उत्तराखंड PCS (UKPSC) के लिए डेली करेंट अफेयर्स

UKPSC करेंट अफेयर्स — 5 November 2026

उत्तरकाशी में केदारताल हिमस्खलन में मृतकों की संख्या बढ़ी; चारधाम यात्रा रिकॉर्ड 63 लाख श्रद्धालुओं के पार; केंद्र ने अग्निवीरों का कार्यकाल 2 वर्ष बढ़ाया

Thursday, 5 November 2026 · IST · उत्तराखंड + राष्ट्रीय · 10 टॉपिक · 2 MCQs

आज उत्तराखंड सबसे आगे: उत्तरकाशी में बर्फ से ढके केदारताल ट्रेक पर बचाव दलों ने चार शव बरामद किए, वहीं चारधाम यात्रा 2026 ने 63 लाख श्रद्धालुओं का आँकड़ा पार किया और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 7 जिलों में 26 कार्यों के लिए ₹22.15 करोड़ स्वीकृत किए। राष्ट्रीय स्तर पर केंद्रीय कैबिनेट ने अग्निवीर सेवा 2 वर्ष बढ़ाई, ₹4,371.10 करोड़ की विस्तार (VISTAR) सांख्यिकी योजना और 92 GWh ऊर्जा-भंडारण योजना को मंज़ूरी दी, तथा सर्वोच्च न्यायालय ने दो-संतान मानदंड का मामला बड़ी पीठ को भेजा।

आज एक नज़र में — याद रखने वाली बातें

विस्तृत नोट्स

1. केदारताल हिमस्खलन: उत्तरकाशी में 4 शव बरामद, 4 अब भी लापता

UTTARAKHANDUKPSC: Prelims + Mains (भूगोल एवं आपदा प्रबंधन — उत्तराखंड)
सिलेबस से संबंधउत्तराखंड भूगोल (हिमनद, उच्च हिमालयी ट्रेक); आपदा प्रबंधन — हिमस्खलन, SDRF, पर्वतीय बचाव; Prelims: गंगोत्री हिमनद, केदारताल, NIM उत्तरकाशी।
संदर्भ29 अक्टूबर को गंगोत्री हिमनद क्षेत्र में केदारताल मार्ग पर भारी बर्फबारी और हिमस्खलन ने एक ट्रेकिंग दल को चपेट में लिया। SDRF–NIM के संयुक्त पर्वतीय बचाव दल ने 4 शव बरामद किए (3–4 Nov को); 4 अब भी लापता हैं। अलग घटना में गंगोत्री NH पर गंगनानी के पास एक वाहन नदी में गिरा, जिसमें 4 लोगों की मृत्यु हुई।
मुख्य तथ्य
  • 8 का दल: पश्चिम बंगाल के 5 ट्रेकर, उत्तर प्रदेश की 2 महिलाएँ, 1 स्थानीय गाइड; खोज 31 Oct से शुरू।
  • शवों को पोस्टमार्टम हेतु मातली हेलीपैड (उत्तरकाशी) तक एयरलिफ्ट किया गया।
  • केदारताल (~4,750 m) थलय सागर चोटी के नीचे स्थित हिमनदीय झील है, जिससे केदार गंगा निकलती है जो भागीरथी की सहायक नदी है।
  • NIM (नेहरू पर्वतारोहण संस्थान), उत्तरकाशी की स्थापना 1965 में हुई।
  • गंगनानी हादसा: SDRF, जल पुलिस व गोताखोर तैनात; DM के नेतृत्व में जाँच के आदेश।
आगे की राहअनिवार्य मौसम-आधारित ट्रेक परमिट, दलों की GPS ट्रैकिंग, मानसून-पश्चात हिमपात हेतु पूर्व-चेतावनी और अधिक उच्च-हिमालयी SDRF चौकियाँ।
अवधारणाहिमस्खलन = ढलान पर बर्फ का तीव्र प्रवाह, जो ताज़ी बर्फ के भार, वायु-स्लैब या तापवृद्धि से शुरू होता है। उत्तराखंड का SDRF 2013 की केदारनाथ आपदा के बाद गठित हुआ; आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 NDMA–SDMA–DDMA ढाँचा देता है।
केदारताल हिमस्खलन बचाव शृंखला का फ्लोचार्ट: 29 Oct हिमस्खलन, 31 Oct खोज शुरू, SDRF व NIM का संयुक्त बचाव दल, शव मातली हेलीपैड पर एयरलिफ्ट, 3-4 Nov तक 4 बरामद व 4 लापता, आगे ट्रेक एडवाइजरी व मौसम चेतावनी।
केदारताल हिमस्खलन बचाव शृंखला का फ्लोचार्ट: 29 Oct हिमस्खलन, 31 Oct खोज शुरू, SDRF व NIM का संयुक्त बचाव दल, शव मातली हेलीपैड पर एयरलिफ्ट, 3-4 Nov तक 4 बरामद व 4 लापता, आगे ट्रेक एडवाइजरी व मौसम चेतावनी। — StudyForGS

2. चारधाम यात्रा 2026 ने रिकॉर्ड 63 लाख श्रद्धालुओं का आँकड़ा पार किया

UTTARAKHANDUKPSC: Prelims + Mains (इतिहास एवं संस्कृति; अर्थव्यवस्था — उत्तराखंड)
सिलेबस से संबंधउत्तराखंड संस्कृति एवं तीर्थाटन; पर्यटन अर्थव्यवस्था; भीड़/वहन-क्षमता प्रबंधन; Prelims: चारों धामों की स्थिति, नदियाँ, जिले।
संदर्भमुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 5 Nov को बताया कि इस सीज़न में 63 लाख से अधिक श्रद्धालु चारधाम पहुँचे, जिससे यात्रा नए रिकॉर्ड की ओर है। अब शीतकाल हेतु कपाट बंद होने के साथ सीज़न समाप्ति की ओर है।
मुख्य तथ्य
  • पिछला शिखर: 2023 सीज़न में ~56 लाख श्रद्धालु।
  • केदारनाथ (रुद्रप्रयाग, मंदाकिनी) के कपाट भैया दूज — 11 Nov 2026 को बंद; शीतकालीन गद्दी ओंकारेश्वर मंदिर, ऊखीमठ।
  • बद्रीनाथ (चमोली, अलकनंदा): शीतकालीन गद्दी पांडुकेश्वर / ज्योतिर्मठ।
  • गंगोत्री (शीतकालीन गद्दी मुखबा) और यमुनोत्री (शीतकालीन गद्दी खरसाली) — दोनों उत्तरकाशी में।
  • मंदिरों का प्रबंधन बद्रीनाथ–केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) करती है।
आगे की राहभीड़ बाँटने हेतु शीतकालीन चारधाम यात्रा को बढ़ावा, वहन-क्षमता सीमाओं का पालन तथा पहाड़ी गाँवों में पर्यटन आय बनाए रखने हेतु होमस्टे को प्रोत्साहन।
अवधारणावहन-क्षमता = वह अधिकतम पर्यटक संख्या जिसे कोई स्थल पारिस्थितिक या अवसंरचनात्मक क्षति के बिना सह सके। तीर्थ-पर्यटन उत्तराखंड की तृतीयक-क्षेत्र-प्रधान अर्थव्यवस्था का प्रमुख आधार और पलायन रोकने का साधन है।
तथ्य टाइलें: 2026 में 63 लाख+ श्रद्धालु, 2023 का पिछला शिखर लगभग 56 लाख, और चारों धाम जिलों व नदियों सहित — केदारनाथ (रुद्रप्रयाग, मंदाकिनी), बद्रीनाथ (चमोली, अलकनंदा), गंगोत्री (उत्तरकाशी, भागीरथी), यमुनोत्री (उत्तरकाशी, यमुना)।
तथ्य टाइलें: 2026 में 63 लाख+ श्रद्धालु, 2023 का पिछला शिखर लगभग 56 लाख, और चारों धाम जिलों व नदियों सहित — केदारनाथ (रुद्रप्रयाग, मंदाकिनी), बद्रीनाथ (चमोली, अलकनंदा), गंगोत्री (उत्तरकाशी, भागीरथी), यमुनोत्री (उत्तरकाशी, यमुना)। — StudyForGS

3. मुख्यमंत्री ने 7 जिलों में 26 कार्यों के लिए ₹22.15 करोड़ स्वीकृत किए

UTTARAKHANDUKPSC: Prelims + Mains (अर्थव्यवस्था एवं शासन — उत्तराखंड)
सिलेबस से संबंधराज्य विकास प्रशासन; ग्रामीण अवसंरचना; मानव-वन्यजीव संघर्ष; कुमाऊँ-गढ़वाल के मेले व मंदिर; Prelims: नौलिंग मेला, जागेश्वर, जिला तथ्य।
संदर्भ4 Nov को मुख्यमंत्री धामी ने देहरादून, पिथौरागढ़, अल्मोड़ा, चंपावत, टिहरी, हरिद्वार और पौड़ी में सड़क, नाली, पेयजल, स्ट्रीट-लाइट, जंगली सुअर-रोधी बाड़ तथा मंदिरों व मेला स्थलों के विकास से जुड़े 26 कार्यों हेतु ₹22.15 करोड़ स्वीकृत किए।
मुख्य तथ्य
  • देहरादून: 12 कार्य, ~₹8.96 करोड़ (अधिकांश मसूरी विधानसभा क्षेत्र)।
  • पिथौरागढ़: घटघोर गड़ी (धारचूला) में नौलिंग मेला स्थल हेतु ₹79.49 लाख।
  • अल्मोड़ा: दन्या (जागेश्वर) के पास सिद्धेश्वर मंदिर हेतु ₹97.08 लाख; टकुला में जंगली सुअर-रोधी बाड़ हेतु ₹45.63 लाख।
  • हरिद्वार: 100 हैंडपंप (झबरेड़ा + लक्सर); पौड़ी: कोटद्वार में स्ट्रीट-लाइट हेतु ₹3.44 करोड़।
  • चंपावत: थांटा में दूधाधारी भगवती मेला स्थल — ₹97.10 लाख।
आगे की राहऐसी स्वीकृतियों को परिणाम-निगरानी और ग्राम-स्तरीय योजना (GPDP) से जोड़ें; फसल-सुरक्षा बाड़ का विस्तार करें, जो पहाड़ों में खेती छोड़ने की प्रवृत्ति भी रोकती है।
अवधारणामानव-वन्यजीव संघर्ष (जंगली सुअर, बंदर, गुलदार) पहाड़ी जिलों में बंजर खेती और पलायन का बड़ा कारण है। जागेश्वर मंदिर समूह (अल्मोड़ा) में कत्यूरी काल के 100+ पाषाण मंदिर हैं।
जिलेवार ₹22.15 करोड़ स्वीकृति का क्षैतिज बार चार्ट: देहरादून ₹8.96 करोड़ (12 कार्य), पिथौरागढ़ ₹3.44 करोड़ (4), पौड़ी गढ़वाल ₹3.44 करोड़ (1), हरिद्वार ₹2.22 करोड़ (2), चंपावत ₹1.97 करोड़ (4), अल्मोड़ा ₹1.43 करोड़ (2), टिहरी गढ़वाल ₹0.68 करोड़ (1)।
जिलेवार ₹22.15 करोड़ स्वीकृति का क्षैतिज बार चार्ट: देहरादून ₹8.96 करोड़ (12 कार्य), पिथौरागढ़ ₹3.44 करोड़ (4), पौड़ी गढ़वाल ₹3.44 करोड़ (1), हरिद्वार ₹2.22 करोड़ (2), चंपावत ₹1.97 करोड़ (4), अल्मोड़ा ₹1.43 करोड़ (2), टिहरी गढ़वाल ₹0.68 करोड़ (1)। — StudyForGS

4. उत्तराखंड 26 वर्ष का: 9 नवंबर को स्थापना दिवस

UTTARAKHANDUKPSC: Prelims + Mains (इतिहास एवं राजव्यवस्था — उत्तराखंड)
सिलेबस से संबंधउत्तराखंड राज्य आंदोलन; राज्य राजव्यवस्था एवं प्रशासन; Prelims: गठन तिथि, अधिनियम, राजधानियाँ, मंडल, प्रथम पदाधिकारी।
संदर्भराज्य 9 November 2026 को अपना 26वाँ स्थापना दिवस मनाने की तैयारी में है, जो 2025 के रजत जयंती समारोह के एक वर्ष बाद है। आज का मानचित्र दिन की उत्तराखंड खबरों के स्थान दर्शाता है।
मुख्य तथ्य
  • उत्तर प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम, 2000 के तहत 9 Nov 2000 को 27वें राज्य के रूप में गठन; नाम उत्तरांचल, 1 Jan 2007 को उत्तराखंड किया गया।
  • 2 मंडलों में 13 जिले — गढ़वाल (7) और कुमाऊँ (6)।
  • देहरादून: शीतकालीन राजधानी; गैरसैंण (भराड़ीसैंण): 2020 में ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित।
  • 70 विधानसभा, 5 लोकसभा, 3 राज्यसभा सीटें; उच्च न्यायालय नैनीताल में।
  • प्रथम मुख्यमंत्री: नित्यानंद स्वामी; प्रथम राज्यपाल: सुरजीत सिंह बरनाला।
आगे की राहइस अवसर पर पर्वतीय-मैदानी असमानता, पलायन और GEP व आपदा-लचीलेपन पर आधारित हिमालयी विकास मॉडल की समीक्षा करें।
अवधारणाराज्य आंदोलन: प्रमुख पड़ाव — उत्तराखंड क्रांति दल (1979), खटीमा व मसूरी गोलीकांड (1–2 Sept 1994), रामपुर तिराहा कांड (2 Oct 1994)। नए राज्य संसद द्वारा अनुच्छेद 3 के तहत बनाए जाते हैं।
उत्तराखंड का योजनाबद्ध जिला मानचित्र, गढ़वाल व कुमाऊँ मंडल छायांकित, पड़ोसी हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, तिब्बत (चीन) व नेपाल अंकित, तथा केदारताल, गंगनानी, केदारनाथ, बद्रीनाथ, टिहरी पंप्ड स्टोरेज, कोटद्वार, दन्या व धारचूला के चिह्न।
उत्तराखंड का योजनाबद्ध जिला मानचित्र, गढ़वाल व कुमाऊँ मंडल छायांकित, पड़ोसी हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, तिब्बत (चीन) व नेपाल अंकित, तथा केदारताल, गंगनानी, केदारनाथ, बद्रीनाथ, टिहरी पंप्ड स्टोरेज, कोटद्वार, दन्या व धारचूला के चिह्न। — StudyForGS

5. अग्निपथ में बदलाव: 75% अग्निवीरों को 2 वर्ष का विस्तार; उत्तराखंड कोटा चर्चा में

DEFENCEUKPSC: Prelims + Mains (राजव्यवस्था एवं शासन; आंतरिक सुरक्षा)
सिलेबस से संबंधरक्षा सुधार; युवाओं हेतु सरकारी योजनाएँ; उत्तराखंड की सैन्य परंपरा व पूर्व-सैनिक कल्याण; Prelims: अग्निपथ की विशेषताएँ, राज्य क्षैतिज आरक्षण।
संदर्भ4 Nov को कैबिनेट मंज़ूरी के बाद CDS जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि ने घोषणा की कि 4 वर्ष बाद बाहर होने वाले 75% अग्निवीरों को 2 वर्ष का विस्तार मिलेगा, जिसके बाद वे नियमित सैनिक बन सकेंगे। लगभग 18,300 अग्निवीर 31 Dec तक बाहर होने वाले थे।
मुख्य तथ्य
  • राजनाथ सिंह ने इसे 'सेकंड टूर ऑफ ड्यूटी' कहा — अधिक वेतन, बढ़ा हुआ सेवा निधि पैकेज, वरिष्ठता लाभ।
  • 4 वर्ष पर योग्यता से रखे गए 25% अग्निवीर विस्तार-मार्ग से आने वालों से वरिष्ठ रहेंगे।
  • अग्निपथ जून 2022 में शुरू; प्रवेश आयु ~17.5–21 वर्ष; वर्तमान में 3 लाख+ सेवारत।
  • उत्तराखंड 2025 के नियमों के तहत वर्दीधारी पदों (पुलिस, वनरक्षक, अग्निशमन आदि) में पूर्व-अग्निवीरों को 10% क्षैतिज आरक्षण देता है।
  • उत्तराखंड को 'सैन्य धाम' कहा जाता है — गढ़वाल राइफल्स (लैंसडाउन) व कुमाऊँ रेजिमेंट (रानीखेत) का घर।
आगे की राहराज्य कोटा और कौशल प्रकोष्ठों को नए 4+2 मॉडल के अनुरूप करें; समावेशन हेतु पारदर्शी योग्यता मानदंड सुनिश्चित करें।
अवधारणाक्षैतिज आरक्षण ऊर्ध्वाधर (SC/ST/OBC/EWS) श्रेणियों के आर-पार लागू होता है — जैसे महिलाएँ, पूर्व-सैनिक, दिव्यांग (इंद्रा साहनी, 1992)। CDS रक्षा मंत्री के प्रधान सैन्य सलाहकार और सैन्य मामलों के विभाग के प्रमुख हैं।
अग्निपथ 4+2 मार्ग का फ्लोचार्ट: 4 वर्ष का अग्निवीर कार्यकाल 25% योग्यता-आधारित नियमित कैडर और 75% दो वर्ष विस्तार में बँटता है, जो 6 वर्ष बाद नियमित भर्ती हेतु पात्र; उत्तराखंड पूर्व-अग्निवीरों को 10% क्षैतिज कोटा देता है।
अग्निपथ 4+2 मार्ग का फ्लोचार्ट: 4 वर्ष का अग्निवीर कार्यकाल 25% योग्यता-आधारित नियमित कैडर और 75% दो वर्ष विस्तार में बँटता है, जो 6 वर्ष बाद नियमित भर्ती हेतु पात्र; उत्तराखंड पूर्व-अग्निवीरों को 10% क्षैतिज कोटा देता है। — StudyForGS

6. प्रधानमंत्री बालेन शाह की पहली यात्रा से पहले भारत–नेपाल संपर्क तेज़

IRUKPSC: Prelims + Mains (अंतरराष्ट्रीय संबंध; भूगोल — उत्तराखंड सीमा)
सिलेबस से संबंधभारत की पड़ोसी नीति; उत्तराखंड की अंतरराष्ट्रीय सीमाएँ; Prelims: महाकाली (काली) नदी, पंचेश्वर, लिपुलेख, सीमावर्ती जिले।
संदर्भनेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र (बालेन) शाह की भारत की पहली द्विपक्षीय यात्रा (प्रस्तावित नवंबर के अंत में) से पहले भारत और नेपाल संपर्क बढ़ा रहे हैं। एजेंडा में रेल संपर्क, जलविद्युत और सीमा संपर्क शामिल हैं — कई मुद्दे उत्तराखंड से जुड़े हैं।
मुख्य तथ्य
  • एजेंडा: रक्सौल–काठमांडू रेल, 750 MW पश्चिम सेती + 450 MW सेती नदी-6 जलविद्युत (NHPC के साथ), और महाकाली पर मोटर-योग्य पुल।
  • काठमांडू–देहरादून हवाई संपर्क पर भी विचार।
  • उत्तराखंड–नेपाल सीमा काली/महाकाली नदी के साथ पिथौरागढ़, चंपावत और ऊधम सिंह नगर से होकर जाती है।
  • महाकाली संधि (1996) में पंचेश्वर बहुउद्देशीय परियोजना और शारदा/टनकपुर बैराज शामिल हैं।
  • भारत–नेपाल शांति एवं मैत्री संधि, 1950 के तहत खुली सीमा।
आगे की राहपंचेश्वर DPR और सीमा-पार पुलों में तेज़ी लाएँ; धारचूला–दार्चुला जन-संपर्क व व्यापार संबंध मज़बूत करें।
अवधारणापड़ोसी प्रथम नीति; कालापानी–लिपुलेख–लिंपियाधुरा क्षेत्र (पिथौरागढ़) भारत के आधिकारिक मानचित्र के अनुसार भारत का भाग है — नेपाल के 2020 के मानचित्र दावे को भारत मान्यता नहीं देता। लिपुलेख दर्रा कैलाश मानसरोवर यात्रा का मार्ग है।

7. SC: दो-संतान मानदंड कानूनों की प्रासंगिकता समाप्त; जावेद निर्णय बड़ी पीठ को

POLITYUKPSC: Prelims + Mains (राजव्यवस्था एवं शासन)
सिलेबस से संबंधमौलिक अधिकार (अनु. 14, 21); पंचायती राज (73वाँ संशोधन); जनसंख्या नीति; Prelims: जावेद बनाम हरियाणा राज्य (2003), TFR।
संदर्भन्यायमूर्ति पी.एस. नरसिम्हा और आलोक अराधे की पीठ ने कहा कि प्रजनन दर घटने से दो से अधिक संतान वालों को दंडित करने वाले कानूनों की प्रासंगिकता समाप्त हो गई है; महाराष्ट्र की एक सरपंच की अयोग्यता रद्द की और जावेद (2003) को बड़ी पीठ को भेजा।
मुख्य तथ्य
  • जाँचा गया प्रावधान: धारा 14(1)(j-1), महाराष्ट्र ग्राम पंचायत अधिनियम, 1959।
  • जावेद (2003) में 3-न्यायाधीश पीठ ने हरियाणा पंचायती राज अधिनियम, 1994 के तहत मानदंड को वैध ठहराया — बड़ी पीठ के निर्णय तक यह नज़ीर बना रहेगा।
  • TFR: 2003 में ~3.0 बनाम अब 1.9; प्रतिस्थापन स्तर ≈ 2.1।
  • न्यायालय ने अनुच्छेद 21 के तहत प्रजनन स्वायत्तता पर बल दिया।
  • उत्तराखंड भी उत्तराखंड पंचायती राज अधिनियम, 2016 में 2019 के संशोधन द्वारा पंचायत चुनावों में दो-संतान शर्त लागू करता है।
आगे की राहराज्यों को प्रतिस्थापन-स्तर से नीचे की प्रजनन दर को देखते हुए अयोग्यता नियमों की समीक्षा कर प्रोत्साहन-आधारित जनसंख्या व लैंगिक नीतियाँ अपनानी चाहिए।
अवधारणाकुल प्रजनन दर (TFR) = एक महिला द्वारा जीवनकाल में जन्म दिए जाने वाले बच्चों की औसत संख्या; 2.1 प्रतिस्थापन स्तर है। बड़ी पीठ को संदर्भ इसलिए आवश्यक है क्योंकि छोटी पीठ समान या बड़ी पीठ की नज़ीर को पलट नहीं सकती।

8. कैबिनेट ने सांख्यिकी प्रणाली के कायाकल्प हेतु ₹4,371 करोड़ की विस्तार (VISTAR) योजना को मंज़ूरी दी

ECONOMYUKPSC: Prelims + Mains (भारत एवं उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था)
सिलेबस से संबंधभारतीय अर्थव्यवस्था — आँकड़े, राष्ट्रीय आय, सर्वेक्षण; राज्य व जिला GDP; Prelims: MoSPI, आर्थिक जनगणना, PLFS/HCES/ASUSE।
संदर्भकेंद्रीय कैबिनेट ने 4 Nov को VISTAR — विकसित भारत इनिशिएटिव फॉर स्टैटिस्टिकल ट्रांसफॉर्मेशन, एनालिटिक्स एंड रिसर्च को मंज़ूरी दी — FY 2026-27 से 2030-31 के लिए ₹4,371.10 करोड़ की केंद्रीय क्षेत्र योजना, ताकि AI-सक्षम, रियल-टाइम सांख्यिकी प्रणाली बने।
मुख्य तथ्य
  • कार्यान्वयन मंत्रालय: MoSPI; दृष्टि विकसित भारत 2047।
  • 16वें वित्त आयोग चक्र में 59 सर्वेक्षण प्रस्तावित, पहले 43।
  • नए संकेतक: सेवा उत्पादन का हेडलाइन सूचकांक और असंगठित क्षेत्र उद्यम सूचकांक।
  • SSS 2.0 राज्यों को जिला-स्तरीय अनुमान, राज्य/जिला GDP और राज्य-स्तरीय IIP में सहायता देगा।
  • इसमें 8वीं आर्थिक जनगणना शामिल — ग्राम पंचायत / वार्ड स्तर तक गैर-कृषि प्रतिष्ठान।
आगे की राहउत्तराखंड का अर्थ एवं संख्या निदेशालय विश्वसनीय जिला GDP हेतु SSS 2.0 का उपयोग कर सकता है — जो पर्वतीय-मैदानी अंतर विश्लेषण और GEP लेखांकन के लिए अहम है।
अवधारणाकेंद्रीय क्षेत्र योजना = केंद्र द्वारा 100% वित्तपोषित व कार्यान्वित (बनाम केंद्र प्रायोजित योजना, जिसमें राज्यों से लागत साझा)। आर्थिक जनगणना आर्थिक गतिविधि में लगे सभी प्रतिष्ठानों (फसल उत्पादन व बागान छोड़कर) की गणना करती है।
विस्तार (VISTAR) योजना (₹4,371.10 करोड़, FY27-FY31, MoSPI) का स्तंभ आरेख: स्तंभ 1 सांख्यिकी संचालन — 59 सर्वेक्षण व AI; स्तंभ 2 राज्यों हेतु SSS 2.0 — जिला GDP व राज्य IIP; स्तंभ 3 ग्राम पंचायत स्तर तक 8वीं आर्थिक जनगणना।
विस्तार (VISTAR) योजना (₹4,371.10 करोड़, FY27-FY31, MoSPI) का स्तंभ आरेख: स्तंभ 1 सांख्यिकी संचालन — 59 सर्वेक्षण व AI; स्तंभ 2 राज्यों हेतु SSS 2.0 — जिला GDP व राज्य IIP; स्तंभ 3 ग्राम पंचायत स्तर तक 8वीं आर्थिक जनगणना। — StudyForGS

9. ₹14,500 करोड़ VGF के साथ 92 GWh ग्रिड-स्तरीय ऊर्जा भंडारण योजना को मंज़ूरी

ENVIRONMENTUKPSC: Prelims + Mains (विज्ञान-प्रौद्योगिकी एवं पर्यावरण; ऊर्जा — उत्तराखंड)
सिलेबस से संबंधऊर्जा सुरक्षा, नवीकरणीय एकीकरण; उत्तराखंड में जलविद्युत; Prelims: VGF, BESS, पंप्ड स्टोरेज, टिहरी PSP।
संदर्भकैबिनेट ने 4 Nov को FY27–FY31 के दौरान 92 GWh ग्रिड-स्तरीय भंडारण जोड़ने हेतु ₹14,500 करोड़ की व्यवहार्यता अंतर निधि (VGF) को मंज़ूरी दी, जिसे राज्यों के साथ लागू किया जाएगा — यह परिवर्तनशील सौर व पवन ऊर्जा को समाहित करने के लिए अहम है।
मुख्य तथ्य
  • संयोजन: 60 GWh पंप्ड-हाइड्रो भंडारण + 30 GWh बैटरी ऊर्जा भंडारण (BESS)।
  • उसी दिन: लिथियम व निकेल प्रसंस्करण हेतु ₹2,814 करोड़ योजना (अगला समाचार देखें)।
  • उत्तराखंड में भागीरथी पर 1,000 MW टिहरी पंप्ड स्टोरेज प्लांट (THDC) स्थित है।
  • भंडारण से 2030 तक 500 GW गैर-जीवाश्म क्षमता की दिशा में चौबीसों घंटे नवीकरणीय ऊर्जा संभव।
  • VGF के रूप में लागू — पूंजीगत सहायता जो अव्यवहार्य परियोजनाओं को बैंक-योग्य बनाती है।
आगे की राहउत्तराखंड कम पारिस्थितिक प्रभाव वाले ऑफ-रिवर (क्लोज़्ड-लूप) पंप्ड स्टोरेज हेतु दावेदारी कर सकता है, नाज़ुक घाटियों और पर्यावरण-संवेदी क्षेत्रों से बचते हुए।
अवधारणापंप्ड स्टोरेज: बिजली सस्ती/अधिशेष होने पर पानी ऊपरी जलाशय में पंप किया जाता है और अधिकतम माँग पर टर्बाइनों से छोड़ा जाता है — एक 'जल बैटरी'। GWh संचित ऊर्जा मापता है; GW शक्ति क्षमता।
FY27-FY31 हेतु ₹14,500 करोड़ VGF वाली 92 GWh ग्रिड-स्तरीय ऊर्जा भंडारण योजना का डोनट चार्ट: पंप्ड-हाइड्रो भंडारण 60 GWh, बैटरी भंडारण 30 GWh, शेष 2 GWh।
FY27-FY31 हेतु ₹14,500 करोड़ VGF वाली 92 GWh ग्रिड-स्तरीय ऊर्जा भंडारण योजना का डोनट चार्ट: पंप्ड-हाइड्रो भंडारण 60 GWh, बैटरी भंडारण 30 GWh, शेष 2 GWh। — StudyForGS

10. लिथियम और निकेल प्रसंस्करण हेतु ₹2,814 करोड़ पूंजीगत सहायता

ECONOMYUKPSC: Prelims + Mains (अर्थव्यवस्था; विज्ञान-प्रौद्योगिकी)
सिलेबस से संबंधऔद्योगिक नीति, महत्वपूर्ण खनिज, आपूर्ति-शृंखला लचीलापन; Prelims: राष्ट्रीय महत्वपूर्ण खनिज मिशन, लिथियम/निकेल के उपयोग।
संदर्भकैबिनेट ने FY27–FY31 हेतु ₹2,814 करोड़ की पूंजीगत व्यय सहायता योजना को मंज़ूरी दी, ताकि लिथियम व निकेल अयस्कों को बैटरी व इलेक्ट्रॉनिक्स हेतु उच्च-शुद्धता यौगिकों में परिष्कृत करने वाले घरेलू संयंत्र लगें और आयात-निर्भरता घटे।
मुख्य तथ्य
  • 30% पूंजी सब्सिडी; 2 लिथियम + 2 निकेल संयंत्र न्यूनतम-लागत बोली से चयनित।
  • न्यूनतम क्षमता: 30,000 tpa (लिथियम), 50,000 tpa (निकेल); निकेल के उप-उत्पाद के रूप में कोबाल्ट।
  • सीमा: प्रति लाभार्थी ₹500 करोड़ (लिथियम) व ₹900 करोड़ (निकेल); 3 चरणबद्ध किस्तें।
  • गुजरात, महाराष्ट्र (लिथियम), ओडिशा (निकेल) और आंध्र प्रदेश में प्रसंस्करण पार्क प्रस्तावित।
  • राष्ट्रीय महत्वपूर्ण खनिज मिशन (₹34,300 करोड़, 2025) पर आधारित।
आगे की राहविदेशी परिसंपत्तियों (KABIL) और पुनर्चक्रण से अयस्क सुनिश्चित करें; परिष्करण अपशिष्ट हेतु कड़े पर्यावरणीय सुरक्षा उपाय अपनाएँ।
अवधारणामहत्वपूर्ण खनिज वे हैं जो अर्थव्यवस्था हेतु आवश्यक हैं और जिनकी आपूर्ति जोखिम में है — भारत ने 30 चिह्नित किए (2023)। लिथियम Li-ion बैटरियों हेतु अहम है; भारत का पहला लिथियम अनुमानित भंडार 2023 में रियासी (J&K) में बताया गया।

आज का डेटा पॉइंट

1.9
भारत की कुल प्रजनन दर (TFR) — सर्वोच्च न्यायालय द्वारा 4 Nov को उद्धृत
2.1 के प्रतिस्थापन स्तर से नीचे, जबकि जावेद (2003) के समय यह ~3.0 थी — यही मुख्य कारण है कि न्यायालय ने ऐसे कानूनों को पुराना बताया।

प्रारंभिक परीक्षा रैपिड-फायर

फास्ट-ट्रैक विशेष न्यायालय: कैबिनेट ने बलात्कार व POCSO मामलों हेतु 850 FTSC को 2031 तक बढ़ाया।
भारत–कनाडा ने पहला रक्षा संवाद (वर्चुअल, 3 Nov) आयोजित किया — फोकस: रक्षा उद्योग, R&D, सैन्य-तकनीकी सहयोग।
केदारनाथ — 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक; रुद्रप्रयाग जिले में ~3,583 m पर मंदिर।
टिहरी बाँध (भागीरथी) — भारत का सबसे ऊँचा बाँध (~260.5 m), THDC इंडिया लि. द्वारा संचालित।
घटघोर गड़ी (धारचूला, पिथौरागढ़) में नौलिंग देवता मेला स्थल को ₹79.49 लाख।
VISTAR की 8वीं आर्थिक जनगणना राष्ट्रीय सांख्यिकी व्यवसाय रजिस्टर का आधार बनेगी।

अभ्यास MCQs — UKPSC Prelims पैटर्न

Q1. उत्तराखंड के चारधाम मंदिरों के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए (धाम — शीतकालीन गद्दी): 1. केदारनाथ — ऊखीमठ 2. गंगोत्री — मुखबा 3. यमुनोत्री — पांडुकेश्वर उपर्युक्त में से कितने युग्म सही सुमेलित हैं?

  1. केवल एक
  2. केवल दो
  3. तीनों
  4. कोई नहीं
उत्तर देखें
उत्तर: B
केदारनाथ की शीतकालीन गद्दी ओंकारेश्वर मंदिर, ऊखीमठ और गंगोत्री की मुखबा है। यमुनोत्री की शीतकालीन गद्दी खरसाली है; पांडुकेश्वर बद्रीनाथ से जुड़ा है। अतः केवल दो युग्म सही हैं।

Q2. 4 November 2026 को स्वीकृत विस्तार (VISTAR) योजना के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. यह नीति आयोग द्वारा कार्यान्वित केंद्र प्रायोजित योजना है। 2. इसमें गैर-कृषि प्रतिष्ठानों को समाहित करने वाली 8वीं आर्थिक जनगणना शामिल है। 3. यह जिला-स्तरीय GDP अनुमान तैयार करने में राज्यों की सहायता करती है। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?

  1. केवल 1 और 2
  2. केवल 2 और 3
  3. केवल 1 और 3
  4. 1, 2 और 3
उत्तर देखें
उत्तर: B
VISTAR MoSPI की केंद्रीय क्षेत्र योजना (₹4,371.10 करोड़) है, नीति आयोग की CSS नहीं — कथन 1 गलत है। इसमें 8वीं आर्थिक जनगणना और जिला GDP हेतु SSS 2.0 शामिल हैं — कथन 2 व 3 सही हैं।

मुख्य परीक्षा अभ्यास प्रश्न

Q. 2026 में मानसून-पश्चात हिमस्खलन और रिकॉर्ड तीर्थयात्री संख्या उत्तराखंड हिमालय में जोखिम और वहन-क्षमता की दोहरी चुनौती को उजागर करते हैं। उच्च-हिमालयी पर्यटन व ट्रेकिंग को सुरक्षित एवं सतत बनाने हेतु आवश्यक उपायों की विवेचना कीजिए। (200 शब्द)

संकेत / दृष्टिकोण
भूमिका: केदारताल त्रासदी + 63 लाख चारधाम श्रद्धालु। मुख्य भाग: मौसम-आधारित परमिट व GPS ट्रैकिंग, SDRF/NIM की उच्च-हिमालयी क्षमता, हिमस्खलन पूर्व-चेतावनी, वहन-क्षमता सीमा, भार बाँटने हेतु शीतकालीन यात्रा व होमस्टे, स्थानीय गाइड प्रमाणन। निष्कर्ष: GEP से जुड़ा हिमालयी लचीलापन मॉडल।
📌 एक पंक्ति में रिवीज़न: केदारताल हिमस्खलन (उत्तरकाशी) • चारधाम 63 लाख+ • 26 कार्यों हेतु ₹22.15 करोड़ • उत्तराखंड दिवस 9 Nov 2000 • अग्निवीर 4+2 • TFR 1.9 बनाम 2.1 • VISTAR ₹4,371 करोड़ • 92 GWh भंडारण • ₹2,814 करोड़ Li-Ni।
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