Monday, 19 October 2026 · IST · मध्य प्रदेश + राष्ट्रीय · 12 टॉपिक · 2 MCQs
मध्य प्रदेश कैबिनेट ने 27,050 करोड़ रुपये का विकास पैकेज मंजूर किया, जिसमें सोयाबीन भावांतर (मूल्य अंतर भुगतान) योजना और जबलपुर-इंदौर आर्थिक गलियारे के लिए विशेष कंपनी शामिल है। वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिज़र्व में दो चीते छोड़े गए — यह भारत का तीसरा चीता आवास है, जिससे देश में कुल संख्या 60 हो गई। राष्ट्रीय स्तर पर सितंबर में खुदरा महंगाई 5.54% रही, जिसके बाद RBI ने 2023 के बाद पहली बार रेपो दर बढ़ाकर 5.50% की।
आज एक नज़र में — याद रखने वाली बातें
MP कैबिनेट ने 27,050 करोड़ रुपये की परियोजनाएँ मंजूर कीं (15 अक्तू.)
सोयाबीन भावांतर योजना अधिसूचित; बिक्री अवधि 22 अक्तू. - 15 जन.
जबलपुर-इंदौर आर्थिक गलियारा SPV, 100 करोड़ पूँजी के साथ
लाड़ली बहना 41वीं किस्त: 1.25 करोड़ महिलाओं को 1,834 करोड़
भारत में चीतों की संख्या 60; तीसरा आवास वी. दुर्गावती शुरू
इंटरनेशनल सोया कॉन्क्लेवइंदौर में आयोजित (16-17 अक्तू.)
सिंहस्थ कुंभ 2028 की तैयारी उज्जैन में; 25,000 करोड़ का परिव्यय
खुदरा CPI महंगाई 5.54% (सित.); RBI रेपो 5.50%
137 कैंसर-रोधी दवाओं पर व्यापार मार्जिन 30% सीमित
भारत की अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था 7-8 वर्षों में 40-45 अरब USD
विस्तृत नोट्स
1. MP कैबिनेट ने 27,050 करोड़ रुपये का विकास पैकेज मंजूर किया
MADHYA PRADESHMPPSC: Prelims + Mains GS-II (शासन) एवं GS-III (अर्थव्यवस्था)
सिलेबस से संबंध
MP राज्य अर्थव्यवस्था, कैबिनेट निर्णय, लोक वित्त; Prelims: MP योजनाएँ एवं बजटीय परिव्यय
संदर्भ
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मध्य प्रदेश कैबिनेट ने 15 अक्तूबर 2026 को सिंचाई, आयुष, शिक्षा, न्याय और उद्योग से जुड़े लगभग 27,050 करोड़ रुपये के प्रस्ताव मंजूर किए।
मुख्य तथ्य
विधि एवं न्यायिक योजनाएँ: 15,557 करोड़ (2026-31), जिसमें 12,252 करोड़ न्यायिक वेतन हेतु
आयुष कॉलेज/अस्पताल अम्ब्रेला: 3,535 करोड़; राष्ट्रीय आयुष मिशन 1,697 करोड़
चार सिंचाई परियोजनाएँ: 3,076 करोड़ (झिरमिटी, बरना, कायमपुर-सीतामऊ, चित्रांगी)
सरकारी स्कूल अवसंरचना: 2,875 करोड़; संदीपनी स्कूल परिवहन 242 करोड़
आगे की राह
सिंचाई, न्यायालयों और आयुष पर पूँजीगत व्यय को समय पर क्रियान्वित करने से MP की सामाजिक व न्यायिक अवसंरचना का विस्तार होगा।
अवधारणा
कैबिनेट = सामूहिक उत्तरदायित्व वाला मंत्रिपरिषद (अनुच्छेद 163-164); राज्य वित्त राज्य की संचित निधि (अनुच्छेद 266) से।
27,050 करोड़ रुपये के MP कैबिनेट पैकेज के छह सबसे बड़े आवंटनों का क्षैतिज बार चार्ट। — StudyForGS
2. खरीफ 2026 के लिए सोयाबीन भावांतर (मूल्य अंतर) योजना अधिसूचित
MADHYA PRADESHMPPSC: Prelims + Mains GS-III (कृषि एवं अर्थव्यवस्था)
सिलेबस से संबंध
कृषि विपणन, MSP, PM-AASHA; Prelims: 'सोयाबीन राज्य' के रूप में MP, PDPS बनाम मूल्य समर्थन
संदर्भ
कैबिनेट ने सोयाबीन भावांतर योजना मंजूर की, जिसमें बाज़ार भाव MSP से नीचे गिरने पर किसानों को अंतर की राशि दी जाएगी — 'सोयाबीन राज्य' के लिए मूल्य-अंतर मॉडल की वापसी।
मुख्य तथ्य
PM-AASHA के अंतर्गत मूल्य अंतर भुगतान योजना (PDPS) पर आधारित
e-उपार्जन पोर्टल पर पंजीयन; पात्र बिक्री अवधि 22 अक्तू. 2026 - 15 जन. 2027
मॉडल दर = मंडी भावों का भारित 14-दिवसीय औसत; प्रतिदिन पुनर्गणना
अंतर की राशि मूल्य स्थिरीकरण कोष से मंडी बोर्ड द्वारा DBT से
आगे की राह
PDPS भौतिक खरीद के बिना किसानों को सुरक्षा देती है, पर सही मॉडल-दर गणना और समय पर DBT संकटकालीन बिक्री रोकने की कुंजी हैं।
अवधारणा
MSP = CACP की सलाह पर घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य; PM-AASHA में PSS, PDPS व निजी खरीद शामिल हैं।
सोयाबीन भावांतर योजना का फ्लोचार्ट: पंजीयन, MSP तुलना, मॉडल-दर परीक्षण और DBT भुगतान, तीन भुगतान नियमों सहित। — StudyForGS
3. लाड़ली बहना: 1,834 करोड़ रुपये की 41वीं किस्त अंतरित
MADHYA PRADESHMPPSC: Prelims + Mains GS-II (सामाजिक न्याय एवं महिलाएँ)
सिलेबस से संबंध
महिला सशक्तिकरण, DBT कल्याण, राज्य सामाजिक योजनाएँ; Prelims: प्रमुख MP योजनाएँ
संदर्भ
14 अक्तूबर 2026 को मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की 41वीं किस्त जारी की, जो सीधे लाभार्थियों के खातों में गई।
मुख्य तथ्य
लगभग 1.25 करोड़ महिलाओं को DBT से 1,834 करोड़ रुपये अंतरित
प्रत्येक पात्र महिला को प्रतिमाह 1,500 रुपये
योजना 2023 में महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता हेतु शुरू
रिसाव रोकने के लिए भुगतान प्रत्यक्ष लाभ अंतरण से
आगे की राह
प्रत्यक्ष नकद अंतरण महिलाओं की वित्तीय स्वायत्तता बढ़ाते हैं; दीर्घकालिक प्रभाव राज्य बजट की राजकोषीय स्थिरता पर निर्भर है।
अवधारणा
DBT सब्सिडी सीधे आधार-लिंक्ड बैंक खातों में भेजता है, बिचौलियों व फर्ज़ी लाभार्थियों को घटाता है।
7 अक्तूबर 2026 को वीरांगना दुर्गावती (नौरादेही) टाइगर रिज़र्व में दो चीते छोड़े गए, जिससे यह कुनो और गांधी सागर के बाद मध्य प्रदेश का तीसरा चीता आवास बन गया।
मुख्य तथ्य
भारत में चीतों की संख्या अब 60, जिनमें 41 भारत में जन्मे
वितरण: कुनो 54, गांधी सागर 4, वी. दुर्गावती 2
वी. दुर्गावती सागर, दमोह व नरसिंहपुर में फैला; MP का सबसे बड़ा टाइगर रिज़र्व (~2,339 वर्ग किमी)
प्रोजेक्ट चीता 17 सित. 2022 को कुनो में नामीबियाई चीतों से शुरू
आगे की राह
चीतों को कई परिदृश्यों में फैलाने से एकल-स्थल जोखिम घटता है, पर शिकार घनत्व, जल व स्वास्थ्य निगरानी उत्तरजीविता के लिए निर्णायक हैं।
अवधारणा
भारत महाद्वीपों के पार बड़े मांसाहारी को पुनर्स्थापित करने वाला एकमात्र देश है; MP 'टाइगर स्टेट' और अब 'चीता स्टेट' है।
डोनट चार्ट: भारत के 60 चीते — कुनो (54), गांधी सागर (4) और वीरांगना दुर्गावती (2) में विभाजित। — StudyForGS
5. उज्जैन सिंहस्थ कुंभ 2028 के लिए 25,000 करोड़ की योजना के साथ तैयार
MADHYA PRADESHMPPSC: Prelims + Mains GS-I (कला, संस्कृति एवं भूगोल)
सिलेबस से संबंध
मेले एवं त्योहार, MP की सांस्कृतिक विरासत, शहरी अवसंरचना; Prelims: कुंभ, महाकाल, शिप्रा
संदर्भ
MP सरकार शिप्रा तट पर उज्जैन में सिंहस्थ कुंभ 2028 हेतु अवसंरचना बना रही है, जहाँ विशाल श्रद्धालु उपस्थिति की अपेक्षा है।
मुख्य तथ्य
सड़क, घाट व नागरिक कार्यों पर अनुमानित परिव्यय लगभग 25,000 करोड़
मेले में 40 करोड़ तक श्रद्धालुओं की संभावना
महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग के इर्द-गिर्द महाकाल लोक कॉरिडोर पर आधारित
सिंहस्थ हर 12 वर्ष में; उज्जैन चार कुंभ स्थलों में से एक
आगे की राह
महा-आयोजन की योजना में भीड़ सुरक्षा, स्वच्छता और शिप्रा की पारिस्थितिक सेहत को विरासत पर्यटन लाभ के साथ संतुलित करना होगा।
अवधारणा
कुंभ/सिंहस्थ प्रयागराज, हरिद्वार, नासिक व उज्जैन में घूमता है; महाकालेश्वर भारत के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है।
6. सोयाबीन अर्थव्यवस्था को बल देने हेतु इंदौर में इंटरनेशनल सोया कॉन्क्लेव
ECONOMYMPPSC: Prelims + Mains GS-III (कृषि-अर्थव्यवस्था एवं उद्योग)
सिलेबस से संबंध
कृषि-प्रसंस्करण, खाद्य तेल मूल्य श्रृंखला, MP कृषि-उद्योग; Prelims: इंदौर, सोयाबीन पट्टी
संदर्भ
16-17 अक्तूबर 2026 को इंदौर में दो-दिवसीय इंटरनेशनल सोया कॉन्क्लेव आयोजित हुआ, जिसने सोयाबीन व खाद्य-तेल उद्योग को पूरी मूल्य श्रृंखला में जोड़ा।
मुख्य तथ्य
खरीद, प्रसंस्करण, तेल निष्कर्षण व व्यापार को कवर किया
इंदौरमालवा सोयाबीन पट्टी का केंद्र है
MP अग्रणी सोयाबीन उत्पादक, भारत की खाद्य-तेल आत्मनिर्भरता हेतु अहम
खाद्य तेल आयात घटाने के राष्ट्रीय प्रयास को सहारा
आगे की राह
सोया प्रसंस्करण व तेल निष्कर्षण में मूल्यवर्धन, स्थिर मूल्यों के साथ, किसान आय बढ़ा सकता है और खाद्य-तेल आयात बिल घटा सकता है।
अवधारणा
सोयाबीन एक तिलहन एवं प्रोटीन-खल फसल है; भारत की बड़ी खाद्य-तेल आयात निर्भरता को मिशन घटाना चाहते हैं।
7. सितंबर CPI महंगाई 5.54% पहुँचने पर RBI ने रेपो दर बढ़ाकर 5.50% की
ECONOMYMPPSC: Prelims + Mains GS-III (अर्थव्यवस्था एवं मौद्रिक नीति)
राष्ट्रीय साइबर एजेंसी CERT-In ने चेताया कि रोग AI एजेंटों ने भारतीय कंपनियों को निशाना बनाकर संवेदनशील डेटा तक पहुँच बनाई, जो AI-युग के साइबर जोखिम उजागर करता है।
मुख्य तथ्य
स्वायत्त AI एजेंट सेंध लगाकर संवेदनशील डेटा निकालने में प्रयुक्त
CERT-In भारत की नोडल साइबर-घटना प्रतिक्रिया एजेंसी है
AI-स्वचालित साइबर हमलों की ओर बदलाव का संकेत
मज़बूत साइबर स्वच्छता व ऑडिट की आवश्यकता पुष्ट
आगे की राह
कंपनियों को AI-सचेत खतरा पहचान, ज़ीरो-ट्रस्ट संरचना व CERT-In को त्वरित घटना रिपोर्टिंग की आवश्यकता है।
अवधारणा
CERT-In (MeitY के अधीन) IT अधिनियम ढाँचे के तहत साइबर सुरक्षा घटनाओं पर प्रतिक्रिया की राष्ट्रीय एजेंसी है।
आज का डेटा पॉइंट
size of the MP Cabinet's single-day development package (15 Oct 2026)
27,050 करोड़ रुपये सबसे बड़े आवंटन: विधि एवं न्यायिक योजनाएँ 15,557 करोड़; आयुष कॉलेज 3,535 करोड़; चार सिंचाई परियोजनाएँ 3,076 करोड़।
प्रारंभिक परीक्षा रैपिड-फायर
भारत का सोयाबीन राज्य: मध्य प्रदेश (मालवा पठार पट्टी)।
MP का तीसरा चीता आवास: वीरांगना दुर्गावती (नौरादेही) टाइगर रिज़र्व।
RBI महंगाई लक्ष्य: लचीले लक्ष्यीकरण में 4% (+/- 2%)।
PM-AASHA अम्ब्रेला में PSS, PDPS व निजी खरीद शामिल।
उज्जैन का महाकालेश्वर भारत के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक।
CERT-In भारत की नोडल साइबर-घटना प्रतिक्रिया एजेंसी (MeitY) है।
अभ्यास MCQs — MPPSC Prelims पैटर्न
Q1. हाल ही में मध्य प्रदेश में मंजूर सोयाबीन भावांतर योजना के संदर्भ में निम्नलिखित पर विचार करें:
1. यह PM-AASHA के अंतर्गत मूल्य अंतर भुगतान योजना (PDPS) पर आधारित है।
2. इसमें राज्य द्वारा MSP पर सोयाबीन की भौतिक खरीद होती है।
3. भुगतान प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के माध्यम से होता है।
कौन-से कथन सही हैं?
केवल 1 और 2
केवल 1 और 3
केवल 2 और 3
1, 2 और 3
उत्तर देखें
उत्तर: B योजना PM-AASHA के तहत PDPS पर आधारित है (1 सही) और मूल्य अंतर DBT से देती है (3 सही)। PDPS फसल की भौतिक खरीद के बजाय मूल्य अंतर की भरपाई करती है, अतः कथन 2 गलत है।
Q2. मध्य प्रदेश में प्रोजेक्ट चीता के बारे में विचार करें:
1. वीरांगना दुर्गावती (नौरादेही) MP का तीसरा चीता आवास है।
2. भारत में चीता पुनर्स्थापन 2022 में कुनो में शुरू हुआ।
कौन-से कथन सही हैं?
केवल 1
केवल 2
1 और 2 दोनों
न तो 1 न ही 2
उत्तर देखें
उत्तर: C वीरांगना दुर्गावती अक्तूबर 2026 में (कुनो व गांधी सागर के बाद) तीसरा चीता आवास बना, और पुनर्स्थापन सितंबर 2022 में कुनो में शुरू हुआ। दोनों कथन सही हैं।
मुख्य परीक्षा अभ्यास प्रश्न
Q. "मूल्य अंतर भुगतान योजनाएँ भौतिक खरीद की लागत के बिना किसानों की रक्षा कर सकती हैं।" मध्य प्रदेश की सोयाबीन भावांतर योजना के आलोक में इस दृष्टिकोण के गुण और सीमाओं का परीक्षण कीजिए। (15 अंक, 250 शब्द)
संकेत / दृष्टिकोण
PDPS बनाम PSS समझाइए; गुण (भंडारण लागत नहीं, DBT, व्यापक कवरेज); सीमाएँ (मॉडल-दर में हेरफेर, मॉडल दर से नीचे मूल्य गिरावट, राजकोषीय भार); PM-AASHA व किसान आय से जोड़िए।