अलकनंदा बेसिन में 219 लटकते ग्लेशियर — बढ़ता GLOF खतरा; RBI ने रेपो दर 5.25% पर स्थिर रखी, FY27 वृद्धि 6.7%; ISRO के GSLV-F17 ने EOS-05 प्रक्षेपित किया।
Monday, 7 September 2026 · IST · उत्तराखंड + राष्ट्रीय · 10 टॉपिक · 2 MCQs
आज के अंक में उत्तराखंड प्रमुख है — अलकनंदा बेसिन में 219 लटकते ग्लेशियरों का अध्ययन और मानसून-जनित भूस्खलन चेतावनियाँ, साथ ही राज्य का GEP हरित-लेखांकन और UCC क्रियान्वयन। राष्ट्रीय स्तर पर, RBI ने रेपो दर 5.25% पर रखी और FY27 वृद्धि 6.7% की, GDP आधार वर्ष 2022-23 हुआ, और ISRO के GSLV-F17 ने EOS-05 उपग्रह सफलतापूर्वक प्रक्षेपित किया।
एक हालिया वैज्ञानिक अध्ययन ने गढ़वाल हिमालय के अलकनंदा बेसिन में 219 लटकते ग्लेशियर चिह्नित किए हैं, और चेताया कि पिघलता पर्माफ्रॉस्ट खड़ी चट्टानों से जुड़ी बर्फ को ढीला कर रहा है, जिससे हिम-शिला हिमस्खलन व हिमनद झील विस्फोट बाढ़ (GLOF) का खतरा बढ़ रहा है।
मुख्य तथ्य
कुल ग्लेशियर क्षेत्र 71.7 वर्ग किमी; बर्फ आयतन 2.39 घन किमी; एक-तिहाई अस्थिर बर्फ बद्रीनाथ–माणा क्षेत्र में।
जोखिम वाली इमारतें 2030 तक 120% बढ़ने का अनुमान (2000 की तुलना में); संवेदनशील क्षेत्रों की आबादी 17% बढ़ी।
फरवरी 2021 चमोली आपदा (ऋषिगंगा घाटी) की याद, जिसमें बिना निगरानी 200+ की मृत्यु हुई।
NH-7 (बद्रीनाथ राजमार्ग) व तीर्थ स्थल बद्रीनाथ, केदारनाथ, जोशीमठ जोखिम क्षेत्र में।
GLOF पूर्व-चेतावनी सेंसर लगाएँ, पर्यावरण-संवेदनशील क्षेत्रों में निर्माण सीमित करें, और निगरानी-आधारित निकासी मॉडल अपनाएँ (जैसे ब्लैटन, स्विट्ज़रलैंड, 2025)।
अवधारणा
GLOF: हिमनद झील से जल का अचानक निकलना। पर्माफ्रॉस्ट: स्थायी रूप से जमी भूमि जो पर्वतीय बर्फ को 'फ्रीज़-गोंद' की तरह थामे रखती है।
स्टैट टाइल्स: 219 लटकते ग्लेशियर, 71.7 वर्ग किमी क्षेत्र, 2.39 घन किमी बर्फ, 2030 तक +120% इमारतें जोखिम में। — StudyForGS
2. मानसून के प्रकोप से भूस्खलन, उत्तराखंड हाई अलर्ट पर; SDRF सक्रिय
UTTARAKHANDUKPSC: Prelims + Mains (आपदा प्रबंधन व शासन — उत्तराखंड)
सिलेबस से संबंध
उत्तराखंड में आपदा प्रबंधन; चार धाम मार्ग प्रबंधन; SDRF/USDMA की भूमिका।
संदर्भ
तीव्र मानसूनी दौर ने पर्वतीय ज़िलों में बादल फटने, अचानक बाढ़ व भूस्खलन ला दिए हैं, चार धाम मार्ग अवरुद्ध हुए और रेड/ऑरेंज अलर्ट जारी हुए; राज्य ने पूर्व-चेतावनी से राहत तक आपदा-प्रतिक्रिया शृंखला सक्रिय की।
मुख्य तथ्य
कई पर्वतीय ज़िलों में IMD रेड अलर्ट; स्कूल बंद, तीर्थयात्री आवाजाही नियंत्रित।
SDRF, NDRF व ज़िला प्रशासन तैनात; SACHET अलर्ट व कंट्रोल रूम सक्रिय।
ऋषिकेश–बद्रीनाथ (NH-7) व सोनप्रयाग–केदारनाथ मार्ग बार-बार भूस्खलन से अवरुद्ध।
2026 की भारी वर्षा-हानि के बाद राज्य 'आपदा-सहनशील' चार धाम यात्रा मॉडल पर ज़ोर।
आगे की राह
राजमार्गों पर ढलान-स्थिरीकरण मज़बूत करें, डॉपलर-रडार व GLOF-सेंसर कवरेज बढ़ाएँ, और यात्रा पर वहन-क्षमता सीमाएँ लागू करें।
अवधारणा
USDMA: उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण। SDRF: राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल, पर्वतीय आपात स्थिति में पहला प्रत्युत्तरकर्ता।
फ्लोचार्ट: IMD/USDMA पूर्व-चेतावनी → ज़िला रेड/ऑरेंज अलर्ट → SDRF/NDRF तैनाती → निकासी व बचाव → राहत व पुनर्वास। — StudyForGS
3. सकल पर्यावरण उत्पाद (GEP): उत्तराखंड का हरित-लेखांकन मॉडल चर्चा में
ENVIRONMENTUKPSC: Prelims + Mains (पर्यावरण व अर्थव्यवस्था — उत्तराखंड)
सिलेबस से संबंध
हरित GDP, प्राकृतिक-पूँजी लेखांकन; उत्तराखंड की हरित पहलें।
संदर्भ
उत्तराखंड ने सकल पर्यावरण उत्पाद (GEP) की शुरुआत की — पारिस्थितिकी सेवाओं के आर्थिक मूल्य को मापने वाला भारत का पहला सूचकांक — और इसे नीति तथा हिमालयी राज्यों हेतु ग्रीन बोनस की माँग से जोड़ रहा है।
मुख्य तथ्य
GEP चार प्राकृतिक परिसंपत्तियों का मूल्यांकन करता है: वायु, जल, वन व मृदा।
उत्तराखंड GEP ढाँचा शुरू करने वाला पहला भारतीय राज्य, जो GSDP को पारिस्थितिक माप से पूरक बनाता है।
केंद्र से 'ग्रीन बोनस' / पारिस्थितिकी-सेवा भुगतान की राज्य माँग का आधार।
हरित GDP व प्राकृतिक-पूँजी लेखांकन की अवधारणा के अनुरूप।
आगे की राह
वार्षिक GEP रिपोर्टिंग संस्थागत करें, वन/जल संरक्षण को वित्तीय हस्तांतरण से जोड़ें, और पारिस्थितिकी-सेवा भुगतान को मुख्यधारा में लाएँ।
अवधारणा
पारिस्थितिकी सेवाएँ: प्रकृति से मिलने वाले लाभ (स्वच्छ वायु, जल, परागण)। हरित GDP: पर्यावरणीय लागत के लिए समायोजित GDP।
चार स्तंभ — वायु, जल, वन, मृदा — प्राकृतिक-पूँजी मूल्यांकन की छत के नीचे, ग्रीन बोनस आधार पर। — StudyForGS
4. समान नागरिक संहिता: उत्तराखंड का क्रियान्वयन व 2026 संशोधन चर्चा में
POLITYUKPSC: Prelims + Mains (राजव्यवस्था व शासन — उत्तराखंड)
सिलेबस से संबंध
UCC व अनुच्छेद 44 (DPSP); UCC लागू करने वाला पहला राज्य उत्तराखंड।
संदर्भ
उत्तराखंड — समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने वाला पहला राज्य — ने UCC (संशोधन) अध्यादेश 2026 के ज़रिए नियमों को परिष्कृत किया, और संहिता व पंजीकरण पोर्टल सक्रिय रखा।
मुख्य तथ्य
UCC में विवाह, तलाक, उत्तराधिकार व लिव-इन पंजीकरण शामिल; जनजातीय समुदाय छूट प्राप्त।
संविधान के अनुच्छेद 44 (राज्य के नीति-निदेशक तत्व) पर आधारित।
एक समर्पित ऑनलाइन पोर्टल पंजीकरण व शिकायतें संभालता है।
2026 संशोधन ने प्रक्रियागत व पंजीकरण प्रावधानों को सरल किया।
आगे की राह
सुगम डिजिटल पंजीकरण सुनिश्चित करें, निजता की रक्षा करें, और जन-जागरूकता बढ़ाएँ, जबकि अन्य राज्य इस मॉडल का अध्ययन करें।
अवधारणा
अनुच्छेद 44 (DPSP): राज्य समान नागरिक संहिता सुनिश्चित करने का प्रयास करेगा। DPSP: शासन हेतु गैर-न्यायोचित (non-justiciable) दिशानिर्देश।
5. सुप्रीम कोर्ट का राज्यों से आग्रह: जिला न्यायाधीशों की सेवानिवृत्ति आयु 62 हो
POLITYUKPSC: Prelims + Mains (राजव्यवस्था व न्यायपालिका)
सिलेबस से संबंध
न्यायपालिका, जिला न्यायालय, लंबित मामले; Prelims: अधीनस्थ न्यायालय (अनुच्छेद 233–237)।
संदर्भ
जिला न्यायालयों में 5.18 करोड़ लंबित मामलों का हवाला देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों को न्यायिक अधिकारियों की सेवानिवृत्ति आयु 60 से 62 वर्ष करने का निर्देश दिया, 60 पर उपयुक्तता जाँच के साथ।
मुख्य तथ्य
CJI सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ; राज्य दो सप्ताह में निर्णय, दो माह में नियम-संशोधन करें।
सात राज्य सहमत; उत्तराखंड अभी असहमत राज्यों में।
कोर्ट ने वित्तीय-भार आपत्ति को 'नगण्य' बताया (1992 के निर्णय का हवाला)।
उपयुक्तता आकलन मद्रास उच्च न्यायालय मॉडल के अनुरूप।
आगे की राह
राज्य सेवा-नियम शीघ्र संशोधित करें और लंबित मामलों में कमी हेतु तेज़ भर्ती के साथ जोड़ें।
अवधारणा
जिला न्यायपालिका: जिला स्तर के अधीनस्थ न्यायालय, संविधान के अनुच्छेद 233–237 के तहत न्याय-पहुँच की रीढ़।
6. GDP आधार वर्ष 2022-23 हुआ; WPI की जगह उत्पादक मूल्य सूचकांक (PPI)
ECONOMYUKPSC: Prelims + Mains (अर्थव्यवस्था व राष्ट्रीय आय)
सिलेबस से संबंध
राष्ट्रीय आय लेखांकन, GDP, मूल्य सूचकांक (WPI, PPI, CPI)।
संदर्भ
सरकारी सांख्यिकी एजेंसी ने राष्ट्रीय लेखा सांख्यिकी 2026 जारी की, नया आधार वर्ष 2022-23, और GDP अपस्फीति हेतु थोक मूल्य सूचकांक (WPI) से उत्पादक मूल्य सूचकांक (PPI) पर स्थानांतरण।
मुख्य तथ्य
नया आधार वर्ष: 2022-23 (पूर्व में 2011-12)।
PPI ने WPI की जगह ली; नया बैंकिंग सेवा मूल्य सूचकांक (BkSPI) — भारत का पहला — पेश।
IIP मद-कवरेज बढ़ा; संशोधित अनुमानों सहित 60 विवरण जारी।
भारत की सांख्यिकी को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाता है।
आगे की राह
बैक-सीरीज़ निरंतरता व पारदर्शी पद्धति सुनिश्चित करें ताकि संशोधित वृद्धि आँकड़े तुलनीय रहें।
अवधारणा
PPI: उत्पादकों के विक्रय मूल्यों में औसत परिवर्तन मापता है। आधार वर्ष: स्थिर-मूल्य (वास्तविक) GDP हेतु संदर्भ वर्ष।
7. RBI ने रेपो दर 5.25% पर रखी, FY27 वृद्धि अनुमान 6.7% किया
अगस्त 2026 समीक्षा में मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने रेपो दर 5.25% पर तटस्थ रुख के साथ रखी, वृद्धि अनुमान बढ़ाया और मुद्रास्फीति अनुमान घटाया।
मुख्य तथ्य
रेपो 5.25%, SDF 5.00%, MSF/बैंक दर 5.50%; निर्णय सर्वसम्मत।
FY27 GDP बढ़ाकर 6.7%; CPI घटाकर 5.0%।
तिमाही GDP: Q1 7.0%, Q2 6.4%, Q3 6.5%, Q4 6.8%।
मध्य-पूर्व की भू-राजनीतिक तनातनी से वैश्विक अनिश्चितता का हवाला।
आगे की राह
आँकड़ा-आधारित रहें; वृद्धि-समर्थन को 4% (±2%) मुद्रास्फीति-लक्ष्य के साथ संतुलित करें।
अवधारणा
रेपो दर: जिस दर पर RBI बैंकों को ऋण देता है। MPC: नीति दर तय करने वाली 6-सदस्यीय समिति; मुद्रास्फीति लक्ष्य 4% ±2%।
FY27 तिमाही GDP वृद्धि बनाम CPI मुद्रास्फीति अनुमानों की समूहित पट्टियाँ। — StudyForGS
8. ISRO के GSLV-F17 ने EOS-05 भू-अवलोकन उपग्रह सफलतापूर्वक प्रक्षेपित किया
SCI-TECHUKPSC: Prelims + Mains (विज्ञान व प्रौद्योगिकी — अंतरिक्ष)
सिलेबस से संबंध
अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, ISRO प्रक्षेपण यान, उपग्रह व अनुप्रयोग।
संदर्भ
ISRO ने अपने सबसे भारी GSLV पेलोड 2,367 kg EOS-05 को GSLV-F17 से भू-तुल्यकालिक स्थानांतरण कक्षा में स्थापित किया, आठ माह के प्रक्षेपण-अंतराल को समाप्त करते हुए।
19वीं GSLV उड़ान; श्रीहरिकोटा (SDSC-SHAR) से 107वाँ प्रक्षेपण।
तीन-चरणीय यान (51.7 m, ~420 t) स्वदेशी क्रायोजेनिक ऊपरी चरण के साथ।
उपयोग: कृषि, आपदा प्रबंधन, पर्यावरण व सीमा निगरानी।
आगे की राह
उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्यों में बाढ़ व भूस्खलन निगरानी हेतु सतत इमेजिंग का उपयोग करें।
अवधारणा
GSLV: भू-तुल्यकालिक उपग्रह प्रक्षेपण यान। क्रायोजेनिक इंजन: उच्च प्रणोद हेतु अति-शीतित तरल ईंधन व ऑक्सीकारक का उपयोग।
स्टैट टाइल्स: 2,367 kg पेलोड, ~36,000 km कक्षा, 9-वर्ष आयु, 51.7 m यान, 19वीं GSLV / 107वाँ SDSC प्रक्षेपण। — StudyForGS
9. UN की चेतावनी: 1.5°C लक्ष्य टूटेगा; कार्बन हटाव पर उम्मीद
REPORTUKPSC: Prelims + Mains (पर्यावरण व जलवायु परिवर्तन)
सिलेबस से संबंध
जलवायु परिवर्तन, पेरिस समझौता, कार्बन हटाव, वैश्विक पर्यावरण शासन।
संदर्भ
एक UN पर्यावरण रिपोर्ट ने निष्कर्ष दिया कि 1.5°C पेरिस लक्ष्य 'अगले कुछ वर्षों' में टूटेगा — तापन पहले ही लगभग 1.4°C — और विकल्प के रूप में बड़े पैमाने पर कार्बन-डाइऑक्साइड हटाव (CDR) सुझाया।
मुख्य तथ्य
वर्तमान तापन ~1.4°C; मौजूदा नीतियों पर 2100 तक 2.6°C।
विकल्प: ओवरशूट को लगभग 1.8°C पर सीमित करें, फिर कार्बन हटाकर तापमान घटाएँ।
CDR विधियाँ: वनरोपण, BECCS, प्रत्यक्ष वायु कैप्चर (DAC), संवर्धित अपक्षय।
1.5°C पर AMOC के कमज़ोर होने व लगभग-पूर्ण मूँगा विरंजन की चेतावनी।
आगे की राह
गहरी, तत्काल उत्सर्जन-कटौती प्राथमिक है; CDR देरी का बहाना ('नैतिक जोखिम') न बने।
अवधारणा
CDR: वायुमंडल से CO2 हटाना। AMOC: अटलांटिक मेरिडियनल ओवरटर्निंग सर्कुलेशन, एक प्रमुख महासागरीय-धारा प्रणाली।
10. भारत–चीन ने अरुणाचल के पूर्वी क्षेत्र में पहली कोर कमांडर वार्ता की
IRUKPSC: Prelims + Mains (अंतरराष्ट्रीय संबंध व सुरक्षा)
सिलेबस से संबंध
भारत का पड़ोस, सीमा प्रबंधन, भारत–चीन संबंध, LAC।
संदर्भ
भारत व चीन ने अरुणाचल प्रदेश में अपनी पहली कोर कमांडर-स्तरीय बैठक की, जो वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के पूर्वी क्षेत्र में तनाव-न्यूनीकरण पर केंद्रित थी।
मुख्य तथ्य
वार्ता का उद्देश्य पूर्वी (अरुणाचल) क्षेत्र में सीमा तनाव कम करना।
LAC पर निरंतर सैन्य-कूटनीतिक संवाद का हिस्सा।
विभिन्न क्षेत्रों में चल रही विघटन (disengagement) वार्ताओं का पूरक।
चीन अरुणाचल को 'दक्षिण तिब्बत' बताता है; भारत इसे दृढ़ता से अस्वीकार करता है।
आगे की राह
सैन्य-कूटनीतिक चैनल बनाए रखें, विघटन पूरा करें, और पूर्व समझौतों के अनुरूप सीमा-शांति बहाल करें।
अवधारणा
LAC: भारत व चीन के बीच वास्तविक सीमा। कोर कमांडर वार्ता: सीमा गतिरोध सुलझाने हेतु वरिष्ठ सैन्य-स्तरीय तंत्र।
आज का डेटा पॉइंट
₹1.11 lakh crore
उत्तराखंड राज्य बजट, FY 2026-27 पिछले वित्त वर्ष से लगभग 10% वृद्धि; साथ में 28 कैबिनेट प्रस्ताव पारित — जिनमें उन्नत सेब नर्सरी योजना, मधु उत्पादन नीति 2026 और उपचारित-जल पुनर्उपयोग नीति शामिल।
प्रारंभिक परीक्षा रैपिड-फायर
शीतकालीन कॉर्बेट-क्षेत्र पर्यटन महोत्सव ऑफ-सीज़न कुमाऊँ पर्यटन व 'वोकल फॉर लोकल' को बढ़ावा।
राज्य जैव विविधता बोर्डों की 16वीं राष्ट्रीय बैठकचंडीगढ़ में आयोजित।
राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण का संचयी पहुँच-लाभ साझाकरण ₹200 करोड़ पार।
भारत की U-20 पुरुष फुटबॉल टीम 20 वर्ष बाद AFC U-20 एशियन कप के लिए क्वालिफाई।
IAF सारंग हेलीकॉप्टर प्रदर्शन दल ने अल अलामीन एयरशो, मिस्र में प्रदर्शन किया।
तमिलनाडु ने पूम्पुहार में तीसरे चरण का जल-पुरातत्व शुरू किया।
अभ्यास MCQs — UKPSC Prelims पैटर्न
Q1. सकल पर्यावरण उत्पाद (GEP) के बारे में विचार कीजिए: (1) उत्तराखंड GEP सूचकांक शुरू करने वाला पहला भारतीय राज्य था। (2) GEP वायु, जल, वन व मृदा का मूल्य मापता है। (3) GEP सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) का स्थान लेता है। उपरोक्त में से कौन-से सही हैं?
केवल 1 और 2
केवल 2 और 3
केवल 1 और 3
1, 2 और 3
उत्तर देखें
उत्तर: A GEP, GSDP का पूरक है — स्थान नहीं लेता; यह वायु, जल, वन व मृदा में पारिस्थितिकी सेवाओं का पारिस्थितिक माप है। अतः कथन 3 ग़लत है।
Q2. RBI की अगस्त 2026 मौद्रिक नीति के संदर्भ में कौन-सा कथन सही है?
रेपो दर बढ़ाकर 5.50% की गई
रेपो दर 5.25% पर तटस्थ रुख के साथ रखी गई
FY27 GDP वृद्धि घटाकर 6.0% की गई
CPI मुद्रास्फीति लक्ष्य समाप्त किया गया
उत्तर देखें
उत्तर: B MPC ने रेपो दर 5.25% (तटस्थ रुख) पर रखी, FY27 GDP बढ़ाकर 6.7% और CPI घटाकर 5.0% की; 4% (±2%) मुद्रास्फीति लक्ष्य यथावत है।
मुख्य परीक्षा अभ्यास प्रश्न
Q. हिमालयी राज्य उत्तराखंड में GLOF व बादल-फटने से आपदाओं की बढ़ती आवृत्ति है। इसके पीछे संरचनात्मक व पारिस्थितिक कारकों की चर्चा कीजिए, और राज्य हेतु एक आपदा-सहनशील विकास मॉडल सुझाइए। (250 शब्द)
संकेत / दृष्टिकोण
पर्माफ्रॉस्ट पिघलना व लटकते ग्लेशियर (अलकनंदा बेसिन में 219), नाज़ुक ढलानों पर अनियंत्रित निर्माण, चार धाम दबाव को शामिल करें; फिर समाधान जोड़ें — GLOF पूर्व-चेतावनी सेंसर, वहन-क्षमता सीमाएँ, पर्यावरण-संवेदनशील ज़ोनिंग व GEP-आधारित हरित नियोजन।
📌 एक पंक्ति में रिवीज़न: याद रखें: अलकनंदा बेसिन में 219 लटकते ग्लेशियर; GEP वायु-जल-वन-मृदा का मूल्यांकन; RBI रेपो 5.25% पर, FY27 GDP 6.7%; EOS-05 (2,367 kg) GSLV-F17 से प्रक्षेपित; UCC — उत्तराखंड पहला राज्य।