चारधाम 2026 रिकॉर्ड 5 करोड़ दर्शन के करीब, उत्तराखंड ने ग्रॉस एनवायरनमेंट प्रोडक्ट और UCC क्रियान्वयन को गहरा किया, और भारत-न्यूज़ीलैंड FTA को 20 अक्टूबर से लागू होने की तिथि मिली।
Wednesday, 23 September 2026 · IST · उत्तराखंड + राष्ट्रीय · 12 टॉपिक · 2 MCQs
आज का अंक उत्तराखंड-केंद्रित है: लगभग रिकॉर्ड चारधाम यात्रा और राज्यव्यापी सुरक्षा समीक्षा, नैनीताल में दूषित जल से मौतों पर हाईकोर्ट की फटकार, तथा ग्रॉस एनवायरनमेंट प्रोडक्ट और समान नागरिक संहिता पर लगातार गति। राष्ट्रीय स्तर पर भारत-न्यूज़ीलैंड FTA को लागू होने की तिथि मिली, RBI ने VRRR से तरलता को संतुलित किया, और GDP लेखांकन 2022-23 आधार वर्ष व डबल डिफ्लेशन पर आ गया।
मुख्यमंत्री का SC/ST अत्याचार मामलों में समयबद्ध न्याय का निर्देश।
हाईकोर्ट ने नैनीताल जल संकट को 'महामारी जैसा' बताया — 2 मौतें, 250+ बीमार।
GEP: उत्तराखंड का वायु, जल, वन व मृदा का हरित लेखांकन।
UCC संशोधन अध्यादेश 2026 से राज्य का क्रियान्वयन गहरा।
मानसून में 100+ सड़कें बंद; आपदा तंत्र सतर्क।
भारत-न्यूज़ीलैंड FTA20 अक्टूबर 2026 से लागू।
RBI ने तरलता प्रबंधन हेतु VRRR से ₹71,971 करोड़ अवशोषित किए।
GDP सुधार: नया आधार वर्ष 2022-23, डबल डिफ्लेशन।
100 में 55 सबसे तेज़ बढ़ते शहर भारत के (ऑक्सफोर्ड 2026)।
विस्तृत नोट्स
1. चारधाम यात्रा 2026 पाँच करोड़ दर्शन के करीब; राज्य ने की सुरक्षा समीक्षा
UTTARAKHANDUKPSC: प्रीलिम्स + मेन्स (भूगोल एवं शासन — उत्तराखंड)
सिलेबस से संबंध
उत्तराखंड भूगोल एवं पर्यटन; तीर्थ/भीड़ प्रबंधन; राज्य शासन (UKPSC प्रीलिम्स उत्तराखंड-विशेष + GS मेन्स)।
संदर्भ
राज्य सरकार ने चारधाम यात्रा 2026 की व्यवस्थाओं की समीक्षा की; यात्रा रिकॉर्ड संख्या के करीब है और हिमालयी मार्गों पर सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई।
मुख्य तथ्य
14 सितंबर 2026 तक 6.607 करोड़ (6.607 crore) तीर्थयात्रियों ने पंजीकरण कराया; 5.056 करोड़ दर्शन पूर्ण।
उच्च-जोखिम मार्ग चिन्हित: चिरबासा, भैरव ग्लेशियर, स्यानाचट्टी; यात्रियों, घोड़ों व खच्चरों की आवाजाही नियंत्रित।
यमुनोत्री में दूसरा घोड़ा-पार्किंग, यमुनोत्री व गंगोत्री मार्ग चौड़ीकरण, तथा बेहतर मोबाइल कवरेज के निर्देश।
आगे की राह
मौसम से जुड़ी वास्तविक-समय भीड़ सीमा और वहन-क्षमता नियंत्रण आस्था-पर्यटन को संवेदनशील हिमालय की सुरक्षा से संतुलित कर सकते हैं।
अवधारणा
चारधाम = यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ, बद्रीनाथ (साथ हेमकुंड साहिब); गढ़वाल हिमालय के उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग व चमोली ज़िलों में स्थित।
धाम-वार चारधाम 2026 दर्शन का बार चार्ट: बद्रीनाथ 1.74 करोड़, केदारनाथ 1.50 करोड़, गंगोत्री 0.79 करोड़, यमुनोत्री 0.71 करोड़, हेमकुंड साहिब 0.32 करोड़। — StudyForGS
2. मुख्यमंत्री का SC/ST अत्याचार मामलों में समयबद्ध न्याय का निर्देश
SOCIETYUKPSC: प्रीलिम्स + मेन्स (राजव्यवस्था, शासन एवं सामाजिक न्याय)
सिलेबस से संबंध
सामाजिक न्याय व कमज़ोर वर्ग; राज्य शासन व कानून-व्यवस्था; संवैधानिक सुरक्षा उपाय (UKPSC GS — राजव्यवस्था/समाज)।
संदर्भ
22 सितंबर 2026 को राज्य-स्तरीय सतर्कता समिति की बैठक में मुख्यमंत्री ने SC/ST (अत्याचार निवारण) अधिनियम के मामलों के त्वरित, पीड़ित-केंद्रित निपटारे के निर्देश दिए।
मुख्य तथ्य
2024 से लंबित मामलों की समीक्षा कर निश्चित समय-सीमा में प्राथमिकता से निपटारा।
गंभीर व दीर्घकालिक मामलों पर पुलिस, प्रशासन व अभियोजन को समन्वय के निर्देश।
पर्याप्त विशेष लोक अभियोजक और विशेष न्यायालयों की निरंतर निगरानी के आदेश।
पीड़ितों को समयबद्ध रूप से न्याय, सुरक्षा व सम्मान दिलाने पर ज़ोर।
आगे की राह
ज़िला-स्तरीय निगरानी डैशबोर्ड और पीड़ित-गवाह संरक्षण देरी घटाकर दोषसिद्धि दर सुधार सकते हैं।
अवधारणा
SC/ST (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 — विशेष/अनन्य विशेष न्यायालय देने वाला विशेष कानून; अनुच्छेद 17 (अस्पृश्यता उन्मूलन) व अनुच्छेद 15(4) का पूरक।
3. हाईकोर्ट ने नैनीताल में 'महामारी जैसे' जल संदूषण पर लगाई फटकार
POLITYUKPSC: प्रीलिम्स + मेन्स (राजव्यवस्था एवं शासन)
सिलेबस से संबंध
न्यायपालिका व PIL; जीवन का अधिकार; पर्वतीय नगरों में लोक-स्वास्थ्य शासन (UKPSC GS — राजव्यवस्था + उत्तराखंड प्रशासन)।
संदर्भ
नैनीताल के कई गाँवों में दूषित पेयजल से मौतों व बड़े पैमाने पर बीमारी के बाद उत्तराखंड हाईकोर्ट (नैनीताल) ने ज़िला प्रशासन को कठघरे में खड़ा किया।
मुख्य तथ्य
जेओलीकोट, गंजा, वीरभट्टी, छीना, बेलुआखान, सरियाताल में 2 मौतें व 250+ लोग बीमार (8 सितंबर 2026)।
पीठ ने इसे 'महामारी जैसा' बताते हुए बिना मरम्मत के सीवर व पेयजल पाइपलाइनों को दोषी ठहराया।
ज़िलाधिकारी राहत व स्वच्छ-जल टैंकरों की स्वयं निगरानी करें; सीवर-रिसाव हेल्पलाइन के आदेश।
कुमाऊँ हेतु जल-परीक्षण प्रयोगशाला शीघ्र; 6 दिन में 20-25 स्रोत के नमूने; चिकित्सा जाँच हेतु ₹4 लाख जारी।
आगे की राह
पाइप-जल स्रोत संरक्षण, नियमित पेयजल-गुणवत्ता जाँच और त्वरित-प्रतिक्रिया प्रकोष्ठ पर्वतीय नगरों में जल-जनित प्रकोप रोक सकते हैं।
अवधारणा
स्वच्छ जल का अधिकारअनुच्छेद 21 (जीवन का अधिकार) से निकलता है; PIL व न्यायिक सक्रियता से हाईकोर्ट (अनुच्छेद 226) नागरिक दायित्व लागू करा सकते हैं।
4. ग्रॉस एनवायरनमेंट प्रोडक्ट: उत्तराखंड की हरित-लेखांकन पहल
ENVIRONMENTUKPSC: प्रीलिम्स + मेन्स (पर्यावरण एवं अर्थव्यवस्था — उत्तराखंड)
सिलेबस से संबंध
पर्यावरणीय अर्थशास्त्र व हरित लेखांकन; हिमालयी पारिस्थितिकी; राज्य नवाचार (UKPSC GS — पर्यावरण + उत्तराखंड अर्थव्यवस्था)।
संदर्भ
उत्तराखंड ग्रॉस एनवायरनमेंट प्रोडक्ट (GEP) सूचकांक के माध्यम से अपनी प्राकृतिक पूँजी का मूल्यांकन करने वाला भारत का पहला राज्य है, जो GDP को पारिस्थितिक मूल्य से पूरक बनाता है।
मुख्य तथ्य
GEPचार संसाधनों: वायु, जल, वन व मृदा को मौद्रिक मूल्य देता है।
यह प्रावधानकारी, नियमनकारी व सांस्कृतिक पारितंत्र सेवाओं को समेटता है।
भारत में अपनी तरह का पहला (2024 में शुरू); सूचकांक ने 2020-22 आँकड़ों में पर्यावरणीय उत्पादन में 0.9% वृद्धि दिखाई।
यह मानव-निर्मित संपत्तियों (अमृत सरोवर) को वर्षा जैसी प्राकृतिक प्रक्रियाओं से अलग करता है।
आगे की राह
GEP को पारितंत्र-सेवा भुगतान और ग्रीन बोनस माँगों से जोड़ना हिमालयी राज्यों को संरक्षण हेतु पुरस्कृत कर सकता है।
अवधारणा
GEP ≈ ग्रीन GDP — यह पर्यावरणीय क्षरण व जैव-विविधता हानि को आंतरिक करता है; उत्तराखंड का लगभग 66% क्षेत्र वनाच्छादित है।
ग्रॉस एनवायरनमेंट प्रोडक्ट का माइंड-मैप: चार स्तंभ (वायु, जल, वन, मृदा) व तीन पारितंत्र-सेवा प्रकार (प्रावधानकारी, नियमनकारी, सांस्कृतिक)। — StudyForGS
5. समान नागरिक संहिता: उत्तराखंड का क्रियान्वयन हुआ गहरा
POLITYUKPSC: प्रीलिम्स + मेन्स (राजव्यवस्था एवं शासन)
सिलेबस से संबंध
DPSP व अनुच्छेद 44; व्यक्तिगत-कानून सुधार बनाम धार्मिक स्वतंत्रता; राज्य विधान (UKPSC GS — राजव्यवस्था, उत्तराखंड-विशेष)।
संदर्भ
उत्तराखंड समान नागरिक संहिता लागू करने वाला पहला राज्य बना हुआ है; UCC संशोधन अध्यादेश, 2026 पंजीकरण व अनुपालन के नियमों को परिष्कृत करता है।
मुख्य तथ्य
UCC 27 जनवरी 2025 से लागू; क्रियान्वयन सुगम बनाने हेतु संशोधन अध्यादेश, 2026 अधिसूचित।
विवाह, तलाक व लिव-इन संबंधों का अनिवार्य पंजीकरण; समान उत्तराधिकार अधिकार।
बहुविवाह, हलाला, इद्दत व बाल-विवाह प्रतिबंधित; समान विवाह-योग्य आयु निर्धारित।
अनुच्छेद 44 (DPSP) पर आधारित — समूचे भारत में समान नागरिक संहिता का लक्ष्य।
आगे की राह
लिव-इन पंजीकरण हेतु स्पष्ट शिकायत-निवारण व निजता सुरक्षा UCC की स्वीकार्यता और अन्यत्र इसकी नकल तय करेगी।
अवधारणा
अनुच्छेद 44 एक नीति-निदेशक तत्व (गैर-वादयोग्य) है; व्यक्तिगत-कानून सुधार व धार्मिक स्वतंत्रता (अनुच्छेद 25) के बीच तनाव ही मूल बहस है।
उत्तराखंड UCC का स्तंभ आरेख: विवाह, तलाक व लिव-इन का अनिवार्य पंजीकरण; समान उत्तराधिकार; बहुविवाह/हलाला पर रोक; समान विवाह आयु। — StudyForGS
6. मानसून के बाद उत्तराखंड के आपदा तंत्र की परीक्षा
ENVIRONMENTUKPSC: प्रीलिम्स + मेन्स (भूगोल एवं आपदा प्रबंधन — उत्तराखंड)
सिलेबस से संबंध
हिमालयी आपदाएँ व आपदा प्रबंधन; भूकंपीय ज़ोन; राज्य आपदा संस्थान (UKPSC GS — भूगोल + उत्तराखंड)।
संदर्भ
कठोर 2026 मानसून — भूस्खलन से 100+ सड़कें बंद व बहे हुए राजमार्ग — ने मौसम के अंत तक उत्तराखंड के आपदा-प्रतिक्रिया तंत्र को सतर्क रखा है।
मुख्य तथ्य
चरम पर 100+ सड़कें बंद रहीं; चमोली में कर्णप्रयाग-नैनीसैंण मार्ग का 30-मीटर हिस्सा बह गया।
अलर्ट देहरादून व बागेश्वर (ऑरेंज) और 8+ पर्वतीय ज़िलों (येलो) तक फैले।
राज्य भूस्खलन, बादल फटने, अचानक बाढ़, GLOF व भूकंप (भूकंपीय ज़ोन IV व V) के प्रति संवेदनशील है।
USDMA प्रतिक्रिया का समन्वय करता है; SDRF व पूर्व-चेतावनी प्रणालियाँ तैनात।
आगे की राह
हिमनद-झील निगरानी, चारधाम मार्गों पर ढलान-स्थिरीकरण और सख्त पारिस्थितिक-संवेदनशील ज़ोन मानक आपदा जोखिम घटा सकते हैं।
अवधारणा
GLOF = हिमनद झील विस्फोट बाढ़; उत्तराखंड की नाज़ुक भू-संरचना व उच्च भूकंपीयता इसे बहु-आपदा हिमालयी राज्य बनाती है।
उत्तराखंड आपदा-प्रबंधन चक्र का प्रवाह-चित्र: रोकथाम व शमन, तैयारी व पूर्व-चेतावनी, प्रतिक्रिया व बचाव, राहत, पुनर्प्राप्ति व पुनर्निर्माण। — StudyForGS
7. भारत-न्यूज़ीलैंड FTA 20 अक्टूबर 2026 से प्रभावी
IRUKPSC: प्रीलिम्स + मेन्स (अंतर्राष्ट्रीय संबंध एवं अर्थव्यवस्था)
सिलेबस से संबंध
भारत व विश्व; व्यापार समझौते (FTA/BIT); आर्थिक कूटनीति (UKPSC GS — राजव्यवस्था/IR व अर्थव्यवस्था)।
संदर्भ
भारत व न्यूज़ीलैंड का मुक्त व्यापार समझौता 20 अक्टूबर 2026 से प्रभावी होगा, जो बाज़ार खोलेगा और भारतीय पेशेवरों की गतिशीलता आसान करेगा।
मुख्य तथ्य
न्यूज़ीलैंड पहले दिन से भारतीय निर्यात को 100% शुल्क-मुक्त पहुँच देगा; भारत 70.03% टैरिफ लाइनें (~95% द्विपक्षीय व्यापार) खोलेगा।
15 वर्षों में US$20 बिलियन का न्यूज़ीलैंड निवेश प्रतिबद्धता।
भारतीयों हेतु सालाना 5,000 अस्थायी कार्य वीज़ा व 1,000 वर्किंग-हॉलिडे वीज़ा; STEM स्नातकों को 3-वर्ष पोस्ट-स्टडी कार्य।
भारत का पंचनिर्णय आधार: मध्यस्थता व सुलह अधिनियम, 1996; हाल में UAE व उज़्बेकिस्तान से BIT।
आगे की राह
सेवा-गतिशीलता व योग्यताओं की पारस्परिक मान्यता इस FTA को विकसित अर्थव्यवस्थाओं संग भारत के समझौतों का मॉडल बना सकती है।
अवधारणा
FTA भागीदारों के बीच टैरिफ व गैर-टैरिफ बाधाएँ घटाता है; BITISDS विवाद-निपटान से सीमा-पार निवेश की रक्षा करता है।
भारत-न्यूज़ीलैंड FTA की स्टैट-टाइल पंक्ति: 20 अक्टूबर 2026 से लागू, 100% NZ शुल्क-मुक्त, US$20 बिलियन निवेश, 5,000 कार्य वीज़ा/वर्ष, 70.03% भारतीय टैरिफ लाइनें। — StudyForGS
8. RBI ने तरलता प्रबंधन हेतु VRRR से ₹71,971 करोड़ अवशोषित किए
ECONOMYUKPSC: प्रीलिम्स + मेन्स (अर्थव्यवस्था — बैंकिंग व मौद्रिक नीति)
सिलेबस से संबंध
मौद्रिक नीति व RBI उपकरण; तरलता प्रबंधन; मुद्रास्फीति नियंत्रण (UKPSC GS — भारतीय अर्थव्यवस्था)।
संदर्भ
RBI ने बैंकिंग-तंत्र की अतिरिक्त तरलता अवशोषित करने और अल्पकालिक दरों को स्थिर रखने हेतु परिवर्तनीय दर रिवर्स रेपो (VRRR) नीलामी की।
मुख्य तथ्य
अधिसूचित ₹75,000 करोड़ के मुकाबले ₹71,971 करोड़ अवशोषित।
VRRR तरलता सोखता है, जबकि VRR डालता है — दोनों LAF उपकरण हैं।
उद्देश्य: मुद्रास्फीति नियंत्रण, ओवरनाइट/कॉल दरों की स्थिरता, अत्यधिक ऋण वृद्धि पर अंकुश।
नीति रेपो दर RBI की प्रमुख संकेतक दर बनी रहती है।
आगे की राह
VRRR अवधियों का सूक्ष्म-समायोजन RBI को अस्थिर तरलता के बीच प्रचालन दर को रेपो दर से संरेखित रखने में मदद करता है।
अवधारणा
LAF (तरलता समायोजन सुविधा): रेपो डालता है, रिवर्स रेपो/VRRR सोखता है — RBI की मौद्रिक-नीति टूलकिट का हिस्सा।
RBI VRRR अधिसूचित राशि ₹75,000 करोड़ बनाम अवशोषित राशि ₹71,971 करोड़ की तुलना का बार चार्ट। — StudyForGS
9. GDP आँकड़ा सुधार: नया आधार वर्ष 2022-23, 'डबल डिफ्लेशन'
ECONOMYUKPSC: प्रीलिम्स + मेन्स (अर्थव्यवस्था — राष्ट्रीय आय लेखांकन)
सिलेबस से संबंध
राष्ट्रीय आय; GDP/GVA अवधारणाएँ; सांख्यिकीय प्रणालियाँ (UKPSC GS — भारतीय अर्थव्यवस्था)।
संदर्भ
भारत GDP अनुमानों की सटीकता सुधारने हेतु नए आधार वर्ष व अंतर्राष्ट्रीय सर्वोत्तम प्रथाओं के साथ अपने राष्ट्रीय लेखा में बड़ा बदलाव कर रहा है।
मुख्य तथ्य
आधार वर्ष 2022-23 (2011-12 से) में स्थानांतरित।
विनिर्माण हेतु डबल डिफ्लेशन अपनाया — उत्पादन व इनपुट कीमतें अलग-अलग समायोजित।
वास्तविक-समय कवरेज हेतु GST व प्रशासनिक आँकड़ों का अधिक उपयोग।
यह भारत के GVA/GDP अनुमानों को वैश्विक मानकों से संरेखित करता है।
आगे की राह
समयबद्ध, सूक्ष्म आँकड़े राजकोषीय व मौद्रिक निर्णयों को तीक्ष्ण बना सकते हैं और बाद के GDP संशोधनों का आकार घटा सकते हैं।
अवधारणा
GDP = अंतिम वस्तुओं/सेवाओं का मूल्य; GVA = GDP + सब्सिडी − उत्पाद कर; आधार वर्ष स्थिर (वास्तविक) कीमतें तय करता है।
10. SC: राष्ट्रीय गीत न गाने पर कोई दंड नहीं
POLITYUKPSC: प्रीलिम्स + मेन्स (राजव्यवस्था — मौलिक अधिकार)
सिलेबस से संबंध
मौलिक अधिकार; अंतःकरण की स्वतंत्रता; राष्ट्रीय प्रतीक व कर्तव्य (UKPSC GS — राजव्यवस्था)।
संदर्भ
सुप्रीम कोर्ट यह जाँच रहा है कि सार्वजनिक समारोहों में वंदे मातरम के अनिवार्य गायन पर दंडात्मक परिणाम लग सकते हैं या नहीं, जो अंतःकरण की स्वतंत्रता की परीक्षा है।
मुख्य तथ्य
कोर्ट का मत: राष्ट्रीय गीत न गाने पर व्यक्तियों को दंडित नहीं किया जा सकता।
यह अनुच्छेद 25 (अंतःकरण की स्वतंत्रता) व अनुच्छेद 26 पर आधारित है।
प्रमुख नज़ीर: बिजो इमैनुएल बनाम केरल राज्य (1986) — राष्ट्रगान मामला।
अनुच्छेद 51A(a) — संविधान, राष्ट्रीय ध्वज व राष्ट्रगान का सम्मान करने का मौलिक कर्तव्य।
आगे की राह
संवैधानिक देशभक्ति को व्यक्तिगत स्वतंत्रता से संतुलित करना अनिवार्य-अभिव्यक्ति नियमों को अनुच्छेद 19 व 25 की सीमाओं में रखता है।
अवधारणा
वंदे मातरमराष्ट्रीय गीत है (बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय), 24 जनवरी 1950 को अपनाया — जन गण मन के समान दर्जा, परंतु गायन के कोई संहिताबद्ध नियम नहीं।
11. भारत-मंगोलिया 'नोमैडिक एलिफेंट' सैन्य अभ्यास आरंभ
DEFENCEUKPSC: प्रीलिम्स + मेन्स (सुरक्षा एवं अंतर्राष्ट्रीय संबंध)
सिलेबस से संबंध
रक्षा अभ्यास; आंतरिक व बाह्य सुरक्षा; भारत के द्विपक्षीय संबंध (UKPSC GS — सुरक्षा/IR)।
संदर्भ
भारत-मंगोलिया संयुक्त सैन्य अभ्यास नोमैडिक एलिफेंट का 18वाँ संस्करण आरंभ हो गया है, जो आतंकवाद-रोधी व पर्वतीय-युद्ध सहयोग को गहरा करता है।
मुख्य तथ्य
यह 18वाँ संस्करण है, जो 21 सितंबर 2026 को शुरू हुआ।
केंद्र: अर्ध-पर्वतीय, ग्रामीण भूभाग में आतंकवाद-रोधी व उग्रवाद-रोधी अभियान।
भारत के अन्य अभ्यास: खान क्वेस्ट (मंगोलिया, बहुराष्ट्रीय), मित्र शक्ति (श्रीलंका), गरुड़ शक्ति (इंडोनेशिया)।
यह क्षेत्र में अंतरसंचालनीयता व रणनीतिक संबंध बढ़ाता है।
आगे की राह
नियमित उच्च-ऊँचाई अभ्यास भारत की पर्वतीय-युद्ध तत्परता मज़बूत करते हैं, जो उसकी उत्तरी सीमाओं हेतु प्रासंगिक है।
अवधारणा
द्विपक्षीय अभ्यास अंतरसंचालनीयता बनाते हैं; मंगोलिया भारत की एक्ट-ईस्ट व मध्य-एशिया पहुँच में एक प्रमुख 'तीसरा पड़ोसी' है।
12. विश्व के 100 सबसे तेज़ बढ़ते शहरों में भारत के 55
REPORTUKPSC: प्रीलिम्स + मेन्स (अर्थव्यवस्था एवं रिपोर्ट/सूचकांक)
सिलेबस से संबंध
रिपोर्ट व सूचकांक; शहरीकरण व अर्थव्यवस्था (UKPSC GS — अर्थव्यवस्था, समसामयिक सूचकांक)।
संदर्भ
ग्लोबल सिटीज़ इंडेक्स 2026 विश्व के सबसे तेज़ बढ़ते शहरों में अधिकांश को भारत में रखता है, जो इसकी शहरी-आर्थिक गति को रेखांकित करता है।
मुख्य तथ्य
100 में 55 सबसे तेज़ बढ़ते शहर (GDP वृद्धि से) भारतीय हैं।
व्यापक वैश्विक सूची में दिल्ली समग्र रूप से 268वें स्थान पर।
सूचकांक अर्थशास्त्र, मानव पूँजी, जीवन गुणवत्ता, पर्यावरण व शासन को तौलता है।
यह GDP व उपभोग में भारत की बढ़ती शहरी हिस्सेदारी का संकेत देता है।
आगे की राह
शहरी अवसंरचना, रोज़गार व जलवायु-लचीलेपन में निवेश तीव्र वृद्धि को उच्च रहन-सहन रैंक में बदल सकता है।
अवधारणा
ग्लोबल सिटीज़ इंडेक्स शहरों को बहु-आयामी सामर्थ्य पर मापता है; तीव्र वृद्धि का अर्थ उच्च निरपेक्ष रैंक नहीं (आधार प्रभाव)।
डोनट चार्ट: 100 सबसे तेज़ बढ़ते वैश्विक शहरों में से 55 भारतीय व 45 शेष विश्व से। — StudyForGS
आज का डेटा पॉइंट
~₹1.11 lakh crore
उत्तराखंड राज्य बजट, वित्त वर्ष 2026-27 राज्य मंत्रिमंडल ने 2026-27 हेतु लगभग ₹1.11 लाख करोड़ का रिकॉर्ड बजट स्वीकृत किया, जिसमें अवसंरचना, पर्वतीय-क्षेत्र विकास व आपदा-लचीलेपन को प्राथमिकता (आधिकारिक राज्य विज्ञप्ति)।
प्रारंभिक परीक्षा रैपिड-फायर
NSWS (राष्ट्रीय सिंगल विंडो सिस्टम) PAN को सिंगल बिज़नेस ID के रूप में प्रयोग करता है; DPIIT संचालित; 22 सितंबर 2021 को शुरू।
राष्ट्रीय आयुष मिशन को ₹6,406.99 करोड़ मिले (2014-15 से 2025-26); यह एक केंद्र प्रायोजित योजना है।
पंजाब में भूजल दोहन 156.87%; 153 में 115 इकाइयाँ अति-दोहित — योजना 'पानी बचाओ, पैसा कमाओ'।
बाब-अल-मंदेब जलसंधिलाल सागर को अदन की खाड़ी से जोड़ती है; पेरिम द्वीप इसमें स्थित है।
अगस्त्यमलाई बायोस्फीयर रिज़र्व दक्षिणी पश्चिमी घाट में, केरल व तमिलनाडु तक फैला।
उत्तराखंड के नाम एक ही दिन में 18 GI टैग का रिकॉर्ड; जैसे उत्तराखंड पहाड़ी तूर दाल।
अभ्यास MCQs — UKPSC Prelims पैटर्न
Q1. उत्तराखंड के ग्रॉस एनवायरनमेंट प्रोडक्ट (GEP) के संदर्भ में: 1) यह वायु, जल, वन व मृदा को मौद्रिक मूल्य देता है। 2) उत्तराखंड इसे शुरू करने वाला पहला भारतीय राज्य था। 3) इसे GDP को एकमात्र विकास-मापक के रूप में प्रतिस्थापित करने हेतु बनाया गया है। कौन-से सही हैं?
केवल 1 और 2
केवल 2 और 3
केवल 1 और 3
1, 2 और 3
उत्तर देखें
उत्तर: A GEP चार संसाधनों का मूल्यांकन करता है और उत्तराखंड ने इसे पहले (2024) शुरू किया; यह GDP का पूरक है, प्रतिस्थापन नहीं। अतः केवल 1 और 2।
Q2. समाचारों में रहने वाला परिवर्तनीय दर रिवर्स रेपो (VRRR) RBI द्वारा मुख्यतः किसलिए प्रयोग किया जाता है:
बैंकिंग तंत्र में तरलता डालने हेतु
बैंकिंग तंत्र से अतिरिक्त तरलता सोखने हेतु
सरकार का राजकोषीय घाटा लक्ष्य तय करने हेतु
विदेशी मुद्रा भंडार का नियमन करने हेतु
उत्तर देखें
उत्तर: B VRRR अतिरिक्त तरलता सोखने का LAF उपकरण है; रेपो तरलता डालता है। RBI ने ₹75,000 करोड़ अधिसूचित किए व ₹71,971 करोड़ अवशोषित किए।
मुख्य परीक्षा अभ्यास प्रश्न
Q. उत्तराखंड की नाज़ुक हिमालयी भू-संरचना आपदा प्रबंधन को इसके शासन का केंद्र बना देती है। राज्य की प्रमुख आपदाओं की चर्चा करें और आपदा-लचीलापन निर्माण हेतु एक रोडमैप सुझाएँ। (250 शब्द)
संकेत / दृष्टिकोण
भूस्खलन, बादल फटना, अचानक बाढ़, GLOF व भूकंपीय ज़ोन IV/V; USDMA/SDRF की भूमिका, पूर्व-चेतावनी प्रणालियाँ, पारिस्थितिक-संवेदनशील ज़ोन नियमन, तीर्थ-मार्गों पर वहन-क्षमता सीमा व ढलान-स्थिरीकरण को शामिल करें।
📌 एक पंक्ति में रिवीज़न: दोहराएँ: चारधाम 5.05 करोड़ दर्शन • GEP = वायु-जल-वन-मृदा • UCC = अनुच्छेद 44 • VRRR तरलता सोखता है • भारत-NZ FTA 20 अक्टूबर 2026 से • GDP आधार वर्ष 2022-23।