Friday, 30 October 2026 · IST · मध्य प्रदेश + राष्ट्रीय · 10 टॉपिक · 2 MCQs
आज मध्य प्रदेश छाया रहा: कैबिनेट ने सिंचाई, वन, स्वास्थ्य और कल्याण के लिए ₹8,225 करोड़ से अधिक मंज़ूर किए, लाडली बहना की 41वीं किस्त 1.25 करोड़ महिलाओं तक पहुँची, और प्रोजेक्ट चीता कुनो में 60 के पार हो गया। राष्ट्रीय स्तर पर, RBI ने रेपो दर बढ़ाकर 5.50% की, कैबिनेट ने पंचायतों के लिए ₹7,395 करोड़ की PM-VGSY को मंज़ूरी दी, और भारत की रामसर आर्द्रभूमि संख्या बढ़कर 103 हो गई।
आज एक नज़र में — याद रखने वाली बातें
एमपी कैबिनेट ने ₹8,225 करोड़ मंज़ूर किए (27 अक्टूबर): सिंचाई, CAMPA, स्वास्थ्य, कल्याण
प्रोजेक्ट चीता: कुनो में भारत की संख्या 60 पहुँची; 41 भारत में जन्मे
RBI ने रेपो दर बढ़ाकर 5.50% की; निकट भविष्य में कटौती 'टेबल से बाहर'
कैबिनेट ने PM-VGSY मंज़ूर की — 2.55 लाख पंचायतों के लिए ₹7,395 करोड़
भारत को कंटेनर-विनिर्माण हब बनाने की ₹10,000 करोड़ की योजना
रक्षा मंत्रालय ने 300+ K9 वज्र-T होवित्ज़र को मंज़ूरी दी (~₹20,000 करोड़)
भारत की रामसर आर्द्रभूमि संख्या दो नए स्थलों के साथ बढ़कर 103 हुई
एमपी ने 2.5 वर्षों में ₹12 लाख करोड़ निवेश 'क्रियान्वित' होने का दावा किया
'सोयाबीन राज्य' एमपी तिलहन किसानों की सुरक्षा के लिए भावांतर + MSP पर निर्भर
विस्तृत नोट्स
1. एमपी कैबिनेट ने सिंचाई, वन, स्वास्थ्य और कल्याण के लिए ₹8,225 करोड़ मंज़ूर किए
MADHYA PRADESHMPPSC: Prelims + Mains GS-III (अर्थव्यवस्था और शासन)
सिलेबस से संबंध
Prelims: एमपी योजनाएँ व राज्य वित्त; Mains GS-III (सिंचाई, वन संरक्षण), GS-II (कल्याण)
संदर्भ
मोहन यादव कैबिनेट ने 27 अक्टूबर 2026 को ₹8,225 करोड़ से अधिक की परियोजनाएँ व प्रस्ताव मंज़ूर किए, जिसमें 2026-31 अवधि के लिए सिंचाई, वनरोपण, स्वास्थ्य और दिव्यांग-कल्याण व्यय को प्राथमिकता दी गई।
मुख्य तथ्य
चार सिंचाई परियोजनाओं के लिए ₹3,378.69 करोड़ — प्रमुख रूप से छिंदवाड़ा कॉम्प्लेक्स (₹2,611 करोड़; 1.90 लाख हेक्टेयर सूक्ष्म-सिंचाई), साथ ही पेंच डायवर्जन, चेंटीखेड़ा (मुरैना) और पंचमनगर (सागर-दमोह)
2026-27 के लिए CAMPA के अंतर्गत ₹2,050.03 करोड़ — वनरोपण, संरक्षित क्षेत्रों से गाँवों का पुनर्वास, शहरी वन
सार्वजनिक स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा के लिए ₹1,743.58 करोड़ (2026-31)
सामाजिक न्याय व दिव्यांग कल्याण के लिए ₹651.25 करोड़; आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ के लिए ₹345.52 करोड़
आगे की राह
समय पर टेंडर और निधि-उपयोग ऑडिट तय करेंगे कि यह आवंटन ज़मीन पर सिंचित हेक्टेयर और पुनर्स्थापित वन में बदलता है या नहीं।
अवधारणा
CAMPA: प्रतिपूरक वनरोपण निधि अधिनियम, 2016 के तहत निधि — वन भूमि के डायवर्जन हेतु एकत्र धन को वनरोपण व वन-पारिस्थितिकी पुनर्स्थापना में पुनः लगाया जाता है।
एमपी कैबिनेट के ₹8,225 करोड़ का सिंचाई, CAMPA वन, स्वास्थ्य, कल्याण, आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ और अन्य मदों में विभाजन दर्शाता बार चार्ट। — StudyForGS
2. लाडली बहना: ₹1,834 करोड़ की 41वीं किस्त 1.25 करोड़ महिलाओं तक पहुँची
MADHYA PRADESHMPPSC: Prelims + Mains GS-II (शासन और सामाजिक न्याय)
सिलेबस से संबंध
Prelims: एमपी की प्रमुख योजनाएँ; Mains GS-II (महिलाओं व कमज़ोर वर्गों के लिए कल्याण, DBT)
संदर्भ
14 अक्टूबर 2026 को सीएम मोहन यादव ने उमरिया ज़िले से मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना की 41वीं मासिक किस्त जारी की, जो महिलाओं के लिए एमपी की सबसे बड़ी प्रत्यक्ष-लाभ योजना है।
मुख्य तथ्य
लगभग 1.25 करोड़ महिलाओं को DBT के ज़रिए ₹1,834 करोड़ अंतरित
प्रत्येक नियमित लाभार्थी को ₹1,500 प्रति माह (नवंबर 2025 से बढ़ाकर ₹1,500)
सामाजिक-सुरक्षा पेंशन लेने वाली महिलाओं को योजना नियमों के तहत ₹900
योजना 2023 में शुरू; पात्रता आयु, आय और निवास मानदंडों से जुड़ी
आगे की राह
वित्तीय स्थिरता और समय-समय पर लाभार्थी e-KYC सत्यापन योजना की दीर्घकालिक विश्वसनीयता के लिए अहम हैं।
अवधारणा
DBT (प्रत्यक्ष लाभ अंतरण): लीकेज रोकने के लिए लाभ सीधे आधार-लिंक्ड बैंक खातों में भेजना — MPPSC का एक बार-बार आने वाला शासन विषय।
लाडली बहना की 41वीं किस्त की स्टैट-टाइल पंक्ति: ₹1,834 करोड़ अंतरित, 1.25 करोड़ महिलाएँ, ₹1,500 प्रति माह, पेंशनधारकों को ₹900। — StudyForGS
3. प्रोजेक्ट चीता: कुनो में भारत की चीता संख्या 60 पहुँची, 41 भारत में जन्मे
ENVIRONMENTMPPSC: Prelims + Mains GS-III (पर्यावरण और पारिस्थितिकी)
सिलेबस से संबंध
Prelims: एमपी वन्यजीव व राष्ट्रीय उद्यान; Mains GS-III (संरक्षण, प्रजाति पुनर्वास)
संदर्भ
2026 के नए शावकों के बाद कुनो राष्ट्रीय उद्यान (श्योपुर, एमपी) में प्रोजेक्ट चीता की संख्या लगभग 60 हो गई है, जिनमें से 41 भारत में जन्मे — विश्व के पहले अंतरमहाद्वीपीय बड़े मांसाहारी स्थानांतरण के लिए एक मील का पत्थर।
मुख्य तथ्य
भारत में 60 चीते; 41 भारत में जन्मे; लगभग 53 कुनो में, 3 गांधी सागर WLS (मंदसौर-नीमच) में
मूल: 8 नामीबिया से (सितंबर 2022), 12 दक्षिण अफ्रीका से (फरवरी 2023), 9 बोत्सवाना से (फरवरी 2026)
नवीनतम शावकों ने बोत्सवाना की आनुवंशिक वंशावली जोड़ी
एमपी 'टाइगर स्टेट' है और अब भारत का चीता गढ़
आगे की राह
एक मुक्त-विचरण मेटापॉपुलेशन बनाने के लिए बिना बाड़ वाले क्षेत्रों में चरणबद्ध रिलीज़ और गांधी सागर में एक क्रियाशील दूसरा आवास ज़रूरी है।
अवधारणा
प्रोजेक्ट चीता: चीते (भारत में 1952 में विलुप्त घोषित) के पुनर्वास हेतु 2022 में शुरू, राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) द्वारा समन्वित।
भारत में 60 चीतों को दर्शाता फैक्ट स्कीमैटिक — 41 भारत में जन्मे, 53 कुनो में, 9 बोत्सवाना से, 3 गांधी सागर में। — StudyForGS
4. 'सोयाबीन राज्य' एमपी तिलहन किसानों की सुरक्षा के लिए भावांतर + MSP पर निर्भर
MADHYA PRADESHMPPSC: Prelims + Mains GS-III (कृषि और अर्थव्यवस्था)
सिलेबस से संबंध
Prelims: एमपी कृषि व MSP; Mains GS-III (तिलहन, मूल्य-समर्थन, कृषि आय)
संदर्भ
सोयाबीन की कमज़ोर कीमतों के बीच मध्य प्रदेश — देश का अग्रणी सोयाबीन उत्पादक — किसानों की सुरक्षा के लिए केंद्रीय MSP खरीद को अपने पुनर्जीवित भावांतर भुगतान (मूल्य-अंतर) मॉडल के साथ जोड़ रहा है।
मुख्य तथ्य
एमपी भारत का अग्रणी सोयाबीन उत्पादक — 'सोयाबीन राज्य'
भावांतर भुगतान योजना किसानों को MSP और बाज़ार मूल्य के बीच का अंतर देती है
केंद्र ने इस खरीफ एमपी किसानों के लिए सोयाबीन की MSP खरीद मंज़ूर की
एमपी की अन्य ताकतें: शरबती गेहूँ, चना/दलहन, नर्मदा-घाटी की खेती
आगे की राह
फसल विविधीकरण, बेहतर भंडारण व प्रसंस्करण, और समय पर खरीद तिलहन क्षेत्र में संकटपूर्ण बिक्री घटा सकते हैं।
अवधारणा
मूल्य न्यूनता भुगतान (भावांतर): सरकार फसल को भौतिक रूप से खरीदने के बजाय MSP और मॉडल बाज़ार मूल्य के बीच का अंतर चुकाती है।
5. एमपी निवेश हब के रूप में: ₹12 लाख करोड़ 'क्रियान्वित', चिप व पेट्रोकेम दांव
ECONOMYMPPSC: Prelims + Mains GS-III (अर्थव्यवस्था और उद्योग)
सिलेबस से संबंध
Prelims: एमपी औद्योगिक नीति व GIS; Mains GS-III (निवेश, कॉरिडोर, रोज़गार)
संदर्भ
सीएम मोहन यादव के अनुसार एमपी ने ढाई वर्षों में लगभग ₹12 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव 'क्रियान्वित' किए, जिनका केंद्र बीना पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स और नई सेमीकंडक्टर/टेलीकॉम रुचि है।
मुख्य तथ्य
2.5 वर्षों में लगभग ₹12 लाख करोड़ के प्रस्ताव 'क्रियान्वित' (राज्य का दावा)
बीना पेट्रोकेमिकल परियोजना: ₹50,000 करोड़, 22+ लाख टन/वर्ष उत्पादन
लगभग ₹5,800 करोड़ सेमीकंडक्टर/चिप व ग्वालियर टेलीकॉम-विनिर्माण रुचि
क्षेत्रीय उद्योग कॉन्क्लेव और ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट पाइपलाइन को गति देते हैं
आगे की राह
MoU को ज़मीनी परियोजनाओं और रोज़गार में बदलना — केवल हस्ताक्षरित इरादों में नहीं — एमपी के निवेश अभियान की असली परीक्षा है।
अवधारणा
ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS): एमपी का प्रमुख निवेशक-आउटरीच मंच, कृषि से औद्योगिक/सेवा अर्थव्यवस्था की ओर बदलाव का हिस्सा।
एमपी की प्रमुख परियोजनाओं का ~₹12 लाख करोड़ का डोनट चार्ट: बीना पेट्रोकेमिकल ₹50,000 करोड़, चिप/टेलीकॉम ₹5,800 करोड़, कॉन्क्लेव इरादे ₹7,500 करोड़ और अन्य MoU। — StudyForGS
6. RBI ने रेपो दर 25 bps बढ़ाकर 5.50% की; 'दर कटौती टेबल से बाहर'
Prelims: मौद्रिक नीति व RBI; Mains GS-III (मुद्रास्फीति लक्ष्यीकरण, ट्रांसमिशन)
संदर्भ
अक्टूबर 2026 की समीक्षा (7 अक्टूबर को घोषित) में RBI की MPC ने रेपो दर 25 bps बढ़ाकर 5.50% की और रुख को 'कैलिब्रेटेड टाइटनिंग' में बदला, तेल, खाद्य और वैश्विक जोखिमों का हवाला देते हुए।
मुख्य तथ्य
रेपो दर: 5.50% (5.25% से बढ़ी); रुख कैलिब्रेटेड टाइटनिंग में बदला
गवर्नर संजय मल्होत्रा: निकट भविष्य में दर कटौती 'टेबल से बाहर'
FY27 GDP वृद्धि अनुमान 7.1%; CPI मुद्रास्फीति 5.2%
MPC एक 6-सदस्यीय निकाय है; मुद्रास्फीति लक्ष्य 4% (±2%)
आगे की राह
बाज़ार तेल कीमतों और मानसून के खाद्य-मुद्रास्फीति प्रभाव पर नज़र रखेंगे ताकि आंका जा सके कि टाइटनिंग कब तक चलेगी।
अवधारणा
रेपो दर: वह दर जिस पर RBI बैंकों को प्रतिभूतियों के बदले ऋण देता है — लचीले मुद्रास्फीति लक्ष्यीकरण (RBI अधिनियम ढाँचा, 2016 से) के तहत प्रमुख उपकरण।
RBI की रेपो दर का लाइन चार्ट — 2026 भर 5.25% पर स्थिर फिर अक्टूबर में 5.50% तक बढ़ी, FY27 GDP 7.1% और CPI 5.2% अनुमान के साथ। — StudyForGS
7. कैबिनेट ने PM-VGSY मंज़ूर की: 2.55 लाख पंचायतों को मज़बूत करने ₹7,395 करोड़
POLITYMPPSC: Prelims + Mains GS-II (शासन और पंचायती राज)
सिलेबस से संबंध
Prelims: पंचायती राज व केंद्र प्रायोजित योजनाएँ; Mains GS-II (विकेंद्रीकरण, e-शासन)
संदर्भ
केंद्रीय कैबिनेट ने 29 अक्टूबर 2026 को प्रधानमंत्री विकसित ग्राम स्वराज योजना (PM-VGSY) मंज़ूर की, जो ग्रामीण स्थानीय निकायों में क्षमता निर्माण हेतु राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान का उन्नयन है।
मुख्य तथ्य
परिव्यय ₹7,395.55 करोड़ (केंद्र ₹4,869 करोड़ + राज्य ₹2,526 करोड़), 2026-27 से 2030-31
लगभग 2.55 लाख पंचायतों और 32 लाख प्रतिनिधियों/कार्यकर्ताओं को कवर करती है
eGramSwaraj, AuditOnline और Pancham (17-भाषी AI संचार मंच) का उपयोग
16वें वित्त आयोग के ग्रामीण स्थानीय-निकाय अनुदानों से जुड़ी
आगे की राह
निधि, कार्य और कार्यकर्ताओं (3Fs) का वास्तविक विकेंद्रीकरण तय करेगा कि क्षमता निर्माण ज़मीनी लोकतंत्र को गहरा करता है या नहीं।
अवधारणा
73वाँ संविधान संशोधन (1992): पंचायतों को संवैधानिक दर्जा दिया; एमपी ने अनुरूप पंचायती राज अधिनियम और PESA को जल्दी अपनाया।
PM-VGSY का पिलर आरेख: ₹7,395.55 करोड़ परिव्यय, 2.55 लाख पंचायतों, 32 लाख हितधारकों, eGramSwaraj/AuditOnline और Pancham AI मंच पर आधारित। — StudyForGS
8. भारत को वैश्विक शिपिंग-कंटेनर हब बनाने की ₹10,000 करोड़ की योजना
ECONOMYMPPSC: Prelims + Mains GS-III (अर्थव्यवस्था और अवसंरचना)
सिलेबस से संबंध
Prelims: बजट योजनाएँ व लॉजिस्टिक्स; Mains GS-III (विनिर्माण, आत्मनिर्भर भारत, व्यापार)
संदर्भ
केंद्रीय कैबिनेट ने ₹10,000 करोड़ परिव्यय के साथ कंटेनर विनिर्माण प्रोत्साहन योजना (CMPS) मंज़ूर की, ताकि आयातित शिपिंग कंटेनरों पर निर्भरता घटे और घरेलू उत्पादन बढ़े।
मुख्य तथ्य
परिव्यय ₹10,000 करोड़; बजट 2026-27 में घोषित
ग्रीनफील्ड और ब्राउनफील्ड दोनों कंटेनर इकाइयों को समर्थन
₹859 करोड़ ब्याज-सहायता घटक (टर्म लोन पर 3% ब्याज सब्सिडी)
आयात निर्भरता घटाना लक्ष्य, जहाँ वैश्विक आपूर्ति में चीन का दबदबा है
आगे की राह
स्टील आपूर्ति और बंदरगाह संपर्क के साथ घरेलू क्षमता लॉजिस्टिक्स लागत घटा सकती है और EXIM व्यापार को सहारा दे सकती है।
अवधारणा
TEU (ट्वेंटी-फुट इक्विवैलेंट यूनिट): कंटेनर क्षमता का मानक माप, वैश्विक व्यापार लॉजिस्टिक्स के लिए केंद्रीय।
9. रक्षा मंत्रालय ने 300+ और K9 वज्र-T होवित्ज़र मंज़ूर किए (~₹20,000 करोड़)
DEFENCEMPPSC: Prelims + Mains GS-III (सुरक्षा और रक्षा)
सिलेबस से संबंध
Prelims: रक्षा प्रणालियाँ; Mains GS-III (रक्षा स्वदेशीकरण, मेक इन इंडिया)
संदर्भ
रक्षा मंत्रालय ने 300 से अधिक अतिरिक्त K9 वज्र-T स्व-चालित होवित्ज़र खरीदने की सैद्धांतिक मंज़ूरी दी, जिससे तोपखाना आधुनिकीकरण और घरेलू रक्षा विनिर्माण गहरा होगा।
मुख्य तथ्य
300+ इकाइयाँ, अनुमानित ₹20,000 करोड़ से अधिक
एक 155 मिमी / 52-कैलिबर ट्रैक्ड स्व-चालित होवित्ज़र
L&T (हज़ीरा, गुजरात) द्वारा Hanwha Aerospace (दक्षिण कोरिया) के साथ निर्मित
रेंज लगभग 40 किमी (~50 किमी तक); 15 सेकंड से कम में 3 राउंड दागता है
आगे की राह
अधिक स्वदेशी सामग्री और घरेलू गोला-बारूद इकोसिस्टम तोपखाने में आत्मनिर्भरता मज़बूत करेंगे।
अवधारणा
स्व-चालित होवित्ज़र: गतिशीलता के लिए ट्रैक्ड चेसिस पर लगी तोप — यंत्रीकृत और उच्च-ऊँचाई अभियानों के लिए अहम।
10. भारत ने दो आर्द्रभूमि जोड़ीं; रामसर संख्या बढ़कर 103 स्थल हुई
Prelims: रामसर स्थल व आर्द्रभूमि; Mains GS-III (आर्द्रभूमि संरक्षण, जैव विविधता)
संदर्भ
भारत की रामसर सूचीसुखना वेटलैंड (चंडीगढ़) और सौंज झील (मैनपुरी, UP) के जुड़ने से बढ़कर 103 हो गई, जिससे आर्द्रभूमि संरक्षण मज़बूत हुआ।
मुख्य तथ्य
भारत में अब 103 रामसर स्थल — एशिया में सर्वाधिक में से
नए जोड़: सुखना वेटलैंड (चंडीगढ़) और सौंज झील (UP)
रामसर कन्वेंशन 2 फरवरी 1971 (रामसर, ईरान) को अपनाया गया; 1975 में लागू
एमपी के रामसर स्थलों में भोज वेटलैंड (भोपाल), सांख्य सागर, सिरपुर और यशवंत सागर (इंदौर)
आगे की राह
आर्द्रभूमियों को पारिस्थितिक रूप से क्रियाशील रखने के लिए पदनाम के साथ जलग्रहण प्रबंधन और प्रदूषण नियंत्रण ज़रूरी है।
अवधारणा
रामसर स्थल: 1971 रामसर कन्वेंशन के तहत संरक्षण व विवेकपूर्ण उपयोग हेतु नामित अंतर्राष्ट्रीय महत्व की आर्द्रभूमि; विश्व आर्द्रभूमि दिवस = 2 फरवरी।
दिन के छह विषयों — शासन, अर्थव्यवस्था, कृषि, पारिस्थितिकी, कल्याण और सुरक्षा — को MPPSC GS पेपरों से जोड़ता माइंड-मैप। — StudyForGS
आज का डेटा पॉइंट
₹12 lakh crore
एमपी में 2.5 वर्षों में निवेश 'क्रियान्वित' ₹50,000-करोड़ की बीना पेट्रोकेमिकल परियोजना (22+ लाख टन/वर्ष) पर आधारित। एक राज्य का दावा — MoU को ज़मीनी परियोजनाओं और रोज़गार में बदलना असली परीक्षा है।
प्रारंभिक परीक्षा रैपिड-फायर
एमपी भारत का 'टाइगर स्टेट' है और इसका क्षेत्रफल के हिसाब से सबसे बड़ा वन आवरण है; कुनो NP श्योपुर ज़िले में है।
CAMPAप्रतिपूरक वनरोपण निधि अधिनियम, 2016 के तहत संचालित होता है।
RBI का मुद्रास्फीति लक्ष्य लचीले मुद्रास्फीति लक्ष्यीकरण के तहत 4% (±2%) है।
K9 वज्र-T: एक 155 मिमी/52-कैल होवित्ज़र, L&T द्वारा Hanwha (दक्षिण कोरिया) के साथ निर्मित।
रामसर कन्वेंशन2 फरवरी 1971 को रामसर, ईरान में हस्ताक्षरित; विश्व आर्द्रभूमि दिवस = 2 फरवरी।
नर्मदा एमपी की सबसे लंबी नदी है; भोज वेटलैंड (भोपाल) एक रामसर स्थल है।
अभ्यास MCQs — MPPSC Prelims पैटर्न
Q1. प्रोजेक्ट चीता के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: (1) कुनो राष्ट्रीय उद्यान मध्य प्रदेश में स्थित है। (2) 2026 में भारत लाए गए चीते केवल नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से आए। (3) गांधी सागर वन्यजीव अभयारण्य को दूसरे चीता आवास के रूप में विकसित किया जा रहा है। कौन-से कथन सही हैं?
केवल 1 और 2
केवल 1 और 3
केवल 2 और 3
1, 2 और 3
उत्तर देखें
उत्तर: B कुनो NP एमपी (श्योपुर) में है। फरवरी 2026 में 9 चीते बोत्सवाना से भी आए, इसलिए कथन 2 गलत है। गांधी सागर WLS (मंदसौर-नीमच) नियोजित दूसरा आवास है, अतः 1 और 3 सही हैं।
Q2. रेपो दर के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: (1) यह वह दर है जिस पर RBI वाणिज्यिक बैंकों से उधार लेता है। (2) इसे मौद्रिक नीति समिति तय करती है। (3) अक्टूबर 2026 की समीक्षा में RBI ने इसे बढ़ाकर 5.50% किया। कौन-से कथन सही हैं?
केवल 1 और 2
केवल 2 और 3
केवल 1 और 3
1, 2 और 3
उत्तर देखें
उत्तर: B रेपो दर वह दर है जिस पर RBI बैंकों को ऋण देता है (उधार नहीं लेता), इसलिए कथन 1 गलत है। MPC इसे तय करती है और अक्टूबर 2026 में इसे बढ़ाकर 5.50% किया, अतः 2 और 3 सही हैं।
मुख्य परीक्षा अभ्यास प्रश्न
Q. मध्य प्रदेश एक साथ भारत की कृषि महाशक्ति और एक उभरते औद्योगिक-निवेश गंतव्य के रूप में खुद को स्थापित कर रहा है। राज्य में कृषि कल्याण और औद्योगिक विकास को संतुलित करने के अवसरों और चुनौतियों की परीक्षा कीजिए। (250 शब्द)
संकेत / दृष्टिकोण
सोयाबीन/गेहूँ की ताकत और भावांतर/MSP समर्थन; लाडली बहना जैसे कल्याण का वित्तीय भार; CAMPA/वन व भूमि-डायवर्जन बाधाएँ; और GIS, बीना पेट्रोकेमिकल व चिप निवेश को जोड़ें — फिर वित्तीय ट्रेड-ऑफ, रोज़गार और स्थिरता को तौलें।
📌 एक पंक्ति में रिवीज़न: 30 अक्टूबर याद रखें: एमपी कैबिनेट ₹8,225 करोड़ • लाडली बहना 41वीं (₹1,834 करोड़) • कुनो में 60 चीते • RBI रेपो 5.50% • PM-VGSY ₹7,395 करोड़ • रामसर स्थल 103।