Wednesday, 30 September 2026 · IST · राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय · 11 टॉपिक · 2 MCQs
त्योहारी मौसम से पहले केंद्र ने कच्चे और रिफाइंड खाद्य तेलों पर सीमा शुल्क घटाया, जबकि RBI आँकड़ों के अनुसार जुलाई 2026 में शुद्ध FDI US$ 7.35 bn रहा, जो पाँच वर्ष का सर्वाधिक मासिक स्तर है। सुप्रीम कोर्ट ने कैंसर दवाओं पर ~10 गुना मार्क-अप को 'दिन-दहाड़े डकैती' कहा और भारत ने पहले PRAMAAN वन-प्रमाणन प्रमाणपत्र जारी किए।
आज एक नज़र में — याद रखने वाली बातें
खाद्य तेल: कच्चे पाम व सोयाबीन तेल पर BCD 10% → 5%; कच्चा सूरजमुखी तेल 0% (24 सितंबर से)।
जुलाई 2026 में शुद्ध FDI US$ 7.35 bn — 5 वर्षों का सर्वाधिक मासिक आँकड़ा।
सल्फर की कीमतें लगभग $1,050/टन; भारत के ~90% आयात पश्चिम एशिया से।
कुम्भी (UP) में 100 TPA PLA बायो-प्लास्टिक R&D सुविधा हेतु ₹75 करोड़ का BioE3 अनुदान।
जापान ने भारत से UNICORN स्टेल्थ-मास्ट सह-विकास तेज़ करने को कहा।
पहले PRAMAAN (IFWCS) प्रमाणपत्र: APFDC (33,000 हेक्टेयर) और ओडिशा के बाँस किसान को।
SC: कैंसर दवा का MRP व्यापार मूल्य का ~10 गुना — 'दिन-दहाड़े डकैती'।
पाकिस्तान 31 अगस्त 2027 तक SCO अध्यक्ष; भारतीय प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबाद बैठक में शामिल।
साक्षरता 81.1% (PLFS 2025); ULLAS के तहत 10 राज्य/UT पूर्ण साक्षर।
WEF TTDI 2026 में भारत 110 में 31वें स्थान पर; जापान पहले स्थान पर।
विस्तृत नोट्स
1. त्योहारी मौसम से पहले केंद्र ने खाद्य तेलों पर आयात शुल्क घटाया
ECONOMYसामान्य: प्रारंभिक + मुख्य GS3
सिलेबस से संबंध
GS3 — भारतीय अर्थव्यवस्था: मुद्रास्फीति, खाद्य प्रसंस्करण, कृषि-व्यापार; Prelims: सीमा शुल्क, AIDC, NMEO-तिलहन।
संदर्भ
24 सितंबर 2026 से केंद्र ने कच्चे और रिफाइंड खाद्य तेलों पर मूल सीमा शुल्क (BCD) घटाया, ताकि सितंबर–नवंबर त्योहारी माँग से पहले लगभग 20% वार्षिक बढ़ी कीमतों पर लगाम लगे।
मुख्य तथ्य
कच्चा पाम व सोयाबीन तेल: BCD 10% → 5%; प्रभावी शुल्क (उपकर सहित) 16.5% → 11%।
कच्चा सूरजमुखी तेल: BCD 10% → 0%; प्रभावी शुल्क अब 5.5%।
भारत अपनी वनस्पति तेल ज़रूरत का लगभग दो-तिहाई आयात करता है — मुख्यतः इंडोनेशिया, मलेशिया, अर्जेंटीना, रूस और यूक्रेन से।
आगे की राह
उपभोक्ता राहत और किसान हित में संतुलन — कच्चे व रिफाइंड तेल के बीच शुल्क अंतर बनाए रखें और राष्ट्रीय खाद्य तेल–तिलहन मिशन को गति दें।
अवधारणा
विभेदक शुल्क (कच्चे पर कम, रिफाइंड पर अधिक) घरेलू रिफाइनिंग मूल्य-वर्धन की रक्षा करता है। NMEO-तिलहन (2024–31) का लक्ष्य आत्मनिर्भरता; NMEO-ऑयल पाम (2021) का फोकस पूर्वोत्तर और अंडमान-निकोबार पर।
कच्चे पाम, कच्चे सोयाबीन, कच्चे सूरजमुखी, रिफाइंड पाम/सोया और रिफाइंड सूरजमुखी तेल पर पुराने और नए मूल सीमा शुल्क की तुलना करता समूहित बार चार्ट। — StudyForGS
2. सल्फर मूल्य झटका: फॉस्फेटिक उर्वरक आपूर्ति पर खतरा
ECONOMYसामान्य: प्रारंभिक + मुख्य GS3
सिलेबस से संबंध
GS3 — कृषि आदान, उर्वरक सब्सिडी, ऊर्जा–खाद्य संबंध; Prelims: सल्फर के उपयोग, DAP/SSP, NBS।
संदर्भ
रूस–यूक्रेन और पश्चिम एशिया के संघर्षों से तेल-गैस उत्पादन — जो सल्फर का मुख्य स्रोत है — प्रभावित हुआ, जिससे कीमतें लगभग $280/टन (जुलाई 2025) से बढ़कर $1,050/टन (जुलाई 2026) से ऊपर पहुँच गईं।
मुख्य तथ्य
वैश्विक सल्फर का लगभग 92%तेल व गैस प्रसंस्करण का उप-उत्पाद है।
भारत ने 2025 में 2.25 MMT आयात किया, जिसमें ~90% (2.02 MMT)पश्चिम एशिया से; आयात बिल ~2.5 गुना बढ़कर $638 मिलियन।
रूस ने सल्फर निर्यात और चीन ने सल्फ्यूरिक एसिड निर्यात पर रोक लगाई है।
सल्फ्यूरिक एसिड रॉक फॉस्फेट को DAP व SSP में बदलता है; EV बैटरी हेतु निकल प्रसंस्करण से वैश्विक माँग और बढ़ी।
आगे की राह
आपूर्तिकर्ताओं का विविधीकरण, रणनीतिक बफर स्टॉक, रिफाइनरियों व स्मेल्टरों से सल्फर पुनर्प्राप्ति बढ़ाना और NBS दरों में आदान लागत को शामिल करना।
अवधारणा
पोषक तत्व आधारित सब्सिडी (NBS, 2010)P व K उर्वरकों पर लागू। सल्फर एक द्वितीयक पोषक तत्व है; मिट्टी में व्यापक S-कमी के कारण सल्फर-लेपित यूरिया (यूरिया गोल्ड) लाया गया।
डोनट चार्ट: भारत का 2025 में 2.25 मिलियन टन सल्फर आयात, लगभग 90 प्रतिशत पश्चिम एशिया से, और कीमत 280 से 1,050 डॉलर प्रति टन तक वृद्धि। — StudyForGS
3. BioE3 को बढ़ावा: PLA बायो-प्लास्टिक R&D सुविधा हेतु ₹75 करोड़ अनुदान
बलरामपुर चीनी मिल्स (BCML) को BioE3 नीति के तहत BIRAC के माध्यम से कुम्भी, उत्तर प्रदेश में 100 टन प्रति वर्ष की PLA व को-पॉलिमर R&D सुविधा हेतु ₹75 करोड़ का अनुदान मिला।
मुख्य तथ्य
पॉलीलैक्टिक एसिड (PLA)मक्का स्टार्च या गन्ने से बना जैव-आधारित, कम्पोस्ट-योग्य थर्मोप्लास्टिक है।
उपयोग: खाद्य पैकेजिंग, चिकित्सीय टाँके, 3D-प्रिंटिंग फिलामेंट और डिस्पोज़ेबल वस्तुएँ।
यह BCML के प्रस्तावित वाणिज्यिक संयंत्र का पूरक है, जिसे भारत की पहली एकीकृत PLA सुविधा बताया गया है।
आगे की राह
औद्योगिक कम्पोस्टिंग का विस्तार, बायोप्लास्टिक लेबलिंग/प्रमाणन के स्पष्ट मानक और प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन नियमों से सामंजस्य।
अवधारणा
BioE3 (2024) = अर्थव्यवस्था, पर्यावरण व रोज़गार हेतु जैव-प्रौद्योगिकी। BIRACजैव-प्रौद्योगिकी विभाग के अधीन गैर-लाभकारी PSU है। PLA मुख्यतः औद्योगिक कम्पोस्टिंग (~58°C) में विघटित होता है, खुली मिट्टी में नहीं।
गन्ने या मक्का से किण्वन, लैक्टिक एसिड, लैक्टाइड और बहुलकीकरण के माध्यम से PLA उत्पादों और कम्पोस्टिंग तक की प्रक्रिया का फ्लोचार्ट। — StudyForGS
4. जापान ने भारत से UNICORN नौसैनिक स्टेल्थ-मास्ट परियोजना तेज़ करने को कहा
DEFENCEसामान्य: प्रारंभिक + मुख्य GS2/GS3
सिलेबस से संबंध
GS3 — रक्षा प्रौद्योगिकी व स्वदेशीकरण; GS2 — भारत–जापान संबंध, क्वाड; Prelims: UNICORN, मोगामी-श्रेणी।
संदर्भ
जापान ने भारत से UNICORN हेतु आंतरिक स्वीकृतियाँ तेज़ करने को कहा है, जिसकी घोषणा जुलाई 2026 में प्रधानमंत्री साने ताकाइची की भारत यात्रा के दौरान हुई थी — यह भारत–जापान की पहली रक्षा सह-विकास परियोजना है।
मुख्य तथ्य
UNICORN = यूनिफाइड कॉम्प्लेक्स रेडियो एंटीना: एक एकीकृत मास्ट जिसमें कई एंटीना (LINK-16, IFF, UHF, TACAN) हैं, ताकि रडार क्रॉस-सेक्शन घटे।
जापान के मोगामी-श्रेणी फ्रिगेट पर लगा; जापानी साझेदारों में NEC और योकोहामा रबर शामिल।
भारतीय नौसेना अपने अगली पीढ़ी के युद्धपोतों हेतु UNICORN का व्युत्पन्न संस्करण चाहती है।
जापान ने चीन के सैन्य व्यय और रूस–उत्तर कोरिया सहयोग को प्रेरक कारण बताया।
आगे की राह
स्वीकृतियाँ शीघ्र दें, वास्तविक प्रौद्योगिकी हस्तांतरण व मेक इन इंडिया घटक सुनिश्चित करें और इसे 2+2 संवाद तथा क्वाड समुद्री एजेंडा से जोड़ें।
अवधारणा
भारत–जापान विशेष रणनीतिक एवं वैश्विक साझेदारी (2014); लॉजिस्टिक्स समझौता ACSA (2020); अभ्यास JIMEX (नौसेना), धर्म गार्डियन (थलसेना), मालाबार (क्वाड नौसेनाएँ)।
UNICORN एकीकृत मास्ट का तथ्य-पत्र आरेख, जिसमें शामिल एंटीना और 2022 से 2026 तक परियोजना के प्रमुख पड़ाव दिखाए गए हैं। — StudyForGS
5. सतत वानिकी हेतु भारत के पहले PRAMAAN प्रमाणपत्र जारी
ENVIRONMENTसामान्य: प्रारंभिक + मुख्य GS3
सिलेबस से संबंध
GS3 — संरक्षण, वन शासन, व्यापार व स्थिरता; Prelims: IFWCS, IIFM, NABCB।
संदर्भ
केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने भारतीय वन एवं काष्ठ प्रमाणन योजना (IFWCS) — PRAMAAN — के तहत पहले प्रमाणपत्र सौंपे, ताकि वनोन्मूलन-मुक्त लकड़ी स्रोत को बढ़ावा मिले।
मुख्य तथ्य
प्राप्तकर्ता: आंध्र प्रदेश वन विकास निगम (33,000 हेक्टेयर वृक्षारोपण) और ओडिशा का एक बाँस किसान।
योजना MoEFCC द्वारा दिसंबर 2023 में शुरू; संचालन IIFM, भोपाल द्वारा।
तीन श्रेणियाँ: वन प्रबंधन, वन के बाहर वृक्ष और कस्टडी की श्रृंखला।
ऑडिट NABCB (भारतीय गुणवत्ता परिषद के अधीन) से मान्यता प्राप्त निकायों द्वारा; मानक राष्ट्रीय कार्य योजना संहिता 2023 से जुड़ा।
आगे की राह
अंतरराष्ट्रीय पारस्परिक मान्यता प्राप्त करें ताकि निर्यातक EU वनोन्मूलन विनियमन जैसे मानकों को पूरा कर सकें; SHG व जनजातीय कृषि-वानिकी तक विस्तार करें।
अवधारणा
वन प्रमाणन = सतत वन प्रबंधन का तृतीय-पक्ष सत्यापन। PRAMAAN = कृषि-वानिकी एवं प्राकृतिक वन संसाधनों की सतत प्रबंधन पद्धतियों की मान्यता एवं प्रत्यायन कार्यक्रम।
6. अध्ययन: क्षरित प्राचीन घास के मैदान पहले जैसे पुनः विकसित नहीं होते
ENVIRONMENTसामान्य: प्रारंभिक + मुख्य GS3
सिलेबस से संबंध
GS3 — पारिस्थितिकी, पुनर्स्थापन, कार्बन सिंक; GS1 — बायोम; Prelims: सवाना, घास के मैदान पारितंत्र।
संदर्भ
PNAS में प्रकाशित अध्ययन — भारत, ऑस्ट्रेलिया, ब्राज़ील के सवाना और अमेरिकी प्रेयरी की 742 पादप प्रजातियों पर — बताता है कि पुराने घास के मैदान क्षरित होने के बाद एक सदी में भी मूल स्वरूप में नहीं लौटते।
मुख्य तथ्य
द्वितीयक घास के मैदानों में धीमी वृद्धि वाली, गहरी जड़ों वाली प्राचीन वनस्पति के स्थान पर लंबी, संसाधन-ग्राही प्रजातियाँ आ जाती हैं।
मिट्टी के पोषक तत्वों और pH में बदलाव मूल प्रजातियों की वापसी रोकता है।
घास के मैदान स्थलीय कार्बन का लगभग एक-तिहाई संग्रहित करते हैं, अधिकांश भूमिगत।
घास के मैदानों को वृक्षारोपण या सौर पार्क हेतु 'बंजर भूमि' मानने के प्रति चेतावनी।
आगे की राह
पहले अक्षुण्ण प्राचीन घास के मैदानों की रक्षा, बंजर भूमि वर्गीकरण में संशोधन और भारत के भूमि-पुनर्स्थापन संकल्प के तहत देशी प्रजातियों से पुनर्स्थापन।
अवधारणा
प्राचीन घास का मैदान = पुराना, स्थिर पारितंत्र, वन अनुक्रमण की प्रारंभिक अवस्था नहीं। भारतीय उदाहरण: बन्नी (गुजरात), शोला (पश्चिमी घाट), तराई, दक्कन पठार — ग्रेट इंडियन बस्टर्ड का आवास। भारत का पुनर्स्थापन लक्ष्य: 2030 तक 26 Mha।
7. सुप्रीम कोर्ट ने आवश्यक व कैंसर दवाओं पर भारी मार्क-अप पर सवाल उठाए
किशन चंद जैन बनाम भारत संघ मामले में न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और संदीप मेहता की पीठ ने व्यापार मूल्य से कहीं अधिक MRP को 'दिन-दहाड़े डकैती' कहा और मरीज़ों तथा आयुष्मान भारत पर बोझ को रेखांकित किया।
मुख्य तथ्य
एक कैंसर दवा का खुदरा विक्रेता मूल्य ~₹2,700 था जबकि MRP ₹27,000 — ~10 गुना (900%) मार्क-अप।
DPCO 2013 केवल अनुसूचित (NLEM) दवाओं — लगभग 18% — पर सीमा लगाता है; ~82% गैर-अनुसूचित दवाओं पर केवल 10% वार्षिक MRP वृद्धि की सीमा।
एक गैर-अनुसूचित स्टैटिन ~₹214/स्ट्रिप में, जबकि मूल्य-नियंत्रित संयोजन ~₹70 में।
कोर्ट ने निजी अस्पतालों द्वारा इन-हाउस फ़ार्मेसी से खरीद की बाध्यता पर भी सवाल उठाया; केंद्र ने जन औषधि केंद्रों का उल्लेख किया।
आगे की राह
व्यापार मार्जिन युक्तिकरण (जो 2019 में 42 कैंसर-रोधी दवाओं पर लागू हुआ) को अधिक गैर-अनुसूचित दवाओं तक बढ़ाएँ, जन औषधि का विस्तार करें और अस्पताल फ़ार्मेसी मूल्यों में पारदर्शिता अनिवार्य करें।
अवधारणा
NPPA (1997)आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत जारी DPCO के अंतर्गत कीमतें तय व निगरानी करता है। NLEM 2022 में 384 दवाएँ। स्वास्थ्य का अधिकार अनुच्छेद 21 में निहित; अनुच्छेद 47 (DPSP) — लोक स्वास्थ्य सुधार का कर्तव्य।
भारत के दवा मूल्य विनियमन का माइंड-मैप — DPCO 2013, NPPA, NLEM, व्यापार मार्जिन युक्तिकरण, जन औषधि और संवैधानिक संबंध, केंद्र में सुप्रीम कोर्ट की मार्क-अप चिंता। — StudyForGS
8. पाकिस्तान की अध्यक्षता में इस्लामाबाद SCO बैठक में भारत शामिल
IRसामान्य: प्रारंभिक + मुख्य GS2
सिलेबस से संबंध
GS2 — क्षेत्रीय समूह, भारत–पाकिस्तान, मध्य एशिया; Prelims: SCO सदस्य, RATS।
संदर्भ
एक संयुक्त सचिव के नेतृत्व में भारतीय प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबाद में SCO योजना बैठक में शामिल हुआ। पाकिस्तान 1 सितंबर 2026 से 31 अगस्त 2027 तक SCO अध्यक्ष है और 2027 में समूह का शीर्ष शिखर सम्मेलन आयोजित करेगा।
मुख्य तथ्य
पाकिस्तान से न्यूनतम संबंधों के बावजूद भारत सभी SCO बैठकों में भाग लेता है; विदेश मंत्री SCO शासनाध्यक्ष बैठक (अक्टूबर 2024) हेतु इस्लामाबाद गए थे।
SCO के 10 सदस्य: चीन, रूस, भारत, पाकिस्तान, ईरान, बेलारूस (2024), कज़ाखस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान, उज़्बेकिस्तान।
UNGA में कश्मीर पर भारत–पाक तनाव फिर उभरा; तुर्किये SCO में बड़ी भूमिका चाहता है।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर: अमेरिका–चीन प्रतिस्पर्धा के दौर में देशों को साझेदारियों में जोखिम घटाना और विविधीकरण करना होगा।
आगे की राह
SCO का उपयोग आतंकवाद-रोधी सहयोग (RATS) और मध्य एशिया संपर्क हेतु करें, साथ ही सीमा-पार आतंकवाद पर शून्य सहनशीलता पर अडिग रहें।
अवधारणा
SCO की स्थापना 2001 (शंघाई फाइव, 1996 से); सचिवालय बीजिंग; RATS मुख्यालय ताशकंद। भारत व पाकिस्तान 2017 में पूर्ण सदस्य बने; भारत ने 2023 में अध्यक्षता की।
9. सबके लिए साक्षरता: भारत 81.1% पर, ULLAS लक्ष्य के करीब
SOCIETYसामान्य: प्रारंभिक + मुख्य GS1/GS2
सिलेबस से संबंध
GS2 — शिक्षा, कल्याणकारी योजनाएँ; GS1 — सामाजिक सशक्तिकरण; Prelims: ULLAS, निपुण भारत, PLFS।
संदर्भ
आधिकारिक आँकड़ों के अनुसार साक्षरता 18.32% (जनगणना 1951) से 74.04% (2011) और 81.1% (PLFS 2025) तक पहुँची; 2024–26 के दौरान ULLAS के तहत 10 राज्य/UTपूर्ण साक्षर घोषित।
मुख्य तथ्य
ULLAS – नव भारत साक्षरता कार्यक्रम (2022–27): परिव्यय ₹1,037.90 करोड़, 15+ आयु के 5 करोड़ शिक्षार्थियों का लक्ष्य; 4.03 करोड़ पंजीकृत।
पूर्ण साक्षर: लद्दाख, मिज़ोरम, गोवा, त्रिपुरा, हिमाचल प्रदेश, चंडीगढ़, अंडमान-निकोबार, सिक्किम, उत्तराखंड, J&K।
PLFS 2025: शहरी 89%, ग्रामीण 77.4%; ग्रामीण महिला साक्षरता केवल 70.3% — प्रमुख अंतर।
निपुण भारत (2021) का लक्ष्य 2026–27 तक बुनियादी साक्षरता व संख्या-ज्ञान; उच्च शिक्षा GER ~30%, जबकि NEP लक्ष्य 2035 तक 50%।
आगे की राह
ग्रामीण महिलाओं और SC/ST क्षेत्रों पर ध्यान; साक्षरता को डिजिटल व वित्तीय साक्षरता तथा कौशल से जोड़ें — विकसित भारत @2047 हेतु।
अवधारणा
साक्षर (जनगणना) = 7+ आयु का व्यक्ति जो किसी भी भाषा में समझ के साथ पढ़-लिख सके। अनुच्छेद 21A (86वाँ संशोधन, 2002) — 6–14 वर्ष हेतु निःशुल्क व अनिवार्य शिक्षा; SDG 4 — गुणवत्तापूर्ण शिक्षा।
1951 से 2025 तक भारत की साक्षरता दर का बार चार्ट, साथ में ULLAS परिव्यय, लक्ष्य शिक्षार्थी, पंजीकरण और पूर्ण साक्षर राज्यों/UT की स्टैट टाइलें। — StudyForGS
10. WEF यात्रा एवं पर्यटन विकास सूचकांक 2026: भारत 31वें स्थान पर
REPORTसामान्य: प्रारंभिक + मुख्य GS3
सिलेबस से संबंध
GS3 — सेवा क्षेत्र, अवसंरचना, रोज़गार; Prelims: सूचकांक और उनके प्रकाशक।
संदर्भ
विश्व आर्थिक मंच के द्विवार्षिक TTDI 2026 में भारत 110 अर्थव्यवस्थाओं में 31वें स्थान पर है — पिछले संस्करण से लगभग नौ स्थान ऊपर; जापान शीर्ष पर।
भारत की ताकत: मूल्य प्रतिस्पर्धा, सांस्कृतिक व प्राकृतिक संसाधन, संतुलित माँग; विश्व धरोहर सांस्कृतिक स्थलों में शीर्ष 10 में।
कमज़ोरियाँ: कार्यबल कौशल, पर्यावरणीय स्थिरता और पर्यटन अवसंरचना की गुणवत्ता।
2024 से 2026 के बीच 110 में से 101 अर्थव्यवस्थाओं के अंक सुधरे।
आगे की राह
आतिथ्य कार्यबल का कौशल विकास, स्वदेश दर्शन 2.0 गंतव्यों का सतत विकास और अंतिम-मील संपर्क में सुधार।
अवधारणा
TTDIद्विवार्षिक है और 2021 से यात्रा एवं पर्यटन प्रतिस्पर्धात्मकता सूचकांक (TTCI) का उत्तराधिकारी है। पर्यटन श्रम-प्रधान सेवा है — रोज़गार और विदेशी मुद्रा अर्जन हेतु अहम।
11. भारत में पुलिसिंग की स्थिति रिपोर्ट 2026: डिजिटल धोखाधड़ी पीड़ित असहाय
भारत में पुलिसिंग की स्थिति रिपोर्ट (SPIR) 2026 — 16 राज्यों के 8,306 लोगों का सर्वेक्षण — बताती है कि डिजिटल वित्तीय धोखाधड़ी के अधिकांश पीड़ितों को बहुत कम या कुछ भी वापस नहीं मिलता।
मुख्य तथ्य
72% पीड़ितों को कोई राशि वापस नहीं मिली; केवल 51% ने औपचारिक शिकायत दर्ज की।
दर्ज शिकायत वालों में 27% ने रिश्वत देने की बात कही; रिश्वत देने वालों को लगभग 3 गुना अधिक बार धन वापस मिला।
गरीब पीड़ितों के रिश्वत देने की संभावना 4 गुना अधिक; 42% को मामला दर्ज कराना कठिन लगा।
समयबद्ध बैंक–पुलिस समन्वय व धन-वापसी लागू करें, साइबर प्रकोष्ठों का पेशेवरीकरण करें और अधिक जोखिम वाले उपयोगकर्ताओं में जागरूकता बढ़ाएँ।
अवधारणा
पुलिस और लोक व्यवस्थाराज्य सूची के विषय (सातवीं अनुसूची)। I4C (गृह मंत्रालय के अधीन) 1930 हेल्पलाइन और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल चलाता है; अपराध IT अधिनियम, 2000 (धारा 43, 66) के तहत।
आज का डेटा पॉइंट
US$ 7.35 bn
भारत में शुद्ध FDI अंतर्वाह, जुलाई 2026 5 वर्षों का सर्वाधिक मासिक शुद्ध FDI, जुलाई 2025 के $4.5 bn से 64% अधिक। सकल अंतर्वाह $14.6 bn। अप्रैल–जुलाई FY27 में शुद्ध FDI $13.4 bn, पिछले वर्ष $9.7 bn (+38%)। मॉरीशस, UAE और अमेरिका का इक्विटी अंतर्वाह में ≈ 70% हिस्सा; संचार, वित्तीय व कंप्यूटर सेवाएँ अग्रणी।
प्रारंभिक परीक्षा रैपिड-फायर
पशुधन बीमा पोर्टल — पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा राष्ट्रीय पशुधन मिशन के तहत डिजिटल पशुधन बीमा हेतु शुरू; हिंदी, अंग्रेज़ी + 11 क्षेत्रीय भाषाओं में।
KAZIND 2026 — भारत–कज़ाखस्तान संयुक्त सैन्य अभ्यास ओस्केमेन, कज़ाखस्तान में (28 सितंबर–11 अक्टूबर 2026); फोकस आतंकवाद-रोधी व ड्रोन (UAS) अभियान।
बेगोनिया राजविक्रमनी — पश्चिमी घाट में रोज़माला वन, कोल्लम (केरल) से नई बेगोनिया प्रजाति; गीली चट्टानी ढलानों पर उगती है।
मोढेरा सूर्य मंदिर — सोलंकी राजा भीमदेव प्रथम (11वीं सदी का आरंभ) द्वारा मेहसाणा, गुजरात में निर्मित; मारु-गुर्जर शैली, सूर्य कुंड सहित।
बोधना शिवानंदन — 46वें शतरंज ओलंपियाड, समरकंद में (11 वर्ष की आयु में) अब तक की सबसे कम उम्र की महिला ग्रैंडमास्टर बनीं।
ब्लू बॉन्ड — सागरमाला वित्त निगम ने बंदरगाह व समुद्री परियोजनाओं हेतु ₹600 करोड़ का 10-वर्षीय ब्लू बॉन्ड जारी किया।
अभ्यास MCQs — UPSC Prelims पैटर्न
Q1. पॉलीलैक्टिक एसिड (PLA) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. यह पादप-आधारित शर्कराओं के किण्वन और फिर बहुलकीकरण से बनता है। 2. यह खुली मिट्टी और समुद्री जल में कुछ ही सप्ताह में आसानी से जैव-विघटित हो जाता है। 3. जैव-नवाचार को वित्त देने वाला BIRAC जैव-प्रौद्योगिकी विभाग के अधीन कार्य करता है। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
केवल 1 और 2
केवल 1 और 3
केवल 2 और 3
1, 2 और 3
उत्तर देखें
उत्तर: B PLA शर्कराओं के किण्वन से लैक्टिक एसिड और फिर बहुलकीकरण से बनता है (1 सही)। यह मुख्यतः औद्योगिक कम्पोस्टिंग (~58°C) में विघटित होता है, मिट्टी या समुद्री जल में जल्दी नहीं (2 गलत)। BIRACजैव-प्रौद्योगिकी विभाग के अधीन PSU है (3 सही)।
Q2. शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. बेलारूस इसका सबसे नया पूर्ण सदस्य है। 2. इसकी क्षेत्रीय आतंकवाद-रोधी संरचना (RATS) का मुख्यालय ताशकंद में है। 3. भारत ने कभी SCO की अध्यक्षता नहीं की। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
केवल 1
केवल 1 और 2
केवल 2 और 3
1, 2 और 3
उत्तर देखें
उत्तर: B बेलारूस2024 में 10वें सदस्य के रूप में शामिल हुआ (1 सही)। RATSताशकंद में है (2 सही)। भारत ने 2023 में SCO की अध्यक्षता की और वर्चुअल शिखर सम्मेलन आयोजित किया (3 गलत)।
मुख्य परीक्षा अभ्यास प्रश्न
Q. गैर-अनुसूचित दवाओं पर अनियंत्रित व्यापार मार्जिन स्वास्थ्य के अधिकार को कमज़ोर करते हैं। भारत के दवा मूल्य विनियमन ढाँचे का आलोचनात्मक परीक्षण कीजिए और सुधार सुझाइए। (250 शब्द, GS2)
संकेत / दृष्टिकोण
भूमिका: SC की 'दिन-दहाड़े डकैती' टिप्पणी (~10 गुना मार्क-अप)। मुख्य भाग: DPCO 2013/NPPA/NLEM का दायरा (~18%), गैर-अनुसूचित दवाओं पर 10% MRP-वृद्धि नियम, व्यापार मार्जिन युक्तिकरण (2019), अस्पताल फ़ार्मेसी, आयुष्मान भारत लागत; प्रतिपक्ष — R&D प्रोत्साहन, आपूर्ति। आगे की राह: व्यापक TMR, जन औषधि, जेनेरिक पर्चे, पारदर्शी मूल्य। निष्कर्ष अनुच्छेद 21/47 से।
📌 एक पंक्ति में रिवीज़न: खाद्य तेल शुल्क कटौती (24 सितंबर) + शुद्ध FDI 5 वर्ष के उच्चतम पर ($7.35 bn, जुलाई) + सल्फर झटका ($1,050/टन) + दवाओं पर 10 गुना मार्क-अप पर SC + PRAMAAN और BioE3-PLA = आज का अनिवार्य पुनरावृत्ति सेट।