उत्तराखंड PCS (UKPSC) के लिए डेली करेंट अफेयर्स

UKPSC करेंट अफेयर्स — 4 November 2026

उत्तरकाशी में केदारताल ट्रेक त्रासदी, देवभूमि परिवार पोर्टल व विज़न-2047, केंद्र की ₹2,800 करोड़ क्रिटिकल मिनरल्स योजना

Wednesday, 4 November 2026 · IST · उत्तराखंड + राष्ट्रीय · 11 टॉपिक · 2 MCQs

उत्तराखंड: केदारताल ट्रेक (उत्तरकाशी) से बचाव दलों ने 3 शव बरामद किए; राज्य ने देवभूमि परिवार पोर्टल और विकसित उत्तराखंड विज़न-2047 (लगभग 440 संकेतक) जारी किया; मुख्यमंत्री ने हाईकोर्ट को हल्द्वानी स्थानांतरित करने हेतु वन भूमि के लिए केंद्र से आग्रह किया और पंचायत मानदेय बढ़ाने की घोषणा की। राष्ट्रीय: केंद्रीय कैबिनेट के समक्ष ₹2,800 करोड़ की क्रिटिकल मिनरल्स प्रसंस्करण योजना, भारत ने COP31 की प्राथमिकताएँ रखीं, और गंगा जल संधि 12 दिसंबर 2026 को समाप्त हो रही है।

आज एक नज़र में — याद रखने वाली बातें

विस्तृत नोट्स

1. केदारताल ट्रेक त्रासदी: 3 शव बरामद, उच्च हिमालयी ट्रेक निलंबित

UTTARAKHANDUKPSC: प्रारंभिक + मुख्य (भूगोल व आपदा प्रबंधन — उत्तराखंड)
सिलेबस से संबंधउत्तराखंड में आपदा प्रबंधन; साहसिक पर्यटन का नियमन; गंगोत्री राष्ट्रीय उद्यान; उत्तरकाशी के ग्लेशियर व झीलें (प्रारंभिक)।
संदर्भ13 सदस्यीय दल (7 ट्रेकर + 6 सहायक कर्मी) 27 अक्टूबर को गंगोत्री से केदारताल ट्रेक पर निकला और बर्फ़ीले तूफ़ान व भारी हिमपात में फँस गया। 4 नवंबर को हेलीकॉप्टर से 3 शव मातली हेलीपैड लाए गए; अन्य अब भी लापता हैं।
मुख्य तथ्य
  • मार्ग: भोज खड़क (3,900 मी) – केदार खड़क (4,350 मी) – केदारताल (4,912 मी), केदार गंगा के साथ।
  • खोज का नेतृत्व SDRF ने NIM उत्तरकाशी, NDRF व वन विभाग के साथ किया; केदार खड़क के पास हिमस्खलन ने रास्ता रोका।
  • 4,000 मी+ के ट्रेक (केदारताल, कालिंदी खाल, उदनकोल) के परमिट निलंबित; गौमुख-तपोवन आवाजाही प्रतिबंधित।
  • केदारताल के पीछे थलय सागर, भृगुपंथ और मेरु चोटियाँ हैं।
आगे की राहअनिवार्य मौसम-आधारित परमिट, GPS ट्रैकर, पंजीकृत गाइड तथा राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अधीन ट्रेक-ऑपरेटर लाइसेंसिंग SOP।
अवधारणाSDRF उत्तराखंड का गठन केदारनाथ आपदा के बाद 2013 में हुआ; NIM उत्तरकाशी की स्थापना 1965 में हुई। आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 में SDMA/DDMA का प्रावधान है।
केदारताल ट्रेक की शुरुआत से परमिट निलंबन तक खोज-बचाव श्रृंखला का फ्लोचार्ट
केदारताल ट्रेक की शुरुआत से परमिट निलंबन तक खोज-बचाव श्रृंखला का फ्लोचार्ट — StudyForGS

2. देवभूमि परिवार पोर्टल व विकसित उत्तराखंड विज़न-2047 जारी

UTTARAKHANDUKPSC: प्रारंभिक + मुख्य (राजव्यवस्था व शासन — उत्तराखंड)
सिलेबस से संबंधउत्तराखंड में ई-गवर्नेंस व कल्याण वितरण; राज्य विकास नियोजन; राज्य योजनाओं पर प्रारंभिक बिंदु।
संदर्भमुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यसेवक सदन, देहरादून में देवभूमि परिवार पोर्टल शुरू किया और विकसित उत्तराखंड विज़न-2047 दस्तावेज़ जारी किया, ताकि कल्याणकारी लाभों की संतृप्ति हो सके।
मुख्य तथ्य
  • पोर्टल: पात्र परिवार राज्य कल्याणकारी योजनाएँ एक ही स्थान पर देख व प्राप्त कर सकेंगे।
  • बार-बार दस्तावेज़ जमा करने और कई विभागों के चक्कर से मुक्ति।
  • विज़न-2047 के लक्ष्य लगभग 440 संकेतकों पर आधारित।
  • राष्ट्रीय लक्ष्य विकसित भारत @2047 से संरेखित।
आगे की राहपोर्टल को आधार-आधारित पारिवारिक डेटा से जोड़ें, डेटा गोपनीयता सुनिश्चित करें और संकेतक-वार वार्षिक प्रगति रिपोर्ट प्रकाशित करें।
अवधारणासंतृप्ति दृष्टिकोण = हर पात्र लाभार्थी तक पहुँच; डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम, 2023 सहमति-आधारित डेटा उपयोग को नियंत्रित करता है।

3. पंचायत मानदेय बढ़ेगा; क्षेत्र पंचायतों की ₹25 लाख निधि बहाल

UTTARAKHANDUKPSC: प्रारंभिक + मुख्य (राजव्यवस्था व शासन — उत्तराखंड)
सिलेबस से संबंधउत्तराखंड में पंचायती राज; 73वाँ संशोधन; त्रिस्तरीय ढाँचे पर प्रारंभिक बिंदु।
संदर्भदेहरादून में उत्तराखंड प्रमुख संगठन के सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने क्षेत्र पंचायत प्रतिनिधियों का मानदेय बढ़ाने और बंद पड़ी ₹25 लाख विकास निधि बहाल करने की घोषणा की।
मुख्य तथ्य
  • राज्य में 13 ज़िला, 95 क्षेत्र और 7,813 ग्राम पंचायतें हैं।
  • वर्तमान मानदेय: प्रमुख ₹6,000/माह, ज़िला पंचायत अध्यक्ष ₹10,000, ग्राम प्रधान ₹3,500।
  • प्रमुखों को NRLM की ब्लॉक-स्तरीय समिति में शामिल किया जाएगा।
  • किसी गाँव को नगरीय निकाय में मिलाने से पहले ग्राम पंचायत से परामर्श होगा।
आगे की राहबढ़े मानदेय के साथ 3F — फंड, फंक्शन, फंक्शनरी — का हस्तांतरण तथा निधि उपयोग का सामाजिक अंकेक्षण।
अवधारणाभाग IX (अनु. 243-243O), 11वीं अनुसूची (29 विषय); उत्तराखंड में उत्तराखंड पंचायती राज अधिनियम, 2016 लागू; हरिद्वार में चुनाव अलग चक्र में होते हैं।
उत्तराखंड पंचायत पदाधिकारियों के वर्तमान मासिक मानदेय का बार चार्ट
उत्तराखंड पंचायत पदाधिकारियों के वर्तमान मासिक मानदेय का बार चार्ट — StudyForGS

4. हाईकोर्ट का हल्द्वानी स्थानांतरण: मुख्यमंत्री ने लामाचौड़ में वन भूमि माँगी

UTTARAKHANDUKPSC: प्रारंभिक + मुख्य (राजव्यवस्था, शासन व पर्यावरण — उत्तराखंड)
सिलेबस से संबंधराज्य न्यायपालिका (अनु. 214-231); वन भूमि अपवर्तन कानून; उत्तराखंड हाईकोर्ट, नैनीताल पर प्रारंभिक बिंदु।
संदर्भ3 नवंबर को मुख्यमंत्री धामी ने नई दिल्ली में केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव से भेंट कर स्थायी हाईकोर्ट परिसर हेतु लामाचौड़, हल्द्वानी में आरक्षित वन भूमि के हस्तांतरण व अपवर्तन की माँग की।
मुख्य तथ्य
  • वर्तमान परिसर चाइना पीक की तलहटी में है, जहाँ भूस्खलन जोखिम व पर्यटक भीड़ है।
  • लामाचौड़ में राष्ट्रीय राजमार्ग संपर्क उपलब्ध।
  • केंद्र ने सकारात्मक व सक्रिय कार्रवाई का आश्वासन दिया; समय-सीमा सर्वोच्च न्यायालय के आदेश से जुड़ी।
  • उत्तराखंड हाईकोर्ट की स्थापना 9 नवंबर 2000 को हुई।
आगे की राहप्रतिपूरक वनीकरण के साथ स्टेज-I/II वन स्वीकृति में तेज़ी, तथा नैनीताल सर्किट बेंच का विकल्प खुला रखना।
अवधारणावन भूमि अपवर्तन हेतु वन (संरक्षण एवं संवर्धन) अधिनियम, 1980 (2023 में नाम परिवर्तित) के तहत केंद्र की स्वीकृति आवश्यक; राशि CAMPA में जाती है।
उत्तराखंड का योजनाबद्ध ज़िला मानचित्र, जिसमें केदारताल, चारधाम, नैनीताल, हल्द्वानी, देहरादून और नंदा देवी अंकित हैं
उत्तराखंड का योजनाबद्ध ज़िला मानचित्र, जिसमें केदारताल, चारधाम, नैनीताल, हल्द्वानी, देहरादून और नंदा देवी अंकित हैं — StudyForGS

5. चारधाम के शीतकालीन कपाट बंद होने की तिथियाँ तय; यात्रा शीतकालीन गद्दीस्थलों की ओर

UTTARAKHANDUKPSC: प्रारंभिक + मुख्य (इतिहास व संस्कृति — उत्तराखंड)
सिलेबस से संबंधउत्तराखंड का धार्मिक पर्यटन व संस्कृति; पंच केदार; धाम, नदियाँ व शीतकालीन गद्दीस्थल (प्रारंभिक)।
संदर्भमंदिर समितियों ने 2026 कपाट बंद होने की तिथियाँ तय कर दी हैं। श्रद्धालुओं से अब देवताओं के शीतकालीन गद्दीस्थलों की शीतकालीन चारधाम यात्रा का आग्रह है, जिससे पहाड़ी आजीविका वर्षभर चलती है।
मुख्य तथ्य
  • गंगोत्री: 10 नवंबर (अन्नकूट) → शीतकालीन गद्दी मुखबा।
  • यमुनोत्री व केदारनाथ: 11 नवंबर (भैया दूज) → खरसाली और ओंकारेश्वर, ऊखीमठ।
  • बद्रीनाथ: 16 नवंबर → पांडुकेश्वर व नृसिंह मंदिर, ज्योतिर्मठ।
  • तुंगनाथ 6 नवंबर को बंद (शीतकालीन गद्दी मक्कूमठ); मद्महेश्वर 16 नवंबर।
आगे की राहहोमस्टे, सर्व-मौसम सड़कों और ग्रीष्मकाल जैसी धारण क्षमता-आधारित पंजीकरण व्यवस्था से शीतकालीन गद्दीस्थलों को बढ़ावा।
अवधारणाबद्रीनाथ (अलकनंदा, चमोली), केदारनाथ (मंदाकिनी, रुद्रप्रयाग), गंगोत्री व यमुनोत्री (उत्तरकाशी)। पंच केदार: केदारनाथ, मद्महेश्वर, तुंगनाथ, रुद्रनाथ, कल्पेश्वर।
चारधाम 2026 कपाट बंद तिथियाँ व शीतकालीन गद्दीस्थल दर्शाती स्टैट टाइल्स
चारधाम 2026 कपाट बंद तिथियाँ व शीतकालीन गद्दीस्थल दर्शाती स्टैट टाइल्स — StudyForGS

6. बायोस्फीयर रिज़र्व दिवस: नंदा देवी बायोस्फीयर रिज़र्व पर फोकस

ENVIRONMENTUKPSC: प्रारंभिक + मुख्य (पर्यावरण व पारिस्थितिकी — उत्तराखंड)
सिलेबस से संबंधउत्तराखंड के संरक्षित क्षेत्र; यूनेस्को MAB; कोर/बफ़र ज़ोन व विश्व धरोहर स्थल (प्रारंभिक)।
संदर्भ3 नवंबर को 5वाँ अंतरराष्ट्रीय बायोस्फीयर रिज़र्व दिवस मनाया गया। भारत में 18 बायोस्फीयर रिज़र्व हैं, जिनमें से 13 यूनेस्को विश्व नेटवर्क में हैं, उत्तराखंड का नंदा देवी भी इनमें शामिल है।
मुख्य तथ्य
  • यूनेस्को ने 2021 में घोषणा की, पहली बार 2022 में मनाया गया।
  • विश्व नेटवर्क: 145 देशों में 797 स्थल।
  • नंदा देवी BR: 1988 में अधिसूचित, यूनेस्को नेटवर्क 2004; चमोली, पिथौरागढ़, बागेश्वर में विस्तृत।
  • नंदा देवी NP व फूलों की घाटी NP — यूनेस्को विश्व धरोहर (1988/2005)।
आगे की राहBR बफ़र ज़ोन को GEP लेखांकन और सामुदायिक इको-टूरिज़्म से जोड़कर पलायन रोकना।
अवधारणाबायोस्फीयर रिज़र्व क्षेत्र: कोर (कड़ाई से संरक्षित), बफ़र (शोध, शिक्षा), संक्रमण (सतत उपयोग)। कार्यक्रम: मानव और जीवमंडल (1971)।

7. लिथियम व निकल प्रसंस्करण हेतु ₹2,800 करोड़ की योजना कैबिनेट के समक्ष

ECONOMYUKPSC: प्रारंभिक + मुख्य (भारतीय अर्थव्यवस्था व उद्योग)
सिलेबस से संबंधऔद्योगिक नीति, खनिज संसाधन, ऊर्जा संक्रमण; राष्ट्रीय क्रिटिकल मिनरल मिशन पर प्रारंभिक बिंदु।
संदर्भकेंद्रीय कैबिनेट 4 नवंबर को बैटरियों हेतु लिथियम व निकल अयस्कों को उच्च-शुद्धता यौगिकों में बदलने के लिए ₹2,800 करोड़ की पूंजीगत व्यय सहायता योजना पर विचार करने वाली थी।
मुख्य तथ्य
  • 4 संयंत्रों को 30% पूंजी सब्सिडी: 2 लिथियम (≥30 kt) और 2 निकल (≥50 kt)।
  • सीमा: प्रति लिथियम संयंत्र ₹500 करोड़, प्रति निकल संयंत्र ₹900 करोड़।
  • निकल प्रसंस्करण से उप-उत्पाद के रूप में कोबाल्ट प्राप्त होगा।
  • प्रसंस्करण पार्क आंध्र प्रदेश, ओडिशा, गुजरात, महाराष्ट्र में।
आगे की राहKABIL की विदेशी परिसंपत्तियों से अयस्क आपूर्ति सुनिश्चित करें और चक्रीय आपूर्ति श्रृंखला हेतु ₹1,500 करोड़ की पुनर्चक्रण योजना से जोड़ें।
अवधारणाराष्ट्रीय क्रिटिकल मिनरल मिशन (2025); भारत की सूची में 30 क्रिटिकल मिनरल; MMDR संशोधन 2023 से केंद्र को इनकी नीलामी का अधिकार मिला।
क्रिटिकल मिनरल्स प्रसंस्करण योजना की स्टैट टाइल्स: परिव्यय, सब्सिडी, संयंत्र व सीमा
क्रिटिकल मिनरल्स प्रसंस्करण योजना की स्टैट टाइल्स: परिव्यय, सब्सिडी, संयंत्र व सीमा — StudyForGS

8. भारत का COP31 एजेंडा: पूर्वानुमेय जलवायु वित्त, न्यायसंगत संक्रमण

ENVIRONMENTUKPSC: प्रारंभिक + मुख्य (पर्यावरण व अंतरराष्ट्रीय संबंध)
सिलेबस से संबंधजलवायु परिवर्तन वार्ताएँ; UNFCCC व पेरिस समझौता; हिमालयी राज्यों हेतु प्रासंगिकता (ग्लेशियर पिघलना, GLOF)।
संदर्भअंताल्या, तुर्किये (9-20 नवंबर) में COP31 से पहले पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि वैश्विक लक्ष्य राष्ट्रीय परिस्थितियों का सम्मान करें और ऐसे वित्त की माँग की जो कर्ज़ न बढ़ाए।
मुख्य तथ्य
  • पेरिस समझौते के अनुच्छेद 9.1 के तहत समर्पित क्लाइमेट फाइनेंस वर्क प्रोग्राम की माँग।
  • जस्ट ट्रांज़िशन वर्क प्रोग्राम जारी रखने और स्वैच्छिक ग्लोबल गोल ऑन एडैप्टेशन संकेतकों का समर्थन।
  • नए ऊपर-से-नीचे शमन लक्ष्यों और जीवाश्म ईंधन चरणबद्ध समाप्ति की भाषा का विरोध।
  • सिद्धांत: CBDR-RC।
आगे की राहपर्वतीय राज्यों हेतु अनुकूलन-वित्त खिड़की और हिमालयी GLOF पूर्व-चेतावनी सहयोग पर ज़ोर।
अवधारणाअनु. 9.1: विकसित देश विकासशील देशों को वित्त प्रदान करेंगे। COP29 (बाकू) ने NCQG 2035 तक $300 अरब/वर्ष तय किया।
COP31 में भारत की प्राथमिकताओं का माइंड-मैप
COP31 में भारत की प्राथमिकताओं का माइंड-मैप — StudyForGS

9. गंगा जल संधि समाप्ति के करीब; 'संरचित तंत्र' मौजूद: विदेश मंत्रालय

IRUKPSC: प्रारंभिक + मुख्य (अंतरराष्ट्रीय संबंध)
सिलेबस से संबंधभारत-पड़ोसी संबंध; सीमापार नदियाँ; फरक्का बैराज पर प्रारंभिक बिंदु।
संदर्भविदेश मंत्रालय ने कहा कि बांग्लादेश के साथ 1996 की गंगा जल संधि के लिए संरचित तंत्र मौजूद है; संधि 12 दिसंबर 2026 को समाप्त हो रही है। भारत ने अंतरिम नेता मुहम्मद यूनुस को नई दिल्ली आमंत्रित किया है।
मुख्य तथ्य
  • 12 दिसंबर 1996 को 30 वर्षों के लिए हस्ताक्षरित; फरक्का पर शुष्क मौसम (1 जनवरी-31 मई) प्रवाह का बँटवारा।
  • द्विपक्षीय मंच: संयुक्त नदी आयोग (1972)।
  • ढाका अल्पकालिक स्वतः नवीनीकरण की अपेक्षा करता है; भारत ने पुष्टि नहीं की।
  • तीस्ता जल बँटवारा अभी लंबित।
आगे की राहजलवायु-समायोजित प्रवाह सूत्र और संयुक्त बेसिन डेटा साझाकरण के साथ नवीनीकरण।
अवधारणागंगा गौमुख (गंगोत्री ग्लेशियर) से भागीरथी के रूप में निकलती है और देवप्रयाग में अलकनंदा से मिलकर गंगा बनती है।

10. CCS ने नौसेना के लिए 8 नेक्स्ट जेनरेशन कार्वेट को मंज़ूरी दी

DEFENCEUKPSC: प्रारंभिक + मुख्य (सुरक्षा व रक्षा)
सिलेबस से संबंधरक्षा स्वदेशीकरण, समुद्री सुरक्षा; DPSU शिपयार्ड पर प्रारंभिक बिंदु।
संदर्भसुरक्षा मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने 8 नेक्स्ट जेनरेशन कार्वेट हेतु ₹40,000 करोड़ से अधिक की परियोजना को मंज़ूरी दी, जिनका निर्माण GRSE (कोलकाता) और गोवा शिपयार्ड लि. करेंगे; अनुबंध आगे होंगे।
मुख्य तथ्य
  • भूमिकाएँ: निगरानी, एस्कॉर्ट, सतही कार्रवाई, पनडुब्बी-रोधी खोज व आक्रमण, तटीय रक्षा।
  • प्रत्येक लगभग 2,000 टन, गति लगभग 30 नॉट।
  • पहला पोत 2030 तक लक्षित।
  • राजनाथ सिंह: आत्मनिर्भरता के लिए तकनीकी संप्रभुता आवश्यक।
आगे की राहहल निर्माण से आगे स्वदेशी सामग्री बढ़ाने हेतु प्रणोदन व सेंसरों का स्वदेशीकरण।
अवधारणाCCS की अध्यक्षता प्रधानमंत्री करते हैं; खरीद DAP 2020 के तहत (AoN DAC देती है, अध्यक्ष रक्षा मंत्री)।

11. किश्तवाड़ में 183वीं भूकंपीय वेधशाला; 100 और प्रस्तावित

SCI-TECHUKPSC: प्रारंभिक + मुख्य (विज्ञान-प्रौद्योगिकी व आपदा प्रबंधन)
सिलेबस से संबंधहिमालय में भूकंप निगरानी; अत्यधिक भूकंपीय उत्तराखंड हेतु प्रासंगिकता।
संदर्भपृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने किश्तवाड़ (J&K) में भारत की 183वीं भूकंपीय वेधशाला का उद्घाटन किया, जो राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र को रियल-टाइम डेटा भेजेगी।
मुख्य तथ्य
  • MoES की 100 और वेधशालाओं की योजना।
  • पहचान क्षमता M 3+ से बढ़कर M 2.5+ होगी।
  • 2027 तक J&K में 4 डॉप्लर मौसम रडार।
  • भूकंप ऐप से अलर्ट।
आगे की राहउत्तराखंड के सेंट्रल सीस्मिक गैप में नेटवर्क सघन करें और भूकंप पूर्व-चेतावनी सायरन से जोड़ें।
अवधारणासंशोधित BIS भूकंपीय क्षेत्रीकरण (2025) हिमालयी चाप को नए ज़ोन VI में रखता है; उत्तराखंड का अपना भूकंप पूर्व-चेतावनी (भूदेव) ऐप है।

आज का डेटा पॉइंट

₹2.6 lakh → ₹7.25 lakh (+178.2%)
शिक्षा ऋण: प्रति खाता औसत बकाया (जून 2016 → जून 2026)
RBI आँकड़े: खाते 15.2% घटे (25.76 लाख → 21.84 लाख) जबकि बकाया ऋण ₹67,175 करोड़ से बढ़कर ₹1,58,468 करोड़ हुआ; बैंक ऋण में हिस्सा 0.93% → 0.74% घटा — कम लेकिन महंगे ऋण।

प्रारंभिक परीक्षा रैपिड-फायर

उत्तराखंड पुलिस को 6 नवंबर को देहरादून में अमित शाह द्वारा राष्ट्रपति पुलिस कलर — ऐसा सम्मान पाने वाला 16वाँ राज्य बल।
पंतनगर हवाई अड्डा (ऊधम सिंह नगर) अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के रूप में उन्नत हो रहा है।
IndiaAI मिशन ने स्वदेशी फ़ाउंडेशन मॉडल EKA-1 और धीर 2B / 5B जारी किए।
CBD COP17 (येरेवान, आर्मेनिया) ने कुनमिंग-मॉन्ट्रियल GBF हेतु येरेवान पाथवे अपनाया; COP18 क्विटो, 2028 में।
पी.वी. सिंधु और लक्ष्य सेन ने हाइलो ओपन 2026 (BWF सुपर 500, ज़ारब्रुकन) जीता।
भारतीय वायुयान नियम, 2026 1 जनवरी 2027 से विमान नियम, 1937 का स्थान लेंगे।

अभ्यास MCQs — UKPSC Prelims पैटर्न

Q1. निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए (चारधाम – शीतकालीन गद्दीस्थल): 1. गंगोत्री – मुखबा 2. केदारनाथ – ऊखीमठ 3. यमुनोत्री – खरसाली 4. बद्रीनाथ – मक्कूमठ उपर्युक्त में से कितने युग्म सही सुमेलित हैं?

  1. केवल एक
  2. केवल दो
  3. केवल तीन
  4. चारों
उत्तर देखें
उत्तर: C
बद्रीनाथ के शीतकालीन गद्दीस्थल पांडुकेश्वर और नृसिंह मंदिर, ज्योतिर्मठ हैं; मक्कूमठ तुंगनाथ का शीतकालीन गद्दीस्थल है।

Q2. गंगा जल संधि के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इस पर भारत और बांग्लादेश ने 1996 में 30 वर्षों के लिए हस्ताक्षर किए। 2. यह शुष्क मौसम में फरक्का बैराज पर प्रवाह के बँटवारे को नियंत्रित करती है। 3. तीस्ता नदी भी इसी संधि के अंतर्गत आती है। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?

  1. केवल 1 और 2
  2. केवल 2 और 3
  3. केवल 1 और 3
  4. 1, 2 और 3
उत्तर देखें
उत्तर: A
तीस्ता जल बँटवारा एक अलग, लंबित मुद्दा है; संधि केवल फरक्का पर गंगा (शुष्क मौसम 1 जनवरी-31 मई) को कवर करती है।

मुख्य परीक्षा अभ्यास प्रश्न

Q. उत्तराखंड में बार-बार होने वाली उच्च हिमालयी ट्रेकिंग दुर्घटनाएँ साहसिक पर्यटन नियमन की कमियाँ उजागर करती हैं। चुनौतियों की चर्चा कीजिए तथा सुरक्षा व आजीविका में संतुलन वाला ढाँचा सुझाइए। (मुख्य परीक्षा, 125 शब्द)

संकेत / दृष्टिकोण
भूमिका: केदारताल 2026, पूर्व में सहस्रताल 2024। मुख्य भाग: मौसम की अस्थिरता, बिना लाइसेंस ऑपरेटर, कमज़ोर ट्रैकिंग, 4,000 मी से ऊपर बचाव की सीमाएँ। समाधान: मौसम-आधारित परमिट, ऑपरेटर लाइसेंसिंग, GPS बीकन, SDRF/NIM प्रशिक्षण, बीमा; निष्कर्ष में सतत पर्यटन व पलायन में कमी।
📌 एक पंक्ति में रिवीज़न: केदारताल (4,912 मी) त्रासदी → 4,000 मी से ऊपर ट्रेक निलंबित; देवभूमि परिवार पोर्टल + विज़न-2047 (440 संकेतक); हाईकोर्ट लामाचौड़, हल्द्वानी; बद्रीनाथ 16 नवंबर को बंद; ₹2,800 करोड़ Li-Ni योजना; COP31 अंताल्या 9-20 नवंबर; गंगा संधि 12 दिसंबर 2026 को समाप्त।
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