Monday, 19 October 2026 · IST · बिहार + राष्ट्रीय · 12 टॉपिक · 2 MCQs
वार्षिक योजना 2026-27 के तहत बिहार को 32 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाएँ (2,424 km, Rs 1,64,518 करोड़) मिलीं, वहीं वाल्मीकि टाइगर रिज़र्व भारत का 9वाँ गिद्ध संरक्षण एवं प्रजनन केंद्र बनने जा रहा है और पटना की एक अदालत ने राज्य में तीन तलाक कानून के तहत पहली सज़ा सुनाई। राष्ट्रीय स्तर पर 2026-27 के एथनॉल टेंडर में चीनी-आधारित फीडस्टॉक पर रोक लगी, भारत SIOFA का पूर्ण सदस्य बनने की ओर बढ़ा और नौसेना ने अपना पहला स्वदेशी बहुउद्देश्यीय पोत INS समर्थक कमीशन किया।
आज एक नज़र में — याद रखने वाली बातें
वार्षिक योजना 2026-27 के तहत बिहार के लिए 32 NH परियोजनाएँ (2,424 km, Rs 1,64,518 करोड़) स्वीकृत।
गोरखपुर–सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे: बिहार में ~417 km, 8 ज़िलों से होकर।
वाराणसी–कोलकाता एक्सप्रेसवे: बिहार में ~162 km (कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद, गया)।
वाल्मीकि TR (प. चंपारण) बनेगा भारत का 9वाँ गिद्ध प्रजनन केंद्र।
बिहार ने राज्य-स्तरीय इंसिडेंट रिस्पॉन्स टीम बनाई; मुख्य सचिव करेंगे पर्यवेक्षण।
विक्रमशिला सेतु (भागलपुर) पर IoT-आधारित ब्रिज हेल्थ मॉनिटरिंग लगेगी।
पटना कोर्ट: बिहार में तीन तलाक कानून के तहत पहली सज़ा (2 वर्ष सश्रम कारावास)।
एथनॉल ESY 2026-27: चीनी मार्ग शून्य; मक्का मूल्य Rs 68.86/L।
भारत ने SIOFA में शामिल होने को मंज़ूरी दी (सचिवालय: रियूनियन)।
INS समर्थक — नौसेना का पहला स्वदेशी बहुउद्देश्यीय पोत।
विस्तृत नोट्स
1. केंद्र ने वार्षिक योजना 2026-27 के तहत बिहार की 32 NH परियोजनाएँ (2,424 km) मंज़ूर कीं
BIHARBPSC: Prelims + Mains GS-II (बिहार अर्थव्यवस्था एवं अवसंरचना)
सिलेबस से संबंध
GS-II: बिहार अर्थव्यवस्था – अवसंरचना एवं कनेक्टिविटी। Prelims: एक्सप्रेसवे मार्ग, ज़िले, NH कॉरिडोर।
संदर्भ
नई दिल्ली में सचिव वी. उमाशंकर की अध्यक्षता में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की बैठक में केंद्र ने बिहार के लिए ~2,424 km की 32 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं को अनुमानित Rs 1,64,518 करोड़ की लागत पर मंज़ूरी दी (रिपोर्ट 17 अक्टूबर 2026)।
मुख्य तथ्य
NHAI: 14 परियोजनाएँ, ~1,685 km, Rs 1,39,578 करोड़; राज्य RCD / NH प्रमंडल: 18 परियोजनाएँ, ~739 km, Rs 24,940 करोड़।
गोरखपुर–सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे: कुल 568 km, ~417 km बिहार में — प. व पू. चंपारण, सीतामढ़ी, शिवहर, मधुबनी, सुपौल, अररिया, किशनगंज से होकर।
राम जानकी पथ: पैकेज 3 व 4 (~Rs 8,600 करोड़) स्वीकृत; पैकेज 1 व 2 पर काम जारी।
अन्य कॉरिडोर: रक्सौल–हल्दिया, बक्सर–भागलपुर, पटना उत्तरी रिंग रोड, मुज़फ़्फ़रपुर–बरौनी; NH-120 व NH-727 पर ROB।
आगे की राह
भूमि अधिग्रहण और वन मंज़ूरी में तेज़ी; लॉजिस्टिक्स लाभ के लिए कॉरिडोर को औद्योगिक क्लस्टरों से जोड़ना।
अवधारणा
भारतमाला परियोजना (2017) – आर्थिक कॉरिडोर व एक्सप्रेसवे; NHAI का गठन NHAI अधिनियम, 1988 के तहत; PM गति शक्ति (2021) = एकीकृत अवसंरचना योजना।
बिहार की वार्षिक योजना 2026-27 में राष्ट्रीय राजमार्ग लागत हिस्सेदारी का डोनट चार्ट: NHAI 14 परियोजनाएँ, 1,685 km, Rs 1,39,578 करोड़ (84.8%) बनाम राज्य RCD/NH प्रमंडल 18 परियोजनाएँ, 739 km, Rs 24,940 करोड़ (15.2%)। — StudyForGS
2. वाराणसी–कोलकाता एक्सप्रेसवे: कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद व गया से होकर 162 km बिहार खंड
BIHARBPSC: Prelims + Mains GS-II (बिहार भूगोल एवं अवसंरचना)
सिलेबस से संबंध
GS-II: बिहार भूगोल एवं अवसंरचना। Prelims: नए एक्सप्रेसवे पर ज़िले; GT रोड का इतिहास (GS-I लिंक)।
संदर्भ
NHAI अधिकारियों ने (16 अक्टूबर) छह-लेन ग्रीनफ़ील्ड वाराणसी–रांची–कोलकाता एक्सप्रेसवे की जानकारी दी; इसका गया खंड (पैकेज-7)33.5 km का है, लागत Rs 1,248.37 करोड़ और ~28.2% कार्य पूरा।
मुख्य तथ्य
बिहार में लंबाई ~162 km — कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद, गया; बिहार खंड का लक्ष्य मार्च 2028।
पैकेज-7 डुमरिया से इमामगंज प्रखंड (गया) तक; शुरुआत 1 जुलाई 2025, पूर्णता 30 जून 2027।
~5 km कैमूर व गया के वन क्षेत्र से → वन्यजीव ओवर/अंडरपास; ~50,000 पेड़ लगाए जाएँगे।
हर 1 km पर CCTV, हर 30 km पर ट्रॉमा सेंटर; डोभी औद्योगिक कॉरिडोर से लिंक प्रस्तावित; NH-19 पर दबाव घटेगा।
आगे की राह
गया के औद्योगिक नोड्स से तालमेल; कैमूर पठार में पर्यावरण-संवेदी डिज़ाइन सुनिश्चित करना।
अवधारणा
ग्रीनफ़ील्ड = नई ज़मीन पर नया संरेखण; ब्राउनफ़ील्ड = मौजूदा सड़क का उन्नयन। NH-19 ऐतिहासिक ग्रैंड ट्रंक रोड पर चलता है, जिसका पुनर्निर्माण सासाराम (रोहतास) के शेरशाह सूरी ने कराया।
बिहार के ज़िलों का मानचित्र: गोरखपुर–सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे के 8 उत्तरी ज़िले केसरिया रंग में और वाराणसी–कोलकाता एक्सप्रेसवे के 4 दक्षिणी ज़िले (कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद, गया) टील रंग में; गंगा, गंडक, सोन और कोसी नदियाँ तथा पटना, वाल्मीकि टाइगर रिज़र्व, भागलपुर (विक्रमशिला सेतु), सहरसा, पूर्णिया और गया चिह्नित; साइड पैनल में 32 परियोजनाएँ, 2,424 km, Rs 1,64,518 करोड़, 417 km और 162 km। — StudyForGS
3. वाल्मीकि टाइगर रिज़र्व बनेगा भारत का 9वाँ गिद्ध संरक्षण एवं प्रजनन केंद्र
BIHARBPSC: Prelims + Mains GS-II (बिहार भूगोल एवं पर्यावरण)
सिलेबस से संबंध
GS-II: बिहार भूगोल – वन एवं वन्यजीव। Prelims: बिहार के संरक्षित क्षेत्र, IUCN स्थिति, डाइक्लोफ़ेनाक।
संदर्भ
पश्चिम चंपारण स्थित वाल्मीकि टाइगर रिज़र्व (VTR) को भारत के 9वें गिद्ध संरक्षण एवं प्रजनन केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है; गोनौली वन क्षेत्र में कार्य जारी (रिपोर्ट 18 अक्टूबर 2026)।
मुख्य तथ्य
घोंसले अभी मुख्यतः कोर क्षेत्र में; 4–5 वर्षों में बफ़र ज़ोन तक विस्तार का लक्ष्य (फ़ील्ड डायरेक्टर गौरव ओझा)।
मौजूदा केंद्रों में पिंजौर (हरियाणा), राजाभातखावा (प. बंगाल), रानी (असम), केरवा (MP), नंदनकानन (ओडिशा), मुटा (रांची) शामिल।
मुख्य खतरा: पशु-चिकित्सा दवा डाइक्लोफ़ेनाक → घातक किडनी फ़ेल्योर; VTR शवों में संदूषण की जाँच करेगा।
VTR में 300+ पक्षी प्रजातियाँ; बिहार का एकमात्र टाइगर रिज़र्व, नेपाल के चितवन NP से सटा, गंडक के किनारे।
आगे की राह
नेपाल के साथ सीमा-पार सहयोग से गिद्ध सुरक्षित क्षेत्र (डाइक्लोफ़ेनाक-मुक्त दायरा) घोषित करना।
अवधारणा
गिद्ध संरक्षण कार्य योजना 2020–25; पशु-चिकित्सा डाइक्लोफ़ेनाक पर 2006 में प्रतिबंध। सफ़ेद-पीठ, भारतीय व पतली-चोंच गिद्ध = गंभीर रूप से संकटग्रस्त (IUCN); अनुसूची I, WPA 1972।
भारत के गिद्ध संरक्षण एवं प्रजनन केंद्रों का माइंड-मैप: पिंजौर, राजाभातखावा, रानी, केरवा, गुजरात केंद्र, नंदनकानन, हैदराबाद और मुटा, तथा प्रस्तावित 9वें केंद्र के रूप में बिहार का वाल्मीकि टाइगर रिज़र्व हाइलाइट। — StudyForGS
4. बिहार ने आपदाओं के लिए राज्य-स्तरीय इंसिडेंट रिस्पॉन्स टीम गठित की
BIHARBPSC: Prelims + Mains GS-II (आपदा प्रबंधन एवं बिहार प्रशासन)
बिहार के आपदा प्रबंधन विभाग ने NDMA और गृह मंत्रालय के दिशानिर्देशों के अनुरूप प्राकृतिक व मानवजनित आपदाओं में बचाव-राहत समन्वय के लिए राज्य-स्तरीय इंसिडेंट रिस्पॉन्स टीम (IRT) बनाई (17 अक्टूबर 2026)।
बिहार के लिए अहम, जहाँ ~73% क्षेत्र बाढ़-प्रवण है (कोसी, गंडक, बागमती, गंगा बेसिन)।
आगे की राह
मानसून-पूर्व मॉक ड्रिल; SDRF, ज़िला IRT और बाढ़ पूर्व-चेतावनी प्रणालियों से एकीकरण।
अवधारणा
इंसिडेंट रिस्पॉन्स सिस्टम (IRS) – अमेरिकी इंसिडेंट कमांड सिस्टम पर आधारित NDMA दिशानिर्देश। आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005: NDMA (PM), SDMA (CM), DDMA (DM)।
बिहार की राज्य-स्तरीय इंसिडेंट रिस्पॉन्स टीम का फ़्लोचार्ट: शीर्ष पर मुख्य सचिव, फिर इंसिडेंट कमांडर; उसके नीचे सेफ़्टी ऑफ़िसर (DG अग्निशमन), डिप्टी इंसिडेंट कमांडर और सूचना एवं मीडिया अधिकारी (निदेशक IPRD); अंत में ऑपरेशंस, प्लानिंग, लॉजिस्टिक्स और जन-संचार खंड। — StudyForGS
5. विक्रमशिला सेतु पर लगेगा IoT-आधारित ब्रिज हेल्थ मॉनिटरिंग सिस्टम
BIHARBPSC: Prelims + Mains GS-II (विज्ञान-प्रौद्योगिकी + बिहार अवसंरचना)
सिलेबस से संबंध
GS-II: विकास में S&T की भूमिका; बिहार अवसंरचना। GS-I: विक्रमशिला महाविहार (बिहार की विरासत)।
संदर्भ
भागलपुर में गंगा पर बने विक्रमशिला सेतु पर संरचनात्मक स्थिति की रियल-टाइम डिजिटल निगरानी हेतु ब्रिज हेल्थ मॉनिटरिंग सिस्टम (BHMS) लगेगा, क्योंकि क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत चल रही है (18 अक्टूबर 2026)।
मुख्य तथ्य
सेंसर, IoT उपकरण और डेटा एनालिटिक्स से तनाव, कंपन, झुकाव और विस्थापन की निगरानी।
तय सीमा पार होने पर अधिकारियों को स्वतः अलर्ट; भौतिक निरीक्षण का पूरक।
पुराने पुल पर लगेगा; निर्माणाधीन समानांतर फ़ोर-लेन पुल के लिए BHMS पहले से प्रस्तावित।
सेतु (~4.7 km, 2001 में शुरू) भागलपुर–नवगछिया को जोड़कर दक्षिण व उत्तर बिहार को जोड़ता है।
आगे की राह
सभी प्रमुख गंगा व कोसी पुलों के लिए BHMS अनिवार्य करना; सार्वजनिक सुरक्षा डैशबोर्ड जारी करना।
अवधारणा
विक्रमशिला महाविहार (अंतीचक, भागलपुर) की स्थापना पाल राजा धर्मपाल (8वीं–9वीं सदी) ने की। स्ट्रक्चरल हेल्थ मॉनिटरिंग = IoT + AI आधारित पूर्वानुमानित रखरखाव।
6. बिहार ने 5 शहरों में EV चार्जिंग बढ़ाई; पटना के 10 सरकारी परिसरों में फ़ास्ट DC चार्जर
BIHARBPSC: Prelims + Mains GS-II (बिहार अर्थव्यवस्था, ऊर्जा एवं S&T)
सिलेबस से संबंध
GS-II: बिहार अर्थव्यवस्था – ऊर्जा व परिवहन; S&T (हरित परिवहन)। Prelims: EV योजनाएँ।
संदर्भ
बिहार परिवहन विभाग5 शहरों में EV चार्जिंग का विस्तार कर रहा है; IOCL के साथ MoU के तहत पटना के 10 सरकारी परिसरों में फ़ास्ट DC चार्जर लग रहे हैं (17 अक्टूबर 2026)।
मुख्य तथ्य
बस चार्जिंग: पूर्णिया पूर्ण; पटना, मुज़फ़्फ़रपुर, दरभंगा, गया में निर्माण जारी; फुलवारीशरीफ़, राजगीर, मुज़फ़्फ़रपुर डिपो चालू।
50-बस डिपो पर 8 चार्जिंग पॉइंट; ई-बस 1–1.5 घंटे, कार 45–60 मिनट में चार्ज।
पटना स्थलों में मुख्य सचिवालय, बिहार विधानसभा, विकास भवन, विश्वेश्वरैया भवन, बेउर मोड़ शामिल।
बिहार EV नीति 2026: चार्जिंग उपकरण पर 25% सब्सिडी, अधिकतम Rs 10 लाख।
आगे की राह
चार्जरों को सोलर रूफ़टॉप से जोड़ना; नेटवर्क को राजमार्गों और टियर-2 शहरों तक बढ़ाना।
अवधारणा
PM E-DRIVE (2024) ने FAME-II का स्थान लिया; शहरी ई-बसों के लिए PM e-बस सेवा (2023)। फ़ास्ट DC चार्जिंग (CCS2) बनाम धीमी AC चार्जिंग।
बिहार EV नीति 2026 पर स्टैट-टाइल ग्राफ़िक: बस चार्जिंग नेटवर्क में 5 शहर, 50-बस डिपो पर 8 चार्जिंग पॉइंट, पटना सरकारी परिसरों में 10 फ़ास्ट DC चार्जर, 45–60 मिनट में कार चार्जिंग, Rs 10 लाख तक 25% सब्सिडी और MoU साझेदार IOCL। — StudyForGS
7. पटना कोर्ट ने तीन तलाक कानून के तहत बिहार में पहली सज़ा सुनाई
POLITYBPSC: Prelims + Mains GS-II (राजव्यवस्था एवं सामाजिक न्याय)
सिलेबस से संबंध
GS-II: भारतीय राजव्यवस्था – अधिकार, न्यायपालिका; बिहार की विधि-व्यवस्था। Prelims: 2019 का अधिनियम, शायरा बानो मामला।
संदर्भ
पटना की एक अदालत (ADJ-24) ने तीन तलाक कानून के तहत बिहार की पहली सज़ा बताए जा रहे मामले में बिहटा के एक व्यक्ति को 2 वर्ष सश्रम कारावास और Rs 6,500 जुर्माने की सज़ा दी (17 अक्टूबर 2026)।
मुख्य तथ्य
मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) अधिनियम, 2019 की धारा 4 तथा IPC धारा 323 व 341 के तहत आरोप।
साक्ष्य के अभाव में तेज़ाब हमले के प्रयास के आरोप से बरी; पटना हाईकोर्ट में अपील संभव।
अधिनियम तत्काल तलाक-ए-बिद्दत को शून्य और अवैध बनाता है; सज़ा 3 वर्ष तक + जुर्माना।
आधार: सुप्रीम कोर्ट का शायरा बानो बनाम भारत संघ (2017) फ़ैसला (3:2), जिसने तत्काल तीन तलाक को रद्द किया।
आगे की राह
महिलाओं के लिए विधिक सहायता व जागरूकता; निवारक प्रभाव हेतु त्वरित सुनवाई।
अवधारणा
अधिनियम पत्नी को निर्वाह भत्ता और नाबालिग बच्चों की अभिरक्षा का अधिकार भी देता है; अपराध संज्ञेय और पत्नी की सहमति पर समझौता-योग्य। अनुच्छेद 44 (UCC) एक DPSP है।
8. 2026-27 के एथनॉल टेंडर में चीनी मार्ग पर रोक; मक्का-एथनॉल मूल्य घटा
ECONOMYBPSC: Prelims + Mains GS-II (भारतीय एवं बिहार अर्थव्यवस्था)
सिलेबस से संबंध
GS-II: भारतीय अर्थव्यवस्था – ऊर्जा, कृषि; बिहार कृषि (मक्का)। Prelims: E20, जैव-ईंधन नीति।
संदर्भ
तेल विपणन कंपनियों की ओर से BPCL ने 16 अक्टूबर 2026 को ESY 2026-27 (नवंबर–अक्टूबर) के लिए ~11 अरब लीटर एथनॉल का टेंडर जारी किया, जिसमें सभी चीनी-आधारित फीडस्टॉक बाहर रखे गए।
कारण: महाराष्ट्र व कर्नाटक में कम वर्षा → चीनी उत्पादन घटने और कीमतें बढ़ने का जोखिम।
बिहार कोण: अग्रणी मक्का उत्पादक राज्य (कोसी–सीमांचल बेल्ट), जहाँ एथनॉल उत्पादन प्रोत्साहन नीति, 2021 के तहत अनाज-आधारित डिस्टिलरी लगी हैं।
आगे की राह
फ़सल अवशेष से 2G एथनॉल को बढ़ावा; खाद्य–ईंधन संतुलन रखते हुए मक्का किसानों के दाम की रक्षा।
अवधारणा
E20 = पेट्रोल में 20% एथनॉल; राष्ट्रीय जैव-ईंधन नीति 2018 (2022 में संशोधित); 2G एथनॉल हेतु PM JI-VAN योजना। एथनॉल आपूर्ति वर्ष: 1 नवंबर–31 अक्टूबर।
एथनॉल आपूर्ति वर्ष 2025-26 और 2026-27 की तुलना का ग्रुप्ड बार चार्ट: मक्का-एथनॉल खरीद मूल्य Rs 71.86 से घटकर Rs 68.86 प्रति लीटर और मक्का प्रोत्साहन Rs 5.79 से घटकर Rs 2.79 प्रति लीटर। — StudyForGS
9. सुप्रीम कोर्ट: प्रवेश से पहले पूरे प्रोफ़ेशनल कोर्स की फ़ीस तय होनी चाहिए
POLITYBPSC: Prelims + Mains GS-II (राजव्यवस्था – न्यायपालिका एवं शिक्षा)
सिलेबस से संबंध
GS-II: भारतीय राजव्यवस्था – न्यायपालिका, शिक्षा नीति। Prelims: फ़ीस से जुड़े ऐतिहासिक मामले, समवर्ती सूची।
संदर्भ
डॉ. बी.सी. रॉय इंजीनियरिंग कॉलेज बनाम पश्चिम बंगाल राज्य (14 अक्टूबर 2026) में न्यायमूर्ति पी.एस. नरसिम्हा और आलोक अराधे की पीठ ने कहा कि छात्रों को प्रवेश के समय पूरे कोर्स की फ़ीस पता होनी चाहिए।
मुख्य तथ्य
बीच में फ़ीस वृद्धि केवल अप्रत्याशित/असाधारण आर्थिक परिस्थितियों या वैधानिक बदलावों में।
फ़ीस नियामक समितियाँसतत निकाय के रूप में काम करें।
कोर्ट ने नोट किया कि प्रोफ़ेशनल कोर्स की फ़ीस सामान्य कार्यक्रमों से 711% अधिक है।
फ़ैसले में AICTE विनियम, 1994 और NEP 2020 का संदर्भ।
आगे की राह
राज्य सार्वजनिक पोर्टलों पर पूरे कोर्स की फ़ीस पहले से अधिसूचित करें और फ़ीस समितियाँ मज़बूत करें।
अवधारणा
TMA पाई (2002): गैर-सहायता प्राप्त संस्थान फ़ीस तय कर सकते हैं, पर मुनाफ़ाखोरी/कैपिटेशन नहीं; इस्लामिक एकेडमी (2003) ने फ़ीस समितियाँ बनाईं। 42वें संशोधन (1976) से शिक्षा समवर्ती सूची में गई।
10. INS समर्थक: नौसेना ने पहला स्वदेशी बहुउद्देश्यीय पोत कमीशन किया
GS-I: राष्ट्रीय महत्व की समसामयिक घटनाएँ; GS-II: रक्षा S&T में स्वदेशीकरण। Prelims: नौसैनिक अड्डे, पोत श्रेणियाँ।
संदर्भ
उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने 16 अक्टूबर 2026 को INS कदंब, कारवार (कर्नाटक) में नौसेना के पहले स्वदेशी रूप से निर्मित बहुउद्देश्यीय पोत (MPV)INS समर्थक को कमीशन किया।
मुख्य तथ्य
L&T ने कट्टुपल्ली (तमिलनाडु) में बनाया; 75%+ स्वदेशी सामग्री; लंबाई ~107 m।
4 में से पहला MPV; समर्थक श्रेणी का प्रमुख पोत।
भूमिकाएँ: निगरानी, गश्त, प्रशिक्षण, हथियार व सेंसर परीक्षण, मानवरहित प्रणालियों का समर्थन और HADR।
समारोह में नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन उपस्थित।
आगे की राह
निजी क्षेत्र के जहाज़ निर्माण को गहरा करना; आत्मनिर्भर भारत के तहत स्वदेशी सहायक पोत बढ़ाना।
अवधारणा
INS कदंब (कारवार) को प्रोजेक्ट सीबर्ड के तहत विकसित किया जा रहा है। DAP 2020 की सकारात्मक स्वदेशीकरण सूचियाँ रक्षा आयात घटाती हैं।
11. भारत ने दक्षिणी हिंद महासागर मत्स्य समझौते (SIOFA) में शामिल होने को मंज़ूरी दी
GS-I: अंतरराष्ट्रीय महत्व की समसामयिक घटनाएँ। Prelims: RFMO, UNCLOS, हिंद महासागर से जुड़े निकाय।
संदर्भ
केंद्र सरकार ने भारत के SIOFA में शामिल होने को मंज़ूरी दी, जिससे भारत सहयोगी गैर-संविदाकारी पक्ष (2022 से) से पूर्ण संविदाकारी पक्ष बनेगा (मत्स्यपालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय)।
मुख्य तथ्य
हस्ताक्षर रोम, 7 जुलाई 2006; लागू जून 2012; सचिवालय ले पोर्ट, रियूनियन में।
उच्च सागर की मछलियाँ, मोलस्क, क्रस्टेशियन शामिल; टूना जैसी अत्यधिक प्रवासी प्रजातियाँ बाहर (IOTC के अधीन)।
भारतीय जहाज़ों को स्क्विड, टूथफ़िश, अल्फ़ोन्सिनो तक पहुँच और नियम-निर्माण में मताधिकार।
आगे की राह
गहरे समुद्र के बेड़े और पोत निगरानी का आधुनिकीकरण; ब्लू इकोनॉमी और महासागर विज़न से तालमेल।
अवधारणा
RFMO = UNCLOS 1982 के तहत क्षेत्रीय मत्स्य प्रबंधन संगठन। उच्च सागर200-nm EEZ से परे होते हैं। IOTC मुख्यालय: सेशेल्स।
हिंद महासागर क्षेत्र का मानचित्र: भारत केसरिया रंग में (सदस्यता स्वीकृत), ऑस्ट्रेलिया, चीन, जापान, दक्षिण कोरिया, थाईलैंड, मॉरीशस और सेशेल्स जैसे SIOFA संविदाकारी पक्ष टील रंग में, कोमोरोस सहयोगी गैर-संविदाकारी पक्ष के रूप में, और ले पोर्ट, रियूनियन में SIOFA सचिवालय। — StudyForGS
12. जनगणना (संशोधन) नियम, 2026: निजी शिक्षक, बैंक व कंपनी कर्मचारी भी बन सकेंगे प्रगणक
POLITYBPSC: Prelims + Mains GS-II (राजव्यवस्था एवं शासन)
सिलेबस से संबंध
GS-II: शासन; GS-I सांख्यिकीय विश्लेषण लिंक (जनगणना आँकड़े)। Prelims: जनगणना अधिनियम 1948, जनगणना 2027।
संदर्भ
गृह मंत्रालय ने 16 अक्टूबर 2026 को जनगणना (संशोधन) नियम, 2026 अधिसूचित किए, जिससे जनगणना 2027 के लिए प्रगणकों का दायरा बढ़ा।
मुख्य तथ्य
अब पात्र: सरकारी, सहायता प्राप्त और गैर-सहायता प्राप्त निजी संस्थानों तथा सोसायटी/ट्रस्ट द्वारा संचालित संस्थानों के शिक्षक।
साथ ही केंद्र, राज्य, स्थानीय निकाय, PSU, सांविधिक निकाय, बैंक और कंपनियों के लिपिक/अधिकारी।
राज्य/UT अन्य उपयुक्त व्यक्तियों को नियुक्त कर सकते हैं; उद्देश्य: सरकारी स्कूल शिक्षकों पर बोझ घटाना।
जनगणना अधिनियम, 1948 के तहत बने, जनगणना नियम, 1990 में संशोधन।
आगे की राह
नए प्रगणकों को डिजिटल उपकरणों का प्रशिक्षण; सख़्त डेटा गोपनीयता सुनिश्चित करना।
अवधारणा
जनगणना 2027: भारत की पहली डिजिटल जनगणना, जाति गणना सहित; संदर्भ तिथि 1 मार्च 2027। जनगणना संघ सूची (प्रविष्टि 69) में है।
आज का डेटा पॉइंट
Rs 1,64,518 crore
वार्षिक योजना 2026-27 में बिहार का NH परिव्यय 2,424 km की 32 परियोजनाओं के लिए — औसतन Rs 68 करोड़ प्रति km; लागत का 84.8% (Rs 1,39,578 करोड़, 1,685 km) NHAI के ज़िम्मे।
प्रारंभिक परीक्षा रैपिड-फायर
बिहार पुलिस थानों की सीमाओं के डिजिटल मानचित्रण के लिए GIS पोर्टल बना रही है; 968+ थाने/चौकियाँ पहले से CCTNS से जुड़ी हैं।
सुखना (चंडीगढ़) और सौज झील (UP) के जुड़ने से भारत के रामसर स्थल103 हुए; बिहार में 5, जिनमें कांवर झील (बेगूसराय) शामिल।
सहरसा हवाई अड्डे को Rs 42.52 करोड़ की AAI योजना के तहत नया रनवे और टर्मिनल मिलेगा।
CISF विशेषीकृत सेक्टरों में पुनर्गठित (स्टील–भिलाई, कोयला–रांची, पावर–कोलकाता); बक्सर TPP अब पावर सेक्टर में।
एशियाई पैरा खेल 2026: आइची–नागोया, जापान, 18–24 अक्टूबर; भारत के 168 पैरा-एथलीट।
केंद्र ने 137 कैंसर-रोधी दवाओं पर ट्रेड मार्जिन30% तक सीमित किया; नई कीमतें 9 नवंबर 2026 से।
अभ्यास MCQs — BPSC Prelims पैटर्न
Q1. बिहार के निम्नलिखित ज़िलों पर विचार कीजिए: 1. शिवहर 2. सुपौल 3. किशनगंज 4. नालंदा। उपर्युक्त में से कितने ज़िलों से होकर गोरखपुर–सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे गुज़रेगा?
केवल एक
केवल दो
केवल तीन
सभी चार
उत्तर देखें
उत्तर: c एक्सप्रेसवे का ~417 km बिहार खंड पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, शिवहर, मधुबनी, सुपौल, अररिया और किशनगंज से गुज़रता है; नालंदा दक्षिण बिहार में है और मार्ग पर नहीं है।
Q2. दक्षिणी हिंद महासागर मत्स्य समझौते (SIOFA) के संदर्भ में विचार कीजिए: 1. इस पर 2006 में रोम में हस्ताक्षर हुए। 2. यह टूना जैसी अत्यधिक प्रवासी प्रजातियों का प्रबंधन करता है। 3. इसका सचिवालय रियूनियन द्वीप पर है। उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
केवल 1
केवल 1 और 3
केवल 2 और 3
1, 2 और 3
उत्तर देखें
उत्तर: b SIOFA पर 7 जुलाई 2006 को रोम में हस्ताक्षर हुए और इसका सचिवालय ले पोर्ट, रियूनियन में है। टूना जैसी अत्यधिक प्रवासी प्रजातियाँ इससे बाहर हैं और हिंद महासागर टूना आयोग (IOTC) द्वारा प्रबंधित होती हैं।
मुख्य परीक्षा अभ्यास प्रश्न
Q. बिहार में एक्सप्रेसवे और राष्ट्रीय राजमार्ग कॉरिडोर का अभूतपूर्व विस्तार हो रहा है। परीक्षण कीजिए कि बेहतर सड़क संपर्क बिहार की कृषि-आधारित अर्थव्यवस्था और औद्योगिक संभावनाओं को कैसे बदल सकता है, तथा समय पर क्रियान्वयन की बाधाओं की पहचान कीजिए। (BPSC Mains GS-II)
संकेत / दृष्टिकोण
भूमिका में 32 परियोजनाएँ / 2,424 km / Rs 1.64 लाख करोड़ के आँकड़े → लाभ: मखाना, मक्का, लीची के लिए बाज़ार पहुँच; लॉजिस्टिक्स पार्क; पर्यटन सर्किट (राम जानकी पथ, बौद्ध सर्किट); बाढ़ के समय संपर्क → बाधाएँ: भूमि अधिग्रहण, बाढ़-प्रवण भूभाग, वन मंज़ूरी, ठेकेदार क्षमता → आगे की राह: गति शक्ति योजना, कॉरिडोर के साथ औद्योगिक नोड।
📌 एक पंक्ति में रिवीज़न: बिहार NH योजना = 32 परियोजनाएँ | 2,424 km | Rs 1,64,518 करोड़ • VTR = 9वाँ गिद्ध केंद्र • तीन तलाक कानून में पहली सज़ा • ESY 2026-27: चीनी शून्य, मक्का Rs 68.86/L • भारत SIOFA में शामिल • INS समर्थक = पहला स्वदेशी MPV।