UPSC सिविल सेवा के लिए डेली करेंट अफेयर्स

UPSC करेंट अफेयर्स — 20 September 2026

कोल इंडिया ने गैसीकरण, क्रिटिकल मिनरल्स और नवीकरणीय ऊर्जा में लगभग 50,000 करोड़ रुपये निवेश की योजना बताई; प्रधानमंत्री ने हरित अधिकरण के अंतरराष्ट्रीय जलवायु सम्मेलन का उद्घाटन किया; वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का सॉफ्टवेयर सेवा निर्यात 221.4 अरब डॉलर पहुँचा।

Sunday, 20 September 2026 · IST · राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय · 9 टॉपिक · 2 MCQs

दिन की सुर्खियाँ ऊर्जा संक्रमण पर रहीं: कोल इंडिया ने कोयला गैसीकरण, क्रिटिकल मिनरल्स और 9.5 GW नवीकरणीय क्षमता में लगभग 50,000 करोड़ रुपये के विविधीकरण का खाका रखा, वहीं राष्ट्रीय हरित अधिकरण के अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ने जलवायु न्याय और परमाणु ऊर्जा को बहस के केंद्र में ला दिया। अर्थव्यवस्था में, केंद्रीय बैंक के वार्षिक सर्वेक्षण के अनुसार 2025-26 में सॉफ्टवेयर सेवा निर्यात 8.2% बढ़कर 221.4 अरब डॉलर रहा, जबकि थोक महँगाई 9.92% पर ऊँची बनी हुई है। शासन और कूटनीति में FCRA (संशोधन) विधेयक, 2026 पर संयुक्त समिति की पहली बैठक, भारत-नेपाल व्यापार एवं पारगमन उप-समिति और 20वें एशियाई खेलों में भारत के पहले पदक शामिल रहे।

आज एक नज़र में — याद रखने वाली बातें

विस्तृत नोट्स

1. कोल इंडिया का लगभग 50,000 करोड़ रुपये का दाँव: गैसीकरण, क्रिटिकल मिनरल्स और नवीकरणीय ऊर्जा

ECONOMYअक्सर पूछा जाता है: Prelims + Mains GS3
सिलेबस से संबंधGS-3: ऊर्जा अवसंरचना, संसाधन जुटाव। Prelims: कोयला गैसीकरण, सिनगैस, क्रिटिकल मिनरल्स।
संदर्भकोल इंडिया ने कोयला गैसीकरण, क्रिटिकल मिनरल्स और नवीकरणीय ऊर्जा में लगभग 50,000 करोड़ रुपये की विविधीकरण योजना रखी है - यह आयात निर्भरता और तापीय कोयले की घटती माँग, दोनों के विरुद्ध बचाव है।
मुख्य तथ्य
  • प्रमुख परियोजना: भारत कोल गैसिफिकेशन एंड केमिकल्स लिमिटेड, CIL-BHEL संयुक्त उपक्रम, लखनपुर, ओडिशा में लगभग 25,000 करोड़ रुपये की।
  • संयंत्र से प्रतिवर्ष लगभग 6.60 लाख टन अमोनियम नाइट्रेट का उत्पादन प्रस्तावित; GAIL (पश्चिम बंगाल) और BPCL (महाराष्ट्र) के साथ और निविदाएँ प्रक्रिया में।
  • ग्रेफाइट व दुर्लभ धातुओं वाले पाँच घरेलू ब्लॉक अधिग्रहीत; चिली, अर्जेंटीना और ऑस्ट्रेलिया में लिथियम के विकल्प तलाशे जा रहे हैं।
  • 2030 तक 9.5 GW नवीकरणीय क्षमता का लक्ष्य, जिसमें सौर पार्क और बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (BESS) शामिल हैं।
आगे की राहगैसीकरण की अर्थव्यवस्था अब भी सुनिश्चित कोयला लिंकेज और सिनगैस उत्पादों के स्थिर विक्रय मूल्य पर टिकी है; खनिज ब्लॉकों को घरेलू शोधन क्षमता से जोड़ना आवश्यक है।
अवधारणाकोयला गैसीकरण कोयले को सिनगैस (CO + H2) में बदलता है, जिससे मेथनॉल, अमोनियम नाइट्रेट और यूरिया बनते हैं; भारत का लक्ष्य 2030 तक 100 मिलियन टन है। कोल इंडिया महारत्न CPSE है। भारत ने राष्ट्रीय क्रिटिकल मिनरल मिशन के तहत 30 क्रिटिकल मिनरल्स अधिसूचित किए हैं।
कोल इंडिया के विविधीकरण के आँकड़ा-टाइल: लगभग 50,000 करोड़ रुपये कुल परिव्यय, 25,000 करोड़ रुपये का लखनपुर गैसीकरण संयुक्त उपक्रम, प्रतिवर्ष 6.60 लाख टन अमोनियम नाइट्रेट, पाँच क्रिटिकल मिनरल ब्लॉक और 2030 तक 9.5 GW नवीकरणीय लक्ष्य।
कोल इंडिया के विविधीकरण के आँकड़ा-टाइल: लगभग 50,000 करोड़ रुपये कुल परिव्यय, 25,000 करोड़ रुपये का लखनपुर गैसीकरण संयुक्त उपक्रम, प्रतिवर्ष 6.60 लाख टन अमोनियम नाइट्रेट, पाँच क्रिटिकल मिनरल ब्लॉक और 2030 तक 9.5 GW नवीकरणीय लक्ष्य। — StudyForGS

2. थोक महँगाई अगस्त में 9.92% पर ऊँची बनी, ईंधन और खाद्य कीमतों का दबाव

ECONOMYउच्च संभावना: Prelims + Mains GS3
सिलेबस से संबंधGS-3: मुद्रास्फीति, मौद्रिक नीति, मूल्य सूचकांक। Prelims: WPI बनाम CPI, आधार वर्ष, भार।
संदर्भWPI आधारित महँगाई अगस्त 2026 में बढ़कर 9.92% हो गई, जो जुलाई में 9.78% थी; खनिज तेल, खाद्य वस्तुओं और मूल धातुओं के महँगा होने से सूचकांक 110.0 से 110.8 पहुँचा।
मुख्य तथ्य
  • ईंधन एवं ऊर्जा महँगाई जुलाई के 20.05% से बढ़कर अगस्त में 22.93% - सबसे बड़ा कारक।
  • विनिर्मित उत्पाद महँगाई 8.29% से बढ़कर 8.37%; खाद्य सूचकांक 6.65% से बढ़कर 7.05%
  • प्राथमिक वस्तुएँ महँगाई 8.52% से घटकर 7.76% रही।
  • मुख्य योगदानकर्ता रहे खनिज तेल, खाद्य वस्तुएँ, खाद्य उत्पाद निर्माण, मूल धातुएँ और रसायन
आगे की राहजब अधिकांश दबाव ईंधन से आ रहा है, तो प्रश्न यह है कि वह खुदरा कोर कीमतों तक कितना पहुँचता है; मौद्रिक सख्ती से पहले ऊर्जा पर शुल्क प्रबंधन और दालों व खाद्य तेल में बफर स्टॉक आते हैं।
अवधारणाWPI थोक कीमतें मापता है, आधार 2011-12, जारीकर्ता आर्थिक सलाहकार कार्यालय, DPIIT, और इसमें सेवाएँ शामिल नहींCPI (आधार 2012, NSO) लचीली मुद्रास्फीति लक्ष्यीकरण (4% +/- 2%) का लंगर है। WPI भार: विनिर्मित 64.23%, प्राथमिक 22.62%, ईंधन 13.15%
समूहित बार चार्ट जिसमें जुलाई 2026 और अगस्त 2026 की थोक महँगाई की तुलना हेडलाइन, प्राथमिक वस्तुओं, ईंधन एवं ऊर्जा, विनिर्मित उत्पादों और खाद्य सूचकांक के लिए दिखाई गई है।
समूहित बार चार्ट जिसमें जुलाई 2026 और अगस्त 2026 की थोक महँगाई की तुलना हेडलाइन, प्राथमिक वस्तुओं, ईंधन एवं ऊर्जा, विनिर्मित उत्पादों और खाद्य सूचकांक के लिए दिखाई गई है। — StudyForGS

3. 2025-26 में सॉफ्टवेयर सेवा निर्यात 8.2% बढ़कर 221.4 अरब डॉलर

ECONOMYअक्सर पूछा जाता है: Prelims + Mains GS3
सिलेबस से संबंधGS-3: बाह्य क्षेत्र, भुगतान संतुलन, सेवा व्यापार। Prelims: अदृश्य मदें, ऑफ-साइट डिलीवरी, GCC।
संदर्भकेंद्रीय बैंक के वार्षिक सर्वेक्षण के अनुसार 2025-26 में सॉफ्टवेयर एवं ITES निर्यात 221.4 अरब डॉलर रहा, जो 8.2% अधिक है। भारतीय कंपनियों की विदेशी अनुषंगियों सहित यह 239.3 अरब डॉलर हो जाता है।
मुख्य तथ्य
  • अकेले संयुक्त राज्य अमेरिका ने भारत के सॉफ्टवेयर सेवा निर्यात का 54.1% लिया; यूरोप की हिस्सेदारी 31.8%, जिसमें ब्रिटेन सबसे बड़ा यूरोपीय बाज़ार रहा।
  • 91.7% निर्यात ऑफ-साइट मोड में हुआ, जो भारत की दूरस्थ सेवा-वितरण क्षमता दर्शाता है।
  • कंप्यूटर सेवाओं का हिस्सा कुल का दो-तिहाई से अधिक; BPO ITES खंड में प्रमुख बना रहा।
  • भारतीय कंपनियों की विदेशी अनुषंगियों का स्थानीय सॉफ्टवेयर कारोबार 13.9 अरब डॉलर से बढ़कर 17.9 अरब डॉलर हुआ।
आगे की राहसबसे बड़ी कमज़ोरी संकेंद्रण है - आधे से अधिक टोकरी एक ही बाज़ार पर टिकी है। यूरोप, पश्चिम एशिया व अफ्रीका, BPO से AI कार्य की ओर बदलाव और अधिक GCC ही विविधीकरण के रास्ते हैं।
अवधारणासॉफ्टवेयर निर्यात भुगतान संतुलन के चालू खाते में अदृश्य मदें हैं; प्रेषण के साथ मिलकर ये वस्तु व्यापार घाटे के बड़े हिस्से की भरपाई करते हैं। GCC बहुराष्ट्रीय कंपनियों की भारत स्थित उच्च-स्तरीय कार्य इकाइयाँ हैं।
2025-26 में भारत के सॉफ्टवेयर सेवा निर्यात की गंतव्य हिस्सेदारी का डोनट चार्ट, जिसमें अमेरिका 54.1 प्रतिशत, यूरोप 31.8 प्रतिशत और शेष विश्व बाकी हिस्सा है, साथ में प्रमुख निर्यात आँकड़े।
2025-26 में भारत के सॉफ्टवेयर सेवा निर्यात की गंतव्य हिस्सेदारी का डोनट चार्ट, जिसमें अमेरिका 54.1 प्रतिशत, यूरोप 31.8 प्रतिशत और शेष विश्व बाकी हिस्सा है, साथ में प्रमुख निर्यात आँकड़े। — StudyForGS

4. गहरे समुद्र में खनन: भारत की समुद्र-तल महत्वाकांक्षा और पारिस्थितिकीय दीवार

SCI-TECHउच्च संभावना: Prelims + Mains GS3
सिलेबस से संबंधGS-3: समुद्री पारिस्थितिकी, प्रौद्योगिकी; GS-2: अंतरराष्ट्रीय संस्थाएँ। Prelims: UNCLOS भाग XI, ISA, नोड्यूल।
संदर्भभारत के गहरे समुद्र मिशन और समुद्र-तल अन्वेषण अनुबंधों ने क्रिटिकल मिनरल्स की सुरक्षा और उन गहरे-समुद्री पारितंत्रों के संरक्षण के बीच टकराव तीखा कर दिया है, जिनका मानचित्रण अब तक नगण्य है।
मुख्य तथ्य
  • भारत के पास अंतरराष्ट्रीय समुद्र तल प्राधिकरण (ISA) के साथ लगभग 95,000 वर्ग किमी क्षेत्र के तीन अन्वेषण अनुबंध हैं - मध्य हिंद महासागर बेसिन, मध्य हिंद कटक और कार्ल्सबर्ग कटक में।
  • चिह्नित संसाधन: लगभग 366 मिलियन टन पॉलीमेटैलिक नोड्यूल, जो निकल, कोबाल्ट, ताँबा और मैंगनीज़ से समृद्ध हैं।
  • स्वदेशी क्षमता में मत्स्य-6000 (MATSYA-6000) मानवयुक्त पनडुब्बी और लगभग 5,270 मीटर गहराई पर परीक्षित समुद्र-तल खनन प्रणाली शामिल हैं।
  • समुद्री वैज्ञानिकों ने 19 समुद्री पर्वतों पर 1,300 गहरे-समुद्री जीवों का सूचीकरण किया, जिनमें 23 प्रजातियाँ विज्ञान के लिए नई हैं।
आगे की राहजब तक ISA बाध्यकारी दोहन संहिता अंतिम नहीं करता, दोहन से पहले अन्वेषण और आधारभूत विज्ञान को प्राथमिकता दें; साथ में समुद्री संरक्षित क्षेत्र, बैटरी पुनर्चक्रण और खनिज प्रतिस्थापन।
अवधारणाUNCLOS भाग XI अंतरराष्ट्रीय समुद्र तल (क्षेत्र) को मानवजाति की साझी विरासत बनाता है, जिसका प्रशासन किंग्स्टन, जमैका स्थित अंतरराष्ट्रीय समुद्र तल प्राधिकरण करता है। भारत का गहरे समुद्र मिशन (2021, पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय) लगभग 4,077 करोड़ रुपये का है और इसमें समुद्रयान शामिल है।
भारत के गहरे-समुद्र कार्यक्रम का तथ्य-पत्र रेखाचित्र, जिसमें समुद्र की गहराई के क्षेत्र, 95,000 वर्ग किमी ISA अनुबंध क्षेत्र, 366 मिलियन टन पॉलीमेटैलिक नोड्यूल, 6,000 मीटर श्रेणी की मानवयुक्त पनडुब्बी और 5,270 मीटर पर खनन प्रणाली का परीक्षण दर्शाया गया है।
भारत के गहरे-समुद्र कार्यक्रम का तथ्य-पत्र रेखाचित्र, जिसमें समुद्र की गहराई के क्षेत्र, 95,000 वर्ग किमी ISA अनुबंध क्षेत्र, 366 मिलियन टन पॉलीमेटैलिक नोड्यूल, 6,000 मीटर श्रेणी की मानवयुक्त पनडुब्बी और 5,270 मीटर पर खनन प्रणाली का परीक्षण दर्शाया गया है। — StudyForGS

5. हरित अधिकरण का वैश्विक सम्मेलन; जलवायु न्याय और परमाणु ऊर्जा केंद्र में

ENVIRONMENTअक्सर पूछा जाता है: Prelims + Mains GS3
सिलेबस से संबंधGS-3: पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन; GS-2: सांविधिक निकाय। Prelims: NGT अधिनियम 2010, पीठें, अपील।
संदर्भराष्ट्रीय हरित अधिकरण द्वारा विज्ञान भवन, नई दिल्ली में आयोजित 'पर्यावरण एवं जलवायु गतिकी का भविष्य' अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन 19 सितंबर 2026 को शुरू हुआ।
मुख्य तथ्य
  • कहा गया कि विकसित देश भारत की तुलना में लगभग छह गुना अधिक प्रति व्यक्ति कार्बन उत्सर्जित करते हैं, फिर भी दोष विकासशील देशों पर मढ़ा जाता है।
  • बारह वर्षों में सौर क्षमता लगभग 2 GW से 160 GW तक पहुँची; पवन क्षमता लगभग तीन गुना हुई।
  • वार्षिक इलेक्ट्रिक वाहन बिक्री लगभग 3,000 से बढ़कर लगभग 25 लाख; लगभग 1.5 करोड़ जल-संचयन संरचनाएँ बनीं।
  • लगभग 20 करोड़ टन कार्बन उत्सर्जन से बचाव का दावा; सघन वन क्षेत्र में लगभग 22% वृद्धि।
आगे की राहन्याय का तर्क तभी बलवान होता है जब जलवायु वित्त और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण पर अमल हो; घरेलू स्तर पर स्वच्छ ऊर्जा की तेज़ मंज़ूरी से उचित प्रक्रिया कमज़ोर न पड़े।
अवधारणाNGT NGT अधिनियम, 2010 के तहत सांविधिक निकाय है - भारत ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड के बाद समर्पित पर्यावरण न्यायालय वाला तीसरा देश था। प्रधान पीठ: नई दिल्ली; क्षेत्रीय पीठें भोपाल, पुणे, कोलकाता, चेन्नई। अपील 90 दिनों में उच्चतम न्यायालय में।
सम्मेलन में उद्धृत भारत के स्वच्छ-ऊर्जा और पर्यावरण संकेतकों का बार चार्ट: सौर क्षमता 2 GW से 160 GW, वार्षिक EV बिक्री 3,000 से 25 लाख, 1.5 करोड़ जल-संचयन संरचनाएँ और लगभग 20 करोड़ टन कार्बन उत्सर्जन से बचाव।
सम्मेलन में उद्धृत भारत के स्वच्छ-ऊर्जा और पर्यावरण संकेतकों का बार चार्ट: सौर क्षमता 2 GW से 160 GW, वार्षिक EV बिक्री 3,000 से 25 लाख, 1.5 करोड़ जल-संचयन संरचनाएँ और लगभग 20 करोड़ टन कार्बन उत्सर्जन से बचाव। — StudyForGS

6. FCRA (संशोधन) विधेयक, 2026 की जाँच संयुक्त संसदीय समिति ने शुरू की

POLITYउच्च संभावना: Prelims + Mains GS2
सिलेबस से संबंधGS-2: संसदीय समितियाँ; नागरिक समाज और NGO। Prelims: FCRA कालक्रम, तदर्थ समिति के रूप में JPC।
संदर्भविदेशी अभिदाय (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 की जाँच कर रही संसद की संयुक्त समिति की पहली बैठक 19 सितंबर 2026 को हुई; विधेयक 31 सदस्यीय समिति को भेजा गया था।
मुख्य तथ्य
  • विधेयक एक निर्दिष्ट प्राधिकारी (Designated Authority) बनाता है, जो पंजीकरण समाप्त होने पर विदेशी अभिदाय से बनी परिसंपत्तियों की अभिरक्षा और निपटान करेगा।
  • परिसंपत्तियाँ पहले अनंतिम अभिरक्षा में जाएँगी और निर्धारित अवधि में पंजीकरण बहाल न होने पर स्थायी रूप से सरकार में निहित हो जाएँगी।
  • अपराधों के लिए अधिकतम कारावास पाँच वर्ष से घटाकर एक वर्ष करने का प्रस्ताव है।
  • समाप्ति से पहले नवीनीकरण न होने पर पंजीकरण स्वतः समाप्त होगा; पूजा स्थलों का धार्मिक स्वरूप बनाए रखना अनिवार्य।
आगे की राहसमिति को विदेशी वित्तपोषण की सुरक्षा जाँच और संगठन बनाने की स्वतंत्रता में संतुलन बैठाना है; स्पष्ट नवीनीकरण समय-सीमा, कारण-सहित आदेश और स्वतंत्र अपील अधिकांश आपत्तियाँ दूर कर देंगे।
अवधारणाFCRA 1976 में बना, FCRA, 2010 से प्रतिस्थापित हुआ और 2016, 2018, 2020 में संशोधित; नोडल मंत्रालय गृह मंत्रालय2020 के संशोधन ने भारतीय स्टेट बैंक, नई दिल्ली मुख्य शाखा में खाता अनिवार्य किया, प्रशासनिक व्यय 20% तक सीमित किया और उप-अनुदान पर रोक लगाई।
FCRA (संशोधन) विधेयक, 2026 के मार्ग का फ्लोचार्ट: लोकसभा में प्रस्तुति, 31 सदस्यीय संयुक्त संसदीय समिति को संदर्भ, हितधारक परामर्श, संसद को रिपोर्ट; साथ ही पंजीकरण समाप्ति से अनंतिम अभिरक्षा, बहाली अवधि और सरकार में स्थायी निहितता तक परिसंपत्ति मार्ग।
FCRA (संशोधन) विधेयक, 2026 के मार्ग का फ्लोचार्ट: लोकसभा में प्रस्तुति, 31 सदस्यीय संयुक्त संसदीय समिति को संदर्भ, हितधारक परामर्श, संसद को रिपोर्ट; साथ ही पंजीकरण समाप्ति से अनंतिम अभिरक्षा, बहाली अवधि और सरकार में स्थायी निहितता तक परिसंपत्ति मार्ग। — StudyForGS

7. भारत-नेपाल व्यापार, पारगमन और अनधिकृत व्यापार पर उप-समिति की बैठक संपन्न

IRअक्सर पूछा जाता है: Prelims + Mains GS2
सिलेबस से संबंधGS-2: भारत और उसका पड़ोस; द्विपक्षीय समझौते। Prelims: 1950 की संधि, कालापानी, व्यापार हिस्सेदारी।
संदर्भव्यापार, पारगमन और अनधिकृत व्यापार की रोकथाम पर अंतर-सरकारी उप-समिति की बैठक संपन्न हुई; साथ ही नेपाल के वित्त मंत्री ने नई दिल्ली की यात्रा की।
मुख्य तथ्य
  • 2025-26 में द्विपक्षीय व्यापार लगभग 9.38 अरब डॉलर रहा; नेपाल के कुल बाह्य व्यापार में भारत की हिस्सेदारी 60% से अधिक है।
  • नेपाल के वस्तु निर्यात का 80% से अधिक भारत लेता है और भारत नेपाल का सबसे बड़ा विदेशी निवेशक है।
  • भारत ने 2006 से नेपाल को लगभग 750 मिलियन डॉलर की ऋण श्रृंखलाएँ (Lines of Credit) दी हैं; दोनों सेनाएँ सूर्य किरण संयुक्त अभ्यास करती हैं।
  • ऊर्जा सहयोग का आधार 1971 का विद्युत विनिमय समझौता और विद्युत क्षेत्र सहयोग पर संयुक्त दृष्टि-पत्र, 2022 है।
आगे की राहव्यापार सुगमता - मानकों की पारस्परिक मान्यता, एकीकृत जाँच चौकियाँ, रेल संपर्क - स्थलरुद्ध अर्थव्यवस्था के लिए शुल्क रियायतों से अधिक उपयोगी है; कालापानी पर संवेदनशीलता संबंध संभालती है।
अवधारणानेपाल स्थलरुद्ध है और पारगमन संधि के तहत भारतीय पारगमन पर निर्भर है। 1950 की शांति एवं मैत्री संधि पारस्परिक निवास और रोज़गार अधिकार देती है तथा खुली सीमा का आधार है। कालापानी-लिपुलेख-लिंपियाधुरा (उत्तराखंड) जीवंत क्षेत्रीय विवाद है।

8. स्वच्छता ही सेवा 2026: पाँच स्तंभों पर 17 अक्तूबर तक अभियान

SOCIETYअक्सर पूछा जाता है: Prelims + Mains GS2
सिलेबस से संबंधGS-2: कल्याणकारी योजनाएँ एवं हस्तक्षेप; GS-1: सामाजिक सशक्तीकरण। Prelims: विषय, स्तंभ, तिथियाँ।
संदर्भवार्षिक स्वच्छता ही सेवा अभियान 17 सितंबर से 17 अक्तूबर 2026 तक चल रहा है, विषय स्वच्छता में सहभाग; स्वच्छ भारत, विकसित भारत - केंद्र में नागरिक भागीदारी है।
मुख्य तथ्य
  • पाँच स्तंभ: स्वच्छता लक्ष्य इकाइयों का कायाकल्प, स्वच्छ पाठशाला (युवा), सफाई मित्र सुरक्षा एवं सम्मान शिविर, जन भागीदारी, और स्वच्छता से समृद्धि (कचरे से संपदा)।
  • देशव्यापी एक घंटे का श्रमदान - एक दिन, एक घंटा, एक साथ - 1 अक्तूबर 2026 को निर्धारित है।
  • 2 अक्तूबर को स्वच्छ भारत दिवस मनाया जाता है, जिसमें ग्राम सभाएँ और वृक्षारोपण अभियान होते हैं।
  • अभियान पेयजल एवं स्वच्छता विभाग (जल शक्ति मंत्रालय) तथा आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय मिलकर चलाते हैं।
आगे की राहअधूरा एजेंडा निरंतर उपयोग, मल-कीचड़ प्रबंधन तथा सफाई कार्य की गरिमा और मशीनीकरण है; ODF-प्लस गाँवों का परिणाम-आधारित अंकेक्षण अभियान की भीड़ से अधिक महत्वपूर्ण है।
अवधारणास्वच्छ भारत मिशन 2 अक्तूबर 2014 को शुरू हुआ; SBM-ग्रामीण जल शक्ति मंत्रालय और SBM-शहरी आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के पास है। ODF-प्लस का अर्थ है खुले में शौच से मुक्त रहते हुए ठोस एवं तरल अपशिष्ट का प्रबंधन।
स्वच्छता ही सेवा 2026 का माइंड-मैप, जिसमें केंद्र में अभियान का विषय और चारों ओर उसके पाँच स्तंभ - स्वच्छता लक्ष्य इकाइयाँ, युवाओं के लिए स्वच्छ पाठशाला, सफाई मित्र सुरक्षा एवं सम्मान शिविर, जन भागीदारी और कचरे से संपदा - तथा 1 अक्तूबर के श्रमदान व 2 अक्तूबर स्वच्छ भारत दिवस के पड़ाव दर्शाए गए हैं।
स्वच्छता ही सेवा 2026 का माइंड-मैप, जिसमें केंद्र में अभियान का विषय और चारों ओर उसके पाँच स्तंभ - स्वच्छता लक्ष्य इकाइयाँ, युवाओं के लिए स्वच्छ पाठशाला, सफाई मित्र सुरक्षा एवं सम्मान शिविर, जन भागीदारी और कचरे से संपदा - तथा 1 अक्तूबर के श्रमदान व 2 अक्तूबर स्वच्छ भारत दिवस के पड़ाव दर्शाए गए हैं। — StudyForGS

9. एशियाई खेलों में भारत का खाता खुला: महिला 10 मीटर एयर राइफल टीम को रजत

REPORTप्रीलिम्स-केंद्रित: तथ्य एवं आँकड़े
सिलेबस से संबंधGS-2/GS-3: खेल अभिशासन और खिलाड़ी सहायता। Prelims: मेज़बान शहर, संस्करण, खेलों की संख्या, TOPS।
संदर्भभारत ने 20 सितंबर 2026 को 20वें एशियाई खेलों का अपना पहला पदक जीता - आइची-नागोया, जापान में महिला 10 मीटर एयर राइफल टीम स्पर्धा में रजत
मुख्य तथ्य
  • निशानेबाज़ तिकड़ी इलावेनिल वलारिवन, सोनम मस्कर और विदर्सा विनोद ने कुल 1,898 अंक बनाए; स्वर्ण चीन ने जीता।
  • सुचिका तड़ियाल ने महिला पारंपरिक 60 किग्रा क्वार्टरफ़ाइनल में मंगोलिया की अल्तानचिमेग बैगलमा को 2-0 से हराकर MMA में भारत का पहला एशियाई खेल पदक पक्का किया।
  • 20वें एशियाई खेल 19 सितंबर से 4 अक्तूबर 2026 तक आइची-नागोया में, कुछ स्पर्धाएँ टोक्यो, गिफु और शिज़ुओका में भी; कुल 43 खेल शामिल।
  • भारत ने लगभग 502 खिलाड़ी 35 खेलों में उतारे हैं; सहयोग टारगेट ओलंपिक पोडियम योजना (TOPS) और टारगेट एशियन गेम्स ग्रुप से मिलता है।
आगे की राहपदक में बदलाव अब एकमुश्त प्रोत्साहन से नहीं, दीर्घ-चक्र वित्तपोषण और खेल-विज्ञान सहयोग से तय होता है; खेलो इंडिया और विश्वविद्यालय स्तर की प्रतिस्पर्धा ही पाइपलाइन का तर्क है।
अवधारणाएशियाई खेल एशियाई ओलंपिक परिषद हर चार वर्ष में कराती है; पहला संस्करण 1951 में नई दिल्ली में हुआ और भारत ने 1982 में फिर मेज़बानी की। TOPS राष्ट्रीय खेल विकास कोष के तहत शीर्ष खिलाड़ियों को वित्तपोषित करता है।

आज का डेटा पॉइंट

USD 221.4 billion
सॉफ्टवेयर सेवा निर्यात, 2025-26
वर्ष-दर-वर्ष 8.2% की वृद्धि। टोकरी में संयुक्त राज्य अमेरिका की हिस्सेदारी 54.1% और यूरोप की 31.8% रही, जबकि 91.7% सेवा-वितरण ऑफ-साइट हुआ। भारतीय कंपनियों की विदेशी अनुषंगियों को जोड़ने पर कुल आँकड़ा 239.3 अरब डॉलर हो जाता है, यानी 9.5% की वृद्धि।

प्रारंभिक परीक्षा रैपिड-फायर

भारत कोल गैसिफिकेशन एंड केमिकल्स लिमिटेड कोल इंडिया और BHEL का लखनपुर, ओडिशा स्थित संयुक्त उपक्रम है।
WPI का आधार वर्ष 2011-12 है; ईंधन एवं ऊर्जा का भार 13.15% है।
भारत ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड के बाद समर्पित हरित अधिकरण स्थापित करने वाला विश्व का तीसरा देश है।
अंतरराष्ट्रीय समुद्र तल प्राधिकरण का मुख्यालय किंग्स्टन, जमैका में है, जो UNCLOS भाग XI के अंतर्गत है।
पॉलीमेटैलिक नोड्यूल निकल, कोबाल्ट, ताँबा और मैंगनीज़ से समृद्ध होते हैं।
9वें भारत अंतरराष्ट्रीय जल सप्ताह का विषय जलवायु-सहिष्णु जल प्रबंधन है; भागीदार देश नीदरलैंड और जर्मनी हैं।

अभ्यास MCQs — UPSC Prelims पैटर्न

Q1. राष्ट्रीय हरित अधिकरण के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. यह अनुच्छेद 323B के तहत स्थापित एक संवैधानिक निकाय है। 2. समर्पित पर्यावरण न्यायालय स्थापित करने वाला भारत विश्व का तीसरा देश था। 3. इसके आदेशों के विरुद्ध अपील उच्चतम न्यायालय में होती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

  1. केवल 1 और 2
  2. केवल 2 और 3
  3. केवल 1 और 3
  4. 1, 2 और 3
उत्तर देखें
उत्तर: B
NGT NGT अधिनियम, 2010 द्वारा गठित सांविधिक निकाय है, संवैधानिक नहीं - अतः कथन 1 ग़लत है। भारत ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड के बाद समर्पित पर्यावरण न्यायालय बनाने वाला तीसरा देश था, और NGT के आदेशों की अपील 90 दिनों के भीतर उच्चतम न्यायालय में होती है - कथन 2 और 3 सही हैं।

Q2. भारत में थोक मूल्य सूचकांक (WPI) के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इसे राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय जारी करता है। 2. इसके दायरे में सेवाएँ शामिल नहीं हैं। 3. सूचकांक में विनिर्मित उत्पादों का भार सबसे अधिक है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

  1. केवल 1
  2. केवल 2 और 3
  3. केवल 1 और 3
  4. 1, 2 और 3
उत्तर देखें
उत्तर: B
WPI उद्योग संवर्धन एवं आंतरिक व्यापार विभाग के आर्थिक सलाहकार कार्यालय द्वारा जारी होता है, NSO द्वारा नहीं - अतः कथन 1 ग़लत है। WPI केवल वस्तुओं को कवर करता है और सेवाओं को शामिल नहीं करता, तथा विनिर्मित उत्पादों का भार सर्वाधिक 64.23% है - कथन 2 और 3 सही हैं।

मुख्य परीक्षा अभ्यास प्रश्न

Q. भारत के ऊर्जा संक्रमण के लिए एक साथ विद्युत क्षेत्र का डीकार्बनीकरण और क्रिटिकल मिनरल्स की आपूर्ति सुरक्षा दोनों आवश्यक हैं। सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के हालिया विविधीकरण प्रयासों और भारत के गहरे समुद्र कार्यक्रम के संदर्भ में इस दोहरे उद्देश्य की चुनौतियों का परीक्षण कीजिए। (250 शब्द, 15 अंक)

संकेत / दृष्टिकोण
दोहरे उद्देश्य का ढाँचा बनाइए: माँग-पक्ष का डीकार्बनीकरण (नवीकरणीय, भंडारण, EV) बनाम आपूर्ति-पक्ष की खनिज सुरक्षा। PSU उदाहरण के रूप में कोल इंडिया के 50,000 करोड़ रुपये के गैसीकरण-केंद्रित बदलाव, पाँच ग्रेफाइट व दुर्लभ-धातु ब्लॉक, विदेशी लिथियम अन्वेषण और 9.5 GW नवीकरणीय लक्ष्य का प्रयोग कीजिए। फिर गहरे समुद्र मिशन, 95,000 वर्ग किमी पर तीन ISA अनुबंध और 366 मिलियन टन नोड्यूल को सीमांत विकल्प के रूप में लाइए, और प्रतिसंतुलन में पारिस्थितिकीय अनिश्चितता, अधूरी दोहन संहिता तथा गहरे समुद्र का 1% से कम मानचित्रण रखिए। निष्कर्ष में पुनर्चक्रण, प्रतिस्थापन, राष्ट्रीय क्रिटिकल मिनरल मिशन और रणनीतिक साझेदारियों को संतुलित मार्ग बताइए।
📌 एक पंक्ति में रिवीज़न: कोल इंडिया का 50,000 करोड़ रुपये का बदलाव • NGT वैश्विक जलवायु सम्मेलन • जलवायु-सहिष्णु जल सप्ताह • 221.4 अरब डॉलर सॉफ्टवेयर निर्यात • WPI 9.92% • FCRA विधेयक 31 सदस्यीय JPC में • एशियाई खेलों में भारत का पदक खाता खुला।
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