उत्तराखंड PCS (UKPSC) के लिए डेली करेंट अफेयर्स

UKPSC करेंट अफेयर्स — 12 October 2026

हरिद्वार में धामी कैबिनेट की बैठक; उत्तरकाशी व चमोली में लगातार भूकंप के झटके; चारधाम यात्रा में 56.89 लाख का रिकॉर्ड

Monday, 12 October 2026 · IST · उत्तराखंड + राष्ट्रीय · 12 टॉपिक · 2 MCQs

उत्तराखंड कैबिनेट की दूसरी जिला-स्तरीय बैठक हरिद्वार में हुई और विधानसभा सत्र 30 अक्टूबर से पहले बुलाना आवश्यक है; चमोली में M4.9 के बाद उत्तरकाशी में M4.2 का भूकंप आया तथा चारधाम यात्रा ने रिकॉर्ड 56.89 लाख श्रद्धालुओं का आँकड़ा पार किया। राष्ट्रीय स्तर पर सर्वोच्च न्यायालय ने शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों की विधि-विरुद्ध हिरासत पर रोक लगाई, भारत ने कच्चातीवु समझौते दोबारा न खोलने की बात कही, और TRISHNA व प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना चर्चा में रहे।

आज एक नज़र में — याद रखने वाली बातें

विस्तृत नोट्स

1. 'हर जिले में कैबिनेट' मॉडल के तहत हरिद्वार में धामी कैबिनेट की बैठक; विधानसभा सत्र 30 अक्टूबर से पहले आवश्यक

UTTARAKHANDUKPSC: प्रारंभिक + मुख्य (राजव्यवस्था एवं शासन — उत्तराखंड)
सिलेबस से संबंधराज्य राजव्यवस्था: मंत्रिपरिषद, विधानमंडल सत्र (अनुच्छेद 174), ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण। प्रारंभिक संकेत: गैरसैंण (भराड़ीसैंण) को 2020 में ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित किया गया।
संदर्भराज्य कैबिनेट की बैठक 12 अक्टूबर 2026 को केंद्रीय मेला नियंत्रण भवन (CCR), हरिद्वार में हर की पौड़ी पर गंगा पूजन के बाद हुई। 4 अक्टूबर को बनबसा (चंपावत) के बाद यह दूसरी जिला-स्तरीय कैबिनेट है; एजेंडे में कुंभ 2027, स्वास्थ्य, आवास और शहरी विकास शामिल रहे।
मुख्य तथ्य
  • एजेंडा: स्वास्थ्य, आवास व शहरी विकास विभागों के प्रस्ताव; विशेषज्ञ डॉक्टरों के लिए अलग कैडर संभव।
  • सत्र 30 अक्टूबर से पहले बुलाना आवश्यक — अनुच्छेद 174 के अनुसार दो सत्रों के बीच छह माह से अधिक का अंतर नहीं हो सकता।
  • लगभग 21-24 अक्टूबर के सत्र हेतु गैरसैंण (चमोली) पर विचार हो रहा है।
  • बनबसा बैठक (4 अक्टूबर) में 24 प्रस्ताव पारित, जिनमें FRBM (संशोधन) विधेयक 2026 (राजकोषीय घाटा सीमा GSDP का 3%) और मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा कौशल संवर्धन योजना-2026 (₹200 करोड़, लगभग 1.19 लाख छात्र) शामिल।
आगे की राहजिलों में बारी-बारी से कैबिनेट बैठकें शासन को पर्वतीय जिलों के निकट लाती हैं; इनके साथ निर्णयों की समयबद्ध निगरानी और गैरसैंण में नियमित सत्र-कैलेंडर आवश्यक है।
अवधारणामंत्रिपरिषद (अनु. 163-164) विधानसभा के प्रति सामूहिक रूप से उत्तरदायी है। अनु. 174: राज्यपाल सदन को आहूत/सत्रावसान करते हैं; अधिकतम 6 माह का अंतर। उत्तराखंड विधानसभा एकसदनीय है जिसमें 70 निर्वाचित सीटें हैं।
गढ़वाल और कुमाऊँ मंडलों सहित उत्तराखंड का जिला मानचित्र, जिसमें हरिद्वार (कैबिनेट बैठक, कुंभ कार्य), उत्तरकाशी व चमोली (भूकंप), रुद्रप्रयाग (केदारनाथ), चंपावत (बनबसा) और पौड़ी (कण्वाश्रम) दर्शाए गए हैं
गढ़वाल और कुमाऊँ मंडलों सहित उत्तराखंड का जिला मानचित्र, जिसमें हरिद्वार (कैबिनेट बैठक, कुंभ कार्य), उत्तरकाशी व चमोली (भूकंप), रुद्रप्रयाग (केदारनाथ), चंपावत (बनबसा) और पौड़ी (कण्वाश्रम) दर्शाए गए हैं — StudyForGS

2. चारधाम यात्रा 2026 में 56.89 लाख श्रद्धालुओं का सर्वकालिक रिकॉर्ड; हेमकुंड साहिब के कपाट शीतकाल हेतु बंद

UTTARAKHANDUKPSC: प्रारंभिक + मुख्य (भूगोल एवं अर्थव्यवस्था — उत्तराखंड)
सिलेबस से संबंधउत्तराखंड की अर्थव्यवस्था एवं संस्कृति: धार्मिक पर्यटन, वहन क्षमता, यात्रा प्रबंधन। प्रारंभिक संकेत: धाम–नदी–जिला युग्म।
संदर्भराज्य पर्यटन आँकड़ों के अनुसार 7 अक्टूबर 2026 तक 56.89 लाख श्रद्धालु पहुँचे, जिससे 2023 का 56.13 लाख का रिकॉर्ड टूटा। हेमकुंड साहिब और लोकपाल लक्ष्मण मंदिर (चमोली) के कपाट इस सीजन 3,84,573 श्रद्धालुओं के बाद 10 अक्टूबर को बंद हुए।
मुख्य तथ्य
  • धामवार: बद्रीनाथ 19.14 लाख, केदारनाथ 16.79 लाख, गंगोत्री 9.10 लाख, यमुनोत्री 8.10 लाख।
  • 11 अक्टूबर को केदारनाथ में हिमपात; यात्रा लगभग 3 घंटे रोकने के बाद फिर शुरू हुई।
  • बद्रीनाथ के कपाट बंद होने की तिथि परंपरागत रूप से विजयादशमी (20 अक्टूबर 2026) को तय होती है।
  • हेमकुंड साहिब (लगभग 4,600 मीटर) के कपाट 23 मई 2026 को खुले थे; यह फूलों की घाटी (यूनेस्को स्थल) के निकट है।
आगे की राहपंजीकरण आँकड़ों से स्लॉट-आधारित दर्शन, संवेदनशील मार्गों (केदारनाथ, यमुनोत्री) पर वहन-क्षमता सीमा और भीड़ बाँटने हेतु शीतकालीन यात्रा को बढ़ावा दिया जाए।
अवधारणाचारधाम: यमुनोत्री (यमुना, उत्तरकाशी), गंगोत्री (भागीरथी, उत्तरकाशी), केदारनाथ (मंदाकिनी, रुद्रप्रयाग; ज्योतिर्लिंग), बद्रीनाथ (अलकनंदा, चमोली)। वहन क्षमता = बिना पर्यावरणीय क्षति के किसी क्षेत्र द्वारा सहन किए जा सकने वाले अधिकतम आगंतुक।
7 अक्टूबर तक चारधाम यात्रा 2026 का क्षैतिज बार चार्ट: बद्रीनाथ 19.14 लाख, केदारनाथ 16.79 लाख, गंगोत्री 9.10 लाख, यमुनोत्री 8.10 लाख; कुल यात्रा 56.89 लाख बनाम 2023 में 56.13 लाख
7 अक्टूबर तक चारधाम यात्रा 2026 का क्षैतिज बार चार्ट: बद्रीनाथ 19.14 लाख, केदारनाथ 16.79 लाख, गंगोत्री 9.10 लाख, यमुनोत्री 8.10 लाख; कुल यात्रा 56.89 लाख बनाम 2023 में 56.13 लाख — StudyForGS

3. चार दिनों में दो झटके: चमोली में M4.9 के बाद उत्तरकाशी में M4.2 — हिमालयी भूकंपीय जोखिम चर्चा में

UTTARAKHANDUKPSC: प्रारंभिक + मुख्य (भूगोल एवं आपदा प्रबंधन — उत्तराखंड)
सिलेबस से संबंधउत्तराखंड का भूगोल एवं आपदा प्रबंधन: हिमालयी विवर्तनिकी, भूकंपीय क्षेत्र, SDMA/SDRF। प्रारंभिक संकेत: थ्रस्ट प्रणाली MCT – MBT – HFT।
संदर्भ10 अक्टूबर को रात 8:07 बजे उत्तरकाशी से 2 किमी उत्तर-पश्चिम में M4.2 का भूकंप आया, गहराई 11 किमी; यमुनोत्री घाटी में दहशत फैली, किंतु कोई क्षति दर्ज नहीं हुई। इससे पहले 6 अक्टूबर को चमोली में M4.9 का भूकंप (गहराई लगभग 13 किमी) आया था, जिसके झटके दिल्ली-एनसीआर तक महसूस हुए।
मुख्य तथ्य
  • दोनों भूकंप पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) द्वारा दर्ज किए गए।
  • उथले केंद्र वाले भूकंप (< 70 किमी) सतह पर अधिक तीव्र कंपन उत्पन्न करते हैं।
  • पिछली बड़ी घटनाएँ: उत्तरकाशी 1991 (M6.8) और चमोली 1999 (M6.6)।
  • BIS के संशोधित ज़ोनेशन (IS 1893: 2025) में हिमालयी चाप को नए सर्वाधिक जोखिम वाले ज़ोन VI में रखा गया है।
  • मुख्यमंत्री ने ISO 9001:2015 प्रमाणन पर उत्तराखंड SDRF (गठन 2013) को बधाई दी।
आगे की राहपर्वतीय नगरों में भूकंपरोधी भवन संहिता लागू हो, स्कूलों-अस्पतालों का रेट्रोफिटिंग हो, राज्य के भूकंप पूर्व-चेतावनी नेटवर्क का विस्तार हो और नियमित मॉक ड्रिल हों।
अवधारणाउद्गम केंद्र (फोकस) = भूमिगत विभंग बिंदु; अधिकेंद्र = उसके ठीक ऊपर सतह का बिंदु। परिमाण (मुक्त ऊर्जा) बनाम तीव्रता (क्षति, MMI पैमाना)। हिमालय का निर्माण भारतीय–यूरेशियाई प्लेट टकराव से हुआ।
उत्तराखंड में भूकंप प्रतिक्रिया का प्रवाह-चित्र: पहचान (NCS), चेतावनी (USDMA, जिला EOC), प्रतिक्रिया (SDRF, NDRF), आकलन (क्षति व भूस्खलन-प्रवण सड़कें), पुनर्निर्माण (ज़ोन VI अनुरूप संहिता, रेट्रोफिट, ड्रिल)
उत्तराखंड में भूकंप प्रतिक्रिया का प्रवाह-चित्र: पहचान (NCS), चेतावनी (USDMA, जिला EOC), प्रतिक्रिया (SDRF, NDRF), आकलन (क्षति व भूस्खलन-प्रवण सड़कें), पुनर्निर्माण (ज़ोन VI अनुरूप संहिता, रेट्रोफिट, ड्रिल) — StudyForGS

4. पश्चिमी विक्षोभ से जल्दी हिमपात: पर्वतीय जिलों के लिए 17 अक्टूबर तक बारिश-बर्फबारी का पूर्वानुमान

UTTARAKHANDUKPSC: प्रारंभिक + मुख्य (भूगोल एवं पर्यावरण — उत्तराखंड)
सिलेबस से संबंधउत्तराखंड की जलवायु: पश्चिमी विक्षोभ, उच्च-हिमालयी खतरे। प्रारंभिक संकेत: पश्चिमी विक्षोभ भूमध्य सागर क्षेत्र से उत्पन्न होते हैं।
संदर्भमौसम विभाग ने 12-13 अक्टूबर को देहरादून, उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, नैनीताल और पिथौरागढ़ में बारिश तथा 3,800 मीटर से ऊपर हिमपात का पूर्वानुमान दिया है; 17 अक्टूबर तक मौसम अस्थिर रहेगा।
मुख्य तथ्य
  • 10-11 अक्टूबर को केदारनाथ और हेमकुंड में हिमपात दर्ज।
  • 14 अक्टूबर: सभी जिलों में हल्की-मध्यम वर्षा संभव; ऊँचाई वाले क्षेत्रों में हिमपात।
  • 16-17 अक्टूबर: उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, पिथौरागढ़ में बारिश/बर्फबारी संभव।
  • पहाड़ों में ठंड बढ़ेगी; मैदानों को उमस से राहत।
आगे की राहयात्रा पंजीकरण प्रणाली से मार्गवार अलर्ट भेजे जाएँ, दर्रों पर बर्फ हटाने वाली टीमें तैनात रहें और ऊँचे पड़ावों पर राहत सामग्री पहले से रखी जाए।
अवधारणापश्चिमी विक्षोभ: उपोष्ण पछुआ जेट द्वारा लाए जाने वाले शीतोष्ण निम्न-दाब तंत्र; ये उत्तर-पश्चिम भारत में शीतकालीन वर्षा/हिमपात लाते हैं और रबी फसलों व हिमनद द्रव्यमान के लिए महत्वपूर्ण हैं।

5. मुख्यमंत्री ने लगभग ₹81 करोड़ स्वीकृत किए: कुंभ 2027 कार्यों हेतु ₹61.42 करोड़, साथ में ग्रामीण सड़कें, गूल और धरोहर स्थल

UTTARAKHANDUKPSC: प्रारंभिक + मुख्य (अर्थव्यवस्था एवं संस्कृति — उत्तराखंड)
सिलेबस से संबंधउत्तराखंड की अर्थव्यवस्था एवं संस्कृति: अवसंरचना, कुंभ मेला, पारंपरिक सिंचाई, धरोहर स्थल। प्रारंभिक संकेत: कण्वाश्रम व चक्रवर्ती सम्राट भरत।
संदर्भ11 अक्टूबर 2026 को मुख्यमंत्री ने 8 जिलों में लगभग ₹81 करोड़ स्वीकृत किए, जिनमें केंद्र के अवसंरचना अनुदान के अंतर्गत हरिद्वार में 18 कुंभ मेला 2027 परियोजनाओं हेतु ₹61.42 करोड़ प्रमुख हैं।
मुख्य तथ्य
  • टनकपुर व बनबसा (चंपावत) में 20 किमी आंतरिक ग्रामीण सड़कों हेतु ₹9.94 करोड़।
  • कोटद्वार की सनेह पेयजल योजना (ट्यूबवेल + लिफ्टिंग जलाशय) हेतु ₹3.30 करोड़।
  • तौक भौरा, पिथौरागढ़ में खेत सिंचाई नहर (गूल) हेतु ₹44.13 लाख।
  • धरोहर: कण्वाश्रम (पौड़ी) — सम्राट भरत की प्रतिमा; भौनादेवी शक्तिपीठ (अल्मोड़ा); गुरु गोरखनाथ मेला मैदान (पिथौरागढ़)।
आगे की राहकुंभ कार्य आपदा-सहनशील हों और मेले से काफी पहले पूरे हों; पारदर्शी निगरानी हेतु सड़क व गूल परियोजनाओं की जियो-टैगिंग हो।
अवधारणाकुंभ मेला यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर सूची (2017) में है। मालिनी नदी तट पर स्थित कण्वाश्रम शकुंतला–दुष्यंत और भरत के जन्म से जुड़ा है। गूल पर्वतीय खेती की गुरुत्व-आधारित पारंपरिक नहरें हैं।
11 अक्टूबर की लगभग ₹81 करोड़ की स्वीकृतियों का डोनट चार्ट: कुंभ 2027 ₹61.42 करोड़, ग्रामीण सड़कें ₹12.55 करोड़, मंदिर व धरोहर ₹3.36 करोड़, पेयजल ₹3.30 करोड़, सरकारी आवास ₹1.21 करोड़, सिंचाई गूल ₹0.44 करोड़
11 अक्टूबर की लगभग ₹81 करोड़ की स्वीकृतियों का डोनट चार्ट: कुंभ 2027 ₹61.42 करोड़, ग्रामीण सड़कें ₹12.55 करोड़, मंदिर व धरोहर ₹3.36 करोड़, पेयजल ₹3.30 करोड़, सरकारी आवास ₹1.21 करोड़, सिंचाई गूल ₹0.44 करोड़ — StudyForGS

6. बालिका दिवस: 149 मेधावी छात्राओं को स्मार्टफोन; महिलाओं के 30% क्षैतिज आरक्षण पर ज़ोर

SOCIETYUKPSC: प्रारंभिक + मुख्य (सामाजिक न्याय — उत्तराखंड)
सिलेबस से संबंधसामाजिक न्याय एवं राज्य योजनाएँ: महिला सशक्तिकरण, शिक्षा, आरक्षण। प्रारंभिक संकेत: क्षैतिज बनाम ऊर्ध्वाधर आरक्षण।
संदर्भ11 अक्टूबर को देहरादून में बालिका शिक्षा प्रोत्साहन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 149 मेधावी छात्राओं को स्मार्टफोन दिए और सरकारी नौकरियों में महिलाओं के लिए राज्य के 30% क्षैतिज आरक्षण को रेखांकित किया।
मुख्य तथ्य
  • अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस: 11 अक्टूबर, 2011 में संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा घोषित, पहली बार 2012 में मनाया गया।
  • उत्तराखंड राज्य सेवाओं में अधिवासी महिलाओं को 30% क्षैतिज आरक्षण देता है (2022 का कानून)।
  • 11 अक्टूबर को ही: PMAY की 15 आवासीय परियोजनाएँ पूर्णता के निकट; 12,856 परिवारों को घर मिलेंगे।
आगे की राहडिजिटल उपकरणों को कौशल विकास व करियर परामर्श से जोड़ा जाए और पर्वतीय जिलों में बालिकाओं के उच्च शिक्षा में संक्रमण की निगरानी हो।
अवधारणाऊर्ध्वाधर आरक्षण (SC/ST/OBC/EWS) बनाम क्षैतिज आरक्षण (महिलाएँ, दिव्यांग, पूर्व सैनिक), जो ऊर्ध्वाधर श्रेणियों के आर-पार लागू होता है (इंद्रा साहनी, 1992; अनिल कुमार गुप्ता, 1995)। अनु. 15(3) महिलाओं के लिए विशेष प्रावधान की अनुमति देता है।

7. कच्चातीवु: भारत ने सुप्रीम कोर्ट में कहा, 1974/1976 के समुद्री समझौते दोबारा नहीं खुलेंगे; श्रीलंका ने आश्वासन का स्वागत किया

IRUKPSC: प्रारंभिक + मुख्य (अंतरराष्ट्रीय संबंध)
सिलेबस से संबंधअंतरराष्ट्रीय संबंध: भारत–श्रीलंका संबंध, समुद्री सीमा, मछुआरा मुद्दा। प्रारंभिक संकेत: कच्चातीवु पाक जलडमरूमध्य में स्थित है।
संदर्भभारत के महान्यायवादी आर. वेंकटरमणी ने 6 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि नई दिल्ली की 1974 और 1976 के समझौतों को दोबारा खोलने की कोई योजना नहीं है। 11 अक्टूबर को राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने इसका स्वागत किया और कहा कि श्रीलंकाई भूमि का भारत के विरुद्ध उपयोग नहीं होने दिया जाएगा।
मुख्य तथ्य
  • 1974 के समझौते ने पाक जलडमरूमध्य में सीमा तय की, जिससे कच्चातीवु (लगभग 285 एकड़) श्रीलंका की ओर गया।
  • 1976 का समझौता मन्नार की खाड़ी व बंगाल की खाड़ी से संबंधित था; मछली पकड़ने के अधिकार सीमित हुए।
  • मछुआरों की चिंताएँ राजनयिक माध्यमों से सुलझाई जाएँगी; अगली सुनवाई फरवरी 2027 में।
  • द्वीप पर वार्षिक सेंट एंथनी चर्च उत्सव में भारतीय श्रद्धालु भाग लेते हैं।
आगे की राहसंयुक्त कार्य समूह वार्ता पुनर्जीवित हो, तमिलनाडु के मछुआरों को गहरे समुद्र में मछली पकड़ने की ओर बढ़ने में सहायता मिले और विवाद घटाने हेतु बॉटम ट्रॉलिंग चरणबद्ध रूप से समाप्त हो।
अवधारणासंधि करना संघ की शक्ति है (संघ सूची प्रविष्टि 14; अनु. 73, अनु. 253)। बेरुबारी यूनियन मामला (1960): भारतीय क्षेत्र सौंपने हेतु अनु. 368 के तहत संविधान संशोधन आवश्यक — लंबित याचिकाओं का प्रमुख तर्क।

8. रक्षा समाचार: रूस के साथ INDRA-2026 13 अक्टूबर से, तरंग शक्ति-2026 संपन्न, NGOPV 'श्रेयस' का जलावतरण

DEFENCEUKPSC: प्रारंभिक + मुख्य (सुरक्षा एवं अंतरराष्ट्रीय संबंध)
सिलेबस से संबंधसुरक्षा, रक्षा स्वदेशीकरण, द्विपक्षीय अभ्यास। प्रारंभिक संकेत: अभ्यास–देश युग्म (INDRA = रूस)।
संदर्भINS सह्याद्रि INDRA-2026 (13-18 अक्टूबर) हेतु 11 अक्टूबर को व्लादिवोस्तोक पहुँचा; वायुसेना का बहुराष्ट्रीय अभ्यास तरंग शक्ति-2026 जोधपुर में 12 अक्टूबर को संपन्न; GRSE ने 10 अक्टूबर को अगली पीढ़ी का OPV 'श्रेयस' (यार्ड 3040) जलावतरित किया।
मुख्य तथ्य
  • INDRA: भारत–रूस नौसैनिक अभ्यास, बंदरगाह + समुद्री चरण; महासागर (MAHASAGAR) दृष्टिकोण से जुड़ा।
  • तरंग शक्ति-2026 दूसरा संस्करण है (पहला 2024 में), 26 सितंबर–12 अक्टूबर, साझेदार देशों के F-35, राफेल, F-16 शामिल।
  • NGOPV श्रेणी: 11 पोत — 7 गोवा शिपयार्ड में, 4 GRSE में; लगभग 3,000 टन।
  • INS सह्याद्रि स्वदेशी शिवालिक-श्रेणी (प्रोजेक्ट-17) स्टेल्थ फ्रिगेट है।
आगे की राहअभ्यासों से अंतर-संचालनीयता बढ़ाई जाए और आत्मनिर्भर भारत के तहत स्वदेशी जहाज निर्माण समय पर पूरा हो।
अवधारणामहासागर (MAHASAGAR) = क्षेत्रों में सुरक्षा व विकास हेतु पारस्परिक एवं समग्र उन्नति (2025), सागर (2015) का उत्तराधिकारी। OPV UNCLOS के तहत अनन्य आर्थिक क्षेत्र (200 समुद्री मील) की गश्त करते हैं।

9. सुप्रीम कोर्ट की विशेष बैठक: विधि द्वारा स्थापित प्रक्रिया के बिना शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों की हिरासत नहीं

POLITYUKPSC: प्रारंभिक + मुख्य (राजव्यवस्था एवं शासन)
सिलेबस से संबंधभारतीय राजव्यवस्था: मौलिक अधिकार (अनु. 19, 21, 22, 32), BNSS 2023, न्यायिक पुनरावलोकन। प्रारंभिक संकेत: अनु. 19(1)(b) — शांतिपूर्वक और निरायुध सम्मेलन।
संदर्भ11 अक्टूबर 2026 (रविवार) की विशेष बैठक में न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और वी. मोहना की पीठ ने कथित मतदाता-सूची अनियमितताओं पर दिल्ली में हुए प्रदर्शनों को लेकर निर्देश दिए; सामूहिक हिरासत और मेट्रो/इंटरनेट प्रतिबंधों की खबरों के बाद यह सुनवाई हुई।
मुख्य तथ्य
  • शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को विधि द्वारा स्थापित प्रक्रिया के बिना हिरासत में न लिया जाए।
  • सामान्य मेट्रो व रेल सेवाएँ तथा इंटरनेट बहाल हों; प्रतिबंध केवल अनु. 19(2) के तहत उचित होने पर।
  • BNSS धारा 163 के आदेश वाले क्षेत्रों के बाहर सभा की अनुमति; वकीलों व पत्रकारों के कार्य में बाधा न हो।
  • अवमानना याचिका पर केंद्र को नोटिस; बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिकाएँ 13 अक्टूबर को सूचीबद्ध।
आगे की राहनिर्धारित प्रदर्शन-स्थलों, आनुपातिक प्रतिबंधों और हिरासत की त्वरित न्यायिक निगरानी के माध्यम से लोक व्यवस्था व सभा की स्वतंत्रता में संतुलन बने।
अवधारणाअनु. 19(1)(b): शांतिपूर्वक और निरायुध सम्मेलन का अधिकार; अनु. 19(3) (संप्रभुता, लोक व्यवस्था) के तहत प्रतिबंधित। इंटरनेट बंदी पर आनुपातिकता परीक्षण (अनुराधा भसीन, 2020) लागू। बंदी प्रत्यक्षीकरण = 'शरीर प्रस्तुत करो'।
प्रदर्शन के अधिकार का माइंड-मैप: अनुच्छेद 19(1)(a) व (b), अनुच्छेद 19(2)/(3) युक्तियुक्त प्रतिबंध, अनुच्छेद 21 व 22, बंदी प्रत्यक्षीकरण सहित अनुच्छेद 32 की रिट, BNSS धारा 163 निषेधाज्ञा, और सुप्रीम कोर्ट का 11 अक्टूबर का निर्देश
प्रदर्शन के अधिकार का माइंड-मैप: अनुच्छेद 19(1)(a) व (b), अनुच्छेद 19(2)/(3) युक्तियुक्त प्रतिबंध, अनुच्छेद 21 व 22, बंदी प्रत्यक्षीकरण सहित अनुच्छेद 32 की रिट, BNSS धारा 163 निषेधाज्ञा, और सुप्रीम कोर्ट का 11 अक्टूबर का निर्देश — StudyForGS

10. TRISHNA: इसरो–CNES का थर्मल-इन्फ्रारेड उपग्रह उन्नत चरण में, प्रक्षेपण 12-16 महीनों में अपेक्षित

SCI-TECHUKPSC: प्रारंभिक + मुख्य (विज्ञान-प्रौद्योगिकी एवं पर्यावरण)
सिलेबस से संबंधअंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, जल व कृषि हेतु सुदूर संवेदन। प्रारंभिक संकेत: भारत-फ्रांस मिशन मेघा-ट्रॉपिक्स (2011), SARAL (2013)।
संदर्भइसरो के अनुसार TRISHNA (उच्च-विभेदन प्राकृतिक संसाधन आकलन हेतु थर्मल इन्फ्रा-रेड इमेजिंग उपग्रह) निर्माण के उन्नत चरण में है और इसका प्रक्षेपण 12-16 महीनों में अपेक्षित है; यह घोषणा 'TRISHNA – Water for Tomorrow' कार्यशाला में हुई।
मुख्य तथ्य
  • इसरो और फ्रांस की अंतरिक्ष एजेंसी CNES का संयुक्त मिशन; तीसरा संयुक्त पृथ्वी-अवलोकन उपग्रह।
  • उच्च विभेदन (लगभग 57 मीटर) पर भू-सतह तापमान और वाष्पोत्सर्जन का मापन।
  • उपयोग: फसल जल-तनाव, सिंचाई योजना, शहरी ऊष्मा द्वीप, हिम व हिमनद।
  • अवधारणा से निर्माण तक लगभग एक दशक लगा।
आगे की राहTRISHNA के आँकड़े राज्य के सिंचाई व सूखा डैशबोर्ड से जोड़े जाएँ; यह उत्तराखंड के उच्च हिमालय में हिम व हिमनद निगरानी में सहायक होगा।
अवधारणाथर्मल इन्फ्रारेड (लगभग 8-14 µm) परावर्तित प्रकाश नहीं, उत्सर्जित ऊष्मा को मापता है। वाष्पोत्सर्जन = वाष्पीकरण + पादप वाष्पोत्सर्जन — जल-बजट का आधार।
भारत-फ्रांस पृथ्वी-अवलोकन मिशनों की समयरेखा: मेघा-ट्रॉपिक्स 2011 (उष्णकटिबंधीय जल चक्र), SARAL 2013 (Ka-बैंड अल्टीमेट्री) और लगभग 2027-28 में TRISHNA (थर्मल इन्फ्रारेड)
भारत-फ्रांस पृथ्वी-अवलोकन मिशनों की समयरेखा: मेघा-ट्रॉपिक्स 2011 (उष्णकटिबंधीय जल चक्र), SARAL 2013 (Ka-बैंड अल्टीमेट्री) और लगभग 2027-28 में TRISHNA (थर्मल इन्फ्रारेड) — StudyForGS

11. IMF–विश्व बैंक की वार्षिक बैठकें बैंकॉक में शुरू (12-18 अक्टूबर); विश्व आर्थिक परिदृश्य जारी होना है

REPORTUKPSC: प्रारंभिक + मुख्य (अर्थव्यवस्था एवं अंतरराष्ट्रीय संस्थाएँ)
सिलेबस से संबंधअंतरराष्ट्रीय संस्थाएँ और वैश्विक अर्थव्यवस्था। प्रारंभिक संकेत: ब्रेटन वुड्स सम्मेलन (1944)।
संदर्भ2026 की वार्षिक बैठकें 12 अक्टूबर को क्वीन सिरिकित नेशनल कन्वेंशन सेंटर, बैंकॉक में शुरू हुईं — 35 वर्षों से अधिक बाद थाईलैंड में। विषय: AI और विकास, निजी पूंजी, रोज़गार और जलवायु वित्त।
मुख्य तथ्य
  • मेज़बान विषय: 'Thailand's New Horizons: Empowering People, Building Resilience'।
  • विकास समिति की बैठक 15 अक्टूबर; IMFC पूर्ण सत्र 17 अक्टूबर को।
  • IMF की प्रमुख रिपोर्ट विश्व आर्थिक परिदृश्य (WEO) 13 अक्टूबर को जारी होनी है।
  • बैठकें तीन में से दो वर्ष वाशिंगटन DC में होती हैं; हर तीसरे वर्ष किसी सदस्य देश में।
आगे की राहभारत को IMF कोटा सुधार और उभरती अर्थव्यवस्थाओं की बड़ी भागीदारी पर ज़ोर देना चाहिए तथा अपनी डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना प्रदर्शित करनी चाहिए।
अवधारणाIMF → वृहद आर्थिक स्थिरता, भुगतान संतुलन सहायता, SDR; विश्व बैंक (IBRD + IDA) → विकास वित्त। WEO, GFSR, फिस्कल मॉनिटर IMF की रिपोर्टें हैं; ग्लोबल इकोनॉमिक प्रॉस्पेक्ट्स विश्व बैंक की।

12. प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना का एक वर्ष पूरा: 100 जिले, 36 योजनाओं का अभिसरण

ECONOMYUKPSC: प्रारंभिक + मुख्य (अर्थव्यवस्था एवं कृषि)
सिलेबस से संबंधभारतीय अर्थव्यवस्था: कृषि, अभिसरण योजनाएँ, आकांक्षी जिले। प्रारंभिक संकेत: आकांक्षी जिला कार्यक्रम (2018) के मॉडल पर आधारित।
संदर्भ11 अक्टूबर 2025 को शुरू हुई योजना का एक वर्ष पूरा; सभी 100 कम-उत्पादकता वाले जिलों ने जिला कृषि योजनाएँ तैयार कर ली हैं, जो क्रियान्वयन में हैं। मुख्यमंत्री राज्य की कृषि योजनाओं पर दिल्ली में केंद्रीय कृषि मंत्री से मिलने वाले हैं।
मुख्य तथ्य
  • 16 जुलाई 2025 को कैबिनेट स्वीकृति, 2025-26 से 6 वर्ष के लिए; परिव्यय ₹24,000 करोड़ प्रति वर्ष।
  • 11 मंत्रालयों/विभागों की 36 योजनाओं के साथ राज्य व निजी क्षेत्र की योजनाओं का अभिसरण।
  • जिला चयन: कम उत्पादकता, कम फसल सघनता, कम ऋण वितरण।
  • लक्ष्य 1.7 करोड़ किसान: फसल विविधीकरण, सिंचाई, भंडारण और ऋण।
आगे की राहपर्वतीय जिलों को मैदानी शैली की सघन खेती के बजाय अनुकूलित योजनाएँ चाहिए — मोटा अनाज, बागवानी, पॉलीहाउस और कोल्ड चेन।
अवधारणाफसल सघनता = (सकल फसली क्षेत्र ÷ शुद्ध बोया गया क्षेत्र) × 100। अभिसरण कई योजनाओं की निधियों को एक परिणाम-आधारित जिला योजना में जोड़ता है।
प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के आँकड़ा टाइल: 100 आकांक्षी कृषि जिले, 36 केंद्रीय योजनाओं का अभिसरण, 11 मंत्रालय/विभाग, ₹24,000 करोड़ वार्षिक परिव्यय, 1.7 करोड़ किसान लक्षित, 2025-26 से 6 वर्ष
प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के आँकड़ा टाइल: 100 आकांक्षी कृषि जिले, 36 केंद्रीय योजनाओं का अभिसरण, 11 मंत्रालय/विभाग, ₹24,000 करोड़ वार्षिक परिव्यय, 1.7 करोड़ किसान लक्षित, 2025-26 से 6 वर्ष — StudyForGS

आज का डेटा पॉइंट

56.89 lakh
चारधाम यात्रा 2026 श्रद्धालु संख्या (7 अक्टूबर तक)
सर्वकालिक रिकॉर्ड, 56.13 लाख (2023) से अधिक; बद्रीनाथ 19.14 लाख के साथ शीर्ष पर, उसके बाद केदारनाथ (16.79 लाख)। पर्यटन उत्तराखंड के तृतीयक-क्षेत्र प्रधान GSDP का प्रमुख चालक है — और संवेदनशील हिमालयी मार्गों पर दबाव का भी।

प्रारंभिक परीक्षा रैपिड-फायर

मुख्यमंत्री ने कुंजापुरी (टिहरी) नौ-दिवसीय पर्यटन-विकास मेले का शुभारंभ किया; कुंजापुरी नरेंद्रनगर के निकट एक सिद्धपीठ है।
हरिद्वार को छोड़कर सभी जिलों में 16 अक्टूबर को जिला योजना समिति चुनाव — DPC का आधार अनु. 243ZD (74वाँ संशोधन) है।
भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता में 12 अक्टूबर को अहमदाबाद में ब्रिक्स पारंपरिक एवं स्वदेशी खेल प्रदर्शन खेल शुरू (गैर-प्रतिस्पर्धी)।
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) स्थापना दिवस — मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 के तहत 12 अक्टूबर 1993 को गठित।
मिज़ोरम जनगणना 2027 में शरणार्थियों की अलग गणना करेगा: 38,213 पंजीकृत, जिनमें 29,575 म्यांमार से।
पाकिस्तान ने अपने संविधान के अनु. 232 व 234 के तहत खैबर पख्तूनख्वा में आपातकाल घोषित किया — भारत के अनु. 356 से तुलना करें।

अभ्यास MCQs — UKPSC Prelims पैटर्न

Q1. उत्तराखंड में हालिया भूकंपीय गतिविधि के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 1991 का उत्तरकाशी भूकंप, 1999 के चमोली भूकंप से अधिक परिमाण का था। 2. संशोधित भूकंपीय ज़ोनेशन संहिता (IS 1893: 2025) हिमालयी चाप को ज़ोन VI में रखती है। 3. 10 अक्टूबर 2026 का उत्तरकाशी भूकंप एक गहरे उद्गम वाला भूकंप (300 किमी से अधिक गहराई) था। उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

  1. केवल 1
  2. केवल 1 और 2
  3. केवल 2 और 3
  4. 1, 2 और 3
उत्तर देखें
उत्तर: B
उत्तरकाशी 1991 M6.8 बनाम चमोली 1999 M6.6; IS 1893: 2025 ने हिमालयी चाप के लिए ज़ोन VI बनाया। 10 अक्टूबर का भूकंप उथला (11 किमी) था, अतः कथन 3 गलत है।

Q2. हाल ही में चर्चा में रहा कच्चातीवु निम्नलिखित में से किस जल-क्षेत्र में स्थित है, और किस समझौते के तहत इसे श्रीलंका का भाग माना गया?

  1. मन्नार की खाड़ी — 1964 समझौता
  2. पाक जलडमरूमध्य — 1974 समझौता
  3. कच्छ की खाड़ी — 1976 समझौता
  4. लक्षद्वीप सागर — 1986 समझौता
उत्तर देखें
उत्तर: B
1974 के भारत–श्रीलंका समझौते ने पाक जलडमरूमध्य में सीमा निर्धारित कर कच्चातीवु को श्रीलंका की ओर रखा; 1976 का समझौता मन्नार की खाड़ी व बंगाल की खाड़ी से संबंधित था।

मुख्य परीक्षा अभ्यास प्रश्न

Q. 2026 में श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड संख्या और बार-बार आए भूकंपीय झटके उत्तराखंड में धार्मिक पर्यटन और हिमालयी संवेदनशीलता के बीच तनाव को उजागर करते हैं। चारधाम यात्रा के प्रबंधन हेतु वहन-क्षमता आधारित ढाँचे की विवेचना कीजिए। (UKPSC सामान्य अध्ययन, 200 शब्द)

संकेत / दृष्टिकोण
भूमिका में 56.89 लाख का रिकॉर्ड व M4.2/M4.9 भूकंप → मुद्दे: भीड़, भूस्खलन, कचरा, भूकंपीय ज़ोन VI → ढाँचा: धामवार सीमा, स्लॉट बुकिंग, पूर्व चेतावनी, हरित परिवहन, शीतकालीन यात्रा → निष्कर्ष में सतत पर्यटन व स्थानीय आजीविका।
📌 एक पंक्ति में रिवीज़न: हरिद्वार कैबिनेट (दूसरी जिला बैठक; अनु. 174 की समय-सीमा 30 अक्टूबर) | भूकंप: चमोली M4.9 → उत्तरकाशी M4.2 | चारधाम 56.89 लाख रिकॉर्ड | सुप्रीम कोर्ट: अनु. 19(2) + BNSS 163 | कच्चातीवु 1974/76 | TRISHNA = तीसरा भारत-फ्रांस EO | PMDDKY: 100 जिले
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