Friday, 16 October 2026 · IST · बिहार + राष्ट्रीय · 12 टॉपिक · 2 MCQs
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मुजफ्फरपुर (महवल) में ₹140.95 करोड़ के लेदर-फुटवियर क्लस्टर का उद्घाटन किया और 2030 तक 1,000 MW डेटा-सेंटर का लक्ष्य रखा, साथ ही रबी महाअभियान-2026 शुरू किया; राघोपुर (वैशाली) नाव हादसे में 13 बच्चों की मौत के बाद अधिकारियों पर कार्रवाई हुई। राष्ट्रीय स्तर पर सितंबर में WPI महँगाई 11.39% और CPI5.54% रही, निर्यात 23% बढ़कर $44.4 बिलियन हुआ और NSAP का नाम प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना किया गया।
आज एक नज़र में — याद रखने वाली बातें
मुजफ्फरपुर: महवल (मोतीपुर) में ₹140.95 करोड़ का मेगा लेदर व फुटवियर क्लस्टर शुरू।
बिहार का लक्ष्य 2030 तक 1,000 MW डेटा-सेंटर क्षमता; 12 लाख प्रवासियों को रोजगार।
रबी महाअभियान-2026: पटना से 40 जागरूकता वाहन रवाना।
राघोपुर (वैशाली) नाव हादसा: 13 बच्चों की मौत; CO, SHO का वेतन रोका गया।
सहरसा हवाई अड्डा: नए 1,000 m रनवे व टर्मिनल के लिए AAI का ₹42.52 करोड़ का टेंडर।
बिहार में फ्लैटों का दाखिल-खारिज फिर शुरू करने हेतु अध्यादेश की तैयारी।
नालंदा विश्वविद्यालय का पराग्वे के नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ असुनसियन से MoU।
8 स्नातक/शिक्षक सीटों के लिए बिहार MLC चुनाव 23 अक्टूबर को।
निर्यात +23% बढ़कर $44.4 बिलियन; NSAP → प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना।
विस्तृत नोट्स
1. मुजफ्फरपुर को ₹140.95 करोड़ का मेगा लेदर क्लस्टर; 2030 तक 1,000 MW डेटा-सेंटर पर बिहार की नजर
BIHARBPSC: प्रारंभिक + मुख्य GS-II (बिहार अर्थव्यवस्था)
सिलेबस से संबंध
GS-II: बिहार की अर्थव्यवस्था — औद्योगीकरण, MSME, पलायन व रोजगार। प्रारंभिक: बिहार के औद्योगिक क्षेत्र, क्लस्टर विकास।
संदर्भ
15 अक्टूबर 2026 को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने महवल औद्योगिक क्षेत्र, मोतीपुर (मुजफ्फरपुर) में कॉमन फैसिलिटी सेंटर सहित ₹140.95 करोड़ के मेगा लेदर, फुटवियर व एक्सेसरीज़ क्लस्टर का उद्घाटन किया और इसे 2030 तक मजबूरी के पलायन को खत्म करने के लक्ष्य से जोड़ा।
मुख्य तथ्य
बिहार के लगभग 12 लाख लोग अब भी मजदूरी के लिए पलायन करते हैं; लक्ष्य — 2030 से पहले राज्य में ही रोजगार।
बिहार उद्योग विभाग और FDDI (फुटवियर डिज़ाइन एंड डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट) के बीच MoU; शेड व भूमि-आवंटन पत्र सौंपे गए।
2030 तक 1,000 MW डेटा-सेंटर क्षमता का लक्ष्य (अनुमानित निवेश ~₹10 लाख करोड़); पटना में 12 MW डेटा-सेंटर पहले से चालू।
5 वर्षों में उद्योगों को ~10,000 MW बिजली; स्वेच्छा से जमीन देने वालों को निर्धारित दर से 10% अधिक।
गया में इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर निर्माणाधीन; मुजफ्फरपुर व दरभंगा में भी ऐसे क्लस्टर प्रस्तावित।
आगे की राह
FDDI आधारित कौशल विकास, सुनिश्चित बिजली और त्वरित प्लॉट आवंटन से शेड को चालू इकाइयों में बदलना होगा; 2030 के पलायन लक्ष्य के सापेक्ष सृजित रोजगार की निगरानी हो।
अवधारणा
औद्योगिक क्लस्टर — एक ही स्थान पर स्थित इकाइयाँ जो साझा सुविधाएँ (डिज़ाइन, परीक्षण, अपशिष्ट उपचार) इस्तेमाल कर लागत घटाती हैं। FDDI केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अधीन है। चमड़ा उद्योग श्रम-प्रधान है — कृषि के अतिरिक्त श्रम को खपाने हेतु उपयुक्त।
बिहार के औद्योगिक प्रयास के आँकड़ा-टाइल: महवल में ₹140.95 करोड़ का लेदर क्लस्टर, 12 लाख मजदूर प्रवासी, 2030 तक 1,000 MW डेटा-सेंटर लक्ष्य, ₹10 लाख करोड़ अनुमानित निवेश, उद्योगों को 10,000 MW बिजली और स्वेच्छा से भूमि देने वालों को 10% अतिरिक्त। — StudyForGS
2. रबी महाअभियान-2026 शुरू: 40 वाहन गाँव-गाँव पहुँचाएँगे आधुनिक खेती
BIHARBPSC: प्रारंभिक + मुख्य GS-II (कृषि)
सिलेबस से संबंध
GS-II: बिहार अर्थव्यवस्था — कृषि, फसल पैटर्न, कृषि प्रसार। प्रारंभिक: रबी फसलें, जीरो टिलेज, कृषि रोड मैप।
संदर्भ
15 अक्टूबर 2026 को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री सचिवालय, पटना से 40 वाहनों (38 किसान-जागरूकता + 2 ज्ञान वाहन) को हरी झंडी दिखाकर रबी महाअभियान-2026 शुरू किया, ताकि रबी खेती वैज्ञानिक व लाभकारी बने।
मुख्य तथ्य
मुख्य फसलें: गेहूँ, मक्का, दलहन और तिलहन।
विषय: बीज चयन, मिट्टी जाँच, जीरो टिलेज, सीड ड्रिल, ड्रोन, जैविक व प्राकृतिक खेती।
किसानों को DBT अनुदान, प्रखंड स्तर पर अनुदानित इनपुट और फसल प्रत्यक्षण की जानकारी।
किसान मेला, किसान पाठशाला, क्षेत्र दिवस तथा किसान जन कल्याण चौपाल-सह-खेत बचाओ अभियान-2026 के माध्यम से प्रसार।
उपस्थित: उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा।
आगे की राह
समय पर बीज-उर्वरक आपूर्ति और मृदा स्वास्थ्य कार्ड आधारित सलाह से उपज बढ़ेगी; धान के बाद जीरो टिलेज से लागत घटेगी और गेहूँ की बुवाई समय पर होगी।
अवधारणा
रबी फसलें अक्टूबर–दिसंबर में बोई और मार्च–अप्रैल में काटी जाती हैं (गेहूँ, चना, मसूर, सरसों)। जीरो टिलेज = धान की ठूँठ में ही सीड ड्रिल से गेहूँ की सीधी बुवाई, जिससे पानी व ईंधन की बचत। बिहार का रबी मक्का क्षेत्र कोसी–सीमांचल में है।
रबी महाअभियान-2026 का प्रवाह-चित्र: पटना से 40 वाहन रवाना, किसान मेला व पाठशाला जैसे प्रसार माध्यम, मुख्य फसलें गेहूँ, मक्का, दलहन व तिलहन, और जीरो टिलेज, ड्रोन व मिट्टी जाँच जैसी तकनीकें जिनसे लागत घटे और उपज बढ़े। — StudyForGS
3. राघोपुर नाव हादसा: 13 बच्चों की मौत; वैशाली प्रशासन ने अधिकारियों पर की कार्रवाई
BIHARBPSC: प्रारंभिक + मुख्य GS-II (आपदा प्रबंधन)
सिलेबस से संबंध
GS-II: बिहार भूगोल व आपदा प्रबंधन — दियारा क्षेत्र, नाव सुरक्षा, राहत मानदंड। प्रारंभिक: SDRF, बिहार की नदियाँ।
संदर्भ
13 अक्टूबर को रात करीब 8:30 बजेवैशाली के राघोपुर क्षेत्र में एक निजी नाव पलट गई, जिसमें 13 बच्चों (9 लड़कियाँ, 4 लड़के) की मौत हो गई; 6 को बचाया गया। 16 अक्टूबर को प्रशासन ने राघोपुर के CO और SHO का वेतन रोका तथा CO को शिकायत कोषांग में प्रतिनियुक्त किया।
मुख्य तथ्य
खोज-बचाव में SDRF शामिल; घायलों को NMCH, पटना ले जाया गया; रात में निजी नाव चलाने पर सवाल।
प्रत्येक मृत बच्चे पर राहत: आपदा राहत मानदंड के तहत ₹4 लाख अनुग्रह राशि + PMNRF से ₹2 लाख।
साथ ही मुख्यमंत्री पारिवारिक लाभ योजना से ₹20,000 और कबीर अंत्येष्टि योजना से ₹3,000।
इलाजरत घायलों को PMNRF से ₹50,000 प्रत्येक।
राघोपुर पटना के सामने गंगा का बड़ा दियारा (नदी-द्वीप) है, जो नावों पर अत्यधिक निर्भर है।
आगे की राह
नावों का अनिवार्य निबंधन, लाइफ-जैकेट, ओवरलोड व रात्रि परिचालन पर रोक तथा दियारा क्षेत्रों को बारहमासी सड़क-पुल से शीघ्र जोड़ना।
अवधारणा
आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 → NDMA / SDMA / DDMA। SDRF = राज्य आपदा मोचन बल (बचाव दल) और राज्य आपदा मोचन कोष (राहत राशि) भी। दियारा = गंगा व कोसी की धाराओं के बीच बाढ़-प्रवण जलोढ़ भूमि।
बिहार के जिलों का मानचित्र, जिसमें आज की खबरों वाले स्थान रेखांकित हैं — मुजफ्फरपुर (लेदर क्लस्टर), राघोपुर दियारा सहित वैशाली (नाव हादसा), सहरसा (हवाई अड्डा उन्नयन), दरभंगा (कार्गो हब), सुपौल (ग्रिड सबस्टेशन), मुंगेर (जल योजना), नालंदा (विश्वविद्यालय MoU) और पटना — साथ में गंगा, गंडक, कोसी व सोन नदियाँ और प्रमुख आँकड़ों का पैनल। — StudyForGS
4. AAI की ₹42.52 करोड़ की योजना से सहरसा हवाई अड्डे को मिलेगा नया रनवे व टर्मिनल
BIHARBPSC: प्रारंभिक + मुख्य GS-II (आधारभूत संरचना)
सिलेबस से संबंध
GS-II: बिहार अर्थव्यवस्था — आधारभूत संरचना व क्षेत्रीय संपर्क। प्रारंभिक: बिहार के हवाई अड्डे, उड़ान, AAI।
संदर्भ
भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) ने कोसी क्षेत्र के सहरसा में नए रनवे और टर्मिनल के लिए ₹42.52 करोड़ का टेंडर जारी किया है; तकनीकी बोलियाँ 28 अक्टूबर 2026 को खुलेंगी।
मुख्य तथ्य
रनवे 1,000 m × 30 m; रनवे स्ट्रिप 1,120 m; दोनों छोर पर सुरक्षा क्षेत्र (RESA)।
1,580 वर्ग मीटर का दो-मंजिला टर्मिनल, ATC टावर, फायर स्टेशन; कोड 2B छोटे विमानों (एक साथ दो) के योग्य।
हवाई अड्डे के पास ~60 एकड़ भूमि, 15 एकड़ और चाहिए — राज्य ~12 एकड़ देगा और ~₹147 करोड़ भूमि लागत वहन करेगा।
निर्माण अवधि: 450 दिन, जिसमें मानसून के दो महीने शामिल।
बिहार कैबिनेट (12 अक्टूबर) ने दरभंगा हवाई अड्डे पर लॉजिस्टिक्स पार्क व कार्गो हब हेतु ~50 एकड़ अधिग्रहण के लिए ₹225.91 करोड़ मंजूर किए।
आगे की राह
छोटे हवाई अड्डों के उन्नयन को उड़ान मार्ग-सहायता से जोड़ें, ताकि कोसी–मिथिला के यात्रियों को केवल भवन नहीं, नियमित उड़ानें भी मिलें।
अवधारणा
उड़ान (उड़े देश का आम नागरिक, 2016) — वायबिलिटी गैप फंडिंग वाली क्षेत्रीय संपर्क योजना। AAIAAI अधिनियम, 1994 के तहत एक वैधानिक निकाय है। बिहार के चालू हवाई अड्डे: पटना, गया, दरभंगा, पूर्णिया।
5. बिहार में फ्लैटों का दाखिल-खारिज फिर शुरू करने के लिए अध्यादेश की तैयारी
POLITYBPSC: प्रारंभिक + मुख्य GS-II (राजव्यवस्था व शासन)
सिलेबस से संबंध
GS-II: भारतीय राजव्यवस्था — राज्यपाल की अध्यादेश शक्ति; बिहार भूमि प्रशासन व ई-गवर्नेंस। प्रारंभिक: अनुच्छेद 213, दाखिल-खारिज, जमाबंदी।
संदर्भ
राजस्व एवं भूमि सुधार विभागअप्रैल 2025 से रुके अपार्टमेंट फ्लैटों के दाखिल-खारिज को फिर शुरू करने के लिए अध्यादेश लाने की तैयारी में है; नया सॉफ्टवेयर तैयार है, विधि विभाग की मंजूरी की प्रतीक्षा है और अगले महीने से शुरुआत का लक्ष्य है।
मुख्य तथ्य
बिहार भूमि दाखिल-खारिज अधिनियम, 2011 और इसकी 2012 नियमावली में फ्लैट मालिक के भूमि-अंश के दाखिल-खारिज का स्पष्ट प्रावधान नहीं है।
खरीदार के पास भूमि का आनुपातिक (अविभाजित) अंश होता है, जिसे प्लॉट की तरह चिह्नित नहीं किया जा सकता।
अप्रैल 2025 में फ्लैट मालिकों के दाखिल-खारिज, अभिलेख हस्तांतरण और जमाबंदी प्रविष्टि पर रोक लगी थी।
बिहार भूमि पोर्टल से अलग ऑनलाइन सुविधा प्रस्तावित; शीतकालीन सत्र में विधेयक लाया जाएगा।
आगे की राह
स्पष्ट वैधानिक नियम और ऑनलाइन दाखिल-खारिज से अंचल कार्यालयों के चक्कर व मुकदमे घटेंगे; प्रणाली को RERA और निबंधन आँकड़ों से जोड़ा जाए।
अवधारणा
अनुच्छेद 213 — विधानमंडल का सत्र न चलने पर राज्यपाल अध्यादेश जारी कर सकते हैं; इसे सदन के समक्ष रखना होता है और पुनः समवेत होने के छह सप्ताह बाद यह समाप्त हो जाता है। दाखिल-खारिज राजस्व अभिलेख (जमाबंदी) को अद्यतन करता है — यह स्वयं स्वामित्व नहीं देता।
6. नालंदा विश्वविद्यालय ने पराग्वे के नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ असुनसियन से MoU किया
BIHARBPSC: प्रारंभिक + मुख्य GS-I (संस्कृति व विरासत)
सिलेबस से संबंध
GS-I: भारतीय संस्कृति में बिहार की भूमिका — नालंदा की विरासत। GS-II: भारत की सॉफ्ट पावर। प्रारंभिक: नालंदा महाविहार, बिहार के यूनेस्को स्थल।
संदर्भ
15 अक्टूबर 2026 को नालंदा विश्वविद्यालय (राजगीर) ने भारत–पराग्वे राजनयिक संबंधों के 65वें वर्ष में पराग्वे के सबसे पुराने व सबसे बड़े सार्वजनिक विश्वविद्यालय नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ असुनसियन (UNA) के साथ वर्चुअल MoU किया।
मुख्य तथ्य
कुलपति प्रो. सचिन चतुर्वेदी और UNA की रेक्टर प्रो. जुली कॉन्सेप्सियन वेरा दे मोलिनास ने हस्ताक्षर किए; राजदूत पीयूष सिंह उपस्थित।
संयुक्त शोध, शिक्षक/छात्र आदान-प्रदान, सम्मेलन और संयुक्त प्रकाशन शामिल।
प्राथमिक क्षेत्र: भाषा व सांस्कृतिक अध्ययन, सतत विकास व जलवायु परिवर्तन, व्यापार व विकास सहयोग।
आगे की राह
नालंदा के पुनरुद्धार की पहचान का उपयोग लैटिन अमेरिका से जुड़ाव में करें — सॉफ्ट पावर को शोध-वित्त और छात्र-आवागमन से जोड़ें।
अवधारणा
प्राचीन नालंदा महाविहार की स्थापना कुमारगुप्त प्रथम (गुप्त वंश, 5वीं सदी ई.) के काल में हुई; 2016 से यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल। नया विश्वविद्यालय नालंदा विश्वविद्यालय अधिनियम, 2010 के तहत बना; इसके राजगीर परिसर का उद्घाटन जून 2024 में हुआ।
7. 8 स्नातक व शिक्षक सीटों के लिए बिहार विधान परिषद के द्विवार्षिक चुनाव 23 अक्टूबर को
POLITYBPSC: प्रारंभिक + मुख्य GS-II (राजव्यवस्था)
सिलेबस से संबंध
GS-II: भारतीय राजव्यवस्था — राज्य विधानमंडल, विधान परिषद (अनु. 169, 171)। प्रारंभिक: बिहार विधान परिषद की संरचना।
संदर्भ
बिहार विधान परिषद की 8 सीटों — 4 स्नातक और 4 शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों — के द्विवार्षिक चुनाव 23 अक्टूबर 2026 को होंगे और मतगणना 27 अक्टूबर को; 16 अक्टूबर को पटना में दलों ने रणनीतिक बैठकें कीं।
वर्तमान सदस्यों का कार्यकाल 16 नवंबर 2026 को समाप्त।
कार्यक्रम: अधिसूचना 29 सितंबर, नामांकन समाप्त 6 अक्टूबर, नाम वापसी 9 अक्टूबर।
इसी चरण में कर्नाटक (4), महाराष्ट्र (5) और उत्तर प्रदेश (11) भी — कुल 28 सीटें।
आगे की राह
पात्र स्नातकों व शिक्षकों का व्यापक नामांकन और शुद्ध मतदाता सूची इन विशेष निर्वाचन क्षेत्रों को सही मायने में प्रतिनिधिक बनाएगी।
अवधारणा
अनुच्छेद 171: 1/3 विधायकों द्वारा, 1/3 स्थानीय निकायों द्वारा, 1/12 स्नातकों (3 वर्ष पुराने) द्वारा, 1/12 शिक्षकों (3 वर्ष, माध्यमिक स्तर+) द्वारा निर्वाचित तथा 1/6 राज्यपाल द्वारा मनोनीत। बिहार विधान परिषद: 75 सदस्य; स्थायी सदन — हर 2 वर्ष में 1/3 सदस्य सेवानिवृत्त।
75 सदस्यीय बिहार विधान परिषद का डोनट चार्ट: 27 विधायकों द्वारा, 24 स्थानीय निकायों द्वारा, 6 स्नातकों द्वारा, 6 शिक्षकों द्वारा निर्वाचित और 12 राज्यपाल द्वारा मनोनीत; 23 अक्टूबर को चुनाव वाली 8 सीटें रेखांकित। — StudyForGS
8. सितंबर में निर्यात 23% बढ़कर $44.4 बिलियन; व्यापार घाटा घटकर $30.21 बिलियन
ECONOMYBPSC: प्रारंभिक + मुख्य GS-II (भारतीय अर्थव्यवस्था)
सिलेबस से संबंध
GS-II: भारतीय अर्थव्यवस्था — विदेश व्यापार, भुगतान संतुलन। प्रारंभिक: व्यापार घाटा, CAD, निर्यात संवर्धन।
संदर्भ
15 अक्टूबर 2026 को जारी आँकड़ों के अनुसार सितंबर में वस्तु निर्यात वार्षिक आधार पर 23% बढ़कर $44.4 बिलियन हुआ; आयात 8% बढ़कर $74.61 बिलियन रहा, जिससे व्यापार घाटा घटकर $30.21 बिलियन रह गया।
मुख्य तथ्य
घाटा सितंबर 2025 के ~$33 बिलियन से $2.79 बिलियन कम हुआ।
वृद्धि के कारक: इलेक्ट्रॉनिक्स +70.4% ($5.3 बिलियन), पेट्रोलियम उत्पाद +31.9% ($6.2 बिलियन), रसायन +24.2% ($3 बिलियन)।
भारत–अमेरिका व्यापार समझौता: पहली किस्त 'अंतिम' बताई गई; कानूनी जाँच अभी शेष।
आगे की राह
PLI और बाज़ार-विविधीकरण से इलेक्ट्रॉनिक्स की गति बनाए रखें; ऊँचे कच्चे तेल के दाम आयात बिल को CAD के लिए जोखिम बनाए रखते हैं।
अवधारणा
व्यापार घाटा = वस्तु आयात − निर्यात। सेवा व्यापार और प्रेषण (रेमिटेंस) के साथ यह चालू खाता घाटा (CAD) तय करता है। मासिक व्यापार आँकड़े वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय लगभग 15 तारीख को जारी करता है।
सितंबर 2025 और सितंबर 2026 में भारत के वस्तु निर्यात, आयात और व्यापार घाटे की तुलना करता समूहित बार चार्ट: निर्यात लगभग $36.1 बिलियन से बढ़कर $44.4 बिलियन, आयात $74.61 बिलियन और घाटा घटकर $30.21 बिलियन। — StudyForGS
9. NSAP 2030-31 तक बढ़ा, नया नाम प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना
SOCIETYBPSC: प्रारंभिक + मुख्य GS-II (कल्याणकारी योजनाएँ)
सिलेबस से संबंध
GS-II: भारतीय अर्थव्यवस्था व राजव्यवस्था — सामाजिक सुरक्षा, नीति निदेशक तत्व, कमजोर वर्गों का कल्याण। प्रारंभिक: NSAP के घटक, RPwD अधिनियम।
संदर्भ
14 अक्टूबर 2026 को केंद्रीय कैबिनेट ने राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) को ₹53,428 करोड़ के परिव्यय के साथ 2026-27 से 2030-31 तक बढ़ाया और इसका नाम प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना कर दिया।
मुख्य तथ्य
सभी 36 राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों में ~3.20 करोड़ लाभार्थी; 100% केंद्रीय वित्तपोषण (राज्य अतिरिक्त राशि जोड़ सकते हैं)।
दिव्यांग पेंशन: पात्रता सीमा 80% से 40%, जन्म से उपलब्ध; ₹300 → ₹375 (0–79 वर्ष), ₹500 → ₹625 (80+)।
NFBS → प्रधानमंत्री परिवार लाभ योजना (₹20,000 एकमुश्त); वृद्धावस्था की केंद्रीय दर ₹200 (60–79) / ₹500 (80+) यथावत।
आगे की राह
केंद्रीय पेंशन राशि को महँगाई से जोड़ें (₹200 की दर 2006-07 से चली आ रही है) और राज्यों की अतिरिक्त राशि को DBT से सहज रूप से जोड़ें।
अवधारणा
NSAP 15 अगस्त 1995 को शुरू हुआ, जो अनुच्छेद 41 (नीति निदेशक तत्व — वृद्धावस्था, बीमारी, निःशक्तता में लोक सहायता) से प्रेरित है। RPwD अधिनियम, 201640% को 'बेंचमार्क दिव्यांगता' मानता है। बिहार DBT के माध्यम से अपनी सामाजिक सुरक्षा पेंशन अलग से जोड़ता है।
प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना का स्तंभ-चित्र: 2026-31 के लिए ₹53,428 करोड़ परिव्यय और पाँच घटक — वृद्धावस्था, विधवा व दिव्यांगजन पेंशन, परिवार लाभ योजना और अन्नपूर्णा, प्रमुख राशियों सहित। — StudyForGS
10. CEC और चुनाव आयुक्तों की आजीवन उन्मुक्ति पर सुप्रीम कोर्ट का नोटिस
POLITYBPSC: प्रारंभिक + मुख्य GS-II (राजव्यवस्था)
सिलेबस से संबंध
GS-II: भारतीय राजव्यवस्था — निर्वाचन आयोग, न्यायिक पुनरावलोकन, अनुच्छेद 14, 21, 324, 361। प्रारंभिक: CEC नियुक्ति कानून, 2023।
संदर्भ
CJI सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने CEC और अन्य निर्वाचन आयुक्त अधिनियम, 2023 की धारा 16 को चुनौती देने वाली ADR की याचिका पर केंद्र और निर्वाचन आयोग को नोटिस जारी किया; यह धारा आधिकारिक कार्यों के लिए — सेवानिवृत्ति के बाद भी — दीवानी या आपराधिक कार्यवाही पर रोक लगाती है।
मुख्य तथ्य
धारा 16 को 11 दिसंबर 2023 को वितरित संशोधन से जोड़ा गया — यह मूल विधेयक में नहीं थी — और राज्यसभा में बिना बहस पारित हुई।
आधार: अनुच्छेद 14 व 21 और मूल ढांचे का उल्लंघन; उन्मुक्ति आजीवन है और सद्भावपूर्ण कार्यों तक सीमित नहीं।
अनुच्छेद 361 राष्ट्रपति व राज्यपालों को आपराधिक कार्यवाही से केवल कार्यकाल के दौरान संरक्षण देता है।
याचिका को लंबित लोक प्रहरी याचिका के साथ जोड़ा गया।
आगे की राह
उन्मुक्ति को पूर्व-स्वीकृति व्यवस्था के साथ सद्भावपूर्ण कार्यों तक सीमित करें — ताकि आयोग की स्वतंत्रता बनी रहे पर आयुक्त जवाबदेही से ऊपर न हों।
अवधारणा
अनुच्छेद 324 चुनावों का अधीक्षण निर्वाचन आयोग को सौंपता है। अनूप बरनवाल (2023) के बाद 2023 अधिनियम ने प्रधानमंत्री, नेता प्रतिपक्ष और एक केंद्रीय मंत्री की चयन समिति बनाई (CJI के स्थान पर)। CEC को केवल सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश की भाँति हटाया जा सकता है।
11. भारत बनेगा दक्षिणी हिंद महासागर मत्स्य समझौते (SIOFA) का पूर्ण सदस्य
ENVIRONMENTBPSC: प्रारंभिक + मुख्य GS-II (पर्यावरण व अंतरराष्ट्रीय संबंध)
सिलेबस से संबंध
GS-II: भारत और विश्व — समुद्री सहयोग; ब्लू इकोनॉमी। प्रारंभिक: RFMO, UNCLOS, EEZ, खुला समुद्र।
संदर्भ
केंद्र ने दक्षिणी हिंद महासागर मत्स्य समझौते (SIOFA) में भारत के शामिल होने को मंजूरी दी, जिससे भारत का दर्जा सहयोगी गैर-अनुबंधकारी पक्ष (2022 से) से बढ़कर पूर्ण अनुबंधकारी पक्ष हो जाएगा।
मुख्य तथ्य
SIOFA खुले समुद्र के गैर-टूना भंडारों (जैसे टूथफिश, अल्फोन्सिनो, स्क्विड) का प्रबंधन करता है; अत्यधिक प्रवासी प्रजातियाँ बाहर।
टूना का नियमन हिंद महासागर टूना आयोग (IOTC) करता है — भारत 1996 से सदस्य।
भारत को वैज्ञानिक व अनुपालन समितियों और हाई सीज़ बोर्डिंग एंड इंस्पेक्शन योजना में स्थान मिलेगा।
खुला समुद्र महासागर का ~65% है; भारतीय नौकाएँ अधिकतर 60–80 नॉटिकल मील के भीतर मछली पकड़ती हैं।
आगे की राह
PMMSY के तहत गहरे समुद्र की नौकाएँ बनाएँ, दल प्रशिक्षित करें और IUU मत्स्यन रोकें, ताकि सदस्यता टिकाऊ पकड़ और आजीविका में बदले।
अवधारणा
EEZ200 नॉटिकल मील तक (UNCLOS 1982); उसके आगे खुला समुद्र है। वहाँ क्षेत्रीय मत्स्य प्रबंधन संगठन (RFMO) पकड़ की सीमा तय करते हैं। संबंधित: समुद्री जैव-विविधता पर BBNJ (हाई सीज़) संधि।
12. अभ्यास इंद्र 2026: भारत–रूस त्रि-सेवा अभ्यास; नौसैनिक चरण जापान सागर में
DEFENCEBPSC: प्रारंभिक (रक्षा व अंतरराष्ट्रीय संबंध)
सिलेबस से संबंध
प्रारंभिक: रक्षा अभ्यास व साझेदार देश। GS-II: भारत–रूस संबंध।
संदर्भ
भारत–रूस त्रि-सेवा अभ्यास इंद्र 202614 अक्टूबर को रूस के सुदूर पूर्व और चेल्याबिंस्क क्षेत्र में शुरू हुआ; जापान सागर में नौसैनिक व्यावहारिक चरण 16–17 अक्टूबर को है।
मुख्य तथ्य
थल चरण 23 अक्टूबर तक; रूसी दल का मुख्य भाग — 90वीं गार्ड्स टैंक डिवीजन।
भारतीय नौसेना का फ्रिगेट INS सह्याद्रि और रूसी कार्वेट अल्दार त्सिदेनझापोव; समुद्री उद्घाटन व्लादिवोस्तोक में।
वायु दल Su-30SM लड़ाकू विमान व Mi-8 हेलीकॉप्टर उड़ा रहे हैं; अभ्यास में ड्रोन-रोधी व मानवरहित नौका से बचाव शामिल।
आगे की राह
पुराने रक्षा साझेदार के साथ अंतर-संचालन क्षमता बनी रहती है, जबकि भारत आपूर्तिकर्ताओं का विविधीकरण व स्वदेशी क्षमता बढ़ा रहा है।
अवधारणा
इंद्र — 2003 से भारत–रूस अभ्यास शृंखला। अन्य: युद्ध अभ्यास (अमेरिका), मित्र शक्ति (श्रीलंका), गरुड़ शक्ति (इंडोनेशिया), मालाबार (क्वाड नौसेनाएँ)।
आज का डेटा पॉइंट
11.39%
WPI महँगाई, सितंबर 2026 थोक महँगाई अगस्त के 9.92% से बढ़ी, जिसमें सबसे आगे ईंधन व बिजली (25.85%) रहे; खुदरा CPI बढ़कर 5.54% (खाद्य 7.74%, ग्रामीण 6.08%) हुई। RBI ने 7 अक्टूबर को रेपो दर 25 bps बढ़ाकर 5.50% की — फरवरी 2023 के बाद पहली वृद्धि।
प्रारंभिक परीक्षा रैपिड-फायर
भव्य (भारत औद्योगिक विकास योजना): 2026-27 से 2031-32 के लिए 100 प्लग-एंड-प्ले औद्योगिक पार्कों हेतु ₹33,660 करोड़।
पहला आसियान–भारत रक्षा थिंक टैंक फोरम14–15 अक्टूबर 2026 को MP-IDSA, नई दिल्ली में आयोजित।
बिहार कैबिनेट (12 अक्टूबर): पिपरा (सुपौल) में ₹575.36 करोड़ का ग्रिड सबस्टेशन; महुआ–चेहराकलां (वैशाली) के लिए 72 MLD गंगा-आधारित जल योजना।
मुंगेर जल योजना (₹279.51 करोड़, 22 MLD) 177 वार्डों के लिए खड़गपुर झील पर आधारित।
RBI रेपो दर: 7 अक्टूबर 2026 को 25 bps वृद्धि के बाद 5.50%।
महिला किसान दिवस — 15 अक्टूबर; ICAR–RCER, पटना में महिला किसानों का सम्मान।
अभ्यास MCQs — BPSC Prelims पैटर्न
Q1. बिहार विधान परिषद के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इसमें 75 सदस्य हैं। 2. राज्य विधान परिषद के बारहवें भाग के सदस्य शिक्षकों द्वारा निर्वाचित होते हैं। 3. राज्यपाल परिषद को भंग कर सकते हैं। उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
केवल 1
केवल 1 और 2
केवल 2 और 3
1, 2 और 3
उत्तर देखें
उत्तर: B बिहार विधान परिषद में 75 सदस्य हैं और अनुच्छेद 171 के तहत 1/12 शिक्षकों द्वारा चुने जाते हैं। यह स्थायी सदन है — भंग नहीं होता; हर दो वर्ष में एक-तिहाई सदस्य सेवानिवृत्त होते हैं।
Q2. निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए (चर्चित स्थान — बिहार का जिला): 1. महवल औद्योगिक क्षेत्र — मुजफ्फरपुर 2. राघोपुर दियारा — वैशाली 3. खड़गपुर झील — मुंगेर। उपर्युक्त में से कितने युग्म सही सुमेलित हैं?
केवल एक
केवल दो
तीनों
कोई नहीं
उत्तर देखें
उत्तर: C तीनों सही हैं: ₹140.95 करोड़ का लेदर क्लस्टर महवल (मोतीपुर, मुजफ्फरपुर) में है; राघोपुरवैशाली में गंगा का दियारा है; खड़गपुर झील (हवेली खड़गपुर) मुंगेर में है।
मुख्य परीक्षा अभ्यास प्रश्न
Q. बिहार से मजबूरी का पलायन आर्थिक और सामाजिक दोनों चुनौती है। परीक्षण कीजिए कि श्रम-प्रधान औद्योगिक क्लस्टर और डेटा-सेंटर जैसे नए क्षेत्र 2030 तक राज्य में ही रोजगार कैसे सृजित कर सकते हैं। (BPSC मुख्य GS-II, 38 अंक)
संकेत / दृष्टिकोण
भूमिका: ~12 लाख मजदूर प्रवासी। मुख्य भाग: FDDI कौशल सहित महवल लेदर क्लस्टर (₹140.95 करोड़); IMC गया; 1,000 MW डेटा-सेंटर लक्ष्य; भव्य पार्क; चुनौतियाँ — बिजली, भूमि, कौशल, लॉजिस्टिक्स। निष्कर्ष: क्लस्टर दृष्टिकोण + कौशल विकास + व्यापार सुगमता।
📌 एक पंक्ति में रिवीज़न: दोहराएँ: महवल (मुजफ्फरपुर) लेदर क्लस्टर ₹140.95 करोड़ • राघोपुर = गंगा दियारा (वैशाली) • अनु. 171 विधान परिषद • अनु. 213 अध्यादेश • WPI 11.39% • निर्यात $44.4 बिलियन • NSAP → प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना।