उत्तर प्रदेश PSC (UPPCS) के लिए डेली करेंट अफेयर्स

UPPSC करेंट अफेयर्स — 11 September 2026

यूपी कैबिनेट ने ~₹24,000 करोड़ का एक्सप्रेसवे व उद्योग पैकेज मंज़ूर किया; आंगनबाड़ी मानदेय बढ़ाकर ₹12,000 और ₹5 लाख का कैशलेस स्वास्थ्य कवर; स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में लखनऊ देश में प्रथम

Friday, 11 September 2026 · IST · उत्तर प्रदेश + राष्ट्रीय · 8 टॉपिक · 2 MCQs

आज की परीक्षा-उपयोगी खबरों में उत्तर प्रदेश छाया रहा: राज्य कैबिनेट ने लगभग ₹24,000 करोड़ का पैकेज मंज़ूर किया, जिसमें गंगा एक्सप्रेसवे विस्तार और झांसी लिंक एक्सप्रेसवे प्रमुख हैं; अयोध्या में मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी मानदेय बढ़ाकर ₹12,000 किया और ₹5 लाख का कैशलेस स्वास्थ्य कवर जोड़ा। स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2026 में लखनऊ शीर्ष पर रहा और यूपी के 16 शहर राष्ट्रीय रैंकिंग में शामिल हुए, जबकि यूपी टेक्सटाइल विज़न को नए निवेश प्रस्ताव मिले। राष्ट्रीय स्तर पर CCEA ने ₹20,804 करोड़ की आठ रेलवे मल्टीट्रैकिंग परियोजनाएँ स्वीकृत कीं।

आज एक नज़र में — याद रखने वाली बातें

विस्तृत नोट्स

1. यूपी में आंगनबाड़ी मानदेय बढ़कर ₹12,000; ₹5 लाख का कैशलेस स्वास्थ्य कवर जोड़ा गया

UP-SCHEMEUPPSC: प्रीलिम्स + मेन्स GS-II (कल्याण) एवं यूपी-विशेष GS-V (राज्य योजनाएँ)
सिलेबस से संबंधGS-II शासन/कमज़ोर वर्गों का कल्याण; यूपी GS-V राज्य सरकार की योजनाएँ व सामाजिक क्षेत्र।
संदर्भ10 सितंबर 2026 को अयोध्या में मुख्यमंत्री द्वारा घोषित इस पैकेज में राज्य की अग्रिम-पंक्ति बाल-देखभाल कार्यबल के मानदेय व स्वास्थ्य सुरक्षा में उल्लेखनीय वृद्धि की गई।
मुख्य तथ्य
  • आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय बढ़ाकर ₹12,000/माह (₹8,000 से); सहायिकाओं का ₹6,000 (₹4,000 से)।
  • कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं को सूचीबद्ध, सरकारी अस्पतालों व मेडिकल कॉलेजों में ₹5 लाख वार्षिक कैशलेस इलाज
  • 70,000 से अधिक आंगनबाड़ी केंद्रों का पुनर्गठन; किराये/साझा भवनों वाले केंद्रों के लिए अपने भवन प्रस्तावित।
  • कार्यबल लगभग पूरी तरह ग्रामीण निम्न-आय परिवारों की महिलाओं से; योजना ICDS के अंतर्गत आती है।
आगे की राहआंगनबाड़ी सेवाएँ पोषण व प्रारंभिक बाल-देखभाल (POSHAN) की वितरण-कड़ी हैं; बेहतर मानदेय व स्वास्थ्य कवर अंतिम-छोर के कल्याण को मज़बूत करते हैं और यूपी GS-V में अक्सर पूछे जाते हैं।
अवधारणाICDS (समेकित बाल विकास सेवा) आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से पूरक पोषण, टीकाकरण व पूर्व-प्राथमिक शिक्षा देती है।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं के पुराने और नए मानदेय की तुलना करता समूहित बार चार्ट, ₹5 लाख स्वास्थ्य कवर के नोट के साथ।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं के पुराने और नए मानदेय की तुलना करता समूहित बार चार्ट, ₹5 लाख स्वास्थ्य कवर के नोट के साथ। — StudyForGS

2. यूपी कैबिनेट ने ~₹24,000 करोड़ मंज़ूर किए: एक्सप्रेसवे व 11 औद्योगिक इकाइयाँ

UP-INFRAUPPSC: प्रीलिम्स + मेन्स GS-III (अवसंरचना/अर्थव्यवस्था) एवं यूपी-विशेष GS-VI (यूपी अर्थव्यवस्था)
सिलेबस से संबंधGS-III अवसंरचना, औद्योगिक विकास, निवेश मॉडल; यूपी GS-VI एक्सप्रेसवे, कॉरिडोर, औद्योगीकरण।
संदर्भराज्य कैबिनेट ने पश्चिमी यूपी, बुंदेलखंड व पूर्वांचल में कनेक्टिविटी गहरी करने और निवेश को धरातल पर उतारने हेतु एक्सप्रेसवे व औद्योगिक प्रस्ताव मंज़ूर किए।
मुख्य तथ्य
  • गंगा एक्सप्रेसवे विस्तार (~₹10,761 करोड़): प्रयागराज–हरिद्वार खंड पर छह-लेन ग्रीनफील्ड कॉरिडोर (आठ-लेन तक विस्तार-योग्य); DPR तैयार होगी।
  • झांसी लिंक एक्सप्रेसवे (~₹7,968 करोड़) बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र व झांसी रक्षा कॉरिडोर हेतु; सुल्तानपुर लॉजिस्टिक्स क्लस्टर (~₹272 करोड़)।
  • नौ ज़िलों में 11 औद्योगिक इकाइयों के लिए ₹5,507 करोड़, जिसमें उन्नाव में एल्युमिनियम बेवरेज-कैन प्लांट (~₹1,573 करोड़) शामिल।
  • MoU को क्रियाशील परियोजनाओं में बदलने और सर्वाधिक एक्सप्रेसवे-नेटवर्क वाले राज्य की स्थिति को मज़बूती।
आगे की राहएक्सप्रेसवे यूपी के औद्योगिक कॉरिडोर व लॉजिस्टिक्स लागत का आधार हैं और कुंभ/तीर्थ केंद्रों को जोड़ते हैं; MoU को इकाइयों में बदलना ही राज्य के निवेश मॉडल की असली कसौटी है।
अवधारणाग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे नियंत्रित-पहुँच वाली नई अलाइनमेंट का उपयोग करते हैं जिससे सड़क-किनारे औद्योगिक टाउनशिप संभव होती हैं; प्रोत्साहन MoU को धरातल पर उतारते हैं।
₹24,000 करोड़ के यूपी कैबिनेट अवसंरचना व उद्योग पैकेज के चार घटकों और उनके परिव्यय को दर्शाती स्टैट-टाइल पंक्ति।
₹24,000 करोड़ के यूपी कैबिनेट अवसंरचना व उद्योग पैकेज के चार घटकों और उनके परिव्यय को दर्शाती स्टैट-टाइल पंक्ति। — StudyForGS

3. यूपी टेक्सटाइल विज़न 2026: ₹5,196 करोड़ के प्रस्ताव, 10+ पार्क, PM MITRA और बुनकर कल्याण

UP-SCHEMEUPPSC: प्रीलिम्स + मेन्स GS-III (अर्थव्यवस्था/उद्योग) एवं यूपी-विशेष GS-VI (ODOP)
सिलेबस से संबंधGS-III विनिर्माण, MSME, निर्यात; यूपी GS-VI ODOP, हथकरघा/पावरलूम व ज़िला उद्योग।
संदर्भ8 सितंबर 2026 को टेक्सटाइल कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री ने टेक्सटाइल को यूपी की 'नई औद्योगिक ताकत' बताते हुए पार्क, पोर्टल व बुनकर योजनाएँ शुरू कीं।
मुख्य तथ्य
  • ₹5,196 करोड़ के नए निवेश प्रस्तावों पर हस्ताक्षर; लेटर ऑफ कम्फर्ट (~₹163 करोड़) व सब्सिडी सहायता (~₹60 करोड़)।
  • टेक्सटाइल पार्क वाराणसी, अमरोहा, बरेली, संत कबीर नगर व बिजनौर में आरक्षित; नोएडा अपैरल सिटी घोषित; PM MITRA मेगा-हब प्रस्तावित।
  • यूपी में ~2 लाख हथकरघे व 5 लाख+ पावरलूम बुनकर; 6 वर्षों में टेक्सटाइल निर्यात ~56% बढ़ा, यूपी देश का चौथा सबसे बड़ा टेक्सटाइल निर्यातक
  • नया UP Tex Mitra पोर्टलहथकरघा बुनकर समृद्धि योजना शुरू; 35+ ज़िलों में 17 GI-टैग टेक्सटाइल उत्पाद।
आगे की राहकृषि के बाद टेक्सटाइल बड़ा रोज़गारदाता है और ODOP व $350 अरब के राष्ट्रीय टेक्सटाइल लक्ष्य से जुड़ता है; यूपी का हथकरघा/पावरलूम आधार यूपी GS-VI का बार-बार आने वाला विषय है।
अवधारणाPM MITRA पार्क प्लग-एंड-प्ले अवसंरचना के साथ 'फार्म-टू-फाइबर-टू-फैब्रिक-टू-फैशन' समेकित टेक्सटाइल इकोसिस्टम बनाते हैं।
यूपी टेक्सटाइल विज़न 2026 का पिलर आरेख जिसमें चार स्तंभ — टेक्सटाइल पार्क, PM MITRA/अपैरल सिटी, ODOP+GI और बुनकर कल्याण — दर्शाए गए हैं।
यूपी टेक्सटाइल विज़न 2026 का पिलर आरेख जिसमें चार स्तंभ — टेक्सटाइल पार्क, PM MITRA/अपैरल सिटी, ODOP+GI और बुनकर कल्याण — दर्शाए गए हैं। — StudyForGS

4. स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2026 में लखनऊ प्रथम; राष्ट्रीय क्लीन-एयर रैंकिंग में यूपी के 16 शहर

UP-GOVERNANCEUPPSC: प्रीलिम्स + मेन्स GS-III (पर्यावरण) एवं यूपी-विशेष GS-V
सिलेबस से संबंधGS-III पर्यावरण, प्रदूषण नियंत्रण, NCAP; यूपी GS-V शहरी शासन व राज्य का प्रदर्शन।
संदर्भराष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के तहत पाँचवें स्वच्छ वायु सर्वेक्षण पुरस्कारों में लखनऊ ने सबसे बड़े शहरों की श्रेणी में शीर्ष स्थान प्राप्त किया।
मुख्य तथ्य
  • लखनऊ को श्रेणी-I (10 लाख+ आबादी) में 198/200 अंक, इंदौर (197) से एक अंक आगे।
  • शीर्ष क्रम: लखनऊ 198, इंदौर 197, जबलपुर 195, भोपाल व आगरा 192
  • राष्ट्रीय क्लीन-एयर रैंकिंग में यूपी के 16 शहर शामिल — पहली बार लखनऊ ने लंबे समय से अग्रणी इंदौर को पीछे छोड़ा।
  • अंकन केवल परिवेशी PM स्तर नहीं, बल्कि प्रदूषण-नियंत्रण कार्यों, निगरानी व जन-जागरूकता को महत्व देता है।
आगे की राहNCAP लक्ष्य व शहर-स्तरीय वायु कार्य परीक्षा के प्रिय विषय हैं; लखनऊ की जीत शासन-आधारित सुधार दर्शाती है और यूपी GS-V/पर्यावरण का तैयार उदाहरण है।
अवधारणाराष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP, 2019) शहरवार PM10 कमी लक्ष्य तय करता है; स्वच्छ वायु सर्वेक्षण शहरों को उठाए गए कदमों पर रैंक करता है।
स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2026 में शीर्ष पाँच 10-लाख+ शहरों के अंकों का क्षैतिज बार चार्ट, जिसमें लखनऊ अग्रणी है।
स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2026 में शीर्ष पाँच 10-लाख+ शहरों के अंकों का क्षैतिज बार चार्ट, जिसमें लखनऊ अग्रणी है। — StudyForGS

5. ब्रज क्षेत्र का विकास 'अयोध्या और काशी की तर्ज पर' किया जाएगा

UP-CULTUREUPPSC: प्रीलिम्स + मेन्स GS-I (संस्कृति) एवं यूपी-विशेष GS-V (विरासत/पर्यटन)
सिलेबस से संबंधGS-I कला व संस्कृति, तीर्थ पर्यटन; यूपी GS-V विरासत नगर, पर्यटन अर्थव्यवस्था।
संदर्भ6 सितंबर 2026 को मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर जन्माष्टमी समारोह में मुख्यमंत्री ने ब्रज क्षेत्र के व्यापक विकास की घोषणा की।
मुख्य तथ्य
  • मथुरा–वृंदावन, बरसाना, नंदगाँव व गोवर्धन को समेकित तीर्थयात्री सुविधाएँ व कनेक्टिविटी मिलेगी।
  • उदाहरण अयोध्या का, जहाँ अब प्रतिदिन ~1 लाख (त्योहारों पर 5–50 लाख) श्रद्धालु आते हैं; अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, राम पथ व भक्ति पथ।
  • विरासत संरक्षण को श्रद्धालु-केंद्रित अवसंरचना के साथ जोड़ने का लक्ष्य।
  • तीर्थ केंद्रों को आध्यात्मिक-सह-आर्थिक इंजन के रूप में विकसित करने की यूपी की रणनीति का हिस्सा।
आगे की राहआस्था-आधारित पर्यटन अब यूपी का बड़ा राजस्व व रोज़गार चालक है; ब्रज विकास संस्कृति, नगर-नियोजन व राज्य की पर्यटन अर्थव्यवस्था को जोड़ता है — यूपी GS-V की क्लासिक सामग्री।
अवधारणातीर्थ-आधारित शहरी पुनरुत्थान विरासत संरक्षण को हवाई अड्डों, कॉरिडोर व नागरिक सुविधाओं के साथ जोड़कर धार्मिक पर्यटन का विस्तार करता है।

6. विशेषज्ञ डॉक्टरों की पुनर्नियुक्ति आयु 65 से बढ़ाकर 70; 500 कंसल्टेंट पद सृजित

UP-GOVERNANCEUPPSC: प्रीलिम्स + मेन्स GS-II (स्वास्थ्य शासन) एवं यूपी-विशेष GS-V
सिलेबस से संबंधGS-II स्वास्थ्य सेवाएँ, शासन में मानव संसाधन; यूपी GS-V राज्य स्वास्थ्य प्रशासन।
संदर्भसरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञों की कमी दूर करने हेतु राज्य ने अधिकतम पुनर्नियुक्ति आयु बढ़ाई और नए कंसल्टेंट पद बनाए।
मुख्य तथ्य
  • सेवानिवृत्त विशेषज्ञ डॉक्टरों की अधिकतम पुनर्नियुक्ति आयु 65 से बढ़ाकर 70 वर्ष
  • सरकारी सुविधाओं में विशेषज्ञों की कमी भरने हेतु 500 कंसल्टेंट पद
  • ज़िला व रेफरल अस्पतालों की कमी को लक्षित।
  • उसी सप्ताह घोषित आंगनबाड़ी व जन-स्वास्थ्य उपायों का पूरक।
आगे की राहमानव-संसाधन की कमी जन-स्वास्थ्य शासन का मूल मुद्दा है; अनुभवी विशेषज्ञों को बनाए रखना एक व्यावहारिक, परीक्षा-उपयोगी प्रशासनिक समाधान है।

7. CCEA ने ₹20,804 करोड़ की आठ रेलवे मल्टीट्रैकिंग परियोजनाएँ मंज़ूर कीं

NATIONALUPPSC: प्रीलिम्स + मेन्स GS-III (अवसंरचना/अर्थव्यवस्था)
सिलेबस से संबंधGS-III अवसंरचना, रेलवे, पूंजीगत व्यय व क्षेत्रीय कनेक्टिविटी।
संदर्भआर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति ने कई राज्यों में फैली रेलवे क्षमता-वृद्धि परियोजनाओं को मंज़ूरी दी।
मुख्य तथ्य
  • आठ मल्टीट्रैकिंग परियोजनाएँ, ~₹20,804 करोड़, नौ राज्यों में, लगभग 52 लाख आबादी को लाभ।
  • उद्देश्य: संतृप्त मार्गों की भीड़ कम करना, लॉजिस्टिक्स लागत घटाना व माल-ढुलाई क्षमता बढ़ाना।
  • हाल में चालू हुए वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के अंतिम खंडों (~₹20,700 करोड़) के अतिरिक्त।
  • PM गति शक्ति मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी ढाँचे का समर्थन।
आगे की राहरेल क्षमता व डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर गंगा बेल्ट में लॉजिस्टिक्स लागत घटाते हैं, जो यूपी की माल-प्रधान अर्थव्यवस्था और GS-III अवसंरचना प्रश्नों से सीधे जुड़ा है।
अवधारणामल्टीट्रैकिंग (तीसरी/चौथी लाइन) व डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर माल यातायात को यात्री यातायात से अलग कर क्षमता बढ़ाते हैं।
UPPSC हेतु प्रासंगिक राष्ट्रीय पूंजीगत परिव्यय का बार चार्ट: रेलवे मल्टीट्रैकिंग, वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर व डीप ओशन मिशन पोत।
UPPSC हेतु प्रासंगिक राष्ट्रीय पूंजीगत परिव्यय का बार चार्ट: रेलवे मल्टीट्रैकिंग, वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर व डीप ओशन मिशन पोत। — StudyForGS

8. राष्ट्रीय पोषण माह 2026 शुरू; PMMVY के 10 वर्ष पूरे

NATIONALUPPSC: प्रीलिम्स + मेन्स GS-II (स्वास्थ्य व पोषण)
सिलेबस से संबंधGS-II कल्याण योजनाएँ, पोषण, महिला व बाल विकास।
संदर्भकेंद्र सरकार ने पोषण माह का नौवाँ संस्करण शुरू किया, जो मातृत्व लाभ योजना के एक दशक के साथ मेल खाता है।
मुख्य तथ्य
  • 9वाँ राष्ट्रीय पोषण माह 9 सितंबर–8 अक्टूबर 2026; थीम: 'हमारी आंगनबाड़ी हमारी ज़िम्मेदारी'।
  • मातृत्व नकद-लाभ योजना प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) के 10 वर्ष पूरे।
  • पोषण हेतु आंगनबाड़ी-नेतृत्व वाली सामुदायिक भागीदारी पर ज़ोर।
  • यूपी के समवर्ती आंगनबाड़ी सुदृढ़ीकरण उपायों से सीधे जुड़ता है।
आगे की राहPOSHAN अभियान व PMMVY कल्याण-योजना के स्थायी प्रश्न हैं; पोषण माह की थीम यूपी की आंगनबाड़ी घोषणाओं से मेल खाती है, जिससे यह जुड़ा हुआ, उच्च-लाभकारी विषय बनता है।
अवधारणाPOSHAN अभियान (2018) बौनापन, दुबलापन व एनीमिया घटाने का भारत का प्रमुख अभिसरण मिशन है।

आज का डेटा पॉइंट

₹24,000 crore
यूपी कैबिनेट का पूंजीगत निवेश (एक दिन)
10 सितंबर 2026 को मंज़ूर एक्सप्रेसवे व औद्योगिक इकाइयाँ, गंगा एक्सप्रेसवे विस्तार के नेतृत्व में।

प्रारंभिक परीक्षा रैपिड-फायर

स्वच्छ वायु नंबर-1: स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2026 में लखनऊ शीर्ष पर (198/200); आगरा भी शीर्ष पाँच में।
राजनीति: बसपा प्रमुख मायावती ने भतीजे आकाश आनंद को पार्टी से निष्कासित किया, 2027 यूपी चुनाव से पहले।
टेक्सटाइल: यूपी देश का चौथा सबसे बड़ा टेक्सटाइल निर्यातक; 35+ ज़िलों में 17 GI-टैग टेक्सटाइल उत्पाद।
राष्ट्रीय पुरस्कार: किशोर मकवाना (NCSC) को डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम जन सेवा पुरस्कार 2026।
विज्ञान: डीप ओशन मिशन का नया शोध पोत ORV 'सागर मंथन' (~₹840 करोड़) सागर कन्या का स्थान लेगा।
नया पोर्टल/योजना: यूपी ने बुनकरों के लिए 'UP Tex Mitra' पोर्टल व 'हथकरघा बुनकर समृद्धि योजना' शुरू की।

अभ्यास MCQs — UPPSC Prelims पैटर्न

Q1. स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2026 के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. यह राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) के अंतर्गत आयोजित किया जाता है। 2. श्रेणी-I (10 लाख से अधिक आबादी वाले शहर) में लखनऊ शीर्ष पर रहा। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

  1. केवल 1
  2. केवल 2
  3. 1 और 2 दोनों
  4. न तो 1 और न ही 2
उत्तर देखें
उत्तर: C
स्वच्छ वायु सर्वेक्षण NCAP (2019) के अंतर्गत आयोजित होता है। 2026 संस्करण में लखनऊ ने श्रेणी-I (10 लाख+ शहर) में 198/200 अंकों के साथ इंदौर से आगे शीर्ष स्थान पाया। दोनों कथन सही हैं।

Q2. यूपी कैबिनेट द्वारा मंज़ूर गंगा एक्सप्रेसवे विस्तार मुख्यतः किस खंड पर कनेक्टिविटी बढ़ाने हेतु प्रस्तावित है?

  1. प्रयागराज–हरिद्वार
  2. दिल्ली–मेरठ
  3. लखनऊ–गोरखपुर
  4. आगरा–लखनऊ
उत्तर देखें
उत्तर: A
मंज़ूर विस्तार प्रयागराज–हरिद्वार खंड पर एक ग्रीनफील्ड कॉरिडोर है, जो प्रमुख तीर्थ/कुंभ केंद्रों को जोड़ता है; अनुमानित लागत लगभग ₹10,761 करोड़।

मुख्य परीक्षा अभ्यास प्रश्न

Q. "उत्तर प्रदेश का एक्सप्रेसवे नेटवर्क तेज़ी से उसकी औद्योगिक व पर्यटन अर्थव्यवस्था की रीढ़ बनता जा रहा है।" हाल की राज्य पहलों के संदर्भ में चर्चा कीजिए। (250 शब्द)

संकेत / दृष्टिकोण
एक्सप्रेसवे (गंगा, पूर्वांचल, बुंदेलखंड, झांसी लिंक) को औद्योगिक कॉरिडोर/प्राधिकरणों, लॉजिस्टिक्स-लागत में कमी, ODOP क्लस्टर व तीर्थ पर्यटन (प्रयागराज, अयोध्या, ब्रज) से जोड़ें। चुनौतियाँ: भूमि अधिग्रहण, वित्तपोषण मॉडल, संतुलित क्षेत्रीय विकास।
📌 एक पंक्ति में रिवीज़न: आज याद रखें: ₹24,000 करोड़ का यूपी कैबिनेट पैकेज (गंगा एक्सप्रेसवे विस्तार ₹10,761 करोड़) • आंगनबाड़ी ₹12,000 + ₹5 लाख स्वास्थ्य कवर • स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2026 में लखनऊ नंबर-1 • CCEA रेल ₹20,804 करोड़।
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