उत्तराखंड PCS (UKPSC) के लिए डेली करेंट अफेयर्स

UKPSC करेंट अफेयर्स — 28 October 2026

गैरसैंण में उत्तराखंड का ₹7,844 करोड़ का अनुपूरक बजट, नया अग्नि एवं आपातकालीन सेवा विधेयक, चक्रवात अर्णब आंध्र तट से टकराया

Wednesday, 28 October 2026 · IST · उत्तराखंड + राष्ट्रीय · 11 टॉपिक · 2 MCQs

धामी सरकार ने भराड़ीसैंण (गैरसैंण) में ₹7,844.18 करोड़ का अनुपूरक बजट पेश किया, जिससे 2026-27 का बजट ₹1,19,547.39 करोड़ हो गया; साथ ही नए अग्नि एवं आपातकालीन सेवा विधेयक, 2026 सहित 9 विधेयक सदन में रखे गए। राष्ट्रीय स्तर पर अति गंभीर चक्रवाती तूफान अर्णब ने नरसापुर (आंध्र प्रदेश) के पास लैंडफॉल किया, प्रधानमंत्री ने ESTIC 2026 का उद्घाटन किया और सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि एक ही मुकदमे में कई आजीवन कारावास क्रमिक (consecutive) रूप से नहीं चल सकते।

आज एक नज़र में — याद रखने वाली बातें

विस्तृत नोट्स

1. गैरसैंण में ₹7,844.18 करोड़ का अनुपूरक बजट पेश; राज्य बजट ₹1.19 लाख करोड़ के पार

UTTARAKHANDUKPSC: प्रारंभिक + मुख्य (भूगोल एवं अर्थव्यवस्था — उत्तराखंड)
सिलेबस से संबंधउत्तराखंड की अर्थव्यवस्था व राज्य वित्त; बजट प्रक्रिया — अनु. 202–205; राज्य वित्त आयोग (अनु. 243-I / 243-Y)
संदर्भ27 अक्टूबर 2026 को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भराड़ीसैंण (गैरसैंण, चमोली) में विधानसभा के 2026 के तीसरे सत्र में ₹7,844.18 करोड़ की अनुपूरक मांगें प्रस्तुत कीं; विनियोग (अनुपूरक) विधेयक 28 अक्टूबर को पारित होना है।
मुख्य तथ्य
  • बजट ₹1,11,703.21 करोड़ से बढ़कर ₹1,19,547.39 करोड़; पूंजीगत ₹4,164.32 करोड़ बनाम राजस्व ₹3,679.86 करोड़
  • छठे राज्य वित्त आयोग के अनुसार राज्य कर राजस्व में स्थानीय निकायों का हिस्सा 10.5% से 12.5%; ग्रामीण-शहरी निकायों हेतु ₹721 करोड़
  • सबसे बड़ा मद: धान-गेहूं खरीद हेतु ₹1,100 करोड़; जल जीवन मिशन ₹300 करोड़; दिव्य कुंभ मेला ₹290 करोड़; नंदा राजजात यात्रा ₹20 करोड़
  • जोशीमठ (भू-धंसाव) ₹48 करोड़; नया स्टेट डेटा सेंटर ₹40 करोड़; गैरसैंण पेयजल बांध ₹122 करोड़
आगे की राहपूंजीगत व्यय का अधिक हिस्सा सकारात्मक है; राज्य को नए FRBM के GSDP के 3% घाटे की सीमा में रहना होगा और पंचायतों को हस्तांतरित धन समय पर जारी करना होगा।
अवधारणाअनुपूरक अनुदान (अनु. 205): मूल बजट से अधिक व्यय, जो विनियोग विधेयक (अनु. 204) से पारित होता है। गैरसैंण को 2020 में उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित किया गया।
उत्तराखंड के ₹7,844.18 करोड़ के अनुपूरक बजट 2026-27 के शीर्ष दस आवंटनों का क्षैतिज बार चार्ट, जिसमें धान-गेहूं खरीद के ₹1,100 करोड़ सबसे ऊपर हैं।
उत्तराखंड के ₹7,844.18 करोड़ के अनुपूरक बजट 2026-27 के शीर्ष दस आवंटनों का क्षैतिज बार चार्ट, जिसमें धान-गेहूं खरीद के ₹1,100 करोड़ सबसे ऊपर हैं। — StudyForGS

2. गैरसैंण सत्र: सिंचाई एवं जल-निकास विधेयक व FRBM सीमा सहित 9 विधेयक; UCC से जुड़ा सिविल लॉ संशोधन

UTTARAKHANDUKPSC: प्रारंभिक + मुख्य (राजव्यवस्था एवं शासन — उत्तराखंड)
सिलेबस से संबंधराज्य विधानमंडल व विधि-निर्माण; समान नागरिक संहिता (अनु. 44); राजकोषीय संघवाद; जीवन सुगमता (जन विश्वास)
संदर्भसंसदीय कार्य मंत्री सुबोध उनियाल ने 27 अक्टूबर को 9 विधेयक और 2 अध्यादेश (GST, अल्पसंख्यक शिक्षा) सदन में रखे। सदन ने पूर्व मुख्यमंत्री बी.सी. खंडूड़ी व पूर्व मंत्री हीरा सिंह बिष्ट को श्रद्धांजलि दी।
मुख्य तथ्य
  • सिंचाई एवं जल-निकास विधेयक, 2026 औपनिवेशिक नॉर्दर्न इंडिया कैनाल एंड ड्रेनेज एक्ट, 1873 का स्थान लेगा
  • FRBM (संशोधन) विधेयक: 2026-27 से 2030-31 तक राजकोषीय घाटा GSDP का ≤3% और ऋण GSDP का ≤30%
  • सिविल लॉ (संशोधन) विधेयक + कैबिनेट-स्वीकृत सिविल कोड (संशोधन) नियमावली, 2026 से UCC ढांचे का समन्वय
  • अन्य: जन विश्वास (द्वितीय संशोधन), निवेश एवं अवसंरचना (संशोधन), GST (संशोधन), निजी विश्वविद्यालय (द्वितीय संशोधन)
आगे की राह1873 के सिंचाई कानून की जगह आधुनिक, पर्वतीय-अनुकूल जल संहिता और छोटे अपराधों का अपराधमुक्तिकरण शासन सुधारेगा; विधेयकों की समिति-स्तरीय जांच आवश्यक है।
अवधारणाउत्तराखंड स्वतंत्रता के बाद UCC लागू करने वाला पहला राज्य बना — 2024 का अधिनियम, 27 जनवरी 2025 से लागू। राज्यपाल के अध्यादेश अनु. 213 के अंतर्गत आते हैं।
गैरसैंण सत्र में रखे गए 9 विधेयकों और 2 अध्यादेशों का माइंड-मैप, जिसमें सिंचाई एवं जल-निकास विधेयक, FRBM संशोधन, सिविल लॉ संशोधन और अग्नि एवं आपातकालीन सेवा विधेयक शामिल हैं।
गैरसैंण सत्र में रखे गए 9 विधेयकों और 2 अध्यादेशों का माइंड-मैप, जिसमें सिंचाई एवं जल-निकास विधेयक, FRBM संशोधन, सिविल लॉ संशोधन और अग्नि एवं आपातकालीन सेवा विधेयक शामिल हैं। — StudyForGS

3. नया अग्नि एवं आपातकालीन सेवा विधेयक, 2026: फायर NOC अनिवार्य, असुरक्षित भवन तुरंत सील

UTTARAKHANDUKPSC: प्रारंभिक + मुख्य (आपदा प्रबंधन एवं शासन)
सिलेबस से संबंधउत्तराखंड में आपदा प्रबंधन; शहरी शासन (12वीं अनुसूची — अग्निशमन सेवाएं); पर्यटन-सुरक्षा (होमस्टे)
संदर्भ27 अक्टूबर 2026 को पेश यह विधेयक 2016 के अग्निशमन सेवा अधिनियम को निरस्त कर आवास, होटल, होमस्टे, अस्पताल व गोदामों पर लागू कठोर अग्नि-सुरक्षा प्रमाणन व्यवस्था बनाएगा।
मुख्य तथ्य
  • फायर NOC अनिवार्य: आवासीय ≥12 मी. या ≥500 वर्ग मी.; होटल/होमस्टे/स्कूल ≥9 मी.; अस्पताल ≥1,000 वर्ग मी.; गोदाम >250 वर्ग मी.
  • गंभीर उल्लंघन पर अग्निशमन विभाग भवन खाली करा कर सील कर सकेगा
  • ₹10 प्रति वर्ग मी. या आवश्यक सुरक्षा उपकरणों की लागत का 1.5 गुना तक जुर्माना
  • लापरवाही से मृत्यु/गंभीर चोट → भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत कार्रवाई; झूठी फायर सूचना दंडनीय
आगे की राहप्रवर्तन के साथ पर्वतीय कस्बों में फायर स्टेशन, प्रशिक्षित स्वयंसेवक (आपदा मित्र) और ऑनलाइन NOC जरूरी, ताकि छोटे होमस्टे संचालकों का उत्पीड़न न हो।
अवधारणाअग्निशमन सेवाएं नगरपालिकाओं हेतु 12वीं अनुसूची (अनु. 243W) में सूचीबद्ध हैं। आपदा शासन आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 पर आधारित — NDMA (PM), SDMA (CM), DDMA (DM)।
उत्तराखंड अग्नि एवं आपातकालीन सेवा विधेयक 2026 का फ्लोचार्ट: भवन सीमाएं, अनिवार्य फायर NOC, निरीक्षण, और सीलिंग या जुर्माने के परिणाम।
उत्तराखंड अग्नि एवं आपातकालीन सेवा विधेयक 2026 का फ्लोचार्ट: भवन सीमाएं, अनिवार्य फायर NOC, निरीक्षण, और सीलिंग या जुर्माने के परिणाम। — StudyForGS

4. चारधाम यात्रा 2026 में 60 लाख+ दर्शन का रिकॉर्ड; 10 नवंबर से शीतकालीन कपाट बंदी

UTTARAKHANDUKPSC: प्रारंभिक + मुख्य (इतिहास एवं संस्कृति — उत्तराखंड)
सिलेबस से संबंधउत्तराखंड का धार्मिक पर्यटन; पंच केदार / पंच बदरी; धारण क्षमता व भीड़ प्रबंधन
संदर्भ19 अप्रैल से आरंभ यात्रा अंतिम चरण में है; चार धाम व हेमकुंड साहिब में दर्शन 60 लाख पार — नया रिकॉर्ड; मानसून में भी यात्रा निर्बाध रही।
मुख्य तथ्य
  • बदरीनाथ ~20.71 लाख, केदारनाथ ~17.66 लाख, यमुनोत्री ~9.46 लाख, गंगोत्री ~8.38 लाख, हेमकुंड ~3.91 लाख
  • कपाट बंदी: गंगोत्री 10 नवंबर (12:05 PM); केदारनाथ व यमुनोत्री 11 नवंबर; बदरीनाथ 16 नवंबर (9:37 PM)
  • रुद्रनाथ (चतुर्थ केदार) के कपाट शीतकाल हेतु बंद
  • मुख्यमंत्री: केदारनाथ व बदरीनाथ हेतु नए मास्टर प्लान; मानसखंड कॉरिडोर प्रगति पर
आगे की राहगद्दी-स्थलों की शीतकालीन यात्रा को बढ़ावा दें और धारण क्षमता सीमा लागू करें, क्योंकि रिकॉर्ड भीड़ नाजुक ढलानों पर दबाव डालती है।
अवधारणाशीतकालीन गद्दी: केदारनाथ → ऊखीमठ (ओंकारेश्वर), बदरीनाथ → पांडुकेश्वर/जोशीमठ, गंगोत्री → मुखबा, यमुनोत्री → खरसाली। नदियां: अलकनंदा (बदरीनाथ), मंदाकिनी (केदारनाथ)।
चारधाम यात्रा 2026 में बदरीनाथ, केदारनाथ, यमुनोत्री, गंगोत्री और हेमकुंड साहिब के दर्शन आंकड़े व कपाट बंदी तिथियां दिखाते स्टैट टाइल्स।
चारधाम यात्रा 2026 में बदरीनाथ, केदारनाथ, यमुनोत्री, गंगोत्री और हेमकुंड साहिब के दर्शन आंकड़े व कपाट बंदी तिथियां दिखाते स्टैट टाइल्स। — StudyForGS

5. गैरसैंण में मुख्यमंत्री का रोडमैप: 30+ नीतियां, ऋषिकेश–कर्णप्रयाग रेल ~80% पूर्ण

UTTARAKHANDUKPSC: प्रारंभिक + मुख्य (भूगोल एवं अर्थव्यवस्था — उत्तराखंड)
सिलेबस से संबंधपर्वतीय राज्यों में अवसंरचना व संपर्क; पलायन; उत्तराखंड की औद्योगिक व IT नीति
संदर्भ27 अक्टूबर को गैरसैंण में मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य रोजगार व उद्योग हेतु 30+ नीतियां लाया है और IT नवाचार व डिजिटलीकरण को प्राथमिकता दे रहा है।
मुख्य तथ्य
  • पिछले 3 वर्षों में अवसंरचना में ₹10,000 करोड़+ निवेश
  • ऋषिकेश–कर्णप्रयाग रेल लाइन लगभग 80% पूर्ण
  • चारधाम ऑल-वेदर रोड व केदारनाथ व हेमकुंड संपर्क परियोजनाओं पर कार्य; शारदा, गोलज्यू, हरिद्वार–गंगा कॉरिडोर
  • अलग से, मुख्यमंत्री ने पिथौरागढ़ में ₹284 करोड़ की 67 योजनाओं का शुभारंभ किया
आगे की राहपलायन रोकने हेतु संपर्क के साथ ढलान-स्थिरता ऑडिट, स्थानीय रोजगार व पर्वतीय उद्योग प्रोत्साहन भी जरूरी हैं।
अवधारणा~125 किमी लंबी ऋषिकेश–कर्णप्रयाग लाइन अधिकांशतः सुरंगों से गुजरती है; यह देवप्रयाग, श्रीनगर, रुद्रप्रयाग, गौचर, कर्णप्रयाग को जोड़ती है — चारधाम व सीमा संपर्क हेतु अहम।

6. सीमांत पर्यटन को बढ़ावा देने हेतु धारचूला के उच्च हिमालय में आदि कैलाश अल्ट्रा रन 2.0

UTTARAKHANDUKPSC: प्रारंभिक (उत्तराखंड — खेल, पर्यटन एवं सीमांत क्षेत्र)
सिलेबस से संबंधसाहसिक पर्यटन; सीमांत क्षेत्र विकास (वाइब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम); व्यास घाटी का भूगोल
संदर्भउच्च-हिमालयी दौड़ का दूसरा संस्करण 24–26 अक्टूबर 2026 को धारचूला (पिथौरागढ़) से आयोजित हुआ, जिसमें लगभग 1,100 धावकों ने गुंजी–आदि कैलाश क्षेत्र में भाग लिया।
मुख्य तथ्य
  • जिला प्रशासन द्वारा सेना, ITBP, SSB व BRO के सहयोग से आयोजन
  • छियालेख में चिकित्सा, जलपान केंद्र व हेल्प डेस्क; मार्ग गुंजी होकर
  • कैबिनेट (22 अक्टूबर) ने नए उत्तराखंड साहसिक पर्यटन निगम लि. को मंजूरी दी
  • व्यास, दारमा घाटियों में शीत/ऑफ-सीजन पर्यटन को प्रोत्साहन
आगे की राहआयोजनों का विस्तार करने से पहले नाजुक उच्च-हिमालयी गांवों में होमस्टे क्षमता और कचरा प्रबंधन विकसित करें।
अवधारणाआदि कैलाश (छोटा कैलाश) व ॐ पर्वत लिपुलेख दर्रे (भारत–चीन–नेपाल त्रि-संगम क्षेत्र) के निकट व्यास घाटी में स्थित हैं; गुंजी वाइब्रेंट विलेजेज का प्रमुख गांव है।
उत्तराखंड का योजनाबद्ध जिला मानचित्र, गढ़वाल व कुमाऊं छायांकित; देहरादून, भराड़ीसैंण-गैरसैंण, कपाट बंदी तिथियों सहित चारधाम, कर्णप्रयाग, हरिद्वार और धारचूला-गुंजी चिह्नित।
उत्तराखंड का योजनाबद्ध जिला मानचित्र, गढ़वाल व कुमाऊं छायांकित; देहरादून, भराड़ीसैंण-गैरसैंण, कपाट बंदी तिथियों सहित चारधाम, कर्णप्रयाग, हरिद्वार और धारचूला-गुंजी चिह्नित। — StudyForGS

7. अति गंभीर चक्रवाती तूफान 'अर्णब' का आंध्र तट पर नरसापुर के पास लैंडफॉल

ENVIRONMENTUKPSC: प्रारंभिक + मुख्य (भूगोल एवं आपदा प्रबंधन)
सिलेबस से संबंधउष्णकटिबंधीय चक्रवात, IMD वर्गीकरण, पूर्व चेतावनी; आपदा प्रबंधन
संदर्भ28 अक्टूबर 2026 को बंगाल की खाड़ी से उठे VSCS अर्णब ने आंध्र प्रदेश–यानम तट पार करना शुरू किया; इसका केंद्र नरसापुर से ~30 किमी पूर्व (16.4°N, 82°E) था।
मुख्य तथ्य
  • स्थायी हवाएं 135 किमी/घं. तक, झोंके 150 किमी/घं. तक
  • काकीनाडा, कोनसीमा, विशाखापत्तनम, अनकापल्ली, पश्चिम गोदावरी में भारी वर्षा
  • काकीनाडा में समुद्री जल भराव; शुरुआती रिपोर्टों में कोई जनहानि नहीं
  • यानम आंध्र प्रदेश से घिरा केंद्रशासित प्रदेश पुडुचेरी का हिस्सा है
आगे की राहप्रभाव-आधारित पूर्वानुमान, मैंग्रोव शेल्टरबेल्ट व चक्रवात आश्रय मजबूत करें; ये सबक उत्तराखंड की बादल फटने की पूर्व चेतावनी पर भी लागू।
अवधारणाIMD पैमाना: चक्रवाती तूफान 62–88, गंभीर 89–117, अति गंभीर 118–166 किमी/घं., अत्यंत गंभीर 167–221, सुपर साइक्लोन ≥222। नाम WMO/ESCAP पैनल (13 देश) की सूची से आते हैं।

8. प्रधानमंत्री ने ESTIC 2026 का उद्घाटन किया; अनुसंधान को 'प्रयोगशालाओं से आगे' ले जाने पर जोर

SCI-TECHUKPSC: प्रारंभिक + मुख्य (विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी)
सिलेबस से संबंधS&T नीति, R&D वित्तपोषण (ANRF, RDI फंड), उभरती प्रौद्योगिकियां — AI, क्वांटम, सेमीकंडक्टर
संदर्भप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 27 अक्टूबर को भारत मंडपम, नई दिल्ली में 3-दिवसीय उभरते विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार सम्मेलन का उद्घाटन किया और 3 वर्षों में मापनीय परिणाम मांगे।
मुख्य तथ्य
  • 5,000+ प्रतिनिधि; क्वांटम, जनरेटिव AI, सेमीकंडक्टर, डीप ओशन मिशन सहित 12 विषयगत क्षेत्र
  • डीप-टेक को तकनीकी तत्परता स्तरों पर आगे बढ़ाने हेतु ₹1 लाख करोड़ RDI फंड व ANRF पर फोकस
  • स्टार्टअप ~400 (2014) से बढ़कर 2.3 लाख+ (राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह के अनुसार)
  • नोबेल विजेता जोआकिम फ्रैंक (क्रायो-EM) व रिचर्ड जे. रॉबर्ट्स (स्प्लिट जीन) के व्याख्यान
आगे की राहअधिक निजी R&D से GERD (लगभग GDP का 0.7%) बढ़ाएं; उत्तराखंड जैसे राज्य UCOST व IIT रुड़की को RDI श्रृंखला से जोड़ सकते हैं।
अवधारणाANRF की स्थापना ANRF अधिनियम, 2023 के तहत SERB के स्थान पर हुई; RDI योजना निजी क्षेत्र के अनुसंधान को दीर्घकालिक, कम लागत वित्त देती है।

9. SC: एक ही मुकदमे में कई आजीवन कारावास क्रमिक रूप से नहीं चल सकते

POLITYUKPSC: प्रारंभिक + मुख्य (राजव्यवस्था एवं शासन)
सिलेबस से संबंधन्यायपालिका; आपराधिक न्याय सुधार (BNSS, 2023); अनु. 21 — न्यायसंगत दंड
संदर्भराजू शांताराम कोली बनाम महाराष्ट्र राज्य (27 अक्टूबर 2026) में न्यायमूर्ति के.वी. विश्वनाथन व अरुण पल्ली की पीठ ने दो आजीवन कारावास समवर्ती चलाने का आदेश दिया।
मुख्य तथ्य
  • मुथुरामलिंगम बनाम राज्य (2016) में संविधान पीठ के निर्णय पर आधारित
  • निचली अदालत (2013) ने दोनों आजीवन कारावास क्रमिक चलाने का आदेश दिया था; हाईकोर्ट ने बरकरार रखा था
  • जुर्माना, डिफॉल्ट सजा व सेट-ऑफ (धारा 428 CrPC) यथावत
  • आजीवन कारावास का अर्थ शेष प्राकृतिक जीवन तक कारावास (जब तक छूट न मिले)
आगे की राहट्रायल कोर्टों में एकरूपता हेतु इस नियम को BNSS के दंड प्रावधानों में स्पष्ट रूप से संहिताबद्ध करें।
अवधारणासमवर्ती सजाएं साथ-साथ चलती हैं; क्रमिक एक के बाद एक। अवधि-सजाएं क्रमिक हो सकती हैं, पर आजीवन कारावास नहीं — गोपाल विनायक गोडसे (1961): आजीवन = पूरा जीवन।

10. लिकटेंस्टीन की भारत में पहली राजकीय यात्रा; नेताओं ने भारत–EFTA TEPA की सराहना की

IRUKPSC: प्रारंभिक + मुख्य (अंतरराष्ट्रीय संबंध)
सिलेबस से संबंधभारत–यूरोप संबंध; व्यापार समझौते (TEPA); बहुपक्षीय सुधार (संयुक्त राष्ट्र)
संदर्भप्रधानमंत्री मोदी ने 27 अक्टूबर को नई दिल्ली में लिकटेंस्टीन के वंशानुगत राजकुमार अलोइस से वार्ता की; राजपरिवार ने मुंबई, वडोदरा व राजघाट का दौरा किया।
मुख्य तथ्य
  • लिकटेंस्टीन की भारत में पहली राजकीय यात्रा
  • फोकस: व्यापार-निवेश, नवाचार, S&T, कौशल, वित्तीय सेवाएं
  • दोनों ने संयुक्त राष्ट्र सहित बहुपक्षीय संस्थाओं के सुधार का समर्थन किया
  • EFTA (आइसलैंड, लिकटेंस्टीन, नॉर्वे, स्विट्ज़रलैंड) के साथ TEPA 1 अक्टूबर 2025 से लागू — 15 वर्षों में $100 अरब निवेश, 10 लाख रोजगार का वादा
आगे की राहTEPA के निवेश अध्याय से प्रिसिजन मैन्युफैक्चरिंग व फिनटेक निवेश राज्यों में लाएं, जिनमें उत्तराखंड के औद्योगिक केंद्र भी शामिल।
अवधारणालिकटेंस्टीन: राजधानी वादुज़; स्विट्ज़रलैंड व ऑस्ट्रिया के बीच दोहरा स्थलरुद्ध संवैधानिक राजतंत्र (उज़्बेकिस्तान के साथ केवल दो); मुद्रा स्विस फ्रैंक।

11. E85 व E100 हेतु CMVR संशोधित: फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों का नियामकीय मार्ग खुला

ECONOMYUKPSC: प्रारंभिक + मुख्य (अर्थव्यवस्था, ऊर्जा एवं पर्यावरण)
सिलेबस से संबंधऊर्जा सुरक्षा; राष्ट्रीय जैव-ईंधन नीति, 2018; हरित परिवहन; कृषि आय
संदर्भसड़क परिवहन मंत्रालय ने केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 में संशोधन किया (घोषणा 26 अक्टूबर), जिससे उत्सर्जन प्रमाणन में E85 व E100 शामिल; यह E20 के बाद अगला कदम है।
मुख्य तथ्य
  • केवल इन ईंधनों हेतु डिज़ाइन व प्रमाणित वाहनों पर लागू; E20-अनुकूल ≠ E85-तैयार
  • E20 2025 में हासिल, 2030 लक्ष्य से ~5 वर्ष पहले; E10 जून 2022 में
  • इथेनॉल में पेट्रोल की तुलना में प्रति लीटर ~एक-तिहाई कम ऊर्जा → कम माइलेज
  • भारत >85% कच्चा तेल आयात करता है; पीएम जी-वन योजना (2019) 2G इथेनॉल को समर्थन
आगे की राहखाद्य बनाम ईंधन व गन्ने के जल उपयोग में संतुलन; E100 वितरण अवसंरचना के साथ मक्का, अधिशेष चावल व फसल अवशेष की ओर विविधीकरण।
अवधारणाफ्लेक्स-फ्यूल वाहन (FFV): इंजन E85/E100 तक किसी भी पेट्रोल–इथेनॉल मिश्रण पर चलता है। भारत ने G20 नई दिल्ली शिखर सम्मेलन (2023) में ग्लोबल बायोफ्यूल्स एलायंस की सह-स्थापना की।
भारत की इथेनॉल मिश्रण यात्रा की समयरेखा: 2003 में 5% से कार्यक्रम, 2018 जैव-ईंधन नीति, जून 2022 में E10, 2025 में E20, और अक्टूबर 2026 में E85 व E100 वाहनों हेतु CMVR संशोधन।
भारत की इथेनॉल मिश्रण यात्रा की समयरेखा: 2003 में 5% से कार्यक्रम, 2018 जैव-ईंधन नीति, जून 2022 में E10, 2025 में E20, और अक्टूबर 2026 में E85 व E100 वाहनों हेतु CMVR संशोधन। — StudyForGS

आज का डेटा पॉइंट

₹1,19,547.39 crore
अनुपूरक मांगों के बाद उत्तराखंड बजट 2026-27
₹1,11,703.21 करोड़ से वृद्धि (+₹7,844.18 करोड़, ~7%); अनुपूरक व्यय में पूंजीगत हिस्सा 53% (₹4,164.32 करोड़)।

प्रारंभिक परीक्षा रैपिड-फायर

61वीं CIML बैठक (OIML की शासी संस्था, स्थापना 1955, मुख्यालय पेरिस) नई दिल्ली, 26–28 अक्टूबर — भारत में पहली बार
12वां ब्रिक्स संसदीय मंच संविधान सदन, नई दिल्ली (26–27 अक्टूबर); विषय: जन-केंद्रित विकास हेतु संसदों का सशक्तिकरण
लूला दा सिल्वा ने ब्राज़ील का राष्ट्रपति रन-ऑफ जीता (25 अक्टूबर) — ऐतिहासिक चौथा कार्यकाल
उत्तराखंड कैबिनेट (22 अक्टूबर): SC/ST छात्रों हेतु निःशुल्क कोचिंग की पारिवारिक आय सीमा ₹2 लाख → ₹8 लाख
जल संचय जन भागीदारी: 1.55 करोड़+ पुनर्भरण संरचनाएं; 1 जून 2026 से जल शक्ति अभियान: कैच द रेन में विलय
उत्तराखंड बोर्ड: दिव्यांग छात्रों हेतु उत्तीर्णांक में 5% छूट (28% पर उत्तीर्ण)

अभ्यास MCQs — UKPSC Prelims पैटर्न

Q1. उत्तराखंड के अनुपूरक बजट 2026-27 के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इसे भराड़ीसैंण (गैरसैंण) में प्रस्तुत किया गया। 2. इससे राज्य का वार्षिक बजट ₹1.19 लाख करोड़ से अधिक हो गया। 3. अनुपूरक व्यय में राजस्व व्यय का हिस्सा अधिक है। उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

  1. केवल 1
  2. केवल 1 और 2
  3. केवल 2 और 3
  4. 1, 2 और 3
उत्तर देखें
उत्तर: B
पूंजीगत व्यय (₹4,164.32 करोड़) राजस्व व्यय (₹3,679.86 करोड़) से अधिक है, अतः कथन 3 गलत है; बजट ₹1,19,547.39 करोड़ हुआ।

Q2. निम्नलिखित युग्मों (धाम : शीतकालीन गद्दी) पर विचार कीजिए: 1. केदारनाथ : ऊखीमठ 2. बदरीनाथ : मुखबा 3. गंगोत्री : खरसाली। उपर्युक्त में से कितने युग्म सही सुमेलित हैं?

  1. केवल एक
  2. केवल दो
  3. तीनों
  4. कोई नहीं
उत्तर देखें
उत्तर: A
केवल केदारनाथ–ऊखीमठ सही है। बदरीनाथ की शीतकालीन गद्दी पांडुकेश्वर/जोशीमठ; गंगोत्री की मुखबा; खरसाली यमुनोत्री की है।

मुख्य परीक्षा अभ्यास प्रश्न

Q. उत्तराखंड के पर्वतीय कस्बों में होमस्टे व ऊंचे भवनों की तीव्र वृद्धि से अग्नि-सुरक्षा जोखिम बढ़े हैं। उत्तराखंड अग्नि एवं आपातकालीन सेवा विधेयक, 2026 के प्रमुख प्रावधानों का परीक्षण कीजिए तथा पर्वतीय क्षेत्रों में इसके प्रभावी प्रवर्तन हेतु उपाय सुझाइए। (150 शब्द)

संकेत / दृष्टिकोण
भूमिका: पर्यटन वृद्धि + संकरी सड़कें। मुख्य भाग: फायर NOC सीमाएं, सीलिंग शक्तियां, ₹10/वर्ग मी. / 1.5 गुना जुर्माना, BNS दायित्व; चुनौतियां — भूभाग, कम फायर स्टेशन, छोटे संचालक। आगे की राह: मिनी फायर टेंडर, आपदा मित्र, ऑनलाइन NOC, बीमा से जुड़ाव। निष्कर्ष: आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 व SDG 11।
📌 एक पंक्ति में रिवीज़न: अनुपूरक बजट ₹7,844.18 करोड़ → उत्तराखंड बजट ₹1,19,547.39 करोड़ | फायर विधेयक: NOC + सीलिंग | चारधाम 60 लाख+ | चक्रवात अर्णब (VSCS) नरसापुर में | SC: आजीवन कारावास समवर्ती
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