बिहार PSC (BPSC) के लिए डेली करेंट अफेयर्स

BPSC करेंट अफेयर्स — 6 November 2026

बिहार को अग्रिम कर हस्तांतरण में ₹10,845 करोड़; मुख्यमंत्री ने VB-G RAM G ग्रामीण रोजगार मिशन की समीक्षा की; केंद्र ने 92 GWh ग्रिड स्टोरेज के लिए ₹14,500 करोड़ की VGF मंज़ूर की

Friday, 6 November 2026 · IST · बिहार + राष्ट्रीय · 11 टॉपिक · 2 MCQs

त्योहारी सीज़न से पहले केंद्र ने नवंबर का ₹1,09,019 करोड़ का कर हस्तांतरण अग्रिम जारी किया, जिसमें बिहार को दूसरा सबसे बड़ा हिस्सा ₹10,845 करोड़ मिला; मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने VB-G RAM G ग्रामीण रोजगार मिशन के तहत 3 लाख परियोजनाओं का लक्ष्य तय किया। राज्य ने ₹2.57 लाख करोड़ का स्वच्छ ऊर्जा निवेश रोडमैप भी पेश किया और अक्टूबर के GST आँकड़ों में बिहार का संग्रह 24% बढ़ा। राष्ट्रीय स्तर पर केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 92 GWh ग्रिड-स्तरीय स्टोरेज VGF योजना और ₹2,814 करोड़ की क्रिटिकल मिनरल प्रोसेसिंग योजना को मंज़ूरी दी, तथा नेपाल के PM बालेन्द्र शाह 22 नवंबर से भारत की पहली द्विपक्षीय यात्रा की तैयारी में हैं।

आज एक नज़र में — याद रखने वाली बातें

विस्तृत नोट्स

1. मुख्यमंत्री ने VB-G RAM G की समीक्षा की: ग्रामीण कार्य 3 लाख परियोजनाओं तक दोगुने होंगे

BIHARBPSC: प्रारंभिक + मुख्य GS-II (बिहार अर्थव्यवस्था एवं ग्रामीण विकास)
सिलेबस से संबंधGS-II: बिहार की अर्थव्यवस्था, ग्रामीण रोजगार और गरीबी; प्रारंभिक: केंद्र प्रायोजित योजनाएँ, काम का अधिकार कानून।
संदर्भ5 नवंबर 2026 को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विकसित भारत – रोज़गार और आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की, जिसने MGNREGA का स्थान लिया है। उन्होंने अधिकारियों को परिसंपत्ति निर्माण तेज़ करने को कहा, और प्रगति की निगरानी ज़िलाधिकारी (DM) करेंगे।
मुख्य तथ्य
  • प्रत्येक ग्रामीण परिवार को प्रति वर्ष 125 दिन का गारंटीकृत मज़दूरी कार्य; केंद्र:राज्य लागत साझेदारी 60:40।
  • मज़दूरी 15 दिन के भीतर देनी होगी; ₹22,000 करोड़ की परियोजनाएँ शुरू की जाएँगी।
  • क्रियान्वयनाधीन परियोजनाएँ 1.5 लाख से बढ़कर 3 लाख होंगी।
  • प्रत्येक आंगनवाड़ी केंद्र को भवन के लिए ₹12 लाख और फर्नीचर व शिक्षण सामग्री के लिए ₹2 लाख मिलेंगे।
  • चार फोकस क्षेत्र हैं: जल सुरक्षा, ग्रामीण अवसंरचना, आजीविका और आपदा प्रबंधन; कार्यों की जाँच के लिए सोशल ऑडिट होंगे।
आगे की राहमिशन को जल-जीवन-हरियाली और उत्तर बिहार की बाढ़-मौसम योजना से जोड़ें, परिसंपत्तियों की जियो-टैगिंग करें और मज़दूरी का भुगतान समय पर रखें।
अवधारणासोशल ऑडिट: ग्राम सभा द्वारा कार्यों का सत्यापन, यह प्रथा MGNREGA (2005) से आई है। केंद्र प्रायोजित योजना (CSS): वह योजना जिसका वित्तपोषण केंद्र साझा करता है और जिसे राज्य लागू करते हैं।
बिहार में VB-G RAM G मिशन के स्टैट टाइल और फ्लोचार्ट: 125 दिन का काम, 60:40 लागत साझेदारी, 15 दिन में मज़दूरी, ₹22,000 करोड़ के कार्य, परियोजनाएँ 1.5 लाख से 3 लाख तक, और चार फोकस क्षेत्र।
बिहार में VB-G RAM G मिशन के स्टैट टाइल और फ्लोचार्ट: 125 दिन का काम, 60:40 लागत साझेदारी, 15 दिन में मज़दूरी, ₹22,000 करोड़ के कार्य, परियोजनाएँ 1.5 लाख से 3 लाख तक, और चार फोकस क्षेत्र। — StudyForGS

2. केंद्र ने नवंबर का कर हस्तांतरण अग्रिम जारी किया, बिहार को ₹10,845 करोड़

ECONOMYBPSC: प्रारंभिक + मुख्य GS-II (राजकोषीय संघवाद एवं बिहार अर्थव्यवस्था)
सिलेबस से संबंधGS-II: केंद्र–राज्य वित्तीय संबंध और बिहार के वित्त; प्रारंभिक: अनु. 270 व अनु. 280, वित्त आयोग।
संदर्भ5 नवंबर 2026 को वित्त मंत्रालय ने नवंबर की ₹1,09,019 करोड़ की किस्त पाँच दिन पहले जारी की (सामान्य तिथि 10 नवंबर है)। इसके कारण त्योहारी सीज़न और राज्यों के पूंजीगत व्यय में तेज़ी की ज़रूरत बताए गए।
मुख्य तथ्य
  • शीर्ष हिस्से: UP ₹19,208 करोड़, बिहार ₹10,845 करोड़ (~9.95%), MP ₹8,010 करोड़, WB ₹7,866 करोड़।
  • 16वें वित्त आयोग के तहत राज्यों को विभाज्य पूल का 41% मिलता है।
  • मानदंडों का भार: आय दूरी 42.5%, जनसंख्या 17.5%, तथा क्षेत्रफल, वन, जनसांख्यिकीय प्रदर्शन और GDP में योगदान प्रत्येक 10%।
  • FY27 में राज्यों के हिस्से का बजट अनुमान (BE): ₹15.26 लाख करोड़; पहली छमाही में लगभग ₹7 लाख करोड़ जारी हुए।
आगे की राहबिहार को सड़क, पुल और बाढ़ कार्यों पर पूंजीगत व्यय पहले करना चाहिए और अपना कर राजस्व बढ़ाना चाहिए, ताकि केंद्रीय हस्तांतरण पर निर्भरता घटे।
अवधारणाआय दूरी: किसी राज्य की प्रति व्यक्ति आय और सबसे अमीर राज्य की प्रति व्यक्ति आय का अंतर; बिहार जैसे गरीब राज्य को अधिक लाभ मिलता है। 16वाँ वित्त आयोग (अध्यक्ष: अरविंद पनगढ़िया) 2026–31 की अवधि के लिए है।
नवंबर 2026 के राज्यवार कर हस्तांतरण का क्षैतिज बार चार्ट: उत्तर प्रदेश ₹19,208 करोड़, बिहार ₹10,845 करोड़ (हाइलाइट), मध्य प्रदेश ₹8,010 करोड़, पश्चिम बंगाल ₹7,866 करोड़, महाराष्ट्र ₹7,022 करोड़, राजस्थान ₹6,460 करोड़ एवं अन्य।
नवंबर 2026 के राज्यवार कर हस्तांतरण का क्षैतिज बार चार्ट: उत्तर प्रदेश ₹19,208 करोड़, बिहार ₹10,845 करोड़ (हाइलाइट), मध्य प्रदेश ₹8,010 करोड़, पश्चिम बंगाल ₹7,866 करोड़, महाराष्ट्र ₹7,022 करोड़, राजस्थान ₹6,460 करोड़ एवं अन्य। — StudyForGS

3. ₹2.57 लाख करोड़ का स्वच्छ ऊर्जा रोडमैप: 2030 तक बिहार का लक्ष्य 24 GW

BIHARBPSC: प्रारंभिक + मुख्य GS-II (बिहार अर्थव्यवस्था – ऊर्जा)
सिलेबस से संबंधGS-II: बिहार में अवसंरचना और ऊर्जा, तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी की भूमिका; प्रारंभिक: PM-KUSUM, PM सूर्य घर।
संदर्भभारत मंडपम, नई दिल्ली में एक राष्ट्रीय अक्षय ऊर्जा सम्मेलन (4 नवंबर) में बिहार ने उत्पादन, पारेषण और वितरण में ₹2,57,316 करोड़ की निवेश पाइपलाइन प्रस्तुत की। ₹78,400 करोड़ की परियोजनाएँ पहले से चल रही हैं।
मुख्य तथ्य
  • बिहार अक्षय ऊर्जा नीति 2025 का लक्ष्य 2030 तक 24 GW अक्षय ऊर्जा और 6 GWh स्टोरेज है।
  • पीक माँग: ~700 MW (2005) → अब ~10,000 MW → एक दशक में ~25,000 MW अपेक्षित।
  • प्रमुख परियोजना: 523 MWh BESS सहित 301 MW कजरा सौर परियोजना (लखीसराय)।
  • ~5,000 MW का वितरित अक्षय ऊर्जा लक्ष्य: PM-KUSUM के तहत 2,700 MW, सरकारी भवनों पर 500 MW, और 15 लाख घरों की छतें।
  • लगभग 1 करोड़ स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं; दोनों डिस्कॉम लाभ में हैं।
आगे की राहबिहार में बड़े सौर पार्कों के लिए ज़मीन कम है, इसलिए जलाशयों पर फ्लोटिंग सोलर, कृषि-सौर और कैमूर व रोहतास में पंप्ड स्टोरेज को बढ़ावा देना चाहिए, और निवेशकों से बिजली खरीद समझौते (PPA) जल्दी करवाने चाहिए।
अवधारणाBESS: बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली, जो दिन की सौर बिजली को शाम की पीक माँग के समय उपयोग के लिए उपलब्ध कराती है। AT&C हानि: बिजली वितरण में कुल तकनीकी एवं वाणिज्यिक हानि।
दो भागों वाला चार्ट: बिहार की पीक बिजली माँग के बार, जो 2005 में लगभग 700 MW से बढ़कर अब लगभग 10,000 MW हैं और लगभग 25,000 MW अपेक्षित है; तथा 5,000 MW के वितरित अक्षय लक्ष्य का डोनट, जिसमें PM-KUSUM 2,700 MW, सरकारी भवन 500 MW और रूफटॉप व अन्य लगभग 1,800 MW हैं।
दो भागों वाला चार्ट: बिहार की पीक बिजली माँग के बार, जो 2005 में लगभग 700 MW से बढ़कर अब लगभग 10,000 MW हैं और लगभग 25,000 MW अपेक्षित है; तथा 5,000 MW के वितरित अक्षय लक्ष्य का डोनट, जिसमें PM-KUSUM 2,700 MW, सरकारी भवन 500 MW और रूफटॉप व अन्य लगभग 1,800 MW हैं। — StudyForGS

4. प्रधानमंत्री की प्रस्तावित बिहार यात्रा में पटना–पूर्णिया एक्सप्रेसवे (NE-9) का शुभारंभ संभव

BIHARBPSC: प्रारंभिक + मुख्य GS-II (बिहार भूगोल एवं अवसंरचना)
सिलेबस से संबंधGS-II: बिहार का भूगोल, परिवहन अवसंरचना और क्षेत्रीय विकास (कोसी–सीमांचल क्षेत्र); प्रारंभिक: ज़िले और मार्ग।
संदर्भमुख्यमंत्री की अध्यक्षता में NDA बैठक में PM नरेंद्र मोदी की 20–21 नवंबर के आसपास प्रस्तावित यात्रा की तैयारियों की समीक्षा हुई; यह यात्रा राज्य सरकार के एक वर्ष पूरे होने पर है। पटना–पूर्णिया एक्सप्रेसवे का निर्माण शुरू होना तय है, और राजापाकर (वैशाली) औद्योगिक पार्क में एक कार्यक्रम प्रस्तावित है।
मुख्य तथ्य
  • बिहार का ग्रीनफील्ड छह-लेन एक्सप्रेसवे: ~245 km, लागत ~₹12,052 करोड़, डिज़ाइन गति 120 km/h।
  • मार्ग मीरनगर (NH-22, वैशाली) से चांद भट्टी (NH-27, पूर्णिया) तक है।
  • मार्ग के ज़िले: वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा, सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया।
  • इससे पटना से पूर्णिया की यात्रा 7–8 घंटे से घटकर लगभग 3 घंटे रह जाएगी, और यह पटना रिंग रोड से जुड़ेगा।
आगे की राहमार्ग कोसी के बाढ़ मैदान को पार करता है, इसलिए पर्याप्त क्रॉस-ड्रेनेज और तटबंध-सुरक्षित डिज़ाइन ज़रूरी है। कॉरिडोर के साथ लॉजिस्टिक्स पार्क सीमांचल क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को गति दे सकते हैं।
अवधारणाग्रीनफील्ड परियोजना नई ज़मीन पर बनती है जहाँ कोई सड़क नहीं होती, जबकि ब्राउनफील्ड परियोजना मौजूदा सड़क का उन्नयन करती है। कोसी को बार-बार मार्ग बदलने के कारण 'बिहार का शोक' कहा जाता है।
बिहार का मानचित्र, जिसमें पटना–पूर्णिया एक्सप्रेसवे के छह ज़िले (वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा, सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया) हाइलाइट हैं, सांकेतिक धराशायी मार्ग दिखाया गया है, पटना चिह्नित है और गंगा, गंडक व कोसी नदियाँ नीले रंग में हैं।
बिहार का मानचित्र, जिसमें पटना–पूर्णिया एक्सप्रेसवे के छह ज़िले (वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा, सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया) हाइलाइट हैं, सांकेतिक धराशायी मार्ग दिखाया गया है, पटना चिह्नित है और गंगा, गंडक व कोसी नदियाँ नीले रंग में हैं। — StudyForGS

5. सभी सरकारी स्कूल विद्यार्थियों के लिए 31 दिसंबर तक बैंक खाता अनिवार्य

SOCIETYBPSC: प्रारंभिक + मुख्य GS-II (बिहार – शिक्षा एवं वित्तीय समावेशन)
सिलेबस से संबंधGS-II: बिहार में कल्याण वितरण और शिक्षा पहल; प्रारंभिक: DBT, PM जन धन योजना (2014)।
संदर्भ5 नवंबर को राज्य सरकार ने निर्देश दिया कि हर सरकारी स्कूल विद्यार्थी का व्यक्तिगत या संयुक्त बैंक खाता होना चाहिए, ताकि छात्रवृत्ति और योजनाओं के लाभ सीधे DBT से उन तक पहुँचें।
मुख्य तथ्य
  • एक विशेष अभियान 31 दिसंबर तक चलेगा।
  • प्रधानाध्यापक स्थानीय बैंकों से समन्वय करेंगे और छात्रवृत्ति के पात्र विद्यार्थियों को प्राथमिकता देंगे।
  • स्कूल विद्यार्थियों के जन्म प्रमाण पत्र रिकॉर्ड में रखेंगे, ताकि कोई बच्चा छूटे नहीं।
आगे की राहखातों को आधार से जुड़े DBT से जोड़ें, घर-घर बैंक-मित्र शिविर लगाएँ और कक्षाओं में वित्तीय साक्षरता मॉड्यूल जोड़ें।
अवधारणाDBT (2013) लाभ सीधे बैंक खातों में भेजता है और रिसाव कम करता है। JAM त्रिमूर्ति: जन धन + आधार + मोबाइल।

6. छठ के लिए 155 त्योहारी विशेष बसें; 16 नवंबर से UPI ऐप्स से ट्रैफिक जुर्माना

BIHARBPSC: प्रारंभिक + मुख्य GS-II (बिहार प्रशासन एवं संस्कृति)
सिलेबस से संबंधGS-I: बिहार की संस्कृति (छठ पर्व, प्रवासन); GS-II: राज्य परिवहन प्रशासन और ई-गवर्नेंस।
संदर्भपरिवहन मंत्री दामोदर रावत ने पटना के फुलवारीशरीफ डिपो से दिवाली और छठ पर लौटने वाले प्रवासियों के लिए 155 अंतर-राज्यीय विशेष बसों को हरी झंडी दिखाई। ये सेवाएँ 5 से 20 नवंबर तक चलेंगी।
मुख्य तथ्य
  • 32 बसें BSRTC चलाता है और 123 PPP के तहत चलती हैं; बेड़ा बढ़कर 200 होगा।
  • मार्ग: दिल्ली 77, हरियाणा 60, झारखंड 12, UP 3, पश्चिम बंगाल 3।
  • 16 नवंबर (प्रस्तावित) से ई-चालान का भुगतान UPI ऐप्स पर BBPS से हो सकेगा; API एकीकरण NIC करेगा।
आगे की राहत्योहारी परिवहन को स्थायी और माँग-आधारित योजना बनाएँ, और सभी परिवहन भुगतानों को डिजिटल प्रणाली में शामिल करें।
अवधारणाछठ: सूर्य उपासना का पर्व (कार्तिक शुक्ल षष्ठी), जिसमें संध्या और प्रातः अर्घ्य दिया जाता है; यह बिहार की पहचान का केंद्र है। BBPS: NPCI द्वारा संचालित भारत बिल भुगतान प्रणाली।

7. 22 नवंबर से नेपाल PM बालेन्द्र शाह की पहली भारत यात्रा: सहायता, बिजली और लंबित विवाद एजेंडे पर

IRBPSC: प्रारंभिक + मुख्य GS-II (भारत एवं पड़ोसी; बिहार सीमा)
सिलेबस से संबंधGS-II: पड़ोसियों के साथ भारत की विदेश नीति; बिहार का भूगोल (भारत-नेपाल सीमा, कोसी व गंडक संधियाँ); प्रारंभिक: सीमावर्ती ज़िले।
संदर्भविदेश सचिव विक्रम मिस्री की काठमांडू की दो दिवसीय यात्रा (5 नवंबर को समाप्त) के बाद, 27 मार्च 2026 से पद पर नेपाल के PM बालेन्द्र शाह 22 नवंबर से चार दिवसीय यात्रा पर आएँगे; PM मोदी से वार्ता 23 नवंबर को होगी।
मुख्य तथ्य
  • 26 अगस्त को रसुवा–भोटेकोशी क्षेत्र की बाढ़ के बाद नेपाल $2 अरब माँग रहा है: $1 अरब ऋण रेखा, $500 मिलियन अनुदान और $500 मिलियन पुनर्निर्माण के लिए।
  • एजेंडे की परियोजनाएँ: लोअर अरुण जलविद्युत परियोजना, सिलीगुड़ी–चारआली पेट्रोलियम पाइपलाइन, भैरहवा एकीकृत जाँच चौकी (ICP) और पंचेश्वर परियोजना (महाकाली संधि, 1996)।
  • अनसुलझे सीमा मुद्दे: कालापानी और सुस्ता।
  • बिहार के 7 ज़िले नेपाल से सटे हैं, पश्चिम चंपारण से किशनगंज तक।
आगे की राहसंयुक्त बाढ़ पूर्वानुमान और कोसी हाई डैम अध्ययन से उत्तर बिहार की बाढ़ सीधे घटेगी। तेज़ सीमा-पार रेल और रक्सौल व जोगबनी के ICP व्यापार में मदद करेंगे।
अवधारणाकोसी समझौता (1954) और गंडक समझौता (1959): बैराज और सिंचाई पर भारत–नेपाल संधियाँ, जो उत्तर बिहार के लिए केंद्रीय हैं। 1950 की शांति एवं मैत्री संधि खुली सीमा का प्रावधान करती है।
नेपाल और बिहार का मानचित्र: नेपाल से सटे बिहार के सात ज़िले हाइलाइट हैं, गंडक, कोसी और गंगा नदियाँ दिखाई गई हैं, काठमांडू, पटना, रक्सौल–बीरगंज और जोगबनी–बिराटनगर बिंदु चिह्नित हैं, तथा एक साइड पैनल में यात्रा की तिथियाँ और प्रमुख माँगें हैं।
नेपाल और बिहार का मानचित्र: नेपाल से सटे बिहार के सात ज़िले हाइलाइट हैं, गंडक, कोसी और गंगा नदियाँ दिखाई गई हैं, काठमांडू, पटना, रक्सौल–बीरगंज और जोगबनी–बिराटनगर बिंदु चिह्नित हैं, तथा एक साइड पैनल में यात्रा की तिथियाँ और प्रमुख माँगें हैं। — StudyForGS

8. कैबिनेट ने 92 GWh ग्रिड-स्तरीय ऊर्जा भंडारण के लिए ₹14,500 करोड़ की VGF मंज़ूर की

ENVIRONMENTBPSC: प्रारंभिक + मुख्य GS-II (विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी – ऊर्जा)
सिलेबस से संबंधGS-II: ऊर्जा सुरक्षा में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी की भूमिका; प्रारंभिक: VGF, पंप्ड स्टोरेज, घरेलू सामग्री।
संदर्भ4 नवंबर 2026 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अक्षय बिजली को स्थिर करने और चौबीसों घंटे बिजली देने के लिए FY27–FY31 की वायबिलिटी गैप फंडिंग (VGF) योजना को मंज़ूरी दी। इससे ₹97,600 करोड़ का निवेश अपेक्षित है।
मुख्य तथ्य
  • कुल 92 GWh: 60 GWh पंप्ड हाइड्रो, 30 GWh BESS और 2 GWh वैकल्पिक तकनीकें।
  • क्षमता का आवंटन टैरिफ-आधारित प्रतिस्पर्धी बोली से होगा; डिस्कॉम पात्र हैं।
  • BESS परियोजनाओं में न्यूनतम 40% घरेलू सामग्री आवश्यक है।
  • योजना मौजूदा ग्रिड स्टोरेज का लगभग 170% जोड़ती है; भारत को 2031–32 तक 411 GWh चाहिए।
आगे की राहतेज़ी से बढ़ती शाम की पीक माँग वाले बिहार जैसे राज्यों को जल्दी बोली लगानी चाहिए। बैटरी रीसाइक्लिंग और सुरक्षा मानक भी साथ-साथ विकसित होने चाहिए।
अवधारणाVGF: एकमुश्त पूंजी अनुदान, जो अन्यथा अव्यवहार्य परियोजना को बैंक-योग्य बनाता है। पंप्ड स्टोरेज: बिजली अधिशेष होने पर पानी ऊपर पंप किया जाता है और पीक माँग पर टरबाइन से छोड़ा जाता है।
VGF योजना के तहत 92 GWh स्टोरेज लक्ष्य का डोनट चार्ट: पंप्ड हाइड्रो 60 GWh, बैटरी ऊर्जा भंडारण 30 GWh और वैकल्पिक तकनीकें 2 GWh, केंद्र में ₹14,500 करोड़ का परिव्यय।
VGF योजना के तहत 92 GWh स्टोरेज लक्ष्य का डोनट चार्ट: पंप्ड हाइड्रो 60 GWh, बैटरी ऊर्जा भंडारण 30 GWh और वैकल्पिक तकनीकें 2 GWh, केंद्र में ₹14,500 करोड़ का परिव्यय। — StudyForGS

9. देश में लिथियम और निकल शोधन के लिए ₹2,814 करोड़ की कैपेक्स योजना

ECONOMYBPSC: प्रारंभिक + मुख्य GS-II (अर्थव्यवस्था – उद्योग एवं संसाधन)
सिलेबस से संबंधGS-II: औद्योगिक नीति, खनिज सुरक्षा और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी; प्रारंभिक: क्रिटिकल मिनरल, KABIL, NCMM।
संदर्भकैबिनेट (4 नवंबर) ने बैटरी-ग्रेड लिथियम और निकल यौगिक बनाने वाले प्रोसेसिंग संयंत्र स्थापित करने के लिए 30% पूंजीगत सब्सिडी को मंज़ूरी दी। इन खनिजों की भारत की आपूर्ति शृंखला में प्रोसेसिंग ही मुख्य बाधा है।
मुख्य तथ्य
  • 4 संयंत्र: दो लिथियम संयंत्र (प्रत्येक ≥30 kt) और दो निकल संयंत्र (प्रत्येक ≥50 kt); कोबाल्ट उप-उत्पाद के रूप में मिलेगा।
  • सीमा: प्रति लिथियम संयंत्र ₹500 करोड़ और प्रति निकल संयंत्र ₹900 करोड़; नोडल मंत्रालय: खान मंत्रालय; अवधि FY27–FY31।
  • भारत की सूची में 30 क्रिटिकल मिनरल (2023) हैं; राष्ट्रीय क्रिटिकल मिनरल मिशन (NCMM) (जनवरी 2025) का परिव्यय ₹16,300 करोड़ है।
आगे की राहभारत को KABIL (अर्जेंटीना और ऑस्ट्रेलिया) के माध्यम से सुरक्षित विदेशी कच्चा माल, रीसाइक्लिंग पर R&D और अपशिष्ट जल के लिए सख्त पर्यावरण मानदंड चाहिए।
अवधारणाक्रिटिकल मिनरल अर्थव्यवस्था के लिए आवश्यक हैं, पर इनकी आपूर्ति जोखिम में रहती है। KABIL (2019) NALCO, HCL और MECL का संयुक्त उद्यम है। बिहार संबंध: जमुई का स्वर्ण और बांका/गया के खनिज ब्लॉक।

10. ₹3,788 करोड़ के परिव्यय के साथ फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट 2031 तक बढ़ाए गए

POLITYBPSC: प्रारंभिक + मुख्य GS-II (राजव्यवस्था – न्यायपालिका एवं महिला/बाल सुरक्षा)
सिलेबस से संबंधGS-II: न्यायपालिका और न्याय वितरण, तथा कमज़ोर वर्गों का संरक्षण; प्रारंभिक: POCSO अधिनियम, निर्भया फंड।
संदर्भकैबिनेट (4 नवंबर) ने बलात्कार और POCSO मामलों के लिए फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट को पाँच वर्ष के लिए, 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक, जारी रखा।
मुख्य तथ्य
  • परिव्यय ₹3,788.04 करोड़: केंद्र ₹2,353.15 करोड़ (निर्भया फंड से) और राज्य ₹1,434.89 करोड़।
  • अदालतें 779 से बढ़कर 850 होंगी; वर्तमान अदालतों में 399 विशिष्ट POCSO अदालतें हैं।
  • इन अदालतों ने 2 अक्टूबर 2019 से 4,02,457 मामलों का निपटारा किया है।
आगे की राहन्यायिक रिक्तियाँ भरें, फॉरेंसिक प्रयोगशालाएँ और बिहार की योजना सहित पीड़ित-मुआवज़ा योजनाएँ मज़बूत करें।
अवधारणाPOCSO अधिनियम, 2012: बच्चों (18 वर्ष से कम) को यौन अपराधों से बचाने वाला लैंगिक-तटस्थ कानून। अनु. 39A: निःशुल्क विधिक सहायता (नीति निदेशक तत्व, DPSP)।

11. भारतीय वायुयान नियम, 2026 ने 1 जनवरी 2027 से औपनिवेशिक विमान नियमों का स्थान लिया

POLITYBPSC: प्रारंभिक + मुख्य GS-II (शासन – विनियमन)
सिलेबस से संबंधGS-II: शासन और नियामकीय सुधार, तथा बिहार के हवाई अड्डों से जुड़ी विमानन अवसंरचना (UDAN); प्रारंभिक: ICAO, शिकागो कन्वेंशन।
संदर्भकेंद्र ने भारतीय वायुयान अधिनियम, 2024 के तहत नए नियम अधिसूचित किए हैं, जो विमान नियम, 1937 का स्थान लेते हैं। ये 1 जनवरी 2027 से प्रभावी होंगे।
मुख्य तथ्य
  • नियमों में पंजीकरण ('VT' उपसर्ग), उड़ान-योग्यता, लाइसेंसिंग, हवाई अड्डे और दंड शामिल हैं।
  • एयरलाइनों को ब्रेकअप सहित पूरा किराया दिखाना होगा; असाधारण परिस्थितियों में केंद्र निर्देश जारी कर सकता है।
  • नियम ICAO के परिशिष्टों के अनुरूप हैं; अधिनियम ने विमान अधिनियम, 1934 का स्थान लिया।
आगे की राहDGCA को स्वायत्त और पर्याप्त कर्मचारियों से युक्त बनाएँ, और किराये की 'असाधारण' परिस्थितियाँ स्पष्ट रूप से परिभाषित करें। इससे दरभंगा और पूर्णिया के क्षेत्रीय मार्गों (UDAN) को मदद मिलेगी।
अवधारणाशिकागो कन्वेंशन (1944) से ICAO बना, जिसका मुख्यालय मॉन्ट्रियल में है। DGCA 2020 में वैधानिक निकाय बना।

आज का डेटा पॉइंट

₹1,827 crore (+24% YoY)
बिहार का GST संग्रह, अक्टूबर 2026
यह अक्टूबर 2025 के ₹1,478 करोड़ से अधिक है। अखिल भारतीय सकल GST ₹2,31,290 करोड़ (+22.9%) रहा, जो जुलाई 2017 के बाद दूसरा सबसे बड़ा मासिक आँकड़ा है। आयात GST 42.2% उछला और घरेलू GST 15.8% बढ़ा। शुद्ध GST ₹2,03,356 करोड़ (+25.6%) रहा।

प्रारंभिक परीक्षा रैपिड-फायर

कजरा सौर-सह-स्टोरेज परियोजना (301 MW + 523 MWh) बिहार के लखीसराय ज़िले में है।
बिहार के परिवहन मंत्री दामोदर रावत हैं; BSRTC का पूरा नाम बिहार राज्य पथ परिवहन निगम है।
कैबिनेट ने सांख्यिकी सुधार के लिए VISTAR (₹4,371.10 करोड़, 2026–31) को मंज़ूरी दी, जिसमें 8वीं आर्थिक जनगणना शामिल है।
सुप्रीम कोर्ट (5 नवंबर): किसी व्यक्ति को मजिस्ट्रेट के सामने पेश करने की 24 घंटे की अवधि औपचारिक गिरफ्तारी से नहीं, बल्कि हिरासत से गिनी जाएगी (अनु. 22(2))।
UNFCCC का COP31 9 से 20 नवंबर 2026 तक अंताल्या, तुर्किये में होगा।
बिहार के उपमुख्यमंत्री: विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव।

अभ्यास MCQs — BPSC Prelims पैटर्न

Q1. हाल ही में बिहार में समीक्षा किए गए VB-G RAM G ढाँचे के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें: 1. यह प्रति ग्रामीण परिवार प्रति वर्ष 125 दिन के मज़दूरी रोजगार की गारंटी देता है। 2. इसकी लागत केंद्र और राज्य 60:40 के अनुपात में साझा करते हैं। 3. इसने महात्मा गांधी NREGA, 2005 का स्थान लिया। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?

  1. केवल 1 और 2
  2. केवल 2 और 3
  3. केवल 1 और 3
  4. 1, 2 और 3
उत्तर देखें
उत्तर: D
तीनों कथन सही हैं: VB-G RAM G 125 दिन के काम की गारंटी देता है, इसकी लागत केंद्र और राज्य 60:40 में साझा करते हैं, और 2025 के अधिनियम ने MGNREGA का स्थान लिया।

Q2. केंद्रीय करों को राज्यों के बीच बाँटने के 16वें वित्त आयोग के सूत्र में किस मानदंड का भार सबसे अधिक है?

  1. जनसंख्या
  2. आय दूरी
  3. क्षेत्रफल
  4. वन आवरण
उत्तर देखें
उत्तर: B
आय दूरी का भार 42.5% है, उसके बाद जनसंख्या 17.5%; बाकी चार मानदंड प्रत्येक 10% के हैं। इसी भार के कारण बिहार जैसे कम आय वाले राज्य को हस्तांतरण पूल का लगभग 10% मिलता है।

मुख्य परीक्षा अभ्यास प्रश्न

Q. 2005 के बाद से बिहार की पीक माँग लगभग चौदह गुना बढ़ी है, फिर भी राज्य 2030 तक 24 GW अक्षय ऊर्जा का लक्ष्य रखता है। इस परिवर्तन के अवसरों और बाधाओं की चर्चा करें, और राज्य के भूगोल के अनुकूल रणनीति सुझाएँ। (BPSC मुख्य GS-II, 8 अंक)

संकेत / दृष्टिकोण
आँकड़ों से शुरुआत करें (700 → 10,000 MW, ₹2.57 लाख करोड़ की पाइपलाइन)। अवसर: PM-KUSUM, रूफटॉप सोलर, कजरा BESS, केंद्र की नई स्टोरेज VGF। बाधाएँ: ज़मीन की कमी, बाढ़-प्रवण मैदान और शाम की पीक माँग। रणनीति: फ्लोटिंग व कृषि-सौर, कैमूर में पंप्ड स्टोरेज और मज़बूत डिस्कॉम। निष्कर्ष में रोजगार और ऊर्जा सुरक्षा पर लिखें।
📌 एक पंक्ति में रिवीज़न: याद रखें: बिहार ₹10,845 करोड़ (हस्तांतरण), 125 दिन और 60:40 (VB-G RAM G), 2030 तक 24 GW (बिहार अक्षय ऊर्जा), 245 km का NE-9 (पटना–पूर्णिया), 92 GWh (स्टोरेज VGF) और 7 सीमावर्ती ज़िले (नेपाल)।
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