मोहन कैबिनेट ने लगभग 41,000 करोड़ रुपये का विकास-रोज़गार पैकेज मंज़ूर किया; अगस्त में GST संग्रह 1.99 लाख करोड़ रुपये, और जापान की JCR ने 35 साल बाद भारत की रेटिंग 'A-' की।
Monday, 7 September 2026 · IST · मध्य प्रदेश + राष्ट्रीय · 11 टॉपिक · 2 MCQs
आज मध्य प्रदेश छाया रहा: मोहन यादव कैबिनेट का 41,000 करोड़ रुपये का पैकेज, नई 'कवच' किसान-ऋण योजना, भोपाल के भोज वेटलैंड पर NGT की सख़्ती और 'सोयाबीन राज्य' के लिए 4,892 रुपये/क्विंटल सोयाबीन MSP। राष्ट्रीय स्तर पर GST 14.8% बढ़कर 1.99 लाख करोड़ रुपये, जापान की JCR ने भारत को 'A-' किया, सुप्रीम कोर्ट ने सहकारी बैंकों पर RBI की शक्ति बढ़ाई, और कैबिनेट ने 'समुद्र मंथन' अपतटीय अन्वेषण योजना मंज़ूर की।
आज एक नज़र में — याद रखने वाली बातें
मोहन कैबिनेट ने बुनियादी ढाँचे, कल्याण और रोज़गार हेतु ~41,000 करोड़ रुपये मंज़ूर किए
नई 'कवच' योजना ~5,000 MP किसानों का सहकारी ऋण बहाल करेगी
NGT का भोपाल के भोज वेटलैंड (रामसर) से अवैध निर्माण हटाने का आदेश
सोयाबीन MSP 4,892 रुपये/क्विंटल; MP देश का सबसे बड़ा सोयाबीन उत्पादक
17 सितंबर को कूनो से गांधी सागर अभयारण्य भेजा जाएगा एक चीता
MP ने 1.21 लाख मेधावी छात्रों को 304 करोड़ रुपये लैपटॉप प्रोत्साहन दिया
अगस्त 2026 में GST संग्रह 1.99 लाख करोड़ रुपये, सालाना 14.8% वृद्धि
जापान की JCR ने भारत को 'A-' किया — 35 साल में पहली रेटिंग वृद्धि
सुप्रीम कोर्ट: RBI बहु-राज्यीय सहकारी बैंक बोर्ड को 6 माह से आगे भी हटा सकता है
कैबिनेट ने 'समुद्र मंथन' अपतटीय अन्वेषण योजना (~84,084 करोड़ रुपये) मंज़ूर की
विस्तृत नोट्स
1. मोहन कैबिनेट ने ~41,000 करोड़ रुपये का विकास-रोज़गार पैकेज मंज़ूर किया
MADHYA PRADESHMPPSC: प्रीलिम्स + मेन्स GS-II (सुशासन) व GS-III (अर्थव्यवस्था)
सिलेबस से संबंध
प्रीलिम्स: MP राज्य योजनाएँ व संस्थाएँ | मेन्स GS-III: MP अर्थव्यवस्था, बुनियादी ढाँचा, रोज़गार; GS-II: राज्य सुशासन
संदर्भ
मोहन यादव कैबिनेट ने बुनियादी ढाँचे, ग्रामीण विकास, कल्याण और रोज़गार सृजन हेतु लगभग 41,000 करोड़ रुपये का पैकेज मंज़ूर किया, जो निवेश चक्र से पहले पूँजीगत-व्यय आधारित प्रयास दर्शाता है।
मुख्य तथ्य
बुनियादी ढाँचे, कल्याण व रोज़गार में फैला कुल लगभग 41,000 करोड़ रुपये का परिव्यय।
राज्य राजमार्गों के उन्नयन हेतु बड़ा सड़क-संपर्क घटक (~4,600 करोड़ रुपये वर्ग के कार्य)।
MP बजट 2026-27 के पूँजीगत ज़ोर और ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट निवेश-श्रृंखला से संरेखित।
संशोधित भोपाल पश्चिमी बायपास और RGPV (तकनीकी विश्वविद्यालय) का पुनर्गठन मंज़ूर।
आगे की राह
समयबद्ध टेंडरिंग और परियोजना-प्रबंधन इकाइयों की निगरानी तय करेगी कि पूँजीगत व्यय रोज़गार में बदले।
अवधारणा
पूँजीगत व्यय (capex) का राजकोषीय गुणक राजस्व व्यय से अधिक होता है; राज्य capex केंद्र की 50-वर्षीय ब्याज-मुक्त ऋण योजना का पूरक है।
41,000 करोड़ रुपये MP पैकेज का चार-स्तंभ आरेख: बुनियादी ढाँचा, ग्रामीण विकास, कल्याण और रोज़गार। — StudyForGS
2. 'कवच' योजना ~5,000 किसानों का ऋण बहाल करेगी; 32,070 करोड़ रुपये पैकेज मंज़ूर
MADHYA PRADESHMPPSC: प्रीलिम्स + मेन्स GS-III (कृषि व अर्थव्यवस्था)
सिलेबस से संबंध
प्रीलिम्स: MP किसान-कल्याण योजनाएँ, सहकारी ऋण | मेन्स GS-III: कृषि ऋण, ग्रामीण सहकारिता; GS-II: सामाजिक न्याय
संदर्भ
32,070 करोड़ रुपये के विकास पैकेज के साथ कैबिनेट ने नई 'कवच' योजना मंज़ूर की, जो अनियमितता वाले सहकारी ऋण खातों वाले लगभग 5,000 किसानों को औपचारिक ऋण-व्यवस्था में लौटाएगी।
मुख्य तथ्य
कवच: राज्य 25 करोड़ रुपये एकमुश्त इक्विटी सहायता देगा; एपेक्स व ज़िला सहकारी बैंक 50 करोड़ रुपये राहत-कोष जोड़ेंगे।
किसानों की सहकारी ऋण व संबद्ध कल्याण-लाभ हेतु पात्रता बहाल करेगी।
पैकेज विभाजन: स्वास्थ्य 26,777 करोड़, खेल 2,460 करोड़, डिजिटल सुशासन 1,099 करोड़, रोग-नियंत्रण 1,704 करोड़ रुपये।
जनजातीय कार्य विभाग के दीर्घ-सेवारत शिक्षकों हेतु चौथी क्रमोन्नति वेतनमान भी मंज़ूर।
आगे की राह
वास्तविक ऋणियों को जानबूझकर चूक करने वालों से अलग रखना और PACS रिकॉर्ड का डिजिटलीकरण दोहराव रोक सकता है।
अवधारणा
PACS (प्राथमिक कृषि साख समितियाँ) NABARD पुनर्वित्त के तहत भारत की 3-स्तरीय अल्पकालिक सहकारी ऋण संरचना का ज़मीनी स्तर हैं।
32,070 करोड़ रुपये MP पैकेज का बार-चार्ट: स्वास्थ्य, खेल, डिजिटल व रोग-नियंत्रण आवंटन। — StudyForGS
3. NGT की भोपाल के भोज वेटलैंड (रामसर स्थल) पर सख़्ती
ENVIRONMENTMPPSC: प्रीलिम्स + मेन्स GS-III (पर्यावरण व पारिस्थितिकी)
राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) ने भोपाल के भोज वेटलैंड की आर्द्रभूमि, बफर व प्रभाव क्षेत्रों में अवैध निर्माण 3 माह में हटाने का आदेश दिया, रामसर-सूचीबद्ध झील-तंत्र को गंभीर ख़तरा बताया।
मुख्य तथ्य
भोज वेटलैंड (ऊपरी व निचली झील) 2002 से रामसर स्थल, 'झीलों के शहर' भोपाल की जीवनरेखा।
NGT ने आर्द्रभूमि, बफर ज़ोन व प्रभाव क्षेत्र से अतिक्रमण 3 माह में हटाने का निर्देश दिया।
ऊपरी झील (बड़ा तालाब) का निर्माण 11वीं सदी में धार के राजा भोज ने कराया।
आर्द्रभूमि आर्द्रभूमि (संरक्षण व प्रबंधन) नियम, 2017 से शासित होती है।
आगे की राह
GIS मानचित्रण सहित सीमांकित आर्द्रभूमि सीमा और वैधानिक वेटलैंड प्राधिकरण संरक्षण व जल-सुरक्षा में संतुलन बना सकते हैं।
अवधारणा
रामसर कन्वेंशन (1971) 'अंतरराष्ट्रीय महत्व की आर्द्रभूमि' की रक्षा करता है; 'विवेकपूर्ण उपयोग' इसका मूल सिद्धांत है। भारत में 90+ रामसर स्थल हैं।
MADHYA PRADESHMPPSC: प्रीलिम्स + मेन्स GS-III (कृषि व अर्थव्यवस्था)
सिलेबस से संबंध
प्रीलिम्स: MSP, तिलहन, MP कृषि | मेन्स GS-III: कृषि मूल्य नीति, तिलहन आत्मनिर्भरता
संदर्भ
खरीफ फसल के बाज़ार में आने के साथ सोयाबीन का MSP4,892 रुपये प्रति क्विंटल तय, जो देश के सबसे बड़े सोयाबीन उत्पादक व मूल 'सोयाबीन राज्य' मध्य प्रदेश के लिए अहम सहारा है।
मुख्य तथ्य
इस सीज़न सोयाबीन MSP4,892 रुपये/क्विंटल तय; राज्य खरीद आने वाले हफ़्तों में शुरू।
भारत के सोयाबीन उत्पादन में MP की सबसे बड़ी हिस्सेदारी (~40-45%), केंद्र मालवा पठार।
सोयाबीन एक खरीफ तिलहन है; MP चना/दलहन में भी अग्रणी और शीर्ष गेहूँ (शरबती सहित) उत्पादक।
मंडी भाव MSP से नीचे गिरने पर भावांतर-शैली मूल्य-अंतर सहायता दी जाती है।
आगे की राह
बेहतर भंडारण, तेल-मिलिंग क्लस्टर व निर्यात-संपर्क किसानों की आय MSP से ऊपर बढ़ा सकते हैं।
अवधारणा
MSP की सिफ़ारिश CACP करता है व CCEA मंज़ूरी देता है; भारत के बड़े खाद्य-तेल आयात बिल को घटाने हेतु तिलहन रणनीतिक हैं।
फैक्ट-शीट टाइल्स: सोयाबीन MSP 4,892 रुपये, MP की ~40-45% राष्ट्रीय हिस्सेदारी, मालवा पठार, खरीफ तिलहन। — StudyForGS
5. 17 सितंबर को कूनो से गांधी सागर अभयारण्य जाएगा एक चीता
प्रीलिम्स: प्रोजेक्ट चीता, राष्ट्रीय उद्यान, MP वन्यजीव | मेन्स GS-III: प्रजाति पुनर्वास, आवास प्रबंधन
संदर्भ
एक मादा चीता को 17 सितंबर को कूनो राष्ट्रीय उद्यान से गांधी सागर वन्यजीव अभयारण्य भेजा जाएगा, जो प्रोजेक्ट चीता के तहत चीतों का नियोजित दूसरा घर खोलेगा और MP के 'चीता राज्य' तमगे को मज़बूत करेगा।
मुख्य तथ्य
गांधी सागर (मंदसौर-नीमच) स्थानांतरण कूनो के अलावा दूसरा चीता आवास बनाता है।
प्रोजेक्ट चीता (2022 से) विश्व का पहला अंतरमहाद्वीपीय बड़े-मांसाहारी स्थानांतरण है।
फ़रवरी 2026 में कूनो को बोत्सवाना से 9 चीते (6 मादा, 3 नर) मिले; भारत में शावक जन्मे।
MP 'टाइगर स्टेट' व 'चीता राज्य' है, क्षेत्रफल में सबसे बड़ा वन आवरण भी यहीं।
आगे की राह
बड़े पैमाने पर छोड़ने से पहले गांधी सागर में मज़बूत शिकार-आधार और तेंदुआ-संघर्ष घटाना अहम है।
अवधारणा
चीता (Acinonyx jubatus) IUCN 'सुभेद्य' है; एशियाई चीता 1952 तक भारत में विलुप्त हो गया, जिससे अफ़्रीकी चीता पुनर्वास हुआ।
MP वन्यजीव फैक्ट-आरेख: टाइगर स्टेट, कूनो व गांधी सागर में प्रोजेक्ट चीता, सबसे बड़ा वन आवरण, प्रमुख रिज़र्व। — StudyForGS
6. MP ने 1.21 लाख मेधावी छात्रों को 304 करोड़ रुपये लैपटॉप प्रोत्साहन दिया
प्रीलिम्स: MP छात्र-कल्याण योजनाएँ | मेन्स GS-II: शिक्षा पहुँच, मानव पूँजी; GS-III: डिजिटल समावेशन
संदर्भ
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 1.21 लाख मेधावी कक्षा-12 छात्रों को लैपटॉप प्रोत्साहन के रूप में 304 करोड़ रुपये से अधिक अंतरित किए, जो राज्य के डिजिटल पहुँच व मेधा-पुरस्कार प्रयास को बढ़ाता है।
मुख्य तथ्य
कक्षा 12 में उच्च अंक पाने वाले 1.21 लाख छात्रों को सीधे 304 करोड़ रुपये अंतरित।
प्रत्येक पात्र छात्र को लैपटॉप हेतु 25,000 रुपये, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के ज़रिए।
स्कूटी व छात्रवृत्ति योजनाओं के साथ MP की शिक्षा-प्रोत्साहन श्रृंखला का हिस्सा।
राज्य के डिजिटल साक्षरता व मानव-पूँजी निर्माण फोकस का पूरक।
आगे की राह
हार्डवेयर के साथ सस्ती कनेक्टिविटी व कौशल-सामग्री जोड़ने से योजना का अधिगम-प्रभाव गहरा होगा।
अवधारणा
DBT लाभ को JAM (जन धन-आधार-मोबाइल) से भेजता है, रिसाव घटाता है; मानव पूँजी राज्य की विकास-क्षमता का केंद्र है।
7. अगस्त में GST संग्रह 1.99 लाख करोड़ रुपये, 14.8% वृद्धि
प्रीलिम्स: GST, कर संरचना | मेन्स GS-III: अप्रत्यक्ष कराधान, राजकोषीय संघवाद
संदर्भ
अगस्त 2026 में सकल GST राजस्व सालाना 14.8% बढ़कर 1.99 लाख करोड़ रुपये हुआ, जो सुदृढ़ उपभोग व बेहतर अनुपालन दर्शाता है।
मुख्य तथ्य
अगस्त 2026 का सकल GST1.99 लाख करोड़ रुपये, एक साल पहले से 14.8% अधिक।
मज़बूत त्योहारी माँग और अर्थव्यवस्था के बढ़ते औपचारिकीकरण को दर्शाता है।
GST एक गंतव्य-आधारित, दोहरा कर है (CGST + SGST/UTGST; अंतर-राज्यीय आपूर्ति पर IGST)।
साथ ही Q1 FY27 वास्तविक GDP वृद्धि 7.8% (संशोधित शृंखला)।
आगे की राह
दर-युक्तिकरण और इनपुट-टैक्स-क्रेडिट धोखाधड़ी रोकना GST उछाल को अधिक टिकाऊ बना सकता है।
अवधारणा
GST परिषद (अनुच्छेद 279A) दरें तय करने वाली संघीय संस्था है; नाममात्र GDP वृद्धि से अधिक उछाल अनुपालन-लाभ दर्शाती है।
राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था टाइल्स: GST 1.99 लाख करोड़ रुपये (+14.8%), GDP 7.8%, JCR रेटिंग A-। — StudyForGS
8. जापान की JCR ने भारत को 'A-' किया, 35 साल में पहली वृद्धि
ECONOMYMPPSC: प्रीलिम्स + मेन्स GS-III (अर्थव्यवस्था) व GS-II (IR)
सिलेबस से संबंध
प्रीलिम्स: सॉवरेन रेटिंग, एजेंसियाँ | मेन्स GS-III: बाह्य क्षेत्र, निवेश वातावरण
संदर्भ
जापान क्रेडिट रेटिंग एजेंसी (JCR) ने भारत की सॉवरेन रेटिंग एक पायदान 'BBB+' से 'A-' की — लगभग 35 साल में भारत की पहली सॉवरेन वृद्धि, मज़बूत विकास व बैंक परिसंपत्ति-गुणवत्ता में सुधार का हवाला।
मुख्य तथ्य
रेटिंग BBB+ से A-; JCR ने 2026-27 हेतु भारत की GDP वृद्धि 6% से ऊपर आँकी।
मार्च 2026 तक सकल NPA अनुपात घटकर लगभग 1.8% रहने का उल्लेख।
'A-' भारत को दृढ़ता से निवेश-श्रेणी 'A' बैंड में लाता है, जोखिम-धारणा घटाता है।
बेहतर रेटिंग विदेशी उधारी लागत घटा सकती है और अधिक विदेशी पूँजी खींच सकती है।
आगे की राह
उन्नयन को सस्ती पूँजी में बदलने हेतु निरंतर राजकोषीय समेकन व निर्यात प्रतिस्पर्धा आवश्यक होगी।
अवधारणा
सॉवरेन रेटिंग चूक-जोखिम मापती है; तीन बड़ी वैश्विक एजेंसियाँ S&P, Moody's व Fitch हैं, JCR प्रमुख जापानी एजेंसी है।
9. सुप्रीम कोर्ट ने सहकारी बैंक बोर्ड पर RBI की शक्ति बढ़ाई
POLITYMPPSC: प्रीलिम्स + मेन्स GS-II (राजव्यवस्था व सुशासन)
सिलेबस से संबंध
प्रीलिम्स: RBI, सहकारी बैंक, 97वाँ संशोधन | मेन्स GS-II: विनियमन, न्यायिक समीक्षा
संदर्भ
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि RBI किसी बहु-राज्यीय सहकारी बैंक के बोर्ड को छह-माह सीमा से आगे भी हटा सकता है, जिससे जमाकर्ताओं की रक्षा में नियामक की पकड़ मज़बूत होती है।
मुख्य तथ्य
न्यायालय ने बहु-राज्यीय सहकारी बैंकों हेतु बोर्ड अधिक्रमण छह माह से आगे की अनुमति दी।
बैंकिंग विनियमन (संशोधन) अधिनियम, 2020 से उपजा, जो सहकारी बैंकों को RBI के अधीन लाया।
कमज़ोर सहकारी बैंकों में जमाकर्ताओं व वित्तीय स्थिरता की रक्षा का लक्ष्य।
सहकारिता राज्य विषय है; 97वें संविधान संशोधन (2011) ने भाग IX-B जोड़ा।
आगे की राह
स्पष्ट समय-सीमा व जमाकर्ता-सुरक्षा ऑडिट नियामक शक्ति और सहकारी स्वायत्तता में संतुलन बना सकते हैं।
अवधारणा
अनुच्छेद 43-B (DPSP) सहकारी समितियों को बढ़ावा देता है; शहरी सहकारी बैंकों का दोहरा नियंत्रण (RBI + रजिस्ट्रार) लंबे समय से सुशासन चुनौती रहा है।
10. भारत-चीन की अरुणाचल में कोर कमांडर स्तरीय वार्ता
प्रीलिम्स: LAC, सीमा तंत्र | मेन्स GS-II: भारत-चीन संबंध, सीमा प्रबंधन
संदर्भ
भारत व चीन ने पूर्वी सेक्टर में पहली कोर कमांडर स्तरीय वार्ता अरुणाचल प्रदेश के वाचा-डामाई में की, जो वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) को स्थिर करने के प्रयासों की निरंतरता है।
मुख्य तथ्य
पूर्वी सेक्टर में पहली कोर कमांडर स्तरीय वार्ता, वाचा-डामाई, अरुणाचल प्रदेश में।
हाल के विघटन कदमों के बाद LAC पर तनाव-घटाव के व्यापक प्रयास का हिस्सा।
चीन अरुणाचल को 'दक्षिण तिब्बत' बताता है; भारत इस दावे को दृढ़ता से ख़ारिज करता है।
सीमा-शांति WMCC व विशेष प्रतिनिधि वार्ता जैसे तंत्रों से निर्देशित होती है।
आगे की राह
गश्त प्रोटोकॉल की बहाली व बफर-ज़ोन स्पष्टता नए टकराव-बिंदु रोकने हेतु आवश्यक है।
अवधारणा
LAC (सीमांकित सीमा नहीं) तीन सेक्टरों — पश्चिमी, मध्य व पूर्वी — में भारतीय व चीनी नियंत्रित क्षेत्रों को अलग करती है।
11. कैबिनेट ने 'समुद्र मंथन' अपतटीय अन्वेषण योजना मंज़ूर की
ECONOMYMPPSC: प्रीलिम्स + मेन्स GS-III (अर्थव्यवस्था, ऊर्जा व पर्यावरण)
केंद्रीय कैबिनेट ने 'समुद्र मंथन' राष्ट्रीय अपतटीय अन्वेषण योजना, चरण-I को लगभग 84,084 करोड़ रुपये परिव्यय के साथ मंज़ूर किया, ताकि भारत के अपतटीय क्षेत्रों में हाइड्रोकार्बन व खनिज संसाधनों का मानचित्रण हो।
मुख्य तथ्य
समुद्र मंथन चरण-I परिव्यय ~84,084 करोड़ रुपये, अपतटीय हाइड्रोकार्बन व खनिज अन्वेषण हेतु।
भारत के अनन्य आर्थिक क्षेत्र (EEZ) व महाद्वीपीय मग्नतट के संसाधनों को लक्षित।
ऊर्जा सुरक्षा व नीली अर्थव्यवस्था एजेंडा आगे बढ़ाता है; आयात-निर्भरता घटाता है।
गहन महासागर मिशन व अपतटीय खनिज नीलामी सुधारों का पूरक।
आगे की राह
पर्यावरणीय सुरक्षा-उपाय व विश्वसनीय भूकंपीय आँकड़े निजी व विदेशी अन्वेषकों को आकर्षित करने हेतु अहम होंगे।
अवधारणा
UNCLOS के तहत EEZ आधाररेखा से 200 समुद्री मील तक फैलता है, जिससे भारत को सजीव व निर्जीव संसाधनों पर अधिकार मिलते हैं।
आज का डेटा पॉइंट
Rs 4.38 lakh crore
MP बजट 2026-27 का आकार रिकॉर्ड महिला-केंद्रित बजट: महिला योजनाओं हेतु 1.27 लाख करोड़ रुपये, जिसमें से 23,800 करोड़ रुपये प्रमुख लाड़ली बहना योजना के लिए। कोई नया कर नहीं लगाया गया।
प्रारंभिक परीक्षा रैपिड-फायर
MP बजट 2026-27 का आकार: 4.38 लाख करोड़ रुपये; कोई नया कर नहीं।
MP बजट में लाड़ली बहना योजना आवंटन: 23,800 करोड़ रुपये।
IMD ने MP, UP व बिहार हेतु भारी-वर्षा व तेज़-हवा चेतावनी जारी की।
28वीं पश्चिमी क्षेत्रीय परिषद बैठक की अध्यक्षता गृह मंत्री अमित शाह ने की।
भारतीय रेलवे ने 712 रूट-किमी (मुरादाबाद) पर कवच 4.0 हेतु 170 करोड़ रुपये मंज़ूर किए।
UNGA ने 'Correct the Map' प्रस्ताव अपनाया, जो Equal Earth प्रक्षेप को तरजीह देता है।
अभ्यास MCQs — MPPSC Prelims पैटर्न
Q1. प्रोजेक्ट चीता के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
1. कूनो राष्ट्रीय उद्यान मध्य प्रदेश में स्थित है।
2. गांधी सागर वन्यजीव अभयारण्य को दूसरे चीता आवास के रूप में विकसित किया जा रहा है।
3. परियोजना के तहत लाए गए चीते एशियाई उप-प्रजाति के हैं।
उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
केवल 1 और 2
केवल 2 और 3
केवल 1 और 3
1, 2 और 3
उत्तर देखें
उत्तर: A कूनो (MP) में प्रोजेक्ट चीता है और गांधी सागर नियोजित दूसरा घर है, अतः 1 व 2 सही। चीते अफ़्रीकी हैं (नामीबिया, दक्षिण अफ़्रीका, बोत्सवाना से), विलुप्त एशियाई उप-प्रजाति के नहीं, अतः 3 ग़लत।
Q2. भारत में वस्तु एवं सेवा कर (GST) के बारे में निम्नलिखित में से क्या सही है/हैं?
1. यह गंतव्य-आधारित उपभोग कर है।
2. GST परिषद अनुच्छेद 279A के तहत एक संवैधानिक निकाय है।
3. IGST वस्तु व सेवाओं की अंतर-राज्यीय (intra-state) आपूर्ति पर लगाया जाता है।
सही उत्तर चुनें:
केवल 1 और 2
केवल 2 और 3
केवल 1 और 3
1, 2 और 3
उत्तर देखें
उत्तर: A GST गंतव्य-आधारित है (1 सही) और GST परिषद अनुच्छेद 279A के तहत है (2 सही)। IGST अंतर-राज्यीय (inter-state) आपूर्ति पर लगता है, राज्य-आंतरिक पर नहीं (राज्य-आंतरिक पर CGST+SGST), अतः 3 ग़लत।
मुख्य परीक्षा अभ्यास प्रश्न
Q. मध्य प्रदेश की पहचान भारत के 'टाइगर स्टेट', 'चीता राज्य' व 'सोयाबीन राज्य' होने में निहित है। चर्चा करें कि राज्य इस पारिस्थितिक व कृषि नेतृत्व को अपने वनों व जल-संसाधनों की रक्षा करते हुए किस प्रकार टिकाऊ आजीविका में बदल सकता है। (250 शब्द)
संकेत / दृष्टिकोण
प्रोजेक्ट चीता/कूनो-गांधी सागर व टाइगर रिज़र्व को इको-टूरिज़म रोज़गार से जोड़ें; सोयाबीन MSP, भावांतर व खाद्य-प्रसंस्करण क्लस्टर जोड़ें; नर्मदा/आर्द्रभूमि (भोज) संरक्षण व PESA-आधारित जनजातीय भागीदारी बुनें। संरक्षण व आजीविका में संतुलन।
📌 एक पंक्ति में रिवीज़न: आज याद रखें: MP का 41,000 करोड़ रुपये पैकेज व 'कवच' योजना, सोयाबीन MSP 4,892 रुपये, 17 सितंबर को चीता गांधी सागर, भोज वेटलैंड-NGT; GST 1.99 लाख करोड़ रुपये (+14.8%), JCR 'A-' उन्नयन, SC-RBI सहकारी बैंक निर्णय, 'समुद्र मंथन' योजना।