्च

DEFENCECOMMON: Prelims + Mains GS3
सिलेबस से संबंधGS3 – सुरक्षा; प्रौद्योगिकी का स्वदेशीकरण; ब्लू इकोनॉमी। Prelims: हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड, फ्लीट टैंकर, जहाज़ निर्माण नीति।
संदर्भरक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 6 अक्टूबर 2026 को हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड (HSL), विशाखापत्तनम में 'सूर्य' (FSS-1) लॉन्च किया — पाँच फ्लीट सपोर्ट शिप में पहला, जो समुद्र में युद्धपोतों को आपूर्ति देकर नौसेना की ब्लू-वॉटर पहुँच बढ़ाएगा।
मुख्य तथ्य
  • लगभग 43,500 टन विस्थापन; हेलीकॉप्टर डेक, ऑनबोर्ड कार्यशालाएँ और आत्मरक्षा प्रणालियाँ।
  • स्टील कटिंग के ~18 महीने बाद बंगाल की खाड़ी में उतरा; उसी दिन FSS-5 की कील रखी गई।
  • 5 जहाज़ों के लिए MoD–HSL अनुबंध लगभग ₹19,000 करोड़; लगभग 82% स्वदेशी सामग्री।
  • HSL में उन्नत स्लिपवे-4 और 300 टन गोलियथ क्रेन का उद्घाटन।
  • मौजूदा टैंकरों INS दीपक, INS शक्ति और INS आदित्य का पूरक बनेगा।
आगे की राहलागत, गुणवत्ता, डिलीवरी पर शिपयार्डों को वैश्विक स्तर तक ले जाना; मैरीटाइम अमृत काल विज़न 2047 और जहाज़ निर्माण पैकेज से भारत का 1% से कम वैश्विक हिस्सा बढ़ाना।
अवधारणाफ्लीट सपोर्ट शिप / पुनःपूर्ति टैंकर: समुद्र में पुनःपूर्ति (RAS) हेतु ईंधन, पानी, गोला-बारूद और सामग्री ले जाता है, जिससे लंबी तैनाती संभव होती है। HSL — 2010 से रक्षा मंत्रालय के अधीन रक्षा PSU। सकारात्मक स्वदेशीकरण सूचियाँ आयात घटाती हैं।
FSS-1 सूर्य का तथ्य-पत्र आरेख: जहाज़ की आकृति के साथ 43,500 टन विस्थापन, हेलीकॉप्टर डेक, पाँच में पहला जहाज़, लगभग ₹19,000 करोड़ अनुबंध, लगभग 82% स्वदेशी सामग्री और HSL विशाखापत्तनम में स्टील कटिंग के 18 महीने बाद लॉन्च के लेबल।
FSS-1 सूर्य का तथ्य-पत्र आरेख: जहाज़ की आकृति के साथ 43,500 टन विस्थापन, हेलीकॉप्टर डेक, पाँच में पहला जहाज़, लगभग ₹19,000 करोड़ अनुबंध, लगभग 82% स्वदेशी सामग्री और HSL विशाखापत्तनम में स्टील कटिंग के 18 महीने बाद लॉन्च के लेबल। — StudyForGS

6. राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग मिशन 40 सिस्टम और 68 पेटाफ्लॉप्स के पार

SCI-TECHCOMMON: Prelims + Mains GS3
सिलेबस से संबंधGS3 – विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी: स्वदेशीकरण, IT एवं कंप्यूटर। Prelims: NSM, परम रुद्र, ऐरावत, C-DAC।
संदर्भआधिकारिक आँकड़ों के अनुसार सितंबर 2026 तक NSM ने 40 सुपरकंप्यूटर स्थापित किए हैं जिनकी संयुक्त क्षमता 68 पेटाफ्लॉप्स है; लक्ष्य 50 सिस्टम और 123+ पेटाफ्लॉप्स — यानी सिस्टम का 80% परंतु नियोजित कंप्यूट का ~55%।
मुख्य तथ्य
  • श्रेणी-वार: 13 उच्च-स्तरीय (>1 PF), 12 मध्यम (0.5–1 PF), 15 निम्न (500 TF से कम)।
  • अप्रैल 2015 में शुरू, परिव्यय ₹4,500 करोड़; संचालन DST + MeitY, क्रियान्वयन C-DAC और IISc बेंगलुरु।
  • स्वदेशी 'रुद्र' सर्वर — 6,000 तैनात; स्वदेशी इंटरकनेक्ट का 100/200 Gbps पर परीक्षण।
  • 16,000+ शोधकर्ता, 1.5 करोड़+ जॉब्स, ~2,000 प्रकाशन।
  • ऐरावत AI सुपरकंप्यूटर TOP500 में 75वें स्थान पर (2023)।
आगे की राहइंडिया AI मिशन GPU क्षमता, स्वदेशी प्रोसेसर और ऊर्जा-कुशल डेटा केंद्रों से कंप्यूट अंतर पाटना; स्टार्ट-अप्स और राज्यों तक पहुँच बढ़ाना।
अवधारणापेटाफ्लॉप = 10¹⁵ फ्लोटिंग-पॉइंट ऑपरेशन प्रति सेकंड; एक्सास्केल = 10¹⁸। परम 8000 (1991) — C-DAC द्वारा भारत का पहला सुपरकंप्यूटर। TOP500 सूची वर्ष में दो बार प्रणालियों को रैंक करती है।
40 NSM सुपरकंप्यूटरों का श्रेणी-वार डोनट चार्ट — 1 पेटाफ्लॉप से अधिक के 13 उच्च-स्तरीय, 0.5 से 1 पेटाफ्लॉप के 12 मध्यम, 500 टेराफ्लॉप से कम के 15 निम्न — तथा 50 में से 40 सिस्टम और 123 में से 68 पेटाफ्लॉप्स की प्रगति पट्टियाँ।
40 NSM सुपरकंप्यूटरों का श्रेणी-वार डोनट चार्ट — 1 पेटाफ्लॉप से अधिक के 13 उच्च-स्तरीय, 0.5 से 1 पेटाफ्लॉप के 12 मध्यम, 500 टेराफ्लॉप से कम के 15 निम्न — तथा 50 में से 40 सिस्टम और 123 में से 68 पेटाफ्लॉप्स की प्रगति पट्टियाँ। — StudyForGS

7. भारत–जापान संयुक्त क्रेडिटिंग तंत्र: ऑपरेशनल मैनुअल जारी

ENVIRONMENTCOMMON: Prelims + Mains GS3
सिलेबस से संबंधGS3 – पर्यावरण: जलवायु परिवर्तन, कार्बन बाज़ार। GS2 – द्विपक्षीय संबंध। Prelims: अनुच्छेद 6.2, NDC, CCTS।
संदर्भभारत और जापान ने नई दिल्ली में JCM ऑपरेशनल मैनुअल (दिनांक 30 सितंबर 2026) जारी किया, जिससे MoC (7 अगस्त 2025) और कार्यान्वयन नियमों (8 जून 2026) के बाद द्विपक्षीय कार्बन-क्रेडिट तंत्र परियोजनाओं हेतु तैयार हो गया।
मुख्य तथ्य
  • पेरिस समझौते के अनुच्छेद 6.2 (सहकारी दृष्टिकोण, ITMOs) के अंतर्गत संचालित।
  • जापानी प्रौद्योगिकी और सह-वित्त भारतीय निम्न-कार्बन परियोजनाओं में; सत्यापित कटौती क्रेडिट के रूप में साझा।
  • भारत की पात्र सूची: ग्रीन हाइड्रोजन, अपतटीय पवन, भंडारण-युक्त नवीकरणीय ऊर्जा, CCUS।
  • जापान की 2013 से लगभग 30 देशों के साथ JCM साझेदारी।
  • भारतीय प्राधिकरण: NDAIAPA (2022 में गठित)।
आगे की राहअपने NDC हेतु आवश्यक क्रेडिट की अत्यधिक बिक्री से बचना; JCM रजिस्ट्री को घरेलू कार्बन क्रेडिट ट्रेडिंग स्कीम से पारदर्शी रूप से जोड़ना।
अवधारणाभारत का अद्यतन NDC (2022): 2030 तक GDP की उत्सर्जन तीव्रता 45% घटाना (2005 की तुलना में); 50% विद्युत क्षमता गैर-जीवाश्म स्रोतों से; 2070 तक नेट ज़ीरो। अनुच्छेद 6.4 = संयुक्त राष्ट्र-पर्यवेक्षित क्रेडिटिंग तंत्र।
भारत–जापान संयुक्त क्रेडिटिंग तंत्र का फ्लोचार्ट: जापानी प्रौद्योगिकी और सह-वित्त भारत की निम्न-कार्बन परियोजनाओं तक, उत्सर्जन कटौती का मापन, रिपोर्टिंग और सत्यापन, अनुच्छेद 6.2 के तहत दोनों देशों में क्रेडिट जारी व साझा; समयरेखा: MoC 2025, नियम जून 2026, मैनुअल सितंबर 2026।
भारत–जापान संयुक्त क्रेडिटिंग तंत्र का फ्लोचार्ट: जापानी प्रौद्योगिकी और सह-वित्त भारत की निम्न-कार्बन परियोजनाओं तक, उत्सर्जन कटौती का मापन, रिपोर्टिंग और सत्यापन, अनुच्छेद 6.2 के तहत दोनों देशों में क्रेडिट जारी व साझा; समयरेखा: MoC 2025, नियम जून 2026, मैनुअल सितंबर 2026। — StudyForGS

8. PMAY-G के अंतर्गत ग्रामीण आवास हेतु 3D कंक्रीट प्रिंटिंग का पायलट

SOCIETYCOMMON: Prelims + Mains GS2/GS3
सिलेबस से संबंधGS2 – कमज़ोर वर्गों हेतु कल्याणकारी योजनाएँ। GS3 – अवसंरचना, निर्माण में प्रौद्योगिकी। Prelims: PMAY-G की विशेषताएँ, लागत-साझेदारी।
संदर्भ4 अक्टूबर 2026 को गुंटूर ज़िला, आंध्र प्रदेश में शुरू हुए राष्ट्रीय स्तर के पायलट में 3D कंक्रीट प्रिंटिंग से 177 PMAY-G घर बनाए जा रहे हैं — यह परखने हेतु कि क्या स्वचालित निर्माण ग्रामीण घर तेज़ और सस्ते दे सकता है।
मुख्य तथ्य
  • बुर्रिपालेम (तेनाली के पास) में 100 घर और पोथुरु में 77; लगभग छह महीने में पूर्णता का लक्ष्य।
  • परिव्यय ₹13.93 करोड़ — केंद्र ₹9.44 करोड़, राज्य ₹4.49 करोड़।
  • PMAY-G सहायता: ₹1.20 लाख (मैदानी) / ₹1.30 लाख (पहाड़ी/दुर्गम क्षेत्र); न्यूनतम 25 वर्ग मीटर घर।
  • 2.95 करोड़ के प्रथम चरण लक्ष्य के बाद कैबिनेट ने 2028-29 तक 2 करोड़ और घरों को मंज़ूरी दी।
आगे की राहपारंपरिक घरों की तुलना में लागत, टिकाऊपन और जलवायु अनुकूलता का आकलन; स्थानीय राजमिस्त्रियों को प्रशिक्षित करना ताकि प्रौद्योगिकी ग्रामीण रोज़गार छीने नहीं, बल्कि बनाए।
अवधारणाPMAY-G (20 नवंबर 2016 को शुरू, इंदिरा आवास योजना का पुनर्गठन): लाभार्थी SECC 2011 / आवास+ से; लागत-साझेदारी 60:40, पूर्वोत्तर व हिमालयी राज्यों हेतु 90:10, UTs हेतु 100%। भारत का पहला 3D-प्रिंटेड घर: IIT मद्रास स्टार्ट-अप (2021)।

9. भारत–EFTA TEPA के एक वर्ष पर भारत–स्विट्ज़रलैंड के बीच 5 समझौते

IRCOMMON: Prelims + Mains GS2
सिलेबस से संबंधGS2 – द्विपक्षीय एवं क्षेत्रीय समूह, भारत के हितों को प्रभावित करने वाले समझौते। Prelims: EFTA सदस्य, TEPA, गतिशीलता समझौते।
संदर्भस्विस राष्ट्रपति गाय पार्मेलिन की नई दिल्ली यात्रा (वार्ता 5 अक्टूबर 2026) में पाँच समझौते हुए और रक्षा उत्पादन तथा नागरिक परमाणु ऊर्जा में नए क्षेत्र खुले — भारत–EFTA TEPA (1 अक्टूबर 2025 से लागू) का एक वर्ष।
मुख्य तथ्य
  • प्रवासन एवं गतिशीलता साझेदारी — 5 वर्ष तक मल्टीपल-एंट्री वीज़ा, छात्रों व शोधकर्ताओं हेतु वैध मार्ग।
  • यंग प्रोफेशनल्स योजना: दोनों ओर से 300 प्रति वर्ष (बढ़ाकर 500 तक) अस्थायी कार्य-विनिमय हेतु।
  • अन्य समझौते: परिवहन प्रौद्योगिकी एवं अवसंरचना, विज्ञान सहयोग।
  • TEPA: भारत में 15 वर्षों में USD 100 बिलियन निवेश और 10 लाख प्रत्यक्ष रोज़गार — बाध्यकारी निवेश प्रतिबद्धता वाला पहला FTA।
  • EFTA ने 92.2% टैरिफ लाइनें (भारत के निर्यात का 99.6%) दीं; भारत ने 82.7% (EFTA निर्यात का 95.3%)।
आगे की राहTEPA डेस्क के माध्यम से निवेश अध्याय लागू करना, सेवाओं और फार्मा की पहुँच बढ़ाना, तथा सटीक इंजीनियरिंग और व्यावसायिक प्रशिक्षण में स्विस विशेषज्ञता का लाभ उठाना।
अवधारणाEFTA (स्थापना 1960, स्टॉकहोम कन्वेंशन): स्विट्ज़रलैंड, नॉर्वे, आइसलैंड, लिकटेंस्टीन — EU सीमा-शुल्क संघ में नहीं। TEPA पर हस्ताक्षर 10 मार्च 2024। जिनेवा में WTO, WHO, ILO के मुख्यालय।
भारत–EFTA TEPA बाज़ार पहुँच का बार चार्ट: EFTA ने भारत के 99.6% निर्यात को कवर करती 92.2% टैरिफ लाइनें दीं, जबकि भारत ने EFTA के 95.3% निर्यात को कवर करती 82.7% टैरिफ लाइनें दीं; USD 100 बिलियन और 10 लाख रोज़गार की प्रतिबद्धता अंकित।
भारत–EFTA TEPA बाज़ार पहुँच का बार चार्ट: EFTA ने भारत के 99.6% निर्यात को कवर करती 92.2% टैरिफ लाइनें दीं, जबकि भारत ने EFTA के 95.3% निर्यात को कवर करती 82.7% टैरिफ लाइनें दीं; USD 100 बिलियन और 10 लाख रोज़गार की प्रतिबद्धता अंकित। — StudyForGS

10. प्रधानमंत्री ने AI और डीपफेक के स्रोत-पता लगाने हेतु वैश्विक नियमों का आह्वान किया

POLITYCOMMON: Prelims + Mains GS2/GS3
सिलेबस से संबंधGS2 – सरकारी नीतियाँ, ई-गवर्नेंस। GS3 – साइबर सुरक्षा, AI। Prelims: IT नियम 2021 (2026 में संशोधित), DPDP अधिनियम 2023, इंडिया AI मिशन।
संदर्भनई दिल्ली में GSMA बोर्ड से मुलाकात (6 अक्टूबर 2026) में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उभरती प्रौद्योगिकियों के लिए वैश्विक मानकों और साझा नियमों तथा ऐसे तंत्र का आह्वान किया जिससे उपयोगकर्ता डीपफेक और AI-जनित सामग्री का स्रोत पहचान सकें।
मुख्य तथ्य
  • प्रधानमंत्री: 'हमारा डिजिटल भविष्य अवसरों का विस्तार करे और विश्वास मज़बूत करे'।
  • भारत के फरवरी 2026 IT नियम संशोधन प्लेटफ़ॉर्म को सिंथेटिक सामग्री में स्थायी मेटाडेटा / विशिष्ट पहचानकर्ता जोड़ने को बाध्य करते हैं।
  • EU AI अधिनियम के लेबलिंग दायित्व 2 अगस्त 2026 से; चीन में सितंबर 2025 से AI लेबल अनिवार्य।
  • भारत में अलग AI कानून नहीं; नियमन IT अधिनियम 2000 और IT नियमों के माध्यम से।
आगे की राहG20, ITU और संयुक्त राष्ट्र में अंतर-संचालनीय वॉटरमार्किंग/प्रोवेनेंस मानकों को आगे बढ़ाना; जोखिम-आधारित ढाँचे से सुरक्षा, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता (अनु. 19) और नवाचार में संतुलन।
अवधारणाडीपफेक — वास्तविक व्यक्तियों की नकल करने वाला AI-जनित सिंथेटिक मीडिया। IT अधिनियम की धारा 79: ड्यू डिलिजेंस की शर्त पर मध्यस्थों को सेफ हार्बर। श्रेया सिंघल (2015) में धारा 66A रद्द। GSMA — मोबाइल ऑपरेटरों का वैश्विक निकाय।

11. SPIR 2026: साइबर अपराध पीड़ितों को न्याय पाने में कठिनाई; वित्तीय धोखाधड़ी सर्वाधिक

REPORTCOMMON: Prelims + Mains GS3
सिलेबस से संबंधGS3 – आंतरिक सुरक्षा: साइबर अपराध, मीडिया व सोशल नेटवर्किंग की भूमिका। GS2 – पुलिस सुधार। Prelims: I4C, 1930 हेल्पलाइन, NCRB।
संदर्भभारत में पुलिसिंग की स्थिति रिपोर्ट (SPIR) 2026, 16 राज्यों/UTs के 8,306 उत्तरदाताओं के सर्वेक्षण पर आधारित, यह जाँचती है कि भारत के UPI उछाल के बीच साइबर अपराध पीड़ित पुलिस और बैंक से कैसे निवारण चाहते हैं।
मुख्य तथ्य
  • पिछले 2–3 वर्षों में 13% उत्तरदाता साइबर अपराध के शिकार; इनमें 54% डिजिटल वित्तीय धोखाधड़ी।
  • वित्तीय धोखाधड़ी के 52% पीड़ितों ने बैंक से शिकायत की, इनमें 63% ने 24 घंटे के भीतर; 40% को बैंक अंदरूनी संलिप्तता का संदेह।
  • महिलाएँ, गरीब और ग्रामीण पीड़ित पुलिस सहायता हेतु अनौपचारिक मार्गों (रिश्वत, संपर्क) पर अधिक निर्भर।
  • तैयार धोखाधड़ी 'किट' (प्री-एक्टिवेटेड SIM, म्यूल खाते) मात्र ₹10,000–20,000 में।
  • FY26 में UPI पर 24,000 करोड़ से अधिक लेनदेन, मूल्य ₹314 लाख करोड़।
आगे की राहअनिवार्य FIR/ई-ज़ीरो FIR पंजीकरण, I4C के माध्यम से तेज़ बैंक–पुलिस समन्वय, म्यूल खातों पर सख़्ती और RBI के शून्य-दायित्व मानदंडों के तहत समयबद्ध रिफंड।
अवधारणाRBI परिपत्र (6 जुलाई 2017): 3 कार्यदिवस में धोखाधड़ी की सूचना देने पर ग्राहक का शून्य दायित्व। पुलिस एवं लोक व्यवस्था — राज्य सूची (प्रविष्टि 1, 2)। I4C गृह मंत्रालय के अधीन; राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल + 1930 हेल्पलाइन।

आज का डेटा पॉइंट

5.50% (+25 bps)
RBI की अक्टूबर 2026 नीति के बाद रेपो दर
फरवरी 2023 के बाद पहली वृद्धि; रुख 'कैलिब्रेटेड टाइटनिंग'; FY27 GDP 7.1%, CPI 5.2%; SDF 5.25%, MSF 5.75%।

प्रारंभिक परीक्षा रैपिड-फायर

अभ्यास माउंटेन गार्जियन 2026 — उच्च-पर्वतीय उत्तराखंड में भारत–UAE का पहला सैन्य अभ्यास।
बोगीबील (असम) — ऊपरी असम से पहला अंतरराष्ट्रीय कार्गो: NW-2 (ब्रह्मपुत्र) द्वारा ढाका को 540 MT मेथनॉल।
विदेश मंत्री यात्रा (6–10 अक्टूबर) — घाना, कोट डी आइवर, इथियोपिया; अदीस अबाबा में क्षेत्रीय मिशन प्रमुख सम्मेलन।
एशियाई खेल 2026 (आइची-नागोया, जापान) — भारत 85 पदकों (21 स्वर्ण, 27 रजत, 37 कांस्य) के साथ चौथे स्थान पर।
NABKISAN — भारत का पहला WASH-केंद्रित सोशल बॉन्ड NSE पर सूचीबद्ध: ₹180 करोड़, 8.10% कूपन, 5 वर्ष अवधि।
राष्ट्रीय घरेलू यात्रा सर्वेक्षण — 4.92 लाख परिवारों का पहला अखिल भारतीय सर्वे; 61.9% पुरुष बनाम 41.9% महिला कामगार रोज़ आवागमन करते हैं।

अभ्यास MCQs — UPSC Prelims पैटर्न

Q1. RBI की मौद्रिक नीति समिति (MPC) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. यह RBI अधिनियम, 1934 के अंतर्गत एक वैधानिक निकाय है। 2. इसमें छह सदस्य हैं, जिनमें से तीन केंद्र सरकार द्वारा नामित होते हैं। 3. मत बराबर होने पर केंद्रीय वित्त मंत्री के पास निर्णायक मत होता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

  1. केवल 1 और 2
  2. केवल 2 और 3
  3. केवल 1 और 3
  4. 1, 2 और 3
उत्तर देखें
उत्तर: A
MPC का गठन RBI अधिनियम, 1934 की धारा 45ZB के अंतर्गत हुआ है; इसमें 6 सदस्य (3 RBI से, 3 सरकार द्वारा नामित) हैं। निर्णायक मत RBI गवर्नर के पास होता है, वित्त मंत्री के पास नहीं — अतः कथन 3 गलत है।

Q2. भारत और जापान के बीच हाल ही में संचालित संयुक्त क्रेडिटिंग तंत्र (JCM) पेरिस समझौते के किस प्रावधान के अंतर्गत एक सहकारी दृष्टिकोण है?

  1. अनुच्छेद 2.1
  2. अनुच्छेद 4.4
  3. अनुच्छेद 6.2
  4. अनुच्छेद 9.1
उत्तर देखें
उत्तर: C
अनुच्छेद 6.2 पक्षों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हस्तांतरित शमन परिणामों (ITMOs) के माध्यम से द्विपक्षीय सहयोग की अनुमति देता है; JCM ऐसा ही दृष्टिकोण है। अनुच्छेद 6.4 संयुक्त राष्ट्र-पर्यवेक्षित क्रेडिटिंग तंत्र बनाता है; अनुच्छेद 9 जलवायु वित्त से संबंधित है।

मुख्य परीक्षा अभ्यास प्रश्न

Q. RBI ने संवृद्धि अनुमान बढ़ाते हुए भी 'कैलिब्रेटेड टाइटनिंग' का रुख अपनाया है। इस निर्णय के पीछे के कारकों का परीक्षण कीजिए तथा संवृद्धि, मुद्रास्फीति और बाह्य क्षेत्र पर इसके निहितार्थों की चर्चा कीजिए। (250 शब्द, 15 अंक)

संकेत / दृष्टिकोण
भूमिका: रेपो 5.25%→5.50%, 2023 के बाद पहली वृद्धि। मुख्य भाग: कारक — कच्चा तेल/पश्चिम एशिया, रुपया ~₹96/$, Q3 में CPI 6.0% तक; निहितार्थ — महँगा ऋण, ट्रांसमिशन, पूंजी प्रवाह, राजकोषीय–मौद्रिक समन्वय। निष्कर्ष: FIT (4% ± 2%) की विश्वसनीयता दीर्घकालिक संवृद्धि की रक्षा करती है।
📌 एक पंक्ति में रिवीज़न: रेपो 5.50% (+25 bps, 'कैलिब्रेटेड टाइटनिंग') • SME फंड ₹10,000 करोड़ (AIF) • ITLA ≥ ₹500 करोड़ का मूल्यांकन • FSS-1 सूर्य (HSL विज़ाग) • NSM 40 सिस्टम / 68 PF • JCM = अनु. 6.2 • TEPA USD 100 बिलियन / 15 वर्ष।
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