उत्तराखंड PCS (UKPSC) के लिए डेली करेंट अफेयर्स

UKPSC करेंट अफेयर्स — 29 September 2026

चारधाम यात्रा रिकॉर्ड 53.23 लाख श्रद्धालुओं के पार; उत्तरकाशी में जल्दी हुई बर्फबारी से 136 ट्रेकर्स फंसे; 4.82% CPI के बीच RBI MPC की बैठक 5–7 अक्टूबर को

Tuesday, 29 September 2026 · IST · उत्तराखंड + राष्ट्रीय · 11 टॉपिक · 2 MCQs

आज उत्तराखंड से रिकॉर्ड चारधाम यात्रा (गंगोत्री में अब तक की सर्वाधिक संख्या), उत्तरकाशी में जल्दी हुई बर्फबारी से फंसे 136 पर्वतारोहियों के लिए बहु-एजेंसी हाई-एल्टीट्यूड रेस्क्यू, और 54 ऐतिहासिक नौले-धारों के वैज्ञानिक पुनरुद्धार हेतु SARRA की पहल प्रमुख हैं। राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती खुदरा महंगाई (अगस्त में 4.82%) ने RBI MPC की बैठक को अहम बना दिया है, जबकि भारत मैरीटाइम इंश्योरेंस पूल, पराली से बायो-बिटुमेन (CSIR-IIP देहरादून के साथ) और अभ्यास वरुण भी चर्चा में हैं।

आज एक नज़र में — याद रखने वाली बातें

विस्तृत नोट्स

1. चारधाम यात्रा 2026 रिकॉर्ड 53.23 लाख श्रद्धालुओं तक; गंगोत्री में सर्वकालिक उच्च संख्या

UTTARAKHANDUKPSC: प्रारंभिक + मुख्य (भूगोल एवं अर्थव्यवस्था — उत्तराखंड)
सिलेबस से संबंधउत्तराखंड का भूगोल व पर्यटन अर्थव्यवस्था; तीर्थ परिपथ, धारण क्षमता, आपदा-संवेदनशील यात्रा मार्ग (Prelims: धाम–नदी–जिला मिलान)।
संदर्भ28 सितंबर 2026 तक चारों धामों में 53,23,401 श्रद्धालु पहुंचे, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में लगभग 46 लाख थे। मुख्यमंत्री ने यात्रा के पहले चरण को सफल बताया; सीज़न के लगभग 1.5 महीने शेष हैं।
मुख्य तथ्य
  • बद्रीनाथ 18.10 लाख, केदारनाथ 15.57 लाख, गंगोत्री 8.41 लाख (अब तक सर्वाधिक), यमुनोत्री 7.5 लाख+।
  • हेमकुंड साहिब: 3,52,765 श्रद्धालु, कई वर्षों बाद पहली बार 3 लाख के पार।
  • रुद्रप्रयाग, चमोली, उत्तरकाशी में आपदा प्रबंधन टीमें 24x7 अलर्ट पर।
  • मानसून के बाद यात्रा का दूसरा चरण सितंबर के मध्य से शुरू हुआ।
आगे की राहपंजीकरण सीमा को धारण क्षमता से जोड़ें, रियल-टाइम भीड़ व मौसम अलर्ट का विस्तार करें और भार बांटने के लिए ऑफ-सीज़न / शीतकालीन यात्रा को बढ़ावा दें।
अवधारणाबद्रीनाथ (चमोली, अलकनंदा, विष्णु); केदारनाथ (रुद्रप्रयाग, मंदाकिनी, ज्योतिर्लिंग); गंगोत्री (उत्तरकाशी, भागीरथी); यमुनोत्री (उत्तरकाशी, यमुना)। हेमकुंड साहिब फूलों की घाटी (चमोली) के निकट है।
चारधाम 2026 श्रद्धालु संख्या (लाख में) का क्षैतिज बार चार्ट: बद्रीनाथ 18.10, केदारनाथ 15.57, गंगोत्री 8.41 (रिकॉर्ड), यमुनोत्री 7.5, हेमकुंड साहिब 3.53; कुल 53.23 लाख बनाम पिछले वर्ष लगभग 46 लाख।
चारधाम 2026 श्रद्धालु संख्या (लाख में) का क्षैतिज बार चार्ट: बद्रीनाथ 18.10, केदारनाथ 15.57, गंगोत्री 8.41 (रिकॉर्ड), यमुनोत्री 7.5, हेमकुंड साहिब 3.53; कुल 53.23 लाख बनाम पिछले वर्ष लगभग 46 लाख। — StudyForGS

2. उत्तरकाशी में जल्दी हुई बर्फबारी से 136 पर्वतारोही फंसे; बहु-एजेंसी हवाई रेस्क्यू जारी

UTTARAKHANDUKPSC: प्रारंभिक + मुख्य (आपदा प्रबंधन — उत्तराखंड)
सिलेबस से संबंधउत्तराखंड में आपदा प्रबंधन; उच्च हिमालयी खतरे, SDRF/NDRF/ITBP/NIM की भूमिका, आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 (Prelims: हिमालयी दर्रे व ग्लेशियर)।
संदर्भशनिवार (26 सितंबर) को असामयिक बर्फबारी से गंगोत्री ग्लेशियर के ऊपर ऊंचाई वाले शिविरों में 136 पर्वतारोही व ट्रेकर्स फंस गए। मुख्यमंत्री ने बचाव को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए; सोमवार (28 सितंबर) से हेलीकॉप्टरों से एयरलिफ्ट शुरू हुई।
मुख्य तथ्य
  • फंसे लोग: 89 अभियान सदस्य, कालिंदी पास पर 18 ट्रेकर्स, ऑडेन्स कॉल पर 29।
  • सोमवार: 4 हेलीकॉप्टरों से 40 निकाले गए (ऑडेन्स कॉल से 29, कालिंदी खाल से 11); मंगलवार को 9 और — कुल 49 हर्षिल हेलीपैड पर सुरक्षित।
  • एजेंसियां: SDRF, ITBP, NDRF, NIM उत्तरकाशी, वन, पुलिस, स्वास्थ्य; जिला नियंत्रण कक्ष का नेतृत्व DM कर रहे हैं।
  • माउंट जोगिन व कालिंदी बेस के पास शिविरों में शेष लोगों को राशन व पानी पहुंचाया जा रहा है।
आगे की राहऊंचाई वाले ट्रेक के लिए मौसम-आधारित परमिट और सैटेलाइट ट्रैकर अनिवार्य हों; हर्षिल व गंगोत्री में हेली-रेस्क्यू पहले से तैनात रहे।
अवधारणाकालिंदी खाल (~5,940 मी) गंगोत्री को बद्रीनाथ (माणा) से जोड़ता है; ऑडेन्स कॉल गंगोत्री घाटी को खतलिंग ग्लेशियर (टिहरी) से जोड़ता है। NIM उत्तरकाशी की स्थापना 1965 में हुई; राज्य SDRF का गठन 2013 केदारनाथ आपदा के बाद हुआ।
उत्तरकाशी हाई-एल्टीट्यूड रेस्क्यू का फ्लोचार्ट: 26 सितंबर को बर्फबारी, 136 फंसे, जिला नियंत्रण कक्ष, SDRF/ITBP/NDRF/NIM टीमें व चार हेलीकॉप्टर, हर्षिल हेलीपैड तक निकासी, 29 सितंबर तक 49 सुरक्षित।
उत्तरकाशी हाई-एल्टीट्यूड रेस्क्यू का फ्लोचार्ट: 26 सितंबर को बर्फबारी, 136 फंसे, जिला नियंत्रण कक्ष, SDRF/ITBP/NDRF/NIM टीमें व चार हेलीकॉप्टर, हर्षिल हेलीपैड तक निकासी, 29 सितंबर तक 49 सुरक्षित। — StudyForGS

3. उत्तराखंड पंचायत उपचुनाव 12 अक्टूबर को; नामांकन 30 सितंबर से

POLITYUKPSC: प्रारंभिक + मुख्य (राजव्यवस्था एवं शासन — उत्तराखंड)
सिलेबस से संबंधउत्तराखंड में पंचायती राज; 73वां संशोधन, राज्य निर्वाचन आयोग (Prelims: अनुच्छेद 243–243O, त्रिस्तरीय ढांचा)।
संदर्भराज्य निर्वाचन आयोग ने रिक्त पंचायत पदों को भरने हेतु उपचुनाव घोषित किए हैं। अकेले उत्तरकाशी में एक ग्राम प्रधान पद, 2 क्षेत्र पंचायत सदस्य पद और छह ब्लॉकों में वार्ड सदस्य पदों पर चुनाव होंगे।
मुख्य तथ्य
  • कार्यक्रम: नामांकन 30 सितंबर–1 अक्टूबर, जांच 3 अक्टूबर, नाम वापसी 4 अक्टूबर, चुनाव चिह्न 5 अक्टूबर।
  • मतदान 12 अक्टूबर, मतगणना 14 अक्टूबर।
  • उत्तरकाशी में वार्ड रिक्तियां: नौगांव 71, भटवाड़ी 39, डुंडा 39, मोरी 23, चिन्यालीसौड़ 21, पुरोला 6।
आगे की राहउम्मीदवारों के अभाव में कई वार्ड पद खाली रहते हैं — पलायन और कमजोर विकेंद्रीकरण दोनों पर एक साथ काम ज़रूरी है।
अवधारणा73वें संशोधन (1992) से भाग IX जोड़ा गया; अनु. 243K — राज्य निर्वाचन आयोग पंचायत चुनाव कराता है; अनु. 243E — 5 वर्ष का कार्यकाल, रिक्तियां 6 महीने में भरना। उत्तराखंड में उत्तराखंड पंचायती राज अधिनियम, 2016 के तहत त्रिस्तरीय व्यवस्था है।

4. SARRA पूरे उत्तराखंड में 54 ऐतिहासिक नौले-धारों का वैज्ञानिक पुनरुद्धार करेगा

ENVIRONMENTUKPSC: प्रारंभिक + मुख्य (पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी — उत्तराखंड)
सिलेबस से संबंधहिमालयी पारिस्थितिकी व जल सुरक्षा; स्प्रिंगशेड प्रबंधन, पारंपरिक ज्ञान, संस्कृति (Prelims: नौला, धारा, गूल, SARRA)।
संदर्भ28 सितंबर 2026 को देहरादून में राज्य-स्तरीय तकनीकी कार्यशाला में स्प्रिंग एंड रिवर रिजुवेनेशन अथॉरिटी (SARRA) ने सभी 13 जिलों के 54 ऐतिहासिक नौलों व धारों के पुनरुद्धार का कार्यक्रम शुरू किया।
मुख्य तथ्य
  • प्राचीन पत्थर संरचनाओं को ज़ीरो-सीमेंट स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग और स्टोन कॉर्बेलिंग से संरक्षित किया जाएगा।
  • उपकरण: जियो-टैगिंग, GIS मैपिंग, स्प्रिंगशेड व हाइड्रोजियोलॉजिकल विश्लेषण।
  • कैचमेंट (रिचार्ज) क्षेत्रों में कंटूर ट्रेंच व रिचार्ज कार्य।
  • साझेदार: UCOST, HNB गढ़वाल विश्वविद्यालय, जलागम प्रबंधन निदेशालय और ग्राम पंचायतें।
आगे की राहग्राम उपनियमों से रिचार्ज क्षेत्रों की रक्षा करें, स्रोत-स्तरीय उपयोगकर्ता समूह बनाएं और जलप्रवाह आंकड़े सार्वजनिक रूप से ट्रैक करें।
अवधारणानौला = पत्थर से बना बावड़ी-नुमा जलस्रोत कुंड (कुमाऊं); धारा = जलस्रोत की टोंटी/प्रपात; गूल = पहाड़ी सिंचाई नहर। SARRA का गठन 2025 में हुआ; सूखते हिमालयी जलस्रोत पेयजल और नदियों के आधार प्रवाह दोनों के लिए खतरा हैं।
SARRA के नौला-धारा पुनरुद्धार का माइंड-मैप: केंद्र में 13 जिलों के 54 ऐतिहासिक जलस्रोत, तथा विरासत संरक्षण, वैज्ञानिक उपकरण, रिचार्ज कार्य, साझेदार और महत्व की शाखाएं।
SARRA के नौला-धारा पुनरुद्धार का माइंड-मैप: केंद्र में 13 जिलों के 54 ऐतिहासिक जलस्रोत, तथा विरासत संरक्षण, वैज्ञानिक उपकरण, रिचार्ज कार्य, साझेदार और महत्व की शाखाएं। — StudyForGS

5. GBPUAT पंतनगर में 3 से 6 अक्टूबर तक 120वां अखिल भारतीय किसान मेला

UTTARAKHANDUKPSC: प्रारंभिक + मुख्य (कृषि एवं अर्थव्यवस्था — उत्तराखंड)
सिलेबस से संबंधउत्तराखंड की पर्वतीय व मैदानी कृषि; बीज प्रणाली, कृषि-तकनीक, प्राकृतिक खेती (Prelims: उत्तराखंड के संस्थान)।
संदर्भगोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GBPUAT), पंतनगर (ऊधम सिंह नगर) 3–6 अक्टूबर 2026 तक 120वें अखिल भारतीय किसान मेले की मेजबानी करेगा; थीम है "स्मार्ट खेती, स्वस्थ धरती और समृद्ध किसान"।
मुख्य तथ्य
  • 400+ स्टॉल; ड्रोन, प्राकृतिक खेती, कृषि मशीनरी, एग्री-स्टार्टअप, पारंपरिक फसलों व पशु देखभाल पर फोकस।
  • बिक्री हेतु बीज: 2,039 क्विंटल गेहूं, 100 क्विंटल तिलहन, 50 क्विंटल मसूर, 26 क्विंटल चना, 5 क्विंटल जौ।
  • ब्रीडर बीज के मूल मूल्य पर 15% छूट; बागवानी व वानिकी पौध सामग्री भी उपलब्ध।
आगे की राहपंतनगर के बीज व ड्रोन परामर्श KVK के माध्यम से पर्वतीय ब्लॉकों तक पहुंचें ताकि मिलेट्स, दलहन और बागवानी को लाभ मिले।
अवधारणाGBPUAT (उद्घाटन 1960) लैंड-ग्रांट मॉडल पर बना भारत का पहला कृषि विश्वविद्यालय और हरित क्रांति की जन्मस्थली है; ब्रीडर बीज → आधार बीज → प्रमाणित बीज बीज श्रृंखला है।

6. वर्ल्डस्किल्स शंघाई 2026 में उत्तराखंड के सानिया जोशी और पार्थ वोहरा को रजत

SOCIETYUKPSC: प्रारंभिक (खेल, पुरस्कार एवं व्यक्तित्व — उत्तराखंड)
सिलेबस से संबंधउत्तराखंड के पुरस्कार व उपलब्धियां; कौशल विकास और युवा रोज़गार (Prelims: चर्चित व्यक्ति)।
संदर्भशंघाई, चीन (22–27 सितंबर 2026) में हुई 48वीं वर्ल्डस्किल्स प्रतियोगिता में भारत ने अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया — विश्व में 10वां स्थान — जिसमें दो रजत उत्तराखंड से आए।
मुख्य तथ्य
  • सानिया जोशी — रिटेल सेल्स में रजत; पार्थ वोहरा — इंडस्ट्रियल डिज़ाइन टेक्नोलॉजी में रजत।
  • भारत: 6 रजत पदक और 20 मेडलियन फॉर एक्सीलेंस।
  • 64 कौशल ट्रेड में लगभग 1,400 प्रतिभागी।
  • चयन IndiaSkills 2025-26 (राज्य → क्षेत्रीय → राष्ट्रीय चरण) से हुआ।
आगे की राहऐसे विजेताओं को राज्य के ITI में मास्टर ट्रेनर बनाकर स्किल इंडिया को पहाड़ी युवाओं के रोज़गार से जोड़ें।
अवधारणावर्ल्डस्किल्स एक द्विवार्षिक "कौशल ओलंपिक" है; भारत की भागीदारी स्किल इंडिया मिशन (शुरुआत 2015) के तहत समन्वित होती है।

7. अगस्त में CPI बढ़कर 4.82%; RBI MPC की बैठक 5–7 अक्टूबर को, रेपो 5.25% पर

ECONOMYUKPSC: प्रारंभिक + मुख्य (भारतीय अर्थव्यवस्था)
सिलेबस से संबंधभारतीय अर्थव्यवस्था: मुद्रास्फीति, मौद्रिक नीति, RBI (Prelims: MPC की संरचना, मुद्रास्फीति लक्ष्य, CPI बनाम WPI)।
संदर्भखुदरा महंगाई अगस्त 2026 में बढ़कर 4.82% हो गई (जुलाई में 4.45%), जिसका कारण खाद्य महंगाई (5.95%) रही — यह लगातार तीसरा महीना है जब यह 4% लक्ष्य से ऊपर है। MPC की बैठक 5–7 अक्टूबर को है; अर्थशास्त्रियों के सर्वे में संभावित वृद्धि पर मत बंटे हैं।
मुख्य तथ्य
  • वर्तमान रेपो दर 5.25%, रुख तटस्थ (अगस्त में यथावत)।
  • सर्वे: 61 में से 35 अर्थशास्त्री 25 bps बढ़ोतरी के साथ 5.50% की उम्मीद करते हैं।
  • महंगाई अब व्यापक हो रही है; ऋणों तक नीति का संचरण मुख्य चिंता है।
आगे की राहमूल्य स्थिरता और विकास में संतुलन; खाद्य भंडार व आयात पर आपूर्ति-पक्ष कदम दरों पर दबाव कम कर सकते हैं।
अवधारणाMPC — RBI अधिनियम 1934 की धारा 45ZB (2016 में जोड़ी गई): 6 सदस्य, गवर्नर के पास निर्णायक मत। लचीला मुद्रास्फीति लक्ष्यीकरण: 4% ± 2%, CPI (संयुक्त) पर आधारित, जिसे NSO/MoSPI जारी करता है।
भारत की महंगाई का बार चार्ट: CPI जुलाई 2026 4.45%, CPI अगस्त 2026 4.82%, खाद्य महंगाई अगस्त 5.95%, 4% लक्ष्य रेखा और 6% ऊपरी सीमा के सापेक्ष; रेपो दर 5.25%।
भारत की महंगाई का बार चार्ट: CPI जुलाई 2026 4.45%, CPI अगस्त 2026 4.82%, खाद्य महंगाई अगस्त 5.95%, 4% लक्ष्य रेखा और 6% ऊपरी सीमा के सापेक्ष; रेपो दर 5.25%। — StudyForGS

8. भारत मैरीटाइम इंश्योरेंस पूल: युद्ध-जोखिम प्रीमियम के विरुद्ध स्वदेशी सुरक्षा कवच

ECONOMYUKPSC: प्रारंभिक + मुख्य (अर्थव्यवस्था एवं अवसंरचना)
सिलेबस से संबंधअवसंरचना — बंदरगाह व शिपिंग, बीमा क्षेत्र, रणनीतिक स्वायत्तता (Prelims: GIC Re, P&I कवर)।
संदर्भआधिकारिक आंकड़े (28 सितंबर 2026) बताते हैं कि भारत मैरीटाइम इंश्योरेंस पूल (BMIP) ने पश्चिम एशिया के समुद्री मार्ग जोखिमों के बीच भारतीय जहाज़ों व कार्गो के लिए विदेशी बीमाकर्ताओं पर निर्भरता घटाई है।
मुख्य तथ्य
  • अंडरराइटिंग क्षमता ₹13,906.50 करोड़ (~US$1.5 bn); सॉवरेन गारंटी ₹12,980 करोड़।
  • कवर: हल एवं मशीनरी, कार्गो, प्रोटेक्शन एवं इंडेम्निटी (P&I) और युद्ध जोखिम।
  • 7 सितंबर तक: 3,000 कार्गो-युद्ध, 92 हल युद्ध-जोखिम, 3 P&I पॉलिसियां; युद्ध-जोखिम प्रीमियम 35–40% घटे।
  • प्रशासक GIC Re; अवधि 10 वर्ष, 15 तक बढ़ाने योग्य।
आगे की राहघरेलू P&I क्लब और पुनर्बीमा क्षमता बढ़ाएं ताकि भारत के मैरीटाइम अमृत काल लक्ष्य वैश्विक बीमाकर्ताओं पर निर्भर न रहें।
अवधारणाP&I बीमा तृतीय-पक्ष देनदारियों (चालक दल, प्रदूषण, टक्कर) को कवर करता है। पहले वार्षिक प्रीमियम बहिर्वाह लगभग US$45–60 mn था।
भारत मैरीटाइम इंश्योरेंस पूल का स्तंभ आरेख: चार स्तंभ — हल एवं मशीनरी, कार्गो, प्रोटेक्शन एवं इंडेम्निटी, युद्ध जोखिम — ₹13,906.50 करोड़ क्षमता और ₹12,980 करोड़ सॉवरेन गारंटी के आधार पर, प्रशासक GIC Re।
भारत मैरीटाइम इंश्योरेंस पूल का स्तंभ आरेख: चार स्तंभ — हल एवं मशीनरी, कार्गो, प्रोटेक्शन एवं इंडेम्निटी, युद्ध जोखिम — ₹13,906.50 करोड़ क्षमता और ₹12,980 करोड़ सॉवरेन गारंटी के आधार पर, प्रशासक GIC Re। — StudyForGS

9. पराली से बायो-बिटुमेन राजमार्ग मानकों की ओर; CSIR-IIP देहरादून सह-विकासकर्ता

SCI-TECHUKPSC: प्रारंभिक + मुख्य (विज्ञान-प्रौद्योगिकी एवं पर्यावरण)
सिलेबस से संबंधविज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पर्यावरण: पराली दहन, चक्रीय अर्थव्यवस्था, उत्तराखंड स्थित राष्ट्रीय प्रयोगशालाएं (Prelims: पायरोलिसिस)।
संदर्भ29 सितंबर 2026 की आधिकारिक विज्ञप्तियों में CSIR-CRRI (नई दिल्ली) और CSIR-IIP (देहरादून) की बायो-बिटुमेन तकनीक को रेखांकित किया गया, जो जनवरी 2026 में उद्योग को हस्तांतरित हुई और जिसे राष्ट्रीय राजमार्ग मानकों में शामिल करने की योजना है।
मुख्य तथ्य
  • बायो-ऑयल बिटुमेन में 20–30% पेट्रोलियम बाइंडर की जगह लेता है।
  • कटाई के बाद की धान की पराली के पायरोलिसिस (उच्च ताप, ऑक्सीजन रहित) से निर्माण।
  • फील्ड ट्रायल: जोराबाट–शिलांग एक्सप्रेसवे (NH-40), मेघालय पर 100 मी।
  • सह-उत्पाद: दहनशील गैस, जैव-कीटनाशक अंश, उच्च-गुणवत्ता कार्बन।
आगे की राहपंजाब–हरियाणा में क्लस्टर-स्तरीय पायरोलिसिस इकाइयां लगाकर पराली को आय में बदलें और बिटुमेन आयात घटाएं।
अवधारणापायरोलिसिस = ऑक्सीजन के बिना तापीय अपघटन → बायो-ऑयल + सिनगैस + बायोचार। CSIR-IIP देहरादून (स्थापना 1960) उत्तराखंड स्थित प्रमुख पेट्रोलियम व जैव-ईंधन प्रयोगशाला है।
प्रवाह आरेख: धान की पराली ऑक्सीजन रहित पायरोलिसिस से बायो-ऑयल, गैस और कार्बन देती है; बायो-ऑयल को सड़कों हेतु बिटुमेन में 20 से 30 प्रतिशत मिलाया जाता है, मेघालय में NH-40 पर परीक्षण।
प्रवाह आरेख: धान की पराली ऑक्सीजन रहित पायरोलिसिस से बायो-ऑयल, गैस और कार्बन देती है; बायो-ऑयल को सड़कों हेतु बिटुमेन में 20 से 30 प्रतिशत मिलाया जाता है, मेघालय में NH-40 पर परीक्षण। — StudyForGS

10. अभ्यास वरुण 2026: 24वें संस्करण हेतु INS त्रिशूल तूलों में फ्रांसीसी नौसेना के साथ

DEFENCEUKPSC: प्रारंभिक + मुख्य (अंतरराष्ट्रीय संबंध एवं रक्षा)
सिलेबस से संबंधभारत–फ्रांस संबंध, रक्षा अभ्यास (Prelims: अभ्यास–देश मिलान)।
संदर्भभारतीय नौसेना का फ्रिगेट INS त्रिशूल द्विपक्षीय समुद्री अभ्यास वरुण के 24वें संस्करण हेतु तूलों, फ्रांस पहुंचा, जिसमें हार्बर और समुद्री चरण शामिल हैं।
मुख्य तथ्य
  • द्विपक्षीय नौसैनिक अभ्यास 1993 में शुरू, 2001 में नाम वरुण रखा गया।
  • INS त्रिशूल एक तलवार-श्रेणी का स्टेल्थ फ्रिगेट है।
  • समुद्री चरण: वायु-रक्षा, पनडुब्बी-रोधी अभ्यास, क्रॉस-डेक ऑपरेशन, समुद्र में पुनःपूर्ति।
आगे की राहहिंद-प्रशांत समुद्री क्षेत्र जागरूकता और पश्चिमी हिंद महासागर में संयुक्त कार्य को गहरा करें।
अवधारणाभारत–फ्रांस रणनीतिक साझेदारी 1998 से; अन्य भारत–फ्रांस अभ्यास: शक्ति (थल सेना), गरुड़ (वायु सेना)।

11. PM-AJAY: 18,093 अनुसूचित जाति बहुल गांव आदर्श ग्राम घोषित

SOCIETYUKPSC: प्रारंभिक + मुख्य (सामाजिक न्याय एवं कल्याण)
सिलेबस से संबंधकमज़ोर वर्गों के लिए कल्याणकारी योजनाएं (Prelims: योजना की विशेषताएं, पात्रता)।
संदर्भ29 सितंबर को जारी आधिकारिक प्रगति आंकड़ों (8 सितंबर 2026 तक) के अनुसार प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (PM-AJAY) ने 47,243 गांवों को कवर किया है।
मुख्य तथ्य
  • 18,093 गांव आदर्श ग्राम घोषित; 47.79 लाख लाभार्थी।
  • गांव पात्रता: ≥40% SC आबादी और कुल आबादी ≥500।
  • ₹1,730+ करोड़ जारी (FY22–FY26); 785 छात्रावास पूर्ण।
आगे की राहआदर्श ग्राम योजनाओं को कौशल व ऋण से जोड़ें ताकि परिसंपत्तियां आजीविका में बदलें।
अवधारणा2021-22 में शुरू, 100% केंद्र प्रायोजित; इसमें PM आदर्श ग्राम योजना, SCSP हेतु SCA और बाबू जगजीवन राम छात्रावास योजना का विलय हुआ।

आज का डेटा पॉइंट

5.22% of GDP
भारत की पर्यटन अर्थव्यवस्था (विश्व पर्यटन दिवस, 27 सितंबर 2026)
पर्यटन 8.46 करोड़ रोज़गार (2023-24) देता है; 2025 में विदेशी मुद्रा आय ₹2.77 लाख करोड़ और 2.53 करोड़ विदेशी पर्यटक आगमन; ई-वीज़ा अब 172 देशों के लिए। उत्तराखंड के लिए धार्मिक व साहसिक पर्यटन (चारधाम, ट्रेक) विकास का मुख्य इंजन है — WTD 2026 थीम: "पर्यटन को नया रूप देने हेतु डिजिटल एजेंडा और AI"।

प्रारंभिक परीक्षा रैपिड-फायर

46वां शतरंज ओलंपियाड: समरकंद (उज़्बेकिस्तान) में आयोजित; भारत को रजत (ओपन) और कांस्य (महिला); स्वर्ण मेज़बान उज़्बेकिस्तान और चीन को।
देहरादून में ठंडक: रात का न्यूनतम 18.4°C — लगभग 14 वर्षों में सितंबर की सबसे ठंडी रात; मुक्तेश्वर का अधिकतम 16.6°C (सामान्य से 5°C कम)।
स्वास्थ्य दिवस: विश्व हृदय दिवस 29 सितंबर को; विश्व रेबीज़ दिवस 28 सितंबर को (लुई पाश्चर की पुण्यतिथि; लक्ष्य: 2030 तक कुत्ता-जनित रेबीज़ से शून्य मृत्यु)।
ग्रीन हाईवेज़ नीति: 2015 में शुरू; NH सिविल लागत का 1% वृक्षारोपण हेतु; NH नेटवर्क 91,287 किमी (2014) से बढ़कर 1,46,572 किमी (मार्च 2026)।
कांडला ई-मेथनॉल: दीनदयाल पोर्ट, गुजरात में 150 TPD संयंत्र; लागत ₹2,300 करोड़; चरण-I (50 TPD) जनवरी 2027 तक।
आरोग्य मंथन 2026: AB PM-JAY के 8 वर्ष (शुरुआत 23 सितंबर 2018) और ABDM के 5 वर्ष पूरे।

अभ्यास MCQs — UKPSC Prelims पैटर्न

Q1. चारधाम यात्रा 2026 के संदर्भ में, निम्नलिखित में से किस धाम ने इस सीज़न में अब तक की सर्वाधिक श्रद्धालु संख्या दर्ज की?

  1. केदारनाथ
  2. बद्रीनाथ
  3. गंगोत्री
  4. यमुनोत्री
उत्तर देखें
उत्तर: c
गंगोत्री में 8.41 लाख श्रद्धालु पहुंचे, जो अब तक सर्वाधिक है। निरपेक्ष संख्या में बद्रीनाथ (18.10 लाख) सबसे आगे रहा; कुल संख्या 53,23,401 रही।

Q2. कालिंदी खाल, जहां जल्दी हुई बर्फबारी के बाद पर्वतारोही फंसे, एक उच्च हिमालयी दर्रा है जो किन्हें जोड़ता है?

  1. गंगोत्री और बद्रीनाथ
  2. केदारनाथ और बद्रीनाथ
  3. यमुनोत्री और हर की दून
  4. पिंडारी और मिलम ग्लेशियर
उत्तर देखें
उत्तर: a
कालिंदी खाल (~5,940 मी) गंगोत्री क्षेत्र (उत्तरकाशी) को बद्रीनाथ/माणा (चमोली) से जोड़ता है। ऑडेन्स कॉल गंगोत्री घाटी को खतलिंग ग्लेशियर (टिहरी) से जोड़ता है।

मुख्य परीक्षा अभ्यास प्रश्न

Q. "पारंपरिक नौला-धारा प्रणालियां उत्तराखंड की जल सुरक्षा की पहली पंक्ति हैं।" SARRA के पुनरुद्धार अभियान के आलोक में हिमालय में सूखते जलस्रोतों के कारणों की चर्चा कीजिए और स्प्रिंगशेड-आधारित रणनीति सुझाइए। (125 शब्द)

संकेत / दृष्टिकोण
कारण: वनों की कटाई, सड़क कटान, रिचार्ज क्षेत्रों पर कंक्रीट, बदलता वर्षा पैटर्न, पाइप आपूर्ति के बाद उपेक्षा। रणनीति: स्प्रिंगशेड मैपिंग (GIS), रिचार्ज ट्रेंच, ज़ीरो-सीमेंट विरासत पुनरुद्धार, सामुदायिक उपयोगकर्ता समूह, पंचायत उपनियम, जलप्रवाह निगरानी, जल जीवन मिशन और GEP से जुड़ाव।
📌 एक पंक्ति में रिवीज़न: चारधाम 53.23 लाख (गंगोत्री रिकॉर्ड 8.41 लाख) • कालिंदी खाल/ऑडेन्स कॉल पर 136 फंसे • SARRA 54 नौले-धारे • उपचुनाव 12 अक्टूबर • किसान मेला 3–6 अक्टूबर • CPI 4.82%, रेपो 5.25%, MPC 5–7 अक्टूबर • BMIP ₹13,906.50 करोड़ • बायो-बिटुमेन 20–30% • वरुण 24वां, तूलों।
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