Friday, 16 October 2026 · IST · मध्य प्रदेश + राष्ट्रीय · 11 टॉपिक · 2 MCQs
आज का दिन मध्य प्रदेश के नाम रहा: राज्य कैबिनेट ने लगभग ₹27,050 करोड़ के प्रस्तावों को मंज़ूरी दी, जबलपुर-भोपाल-इंदौर औद्योगिक कॉरिडोर के लिए पूर्ण राज्य-स्वामित्व वाली कंपनी बनाई और PM-AASHA के तहत सोयाबीन किसानों के लिए भावांतर भुगतान योजना फिर से शुरू की। राष्ट्रीय स्तर पर RBI ने रेपो दर 5.50% की और रुख 'कैलिब्रेटेड टाइटनिंग' किया, सर्वोच्च न्यायालय ने चुनाव आयुक्तों की आजीवन छूट पर केंद्र से जवाब मांगा, और भारत ने 2028-29 के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अस्थायी सीट हेतु दावेदारी शुरू की।
आज एक नज़र में — याद रखने वाली बातें
एमपी कैबिनेट ने लगभग ₹27,050 करोड़ के प्रस्ताव मंज़ूर किए
जबलपुर-भोपाल-इंदौर औद्योगिक कॉरिडोर हेतु नई राज्य कंपनी (₹100 करोड़ पूँजी)
सोयाबीन के लिए भावांतर भुगतान योजना वापस; e-Uparjan पर 17 अक्टूबर तक पंजीयन
प्रोजेक्ट चीता: कूनो में संख्या बढ़कर 60 चीते (41 भारत में जन्मे)
एमपी ने परीक्षा पेपर-लीक व नकल मामलों हेतु 4 फास्ट-ट्रैक न्यायालय बनाए
एमपी ने निवेशक-अनुकूल सेमीकंडक्टर नीति को बढ़ावा दिया
RBI ने रेपो दर 5.50% की; रुख 'कैलिब्रेटेड टाइटनिंग'
सर्वोच्च न्यायालय ने चुनाव आयुक्तों की आजीवन छूट पर केंद्र को नोटिस दिया
भारत ने 2028-29 हेतु UNSC अस्थायी सीट की दावेदारी शुरू की
भारत का वस्तु निर्यात सालाना 23% बढ़कर $44.4 अरब (सित 2026)
विस्तृत नोट्स
1. एमपी कैबिनेट ने ~₹27,050 करोड़ मंज़ूर किए; जबलपुर-भोपाल-इंदौर औद्योगिक कॉरिडोर कंपनी बनाई
MADHYA PRADESHMPPSC: प्रीलिम्स + मेन्स GS-III (अर्थव्यवस्था व अवसंरचना)
सिलेबस से संबंध
MPPSC मेन्स GS-III (एमपी अर्थव्यवस्था, उद्योग, अवसंरचना); प्रीलिम्स — एमपी की राज्य योजनाएँ, संस्थाएँ व समसामयिकी।
संदर्भ
भोपाल में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में मध्य प्रदेश कैबिनेट ने लगभग ₹27,050 करोड़ के प्रस्ताव मंज़ूर किए और जबलपुर-भोपाल-इंदौर औद्योगिक कॉरिडोर के विकास हेतु पूर्ण राज्य-स्वामित्व वाली कंपनी को स्वीकृति दी।
मुख्य तथ्य
उद्योग विभाग के माध्यम से कॉरिडोर कंपनी, ₹100 करोड़ प्रारंभिक शेयर पूँजी के साथ।
प्रथम चरण लगभग 10,000 एकड़; भूमि-प्रबंधन व ज़ोनिंग शक्तियाँ कंपनी के पास।
3 वर्षों में ₹3 लाख करोड़ से अधिक निवेश और 6 लाख से अधिक रोज़गार की संभावना।
बड़े मद: विधि/विधायी निरंतरता ₹15,557 कर., आयुष कॉलेज ₹3,535 कर., सिंचाई ₹3,076 कर., स्कूल अवसंरचना ₹2,875 कर.।
आगे की राह
समयबद्ध भूमि-पूलिंग, एकल-खिड़की मंज़ूरी व कौशल-विकास ज़रूरी, ताकि कॉरिडोर इरादे को रोज़गार व MSME कड़ियों में बदल सके।
अवधारणा
औद्योगिक कॉरिडोर परिवहन-रीढ़ पर आधारित नियोजित विनिर्माण + लॉजिस्टिक्स पट्टी होते हैं; एमपी में पहले से दिल्ली-मुंबई औद्योगिक कॉरिडोर (DMIC) के नोड हैं।
15 अक्टूबर 2026 को मध्य प्रदेश कैबिनेट के प्रमुख आवंटनों का मद-वार बार चार्ट (₹ करोड़ में)। — StudyForGS
2. PM-AASHA के तहत सोयाबीन किसानों के लिए भावांतर भुगतान योजना वापस
MADHYA PRADESHMPPSC: प्रीलिम्स + मेन्स GS-III (कृषि व अर्थव्यवस्था)
सिलेबस से संबंध
MPPSC मेन्स GS-III (कृषि, MSP, कृषि आय); प्रीलिम्स — एमपी किसान योजनाएँ व 'सोयाबीन राज्य'।
संदर्भ
कैबिनेट ने केंद्र की PM-AASHA छतरी के तहत 2026 खरीफ सोयाबीन फसल हेतु भावांतर भुगतान योजना को पुनर्जीवित किया, ताकि मंडी भाव MSP से नीचे गिरने पर किसानों की रक्षा हो।
मुख्य तथ्य
किसानों को e-Uparjan पोर्टल पर 17 अक्टूबर 2026 तक पंजीयन करना होगा।
अधिसूचित मंडियों में विक्रय अवधि: 22 अक्टूबर 2026 से 15 जनवरी 2027।
एमपी भारत का सबसे बड़ा सोयाबीन उत्पादक है — 'सोयाबीन राज्य'।
भावांतर MSP और औसत मॉडल मंडी भाव के अंतर का भुगतान करता है।
आगे की राह
पारदर्शी मूल्य-खोज व समय पर भुगतान महत्वपूर्ण; खरीद के साथ जोड़ने से बंपर वर्ष में संकट-बिक्री टलती है।
अवधारणा
PM-AASHA (2018) मूल्य समर्थन योजना, मूल्य न्यूनता भुगतान (भावांतर मॉडल) व निजी खरीद को जोड़कर किसानों को MSP सुनिश्चित करती है।
भावांतर भुगतान योजना के चरणों का फ़्लोचार्ट — e-Uparjan पंजीयन से मूल्य-अंतर भुगतान तक। — StudyForGS
3. प्रोजेक्ट चीता: कूनो में संख्या 60 पहुँची; बोत्सवाना वंशक्रम भारत में
ENVIRONMENTMPPSC: प्रीलिम्स + मेन्स GS-III (पारिस्थितिकी व जैवविविधता)
5 अक्टूबर 2026 को मध्य प्रदेश के कूनो राष्ट्रीय उद्यान में 5 शावकों के जन्म के बाद भारत की चीता संख्या 60 पहुँची — जिसने बोत्सवाना आनुवंशिक वंशक्रम भारत में शुरू किया।
मुख्य तथ्य
60 चीतों में 41 भारत में जन्मे; 29 अफ़्रीका से लाए गए।
आयात: नामीबिया से 8 (सित 2022), दक्षिण अफ़्रीका से 12 (फ़र 2023), बोत्सवाना से 9 (फ़र 2026)।
अधिकांश कूनो में; गांधी सागर वन्यजीव अभयारण्य (एमपी) दूसरा आवास।
एमपी 'टाइगर स्टेट' है और इसका वनावरण देश में सर्वाधिक है।
आगे की राह
गांधी सागर में दूसरी व्यवहार्य आबादी बनाना और शावक-मृत्यु दर घटाना स्वावलंबी मेटापॉपुलेशन हेतु अहम।
अवधारणा
प्रोजेक्ट चीता (2022) विश्व का पहला अंतर-महाद्वीपीय वृहद्-मांसाहारी स्थानांतरण है; कूनो, श्योपुर ज़िले में चंबल की सहायक कूनो नदी पर स्थित है।
प्रोजेक्ट चीता का तथ्य-चित्र — कुल 60, भारत-जन्मे बनाम आयातित विभाजन, और स्रोत देश। — StudyForGS
4. एमपी ने परीक्षा पेपर-लीक व नकल मामलों हेतु 4 फास्ट-ट्रैक न्यायालय बनाए
POLITYMPPSC: प्रीलिम्स + मेन्स GS-II (राजव्यवस्था व शासन)
सिलेबस से संबंध
MPPSC मेन्स GS-II (शासन, न्यायपालिका, पारदर्शिता); प्रीलिम्स — एमपी संस्थाएँ व वर्तमान विधियाँ।
संदर्भ
मध्य प्रदेश ने परीक्षा पेपर-लीक और नकल मामलों की त्वरित सुनवाई हेतु चार फास्ट-ट्रैक न्यायालय बनाए, जिससे भर्ती व बोर्ड परीक्षाओं हेतु राज्य का नकल-विरोधी कानून मज़बूत हुआ।
मुख्य तथ्य
समर्पित न्यायालयों का लक्ष्य लंबितता घटाना और समयबद्ध सुनवाई सुनिश्चित करना।
भर्ती-परीक्षा लीक के पीछे संगठित नकल गिरोहों पर निशाना।
राज्य के लोक-परीक्षा नकल-विरोधी ढाँचे का पूरक।
MPPSC / MP ESB जैसी परीक्षाओं की विश्वसनीयता की रक्षा।
आगे की राह
त्वरित दोषसिद्धि के साथ सुरक्षित प्रश्न-पत्र लॉजिस्टिक्स व तकनीकी सुरक्षा उपाय अकेले न्यायालयों से अधिक लीक रोकते हैं।
अवधारणा
फास्ट-ट्रैक न्यायालय निर्दिष्ट मामलों के त्वरित निपटान हेतु विशेष न्यायालय हैं; कई राज्यों ने लोक परीक्षाओं में अनुचित साधनों के विरुद्ध कानून बनाए हैं।
5. एमपी ने निवेशक-अनुकूल सेमीकंडक्टर नीति पेश की
SCI-TECHMPPSC: प्रीलिम्स + मेन्स GS-III (अर्थव्यवस्था, विज्ञान व तकनीक)
मुख्यमंत्री ने चिप-पारिस्थितिकी निवेश आकर्षित करने हेतु मध्य प्रदेश की निवेशक-अनुकूल सेमीकंडक्टर नीति को प्रदर्शित करने का आह्वान किया, जिससे राज्य राष्ट्रीय इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के अनुरूप हुआ।
मुख्य तथ्य
नीति fab, ATMP/OSAT इकाइयों व डिज़ाइन फर्मों हेतु प्रोत्साहन देती है।
ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की गति के ज़रिए एमपी के प्रयास पर आधारित।
उच्च-मूल्य रोज़गार व इलेक्ट्रॉनिक्स आपूर्ति-श्रृंखला को जमाने का लक्ष्य।
केंद्र के सेमीकॉन इंडिया कार्यक्रम का पूरक।
आगे की राह
विश्वसनीय बिजली, पानी व कुशल प्रतिभा के साथ स्थिर प्रोत्साहन तय करेंगे कि निवेश-इरादा संचालित fab बनेगा या नहीं।
अवधारणा
सेमीकंडक्टर fab सिलिकॉन वेफ़र पर चिप बनाता है; ATMP/OSAT असेंबली, परीक्षण, मार्किंग व पैकेजिंग — श्रम-प्रधान बैक-एंड — को कवर करता है।
6. RBI ने रेपो दर 5.50% की, रुख 'कैलिब्रेटेड टाइटनिंग' किया
RBI मौद्रिक नीति समिति ने रेपो दर 25 आधार अंक बढ़ाकर 5.50% की और रुख 'कैलिब्रेटेड टाइटनिंग' किया — तीन वर्षों से अधिक में पहली वृद्धि, जो मुद्रास्फीति पर सतर्कता का संकेत है।
सर्वोच्च न्यायालय ने CEC व अन्य चुनाव आयुक्त अधिनियम, 2023 की धारा 16 को चुनौती देने वाली याचिका पर केंद्र को नोटिस दिया, जो CEC व ECs को आधिकारिक कृत्यों हेतु, पद छोड़ने के बाद भी, दीवानी/फौजदारी कार्यवाही से छूट देती है।
मुख्य तथ्य
चुनौती 2023 अधिनियम की धारा 16 को है।
छूट आधिकारिक कर्तव्यों के निर्वहन में किए कृत्यों को कवर करती है।
ECI अनुच्छेद 324 के तहत एक संवैधानिक निकाय है।
याचिका एक चुनाव-सुधार संस्था द्वारा; केंद्र को जवाब देना है।
आगे की राह
न्यायालय ECI की कार्यात्मक स्वतंत्रता बनाम जवाबदेही को तौलेंगे; तर्कसंगत संतुलन चुनावों में विश्वास बनाए रखता है।
अवधारणा
अनुच्छेद 324 चुनावों का अधीक्षण ECI में निहित करता है; CEC/ECs की नियुक्ति अब पूर्व SC निर्णय के बाद 2023 अधिनियम से शासित है।
8. भारत ने 2028-29 हेतु UN सुरक्षा परिषद की अस्थायी सीट की दावेदारी शुरू की
MPPSC मेन्स GS-II (भारत व विश्व, संयुक्त राष्ट्र); प्रीलिम्स — UNSC, बहुपक्षीय निकाय।
संदर्भ
भारत के विदेश मंत्री ने 2028-29 हेतु UN सुरक्षा परिषद अस्थायी सीट के लिए अभियान शुरू किया; एशिया-प्रशांत समूह की यह सीट ताजिकिस्तान द्वारा लड़ी जा रही है।
मुख्य तथ्य
UNGA मतदान जून 2027 में अपेक्षित।
उम्मीदवार को दो-तिहाई बहुमत (कम से कम 129 वोट) चाहिए।
UNSC में 5 स्थायी व 10 अस्थायी सदस्य हैं।
भारत 8 बार अस्थायी सदस्य रह चुका है।
आगे की राह
भारत को बहु-क्षेत्रीय समर्थन जुटाना और UNSC सुधार के बड़े मुद्दे को उठाते हुए ग्लोबल साउथ की सद्भावना का लाभ लेना होगा।
अवधारणा
अस्थायी UNSC सदस्य दो-वर्ष के कार्यकाल हेतु क्षेत्रीय कोटे सहित UNGA द्वारा चुने जाते हैं; उनके पास P5 वाला वीटो नहीं होता।
9. भारत का वस्तु निर्यात सितंबर 2026 में 23% बढ़ा
ECONOMYMPPSC: प्रीलिम्स + मेन्स GS-III (अर्थव्यवस्था — बाह्य क्षेत्र)
सिलेबस से संबंध
MPPSC मेन्स GS-III (व्यापार, बाह्य क्षेत्र); प्रीलिम्स — व्यापार संतुलन, निर्यात आँकड़े।
संदर्भ
सितंबर 2026 में वस्तु निर्यात सालाना 23.04% बढ़कर $44.4 अरब हुआ, जिसमें पेट्रोलियम, इलेक्ट्रॉनिक्स व रसायन अग्रणी; आयात 8% बढ़कर $74.61 अरब।
वैश्विक अनिश्चितता के बीच सशक्त बाह्य माँग का संकेत।
आगे की राह
इलेक्ट्रॉनिक्स व रसायन की गति बनाए रखना और बाज़ारों का विविधीकरण समय के साथ घाटा घटा सकता है।
अवधारणा
व्यापार घाटा = वस्तुओं के आयात में से निर्यात घटाना; यह भुगतान संतुलन में चालू खाते का प्रमुख घटक है।
भारत के सितंबर 2026 निर्यात वृद्धि का क्षेत्र-वार व समग्र ग्रुप्ड बार चार्ट (प्रतिशत में)। — StudyForGS
10. लैंसेट आयोग ने 2100 तक मानवता के लिए 17 ख़तरे चिन्हित किए
REPORTMPPSC: प्रीलिम्स + मेन्स GS-II/III (स्वास्थ्य, समाज व पर्यावरण)
सिलेबस से संबंध
MPPSC मेन्स GS-II (स्वास्थ्य, SDG) व GS-III (पर्यावरण); प्रीलिम्स — वैश्विक रिपोर्ट व सूचकांक।
संदर्भ
वर्ल्ड हेल्थ समिट (बर्लिन) में जारी एक लैंसेट आयोग रिपोर्ट ने 2100 तक मानवता के लिए 17 ख़तरे चिन्हित किए, जिन्हें DALYs (विकलांगता-समायोजित जीवन वर्ष) में मापा गया।
मुख्य तथ्य
कोई ख़तरा 'विनाशकारी' है यदि वह 1 अरब+ DALYs पैदा कर सके।
मोटापा सबसे बड़ी एकल स्वास्थ्य-हानि के रूप में चिन्हित।
सहायता-कटौती 1.5 अरब DALYs तक पैदा कर सकती है, उप-सहारा अफ़्रीका सर्वाधिक प्रभावित।
DALY = बीमारी, विकलांगता या असमय मृत्यु से खोए स्वस्थ जीवन-वर्ष।
आगे की राह
इन दीर्घकालिक ख़तरों को कुंद करने हेतु निवारक स्वास्थ्य, सुदृढ़ वित्तपोषण व जलवायु कार्रवाई एक साथ आवश्यक।
अवधारणा
DALYs खोए जीवन-वर्ष व विकलांगता-सहित जिए वर्षों को जोड़ते हैं; यह WHO/ग्लोबल बर्डन ऑफ़ डिज़ीज़ का मानक मापक है।
ENVIRONMENTMPPSC: प्रीलिम्स + मेन्स GS-III (कृषि, आपदा व तकनीक)
सिलेबस से संबंध
MPPSC मेन्स GS-III (कृषि, शासन में तकनीक); प्रीलिम्स — PMFBY, मौसम आँकड़े।
संदर्भ
महालनोबिस राष्ट्रीय फसल पूर्वानुमान केंद्र द्वारा संचालित WINDS (मौसम सूचना नेटवर्क व डेटा प्रणाली) एक सघन सेंसर-ग्रिड बनाने की योजना रखती है, ताकि PMFBY फसल-बीमा भुगतान तेज़ व डेटा-आधारित हों।
मुख्य तथ्य
योजना: लगभग 50,500 सेंसर — 1,197 स्वचालित मौसम स्टेशन + 49,313 वर्षा-मापी।
क्रियान्वयन धीमा: अब तक केवल 9.4% AWS व 4% वर्षा-मापी स्थापित।
स्थापना में मुख्य बाधा भूमि की कमी है।
हाइपरलोकल मौसम डेटा मौसम-सूचकांक बीमा में विवाद घटाता है।
आगे की राह
समयबद्ध व विवाद-मुक्त PMFBY निपटान हेतु तेज़ भूमि-आवंटन व सेंसर रखरखाव अनिवार्य।
अवधारणा
PMFBY (2016) भारत की प्रमुख फसल-बीमा योजना है; WINDS दावों के पारदर्शी निपटान हेतु सूक्ष्म मौसम डेटा प्रदान करता है।
आज का डेटा पॉइंट
₹3 lakh crore+
एमपी औद्योगिक कॉरिडोर (जबलपुर-भोपाल-इंदौर) 3 वर्षों में अपेक्षित निवेश; प्रथम चरण ~10,000 एकड़, 6 लाख से अधिक रोज़गार का लक्ष्य। नई राज्य कंपनी ₹100 करोड़ शेयर पूँजी से शुरू।
प्रारंभिक परीक्षा रैपिड-फायर
एमपी भारत का सबसे बड़ा सोयाबीन उत्पादक — 'सोयाबीन राज्य'।
एमपी 'टाइगर स्टेट' है, देश में सर्वाधिक बाघ आबादी के साथ।
कूनो राष्ट्रीय उद्यानचंबल की सहायक कूनो नदी पर स्थित है।
RBI रेपो दर अब 5.50%; MPC रुख 'कैलिब्रेटेड टाइटनिंग'।
PM-AASHA किसानों के मूल्य समर्थन (MSP) हेतु केंद्र की छतरी योजना है।
भारत का सितंबर 2026 वस्तु निर्यात $44.4 अरब पहुँचा।
अभ्यास MCQs — MPPSC Prelims पैटर्न
Q1. मध्य प्रदेश में पुनर्जीवित भावांतर भुगतान योजना के संदर्भ में, निम्नलिखित पर विचार करें:
1. यह केंद्र की PM-AASHA छतरी के तहत संचालित है।
2. यह 2026 खरीफ सीज़न हेतु सोयाबीन किसानों के लिए है।
3. यह किसानों को MSP और बाज़ार (मंडी) भाव के अंतर का भुगतान करती है।
उपरोक्त में से कौन-से सही हैं?
केवल 1 और 2
केवल 2 और 3
केवल 1 और 3
1, 2 और 3
उत्तर देखें
उत्तर: D भावांतर PM-AASHA के तहत मूल्य-न्यूनता मॉडल है, 2026 खरीफ सोयाबीन हेतु पुनर्जीवित, जो MSP व मॉडल मंडी भाव का अंतर देता है। तीनों कथन सही हैं।
Q2. भारत में प्रोजेक्ट चीता के संदर्भ में, कौन-सा कथन सही है?
कूनो राष्ट्रीय उद्यान राजस्थान में स्थित है।
चीते पहले नामीबिया व दक्षिण अफ़्रीका से, बाद में बोत्सवाना से लाए गए।
भारत के सभी चीते अफ़्रीका से जंगली-पकड़े हैं, कोई भारत-जन्मा नहीं।
गांधी सागर वन्यजीव अभयारण्य गुजरात में है।
उत्तर देखें
उत्तर: B चीते नामीबिया (2022), दक्षिण अफ़्रीका (2023) व बोत्सवाना (2026) से आए। कूनो व गांधी सागर मध्य प्रदेश में हैं, और भारत में अब 41 भारत-जन्मे चीते हैं।
मुख्य परीक्षा अभ्यास प्रश्न
Q. "औद्योगिक कॉरिडोर किसी स्थलरुद्ध राज्य की अर्थव्यवस्था तभी बदल सकते हैं जब भूमि, लॉजिस्टिक्स व कौशल साथ-साथ आगे बढ़ें।" मध्य प्रदेश के नए जबलपुर-भोपाल-इंदौर औद्योगिक कॉरिडोर के संदर्भ में परीक्षण कीजिए।
संकेत / दृष्टिकोण
औद्योगिक कॉरिडोर परिभाषित करें; एमपी में DMIC नोड से जोड़ें; ₹3 लाख करोड़ निवेश व 6 लाख रोज़गार की संभावना पर चर्चा; भूमि-पूलिंग, एकल-खिड़की मंज़ूरी, बिजली/पानी व कौशल को सफलता-शर्तों के रूप में रेखांकित करें; समावेशी, रोज़गार-प्रधान औद्योगीकरण पर निष्कर्ष।