उत्तराखंड का ₹1.11 लाख करोड़ का युवा-केंद्रित बजट, चार धाम में रिकॉर्ड 37 लाख श्रद्धालु और नैनीताल हाईकोर्ट में UCC को नई चुनौती आज सुर्खियों में; राष्ट्रीय स्तर पर लद्दाख के लिए प्रस्तावित अनुच्छेद 371(K) और ₹20,804 करोड़ की रेल मल्टीट्रैकिंग प्रमुख रहीं।
Thursday, 10 September 2026 · IST · उत्तराखंड + राष्ट्रीय · 9 टॉपिक · 2 MCQs
उत्तराखंड ने मुफ्त कोचिंग वाली नई युवा भविष्य निर्माण योजना से युवा कल्याण को बढ़ावा दिया, जबकि पाँच जिलों के भारी-बारिश अलर्ट ने आपदा तंत्र को सतर्क रखा और चार धाम यात्रा ने रिकॉर्ड 37 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्ज किए। समान नागरिक संहिता (UCC) फिर नैनीताल हाईकोर्ट पहुँची, और ₹1,11,703 करोड़ का राज्य बजट GYAN मॉडल पर केंद्रित रहा। राष्ट्रीय स्तर पर, केंद्र ने लद्दाख के लिए अनुच्छेद 371(K) सुरक्षा प्रस्तावित की, कैबिनेट ने ₹20,804 करोड़ की रेल मल्टीट्रैकिंग को मंजूरी दी, और DRDO ने SHIELD डायरेक्टेड-एनर्जी कार्यक्रम शुरू किया।
आज एक नज़र में — याद रखने वाली बातें
उत्तराखंड ने युवा भविष्य निर्माण योजना शुरू की — मुफ्त परीक्षा कोचिंग (चरण 1: 11,000)।
GEP — उत्तराखंड का ग्रीन-GDP सूचकांक फिर चर्चा में।
केंद्र ने लद्दाख के लिए अनुच्छेद 371(K) सुरक्षा प्रस्तावित की।
कैबिनेट ने 8 रेल मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं (₹20,804 करोड़) को मंजूरी दी।
DRDO ने SHIELD डायरेक्टेड-एनर्जी कार्यक्रम शुरू किया।
PM-KUSUM 2.0 में एग्रीवोल्टाइक्स घटक जुड़ेगा।
विस्तृत नोट्स
1. उत्तराखंड ने युवा भविष्य निर्माण योजना शुरू की — युवाओं के लिए मुफ्त परीक्षा कोचिंग
UTTARAKHANDUKPSC: Prelims + Mains (राजव्यवस्था, शासन एवं सामाजिक न्याय)
सिलेबस से संबंध
UKPSC GS — शासन एवं सामाजिक न्याय; राज्य कल्याण योजनाएँ (एक मजबूत उत्तराखंड-विशिष्ट Prelims क्षेत्र)।
संदर्भ
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना को मंजूरी दी, जो राज्य के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग देगी; औपचारिक शुभारंभ जल्द होगा।
मुख्य तथ्य
UPSC/PSC, SSC, बैंकिंग, रेलवे, CDS रक्षा और CAT/GATE/NET अभ्यर्थियों के लिए घर से मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग।
चरण 1 में 11,000 छात्र — राज्य विश्वविद्यालयों व सरकारी/सहायता-प्राप्त कॉलेजों के।
दूरस्थ, पहाड़ी और आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को कोचिंग-पहुँच का अंतर पाटने हेतु लक्षित।
बजट के युवा (Yuva) फोकस के अनुरूप, GYAN मॉडल के तहत।
आगे की राह
डिजिटल माध्यम परीक्षा तैयारी को सर्वसुलभ बना सकता है, पर इसके लिए अच्छे मेंटर, पहाड़ी क्षेत्रों में कनेक्टिविटी और नियमित कंटेंट अपडेट जरूरी हैं।
अवधारणा
GYAN मॉडल = गरीब, युवा, अन्नदाता, नारी — उत्तराखंड बजट 2026-27 के चार फोकस समूह।
युवा भविष्य निर्माण योजना का स्तंभ आरेख — UPSC/PSC, SSC व बैंकिंग, रक्षा और CAT/GATE/NET के लिए मुफ्त कोचिंग, चरण-1 में 11,000 छात्र। — StudyForGS
2. पाँच पहाड़ी जिलों में भारी-बारिश अलर्ट; आपदा तंत्र सतर्क
ENVIRONMENTUKPSC: Prelims + Mains (भूगोल एवं आपदा प्रबंधन — उत्तराखंड)
सिलेबस से संबंध
UKPSC GS — उत्तराखंड का भौतिक भूगोल; हिमालयी आपदाएँ; SDMA एवं आपदा प्रबंधन।
संदर्भ
मौसम विभाग ने 10–14 सितंबर के दौरान छिटपुट स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी, जिससे मानसून के अंतिम चरण में आपदा-प्रतिक्रिया तंत्र सक्रिय बना रहा।
मुख्य तथ्य
अलर्ट वाले जिले: देहरादून, टिहरी, नैनीताल, बागेश्वर और पिथौरागढ़।
14 सितंबर तक सभी जिलों में आँधी-तूफान और तेज हवा की चेतावनी।
मानसूनी खतरे: भूस्खलन, फ्लैश फ्लड, बादल फटना और पहाड़ी मार्गों पर अवरोध।
गंभीर दौर में चार धाम यात्रा रोकी या मार्ग बदली जा सकती है।
आगे की राह
पूर्व-चेतावनी का प्रसार, ढलान स्थिरीकरण और पर्यावरण-संवेदनशील क्षेत्रों में सख्त भवन मानक बार-बार होने वाली मानसूनी क्षति को घटाते हैं।
अवधारणा
उत्तराखंड भूकंपीय क्षेत्र IV व V में आता है और अत्यधिक भूस्खलन-प्रवण है; USDMA राज्य प्रतिक्रिया का समन्वय करता है; GLOF = हिमनद झील विस्फोट बाढ़।
उत्तराखंड की आपदा-प्रबंधन प्रतिक्रिया श्रृंखला का फ्लोचार्ट: IMD अलर्ट → SDMA/SEOC → DDMA → SDRF/NDRF → चार धाम यात्रा नियमन। — StudyForGS
3. चार धाम यात्रा 2026 में रिकॉर्ड भीड़ — 61 दिनों में 37 लाख+ श्रद्धालु
UTTARAKHANDUKPSC: Prelims + Mains (भूगोल एवं अर्थव्यवस्था — उत्तराखंड)
सिलेबस से संबंध
UKPSC GS — उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था; तीर्थाटन एवं पर्यटन; वहन क्षमता।
संदर्भ
चार धाम यात्रा में रिकॉर्ड उपस्थिति दर्ज हुई — पहले 61 दिनों में 37 लाख से अधिक श्रद्धालु और युवाओं की बढ़ती हिस्सेदारी आध्यात्मिक पर्यटन को गति दे रही है।
मुख्य तथ्य
चार धाम = यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ; केदारनाथ सर्वाधिक पसंद।
61 दिनों में 37 लाख+ श्रद्धालु महामारी-बाद की मजबूत धार्मिक-पर्यटन माँग दर्शाते हैं।
भीड़ व सुरक्षा प्रबंधन हेतु ऑनलाइन पंजीकरण अनिवार्य।
पर्यटन पहाड़ी अर्थव्यवस्था और रोजगार का मुख्य आधार है।
आगे की राह
नाजुक हिमालयी वहन क्षमता के साथ श्रद्धालु-भार का संतुलन बनाने हेतु चरणबद्ध पंजीकरण, बेहतर परिवहन और कचरा प्रबंधन आवश्यक हैं।
अवधारणा
वहन क्षमता = वह अधिकतम पर्यटक भार जिसे कोई पारिस्थितिकी तंत्र बिना क्षरण सह सके — पर्यावरण-संवेदनशील हिमालयी तीर्थों के लिए अहम।
चार धाम यात्रा 2026 की स्टैट-टाइल पंक्ति: 61 दिनों में 37 लाख+ श्रद्धालु, चार धाम, सर्वाधिक पसंद केदारनाथ, युवाओं की बढ़ती हिस्सेदारी, अनिवार्य ऑनलाइन पंजीकरण। — StudyForGS
4. नैनीताल हाईकोर्ट में UCC को नई कानूनी चुनौती
POLITYUKPSC: Prelims + Mains (भारतीय राजव्यवस्था एवं संविधान)
सिलेबस से संबंध
UKPSC GS — संविधान एवं मौलिक अधिकार; उत्तराखंड की समान नागरिक संहिता।
संदर्भ
उत्तराखंड हाईकोर्ट में याचिकाएँ समान नागरिक संहिता (UCC) — भारत की पहली राज्य UCC — को चुनौती दे रही हैं, और इसी माह इसकी संवैधानिक वैधता पर सुनवाई जारी है।
मुख्य तथ्य
उत्तराखंड UCC लागू करने वाला पहला राज्य है (27 जनवरी 2025 से प्रभावी; संशोधन अध्यादेश 2026 ने नियम जोड़े)।
PIL का तर्क है कि यह कानून अनुच्छेद 14, 15, 19 व 21 और निजता का उल्लंघन करता है।
UCC में विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और लिव-इन पंजीकरण शामिल; अनुसूचित जनजातियाँ बाहर हैं।
अनुच्छेद 44 (DPSP) नागरिकों हेतु समान नागरिक संहिता का आग्रह करता है।
आगे की राह
अदालतें लैंगिक-न्याय के लाभ और स्वतंत्रता व निजता के बीच संतुलन तौलेंगी, जो अन्य राज्यों के अपने कोड के स्वरूप को दिशा देगा।
अवधारणा
अनुच्छेद 44 एक नीति-निदेशक तत्व है (गैर-न्यायोचित): राज्य समान नागरिक संहिता सुरक्षित करने का प्रयास करेगा।
5. हरित लेखांकन: उत्तराखंड का सकल पर्यावरण उत्पाद (GEP) फिर चर्चा में
ENVIRONMENTUKPSC: Prelims + Mains (पर्यावरण एवं अर्थव्यवस्था — उत्तराखंड)
सिलेबस से संबंध
UKPSC GS — पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी; हिमालयी संरक्षण; ग्रीन GDP।
संदर्भ
जब मानसूनी खतरे स्वस्थ पारिस्थितिकी तंत्रों का महत्व रेखांकित कर रहे हैं, उत्तराखंड का अग्रणी सकल पर्यावरण उत्पाद (GEP) ढाँचा प्रकृति के मूल्यांकन के मॉडल के रूप में फिर ध्यान में है।
मुख्य तथ्य
उत्तराखंड GEP (ग्रीन GDP) सूचकांक शुरू करने वाला पहला भारतीय राज्य है।
GEP चार पारिस्थितिक सेवाओं का मूल्यांकन करता है: वायु, जल, मृदा और वन।
इसका लक्ष्य GSDP वृद्धि के साथ प्रकृति के योगदान को मापना है।
यह संरक्षित क्षेत्रों का पूरक है: कॉर्बेट, राजाजी, नंदा देवी, फूलों की घाटी, गंगोत्री।
आगे की राह
GEP को बजट और हरित-बोनस हस्तांतरण से जोड़ने पर पहाड़ी राज्यों को संरक्षण का पुरस्कार मिल सकता है और पलायन पर अंकुश लग सकता है।
अवधारणा
GEP / ग्रीन GDP पारिस्थितिक मूल्य को आंतरिक करता है और GSDP का पूरक है — एक 'पारिस्थितिकी-तंत्र सेवाएँ' मूल्यांकन।
उत्तराखंड की हिमालयी पारिस्थितिकी एवं हरित पहलों का माइंड-मैप, केंद्र में GEP, तथा वायु, जल, वन, मृदा, वन्यजीव और ग्रीन GDP के नोड। — StudyForGS
6. केंद्र ने लद्दाख के लिए विशेष 'अनुच्छेद 371(K)' सुरक्षा प्रस्तावित की
POLITYUKPSC: Prelims + Mains (भारतीय राजव्यवस्था एवं संघवाद)
सिलेबस से संबंध
GS — संविधान; विशेष प्रावधान; केंद्र–UT संबंध।
संदर्भ
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्य का दर्जा/छठी अनुसूची की माँगों के बीच लद्दाख को भूमि, नौकरी और संस्कृति पर संवैधानिक सुरक्षा देने हेतु एक अनुकूलित अनुच्छेद 371-प्रकार का ढाँचा प्रस्तुत किया।
मुख्य तथ्य
प्रस्तावित 'अनुच्छेद 371(K)' लद्दाख को विशेष सुरक्षा और संभावित विधायी निकाय देगा।
अनुच्छेद 370 के 2019 में निष्प्रभावी होने के बाद लद्दाख बिना विधानसभा वाला UT बना।
माँगों में छठी अनुसूची का दर्जा, राज्य का दर्जा और नौकरी/भूमि सुरक्षा शामिल हैं।
अनुच्छेद 371 पहले से नागालैंड, मिजोरम और सिक्किम जैसे राज्यों को विशेष प्रावधान देता है।
आगे की राह
एक संवैधानिक गारंटी शीत मरुस्थल में पारिस्थितिक नाजुकता, जनजातीय पहचान और स्थानीय आकांक्षाओं में संतुलन बना सकती है।
अवधारणा
छठी अनुसूची (अनुच्छेद 244) — असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम के जनजातीय क्षेत्रों हेतु स्वायत्त जिला परिषदें।
7. कैबिनेट ने ₹20,804 करोड़ की 8 रेल मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी दी
ECONOMYUKPSC: Prelims + Mains (अर्थव्यवस्था एवं अवसंरचना)
सिलेबस से संबंध
GS — अवसंरचना; परिवहन; PM गति शक्ति।
संदर्भ
केंद्रीय कैबिनेट ने माल एवं यात्री क्षमता बढ़ाने और लॉजिस्टिक्स लागत घटाने हेतु नौ राज्यों में आठ रेल मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी दी।
मुख्य तथ्य
कुल परिव्यय ₹20,804 करोड़, नौ राज्यों में फैला।
मल्टीट्रैकिंग व्यस्त मार्गों की भीड़भाड़ घटाने हेतु समानांतर लाइनें जोड़ती है।
PM गति शक्ति और राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नीति का समर्थन करती है।
रेल की माल हिस्सेदारी बढ़ाने और उत्सर्जन घटाने का लक्ष्य।
आगे की राह
तीव्र क्षमता वृद्धि के साथ अंतिम-मील कनेक्टिविटी और सड़क से रेल की ओर मोडल शिफ्ट जरूरी है।
अवधारणा
PM गति शक्ति — लॉजिस्टिक्स दक्षता हेतु एकीकृत बहुविध अवसंरचना मास्टर-प्लान।
डोनट चार्ट जो नौ राज्यों में कुल ₹20,804 करोड़ की आठ रेल मल्टीट्रैकिंग परियोजनाएँ दर्शाता है। — StudyForGS
8. भारत का रक्षा अभियान: DRDO का SHIELD डायरेक्टेड-एनर्जी कार्यक्रम और संयुक्त अभ्यास
DEFENCEUKPSC: Prelims + Mains (विज्ञान-तकनीक, रक्षा एवं सुरक्षा)
सिलेबस से संबंध
GS — रक्षा; स्वदेशीकरण; विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी।
संदर्भ
DRDO ने हाई-पावर माइक्रोवेव और डायरेक्टेड-एनर्जी हथियारों के परीक्षण हेतु SHIELD शुरू किया, जबकि इसी माह भारत अमेरिका और जापान के साथ बड़े अभ्यास कर रहा है।
मुख्य तथ्य
SHIELD = हाई-पावर माइक्रोवेव व डायरेक्टेड-एनर्जी (एंटी-ड्रोन) तकनीक परीक्षण कार्यक्रम।
22वाँ भारत–अमेरिका 'युद्ध अभ्यास'9–28 सितंबर तक।
भारत–जापान 'वीर गार्जियन 2026' वायु अभ्यास जोधपुर में (तेजस, सुखोई-30, राफेल बनाम F-2A)।
सेना की AASHVAST लैब ड्रोन में चीनी कलपुर्जों का पता लगाएगी।
आगे की राह
डायरेक्टेड-एनर्जी और काउंटर-ड्रोन क्षमता भविष्य के युद्ध और रक्षा में आत्मनिर्भरता के केंद्र में है।
अवधारणा
डायरेक्टेड-एनर्जी वेपन्स (DEW) प्रक्षेप्य के बजाय केंद्रित ऊर्जा (माइक्रोवेव/लेज़र) का प्रयोग करते हैं — बहुत कम लागत-प्रति-शॉट।
भारत के सितंबर 2026 रक्षा अभ्यासों की स्टैट-टाइल्स: युद्ध अभ्यास, वीर गार्जियन 2026, DRDO SHIELD और सेना की AASHVAST लैब। — StudyForGS
9. PM-KUSUM 2.0 में एग्रीवोल्टाइक्स घटक की तैयारी
ENVIRONMENTUKPSC: Prelims + Mains (अर्थव्यवस्था, कृषि एवं पर्यावरण)
सिलेबस से संबंध
GS — नवीकरणीय ऊर्जा; कृषि; केंद्रीय योजनाएँ।
संदर्भ
सरकार ने PM-KUSUM के दूसरे चरण का संकेत दिया, जिसमें एक समर्पित एग्रीवोल्टाइक्स घटक होगा जो एक ही भूमि पर खेती और सौर उत्पादन को जोड़ता है।
मुख्य तथ्य
PM-KUSUM (2019) किसानों हेतु सोलर पंप और ग्रिड-कनेक्टेड सौर को बढ़ावा देती है।
किसान आय, ऊर्जा सुरक्षा और स्वच्छ-ऊर्जा लक्ष्यों को बढ़ावा।
भारत के 2030 तक 500 GW गैर-जीवाश्म क्षमता लक्ष्य का समर्थन।
आगे की राह
एग्रीवोल्टाइक्स भूमि-बनाम-ऊर्जा के टकराव को कम कर सकता है, पर इसके लिए फसल-उपयुक्तता अध्ययन और व्यवहार्य टैरिफ जरूरी हैं।
अवधारणा
एग्रीवोल्टाइक्स = भूमि का एक साथ सौर PV और कृषि के लिए उपयोग, जिससे भूमि-उपयोग दक्षता बढ़ती है।
आज का डेटा पॉइंट
₹1,11,703 crore
उत्तराखंड बजट 2026-27 परिव्यय पूँजीगत व्यय ₹46,714 करोड़ • जेंडर बजट ₹19,692 करोड़ • ~10% वार्षिक वृद्धि • GYAN मॉडल पर आधारित।
प्रारंभिक परीक्षा रैपिड-फायर
शीतल देवी ने वर्ल्ड आर्चरी पैरा सीरीज़ (अहमदाबाद) में कंपाउंड स्वर्ण जीता; भारत कुल दूसरे स्थान पर।
उत्तराखंड का GYAN मॉडल लक्षित करता है गरीब, युवा, अन्नदाता, नारी।
PM-SETU ने 3 नए ITI क्लस्टर (भिवाड़ी, मेडचल, मेरठ) हेतु ₹735.7 करोड़ मंजूर किए।
नई लाइकेन प्रजाति Buellia maharajensisमथिकेट्टन शोला NP, केरल में मिली।
चार धाम = यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ, बद्रीनाथ (उत्तराखंड)।
डॉ विनय प्रकाश सिंह पुनः APPU महासचिव चुने गए (2027–30)।
GalaxEye (भारत) ने OptoSAR हेतु US पेटेंट जीता — ऑप्टिकल + SAR का मेल, हर-मौसम इमेजिंग।
अभ्यास MCQs — UKPSC Prelims पैटर्न
Q1. उत्तराखंड की समान नागरिक संहिता (UCC) के बारे में विचार कीजिए: (1) UCC लागू करने वाला उत्तराखंड पहला राज्य था। (2) यह लिव-इन संबंधों के पंजीकरण का प्रावधान करती है। (3) अनुसूचित जनजातियाँ इसके दायरे से बाहर हैं। उपर्युक्त में से कौन-से सही हैं?
केवल 1 और 2
केवल 2 और 3
केवल 1 और 3
1, 2 और 3
उत्तर देखें
उत्तर: D तीनों सही हैं। UCC (27 जनवरी 2025 से प्रभावी) भारत की पहली राज्य UCC है; यह लिव-इन पंजीकरण अनिवार्य करती है और अनुसूचित जनजातियों को छूट देती है।
Q2. सकल पर्यावरण उत्पाद (GEP) सूचकांक, जिसे किसी भारतीय राज्य ने सर्वप्रथम शुरू किया, निम्न में से किन पारिस्थितिक सेवाओं का मूल्यांकन करता है?
केवल वायु और जल
वायु, जल, मृदा और वन
केवल वन आवरण
केवल कार्बन क्रेडिट
उत्तर देखें
उत्तर: B उत्तराखंड का GEP चार सेवाओं — वायु, जल, मृदा और वन — का मूल्यांकन ग्रीन-GDP शैली के माप के रूप में करता है।
मुख्य परीक्षा अभ्यास प्रश्न
Q. चार धाम मार्ग पर श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या धार्मिक पर्यटन और हिमालयी पारिस्थितिक नाजुकता के बीच तनाव को उजागर करती है। वहन क्षमता और आपदा प्रबंधन के संदर्भ में चर्चा कीजिए। (250 शब्द)
संकेत / दृष्टिकोण
रिकॉर्ड श्रद्धालु संख्या, वहन क्षमता, मानसूनी खतरे (भूस्खलन/GLOF), SDMA उपाय, और चरणबद्ध पंजीकरण व कचरा प्रबंधन जैसे सतत-पर्यटन कदमों को शामिल करें।
📌 एक पंक्ति में रिवीज़न: आज याद रखें: ₹1.11 लाख करोड़ उत्तराखंड बजट (GYAN) • 5-जिला बारिश अलर्ट • 37 लाख चार धाम श्रद्धालु • लद्दाख हेतु अनुच्छेद 371(K) • ₹20,804 करोड़ रेल मल्टीट्रैकिंग • DRDO SHIELD।