उत्तराखंड कैबिनेट ने UCC (संशोधन) नियमावली 2026 अधिसूचित की और 25 प्रस्ताव पारित किए; चारधाम यात्रा ने रिकॉर्ड 60 लाख श्रद्धालुओं का आंकड़ा पार किया; भारत–पोलैंड 2030 तक व्यापार दोगुना करेंगे
Friday, 23 October 2026 · IST · उत्तराखंड + राष्ट्रीय · 11 टॉपिक · 2 MCQs
धामी कैबिनेट ने 22 अक्टूबर को 25 प्रस्ताव पारित किए — UCC (संशोधन) नियमावली, 2026 अधिसूचित की, SC/ST निःशुल्क कोचिंग की आय सीमा ₹8 लाख की और एडवेंचर टूरिज्म कॉरपोरेशन को मंजूरी दी; यह सब 27 अक्टूबर से गैरसैंण सत्र से पहले हुआ। मुख्यमंत्री ने बताया कि चारधाम यात्रा रिकॉर्ड 60 लाख श्रद्धालुओं को पार कर चुकी है। राष्ट्रीय स्तर पर पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क की यात्रा में 2030 तक भारत–पोलैंड व्यापार दोगुना करने का लक्ष्य तय हुआ, इसरो ने NavIC बहाली हेतु 30 अक्टूबर को NVS-03 के प्रक्षेपण की तैयारी की और CDSCO ने 330 घटिया दवा नमूने चिन्हित किए।
आज एक नज़र में — याद रखने वाली बातें
उत्तराखंड कैबिनेट (22 अक्टूबर) ने 25 प्रस्ताव पारित किए; UCC (संशोधन) नियमावली, 2026 अधिसूचित।
SC/ST निःशुल्क कोचिंग की पारिवारिक आय सीमा ₹2 लाख से बढ़ाकर ₹8 लाख।
भरण-पोषण अनुदान का नया नाम मुख्यमंत्री एकल नारी सम्मान योजना।
कैबिनेट ने उत्तराखंड एडवेंचर टूरिज्म कॉरपोरेशन लि. को मंजूरी दी।
भराड़ीसैंण (गैरसैंण) में 27 अक्टूबर से विधानसभा सत्र।
चारधाम यात्रा 2026 ने रिकॉर्ड 60 लाख श्रद्धालुओं का आंकड़ा पार किया।
देहरादून में नशा मुक्त उत्तराखंड वॉकथॉन को हरी झंडी।
भारत–पोलैंड: US$6 bn का व्यापार 2030 तक दोगुना होगा; पोलैंड CDRI से जुड़ेगा।
इसरो का NVS-03, GSLV Mk II से 30 अक्टूबर को — NavIC की बहाली हेतु।
CDSCO: सितंबर में 330 NSQ दवा नमूने (अगस्त में 220)।
विस्तृत नोट्स
1. कैबिनेट ने UCC (संशोधन) नियमावली, 2026 अधिसूचित की; गैरसैंण सत्र से पहले 25 प्रस्ताव पारित
UTTARAKHANDUKPSC: Prelims + Mains (राजव्यवस्था एवं शासन — उत्तराखंड)
सिलेबस से संबंध
उत्तराखंड की राजव्यवस्था एवं शासन — UCC, अनुच्छेद 44 (नीति निदेशक तत्व), राज्य विधानमंडल, प्रत्यायोजित विधान। Prelims संकेत: UCC 27 जनवरी 2025 से लागू; भराड़ीसैंण (गैरसैंण)ग्रीष्मकालीन राजधानी है।
संदर्भ
22 अक्टूबर 2026 को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में कैबिनेट ने 25 प्रस्ताव पारित किए, जिनमें UCC (उत्तराखंड) (संशोधन) अधिनियम, 2026 को लागू करने हेतु सिविल संहिता (संशोधन) नियमावली, उत्तराखंड, 2026 शामिल है; यह 27 अक्टूबर से भराड़ीसैंण में दो दिवसीय विधानसभा सत्र से पहले हुआ।
मुख्य तथ्य
नई नियमावली विवाह, तलाक, लिव-इन संबंध और उत्तराधिकार के पंजीकरण में क्रियान्वयन संबंधी कठिनाइयाँ और लिपिकीय त्रुटियाँ दूर करती है।
पूर्व संशोधन (अध्यादेश, जनवरी 2026, अनुच्छेद 213): पहचान छिपाना विवाह निरस्तीकरण का आधार; लिव-इन समाप्ति पर रजिस्ट्रार समाप्ति प्रमाणपत्र देगा; देरी होने पर मामला स्वतः रजिस्ट्रार / रजिस्ट्रार जनरल को जाएगा।
उत्तराखंड GST (संशोधन) विधेयक को केंद्रीय GST बदलावों के अनुरूप सदन में लाने की मंजूरी।
लगभग 3,600 लंबित स्टांप शुल्क मामलों हेतु एकमुश्त समाधान योजना।
कार्य मंत्रणा समिति की बैठक 24 अक्टूबर को; विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण।
आगे की राह
UCC के सरल FAQ हिंदी, गढ़वाली और कुमाऊँनी में जारी हों, ऑनलाइन पोर्टल शिकायत-अनुकूल बने, और गैरसैंण में लंबे सत्र हों ताकि ग्रीष्मकालीन राजधानी को वास्तविक महत्व मिले।
अवधारणा
UCC = सभी नागरिकों के लिए विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, लिव-इन संबंधी एक समान व्यक्तिगत कानून; अनुच्छेद 44 (DPSP) राज्य को इसे 'सुनिश्चित करने का प्रयास' करने को कहता है। उत्तराखंड स्वतंत्रता के बाद पहला राज्य जिसने UCC लागू किया (गोवा की संहिता 1961 से पूर्व की है)। अनुसूचित जनजातियाँ बाहर हैं। किसी अधिनियम के अंतर्गत कार्यपालिका द्वारा बनाए नियम = प्रत्यायोजित विधान।
2026 संशोधन के तहत UCC पंजीकरण का प्रवाह-चित्र: आवेदक उप-रजिस्ट्रार को ऑनलाइन आवेदन करता है; समय-सीमा चूकने पर मामला स्वतः रजिस्ट्रार और फिर रजिस्ट्रार जनरल को जाता है; परिणाम में पंजीकरण प्रमाणपत्र, लिव-इन समाप्ति प्रमाणपत्र और भू-राजस्व बकाये की तरह दंड वसूली शामिल हैं। — StudyForGS
2. चारधाम यात्रा 2026 ने रिकॉर्ड 60 लाख श्रद्धालुओं का आंकड़ा पार किया; 10 नवंबर से कपाट बंद होंगे
UTTARAKHANDUKPSC: Prelims + Mains (इतिहास, संस्कृति एवं भूगोल — उत्तराखंड)
सिलेबस से संबंध
धार्मिक पर्यटन, उत्तराखंड की संस्कृति व भूगोल; भीड़ एवं आपदा प्रबंधन। Prelims संकेत: चारों धामों की नदियाँ, ज़िले और शीतकालीन गद्दीस्थल।
संदर्भ
23 अक्टूबर 2026 को मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि इस सत्र में 60 लाख से अधिक श्रद्धालु चारधाम पहुँचे — नया रिकॉर्ड — मानसून-पूर्व और मानसून-पश्चात दोनों चरणों में; बद्रीनाथ मास्टर प्लान और हरिद्वार कुंभ 2027 पर कार्य जारी है।
प्रत्येक श्रद्धालु के लिए बायोमेट्रिक/ऑनलाइन पंजीकरण अनिवार्य।
कांवड़ यात्रा 2026 में लगभग 5 करोड़ श्रद्धालु (राज्य का आँकड़ा)।
आगे की राह
पंजीकरण आँकड़ों से वास्तविक समय में धारण-क्षमता सीमा तय हो, मार्गों पर भूस्खलन पूर्व-चेतावनी व स्वास्थ्य चौकियाँ बढ़ें और भीड़ बाँटने हेतु शीतकालीन यात्रा को बढ़ावा मिले।
उत्तराखंड का योजनाबद्ध ज़िला मानचित्र: 13 ज़िले, गढ़वाल व कुमाऊँ मंडल छायांकित, पड़ोसी हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, नेपाल व तिब्बत (चीन) अंकित, तथा आज की खबरों के स्थान: देहरादून (कैबिनेट, वॉकथॉन), भराड़ीसैंण-गैरसैंण (विधानसभा सत्र), केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री और हरिद्वार (कुंभ 2027)। — StudyForGS
3. सामाजिक न्याय पर ज़ोर: SC/ST निःशुल्क कोचिंग सीमा ₹8 लाख; 'एकल नारी सम्मान योजना'; दिव्यांग छात्रों को राहत
SOCIETYUKPSC: Prelims + Mains (सामाजिक न्याय एवं कल्याण — उत्तराखंड)
सिलेबस से संबंध
कमज़ोर वर्गों (SC/ST, महिलाएँ, दिव्यांगजन) की कल्याण योजनाएँ; शिक्षा एवं मानवाधिकार संस्थाएँ। Prelims संकेत: राज्य योजनाओं के नाम; राज्य मानवाधिकार आयोग के आँकड़े।
संदर्भ
उसी 22 अक्टूबर की कैबिनेट ने कल्याण का दायरा बढ़ाया: अब अधिक SC/ST छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क कोचिंग के पात्र होंगे, एकल महिलाओं का अनुदान नए नाम से चलेगा और दिव्यांग छात्रों के लिए बोर्ड परीक्षा मानदंड आसान किए गए।
मुख्य तथ्य
SC/ST छात्रों की निःशुल्क कोचिंग: पारिवारिक आय सीमा ₹2 लाख से ₹8 लाख।
भरण-पोषण अनुदान का नाम बदलकर मुख्यमंत्री एकल नारी सम्मान योजना (एकल महिलाएँ)।
उत्तराखंड बोर्ड परीक्षाओं में दिव्यांग छात्रों को उत्तीर्णांक में 5% छूट — अब 28% पर उत्तीर्ण।
सभी 13 DIET का पुनर्गठन; प्रति DIET स्वीकृत पद 48 से घटकर 44।
कोचिंग के परिणाम (चयन) की निगरानी हो और एकल नारी लाभ DBT से दिए जाएँ ताकि दूरस्थ पर्वतीय ज़िलों की विधवा और परित्यक्त महिलाएँ वंचित न रहें।
अवधारणा
DIET (ज़िला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान) = राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 1986 के तहत शिक्षक-प्रशिक्षण संस्था; RPwD अधिनियम, 2016 — मानक दिव्यांगता ≥40%; राज्य मानवाधिकार आयोग मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 के तहत गठित होते हैं।
22 अक्टूबर 2026 की उत्तराखंड कैबिनेट के निर्णयों की आँकड़ा-टाइलें: 25 प्रस्ताव पारित, निःशुल्क कोचिंग आय सीमा 8 लाख रुपये, एकमुश्त समाधान हेतु लगभग 3,600 स्टांप शुल्क मामले, 1.45 लाख रुपये मासिक पर 14 मुख्य प्रशिक्षक, दिव्यांग छात्रों हेतु 28 प्रतिशत उत्तीर्णांक और 13 DIET का पुनर्गठन। — StudyForGS
4. उत्तराखंड एडवेंचर टूरिज्म कॉरपोरेशन को मंजूरी; 'एक ज़िला, एक खेल' को 14 मुख्य प्रशिक्षक
UTTARAKHANDUKPSC: Prelims + Mains (भूगोल एवं अर्थव्यवस्था — उत्तराखंड)
सिलेबस से संबंध
उत्तराखंड की पर्यटन-आधारित अर्थव्यवस्था, पर्वतीय अवसंरचना, खेल विकास, पलायन। Prelims संकेत: साहसिक पर्यटन केंद्र — ऋषिकेश, औली, टिहरी झील।
संदर्भ
कैबिनेट ने समर्पित उत्तराखंड एडवेंचर टूरिज्म कॉरपोरेशन लिमिटेड को मंजूरी दी, पर्वतीय सड़कों की स्वीकृति तेज़ की और अनुबंधित प्रशिक्षकों तथा पुरस्कृत खिलाड़ियों को निःशुल्क बस यात्रा से खेल तंत्र को मज़बूत किया।
मुख्य तथ्य
नया राज्य उपक्रम: उत्तराखंड एडवेंचर टूरिज्म कॉरपोरेशन लि. — साहसिक पर्यटन की योजना, नियमन व विपणन हेतु।
एक ज़िला, एक खेल: 14 मुख्य प्रशिक्षक, 3 वर्ष के अनुबंध पर, नियत ₹1.45 लाख/माह।
राज्य/राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त खिलाड़ियों को उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों में निःशुल्क यात्रा।
लोक निर्माण विभाग: दूसरे चरण के कार्य (ढलान कटान, रिटेनिंग वॉल, कलवर्ट, नालियाँ) एक ही चरण में स्वीकृत।
PM पोषण: हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर में केंद्रीकृत रसोई हेतु भूमि।
आगे की राह
प्रचार के साथ कड़े सुरक्षा SOP, धारण-क्षमता सीमा और स्थानीय युवाओं को गाइड के रूप में प्रमाणन जोड़ा जाए, ताकि साहसिक पर्यटन पलायन रोकने में भी मदद करे।
अवधारणा
साहसिक पर्यटन संपदा: ऋषिकेश में गंगा (राफ्टिंग), औली, चमोली (स्कीइंग), नेहरू पर्वतारोहण संस्थान, उत्तरकाशी (स्थापना 1965), टिहरी झील (जल क्रीड़ा)। पलायन = पर्वतीय गाँवों से बहिर्गमन; इसका अध्ययन ग्राम्य विकास एवं पलायन आयोग (गठन 2017) करता है।
5. देहरादून में 'नशा मुक्त उत्तराखंड' वॉकथॉन को हरी झंडी — 'नशे को ना, ज़िंदगी को हाँ'
SOCIETYUKPSC: Prelims + Mains (सामाजिक मुद्दे एवं आंतरिक सुरक्षा)
सिलेबस से संबंध
सामाजिक मुद्दे — युवाओं में मादक पदार्थ सेवन, नागरिक समाज की भूमिका; आंतरिक सुरक्षा के लिए खतरा बनी नशा तस्करी। Prelims संकेत: NDPS अधिनियम, 1985; नशा मुक्त भारत अभियान (2020)।
संदर्भ
23 अक्टूबर 2026 को मुख्यमंत्री धामी ने डॉ. बी.आर. आंबेडकर मैदान, ONGC, देहरादून में वॉकथॉन को हरी झंडी दिखाई, नशा-विरोधी शपथ दिलाई और राज्य को नशामुक्त बनाने की बहुआयामी रणनीति बताई।
मुख्य तथ्य
आयोजक ONGC ऑफिसर्स एसोसिएशन; कैबिनेट मंत्री खजान दास उपस्थित।
नारा: 'नशे को ना, ज़िंदगी को हाँ'।
रणनीति: तस्करों पर प्रवर्तन + जागरूकता + नशामुक्ति व उपचार + पुनर्वास।
खेल, योग और व्यायाम को बढ़ावा; अभिभावक, शिक्षक, कार्यस्थल व स्वयंसेवी संस्थाएँ जुड़ें।
आगे की राह
मैदानी गलियारे (देहरादून, हरिद्वार, ऊधम सिंह नगर) में हॉटस्पॉट चिन्हित हों, ज़िला नशामुक्ति केंद्र बढ़ें और विद्यालयों में सहपाठी-आधारित कार्यक्रम चलें।
अवधारणा
NDPS अधिनियम, 1985 स्वापक औषधियों व मनःप्रभावी पदार्थों का नियमन करता है; नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (स्थापना 1986) नोडल एजेंसी; नशा मुक्त भारत अभियान15 अगस्त 2020 को शुरू; 26 जून = अंतरराष्ट्रीय नशा निषेध दिवस।
नशा मुक्त उत्तराखंड रणनीति का माइंड-मैप, छह शाखाओं सहित: तस्करों पर प्रवर्तन, जागरूकता अभियान, नशामुक्ति व उपचार, पुनर्वास, खेल-योग-फिटनेस, तथा अभिभावकों, शिक्षकों व स्वयंसेवी संस्थाओं की सामुदायिक भागीदारी। — StudyForGS
6. पुलिस स्मृति दिवस: 1,600 पद भरे जाएँगे; थानों का बजट दोगुना होकर ₹8 करोड़
UTTARAKHANDUKPSC: Prelims + Mains (शासन एवं आंतरिक सुरक्षा — उत्तराखंड)
21 अक्टूबर को पुलिस लाइन, देहरादून में मुख्यमंत्री धामी ने कर्तव्य पथ पर शहीद कर्मियों को श्रद्धांजलि दी और उत्तराखंड पुलिस हेतु भर्ती, बजट व कल्याण संबंधी घोषणाएँ कीं।
मुख्य तथ्य
पुलिस की विभिन्न इकाइयों में लगभग 1,600 रिक्त पद शीघ्र भरे जाएँगे।
थानों का वार्षिक संचालन बजट ₹4 करोड़ से ₹8 करोड़।
राज्य साइबर अपराध समन्वय केंद्र निर्माणाधीन (~₹32 करोड़)।
राज्य गठन से अब तक 206 उत्तराखंड पुलिसकर्मी शहीद (DGP दीपम सेठ); देशभर में पिछले वर्ष 154।
AIIMS ऋषिकेश में 24x7 पुलिस हेल्प डेस्क; हर थाने में महिला सुरक्षा हेतु क्विक रिस्पॉन्स टीम।
आगे की राह
प्रकाश सिंह निर्णय के अनुरूप सुधार लागू हों, बल में महिलाओं की हिस्सेदारी बढ़े और साइबर केंद्र को राष्ट्रीय 1930 साइबर हेल्पलाइन से जोड़ा जाए।
अवधारणा
पुलिस और लोक व्यवस्थाराज्य सूची (प्रविष्टि 1–2, सातवीं अनुसूची) में हैं। प्रकाश सिंह वाद (2006): SC ने सुधार निर्देशित किए — राज्य सुरक्षा आयोग, DGP का निश्चित कार्यकाल, पुलिस स्थापना बोर्ड। यह दिवस 21 अक्टूबर 1959 को हॉट स्प्रिंग्स में शहीद 10 CRPF जवानों की स्मृति में है।
7. भारत–पोलैंड: टस्क की यात्रा में 2030 तक व्यापार दोगुना करने का लक्ष्य; रक्षा उद्योग संवाद शुरू
IRUKPSC: Prelims + Mains (अंतरराष्ट्रीय संबंध)
सिलेबस से संबंध
भारत और यूरोप; द्विपक्षीय संबंध; समूह (CDRI, ISA, IPOI)। Prelims संकेत: भारत–पोलैंड रणनीतिक साझेदारी (अगस्त 2024)।
संदर्भ
पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क लगभग 100 CEO के साथ भारत आए (21–23 अक्टूबर 2026); 22 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से वार्ता में रक्षा, अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा, क्रिटिकल मिनरल्स और कोल गैसीकरण में सहयोग बढ़ा।
मुख्य तथ्य
द्विपक्षीय व्यापार ~US$6 billion; लक्ष्य: 2030 तक दोगुना।
नया रक्षा उद्योग संवाद और आतंकवाद-रोधी संवाद; कार्य योजना 2024–28 की मध्यावधि समीक्षा अनुमोदित।
पोलैंड CDRI से जुड़ेगा; ISA, वैश्विक जैव-ईंधन गठबंधन और IPOI में आमंत्रित।
पोलैंड ने भारत की UNSC अस्थायी सदस्यता (2028–29) का समर्थन किया।
आगे की राह
पोलैंड को रक्षा सह-उत्पादन व विनिर्माण के मध्य यूरोपीय केंद्र के रूप में और भारत–EU FTA लागू होने पर EU बाज़ार के प्रवेश-द्वार के रूप में उपयोग किया जाए।
अवधारणा
CDRI — भारत द्वारा UN जलवायु कार्रवाई शिखर सम्मेलन, 2019 में शुरू; सचिवालय नई दिल्ली। इतिहास: नवानगर के जाम साहब दिग्विजयसिंहजी ('गुड महाराजा') ने द्वितीय विश्वयुद्ध में 600 से अधिक पोलिश बच्चों को शरण दी; अगस्त 2024 में प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा 45 वर्षों में किसी भारतीय PM की पहली यात्रा थी।
22 अक्टूबर 2026 के भारत–पोलैंड परिणामों का माइंड-मैप: 6 अरब डॉलर का व्यापार 2030 तक दोगुना; रक्षा उद्योग संवाद और आतंकवाद-रोधी संवाद; अंतरिक्ष और परमाणु ऊर्जा; क्रिटिकल मिनरल्स और कोल गैसीकरण; पोलैंड का CDRI में शामिल होना; 2028-29 के लिए भारत की UNSC सीट का समर्थन। — StudyForGS
8. नई दिल्ली में एग्रीवोल्टाइक्स विश्व सम्मेलन 2026 — 'एक भूमि, दो फसलें'
ENVIRONMENTUKPSC: Prelims + Mains (पर्यावरण, विज्ञान-प्रौद्योगिकी एवं अर्थव्यवस्था)
सिलेबस से संबंध
नवीकरणीय ऊर्जा, कृषक आय, जलवायु प्रतिबद्धताएँ। Prelims संकेत: PM-KUSUM के घटक A/B/C; ISA मुख्यालय गुरुग्राम।
संदर्भ
7वाँ एग्रीवोल्टाइक्स विश्व सम्मेलन (21–23 अक्टूबर 2026, भारत मंडपम) — ग्लोबल साउथ में पहली बार — MNRE ने जर्मनी के पर्यावरण मंत्रालय के साथ आयोजित किया; PM-KUSUM के अगले चरण में एग्रीवोल्टाइक कार्यक्रम प्रस्तावित है।
मुख्य तथ्य
थीम: 'Powering the Global South'; 1,200+ प्रतिनिधि।
एग्रीवोल्टाइक्स = एक ही भूमि पर सौर PV + फसलें (ऊँचे ढाँचे, पंक्तियों के बीच, ग्रीनहाउस, एक्वावोल्टाइक)।
~47.5 Mha कृषि भूमि तकनीकी रूप से उपयुक्त (~30% कृषि भूमि); ऊँचे ढाँचे 25–30% महँगे।
बताए गए (स्थल-विशेष) लाभ: उपज +10–20%, जल उपयोग ~30% कम।
आगे की राह
FPO/सहकारिताओं से छोटी जोतों को जोड़ा जाए और फसल-उपज सुरक्षा मानक (जर्मनी के DIN SPEC 91434 जैसे) तय हों ताकि 'पहले खेती, फिर सौर' बना रहे।
अवधारणा
PM-KUSUM (2019): A = कृषि भूमि पर 2 MW तक ग्रिड-संयोजित संयंत्र; B = स्टैंडअलोन सौर पंप; C = ग्रिड पंपों का सौरीकरण (फीडर-स्तर सहित)। केंद्रीय सहायता 30% (पूर्वोत्तर, उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्यों व द्वीपों हेतु 50%)। पंचामृत (COP26): 2030 तक 500 GW गैर-जीवाश्म; 2070 तक नेट ज़ीरो।
भारत की लगभग 560 GW स्थापित विद्युत क्षमता का डोनट चार्ट: गैर-जीवाश्म 308.03 GW (55 प्रतिशत से अधिक) बनाम जीवाश्म लगभग 252 GW, साथ में टिप्पणी कि 2030 का 50 प्रतिशत गैर-जीवाश्म NDC लक्ष्य पार हो चुका है। — StudyForGS
9. NavIC की बहाली हेतु इसरो 30 अक्टूबर को GSLV Mk II से NVS-03 प्रक्षेपित करेगा
SCI-TECHUKPSC: Prelims + Mains (विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी)
सिलेबस से संबंध
अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, उपग्रह नेविगेशन, सामरिक आत्मनिर्भरता। Prelims संकेत: NavIC बैंड L1, L5, S; कवरेज भारत + 1,500 km।
संदर्भ
इसरो 30 अक्टूबर 2026 को श्रीहरिकोटा से GSLV Mk II द्वारा NVS-03 — पाँच द्वितीय-पीढ़ी NavIC उपग्रहों में तीसरा — प्रक्षेपित करेगा, जिससे स्वतंत्र स्थिति-निर्धारण हेतु आवश्यक न्यूनतम चार कार्यरत उपग्रह बहाल होंगे।
मुख्य तथ्य
अभी केवल 3 NavIC उपग्रह कार्यरत: IRNSS-1B, IRNSS-1I, NVS-01।
NVS-02 (जनवरी 2025) कक्षा तक नहीं पहुँचा — एक पायरो वाल्व नहीं खुला।
L1 बैंड सामान्य स्मार्टफोन चिप के अनुकूल; सशस्त्र बलों हेतु कूटबद्ध प्रतिबंधित सेवा।
आगे की राह
NVS-04/05 में तेज़ी, परमाणु घड़ियों का पूर्ण स्वदेशीकरण और फ़ोन व वाहन ट्रैकरों में NavIC समर्थन अनिवार्य हो।
अवधारणा
NavIC (पूर्व में IRNSS) = भारत का क्षेत्रीय GNSS। रिसीवर 4 अज्ञात (x, y, z, घड़ी त्रुटि) हल करता है ⇒ न्यूनतम 4 उपग्रह। अन्य: GPS (अमेरिका), GLONASS (रूस), Galileo (EU), BeiDou (चीन), QZSS (जापान, क्षेत्रीय)।
10. CDSCO ने सितंबर में 330 'मानक गुणवत्ता से कम' दवा नमूने चिन्हित किए; एक नकली
HEALTHUKPSC: Prelims + Mains (शासन एवं स्वास्थ्य)
सिलेबस से संबंध
स्वास्थ्य शासन, औषधि नियमन, उपभोक्ता सुरक्षा। Prelims संकेत: औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 के अंतर्गत CDSCO।
संदर्भ
सितंबर 2026 की मासिक निगरानी में केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन ने 330 NSQ नमूने और 1 नकली नमूना (दिल्ली से) चिन्हित किया — अगस्त में 220 NSQ थे।
मुख्य तथ्य
विभाजन: केंद्रीय औषधि प्रयोगशालाओं से 42 + राज्य औषधि परीक्षण प्रयोगशालाओं से 288।
अगस्त: 220 NSQ (29 केंद्रीय + 191 राज्य) → सितंबर में 50% वृद्धि।
नकली दवा अनधिकृत निर्माताओं ने दूसरी कंपनी के ब्रांड नाम से बनाई; जाँच जारी।
NSQ केवल परीक्षित बैच पर लागू; सूचियाँ मासिक प्रकाशित होती हैं।
आगे की राह
राज्य औषधि प्रयोगशालाएँ मज़बूत हों — उत्तराखंड के हरिद्वार व सेलाकुई फार्मा क्लस्टरों हेतु अहम — और संशोधित शेड्यूल M GMP व QR-कोड ट्रैक-एंड-ट्रेस लागू हो।
अवधारणा
NSQ = एक या अधिक गुणवत्ता मानकों में विफल; नकली (spurious) = जाली/नकल; अपमिश्रित = दूषित। CDSCO के प्रमुख DCGI हैं, जो केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अधीन है।
CDSCO द्वारा चिन्हित NSQ दवा नमूनों का समूहित बार चार्ट: अगस्त 2026 — केंद्रीय प्रयोगशालाएँ 29 और राज्य प्रयोगशालाएँ 191 (कुल 220); सितंबर 2026 — केंद्रीय 42 और राज्य 288 (कुल 330)। — StudyForGS
11. दो महासागरों में नौसेना: विशाखापत्तनम में SIMBEX-2026, दक्षिण अफ्रीका के पास IBSAMAR IX
DEFENCEUKPSC: Prelims + Mains (सुरक्षा एवं अंतरराष्ट्रीय संबंध)
सिलेबस से संबंध
रक्षा अभ्यास, समुद्री सुरक्षा, एक्ट ईस्ट व अफ्रीका संपर्क। Prelims संकेत: अभ्यास ↔ साझेदार का मिलान।
संदर्भ
33वाँ SIMBEX (भारत–सिंगापुर) विशाखापत्तनम में जारी है (21–26 अक्टूबर), जबकि IBSAMAR IX (भारत–ब्राज़ील–दक्षिण अफ्रीका) 20 अक्टूबर को साइमन्स टाउन में संपन्न हुआ।
मुख्य तथ्य
SIMBEX 1994 में 'एक्सरसाइज़ लायन किंग' के रूप में शुरू; भारत: INS नीलगिरि (प्रोजेक्ट 17A), INS कमोर्टा (प्रोजेक्ट 28); सिंगापुर: RSS सुप्रीम।
बंगाल की खाड़ी में समुद्री चरण (24–26 अक्टूबर): पनडुब्बी-रोधी, सतह-रोधी और वायु-रोधी अभ्यास।
IBSAMAR IX: भारत की ओर से INS तरकश (तलवार-श्रेणी फ्रिगेट); शृंखला 2008 से।
IBSA का गठन ब्रासीलिया घोषणा, 6 जून 2003 से; IBSA कोष (2004)।
आगे की राह
अभ्यासों की नियमितता बनी रहे और जलगत क्षेत्र जागरूकता जोड़ी जाए, क्योंकि हिंद महासागर में बाहरी सर्वेक्षण पोत बढ़ रहे हैं।
अवधारणा
महासागर (MAHASAGAR) (2025) ने सागर (SAGAR) (2015) का स्थान लिया; पूर्वी नौसेना कमान मुख्यालय = विशाखापत्तनम; केप अगुलहास अटलांटिक–हिंद महासागर सीमा (IHO) है।
आज का डेटा पॉइंट
308.03 GW (>55%)
भारत की गैर-जीवाश्म विद्युत क्षमता लगभग 560 GW स्थापित क्षमता में से — 2030 NDC का 50% गैर-जीवाश्म लक्ष्य पहले ही पार; अगला लक्ष्य 2030 तक 500 GW (पंचामृत)। PM-KUSUM में उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्यों को 50% केंद्रीय सहायता।
प्रारंभिक परीक्षा रैपिड-फायर
UNESCO अस्थायी सूची (20 अक्टूबर): बाराटांग कार्स्ट–मड-ज्वालामुखी परिसर, अंडमान सबडक्शन ज्वालामुखी (बैरन व नारकोंडम) और सिरपुर (छत्तीसगढ़) जोड़े गए।
22 अक्टूबर को रुपया 44 पैसे गिरकर 94.82/US$; पश्चिम एशिया तनाव से ब्रेंट लगभग US$112।
भराड़ीसैंण (गैरसैंण) में 27 अक्टूबर से उत्तराखंड विधानसभा सत्र; अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण।
भारत का मत्स्य उत्पादन: 197.75 लाख टन (2024–25), अंतर्देशीय हिस्सा 151.60 लाख टन।
12वाँ BRICS संसदीय फोरमसंविधान सदन, नई दिल्ली में 26–27 अक्टूबर को।
शीतल देवी ने एशियाई पैरा खेल, आइची-नागोया में कंपाउंड तीरंदाज़ी में दो स्वर्ण जीते।
अभ्यास MCQs — UKPSC Prelims पैटर्न
Q1. उत्तराखंड की समान नागरिक संहिता के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. यह 27 जनवरी 2025 को लागू हुई। 2. राज्य की अनुसूचित जनजातियाँ इसके दायरे से बाहर हैं। 3. इसके अंतर्गत लिव-इन संबंधों का पंजीकरण वैकल्पिक है। उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
केवल 1
केवल 1 और 2
केवल 2 और 3
1, 2 और 3
उत्तर देखें
उत्तर: B UCC 27 जनवरी 2025 से लागू है और अनुसूचित जनजातियों को छूट देती है; लिव-इन संबंधों का पंजीकरण अनिवार्य है और न कराने पर दंड है, अतः कथन 3 गलत है।
Q2. चारधाम और उनके शीतकालीन गद्दीस्थल के निम्नलिखित युग्मों में से कौन-सा सही सुमेलित नहीं है?
केदारनाथ — ऊखीमठ
बद्रीनाथ — जोशीमठ (पांडुकेश्वर)
गंगोत्री — मुखबा
यमुनोत्री — गुप्तकाशी
उत्तर देखें
उत्तर: D सर्दियों में यमुनोत्री की देवी खरसाली जाती हैं; गुप्तकाशी रुद्रप्रयाग में केदारनाथ मार्ग पर है। केदारनाथ → ऊखीमठ (ओंकारेश्वर मंदिर), गंगोत्री → मुखबा।
मुख्य परीक्षा अभ्यास प्रश्न
Q. चारधाम यात्रा में रिकॉर्ड श्रद्धालु संख्या उत्तराखंड के लिए आर्थिक अवसर भी है और पारिस्थितिक जोखिम भी। हिमालयी राज्य में सतत तीर्थ प्रबंधन के उपायों की विवेचना कीजिए। (UKPSC Mains, 200 शब्द)
संकेत / दृष्टिकोण
भूमिका: 2026 में 60 लाख+ श्रद्धालु। मुख्य भाग: लाभ (आजीविका, होमस्टे, रिवर्स पलायन) बनाम जोखिम (कमज़ोर ढलानें, कचरा, 2013 केदारनाथ आपदा, जोशीमठ भू-धंसाव)। उपाय: पंजीकरण से धारण-क्षमता सीमा, स्लॉट बुकिंग, भूस्खलन पूर्व-चेतावनी, कचरा व स्वच्छता, शीतकालीन यात्रा, हरित परिवहन। निष्कर्ष: 'पर्यावरण-संवेदी तीर्थाटन'।
📌 एक पंक्ति में रिवीज़न: UCC नियमावली 2026 + 25 कैबिनेट निर्णय | कोचिंग सीमा ₹8 लाख | चारधाम 60 लाख+ | NVS-03 30 अक्टूबर को | भारत–पोलैंड व्यापार 2030 तक ×2 | 330 NSQ दवाएँ