उत्तराखंड का ₹147 करोड़ का वन-क्लिक पेंशन DBT, प्रतियोगी परीक्षाओं की मुफ्त कोचिंग हेतु मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना, और भारत की प्रत्यक्ष-कर उछाल (buoyancy) का लगातार तीसरे वर्ष 1 से ऊपर रहना।
Sunday, 6 September 2026 · IST · उत्तराखंड + राष्ट्रीय · 11 टॉपिक · 2 MCQs
उत्तराखंड ने वन-क्लिक DBT के जरिए 9.91 लाख लोगों को ₹147.05 करोड़ की सामाजिक-सुरक्षा पेंशन किस्त जारी की और प्रतियोगी-परीक्षा अभ्यर्थियों के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग शुरू करने की दिशा में कदम बढ़ाया। राष्ट्रीय स्तर पर, 2024-25 में प्रत्यक्ष-कर उछाल 1.39 पर टिकी रही, आठ नए उच्च न्यायालय मुख्य न्यायाधीश अधिसूचित हुए, और भारत ने संयुक्त राष्ट्र के 'Correct the Map' प्रस्ताव का समर्थन किया।
आज एक नज़र में — याद रखने वाली बातें
उत्तराखंड ने वन-क्लिक DBT से 9,91,914 लाभार्थियों को ₹147.05 करोड़ पेंशन भेजी
मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना-2026: UPSC, SSC, बैंकिंग, रक्षा हेतु मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग
चार धाम मानसून निगरानी: गढ़वाल की नदियाँ उफान पर, SDRF/NDRF अलर्ट पर
उत्तराखंड का सकल पर्यावरण उत्पाद (GEP) — भारत का पहला हरित-लेखांकन सूचकांक
समान नागरिक संहिता का एक वर्ष; संशोधन अध्यादेश 2026 लागू
भारत की प्रत्यक्ष-कर उछाल लगातार तीसरे वर्ष 1 से ऊपर, 1.39 (2024-25)
आठ नए उच्च न्यायालय मुख्य न्यायाधीश अधिसूचित; दिनेश शर्मा A&N द्वीप समूह के नए उपराज्यपाल
भारत ने UN 'Correct the Map' प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया; 27 नवम्बर बाल-विवाह उन्मूलन दिवस घोषित
अदाणी डिफेंस ने पाँच-वर्षीय AK-203 (7.62x39 मिमी) गोला-बारूद आपूर्ति सौदा किया
विस्तृत नोट्स
1. उत्तराखंड ने वन-क्लिक DBT से 9.91 लाख को ₹147 करोड़ पेंशन भेजी
UTTARAKHANDUKPSC: Prelims + Mains (राजव्यवस्था एवं शासन — उत्तराखंड)
सिलेबस से संबंध
शासन एवं सामाजिक न्याय; राज्य की कल्याणकारी योजनाएँ, DBT एवं सामाजिक सुरक्षा (Prelims: उत्तराखंड की योजनाएँ व आँकड़े)।
संदर्भ
राज्य सरकार ने अपनी नवीनतम सामाजिक-सुरक्षा पेंशन किस्त वन-क्लिक प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से जारी की, जो पर्वतीय राज्य के लगभग दस लाख लोगों तक पहुँची।
मुख्य तथ्य
4 सितम्बर 2026 को वन-क्लिक DBT से ₹147.05 करोड़ जारी
9,91,914 लाभार्थी — NSAP के तहत 2,14,711 + राज्य योजनाओं के तहत 7,77,203
वृद्धावस्था, विधवा, दिव्यांग, किसान, परित्यक्ता, तीलू रौतेली एवं बौना पेंशन शामिल
अगस्त 2026 में 5,605 नई पेंशन स्वीकृत
आगे की राह
आधार-सीडेड DBT रिसाव और फर्जी लाभार्थियों पर रोक लगाता है; समय पर भुगतान पलायन-प्रभावित पर्वतीय जिलों में सुरक्षा-कवच मजबूत करता है।
अवधारणा
NSAP (1995) एक केंद्र-प्रायोजित योजना है जो अनुच्छेद 41 (नीति-निदेशक तत्व — वृद्धावस्था, बीमारी व दिव्यांगता में सहायता) को साकार करती है। तीलू रौतेली एक गढ़वाली वीरांगना की स्मृति में है।
पेंशन लाभार्थियों का बार चार्ट: NSAP 2.15 लाख, राज्य योजनाएँ 7.77 लाख, कुल 9.92 लाख। — StudyForGS
2. मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना-2026: युवाओं हेतु मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग
UTTARAKHANDUKPSC: Prelims + Mains (शासन एवं सामाजिक न्याय)
सिलेबस से संबंध
मानव संसाधन विकास, कौशल एवं शिक्षा; राज्य की युवा-कल्याण योजनाएँ (Prelims: उत्तराखंड की योजनाएँ)।
संदर्भ
मुख्यमंत्री ने राज्य के प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को मुफ्त डिजिटल कोचिंग देने की योजना को मंजूरी दी है, जिसका विशेष लक्ष्य दूरस्थ एवं पर्वतीय क्षेत्रों के युवा हैं।
मुख्य तथ्य
UPSC/PSC, CDS, SSC, बैंकिंग एवं रेलवे, तथा प्रवेश परीक्षाओं (CAT, GATE, NET) हेतु मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग
पात्रता: राज्य विश्वविद्यालयों एवं सरकारी / सरकारी-सहायता प्राप्त महाविद्यालयों के छात्र
निजी कोचिंग वहन न कर पाने वाले आर्थिक रूप से कमजोर युवाओं पर लक्ष्य
पहुँच का अंतर पाटने हेतु दूरस्थ एवं पर्वतीय जिलों पर विशेष ध्यान
राज्य के नए युवा आयोग का पूरक
आगे की राह
डिजिटल माध्यम पहुँच बढ़ा सकता है, परंतु परिणाम पर्वतीय ब्लॉकों में इंटरनेट कनेक्टिविटी तथा कंटेंट व मेंटरिंग की गुणवत्ता पर निर्भर करेंगे।
अवधारणा
यह DPSP अनुच्छेद 41 (शिक्षा का अधिकार) एवं SDG-4 (गुणवत्तापूर्ण शिक्षा) के अनुरूप है; कई राज्यों के कमजोर वर्गों हेतु मुफ्त-कोचिंग मॉडल जैसा।
आच्छादित परीक्षा धाराओं का स्तंभ आरेख: सिविल सेवा, रक्षा, बैंकिंग एवं रेलवे, SSC, प्रवेश परीक्षा। — StudyForGS
3. चार धाम मानसून निगरानी: गढ़वाल की नदियाँ उफान पर, प्रतिक्रिया-तंत्र सतर्क
ENVIRONMENTUKPSC: Prelims + Mains (भूगोल एवं आपदा प्रबंधन — उत्तराखंड)
सिलेबस से संबंध
आपदा प्रबंधन, हिमालयी खतरे, उत्तराखंड की मानसून एवं नदी प्रणाली (Prelims + Mains GS)।
संदर्भ
हिमालय पर दक्षिण-पश्चिम मानसून के सक्रिय रहने से भारी वर्षा ने गढ़वाल की नदियों को उफान पर ला दिया है और तीर्थ मार्गों पर भूस्खलन हुए हैं, जिससे चार धाम आपदा-प्रतिक्रिया तंत्र सतर्क है।
मुख्य तथ्य
IMD की वर्षा चेतावनियों से प्रभावित हिस्सों में चार धाम यात्रा अस्थायी रूप से रोकी गई
SDRF एवं NDRF स्टैंडबाय पर; DDMA जिला-स्तरीय प्रतिक्रिया का समन्वय करते हैं
मुख्य खतरे: भूस्खलन, आकस्मिक बाढ़, बादल फटना एवं GLOF जोखिम
तीर्थयात्रियों को यात्रा से पूर्व आधिकारिक सलाह व मार्ग-स्थिति देखने की सलाह
अलकनंदा-भागीरथी (गंगा) प्रणाली की नदियाँ जलग्रहण क्षेत्र में तेजी से उफनती हैं
आगे की राह
पूर्व-चेतावनी प्रणाली, वहन-क्षमता सीमाएँ एवं रीयल-टाइम मार्ग निगरानी यात्रा-काल में हताहतों को घटाने की कुंजी हैं।
अवधारणा
GLOF = हिमनद झील विस्फोट बाढ़। NDMA (2005 अधिनियम) शीर्ष पर है; राज्य SDMA (मुख्यमंत्री की अध्यक्षता) व जिले DDMA (जिलाधिकारी की अध्यक्षता) चलाते हैं।
उत्तराखंड मानसून आपदा-प्रतिक्रिया का प्रवाह-आरेख: IMD/SDMA अलर्ट से DDMA, फिर SDRF/NDRF, यात्रा रोक और राहत तक। — StudyForGS
4. उद्यमशाला योजना से ग्रामीण उद्यमिता को बल; महिलाएँ आगे
राज्य अर्थव्यवस्था, ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण एवं MSME/स्वरोजगार (Prelims: उत्तराखंड की योजनाएँ)।
संदर्भ
राज्य ने अपनी उद्यमशाला योजना की पहुँच को रेखांकित किया, जो ग्रामीण निवासियों को छोटे उद्यम स्थापित करने का प्रशिक्षण देती है; उत्पाद बेचने में मदद हेतु एक नया विपणन केंद्र प्रस्तावित है।
मुख्य तथ्य
उद्यमशाला के तहत 13,000 से अधिक उद्यमी प्रशिक्षित
लाभार्थियों में 8,000 से अधिक महिलाएँ
देहरादून में समर्पित विपणन केंद्र प्रस्तावित
जमीनी पहुँच हेतु ग्राम-स्तरीय चौपालों का उपयोग
स्थानीय आजीविका सृजित कर संकटपूर्ण पलायन पर अंकुश का लक्ष्य
आगे की राह
प्रशिक्षितों को बाजार, ऋण एवं GI-टैग वाले स्थानीय उत्पादों से जोड़ना कौशल को टिकाऊ पर्वतीय आय में बदल सकता है।
अवधारणा
यह PM विश्वकर्मा एवं DAY-NRLM जैसी केंद्रीय योजनाओं का पूरक है; 'पलायन' उत्तराखंड की एक मुख्य विकास चुनौती है जिसे पलायन आयोग संबोधित करता है।
5. हिमालयी पारिस्थितिकी एवं GEP: उत्तराखंड का हरित-लेखांकन फोकस
ENVIRONMENTUKPSC: Prelims + Mains (पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी — उत्तराखंड)
सिलेबस से संबंध
हिमालयी पारिस्थितिकी, हरित लेखांकन, पारिस्थितिकी-संवेदनशील क्षेत्र एवं सतत विकास (Prelims + Mains)।
संदर्भ
उत्तराखंड अपने सकल पर्यावरण उत्पाद (GEP) ढाँचे के जरिए पर्यावरणीय मूल्यांकन को आगे बढ़ा रहा है, जो वन, जल व मृदा के संरक्षण को मापनीय आर्थिक मूल्य से जोड़ता है।
मुख्य तथ्य
GEP = वायु, जल, मृदा एवं वन से मिलने वाली पारिस्थितिकी-सेवाओं का मूल्य
सकल पर्यावरण उत्पाद लेखांकन अपनाने वाला उत्तराखंड पहला भारतीय राज्य है
यह अवधारणा पर्यावरणविद् अनिल प्रकाश जोशी से जुड़ी है
हिमालयी राज्यों हेतु ग्रीन बोनस की माँग का पूरक
पारिस्थितिकी-संवेदनशील क्षेत्रों, वहन-क्षमता व GLOF-जोखिम प्रबंधन से संबद्ध
आगे की राह
GSDP के साथ GEP को संस्थागत करने से पर्वतीय राज्यों को पारिस्थितिकी सेवाओं का प्रतिफल मिल सकता है और कम-प्रभाव वाले विकास का मार्गदर्शन होगा।
अवधारणा
GEP एक 'हरित GDP' शैली का माप है; यह सतत विकास एवं प्रदूषक-भुगतान / पारिस्थितिकी-सेवा सिद्धांतों को साकार करता है।
हिमालयी पारिस्थितिकी विषयों का माइंड मैप: GEP, पारिस्थितिकी-संवेदनशील क्षेत्र, GLOF जोखिम, वनाग्नि, चार धाम वहन-क्षमता, जलविद्युत। — StudyForGS
6. समान नागरिक संहिता का एक वर्ष; संशोधन अध्यादेश 2026 लागू
POLITYUKPSC: Prelims + Mains (राजव्यवस्था एवं शासन)
सिलेबस से संबंध
समान नागरिक संहिता, अनुच्छेद 44, व्यक्तिगत कानून एवं केंद्र-राज्य विधि-निर्माण (Prelims + Mains GS)।
संदर्भ
उत्तराखंड — UCC लागू करने वाला पहला राज्य — ने क्रियान्वयन का एक वर्ष पूरा किया है; 2026 के संशोधन अध्यादेश ने विवाह, तलाक व लिव-इन संबंधों के नियमों को परिष्कृत किया है।
मुख्य तथ्य
समान नागरिक संहिता लागू करने वाला उत्तराखंड पहला राज्य है (2024 में लागू)
UCC (संशोधन) अध्यादेश 2026जनवरी 2026 से प्रभावी
विवाह, तलाक, उत्तराधिकार एवं लिव-इन संबंधों पर समान नियम
विवाह व लिव-इन संबंधों का अनिवार्य पंजीकरण
अनुसूचित जनजातियाँ संहिता से बाहर रखी गई हैं
आगे की राह
सुचारु क्रियान्वयन, निजता सुरक्षा एवं जागरूकता तय करेंगे कि अन्य राज्य उत्तराखंड का मॉडल अपनाते हैं या नहीं।
अवधारणा
अनुच्छेद 44 (DPSP) राज्य को UCC सुनिश्चित करने का निर्देश देता है। व्यक्तिगत कानून समवर्ती सूची (प्रविष्टि 5) में आते हैं, जिससे राष्ट्रपति की अनुमति से राज्य विधान बनता है।
7. भारत की प्रत्यक्ष-कर उछाल लगातार तीसरे वर्ष 1 से ऊपर (1.39)
ECONOMYUKPSC: Prelims + Mains (अर्थव्यवस्था)
सिलेबस से संबंध
कराधान, राजकोषीय नीति, लोक वित्त एवं कर उछाल (Prelims + Mains GS)।
संदर्भ
आधिकारिक आँकड़े दर्शाते हैं कि भारत की प्रत्यक्ष-कर उछाल लगातार तीसरे वर्ष 1 से ऊपर रही, जो संकेत देता है कि कर राजस्व अर्थव्यवस्था से तेज बढ़ रहा है।
मुख्य तथ्य
2024-25 के लिए प्रत्यक्ष-कर उछाल 1.39
उछाल लगातार तीन वर्षों से 1 से ऊपर बनी हुई है
उछाल > 1 का अर्थ है कर राजस्व GDP से तेज बढ़ना
बेहतर अनुपालन, डिजिटलीकरण एवं औपचारिकीकरण का परिचायक
प्रत्यक्ष करों में आयकर एवं निगम कर शामिल हैं
आगे की राह
सतत उछाल दरें बढ़ाए बिना पूँजीगत व्यय एवं कल्याण हेतु राजकोषीय गुंजाइश बढ़ाती है।
अवधारणा
कर उछाल = कर राजस्व में % परिवर्तन / GDP में % परिवर्तन। यह कर प्रत्यास्थता से भिन्न है, जो कर संरचना को स्थिर मानती है।
बार चार्ट जो इकाई-उछाल बेंचमार्क 1.0 की तुलना 2024-25 की वास्तविक प्रत्यक्ष-कर उछाल 1.39 से करता है। — StudyForGS
8. आठ नए उच्च न्यायालय मुख्य न्यायाधीश अधिसूचित; A&N द्वीप के नए उपराज्यपाल
POLITYUKPSC: Prelims + Mains (राजव्यवस्था एवं शासन)
सिलेबस से संबंध
न्यायपालिका, मुख्य न्यायाधीशों की नियुक्ति, कॉलेजियम एवं केंद्रशासित प्रदेशों का प्रशासन (Prelims + Mains)।
संदर्भ
केंद्र ने राष्ट्रपति की मंजूरी से आठ उच्च न्यायालय मुख्य न्यायाधीशों की नियुक्ति अधिसूचित की, वहीं अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह के लिए नए उपराज्यपाल की घोषणा हुई।
मुख्य तथ्य
आठ नए उच्च न्यायालय मुख्य न्यायाधीश नियुक्त, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा अनुमोदित
संजय के. अग्रवालराजस्थान उच्च न्यायालय के 44वें मुख्य न्यायाधीश
दिनेश शर्माअंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह के उपराज्यपाल नियुक्त
उच्च न्यायालय मुख्य न्यायाधीश अनुच्छेद 217 के तहत कॉलेजियम की सिफारिश पर नियुक्त होते हैं
कॉलेजियम की अध्यक्षता भारत के मुख्य न्यायाधीश करते हैं
आगे की राह
शीर्ष न्यायिक पदों को समय पर भरना लंबित मामलों को घटाने में मदद करता है; केंद्रशासित प्रदेश का प्रशासन उपराज्यपाल के माध्यम से राष्ट्रपति के अधीन चलता है।
अवधारणा
अनुच्छेद 217: उच्च न्यायालय के न्यायाधीश राष्ट्रपति द्वारा CJI व राज्यपाल से परामर्श कर नियुक्त होते हैं। केंद्रशासित प्रदेश का उपराज्यपाल अनुच्छेद 239 के तहत राष्ट्रपति का प्रशासक होता है।
9. भारत ने UN 'Correct the Map' का समर्थन किया; 27 नवम्बर बाल-विवाह उन्मूलन दिवस
IRUKPSC: Prelims + Mains (अंतर्राष्ट्रीय संबंध एवं समाज)
सिलेबस से संबंध
भारत एवं संयुक्त राष्ट्र, अंतर्राष्ट्रीय प्रस्ताव, सामाजिक मुद्दे एवं मानचित्रण (Prelims + Mains GS)।
संदर्भ
भारत ने विश्व मानचित्रों में मानचित्रीय विकृतियों को सुधारने के UN प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया, वहीं संयुक्त राष्ट्र महासभा ने बाल-विवाह समाप्ति हेतु एक वार्षिक दिवस निर्धारित किया।
मुख्य तथ्य
भारत ने मानचित्र विकृति पर 'Correct the Map' प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया
सामान्य प्रक्षेप (जैसे मर्केटर) उच्च-अक्षांश भूभागों को बढ़ा-चढ़ा दिखाते हैं
UNGA ने 27 नवम्बर को बाल-विवाह उन्मूलन दिवस के रूप में निर्धारित किया
प्रस्ताव 4 सितम्बर 2026 को अपनाया गया
भारत ने नई दिल्ली में BRICS मुख्य न्यायाधीश मंच की मेजबानी की घोषणा भी की
आगे की राह
सटीक मानचित्र एवं बाल-विवाह पर वैश्विक ध्यान प्रतिनिधित्व में तथा बाल अधिकारों में समता को बढ़ावा देते हैं।
अवधारणा
मर्केटर प्रक्षेप कोण संरक्षित करता है पर क्षेत्रफल विकृत करता है; गॉल-पीटर्स जैसे विकल्प सापेक्ष आकार अधिक सही दिखाते हैं।
10. अदाणी डिफेंस ने पाँच-वर्षीय AK-203 गोला-बारूद आपूर्ति सौदा किया
DEFENCEUKPSC: Prelims + Mains (रक्षा एवं सुरक्षा)
सिलेबस से संबंध
रक्षा स्वदेशीकरण, रक्षा में आत्मनिर्भर भारत एवं छोटे-हथियार विनिर्माण (Prelims + Mains)।
संदर्भ
आत्मनिर्भर रक्षा विनिर्माण को बढ़ावा देते हुए एक भारतीय कंपनी ने सशस्त्र बलों द्वारा उपयोग की जाने वाली AK-203 राइफलों हेतु स्वदेशी गोला-बारूद की आपूर्ति का बहु-वर्षीय समझौता किया।
मुख्य तथ्य
AK-203 राइफलों हेतु 7.62x39 मिमी गोला-बारूद आपूर्ति का पाँच-वर्षीय सौदा
साझेदार: इंडो-रशियन राइफल्स प्रा. लि. (IRRPL), AK-203 संयुक्त उपक्रम
AK-203 राइफलें कोरवा (अमेठी), उत्तर प्रदेश संयंत्र में बनती हैं
आत्मनिर्भर भारत एवं रक्षा-निर्यात लक्ष्यों को समर्थन
छोटे-हथियार गोला-बारूद के लिए आयात निर्भरता घटाता है
आगे की राह
घरेलू गोला-बारूद आधार को गहरा करना आपूर्ति शृंखलाओं को सुरक्षित करता है और निर्यात-तैयार तंत्र बनाता है।
अवधारणा
IRRPL AK-203 उत्पादन हेतु भारत-रूस संयुक्त उपक्रम है; यह 'मेक इन इंडिया' के तहत व्यापक रक्षा स्वदेशीकरण अभियान का हिस्सा है।
11. असम का अहोम-कालीन रंगपुर-शिवसागर समूह UNESCO अस्थायी सूची में
SOCIETYUKPSC: Prelims + Mains (कला, संस्कृति एवं विरासत)
सिलेबस से संबंध
भारतीय विरासत, UNESCO विश्व धरोहर प्रक्रिया एवं मध्यकालीन इतिहास (Prelims + Mains GS)।
संदर्भ
अहोम राजवंश की राजधानी क्षेत्र से जुड़ा एक ऐतिहासिक समूह UNESCO की विश्व धरोहर अस्थायी सूची में जोड़ा गया, जिसने पूर्वोत्तर भारत की मध्यकालीन निर्मित विरासत को रेखांकित किया।
मुख्य तथ्य
रंगपुर-शिवसागर ऐतिहासिक समूह (असम) UNESCO की अस्थायी सूची में जोड़ा गया
अहोम राजवंश से जुड़ा, जिसने असम पर लगभग 600 वर्ष शासन किया
पूर्व में मोइदम (अहोम समाधि टीले) के विश्व धरोहर स्थल अंकन का अनुसरण
ताई-अहोम वास्तुकला एवं राज्यकला को उजागर करता है
अस्थायी सूची विश्व धरोहर नामांकन की अनिवार्य पहली सीढ़ी है
आगे की राह
विरासत मान्यता पूर्वोत्तर में संरक्षण एवं सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा दे सकती है।
अवधारणा
UNESCO विश्व धरोहर अंकन हेतु देश की अस्थायी सूची में पूर्व-प्रविष्टि आवश्यक है; स्थलों का मूल्यांकन 'उत्कृष्ट सार्वभौमिक मूल्य' पर होता है।
आज का डेटा पॉइंट
₹147.05 crore / 9,91,914 beneficiaries
आज का डेटा पॉइंट — सामाजिक सुरक्षा पहुँच उत्तराखंड का एक-दिवसीय, वन-क्लिक DBT पेंशन वितरण (सितम्बर 2026): राज्यांश ₹140.11 करोड़ + केंद्रांश ₹6.94 करोड़, जो NSAP एवं आठ राज्य पेंशन श्रेणियों को कवर करता है।
प्रारंभिक परीक्षा रैपिड-फायर
तीलू रौतेली — प्रसिद्ध गढ़वाली वीरांगना, जिनकी स्मृति में राज्य पेंशन/पुरस्कार है।
GLOF का अर्थ है हिमनद झील विस्फोट बाढ़, एक प्रमुख हिमालयी खतरा।
GEP (सकल पर्यावरण उत्पाद) — इसे अपनाने वाला उत्तराखंड पहला भारतीय राज्य है।
अनुच्छेद 44 (DPSP) राज्य को समान नागरिक संहिता सुनिश्चित करने का निर्देश देता है।
कर उछाल > 1 का अर्थ है कर राजस्व का GDP से तेज बढ़ना।
AK-203 राइफलें भारत-रूस संयुक्त उपक्रम IRRPL द्वारा कोरवा, अमेठी (UP) में बनती हैं।
अभ्यास MCQs — UKPSC Prelims पैटर्न
Q1. राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. यह पूर्णतः राज्य-वित्तपोषित योजना है।
2. यह संविधान के अनुच्छेद 41 को मूर्त रूप देता है।
3. इसमें वृद्धावस्था, विधवा एवं दिव्यांग पेंशन घटक शामिल हैं।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?
केवल 1 और 2
केवल 2 और 3
केवल 1 और 3
1, 2 और 3
उत्तर देखें
उत्तर: B NSAP एक केंद्र-प्रायोजित योजना है (पूर्णतः राज्य-वित्तपोषित नहीं), अतः कथन 1 गलत है। यह अनुच्छेद 41 (DPSP) को साकार करती है और इसमें वृद्धावस्था, विधवा व दिव्यांग पेंशन शामिल हैं, अतः 2 और 3 सही हैं।
Q2. उत्तराखंड में आपदा प्रबंधन के संदर्भ में निम्नलिखित पर विचार कीजिए:
1. राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) की अध्यक्षता मुख्यमंत्री करते हैं।
2. GLOF का आशय हिमनद झील से जल के अचानक निकलने से आने वाली बाढ़ से है।
3. जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) का प्रमुख जिलाधिकारी होता है।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?
केवल 1 और 2
केवल 2 और 3
केवल 1 और 3
1, 2 और 3
उत्तर देखें
उत्तर: D आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के तहत SDMA की अध्यक्षता मुख्यमंत्री और DDMA की जिलाधिकारी/कलेक्टर करते हैं; GLOF एक हिमनद झील विस्फोट बाढ़ है। तीनों कथन सही हैं।
मुख्य परीक्षा अभ्यास प्रश्न
Q. प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) ने उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्यों में सामाजिक-सुरक्षा पेंशन के वितरण को बदल दिया है। इसके लाभों तथा अंतिम-छोर तक वितरण सुनिश्चित करने में शेष चुनौतियों की चर्चा कीजिए। (250 शब्द)
संकेत / दृष्टिकोण
लाभ (रिसाव में कमी, आधार-सीडिंग, समयबद्धता, पारदर्शिता) तथा चुनौतियाँ (पर्वतों में बैंकिंग पहुँच व कनेक्टिविटी, बहिष्करण त्रुटियाँ, डिजिटल साक्षरता, निष्क्रिय खाते) को कवर करें। अनुच्छेद 41 एवं JAM त्रयी से जोड़ें; आगे की राह सुझाएँ।
📌 एक पंक्ति में रिवीज़न: आज याद रखें: ₹147.05 करोड़ पेंशन DBT से 9.91 लाख को (उत्तराखंड) • युवा भविष्य निर्माण योजना (मुफ्त कोचिंग) • GEP = पहला राज्य • UCC संशोधन अध्यादेश 2026 • प्रत्यक्ष-कर उछाल 1.39 • 8 नए HC मुख्य न्यायाधीश • UN 'Correct the Map'।