Tuesday, 3 November 2026 · IST · राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय · 11 टॉपिक · 2 MCQs
रक्षा मंत्रालय ने GRSE और गोवा शिपयार्ड के साथ आठ नेक्स्ट जेनरेशन कार्वेट के लिए ₹53,866 करोड़ के अनुबंध किए, वहीं प्रधानमंत्री ने अगले 10–11 वर्षों में 500 GW अतिरिक्त गैर-जीवाश्म क्षमता जोड़ने का लक्ष्य रखा। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-NCR में प्रमाणित ग्रीन पटाखों को केवल 7–8 नवंबर को अनुमति दी और बंधुआ मजदूरों को 7 दिन में सहायता देने का आदेश दिया; दिल्ली में GRAP चरण II लागू हुआ और केंद्र ने VB-G RAM G के तहत 15 दिन की शिकायत निवारण नियमावली अधिसूचित की।
आज एक नज़र में — याद रखने वाली बातें
रक्षा मंत्रालय ने 8 नेक्स्ट-जेन कार्वेट हेतु ₹53,866 करोड़ का सौदा किया – GRSE 5, GSL 3।
प्रधानमंत्री: भारत 10–11 वर्षों में 500 GW अतिरिक्त गैर-जीवाश्म क्षमता जोड़ेगा।
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-NCR में प्रमाणित ग्रीन पटाखों को केवल 7–8 नवंबर को अनुमति दी।
सुप्रीम कोर्ट: मुक्त बंधुआ मजदूरों को रिहाई प्रमाणपत्र के 7 दिन में सहायता मिले।
VB-G RAM G शिकायत निवारण नियम अधिसूचित – 15 दिन में निपटारा।
AQI 327 ('बहुत खराब') पहुँचने पर दिल्ली-NCR में GRAP चरण II लागू।
अक्टूबर में विनिर्माण PMI घटकर 54.7; निर्यात ऑर्डर 6 माह के उच्च स्तर पर।
2027 तक सभी राज्य राजधानियों में FRRO खुलेंगे।
पहला BIMSTEC समुद्री सुरक्षा अभ्यासश्री विजयपुरम में संपन्न।
NSA डोभालहनोई में – भारत–वियतनाम रक्षा संबंध और गहरे करेंगे।
विस्तृत नोट्स
1. रक्षा मंत्रालय ने 8 नेक्स्ट जेनरेशन कार्वेट के लिए ₹53,866 करोड़ का सौदा किया
DEFENCEUPSC: प्रारंभिक + मुख्य GS3 (रक्षा एवं सुरक्षा)
सिलेबस से संबंध
GS3 – सुरक्षा, रक्षा स्वदेशीकरण; प्रारंभिक – रक्षा PSU, युद्धपोत श्रेणियाँ, आत्मनिर्भर भारत।
संदर्भ
2 नवंबर 2026 को रक्षा मंत्रालय ने नौसेना के लिए आठ नेक्स्ट जेनरेशन कार्वेट (NGC) हेतु ₹53,866.50 करोड़ के अनुबंध किए; CCS की मंजूरी के एक सप्ताह के भीतर।
मुख्य तथ्य
GRSE, कोलकाता5 और गोवा शिपयार्ड लि.3 पोत बनाएगा; GRSE मई 2025 में न्यूनतम बोलीदाता (L1) था।
बहु-भूमिका स्टेल्थ पोत – सतह-रोधी व पनडुब्बी-रोधी युद्ध, तटीय रक्षा और तटवर्ती युद्ध हेतु; पुराने एकल-भूमिका मिसाइल कार्वेट का स्थान लेंगे।
इस श्रेणी का नौसेना का स्वदेशी डिज़ाइन पहली बार प्रतिस्पर्धी बोली से रक्षा PSU को – नामांकन या विदेशी लाइसेंस से नहीं।
प्रति पोत लगभग ₹6,733 करोड़; पहली डिलीवरी 2030 तक; 10 वर्षों में शिपयार्ड में ~72 लाख और MSME में 460 लाख मानव-दिवस रोजगार।
आगे की राह
डिलीवरी समयसीमा का पालन, स्वदेशी हथियार-सेंसर सामग्री में वृद्धि और निजी शिपयार्ड को आपूर्ति शृंखला से जोड़ना।
अवधारणा
कार्वेट – समुद्र में चलने वाले युद्धपोतों की सबसे छोटी श्रेणी (फ्रिगेट व डिस्ट्रॉयर से छोटी)। CCS की अध्यक्षता प्रधानमंत्री करते हैं; DAP-2020 में 'Buy (Indian-IDDM)' को सर्वोच्च प्राथमिकता।
डोनट चार्ट: 8 नेक्स्ट जेनरेशन कार्वेट का बँटवारा – GRSE कोलकाता 5 और गोवा शिपयार्ड 3; कुल ₹53,866 करोड़, प्रति पोत लगभग ₹6,733 करोड़, पहली डिलीवरी 2030 तक। — StudyForGS
2. प्रधानमंत्री: भारत 10–11 वर्षों में 500 GW अतिरिक्त गैर-जीवाश्म क्षमता जोड़ेगा
ENVIRONMENTUPSC: प्रारंभिक + मुख्य GS3 (ऊर्जा एवं पर्यावरण)
सिलेबस से संबंध
GS3 – ऊर्जा, अवसंरचना, जलवायु प्रतिबद्धताएँ; प्रारंभिक – ISA, NDC, पीएम सूर्य घर, पीएम-कुसुम।
संदर्भ
भारत मंडपम में 9वीं ISA असेंबली (2–5 नवंबर) के साथ आयोजित भारत नवीकरणीय ऊर्जा शिखर सम्मेलन एवं एक्सपो 2026 का उद्घाटन करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वच्छ ऊर्जा ने पश्चिम एशिया संकट से भारत को बचाया।
मुख्य तथ्य
500 GW (2030) लक्ष्य (COP-26) की ओर भारत के पास ~300 GW गैर-जीवाश्म क्षमता; 50% गैर-जीवाश्म हिस्सेदारी2025 में, 5 वर्ष पहले प्राप्त।
एक दशक में सोलर मॉड्यूल विनिर्माण ~2 GW से 200+ GW; सोलर सेल क्षमता ~40 GW।
2030 तक ₹20 लाख करोड़ (~US$220 अरब) का निवेश अवसर; पिछले दशक में ₹15 लाख करोड़ निवेश।
पीएम सूर्य घर: 65 लाख+ घर (लक्ष्य 1 करोड़); पीएम-कुसुम: 30 लाख+ किसान; US$200 मिलियन अफ्रीका सोलर फैसिलिटी प्रस्तावित।
आगे की राह
नई क्षमता के साथ भंडारण, ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर का अगला चरण (~₹2 लाख करोड़) और सेल-वेफर आत्मनिर्भरता।
अवधारणा
ISA – भारत व फ्रांस द्वारा COP-21 पेरिस (2015) में शुरू; मुख्यालय गुरुग्राम। पंचामृत (COP-26) – 2070 तक नेट ज़ीरो।
बार चार्ट: भारत की स्वच्छ ऊर्जा – लगभग 300 GW गैर-जीवाश्म क्षमता बनाम 500 GW (2030) लक्ष्य, सोलर मॉड्यूल विनिर्माण लगभग 2 GW से 200 GW से अधिक, और सोलर सेल क्षमता लगभग 40 GW। — StudyForGS
3. वित्त मंत्री: निजी निवेश बढ़ने तक पूंजीगत व्यय पर जोर जारी रहेगा
ECONOMYUPSC: प्रारंभिक + मुख्य GS3 (भारतीय अर्थव्यवस्था)
2 नवंबर 2026 को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि निजी निवेश से क्षमता विस्तार होने तक केंद्र सार्वजनिक पूंजीगत व्यय जारी रखेगा, पर राजकोषीय विवेक पर कोई समझौता नहीं।
मुख्य तथ्य
बजट 2026-27 में पूंजीगत व्यय ₹12.2 लाख करोड़; वित्त मंत्री ने पाँच वर्षों के गुणक प्रभाव का उल्लेख किया।
7%+ संवृद्धि के लिए अधिक इक्विटी पूंजी आवश्यक; GST व बैंक दर्शाते हैं कि 'कोई कमजोरी नहीं'।
FPI ने FY27 (अक्टूबर तक) में ~₹1.6 लाख करोड़ की इक्विटी बेची, पर पिछले दो सप्ताह में शुद्ध खरीदार बने।
पूर्व CVC एस.एन. पटेल की अध्यक्षता में बैंकिंग समितिअप्रैल 2027 तक रिपोर्ट देगी; हर जिले में AI-प्रशिक्षण केंद्र की योजना।
आगे की राह
PLI, GST सुधार और व्यापार सुगमता से निजी निवेश को प्रोत्साहित (crowd-in) करना, साथ ही राजकोषीय मार्ग पर बने रहना।
अवधारणा
पूंजीगत व्यय परिसंपत्तियाँ बनाता है या देनदारियाँ घटाता है; इसका गुणक राजस्व व्यय से अधिक होता है। क्राउडिंग-इन बनाम क्राउडिंग-आउट; FRBM अधिनियम, 2003।
4. सियांग अपर बहुउद्देशीय परियोजना: अरुणाचल मुख्यमंत्री ने संवाद की पेशकश की
ENVIRONMENTUPSC: प्रारंभिक + मुख्य GS3 (अवसंरचना एवं पर्यावरण)
पूर्वी सियांग (23–24 अक्टूबर) में हिंसक विरोध के बाद मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने प्रदर्शनकारियों को पत्र लिखकर प्रस्तावित ~11,000 MW SUMP पर संवाद, पारदर्शिता और जन-परामर्श का आश्वासन दिया।
मुख्य तथ्य
सियांग (यारलुंग त्सांगपो) पर प्रस्तावित 11,000–11,200 MW परियोजना – भारत की सबसे बड़ी जलविद्युत परियोजना होगी।
अभी केवल पूर्व-व्यवहार्यता रिपोर्ट (PFR) हेतु सर्वेक्षण; 23 अक्टूबर 2026 को NHPC कार्यालय में आगजनी।
ऊपरी धारा में यारलुंग त्सांगपो (मेडोग) पर चीन के विशाल बाँध के विरुद्ध रणनीतिक बफर माना जाता है।
मुख्यतः आदि समुदाय के संगठन PFR सर्वे व केंद्रीय बलों की वापसी चाहते हैं; विस्थापन व भूमि-हानि की आशंका।
आगे की राह
स्वतंत्र, पूर्व और सूचित सहमति, विश्वसनीय EIA व सामाजिक प्रभाव अध्ययन और लाभ-साझेदारी से सुरक्षा व आजीविका में संतुलन संभव।
अवधारणा
ब्रह्मपुत्र भारत में सियांग नाम से प्रवेश करती है; सदिया के पास दिबांग व लोहित से मिलती है। अनुच्छेद 371H – अरुणाचल प्रदेश हेतु विशेष प्रावधान।
भारत समाचारों में – क्रमांकित पिन वाला मानचित्र: 1 दिल्ली (GRAP-II, ग्रीन पटाखा आदेश, स्वच्छ ऊर्जा सम्मेलन), 2 कोलकाता (GRSE), 3 गोवा (गोवा शिपयार्ड), 4 श्री विजयपुरम (BIMSTEC समुद्री अभ्यास), 5 पूर्वी सियांग, अरुणाचल प्रदेश (सियांग परियोजना), 6 शाहजहाँपुर, उत्तर प्रदेश (बंधुआ मजदूरी मामला)। सीमाएँ भारत की आधिकारिक स्थिति के अनुसार। — StudyForGS
5. AQI 'बहुत खराब' होने पर दिल्ली-NCR में GRAP चरण II लागू
दिल्ली का AQI 327 पहुँचने पर CAQM ने 2 नवंबर 2026 को GRAP चरण II लागू किया; तीन दिनों में यह 117 (31 अक्टूबर) और 261 (1 नवंबर) से बढ़ा।
मुख्य तथ्य
चरण II प्रतिबंध: कोयला व लकड़ी पर रोक, डीज़ल जनरेटर पर सीमा, पार्किंग शुल्क में वृद्धि, अधिक मशीनी सफाई व छिड़काव।
IMD/IITM का पूर्वानुमान – AQI 'बहुत खराब' बना रहेगा; शांत मौसम और पराली दहन से भार बढ़ा।
GRAP चरण: I खराब (201–300), II बहुत खराब (301–400), III गंभीर (401–450), IV अति गंभीर (>450)।
आगे की राह
आकस्मिक GRAP से आगे बढ़कर वर्ष-भर एयरशेड आधारित कार्रवाई – स्वच्छ परिवहन, धूल नियंत्रण व फसल-अवशेष समाधान।
अवधारणा
CAQM – NCR व निकटवर्ती क्षेत्रों हेतु CAQM अधिनियम, 2021 के तहत वैधानिक निकाय। राष्ट्रीय AQI (2014)8 प्रदूषकों को मापता है – PM2.5, PM10, NO2, SO2, CO, O3, NH3, Pb।
6. पहला BIMSTEC समुद्री सुरक्षा अभ्यास अंडमान में संपन्न
DEFENCEUPSC: प्रारंभिक + मुख्य GS3 (समुद्री सुरक्षा) व GS2 (क्षेत्रीय समूह)
सिलेबस से संबंध
GS3 – समुद्री सुरक्षा; GS2 – क्षेत्रीय समूह; प्रारंभिक – BIMSTEC सदस्य, अंडमान-निकोबार कमान।
संदर्भ
भारत ने 30 अक्टूबर से 3 नवंबर 2026 तक श्री विजयपुरम में पहले BIMSTEC समुद्री सुरक्षा अभ्यास की मेज़बानी की; इसकी घोषणा प्रधानमंत्री ने छठे BIMSTEC शिखर सम्मेलन, बैंकॉक (अप्रैल 2025) में की थी।
मुख्य तथ्य
मेज़बानी अंडमान-निकोबार कमान – भारत की एकमात्र त्रि-सेवा कमान; थीम 'Shared Seas, Shared Security and Shared Prosperity'।
3 दिवसीय टेबलटॉप + 2 दिवसीय हार्बर चरण; पोतों में SLNS गजबाहु (श्रीलंका) व UMS किंग औंग ज़ेया (म्यांमार)।
फोकस: बंगाल की खाड़ी में समुद्री क्षेत्र जागरूकता, HADR, समुद्री अपराध, आतंकवाद व तेल-रिसाव प्रतिक्रिया।
प्रथम BIMSTEC गृह मंत्रियों की बैठक (13 अक्टूबर 2026) की दिल्ली घोषणा पर आधारित।
आगे की राह
इसे वार्षिक अभ्यास बनाना और सुरक्षित बंगाल की खाड़ी हेतु IFC-IOR सूचना-साझेदारी से जोड़ना।
अवधारणा
BIMSTEC (1997, बैंकॉक घोषणा; सचिवालय ढाका) – 7 सदस्य: बांग्लादेश, भूटान, भारत, म्यांमार, नेपाल, श्रीलंका, थाईलैंड; चार्टर2024 से प्रभावी।
7. सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-NCR में 7–8 नवंबर को प्रमाणित ग्रीन पटाखों की अनुमति दी
POLITYUPSC: प्रारंभिक + मुख्य GS2 (राजव्यवस्था – न्यायपालिका व अधिकार) व GS3
सिलेबस से संबंध
GS2 – न्यायपालिका, मौलिक अधिकार; GS3 – प्रदूषण; प्रारंभिक – अनुच्छेद 21 व 25, CSIR-NEERI, PESO।
संदर्भ
न्यायमूर्ति एम.एम. सुंदरेश व पी.बी. वराले की पीठ ने दीपावली हेतु पूर्ण प्रतिबंध में ढील दी: प्रमाणित ग्रीन पटाखे7–8 नवंबर 2026 को बेचे-जलाए जा सकेंगे; 9 नवंबर से पूर्ण प्रतिबंध फिर लागू।
मुख्य तथ्य
पटाखे केवल सुबह 6–7 व रात 8–10 बजे; ऑनलाइन बिक्री नहीं; बिक्री केवल जिला-निर्धारित स्थलों पर।
केवल CSIR-NEERI स्वीकृत, QR कोड व PESO लाइसेंस वाले उत्पाद; बेरियम व पारंपरिक 'लड़ी' पर रोक जारी।
अस्पताल, स्कूल व साइलेंस ज़ोन के पास 300 मीटर पटाखा-मुक्त क्षेत्र; CPCB दैनिक AQI रिपोर्ट देगा; अगली सुनवाई 16 दिसंबर।
न्यायालय: पूर्ण प्रतिबंध ने अवैध बाज़ार को बढ़ावा दिया; अनुच्छेद 25, अनुच्छेद 21 के स्वस्थ पर्यावरण के अधिकार के अधीन।
आगे की राह
कठोर प्रवर्तन और स्वास्थ्य-AQI आँकड़े तय करें कि संतुलित छूट बेहतर है या प्रतिबंध।
अवधारणा
ग्रीन पटाखे (CSIR-NEERI) उत्सर्जन लगभग 30% घटाते हैं, बेरियम रहित; प्रकार SWAS, SAFAL, STAR। मामला: अर्जुन गोपाल बनाम भारत संघ (2015 की याचिका)।
8. सुप्रीम कोर्ट: मुक्त बंधुआ मजदूरों को 7 दिन में सहायता मिले
SOCIETYUPSC: प्रारंभिक + मुख्य GS2 (कमजोर वर्ग व मौलिक अधिकार)
सिलेबस से संबंध
GS2 – कमजोर वर्ग, मौलिक अधिकार; GS1 – सामाजिक मुद्दे; प्रारंभिक – अनुच्छेद 23, बंधुआ श्रम उन्मूलन अधिनियम 1976।
संदर्भ
सुरेंद्र मांझी बनाम भारत संघ (2 नवंबर 2026) में न्यायमूर्ति विक्रम नाथ व अपरेश कुमार सिंह ने कहा कि पुनर्वास में देरी उसे नकारने के समान है और राष्ट्रव्यापी समयसीमाएँ तय कीं।
मुख्य तथ्य
रिहाई प्रमाणपत्र के सामान्यतः 7 दिन में तत्काल सहायता; शिकायत सत्यापन व प्रमाणपत्र 24 घंटे में।
अंतर-राज्यीय विवाद या लंबित आपराधिक मामलों के कारण सहायता नहीं रोकी जा सकती; अनु. 21 व 23 का दायित्व रिहाई के बाद भी।
केंद्र: 3 माह में NHRC के साथ दिशानिर्देश, एकसमान रिहाई प्रमाणपत्र और प्रभावी नवजीवन पोर्टल।
राज्य: नोडल अधिकारी, सक्रिय सतर्कता समितियाँ; शिकायतें 30 दिन में; मामला शाहजहाँपुर (उ.प्र.) के ईंट-भट्ठे से बचाव (2019) से जुड़ा।
आगे की राह
जिला पुनर्वास कोष, कल्याणकारी योजनाओं से अभिसरण और पुनः बंधुआ बनने से रोकने हेतु एक वर्ष तक निगरानी।
अवधारणा
अनुच्छेद 23बेगार व बलात् श्रम का निषेध करता है। बंधुआ श्रम पद्धति (उन्मूलन) अधिनियम, 1976; पुनर्वास हेतु केंद्रीय क्षेत्र योजना (2016) – ₹1–3 लाख सहायता। बंधुआ मुक्ति मोर्चा (1984)।
फ्लोचार्ट: बंधुआ मजदूरों हेतु सुप्रीम कोर्ट की समयसीमा – 24 घंटे में शिकायत सत्यापन, 24 घंटे में रिहाई प्रमाणपत्र, 7 दिन में तत्काल सहायता, 30 दिन में शिकायत निवारण, और कम-से-कम एक वर्ष तक जिला सतर्कता समिति की निगरानी। — StudyForGS
9. केंद्र ने VB-G RAM G शिकायत निवारण नियम, 2026 अधिसूचित किए
POLITYUPSC: प्रारंभिक + मुख्य GS2 (शासन व कल्याणकारी योजनाएँ)
सिलेबस से संबंध
GS2 – कल्याणकारी योजनाएँ, जवाबदेही; GS3 – ग्रामीण रोजगार; प्रारंभिक – VB-G RAM G अधिनियम, 2025।
संदर्भ
ग्रामीण विकास मंत्रालय ने 2 नवंबर 2026 को VB-G RAM G शिकायत निवारण नियम, 2026 अधिसूचित किए; ग्रामीण रोजगार गारंटी कानून के तहत शिकायतों हेतु 15 दिन की समयसीमा।
मुख्य तथ्य
तीन स्तर: ग्राम पंचायत → ब्लॉक → जिला; 15 दिन में अनसुलझी शिकायत ऊपर जाएगी।
भौतिक शिकायत उसी दिन डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर दर्ज; 7 कार्य-दिवस में जाँच।
प्रारूप, भाषा या प्रक्रियात्मक कमी के आधार पर कोई शिकायत अस्वीकार नहीं; अपील अधिनियम की अनुसूची I के तहत।
आलोचकों के अनुसार मसौदे के कुछ प्रमुख प्रावधान अंतिम नियमों से हटा दिए गए।
आगे की राह
स्वतंत्र लोकपाल, नियमित सामाजिक अंकेक्षण और रियल-टाइम MIS से 15 दिन की समयसीमा लागू हो सकती है।
अवधारणा
VB-G RAM G अधिनियम, 2025 (विकसित भारत – रोज़गार और आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण)) ने मनरेगा, 2005 का स्थान लिया; प्रति ग्रामीण परिवार 125 दिन मजदूरी रोजगार की गारंटी।
स्तर आरेख: VB-G RAM G शिकायत तंत्र – ग्राम पंचायत, फिर ब्लॉक, फिर जिला स्तर; 15 दिन बाद ऊपर भेजना, उसी दिन पंजीकरण और 7 कार्य-दिवस में जाँच। — StudyForGS
10. गृह मंत्रालय 2027 तक सभी राज्य राजधानियों में FRRO स्थापित करेगा
POLITYUPSC: प्रारंभिक + मुख्य GS2 (शासन) व GS3 (आंतरिक सुरक्षा)
सिलेबस से संबंध
GS2 – शासन; GS3 – सीमा व प्रवासन प्रबंधन; प्रारंभिक – आप्रवासन और विदेशियों विषयक अधिनियम, 2025।
संदर्भ
गृह मंत्रालय ने 2 नवंबर 2026 को बताया कि आप्रवासन और विदेशियों विषयक अधिनियम, 2025 के तहत 2027 तक सभी राज्य राजधानियों में विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (FRRO) खुलेंगे।
मुख्य तथ्य
2025 से 5 नए FRRO: जयपुर, चंडीगढ़, गुवाहाटी, आइज़ोल, अमरावती; अधिसूचित: कोहिमा, अगरतला, भुवनेश्वर।
FRRO के कार्य: पंजीकरण, आवासीय परमिट, वीज़ा विस्तार/रूपांतरण, संरक्षित-क्षेत्र परमिट व निकास परमिट।
2025 अधिनियम ने चार कानून मिलाए: पासपोर्ट (भारत में प्रवेश) अधिनियम 1920, विदेशी पंजीकरण अधिनियम 1939, विदेशी अधिनियम 1946, आप्रवासन (वाहक दायित्व) अधिनियम 2000।
आगे की राह
e-FRRO सेवाओं का विस्तार और अवैध प्रवास व अवधि-उल्लंघन की निगरानी हेतु राज्य पुलिस से डेटा एकीकरण।
अवधारणा
नागरिकता, देशीयकरण व विदेशी – संघ सूची (प्रविष्टि 17); अनुच्छेद 11 संसद को नागरिकता विनियमन का अधिकार देता है। आप्रवासन ब्यूरो (गृह मंत्रालय) आप्रवासन जाँच चौकियाँ चलाता है।
11. NSA डोभाल हनोई में: भारत–वियतनाम रक्षा सहयोग और गहरा करेंगे
IRUPSC: प्रारंभिक + मुख्य GS2 (अंतरराष्ट्रीय संबंध)
सिलेबस से संबंध
GS2 – द्विपक्षीय संबंध, एक्ट ईस्ट नीति; प्रारंभिक – वियतनाम, दक्षिण चीन सागर।
संदर्भ
NSA अजीत डोभाल ने 2 नवंबर 2026 को हनोई में वियतनाम के उप-प्रधानमंत्री व रक्षा मंत्री जनरल फान वान जियांग से भेंट की; दोनों पक्ष रक्षा सहयोग और गहरा करने पर सहमत।
मुख्य तथ्य
मई 2026 में राष्ट्रपति तो लाम की भारत यात्रा के दौरान संबंध उन्नत व्यापक रणनीतिक साझेदारी तक बढ़े।
2030 की ओर रक्षा साझेदारी पर संयुक्त दृष्टि की समीक्षा; विकसित भारत 2047 को वियतनाम विज़न 2045 से जोड़ा।
चौथा भारत–वियतनाम सुरक्षा संवादनई दिल्ली (अक्टूबर 2026) में – आतंकवाद-रोधी, साइबर, समुद्री सुरक्षा; 2016 MoU के तहत हर दो वर्ष में।
आगे की राह
रक्षा सह-उत्पादन, समुद्री क्षेत्र जागरूकता और आसियान से संपर्क का विस्तार।
अवधारणा
एक्ट ईस्ट नीति (2014) ने लुक ईस्ट (1991) को उन्नत किया; फोकस – वाणिज्य, संस्कृति, संपर्क। वियतनाम 1995 में आसियान में शामिल हुआ।
दक्षिण व दक्षिण-पूर्व एशिया का क्षेत्रीय मानचित्र: भारत, अन्य BIMSTEC सदस्य और वियतनाम हाइलाइट; नई दिल्ली, हनोई और श्री विजयपुरम (BIMSTEC समुद्री अभ्यास) चिह्नित। सीमाएँ भारत की आधिकारिक स्थिति के अनुसार। — StudyForGS
आज का डेटा पॉइंट
54.7
विनिर्माण PMI (अक्टूबर 2026) सितंबर के 55.1 से कम, पर 50 (विस्तार) से काफी ऊपर। नए निर्यात ऑर्डर6 माह के उच्च स्तर पर; इनपुट-लागत मुद्रास्फीति फरवरी 2026 के बाद सबसे कम और उत्पाद-मूल्य वृद्धि लगभग 4 वर्ष के निचले स्तर पर।
प्रारंभिक परीक्षा रैपिड-फायर
3 नवंबर – अंतरराष्ट्रीय बायोस्फीयर रिज़र्व दिवस (UNESCO); भारत में 18 बायोस्फीयर रिज़र्व, 13UNESCO विश्व नेटवर्क में।
मनीषा भानवाला – कुश्ती में भारत की पहली महिला विश्व चैंपियन (सीनियर वर्ल्ड्स, अस्ताना, 2026)।
EPFO ने 74वाँ स्थापना दिवस (1 नवंबर) मनाया; व्हाट्सऐप पर सेवाएँ और ₹1,000 तक के निष्क्रिय खातों का स्वतः निपटान शुरू।
दिनेश वी. गनवीर – भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के 55वें महानिदेशक (खान मंत्रालय)।
2 नवंबर – पत्रकारों के विरुद्ध अपराधों हेतु दंड-मुक्ति समाप्ति का अंतरराष्ट्रीय दिवस; 2026 थीम 'Threats Evolve. Impunity Endures.'
ऑपरेशन कैक्टस (3 नवंबर 1988) – भारतीय सेनाओं ने मालदीव में तख्तापलट का प्रयास विफल किया।
अभ्यास MCQs — UPSC Prelims पैटर्न
Q1. भारत में बंधुआ मजदूरी के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान का अनुच्छेद 23 बेगार और इसी प्रकार के अन्य बलात् श्रम का निषेध करता है। 2. बंधुआ श्रम पद्धति (उन्मूलन) अधिनियम 1976 में अधिनियमित हुआ। 3. इस अधिनियम के तहत जिला व उप-मंडल स्तर पर सतर्कता समितियाँ गठित की जाती हैं। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
केवल 1
केवल 1 और 2
केवल 2 और 3
1, 2 और 3
उत्तर देखें
उत्तर: D तीनों कथन सही हैं: अनुच्छेद 23 बेगार व बलात् श्रम का निषेध करता है; बंधुआ श्रम उन्मूलन अधिनियम, 1976 ने बंधुआ मजदूरी समाप्त की और जिला व उप-मंडल स्तर पर सतर्कता समितियों का प्रावधान किया।
Q2. निम्नलिखित में से कौन-से देश BIMSTEC के सदस्य हैं? 1. भूटान 2. मालदीव 3. म्यांमार 4. नेपाल 5. इंडोनेशिया। नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।
केवल 1, 3 और 4
केवल 1, 2, 3 और 4
केवल 2, 4 और 5
केवल 1, 3, 4 और 5
उत्तर देखें
उत्तर: A BIMSTEC के 7 सदस्य हैं: बांग्लादेश, भूटान, भारत, म्यांमार, नेपाल, श्रीलंका और थाईलैंड। मालदीव और इंडोनेशिया सदस्य नहीं हैं।
मुख्य परीक्षा अभ्यास प्रश्न
Q. निजी निवेश के पिछड़ने के बीच सार्वजनिक पूंजीगत व्यय भारत की संवृद्धि का मुख्य आधार रहा है। सार्वजनिक पूंजीगत व्यय के 'क्राउडिंग-इन' प्रभाव का आलोचनात्मक परीक्षण कीजिए तथा राजकोषीय विवेक से समझौता किए बिना निजी निवेश को पुनर्जीवित करने के उपाय सुझाइए। (250 शब्द, 15 अंक)
संकेत / दृष्टिकोण
भूमिका: 2026-27 में ₹12.2 लाख करोड़ पूंजीगत व्यय, वित्त मंत्री का कथन। मुख्य भाग: गुणक व क्राउडिंग-इन (लॉजिस्टिक्स, रेल, सड़क), सीमाएँ (ऋण, ब्याज भार, क्षमता उपयोग, FPI बहिर्वाह); उपाय – PLI, GST सुधार, ऋण प्रवाह, नियामक निश्चितता, PPP। निष्कर्ष में FRBM मार्ग।
📌 एक पंक्ति में रिवीज़न: कार्वेट ₹53,866 करोड़ (GRSE 5 + GSL 3) | 10–11 वर्षों में +500 GW स्वच्छ ऊर्जा | ग्रीन पटाखे केवल 7–8 नवंबर | बंधुआ मजदूरों को 7 दिन में सहायता | VB-G RAM G शिकायतें 15 दिन में | PMI 54.7