उत्तराखंड PCS (UKPSC) के लिए डेली करेंट अफेयर्स

UKPSC करेंट अफेयर्स — 19 October 2026

डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने उत्तराखंड के राज्यपाल पद की शपथ ली; मानव-वन्यजीव संघर्ष से निपटने हेतु डीएम की अध्यक्षता में समितियाँ; ₹24,000 करोड़ के अतिरिक्त निवेश की ग्राउंडिंग की तैयारी

Monday, 19 October 2026 · IST · उत्तराखंड + राष्ट्रीय · 11 टॉपिक · 2 MCQs

महानवमी के दिन उत्तराखंड को नए राज्यपाल डॉ. ढाल सिंह बिसेन मिले, वहीं राज्य ने बढ़ते मानव-वन्यजीव संघर्ष को रोकने के लिए डीएम की अध्यक्षता में 14 सदस्यीय जिला समितियाँ बनाने का आदेश दिया और ₹24,000 करोड़ के नए निवेश की ग्राउंडिंग की तैयारी की। राष्ट्रीय स्तर पर भारत के रामसर स्थलों की संख्या 103 हुई, केंद्र ने SIOFA में शामिल होने को मंजूरी दी और भारत–मॉरीशस कर संधि में प्रिंसिपल पर्पज़ टेस्ट जुड़ा।

आज एक नज़र में — याद रखने वाली बातें

विस्तृत नोट्स

1. डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने उत्तराखंड के नए राज्यपाल के रूप में शपथ ली

UTTARAKHANDUKPSC: प्रारंभिक + मुख्य (राजव्यवस्था एवं शासन — उत्तराखंड)
सिलेबस से संबंधराजव्यवस्था — राज्य कार्यपालिका (अनु. 153–167); उत्तराखंड प्रशासन। प्रारंभिक: राज्यपाल की नियुक्ति, शपथ, योग्यताएँ।
संदर्भराष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु द्वारा 12 अक्टू. 2026 को नियुक्त डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने 19 अक्टू. 2026 को लोक भवन, देहरादून में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में शपथ ली। वे राज्य के 9वें राज्यपाल हैं।
मुख्य तथ्य
  • ले. जन. गुरमीत सिंह (से.नि.) का स्थान लिया; इसी फेरबदल में कर्नाटक, ओडिशा, सिक्किम के राज्यपाल भी नियुक्त।
  • बालाघाट (म.प्र.) से पूर्व लोकसभा सांसद (17वीं लोकसभा, 2019–24); 4 बार विधायक; म.प्र. में कैबिनेट मंत्री (2003–05: वन, परिवहन, खनिज)।
  • पेशे से आयुर्वेद चिकित्सक।
  • बताई गई प्राथमिकताएँ: शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, पर्यटन, पर्यावरण, रोज़गार।
आगे की राह2027 विधानसभा चुनाव से पहले लंबित विधेयकों और पर्वतीय विकास प्राथमिकताओं पर राजभवन–सरकार के बीच रचनात्मक समन्वय।
अवधारणाअनु. 155: राष्ट्रपति द्वारा अधिपत्र से नियुक्ति; अनु. 156: राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत पद (5 वर्ष); अनु. 157: नागरिक, 35+ वर्ष; अनु. 159: शपथ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश द्वारा; अनु. 200: विधेयकों पर अनुमति।
राज्यपाल से जुड़े संवैधानिक प्रावधानों का फ्लोचार्ट: अनुच्छेद 153 (प्रत्येक राज्य का राज्यपाल), 155 (नियुक्ति), 156 (कार्यकाल), 157 (योग्यताएँ), 159 (उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश द्वारा शपथ), 163 (सहायता एवं सलाह), 200 (विधेयकों पर अनुमति)।
राज्यपाल से जुड़े संवैधानिक प्रावधानों का फ्लोचार्ट: अनुच्छेद 153 (प्रत्येक राज्य का राज्यपाल), 155 (नियुक्ति), 156 (कार्यकाल), 157 (योग्यताएँ), 159 (उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश द्वारा शपथ), 163 (सहायता एवं सलाह), 200 (विधेयकों पर अनुमति)। — StudyForGS

2. मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकने हेतु डीएम की अध्यक्षता में जिला समितियाँ

ENVIRONMENTUKPSC: प्रारंभिक + मुख्य (पर्यावरण एवं आपदा प्रबंधन — उत्तराखंड)
सिलेबस से संबंधपर्यावरण — वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972; उत्तराखंड के वन एवं वन्यजीव; आपदा प्रबंधन। प्रारंभिक: अनुसूची-I प्रजातियाँ, संस्थाएँ।
संदर्भराज्य के आदेश पर PCCF (वन्यजीव) नीना ग्रेवाल ने सभी DFO को हर जिले में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में 14 सदस्यीय समितियाँ बनाने के निर्देश दिए, क्योंकि गुलदार, भालू, बंदर और साँपों के हमले लगातार बढ़ रहे हैं।
मुख्य तथ्य
  • नोडल DFO = सदस्य-सचिव; पुलिस, कृषि, उद्यान, शिक्षा, पशुपालन, ऊर्जा, UREDA के अधिकारी + संवेदनशील क्षेत्रों के 2 ग्राम प्रधान सदस्य।
  • कार्य: ग्राम-स्तरीय हॉटस्पॉट मैपिंग, QRT, ई-निगरानी, अर्ली-वार्निंग सिस्टम, हर प्रभाग में शमन प्रकोष्ठ; कम से कम 3 माह में एक बैठक।
  • जन.–सित. 2026: 55 मौतें, 407 घायल; गुलदार/बाघ से 29 मौतें (17 गुलदार से)।
  • घायल: बंदर/लंगूर 154, साँप 102, गुलदार 75, भालू 40।
आगे की राहसमितियों के साथ सोलर फेंसिंग, फसल परामर्श (जिन फसलों को वन्यजीव नुकसान नहीं पहुँचाते), गाँवों के पास कचरा प्रबंधन और त्वरित अनुग्रह राशि भुगतान जोड़ें।
अवधारणागुलदार व बाघ = अनुसूची I (WPA 1972, 2022 संशोधन); धारा 11 के तहत मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक मानव जीवन के लिए खतरनाक पशु पर कार्रवाई की अनुमति दे सकता है। उत्तराखंड का ~71% क्षेत्र अभिलिखित वन है।
उत्तराखंड में जनवरी–सितंबर 2026 के मानव-वन्यजीव संघर्ष में घायलों का बार चार्ट: बंदर व लंगूर 154, साँप 102, गुलदार 75, भालू 40, अन्य 36; कुल 407 घायल और 55 मौतें।
उत्तराखंड में जनवरी–सितंबर 2026 के मानव-वन्यजीव संघर्ष में घायलों का बार चार्ट: बंदर व लंगूर 154, साँप 102, गुलदार 75, भालू 40, अन्य 36; कुल 407 घायल और 55 मौतें। — StudyForGS

3. उत्तराखंड में ₹24,000 करोड़ के और निवेश की ग्राउंडिंग की तैयारी

ECONOMYUKPSC: प्रारंभिक + मुख्य (भूगोल एवं अर्थव्यवस्था — उत्तराखंड)
सिलेबस से संबंधउत्तराखंड की अर्थव्यवस्था — औद्योगिक नीति, निवेश, रोज़गार; ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (दिसं. 2023)।
संदर्भउद्योग सचिव विनय शंकर पांडेय ने कहा कि ₹24,000 करोड़ के प्रस्ताव जल्द चौथे ग्राउंड-ब्रेकिंग समारोह में धरातल पर उतरेंगे, और समिट आँकड़ों पर सोशल मीडिया दावों को खारिज करते हुए कहा कि सभी आँकड़े आधिकारिक पोर्टलों पर सार्वजनिक हैं।
मुख्य तथ्य
  • GIS-2023 (देहरादून): ₹3.56 लाख करोड़ के MoU; ₹1.01 लाख करोड़+ पहले ही ग्राउंड (~28%)।
  • भारी उद्योग देहरादून, हरिद्वार, ऊधम सिंह नगर और नैनीताल के कुछ हिस्सों में केंद्रित।
  • 'निवेश मित्र' सहायक नियुक्त; आँकड़े सिंगल-विंडो पोर्टलों पर।
  • नीति लक्ष्य: पारिस्थितिकी व अर्थव्यवस्था में संतुलन के साथ अधिकतम रोज़गार।
आगे की राहपलायन रोकने के लिए पर्वतीय जिलों में इकाइयों (खाद्य प्रसंस्करण, आयुष, आईटी, पर्यटन) को बढ़ावा, परियोजना-वार पारदर्शी ट्रैकिंग के साथ।
अवधारणाMoU बनाम ग्राउंडिंग: MoU केवल इरादा है; ग्राउंडिंग = परियोजना का धरातल पर वास्तविक आरंभ। औद्योगिक आस्थान SIDCUL द्वारा संचालित (जैसे पंतनगर, हरिद्वार, सितारगंज)।

4. रिकॉर्ड चारधाम सीज़न के समापन की ओर, रुद्रनाथ के कपाट शीतकाल हेतु बंद

UTTARAKHANDUKPSC: प्रारंभिक + मुख्य (इतिहास एवं संस्कृति — उत्तराखंड)
सिलेबस से संबंधउत्तराखंड की संस्कृति एवं पर्यटन — पंच केदार, चारधाम, शीतकालीन गद्दीस्थल; तीर्थयात्रा एवं भीड़ प्रबंधन।
संदर्भचमोली स्थित चतुर्थ केदार रुद्रनाथ के कपाट 18 अक्टू. को शीतकाल हेतु बंद हुए; देव डोली शीतकालीन गद्दीस्थल गोपीनाथ मंदिर, गोपेश्वर पहुँचती है। 2026 चारधाम यात्रा में 56.18 लाख श्रद्धालुओं का रिकॉर्ड बन चुका है।
मुख्य तथ्य
  • रुद्रनाथ (~3,600 मी.) — शिव की 'मुख' रूप में पूजा; 18 मई 2026 को कपाट खुले थे।
  • पंच केदार: केदारनाथ → मध्यमहेश्वर → तुंगनाथ → रुद्रनाथ → कल्पेश्वर (कल्पेश्वर वर्ष भर खुला)।
  • बदरीनाथ के कपाट बंद होने की तिथि परंपरागत रूप से विजयादशमी को तय होती है; केदारनाथ के कपाट भैया दूज पर बंद होते हैं।
  • शीतकालीन गद्दी: केदारनाथ — ओंकारेश्वर, ऊखीमठ; बदरीनाथ — पांडुकेश्वर/ज्योतिर्मठ।
आगे की राहगद्दीस्थलों तक शीतकालीन चारधाम यात्रा को बढ़ावा दें और अगले सीज़न में वहन क्षमता आधारित पंजीकरण अपनाएँ।
अवधारणापंच केदार कथा: पांडवों ने शिव को खोजा, जो बैल रूप में प्रकट हुए; पाँच स्थानों पर अंग प्रकट हुए — पीठ (केदारनाथ), नाभि (मध्यमहेश्वर), भुजाएँ (तुंगनाथ), मुख (रुद्रनाथ), जटा (कल्पेश्वर)।
उत्तराखंड का योजनाबद्ध जिला मानचित्र, गढ़वाल व कुमाऊँ मंडल तथा आज की खबरों के स्थान: देहरादून (लोक भवन), जौनसार-बावर (गागली युद्ध), चमोली में रुद्रनाथ व गोपेश्वर, केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री, तथा औद्योगिक केंद्र हरिद्वार व रुद्रपुर; पड़ोसी हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, नेपाल और चीन (तिब्बत) अंकित।
उत्तराखंड का योजनाबद्ध जिला मानचित्र, गढ़वाल व कुमाऊँ मंडल तथा आज की खबरों के स्थान: देहरादून (लोक भवन), जौनसार-बावर (गागली युद्ध), चमोली में रुद्रनाथ व गोपेश्वर, केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री, तथा औद्योगिक केंद्र हरिद्वार व रुद्रपुर; पड़ोसी हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, नेपाल और चीन (तिब्बत) अंकित। — StudyForGS

5. जौनसार-बावर का 'गागली युद्ध': रावण दहन नहीं, प्रायश्चित का दशहरा

SOCIETYUKPSC: प्रारंभिक + मुख्य (इतिहास एवं संस्कृति — उत्तराखंड)
सिलेबस से संबंधउत्तराखंड की संस्कृति — जौनसारी परंपराएँ, मेले व त्योहार, लोकनृत्य; राज्य के जनजातीय समुदाय।
संदर्भजहाँ देश विजयादशमी (20 अक्टू.) पर रावण के पुतले जलाता है, वहीं जौनसार-बावर (देहरादून जिला) के उदपाल्टा और कुरोली गाँव सदियों पुराने गागली युद्ध की तैयारी करते हैं — यह प्रायश्चित के रूप में होने वाला प्रतीकात्मक युद्ध है।
मुख्य तथ्य
  • दो बालिकाओं रानी और मुन्नी की कुएँ में मृत्यु की कथा; देवता महासू के माली (सेवक) की सलाह पर गाँव उस श्राप से मुक्ति चाहते हैं।
  • भूसे के पुतले क्याणी डांडा के कुएँ में विसर्जित; फिर लगभग 1 घंटे तक अरबी (घुइयाँ) के डंठल व पत्तों से युद्ध।
  • न कोई जीतता, न कोई हारता; अंत में गले मिलना और लोकनृत्य — हारुल, तांदी, रासो, झेंता।
  • स्थानीय रूप से पाइंता पर्व से जुड़ा।
आगे की राहऐसी जीवंत परंपराओं का अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर सूचीकरण हेतु दस्तावेज़ीकरण और जौनसार-बावर में ज़िम्मेदार सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा।
अवधारणाजौनसारी उत्तराखंड की 5 अधिसूचित अनुसूचित जनजातियों में एक (साथ में भोटिया, थारू, बुक्सा, राजी); महासू देवता मंदिर हनोल में; जौनसारियों को 1967 में अनुसूचित जनजाति का दर्जा मिला।

6. सुखना झील और सौज झील के साथ भारत के रामसर स्थल 103 हुए

ENVIRONMENTUKPSC: प्रारंभिक + मुख्य (विज्ञान-प्रौद्योगिकी एवं पर्यावरण)
सिलेबस से संबंधपर्यावरण — आर्द्रभूमि, रामसर कन्वेंशन, जैव-विविधता। प्रारंभिक: राज्यवार रामसर संख्या।
संदर्भसुखना झील (चंडीगढ़) और सौज झील (मैनपुरी, उ.प्र.) को अंतरराष्ट्रीय महत्व की आर्द्रभूमि घोषित किया गया, जिससे भारत की संख्या 103 हो गई — केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने घोषणा की।
मुख्य तथ्य
  • सुखना: शिवालिक की तलहटी में कृत्रिम झील (1958); पक्षी आवास, भूजल पुनर्भरण।
  • सौज झील: किशनी तहसील, मैनपुरी; गंगा बाढ़ मैदान की आर्द्रभूमि; महत्वपूर्ण पक्षी क्षेत्र (IBA)।
  • उ.प्र. में अब 14 स्थल — केवल तमिलनाडु से पीछे।
  • उत्तराखंड का एकमात्र रामसर स्थल: आसन संरक्षण आरक्षित क्षेत्र (देहरादून, 2020)।
आगे की राहऔर हिमालयी आर्द्रभूमियों को अधिसूचित करें तथा शहरी अतिक्रमण के विरुद्ध आर्द्रभूमि (संरक्षण एवं प्रबंधन) नियम, 2017 लागू करें।
अवधारणारामसर कन्वेंशन 1971 में रामसर (ईरान) में हस्ताक्षरित; भारत 1982 में शामिल (पहले स्थल चिल्का, केवलादेव); मॉन्ट्रो रिकॉर्ड संकटग्रस्त स्थलों की सूची; विश्व आर्द्रभूमि दिवस = 2 फ़र.।

7. भारत दक्षिणी हिंद महासागर मत्स्य समझौते (SIOFA) में शामिल होगा

IRUKPSC: प्रारंभिक + मुख्य (अंतरराष्ट्रीय संबंध एवं अर्थव्यवस्था)
सिलेबस से संबंधअंतरराष्ट्रीय संबंध — क्षेत्रीय समूह, हिंद महासागर शासन; अर्थव्यवस्था — नीली अर्थव्यवस्था, मत्स्य पालन।
संदर्भकेंद्र ने 14 अक्टू. 2026 को मत्स्य, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय के माध्यम से भारत के SIOFA में शामिल होने को मंजूरी दी, जिससे भारत सहयोगी गैर-अनुबंधित पक्ष (2022 से) से पूर्ण पक्ष बनेगा।
मुख्य तथ्य
  • SIOFA पर रोम, 7 जुलाई 2006 को हस्ताक्षर; जून 2012 से लागू; ऑस्ट्रेलिया, चीन, जापान, कोरिया सहित 10 पक्ष।
  • अत्यधिक प्रवासी न होने वाले खुले समुद्र के भंडार — मछली, मोलस्क, क्रस्टेशियन।
  • भारतीय पोत स्क्विड, टूथफ़िश, अल्फ़ोन्सिनो पकड़ सकेंगे।
  • संरक्षण व कोटा निर्णयों में भारत को मताधिकार।
आगे की राहगहरे समुद्र में मत्स्यन बेड़ा और बंदरगाह अवसंरचना विकसित करें ताकि भारतीय मछुआरे नई पहुँच का वास्तविक उपयोग कर सकें।
अवधारणाRFMO खुले समुद्र के मत्स्य भंडारों का प्रबंधन UNCLOS 1982 और संयुक्त राष्ट्र मत्स्य भंडार समझौता 1995 के तहत करते हैं; टूना का प्रबंधन अलग से IOTC (सेशेल्स) करता है, जिसका भारत सदस्य है।

8. भारत–मॉरीशस कर संधि में अब प्रिंसिपल पर्पज़ टेस्ट शामिल

ECONOMYUKPSC: प्रारंभिक + मुख्य (भारतीय अर्थव्यवस्था)
सिलेबस से संबंधअर्थव्यवस्था — कराधान, FDI, DTAA, कर-परिहार रोधी उपाय (GAAR, BEPS)।
संदर्भवित्त मंत्रालय ने (13 अक्टू. 2026) भारत–मॉरीशस DTAA के 2024 प्रोटोकॉल को अधिसूचित किया, जिसमें ट्रीटी शॉपिंग रोकने के लिए प्रिंसिपल पर्पज़ टेस्ट जोड़ा गया।
मुख्य तथ्य
  • प्रोटोकॉल पर मार्च 2024, पोर्ट लुई में हस्ताक्षर; 10 अग. 2026 से लागू; आयकर अधिनियम, 2025 की धारा 159(1) के तहत अधिसूचित।
  • PPT = नया अनुच्छेद 27B: यदि लाभ पाना प्रमुख उद्देश्यों में से एक था तो लाभ अस्वीकार।
  • 2016 प्रोटोकॉल की ग्रैंडफादरिंग (1 अप्रैल 2017 से पहले के निवेश) स्पष्ट रूप से रद्द नहीं।
  • मॉरीशस लंबे समय से भारत के शीर्ष FDI स्रोतों में रहा है।
आगे की राहPPT लागू करने पर स्पष्ट CBDT दिशानिर्देश जारी हों ताकि वास्तविक निवेशकों को कर निश्चितता मिले।
अवधारणाDTAA एक ही आय पर दोहरे कराधान से बचाता है; PPT का स्रोत OECD BEPS एक्शन 6 और MLI (भारत ने 2017 में हस्ताक्षर किए); घरेलू GAAR 1 अप्रैल 2017 से लागू।

9. WTO ने 2026 के विश्व वस्तु व्यापार वृद्धि अनुमान को बढ़ाकर 3.9% किया

REPORTUKPSC: प्रारंभिक + मुख्य (अर्थव्यवस्था एवं अंतरराष्ट्रीय संस्थाएँ)
सिलेबस से संबंधअर्थव्यवस्था — अंतरराष्ट्रीय व्यापार, WTO, वैश्विक संस्थाएँ एवं रिपोर्टें।
संदर्भWTO के अक्टूबर व्यापार परिदृश्य ने AI निवेश उछाल के चलते 2026 के वस्तु व्यापार मात्रा वृद्धि अनुमान को दोगुने से अधिक कर 3.9% (पहले 1.9%) कर दिया।
मुख्य तथ्य
  • H1 2026 में वस्तु व्यापार वृद्धि का 47% AI-संबंधित वस्तुओं से; AI निवेश में 67% वार्षिक वृद्धि।
  • 2027 वस्तु व्यापार अनुमान: 4.1%; 2026 में सेवा व्यापार 3.3%।
  • विश्व GDP: 2.6% (2026), 2.9% (2027)।
  • पश्चिम एशिया तनाव को नकारात्मक जोखिम बताया गया।
आगे की राहव्यापार उछाल का लाभ उठाने के लिए भारत PLI और सेमीकंडक्टर मिशनों के ज़रिये AI/इलेक्ट्रॉनिक्स मूल्य शृंखलाओं से जुड़े।
अवधारणाWTO — स्थापना 1 जन. 1995 (मराकेश समझौता), मुख्यालय जिनेवा, 166 सदस्य; महानिदेशक न्गोज़ी ओकोंजो-इवेला; GATT (1947) का उत्तराधिकारी।
WTO के अक्टूबर 2026 अनुमानों का बार चार्ट: 2026 वस्तु व्यापार वृद्धि पहले 1.9%, संशोधित 3.9%; 2027 में 4.1%; 2026 सेवा व्यापार 3.3%; विश्व GDP 2026 में 2.6% और 2027 में 2.9%।
WTO के अक्टूबर 2026 अनुमानों का बार चार्ट: 2026 वस्तु व्यापार वृद्धि पहले 1.9%, संशोधित 3.9%; 2027 में 4.1%; 2026 सेवा व्यापार 3.3%; विश्व GDP 2026 में 2.6% और 2027 में 2.9%। — StudyForGS

10. INS समर्थक: नौसेना ने पहला स्वदेशी बहुउद्देश्यीय पोत कमीशन किया

DEFENCEUKPSC: प्रारंभिक + मुख्य (विज्ञान-प्रौद्योगिकी एवं सुरक्षा)
सिलेबस से संबंधसुरक्षा एवं विज्ञान-प्रौद्योगिकी — रक्षा में स्वदेशीकरण, मेक इन इंडिया, नौसैनिक क्षमता।
संदर्भउपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने 16 अक्टू. 2026 को INS कदंब, कारवार (कर्नाटक) में अपनी श्रेणी के प्रमुख पोत INS समर्थक को कमीशन किया।
मुख्य तथ्य
  • निर्माण L&T, कट्टुपल्ली (तमिलनाडु); लंबाई ~107 मी.; 75% से अधिक स्वदेशी सामग्री।
  • चार MPV में पहला; यह सहायक प्लेटफ़ॉर्म है, अग्रिम पंक्ति का युद्धपोत नहीं।
  • भूमिकाएँ: हथियार/सेंसर परीक्षण, टोइंग, निगरानी, प्रशिक्षण, मानवरहित प्रणालियाँ, HADR।
  • जहाज़ निर्माण में आत्मनिर्भर भारत को बल।
आगे की राहनौसेना के सहायक बेड़े की डिलीवरी समय-सीमा घटाने के लिए निजी शिपयार्डों की भागीदारी बढ़ाएँ।
अवधारणाकमीशनिंग = सेवा में औपचारिक शामिल होना (पोत को 'INS' उपसर्ग मिलता है); HADR = मानवीय सहायता एवं आपदा राहत; INS कदंब (कारवार) प्रोजेक्ट सीबर्ड का हिस्सा है।

11. ग्रामीण भारत में महिला श्रम बल भागीदारी में उछाल, शहरी पीछे

REPORTUKPSC: प्रारंभिक + मुख्य (सामाजिक न्याय एवं अर्थव्यवस्था)
सिलेबस से संबंधअर्थव्यवस्था एवं समाज — रोज़गार, महिला सशक्तिकरण, PLFS संकेतक।
संदर्भPLFS 2025 के आँकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि 2019–20 से महिला LFPR (15+) लगभग 30% से 40% हुई, जिसमें ग्रामीण क्षेत्रों में शहरों से कहीं अधिक तेज़ वृद्धि रही।
मुख्य तथ्य
  • ग्रामीण: 33.0% → 45.9%; शहरी: 23.3% → 27.7%।
  • सर्वाधिक वृद्धि: अरुणाचल प्रदेश; गिरावट लक्षद्वीप में।
  • उत्तराखंड: शहरी वृद्धि राष्ट्रीय औसत से अधिक, ग्रामीण वृद्धि कम।
  • वृद्धि का एक भाग कृषि में अवैतनिक स्व-रोज़गार को दर्शाता है।
आगे की राहभागीदारी को गुणवत्तापूर्ण काम में बदलने के लिए बाल-देखभाल, सुरक्षित परिवहन और कौशल के साथ शहरी रोज़गार सृजित करें।
अवधारणाPLFS — NSO (MoSPI) द्वारा 2017 से; LFPR = (रोज़गाररत + काम तलाशने वाले) ÷ जनसंख्या; WPR = रोज़गाररत ÷ जनसंख्या; UR = बेरोज़गार ÷ श्रम बल।
महिला श्रम बल भागीदारी दर (15+ आयु) का 2019-20 बनाम 2025 समूहित बार चार्ट: ग्रामीण 33.0% से 45.9%, शहरी 23.3% से 27.7%।
महिला श्रम बल भागीदारी दर (15+ आयु) का 2019-20 बनाम 2025 समूहित बार चार्ट: ग्रामीण 33.0% से 45.9%, शहरी 23.3% से 27.7%। — StudyForGS

आज का डेटा पॉइंट

₹1.01 lakh crore of ₹3.56 lakh crore (~28%)
उत्तराखंड GIS-2023: अब तक ग्राउंड हुए MoU
राज्य उद्योग विभाग के आँकड़े (18–19 अक्टू. 2026): चौथे ग्राउंड-ब्रेकिंग समारोह के लिए और ₹24,000 करोड़ तैयार; ग्राउंड होने पर कुल लगभग ₹1.25 लाख करोड़ (~35%) हो जाएगा।

प्रारंभिक परीक्षा रैपिड-फायर

भागीरथी बिष्ट (चमोली, उत्तराखंड) ने दिल्ली हाफ मैराथन में कांस्य जीता (18 अक्टू.)।
उत्तराखंड कैबिनेट (बनबसा, 4 अक्टू.): मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा कौशल संवर्धन योजना-2026 — ₹200 करोड़, ~1.19 लाख छात्र।
जनगणना (संशोधन) नियम, 2026: अब निजी क्षेत्र के कर्मचारी व शिक्षक भी प्रगणक बन सकेंगे (जनगणना नियम 1990 का नियम 3 संशोधित)।
विश्व मानक दिवस (14 अक्टू.) पर BIS सिल्वर रिफ़ाइनरी योजना शुरू; हॉलमार्क शुद्धता 999.9 / 999.5 / 999.0।
टी. एम. बालकृष्णन नायर (निदेशक, INCOIS) IOCINDIO (यूनेस्को-IOC, हिंद महासागर) के अध्यक्ष चुने गए।
आदित्य-L1 (VELC) और ESA के प्रोबा-3 (ASPIICS) ने मिलकर सूर्य के निकट कोरोनल मास इजेक्शन का अध्ययन किया।

अभ्यास MCQs — UKPSC Prelims पैटर्न

Q1. किसी राज्य के राज्यपाल के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. पद की शपथ संबंधित उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश द्वारा दिलाई जाती है। 2. राज्यपाल नियुक्त होने के लिए व्यक्ति की आयु 35 वर्ष पूर्ण होनी चाहिए। 3. राज्यपाल को केवल संविधान के उल्लंघन हेतु महाभियोग द्वारा ही हटाया जा सकता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

  1. केवल 1 और 2
  2. केवल 2 और 3
  3. केवल 1 और 3
  4. 1, 2 और 3
उत्तर देखें
उत्तर: a
अनु. 159 (उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश द्वारा शपथ) और अनु. 157 (35 वर्ष) सही हैं। राज्यपाल पर महाभियोग का प्रावधान नहीं है — वह राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत (अनु. 156) पद धारण करता है।

Q2. गोपेश्वर स्थित गोपीनाथ मंदिर निम्नलिखित में से किस पंच केदार मंदिर का शीतकालीन गद्दीस्थल है?

  1. तुंगनाथ
  2. रुद्रनाथ
  3. मध्यमहेश्वर
  4. कल्पेश्वर
उत्तर देखें
उत्तर: b
शीतकाल में रुद्रनाथ (चतुर्थ केदार, शिव का मुख) की पूजा गोपीनाथ मंदिर, गोपेश्वर में होती है। तुंगनाथ — मक्कूमठ; मध्यमहेश्वर — ऊखीमठ; कल्पेश्वर वर्ष भर खुला रहता है।

मुख्य परीक्षा अभ्यास प्रश्न

Q. उत्तराखंड में मानव-वन्यजीव संघर्ष जितनी पारिस्थितिक चुनौती है, उतनी ही शासन की चुनौती भी बन गया है। इसके कारणों का परीक्षण कीजिए तथा हाल में आदेशित जिला-स्तरीय समिति दृष्टिकोण का मूल्यांकन कीजिए। (250 शब्द)

संकेत / दृष्टिकोण
भूमिका में 55 मौतें/407 घायल (जन.–सित. 2026)। कारण: आवास विखंडन, पलायन व बंजर खेत (लैंटाना, झाड़ियाँ), कचरा, बंदरों का आतंक, गाँवों के पास गुलदार का अनुकूलन। मूल्यांकन: डीएम के नेतृत्व में 14 सदस्यीय अभिसरण, हॉटस्पॉट मैपिंग, QRT, अर्ली वार्निंग — पर धन, प्रशिक्षित कर्मी, त्वरित मुआवज़ा, सामुदायिक भागीदारी आवश्यक। निष्कर्ष में सह-अस्तित्व मॉडल।
📌 एक पंक्ति में रिवीज़न: बिसेन = 9वें राज्यपाल (शपथ अनु. 159) | मानव-वन्यजीव संघर्ष: 14 सदस्यीय डीएम-नेतृत्व समितियाँ, 55 मौतें | GIS: ₹3.56 में से ₹1.01 लाख करोड़ ग्राउंड | रुद्रनाथ → गोपीनाथ, गोपेश्वर | रामसर 103 | SIOFA 2006/2012 | PPT अनु. 27B
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