Thursday, 22 October 2026 · IST · बिहार + राष्ट्रीय · 12 टॉपिक · 2 MCQs
बिहार ने मुज़फ़्फ़रपुर–सीतामढ़ी–सोनबरसा (NH-22) खंड के ₹3,590.73 करोड़ के फोर-लेन उन्नयन से दक्षिण–उत्तर गया–सीतामढ़ी कॉरिडोर पूरा करने की तैयारी की है, जीविका 'सुधा सखियों' के ज़रिए दुग्ध उत्पादकों को 12 लाख से 50 लाख करने की योजना बनाई है और 23 अक्टूबर को विधान परिषद की 8 सीटों पर मतदान हो रहा है। राष्ट्रीय स्तर पर सितंबर 2026 में आठ कोर उद्योगों का सूचकांक 7.9% बढ़ा, भारत–न्यूज़ीलैंड FTA लागू हो गया है और भारत 7वें एग्रीवोल्टाइक्स विश्व सम्मेलन की मेज़बानी कर रहा है।
गया–सीतामढ़ी कॉरिडोर 5 ज़िलों को जोड़ेगा; 7 बड़े पुल, 3 ROB।
सुधा सखी: दुग्ध उत्पादकों का लक्ष्य 12 लाख → 50 लाख+।
पेंशन जीवन प्रमाणीकरण: 88.37% पूरा; 13.57 लाख शेष; अंतिम तिथि 30 नवंबर।
बिहार MLC चुनाव: 8 सीटें (4 स्नातक + 4 शिक्षक) 23 अक्टूबर को; मतगणना 27 अक्टूबर।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार AI नीति-2026 के मसौदे की समीक्षा की।
पटना HC: बिहार भूमि सुधार अधिनियम, 1950 – मीरा कुमार मुआवज़े की हक़दार।
कोर सेक्टर वृद्धि सितंबर 2026 में 7.9% – नई (आधार 2022-23) शृंखला में सर्वाधिक।
भारत–न्यूज़ीलैंड FTA20 अक्टूबर 2026 से लागू; भारत की 100% टैरिफ़ लाइनें शुल्क-मुक्त।
SIMBEX-2026 विशाखापत्तनम में (21–26 अक्टूबर); BEL रडार सौदा ~₹770 करोड़।
विस्तृत नोट्स
1. गया–सीतामढ़ी NH-22 कॉरिडोर: नेपाल सीमा तक ₹3,590.73 करोड़ का फोर-लेन
BIHARBPSC: Prelims + Mains GS-II (बिहार अर्थव्यवस्था एवं आधारभूत संरचना)
सिलेबस से संबंध
GS-II: बिहार अर्थव्यवस्था – आधारभूत संरचना, कनेक्टिविटी; बिहार का भूगोल। Prelims: NH संख्या, सीमावर्ती ज़िले, तीर्थ स्थल।
संदर्भ
NH-22 के शेष मुज़फ़्फ़रपुर–सीतामढ़ी–सोनबरसा खंड को ₹3,590.73 करोड़ से फोर-लेन किया जाएगा, जिससे गया से सीतामढ़ी तक दक्षिण–उत्तर कॉरिडोर पूरा होगा। गया–मुज़फ़्फ़रपुर भाग पूरा बताया गया है।
मुख्य तथ्य
फोर-लेन खंड की लंबाई: 82.578 किमी; भारत–नेपाल सीमा के पास सोनबरसा पर समाप्त।
कॉरिडोर 5 ज़िलों को जोड़ता है: गया, जहानाबाद, पटना, मुज़फ़्फ़रपुर, सीतामढ़ी।
संरचनाएँ: 7 बड़े पुल, 3 रेलवे ओवरब्रिज (ROB), 2 फ्लाईओवर।
जानकी पुनौरा धाम (सीतामढ़ी) तक पहुँच आसान – माता सीता की जन्मस्थली मानी जाती है।
माल ढुलाई और भारत–नेपाल व्यापार को बढ़ावा; पूर्ण होने की तिथि अभी तय नहीं।
आगे की राह
समयबद्ध भूमि अधिग्रहण, बागमती–लखनदेई मैदानों में बाढ़-रोधी डिज़ाइन और सीतामढ़ी/सोनबरसा में लॉजिस्टिक हब।
अवधारणा
राष्ट्रीय राजमार्गसंघ सूची का विषय हैं (प्रविष्टि 23, सातवीं अनुसूची); निर्माण NHAI/MoRTH करते हैं। सीतामढ़ी बिहार के नेपाल से लगे 7 ज़िलों में से एक है।
बिहार के ज़िलों का मानचित्र जिसमें गया–जहानाबाद–पटना–मुज़फ़्फ़रपुर–सीतामढ़ी NH-22 कॉरिडोर केसरिया रंग में और प्रस्तावित पीरपैंती–झंझारपुर ट्रांसमिशन लाइन वाले ज़िले (भागलपुर, बेगूसराय, दरभंगा, मधुबनी) टील रंग में दिखाए गए हैं, साथ में गंगा, गंडक और कोसी नदियाँ तथा प्रमुख आँकड़ों का पैनल है। — StudyForGS
2. पीरपैंती–झंझारपुर ट्रांसमिशन लाइन: दक्षिण बिहार की ताप बिजली उत्तर बिहार तक
GS-II: बिहार अर्थव्यवस्था – विद्युत क्षेत्र, आधारभूत संरचना। Prelims: बिहार के विद्युत संयंत्र और ज़िले।
संदर्भ
बिहार ने केंद्रीय विद्युत मंत्रालय को आगामी पीरपैंती ताप विद्युत संयंत्र (भागलपुर) से झंझारपुर (मधुबनी) तक नई ट्रांसमिशन लाइन की जानकारी दी है, जो गंगा पार कर उत्तर बिहार की आपूर्ति मज़बूत करेगी।
मुख्य तथ्य
मार्ग 4 ज़िलों से होकर: भागलपुर, बेगूसराय, दरभंगा, मधुबनी।
REC पावर डेवलपमेंट एंड कंसल्टेंसी लि.बिड प्रोसेस कोऑर्डिनेटर है (5 मई 2026 का संकल्प)।
डेवलपर का चयन टैरिफ़-आधारित प्रतिस्पर्धी बोली (TBCB) से; नए सबस्टेशन बनेंगे।
बेगूसराय को पीरपैंती संयंत्र से सीधी आपूर्ति व्यवस्था मिलेगी।
आगे की राह
मार्ग संरेखण और नदी-पार डिज़ाइन जल्द तय हो; फीडर पृथक्करण के साथ जोड़ा जाए ताकि ग्रामीण उत्तर बिहार को भरोसेमंद बिजली मिले।
अवधारणा
TBCB – विद्युत अधिनियम, 2003 (धारा 63): पारदर्शी बोली से तय टैरिफ़ को नियामक अपनाता है। बिहार की डिस्कॉम: NBPDCL (उत्तर) और SBPDCL (दक्षिण)।
3. 'सुधा सखी': जीविका दीदियाँ दुग्ध उत्पादकों को 12 लाख से 50 लाख तक ले जाएँगी
BIHARBPSC: Prelims + Mains GS-II (बिहार अर्थव्यवस्था – कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र)
सिलेबस से संबंध
GS-II: बिहार अर्थव्यवस्था – पशुपालन, सहकारिता, महिला SHG। Prelims: COMPFED, सुधा, जीविका।
संदर्भ
बिहार जीविका दीदियों को पंचायत स्तर की 'सुधा सखी' बनाकर डेयरी सहकारी नेटवर्क बढ़ाएगा; लक्ष्य दुग्ध उत्पादकों को लगभग 12 लाख से 50 लाख से अधिक करना है।
मुख्य तथ्य
लगभग 7,000 जीविका दीदियाँ डेयरी और पशुपालन में पशु सखी के रूप में प्रशिक्षित।
सुधा सखियाँ पशु प्राथमिक उपचार, संतुलित आहार सलाह और कृत्रिम गर्भाधान देंगी; सेवा-आधारित प्रोत्साहन मिलेगा।
क्रियान्वयन COMPFED (सुधा ब्रांड) और जीविका द्वारा; 'सहकार से समृद्धि' के तहत डेयरी समितियाँ।
महिलाएँ जीविका सुधा आउटलेट और गाँव के दुग्ध संग्रह केंद्रों से जुड़ेंगी।
आगे की राह
उचित ख़रीद मूल्य, कोल्ड-चेन और चारा बैंक सुनिश्चित हों; केवल संख्या नहीं, महिलाओं की आय भी मापी जाए।
अवधारणा
COMPFED (स्थापना 1983) आणंद (अमूल) त्रि-स्तरीय मॉडल पर: ग्राम समिति → ज़िला संघ → राज्य फ़ेडरेशन। जीविका = बिहार ग्रामीण जीविकोपार्जन प्रोत्साहन समिति (2006)।
सुधा सखी मॉडल का फ़्लोचार्ट: जीविका SHG महिलाएँ पशु सखी के रूप में प्रशिक्षित होकर पंचायत स्तर की सुधा सखी बनती हैं, जो पशु प्राथमिक उपचार, आहार सलाह और कृत्रिम गर्भाधान देती हैं, गाँव की डेयरी समितियों और COMPFED से जुड़ती हैं; लक्ष्य दुग्ध उत्पादकों को 12 लाख से 50 लाख करना। — StudyForGS
4. सामाजिक सुरक्षा पेंशन: 88.37% जीवन प्रमाणीकरण पूरा, 13.57 लाख शेष
GS-II: बिहार की कल्याणकारी योजनाएँ, शासन, DBT। GS-I: आँकड़ों का सांख्यिकीय विश्लेषण।
संदर्भ
बिहार के समाज कल्याण विभाग के अनुसार सामाजिक सुरक्षा पेंशनधारियों का वार्षिक जीवन प्रमाणीकरण88.37% पूरा है; मंत्री डॉ. श्वेता गुप्ता ने शेष लाभार्थियों से समय-सीमा से पहले सत्यापन की अपील की।
हर वर्ष अंतिम तिथि 30 नवंबर; चूकने पर पेंशन रुक सकती है।
सर्वाधिक नामांकन: पटना (6.17 लाख), मधुबनी, पूर्वी चंपारण, मुज़फ़्फ़रपुर, गया।
सर्वाधिक सत्यापन: मधुबनी (5.09 लाख), पटना, पूर्वी चंपारण, मुज़फ़्फ़रपुर, समस्तीपुर।
आगे की राह
बिस्तर पर पड़े और दूरदराज़ के बुज़ुर्गों के लिए घर-घर फ़ेस-ऑथेंटिकेशन शिविर, ताकि वास्तविक पेंशनधारी न छूटें।
अवधारणा
बिहार में वृद्धावस्था, विधवा और दिव्यांग पेंशन 2025 में बढ़ाकर ₹1,100/माह की गई; भुगतान DBT से। अनुच्छेद 41 (DPSP): वृद्धावस्था, बीमारी और निःशक्तता में लोक सहायता।
पेंशन लाभार्थियों की सर्वाधिक संख्या वाले बिहार के पाँच ज़िलों (पटना, मधुबनी, पूर्वी चंपारण, मुज़फ़्फ़रपुर, गया) में नामांकित और सत्यापित संख्या (लाख में) की तुलना करता क्षैतिज बार चार्ट, राज्य स्तर पर 88.37% सत्यापन के साथ। — StudyForGS
5. बिहार विधान परिषद: 8 स्नातक एवं शिक्षक सीटों पर 23 अक्टूबर को मतदान
POLITYBPSC: Prelims + Mains GS-II (राजव्यवस्था – राज्य विधानमंडल)
सिलेबस से संबंध
GS-II: भारतीय राजव्यवस्था – राज्य विधानमंडल (अनु. 168–171), चुनाव। Prelims: विधान परिषद की संरचना।
संदर्भ
चुनाव आयोग बिहार विधान परिषद की 8 सीटों – 4 स्नातक (पटना, दरभंगा, तिरहुत, कोसी) और 4 शिक्षक (पटना, दरभंगा, तिरहुत, सारण) – पर चुनाव करा रहा है, क्योंकि वर्तमान कार्यकाल 16 नवंबर को समाप्त हो रहा है।
मुख्य तथ्य
मतदान 23 अक्टूबर (सुबह 8–शाम 4); मतगणना 27 अक्टूबर; प्रक्रिया 31 अक्टूबर तक पूरी।
स्नातक मतदाता: 4,92,594; शिक्षक मतदाता: 40,253।
सबसे बड़ा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र: तिरहुत (1,43,988); सबसे छोटा: पटना (87,583)।
8 सीटों पर कुल 28 उम्मीदवार मैदान में।
आगे की राह
स्नातक मतदाता पंजीकरण बढ़े (पात्र स्नातकों का छोटा हिस्सा ही पंजीकृत होता है) और परिषद का उपयोग विधेयकों की विशेषज्ञ समीक्षा हेतु हो।
अवधारणा
अनु. 171: परिषद का आकार विधानसभा के 1/3 से अधिक नहीं (न्यूनतम 40); 1/12 स्नातकों (3 वर्ष पुराने) द्वारा और 1/12 शिक्षकों (माध्यमिक व ऊपर) द्वारा निर्वाचित; कार्यकाल 6 वर्ष, हर 2 वर्ष में 1/3 सेवानिवृत्त। बिहार परिषद: 75 सीटें।
23 अक्टूबर 2026 को मतदान वाले बिहार के चार स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में पंजीकृत मतदाताओं का बार चार्ट: तिरहुत 1,43,988; कोसी 1,34,072; दरभंगा 1,26,951; पटना 87,583, साथ में शिक्षक क्षेत्रों का योग। — StudyForGS
6. मुख्यमंत्री ने शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और सेवाओं के लिए बिहार AI नीति-2026 के मसौदे की समीक्षा की
SCI-TECHBPSC: Prelims + Mains GS-II (विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी की भूमिका)
सिलेबस से संबंध
GS-II: बिहार के विकास में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी की भूमिका और प्रभाव; ई-गवर्नेंस।
संदर्भ
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 22 अक्टूबर को पटना में बिहार AI नीति-2026 के मसौदे पर बैठक की, जिसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता से सरकारी सेवाओं को अधिक प्रभावी और सुलभ बनाने का प्रस्ताव है।
मुख्य तथ्य
प्रमुख क्षेत्र: शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और सरकारी सेवाएँ।
बिहार की हालिया हरित हाइड्रोजन नीति 2026 (लक्ष्य 2031 तक 1 लाख टन/वर्ष) के बाद अगला कदम।
बजट, नोडल एजेंसी और समय-सीमा की घोषणा अभी शेष।
आगे की राह
हिंदी/भोजपुरी/मैथिली भाषा मॉडल, डेटा-सुरक्षा उपाय और ITI व पॉलिटेक्निक में AI कौशल प्रशिक्षण।
अवधारणा
IndiaAI मिशन (2024, परिव्यय ₹10,371.92 करोड़) – कंप्यूट, डेटासेट, स्टार्टअप। AI प्रणालियों में प्रयुक्त व्यक्तिगत डेटा पर DPDP अधिनियम, 2023 लागू।
7. पटना HC: भूमि सुधार अधिनियम में निहित होना राज्य को साबित करना होगा; मीरा कुमार को राहत
BIHARBPSC: Prelims + Mains GS-II (राजव्यवस्था – न्यायपालिका; बिहार भूमि सुधार)
सिलेबस से संबंध
GS-II: न्यायपालिका, संपत्ति अधिकार; GS-I/II: बिहार में भूमि सुधार। Prelims: बिहार भूमि सुधार अधिनियम, 1950।
संदर्भ
न्यायमूर्ति ख़ातिम रज़ा की एकल पीठ ने पटना DM का 2023 का वह आदेश रद्द कर दिया जिसमें पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार के परिवार की 1975–76 में नाले के लिए अधिग्रहित भूमि की जमाबंदी रद्द की गई थी, और उनका मुआवज़े का अधिकार माना।
मुख्य तथ्य
भूमि: मैनपुरा, पटना में लगभग 18 कट्ठा 10 धूर; ~50 वर्षों से मुआवज़ा नहीं मिला।
विचारित क़ानून: बिहार भूमि सुधार अधिनियम, 1950, धारा 3 और 4(h)।
अदालत: राज्य को साबित करना होगा कि भूमि उसमें निहित हुई; 1941 की बंदोबस्ती धारा 4(h) की 1 जनवरी 1946 की कट-ऑफ़ से पहले की है।
लंबे समय से चले आ रहे राजस्व अभिलेख संक्षिप्त कार्यवाही से रद्द नहीं हो सकते; जमाबंदी बहाल।
आगे की राह
भूमि अभिलेखों का डिजिटलीकरण व शुद्धीकरण तथा पुराने अधिग्रहण बकाये का निपटारा, ताकि बिहार की अदालतों में भूमि मुक़दमे घटें।
अवधारणा
बिहार भूमि सुधार अधिनियम, 1950 ने ज़मींदारी समाप्त की; *कामेश्वर सिंह* मामले में इसकी चुनौती से प्रथम संशोधन (1951) आया जिसने अनु. 31A, 31B और नौवीं अनुसूची जोड़ी। संपत्ति का अधिकार अब अनु. 300A के तहत विधिक अधिकार है।
8. सितंबर 2026 में कोर सेक्टर 7.9% बढ़ा – नई शृंखला में सर्वश्रेष्ठ
GS-II: भारतीय अर्थव्यवस्था – उद्योग, वृद्धि संकेतक। GS-I: सांख्यिकीय विश्लेषण। Prelims: ICI, IIP, आधार वर्ष।
संदर्भ
आठ कोर उद्योगों का सूचकांकसितंबर 2026 में वार्षिक आधार पर 7.9% बढ़ा (अनंतिम) – नई शृंखला (आधार 2022-23) के अप्रैल 2024 से शुरू होने के बाद सर्वाधिक – लौह अयस्क, बिजली और कोयला अग्रणी रहे।
मुख्य तथ्य
सूचकांक 118.3, एक वर्ष पहले 109.6; अप्रैल–सितंबर वृद्धि 5.1% (पिछले वर्ष 2.5%)।
गिरावट: उर्वरक −11.7% (लगातार 7वीं गिरावट), प्राकृतिक गैस −4.6%, कच्चा तेल −1.4%।
अगस्त की वृद्धि संशोधित होकर 5.9% (पहले 4.8%)।
कोर उद्योग IIP का लगभग 40%; संकलन आर्थिक सलाहकार कार्यालय, DPIIT द्वारा।
आगे की राह
पूंजीगत व्यय-आधारित माँग बनाए रखें और पश्चिम एशिया व्यवधान से उपजे उर्वरक व गैस आपूर्ति संकट को दूर करें।
अवधारणा
ICI, IIP का अग्रिम संकेतक है, जिसे DPIIT (वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय) मासिक जारी करता है; IIPNSO, MoSPI जारी करता है। बिजली, रिफ़ाइनरी उत्पाद और इस्पात का संयुक्त भार 71.1% है।
सितंबर 2026 में प्रत्येक कोर उद्योग घटक की वार्षिक वृद्धि का क्षैतिज बार चार्ट: लौह अयस्क 18.4%, बिजली 11.4%, कोयला 10.7%, रिफ़ाइनरी उत्पाद 10.3%, सीमेंट 9.8%, इस्पात 4.9%, कच्चा तेल −1.4%, प्राकृतिक गैस −4.6%, उर्वरक −11.7%, कुल सूचकांक वृद्धि 7.9% अंकित। — StudyForGS
9. भारत–न्यूज़ीलैंड FTA लागू: भारत के सभी निर्यात शुल्क-मुक्त
IRBPSC: Prelims + Mains GS-II (अंतरराष्ट्रीय संबंध व भारतीय अर्थव्यवस्था – व्यापार)
सिलेबस से संबंध
GS-II: भारत के व्यापार समझौते, बाह्य क्षेत्र। Prelims: FTA साझेदार, हस्ताक्षर तिथियाँ।
संदर्भ
27 अप्रैल 2026 को भारत मंडपम में हस्ताक्षरित भारत–न्यूज़ीलैंड मुक्त व्यापार समझौता20 अक्टूबर 2026 (विजयादशमी) से लागू हो गया। वाणिज्य मंत्रालय ने किसानों, MSME और निर्यातकों के लिए राज्य-स्तरीय आउटरीच शुरू की है।
मुख्य तथ्य
भारत की 100% टैरिफ़ लाइनें न्यूज़ीलैंड में शुल्क-मुक्त; NZ के अधिकतम 10% तक के शुल्क समाप्त।
NZ भारत में 20 अरब USD निवेश सुगम बनाएगा।
भारत ने डेयरी, चीनी, खाद्य तेल और प्रमुख कृषि उत्पाद बचाए; सेब, कीवी, मनुका शहद को टैरिफ़-रेट कोटा।
भारतीयों के लिए प्रति वर्ष 5,000 अस्थायी रोज़गार वीज़ा और 1,000 वर्किंग हॉलिडे वीज़ा।
द्विपक्षीय वस्तु व्यापार केवल ~1.1 अरब USD (2025-26)।
आगे की राह
बिहार के मखाना, लीची और वस्त्र निर्यातक FTA आउटरीच शिविरों का लाभ लें; डेयरी छूट पर दृढ़ता बनी रहे।
अवधारणा
FTA केवल साझेदारों के बीच शुल्क घटाता है (जबकि सीमा शुल्क संघ में साझा बाहरी शुल्क होता है)। भारत 2019 में मुख्यतः डेयरी चिंताओं पर RCEP वार्ता से हटा था – NZ RCEP सदस्य था।
हिंद-प्रशांत क्षेत्र का मानचित्र जिसमें भारत केसरिया और न्यूज़ीलैंड टील रंग में हैं, नई दिल्ली और वेलिंगटन के बीच व्यापार चाप तथा FTA हस्ताक्षर (27 अप्रैल 2026) और लागू होने (20 अक्टूबर 2026) की तिथियाँ अंकित हैं। — StudyForGS
10. भारत में 7वाँ एग्रीवोल्टाइक्स विश्व सम्मेलन; किसान बनें 'ऊर्जादाता'
GS-II: कृषि और ऊर्जा में विज्ञान-प्रौद्योगिकी; पर्यावरण। Prelims: PM-KUSUM, सौर लक्ष्य।
संदर्भ
7वाँ एग्रीवोल्टाइक्स विश्व सम्मेलनभारत मंडपम, नई दिल्ली (21–23 अक्टूबर) में चल रहा है। केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा कि एग्रीवोल्टाइक्स – ऊँचे सोलर पैनलों के नीचे खेती – को PM-KUSUM के अगले चरण में घटक मिल सकता है।
मुख्य तथ्य
उपयुक्त भूमि के 10% उपयोग से भारत की अनुमानित 2050 बिजली माँग पूरी हो सकती है।
2026 के एक अध्ययन में ~4.75 करोड़ हेक्टेयर (कृषि योग्य भूमि का ≈30%) उपयुक्त पाया गया।
लागत ज़मीनी सोलर से 25–30% अधिक; बिजली ₹3.20–3.30/यूनिट बनाम ₹2.5–2.6।
आगे की राह
बिहार के छोटे खेतों में छाया-सहिष्णु फ़सलों (सब्ज़ियाँ, मखाना-तालाब के पास) और फीडर सौरीकरण के साथ एग्रीवोल्टाइक्स पायलट।
अवधारणा
PM-KUSUM (2019, MNRE): A – कृषि भूमि पर विकेंद्रीकृत सौर संयंत्र, B – स्वतंत्र सौर पंप, C – ग्रिड पंप/फीडर सौरीकरण। भारत का लक्ष्य: 2030 तक 500 GW गैर-जीवाश्म क्षमता।
एग्रीवोल्टाइक्स पर स्टैट-टाइल चित्र: 4.75 करोड़ हेक्टेयर उपयुक्त (कृषि योग्य भूमि का लगभग 30%), उपयुक्त भूमि का 10% 2050 की माँग पूरी कर सकता है, 25–30% अधिक पूंजी लागत और ₹3.20–3.30 प्रति यूनिट उत्पादन लागत, साथ में ऊँचे सोलर पैनलों के नीचे फ़सलों का रेखाचित्र। — StudyForGS
11. RBI MPC कार्यवृत्त: तीन वर्ष से अधिक में पहली बार रेपो बढ़कर 5.5%
GS-II: मुद्रा एवं बैंकिंग, मुद्रास्फीति, RBI। Prelims: MPC संरचना, रेपो दर, मुद्रास्फीति लक्ष्य।
संदर्भ
5–7 अक्टूबर की MPC बैठक के कार्यवृत्त में रेपो दर में सर्वसम्मत 25 bps वृद्धि (5.5%) दिखी, पर पश्चिम एशिया संघर्ष से फैलते मूल्य दबाव के बीच रुख़ को 'कैलिब्रेटेड टाइटनिंग' करने पर मतभेद रहा।
मुख्य तथ्य
गवर्नर संजय मल्होत्रा के अनुसार Q3 में खुदरा CPI 6% की ऊपरी सीमा छू सकता है।
बाहरी सदस्यों नागेश कुमार और राम सिंह ने वृद्धि का समर्थन किया पर रुख़ पर असहमति जताई।
अगस्त में कोर मुद्रास्फीति 4.2% (जुलाई 3.9%); सितंबर में WPI मुद्रास्फीति 11.4%।
आगे की राह
ईंधन-कर और खाद्य भंडार उपायों को मौद्रिक सख़्ती के साथ समन्वित करें ताकि विकास पर अत्यधिक दबाव न पड़े।
अवधारणा
MPC (धारा 45ZB, RBI अधिनियम 1934): 6 सदस्य – 3 RBI + 3 केंद्र द्वारा नामित; गवर्नर का निर्णायक मत। लचीला मुद्रास्फीति लक्ष्य: 4% ± 2% (CPI)।
12. विशाखापत्तनम में SIMBEX-2026; एंटी-ड्रोन रडार हेतु BEL से ~₹770 करोड़ का सौदा
DEFENCEBPSC: Prelims + Mains GS-II (अंतरराष्ट्रीय संबंध, रक्षा व विज्ञान-प्रौद्योगिकी)
सिलेबस से संबंध
Prelims: सैन्य अभ्यास, रक्षा PSU। GS-II: भारत की एक्ट ईस्ट नीति, रक्षा में स्वदेशीकरण।
संदर्भ
सिंगापुर–भारत समुद्री द्विपक्षीय अभ्यास (SIMBEX-2026)विशाखापत्तनम (21–26 अक्टूबर) में हो रहा है। 21 अक्टूबर को रक्षा मंत्रालय ने भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लि. के साथ उन्नत लो-लेवल लाइट-वेट रडार (LLLR-I) का अनुबंध किया।
मुख्य तथ्य
SIMBEX 1994 में एक्सरसाइज़ लायन किंग के रूप में शुरू; हार्बर चरण 21–23 अक्टूबर, समुद्री चरण 24–26 अक्टूबरबंगाल की खाड़ी में।
सिंगापुर का RSS सुप्रीम शामिल; पनडुब्बी-रोधी, सतह-रोधी और वायु-रोधी युद्धाभ्यास।
LLLR-I (~₹770 करोड़) लड़ाकू विमान आकार के लक्ष्यों और मिनी/माइक्रो ड्रोन का पता लगाता है।
IBSAMAR IX (भारत–ब्राज़ील–दक्षिण अफ्रीका) 20 अक्टूबर को साइमन्स टाउन में संपन्न।
आगे की राह
हिंद महासागर में समुद्री क्षेत्र जागरूकता बढ़ाएँ और हालिया संघर्षों के बाद स्वदेशी काउंटर-ड्रोन प्रणालियों का विस्तार करें।
अवधारणा
एक्ट ईस्ट नीति (2014) ने लुक ईस्ट (1991) का स्थान लिया। BEL एक नवरत्न DPSU है (मुख्यालय बेंगलुरु)। विशाखापत्तनम में पूर्वी नौसेना कमान है।
आज का डेटा पॉइंट
7.9%
आठ कोर उद्योगों का सूचकांक – सितंबर 2026 वृद्धि (वार्षिक) नई शृंखला (आधार 2022-23) के अप्रैल 2024 में शुरू होने के बाद सर्वाधिक; सूचकांक 118.3 बनाम 109.6; अप्रैल–सितंबर वृद्धि 5.1%।
प्रारंभिक परीक्षा रैपिड-फायर
भोजपुरी लोकगायिका मनीषा श्रीवास्तव (करगहर, रोहतास) को संगीत नाटक अकादमी का उस्ताद बिस्मिल्लाह ख़ाँ युवा पुरस्कार 2025 – 106 में बिहार की एकमात्र विजेता।
राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने IFS अधिकारियों से बिहार फ़ाउंडेशन के ज़रिए बिहारी प्रवासियों को जोड़ने का आग्रह किया।
AIIMS पटना में आयुष्मान भारत (AB PM-JAY) के तहत पहला किडनी प्रत्यारोपण।
विक्रमशिला सेतु (भागलपुर, गंगा पर) में डिजिटल ब्रिज हेल्थ मॉनिटरिंग सिस्टम लगेगा।
एशियाई पैरा खेल, आइची-नागोया (जापान): शीतल देवी–तोमन कुमार ने तीरंदाज़ी कंपाउंड स्वर्ण जीता।
आर्मी कमांडर्स कॉन्फ़्रेंस (नई दिल्ली, 21–23 अक्टूबर): नया लैंड वारफ़ेयर डॉक्ट्रिन जारी होगा।
अभ्यास MCQs — BPSC Prelims पैटर्न
Q1. राज्य विधान परिषदों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. एक-बारहवाँ सदस्य राज्य में रहने वाले कम से कम तीन वर्ष पुराने स्नातकों द्वारा निर्वाचित होते हैं।
2. प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षक शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के मतदाता होते हैं।
3. परिषद की कुल सदस्य संख्या विधानसभा की सदस्य संख्या के एक-तिहाई से अधिक नहीं हो सकती।
उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
केवल 1
केवल 1 और 3
केवल 2 और 3
1, 2 और 3
उत्तर देखें
उत्तर: b अनु. 171(3)(c) के अनुसार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में माध्यमिक विद्यालय से नीचे नहीं के संस्थानों के शिक्षक आते हैं – अतः कथन 2 गलत है। कथन 1 (अनु. 171(3)(b)) और 3 (अनु. 171(1)) सही हैं। बिहार परिषद में 75 सीटें हैं।
Q2. 'आठ कोर उद्योगों का सूचकांक', जो सितंबर 2026 में 7.9% बढ़ा, किसके द्वारा संकलित व जारी किया जाता है?
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय, MoSPI
आर्थिक सलाहकार कार्यालय, DPIIT
भारतीय रिज़र्व बैंक
नीति आयोग
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उत्तर: b ICI को आर्थिक सलाहकार कार्यालय, DPIIT (वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय) मासिक जारी करता है; IIPNSO, MoSPI जारी करता है। नई ICI शृंखला का आधार वर्ष 2022-23 है।
मुख्य परीक्षा अभ्यास प्रश्न
Q. "महिला-नेतृत्व वाली डेयरी सहकारी समितियाँ बिहार में ग्रामीण समृद्धि का अगला इंजन बन सकती हैं।" 'सुधा सखी' पहल के आलोक में इस कथन का परीक्षण कीजिए। (BPSC Mains GS-II, ~250 शब्द)
संकेत / दृष्टिकोण
भूमिका: COMPFED/सुधा (आणंद मॉडल) + जीविका SHG आधार। मुख्य भाग: लक्ष्य 12 लाख → 50 लाख उत्पादक; पशु सखी/सुधा सखी सेवाएँ (कृत्रिम गर्भाधान, पशु प्राथमिक उपचार, आहार); आय विविधीकरण, पोषण, महिला सशक्तीकरण। चुनौतियाँ: चारा, नस्ल गुणवत्ता, कोल्ड चेन, बाढ़-प्रवण उत्तर बिहार, उचित मूल्य। आगे की राह: चारा बैंक, बीमा, डिजिटल भुगतान, सहकार से समृद्धि के साथ अभिसरण।