Thursday, 1 October 2026 · IST · राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय · 12 टॉपिक · 2 MCQs
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 135 GW नवीकरणीय बिजली की निकासी हेतु PM-DHARA (ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर चरण-III, ₹1,86,405 करोड़) को मंज़ूरी दी और रबी MSP 2027-28 बढ़ाए, जिसमें तिलहन व दलहन को सबसे अधिक बढ़ोतरी मिली। सितंबर 2026 में सकल GST 14.7% बढ़कर ₹2.03 लाख करोड़ रहा, वहीं UPSC ने अपना शताब्दी समारोह मनाया और नया बैंकर्स बुक्स एविडेंस एक्ट, 2026 लागू हुआ।
आज एक नज़र में — याद रखने वाली बातें
PM-DHARA: FY33 तक 135 GW RE निकासी + 50 GWh BESS हेतु ₹1,86,405 करोड़
RMS 2027-28 के लिए गेहूँ MSP: ₹2,610/क्विंटल (+₹25)
सर्वाधिक MSP वृद्धि: कुसुम (सैफ्लावर) +₹675, अब ₹7,215/क्विंटल
सितंबर 2026 सकल GST: ₹2.03 लाख करोड़, +14.7%
UPSC शताब्दी: लोक सेवा आयोग की स्थापना 1 Oct 1926 को
बैंकर्स बुक्स एविडेंस एक्ट, 2026 ने 1891 के कानून की जगह ली
PRAHAAR आतंकवाद-रोधी रणनीति के तहत प्रत्यर्पण पोर्टल शुरू
50 million भारतीय बच्चों के स्कूलों में स्वच्छता सुविधा नहीं (JMP)
भारत की UNESCO अस्थायी सूची बढ़कर 78 स्थल
महानदी विवाद पर अमित शाह की ओडिशा व छत्तीसगढ़ के साथ बैठक
विस्तृत नोट्स
1. PM-DHARA: 135 GW निकासी हेतु ₹1.86 लाख करोड़ का ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर चरण-III
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 30 Sept 2026 को PM-DHARA (डेवलपिंग हार्मोनाइज़्ड एंड एक्सेलरेटेड रिन्यूएबल एनर्जी एक्सेस) यानी ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर चरण-III को ₹1,86,405 करोड़ के परिव्यय के साथ मंज़ूरी दी, ताकि राज्य-भीतरी ग्रिड की बाधाएँ दूर हों।
मुख्य तथ्य
राज्य-भीतरी पारेषण प्रणाली (InSTS) हेतु ₹1,36,378 करोड़ + बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (BESS) हेतु ~₹50,000 करोड़।
केंद्रीय वित्तीय सहायता: ₹54,082 करोड़; FY 2032-33 तक 135 GW RE निकासी और 50 GWh BESS का लक्ष्य।
नई (ग्रीनफ़ील्ड) लाइनें टैरिफ-आधारित प्रतिस्पर्धी बोली (TBCB) से BOOM मॉडल पर; पुरानी लाइनों का उन्नयन कॉस्ट-प्लस आधार पर।
क्रियान्वयन राज्य पारेषण उपयोगिताओं (STUs) द्वारा; कमज़ोर राज्य ग्रिड के कारण RE कटौती (curtailment) घटाने का लक्ष्य।
आगे की राह
राइट-ऑफ़-वे मंज़ूरियाँ तेज़ करना, भंडारण को टैरिफ से जोड़ना और DISCOM वित्त सुधारना, ताकि 2030 तक 500 GW गैर-जीवाश्म लक्ष्य पटरी पर रहे।
अवधारणा
ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर: GEC-I (2015, InSTS + ISTS) और GEC-II (2022, 7 राज्य)। ISTS = अंतर-राज्यीय ग्रिड (CTU), InSTS = राज्य-भीतरी ग्रिड (STU)। BESS दिन की अतिरिक्त सौर बिजली को शाम की पीक माँग हेतु संग्रहित करता है।
PM-DHARA का इन्फोग्राफ़िक: कुल परिव्यय ₹1,86,405 करोड़ — राज्य-भीतरी पारेषण हेतु ₹1,36,378 करोड़ और बैटरी भंडारण हेतु लगभग ₹50,000 करोड़; FY 2032-33 तक 135 GW निकासी व 50 GWh भंडारण के लक्ष्य, तथा केंद्र से STUs तक क्रियान्वयन प्रवाह। — StudyForGS
2. रबी MSP 2027-28: तिलहन व दलहन को सबसे बड़ी बढ़ोतरी, गेहूँ में ₹25 की वृद्धि
ECONOMYCOMMON: Prelims + Mains GS3
सिलेबस से संबंध
GS3 – MSP, कृषि मूल्य निर्धारण, खाद्य सुरक्षा; Prelims – CACP, A2+FL लागत, अधिदेशित फसलें
संदर्भ
मंत्रिमंडल ने 30 Sept 2026 को रबी विपणन सत्र (RMS) 2027-28 हेतु सभी 6 रबी फसलों का MSP बढ़ाया और फसल विविधीकरण के लिए जानबूझकर तिलहन व दलहन को प्राथमिकता दी।
मुख्य तथ्य
गेहूँ ₹2,610/क्विंटल (+₹25), लागत पर सर्वाधिक मार्जिन 106%।
सबसे बड़ी वृद्धि: कुसुम +₹675 (₹7,215); रेपसीड-सरसों +₹413 (₹6,613); मसूर +₹390 (₹7,390)।
चना ₹5,958 (+₹83); जौ ₹2,286 (+₹136)।
लागत पर मार्जिन: सरसों 96%, मसूर 92%, चना 59%, जौ 58%, कुसुम 50% – सभी 1.5x मानक से ऊपर।
आगे की राह
ऊँचे MSP के साथ दलहन-तिलहन की सुनिश्चित खरीद (PM-AASHA) जोड़ी जाए, ताकि दाम वास्तव में किसानों तक पहुँचें और खाद्य तेल आयात घटे।
अवधारणा
22 अधिदेशित फसलों का MSP CACP (कृषि मंत्रालय का संबद्ध कार्यालय) की सिफ़ारिश पर तय होता है और CCEA अनुमोदित करती है; बजट 2018-19 से MSP कम-से-कम A2+FL लागत का 1.5 गुना है।
RMS 2027-28 हेतु MSP वृद्धि का बार चार्ट: कुसुम ₹675, रेपसीड-सरसों ₹413, मसूर ₹390, जौ ₹136, चना ₹83 और गेहूँ ₹25 प्रति क्विंटल, प्रत्येक फसल का लागत पर मार्जिन अंकित। — StudyForGS
3. PRAHAAR आतंकवाद-रोधी रणनीति: नया प्रत्यर्पण पोर्टल, थाना-स्तर तक प्रतिक्रिया पर ज़ोर
PRAHAAR – भारत की पहली राष्ट्रीय आतंकवाद-रोधी नीति व रणनीति (Feb 2026 में जारी) – पर राष्ट्रीय सम्मेलन में गृह मंत्री अमित शाह ने 28 Sept 2026 को प्रत्यर्पण पोर्टल शुरू किया और हर पुलिस थाने तक स्वचालित CT प्रतिक्रिया की बात कही।
मुख्य तथ्य
7 स्तंभ: रोकथाम, प्रतिक्रिया, क्षमताओं का समेकन, मानवाधिकार व विधि का शासन, सहायक परिस्थितियों का क्षरण, वैश्विक प्रयासों का संरेखण, पुनर्प्राप्ति व लचीलापन।
प्रत्यर्पण पोर्टल भगोड़ों की शीघ्र वापसी हेतु MHA, MEA, CBI और राज्य पुलिस को जोड़ता है।
2019-2026 के दौरान 36 देशों से 288 भगोड़े प्रत्यर्पित।
PRAHAAR को 10-वर्षीय रोडमैप में बदलना, प्रत्यर्पण/MLAT संधियों का विस्तार और रोकथाम हेतु रियल-टाइम डेटा संलयन (NATGRID) का उपयोग।
अवधारणा
UAPA 1967 (2019 संशोधन से व्यक्तियों को आतंकवादी घोषित किया जा सकता है); NIA अधिनियम 2008; प्रत्यर्पण अधिनियम 1962 (MEA केंद्रीय प्राधिकरण); 'आतंकवादी कृत्य' की परिभाषा BNS 2023 की धारा 113 में।
केंद्र में PRAHAAR और उसके चारों ओर सात स्तंभ — रोकथाम, प्रतिक्रिया, क्षमताओं का समेकन, मानवाधिकार व विधि का शासन, सहायक परिस्थितियों का क्षरण, अंतरराष्ट्रीय प्रयासों का संरेखण, पुनर्प्राप्ति व लचीलापन — तथा प्रत्यर्पण पोर्टल आँकड़ों का बॉक्स दर्शाता माइंड-मैप। — StudyForGS
4. PRAMAAN: राष्ट्रीय वन-प्रमाणन के पहले प्रमाणपत्र सौंपे गए
ENVIRONMENTPRELIMS: GS3 पर्यावरण
सिलेबस से संबंध
GS3 – संरक्षण, सतत वन प्रबंधन; Prelims – प्रमाणन योजनाएँ, EUDR
संदर्भ
भारतीय वन एवं काष्ठ प्रमाणन योजना (IFWCS) के ब्रांड PRAMAAN के तहत पहले प्रमाणपत्र 29 Sept 2026 को सौंपे गए, जो 33,000+ हेक्टेयर वन के सतत प्रबंधन को कवर करते हैं।
मुख्य तथ्य
IFWCS को MoEFCC ने 2023 में शुरू किया; संचालन IIFM, भोपाल के माध्यम से।
वन प्रबंधन, वनों के बाहर वृक्ष (ToF) और काष्ठ उत्पादों की चेन ऑफ़ कस्टडी का प्रमाणन।
स्वैच्छिक, बाज़ार-आधारित साधन; निर्यातकों को EU वनोन्मूलन विनियम (EUDR) जैसे वैधता मानक पूरे करने में मदद।
आगे की राह
प्रमाणन को संयुक्त वन प्रबंधन (JFM) समितियों और कृषि-वानिकी किसानों तक बढ़ाना, ताकि ग्रीन प्रीमियम स्थानीय समुदायों तक पहुँचे।
अवधारणा
सतत वन प्रबंधन = वनों का क्षरण किए बिना वर्तमान आवश्यकताओं की पूर्ति; वैश्विक समकक्ष FSC और PEFC; भारत का वन + वृक्ष आवरण उसके क्षेत्रफल का लगभग एक-चौथाई है (ISFR)।
5. सितंबर 2026 में GST संग्रह ₹2 लाख करोड़ के पार, 14.7% वृद्धि
1 Oct 2026 को जारी आधिकारिक आँकड़ों के अनुसार सितंबर 2026 में सकल GST₹2.03 लाख करोड़ रहा, जो वार्षिक आधार पर 14.7% अधिक है; आयात-आधारित संग्रह में तेज़ उछाल प्रमुख कारण रहा।
मुख्य तथ्य
घरेलू GST ₹1.38 लाख करोड़ (+10.1%); आयात ₹65,525 करोड़ (+26%)।
रिफ़ंड ₹27,001 करोड़ (−3%); शुद्ध GST ₹1.76 लाख करोड़ (+18.1%)।
H1 FY27 (अप्रैल-सितंबर): सकल ₹12.46 लाख करोड़ (+11.6%), शुद्ध ₹10.66 लाख करोड़ (+10.4%)।
आगे की राह
दर-युक्तिकरण के बाद उछाल बनाए रखने हेतु रिफ़ंड में तेज़ी, GST अपीलीय न्यायाधिकरण का पूर्ण संचालन और फ़र्ज़ी बिलिंग पर रोक।
अवधारणा
GST 101वें संविधान संशोधन (2016) से; अनु. 279A से GST परिषद बनी। GST 2.0 (22 Sept 2025 से) में दो मुख्य स्लैब 5% और 18%, तथा सिन/विलासिता वस्तुओं पर 40%; आयात पर IGST लगता है।
सितंबर 2026 GST संग्रह (लाख करोड़ ₹) का बार चार्ट: सकल 2.03 (+14.7%), घरेलू 1.38 (+10.1%), आयात 0.66 (+26%), रिफ़ंड 0.27 (−3%) और शुद्ध 1.76 (+18.1%)। — StudyForGS
6. UPSC के 100 वर्ष: प्रधानमंत्री ने सिक्का, डाक टिकट और ऐतिहासिक निर्णयों की पुस्तक जारी की
POLITYCOMMON: Prelims + Mains GS2
सिलेबस से संबंध
GS2 – संवैधानिक निकाय, सिविल सेवाएँ; Prelims – अनु. 315-323, ली आयोग, भारत शासन अधिनियम
संदर्भ
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1 Oct 2026 को भारत मंडपम, नई दिल्ली में UPSC शताब्दी समापन समारोह में भाग लिया – 1 Oct 1926 को लोक सेवा आयोग की स्थापना के ठीक 100 वर्ष बाद।
मुख्य तथ्य
स्मारक सिक्का, डाक टिकट और PSC नीतियों पर पुस्तक '100 Landmark Judgements' जारी।
1926 PSC की स्थापना ली आयोग (1924) की सिफ़ारिश पर; प्रथम अध्यक्ष सर रॉस बार्कर।
भारत शासन अधिनियम 1935 से संघीय लोक सेवा आयोग बना; 26 Jan 1950 को यह UPSC बना।
अध्यक्ष डॉ. अजय कुमार ने 'विश्वास, पारदर्शिता और प्रौद्योगिकी' पर बल दिया।
आगे की राह
परीक्षा चक्र छोटा करना, प्रौद्योगिकी से परीक्षा सुरक्षा मज़बूत करना और योग्यता-प्रणाली को सुरक्षित रखकर जन-विश्वास बनाए रखना।
अवधारणा
भाग XIV, अनु. 315-323: सदस्यों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा, कार्यकाल 6 वर्ष या 65 वर्ष की आयु; अनु. 317 के तहत हटाना (कदाचार पर SC जाँच); कार्य अनु. 320 में; वार्षिक प्रतिवेदन अनु. 323 के तहत।
UPSC की समयरेखा: ली आयोग 1924, 1 अक्टूबर 1926 को लोक सेवा आयोग की स्थापना, भारत शासन अधिनियम 1935 से संघीय PSC, 26 जनवरी 1950 को UPSC नामकरण, 1 अक्टूबर 2025 से शताब्दी वर्ष और 1 अक्टूबर 2026 को शताब्दी समारोह। — StudyForGS
7. बैंकर्स बुक्स एविडेंस एक्ट, 2026 लागू, 1891 का औपनिवेशिक कानून समाप्त
POLITYCOMMON: Prelims + Mains GS2
सिलेबस से संबंध
GS2 – सरकारी नीतियाँ, न्यायपालिका; GS3 – बैंकिंग; Prelims – नए आपराधिक कानून, ई-साक्ष्य
संदर्भ
बैंकर्स बुक्स एविडेंस एक्ट, 20261 Oct 2026 से लागू हुआ, जिसने 135 वर्ष पुराने 1891 के अधिनियम को हटाकर अदालतों में बैंक अभिलेख सिद्ध करने हेतु प्रौद्योगिकी-तटस्थ ढाँचा दिया।
मुख्य तथ्य
'बैंकर्स बुक्स' में अब किसी भी डेटा-भंडारण रूप के अभिलेख, इलेक्ट्रॉनिक/डिजिटल सहित, शामिल।
प्रमाणित प्रतियाँ मूल के बिना स्वीकार्य, बशर्ते सही ढंग से प्राप्त हों और कोई छेड़छाड़ न हो।
जहाँ बैंक पक्षकार नहीं, वहाँ बैंक अधिकारी गवाही को बाध्य नहीं – केवल विशेष कारण हेतु अदालती आदेश पर।
केंद्र अधिसूचना द्वारा अधिनियम को अन्य वित्तीय-क्षेत्र संस्थाओं पर लागू कर सकता है; डिजिटल व इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर मान्य।
आगे की राह
BSA 2023 के ई-साक्ष्य नियमों और DPDP अधिनियम 2023 से सामंजस्य, तथा अदालतों व बैंक कर्मियों को डिजिटल अभिलेख अखंडता पर प्रशिक्षण।
अवधारणा
कानूनों के विऔपनिवेशीकरण का हिस्सा: BNS, BNSS और BSA 2023 ने 1 July 2024 से IPC, CrPC और साक्ष्य अधिनियम 1872 की जगह ली; इलेक्ट्रॉनिक अभिलेखों हेतु BSA की धारा 63 के तहत प्रमाणपत्र आवश्यक।
8. ओडिशा-छत्तीसगढ़ महानदी जल विवाद पर केंद्र की पहल
गृह मंत्री अमित शाह ने 1 Oct 2026 को लंबे समय से चल रहे महानदी विवाद पर ओडिशा और छत्तीसगढ़ के साथ बैठक की अध्यक्षता की; दोनों राज्य केंद्रीय जल आयोग (CWC) के निर्णय मानने पर सहमत।
मुख्य तथ्य
महानदी सिहावा (धमतरी, छत्तीसगढ़) के पास से निकलकर ओडिशा में बंगाल की खाड़ी में गिरती है।
ओडिशा को छत्तीसगढ़ के ऊपरी बैराजों से हीराकुंड बाँध तक शुष्क-मौसम प्रवाह घटने पर आपत्ति।
ISRWD अधिनियम 1956 के तहत March 2018 में महानदी जल विवाद न्यायाधिकरण गठित।
दोनों राज्यों के अधिकारियों ने सौहार्दपूर्ण समाधान हेतु 31 Aug 2026 को बैठक की।
आगे की राह
बेसिन-स्तरीय आँकड़ों, संयुक्त प्रवाह निगरानी और सुनिश्चित शुष्क-मौसम जल-निर्मुक्ति पर आधारित समझौता न्यायाधिकरण की देरी समाप्त कर सकता है।
अवधारणा
अनु. 262 संसद को अंतर-राज्यीय जल विवादों में अदालतों का क्षेत्राधिकार रोकने की शक्ति देता है; राज्य सूची प्रविष्टि 17 (जल) संघ सूची प्रविष्टि 56 (अंतर-राज्यीय नदियाँ) के अधीन; नदी बोर्ड अधिनियम 1956।
9. मोदी-ट्रंप फ़ोन वार्ता: भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी की पुनः पुष्टि
IRCOMMON: Prelims + Mains GS2
सिलेबस से संबंध
GS2 – द्विपक्षीय संबंध, विकसित देशों की नीतियों का भारत के हितों पर प्रभाव
संदर्भ
प्रधानमंत्री मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 30 Sept 2026 को बातचीत की, व्यापार, रक्षा, ऊर्जा और महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों में सहयोग की समीक्षा की और निकट संपर्क बनाए रखने पर सहमति जताई।
मुख्य तथ्य
नेताओं ने क्षेत्रीय घटनाक्रम और वैश्विक शांति व सुरक्षा पर भी चर्चा की।
यह वार्ता ऐसे समय हुई जब वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल USTR जेमिसन ग्रीर के साथ द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत कर रहे हैं।
भारत चाहता है कि उस पर प्रतिस्पर्धियों से अधिक टैरिफ न हो; रूसी तेल आयात पर तनाव बरकरार।
ASEAN शिखर सम्मेलन (Nov) और G20 शिखर सम्मेलन (Dec, USA) में संभावित मुलाक़ात।
आगे की राह
प्रारंभिक चरण का व्यापार समझौता पूरा करना, ऊर्जा सुरक्षा की रक्षा और तकनीक-रक्षा स्तंभ (TRUST पहल) को टैरिफ उतार-चढ़ाव से बचाना।
अवधारणा
संबंध 2020 में व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी तक उन्नत; मूलभूत समझौते LEMOA (2016), COMCASA (2018), BECA (2020); दोनों क्वाड सदस्य।
10. संघर्षों से आपूर्ति शृंखला बाधित, जयशंकर ने 'बड़े खाद्य संकट' की चेतावनी दी
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने 28 Sept 2026 को न्यूयॉर्क में चेतावनी दी कि दुनिया 'बड़े खाद्य संकट' का सामना कर सकती है; सुरक्षा व तेल-आपूर्ति झटकों के मेल को उन्होंने 'गहराता संकट' कहा।
मुख्य तथ्य
यूक्रेन युद्ध और ईरान-खाड़ी संघर्ष से काला सागर के अनाज व नौवहन मार्ग बाधित।
पश्चिम एशिया और रूस में व्यवधान से उर्वरक आपूर्ति प्रभावित; ऊर्जा बाज़ार 'बहुत तंग'।
ग्लोबल साउथ को महँगा भोजन, भाड़ा व उर्वरक तथा कमज़ोर पूँजी प्रवाह झेलना पड़ रहा है; संभावित सुपर एल-नीनो जोखिम बढ़ाता है।
आगे की राह
ग्लोबल साउथ की खाद्य सुरक्षा हेतु G20/BRICS मंच का उपयोग, उर्वरक स्रोतों का विविधीकरण और रणनीतिक अनाज-उर्वरक भंडार का निर्माण।
अवधारणा
FAO के अनुसार खाद्य सुरक्षा के 4 स्तंभ: उपलब्धता, पहुँच, उपयोग, स्थिरता। NFSA 2013 के तहत 75% ग्रामीण और 50% शहरी आबादी तक कवरेज। होर्मुज़ जलडमरूमध्य ऊर्जा-उर्वरक व्यापार का प्रमुख अवरोध-बिंदु।
11. WHO-UNICEF रिपोर्ट: 50 million भारतीय बच्चों के स्कूलों में स्वच्छता सुविधा नहीं
REPORTCOMMON: Prelims + Mains GS2
सिलेबस से संबंध
GS2 – शिक्षा, स्वास्थ्य, कमज़ोर वर्गों के मुद्दे; Prelims – JMP, SDG 4.a व 6
संदर्भ
WHO-UNICEF संयुक्त निगरानी कार्यक्रम (JMP) की स्कूलों में WASH 2015-2025 रिपोर्ट के अनुसार 2025 में 50 million भारतीय बच्चों के स्कूलों में बुनियादी स्वच्छता नहीं थी – किसी भी देश में सर्वाधिक।
मुख्य तथ्य
विश्व स्तर पर 244 million बच्चों के स्कूलों में स्वच्छता नहीं; भारत का हिस्सा लगभग 20%।
भारत: 12 million बच्चों के स्कूलों में पेयजल और 20 million के स्कूलों में स्वच्छता (हाइजीन) सेवाएँ नहीं।
भारत ने बिना स्वच्छता वाले स्कूल 14% घटाए, पर विश्व 2030 तक सार्वभौमिक स्कूल WASH के लक्ष्य से पीछे है।
आगे की राह
कार्यशील, लैंगिक रूप से पृथक शौचालयों व संचालन-रखरखाव निधि हेतु समग्र शिक्षा, स्वच्छ भारत मिशन और जल जीवन मिशन का अभिसरण।
अवधारणा
SDG 4.a – बाल-, दिव्यांग- व लैंगिक-संवेदी विद्यालय सुविधाएँ; SDG 6.2 – सभी के लिए स्वच्छता; स्वच्छ विद्यालय अभियान (2014); RTE अधिनियम 2009 बालिकाओं हेतु पृथक शौचालय अनिवार्य करता है।
2025 में स्कूलों में बुनियादी स्वच्छता से वंचित बच्चों (मिलियन) का क्षैतिज बार चार्ट: भारत 50, नाइजीरिया 34, इथियोपिया 26, DR कांगो 11, इंडोनेशिया 8; वैश्विक कुल 244 मिलियन। — StudyForGS
12. भारत की UNESCO अस्थायी सूची में 5 नए स्थल; कुल संख्या 78
SOCIETYPRELIMS: GS1 कला एवं संस्कृति
सिलेबस से संबंध
GS1 – भारतीय विरासत, कला रूप, स्थापत्य; Prelims – विश्व धरोहर प्रक्रिया
संदर्भ
भारत ने 29-30 Sept 2026 को अपनी UNESCO अस्थायी सूची में 5 नए स्थल जोड़े, जिससे सूची 78 हो गई – 58 सांस्कृतिक, 17 प्राकृतिक और 3 मिश्रित।
मुख्य तथ्य
बाघ गुफा चित्र (MP) – अजंता जैसे भित्तिचित्रों वाली बौद्ध शैलकृत गुफाएँ।
उदयगिरि गुफाएँ (MP) – गुप्तकालीन शैलकृत देवालय, प्रसिद्ध वराह फलक।
चंबल घाटी के मंदिर समूह (MP) और गिन्नौरगढ़ (MP) पहाड़ी किला।
सत्याग्रह स्थल – गांधी के संघर्षों पर दक्षिण अफ़्रीका के साथ अंतरराष्ट्रीय क्रमिक (सीरियल) प्रस्ताव।
आगे की राह
नामांकन से पहले सुदृढ़ स्थल-प्रबंधन योजनाएँ और सामुदायिक सहभागिता; नामांकन से कम-से-कम 1 वर्ष पहले स्थल का अस्थायी सूची में होना आवश्यक।
अवधारणा
विश्व धरोहर अभिसमय, 1972; ASI भारत की नोडल एजेंसी; विश्व धरोहर समिति द्वारा 10 मानदंडों के आधार पर उत्कृष्ट सार्वभौमिक मूल्य हेतु अंकन।
भारत की 78 स्थलों वाली UNESCO अस्थायी सूची का डोनट चार्ट: 58 सांस्कृतिक, 17 प्राकृतिक और 3 मिश्रित, साथ में 5 नए स्थलों की सूची। — StudyForGS
आज का डेटा पॉइंट
₹2.03 lakh crore
सकल GST संग्रह – सितंबर 2026 +14.7% वार्षिक; शुद्ध GST ₹1.76 लाख करोड़ (+18.1%); आयात +26%
प्रारंभिक परीक्षा रैपिड-फायर
PM-DHARA का पूर्ण रूप: डेवलपिंग हार्मोनाइज़्ड एंड एक्सेलरेटेड रिन्यूएबल एनर्जी एक्सेस
कुसुम MSP 2027-28: ₹7,215/क्विंटल – सर्वाधिक निरपेक्ष वृद्धि (+₹675)
PSC (1926) के प्रथम अध्यक्ष: सर रॉस बार्कर
महानदी जल विवाद न्यायाधिकरण का गठन: March 2018
अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस: 1 October
गांधी जयंती (2 Oct) – अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस भी
अभ्यास MCQs — UPSC Prelims पैटर्न
Q1. रबी विपणन सत्र 2027-28 हेतु घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्यों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. कुसुम को सर्वाधिक निरपेक्ष वृद्धि मिली। 2. गेहूँ के लिए उत्पादन लागत पर मार्जिन 100% से अधिक है। 3. MSP की सिफ़ारिश नीति आयोग करता है। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
केवल 1
केवल 1 और 2
केवल 2 और 3
1, 2 और 3
उत्तर देखें
उत्तर: B कुसुम को +₹675/क्विंटल मिला और गेहूँ का मार्जिन 106% है। MSP की सिफ़ारिश CACP करता है, नीति आयोग नहीं, अतः कथन 3 गलत है।
Q2. 1 अक्टूबर 1926 को स्थापित भारत का पहला लोक सेवा आयोग निम्नलिखित में से किसकी सिफ़ारिश पर बना था?
इस्लिंगटन आयोग
ली आयोग
साइमन आयोग
एचिसन आयोग
उत्तर देखें
उत्तर: B ली आयोग (1924) ने PSC की सिफ़ारिश की, जो 1 Oct 1926 को सर रॉस बार्कर की अध्यक्षता में बना; बाद में भारत शासन अधिनियम 1935 से संघीय PSC बना।
मुख्य परीक्षा अभ्यास प्रश्न
Q. "उत्पादन नहीं, बल्कि पारेषण भारत के ऊर्जा संक्रमण की प्रमुख बाधा बन गया है।" PM-DHARA योजना के आलोक में विवेचना कीजिए। (15 अंक, 250 शब्द)
संकेत / दृष्टिकोण
भूमिका: 2030 तक 500 GW गैर-जीवाश्म लक्ष्य और RE कटौती। मुख्य भाग: InSTS में ग्रिड अंतराल, भंडारण की कमी, RoW व DISCOM समस्याएँ; PM-DHARA का 135 GW / 50 GWh / ₹1,86,405 करोड़ ढाँचा, TBCB-BOOM मॉडल। निष्कर्ष: भंडारण-आधारित टैरिफ और राज्य क्षमता।
📌 एक पंक्ति में रिवीज़न: PM-DHARA = FY33 तक 135 GW + 50 GWh | गेहूँ MSP ₹2,610 | GST सितंबर ₹2.03 लाख करोड़ (+14.7%) | PSC 1 Oct 1926 | UNESCO अस्थायी सूची 78