भारत की अध्यक्षता में नई दिल्ली में 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन; चार धाम यात्रा ने 50 लाख श्रद्धालु पार किए, दूसरा चरण 15 सितंबर से; उत्तराखंड हर स्कूल के लिए बनाएगा आपदा प्रबंधन योजना।
Saturday, 12 September 2026 · IST · उत्तराखंड + राष्ट्रीय · 11 टॉपिक · 2 MCQs
दिन पर उत्तराखंड का दबदबा: चार धाम यात्रा 50 लाख श्रद्धालु पार कर चुकी है और राज्य ने सभी स्कूलों के लिए आपदा प्रबंधन योजना का आदेश दिया है, जबकि महीने भर का सेवा संकल्प अभियान 17 सितंबर से शुरू हो रहा है। राष्ट्रीय स्तर पर, भारत 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेज़बानी कर रहा है, भू-आधार के साथ DILRMP 3.0 शुरू किया है, और ISRO ने LVM3 के लिए CE20 क्रायोजेनिक इंजन परीक्षण पास किया है।
आज एक नज़र में — याद रखने वाली बातें
चार धाम यात्रा ने पार किए 50 लाख श्रद्धालु; दूसरा चरण 15 सितंबर से
उत्तराखंड सभी स्कूलों के लिए बनाएगा आपदा प्रबंधन योजना
सेवा संकल्प अभियान17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक
उत्तराखंड में 9 सितंबर को मनाया गया हिमालय दिवस
युद्ध अभ्यास 2026औली और बीकानेर में जारी
18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन नई दिल्ली में शुरू (12-13 सितंबर)
DILRMP 3.0 और भू-आधार565.50 करोड़ रुपये के साथ शुरू
सुप्रीम कोर्ट ने फ्रंट-ऑफ-पैक लेबलिंग पर FSSAI को घेरा
ISRO ने CE20 क्रायोजेनिक इंजन का 220 kN थ्रस्ट पर परीक्षण किया
NSO ने जारी किया पहला जिला-स्तरीय ASUSE डेटा (757 जिले)
विस्तृत नोट्स
1. चार धाम यात्रा ने पार किए 50 लाख; दूसरा चरण 15 सितंबर से
UTTARAKHANDUKPSC: Prelims + Mains (भूगोल एवं अर्थव्यवस्था — उत्तराखंड)
सिलेबस से संबंध
उत्तराखंड का भूगोल, तीर्थ पर्यटन एवं अर्थव्यवस्था; आपदा-प्रवण हिमालयी भूभाग (Prelims + GS-अर्थव्यवस्था)।
संदर्भ
10 सितंबर 2026 तक 50 लाख से अधिक श्रद्धालु चारों हिमालयी धामों के दर्शन कर चुके हैं, और 15 सितंबर से दूसरा चरण शुरू होते ही प्रशासन को सीज़न का कुल आँकड़ा 60 लाख तक पहुँचने की उम्मीद है।
मुख्य तथ्य
चार धाम हैं — यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ।
कपाट खुले 19 अप्रैल (गंगोत्री/यमुनोत्री), 22 अप्रैल (केदारनाथ), 23 अप्रैल (बद्रीनाथ); यात्रा नवंबर तक चलेगी।
पिछले वर्ष 51 लाख श्रद्धालुओं ने यात्रा पूरी की — 2026 रिकॉर्ड की ओर अग्रसर।
कमेड़ा, पार्थदीप, मैठाणा और हाथी पहाड़ के पास भूस्खलन-प्रवण हिस्से बने हुए हैं।
आगे की राह
आस्था और सुरक्षा में संतुलन हेतु रीयल-टाइम पंजीकरण, मौसम चेतावनी और वहन-क्षमता सीमा को मज़बूत करें।
अवधारणा
चार धाम गढ़वाल हिमालय में स्थित हैं; यात्रा राज्य की पर्यटन अर्थव्यवस्था को गति देती है पर संवेदनशील पारिस्थितिक क्षेत्रों पर दबाव डालती है।
बार चार्ट जो चार धाम श्रद्धालु संख्या दर्शाता है: 2025 में 51 लाख, 10 सितंबर 2026 तक 50 लाख और 60 लाख अनुमानित। — StudyForGS
2. उत्तराखंड सभी स्कूलों के लिए बनाएगा आपदा प्रबंधन योजना
UTTARAKHANDUKPSC: Prelims + Mains (भूगोल एवं आपदा प्रबंधन — उत्तराखंड)
सिलेबस से संबंध
आपदा प्रबंधन, हिमालयी संकट, राज्य शासन एवं विद्यालय सुरक्षा (GS भूगोल एवं उत्तराखंड-विशेष)।
संदर्भ
राज्य सरकार ने प्रत्येक सरकारी एवं निजी विद्यालय को स्थानीय संकटों को कवर करते हुए विद्यालय-स्तरीय आपदा प्रबंधन योजना बनाने का निर्देश दिया है, जिसकी अगुवाई मुख्यमंत्री और आपदा प्रबंधन विभाग कर रहे हैं।
मुख्य तथ्य
योजना में भूकंप, भूस्खलन, बाढ़, फ्लैश फ्लड, बादल फटना, हिमस्खलन और आग शामिल।
प्रत्येक विद्यालय को जोखिम आकलन, निकासी मार्ग, सुरक्षित एकत्रण स्थल, प्राथमिक-उपचार एवं बचाव किट।
छात्र-नेतृत्व वाली टीमें (चेतावनी, निकासी, प्राथमिक उपचार, अग्नि, खोज-बचाव) वयस्क पर्यवेक्षण में।
शिक्षा विभाग एवं USDMA की संयुक्त समिति क्रियान्वयन की निगरानी करेगी।
आगे की राह
नियमित मॉक ड्रिल एवं ऑडिट को संस्थागत बनाएँ ताकि पहली योजना के बाद तैयारी शिथिल न पड़े।
अवधारणा
USDMA = उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण; राज्य भूकंपीय ज़ोन IV और V में आता है, जो देश की सर्वाधिक जोखिम-पट्टी है।
उत्तराखंड विद्यालय आपदा-प्रबंधन ढांचे का फ़्लोचार्ट: जोखिम आकलन, संकट मानचित्रण, सुरक्षा अवसंरचना, भूमिकाएँ, मॉक ड्रिल और संयुक्त निगरानी। — StudyForGS
3. 'सेवा संकल्प अभियान' शुरू (17 सितंबर - 17 अक्टूबर)
POLITYUKPSC: Prelims + Mains (राजव्यवस्था एवं शासन)
सिलेबस से संबंध
राज्य शासन, कल्याण वितरण एवं नागरिक भागीदारी (GS राजव्यवस्था एवं शासन)।
संदर्भ
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के जन्मदिन से जुड़े महीने भर के 'सेवा संकल्प अभियान' का शुभारंभ किया, जो 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक चलेगा और जन-सेवा वितरण को गहरा करेगा।
मुख्य तथ्य
चार स्तंभ: सेवा, जन-भागीदारी, संवाद और नवाचार।
ज़मीनी स्तर पर कल्याण योजनाओं की संतृप्ति एवं शिकायत निवारण पर बल।
विभाग महीने भर ज़िलों में शिविर एवं आउटरीच चलाएँगे।
आगे की राह
अभियान-मोड आउटरीच को पहाड़ी ज़िलों के लिए स्थायी अंतिम-छोर वितरण तंत्र में बदलें।
अवधारणा
संतृप्ति दृष्टिकोण: किसी लक्षित क्षेत्र में 100% पात्र लाभार्थियों तक योजना पहुँचाना।
4. पर्वतीय पारिस्थितिकी की रक्षा हेतु मनाया गया हिमालय दिवस
ENVIRONMENTUKPSC: Prelims + Mains (पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी — उत्तराखंड)
सिलेबस से संबंध
हिमालयी पारिस्थितिकी, पर्यावरण-संवेदनशील क्षेत्र एवं सतत विकास (GS पर्यावरण; उत्तराखंड-विशेष)।
संदर्भ
9 सितंबर को हिमालय दिवस मनाया गया, जिसमें राज्य ने विकास और नाज़ुक हिमालयी पारिस्थितिकी-तंत्र के संरक्षण के बीच संतुलन दोहराया।
मुख्य तथ्य
हिमालय दिवस प्रतिवर्ष 9 सितंबर को मनाया जाता है।
इसकी थीम ग्लेशियरों, वनों एवं जलस्रोतों के संरक्षण को रेखांकित करती है।
उत्तराखंड इसे अपने सकल पर्यावरण उत्पाद (GEP) हरित-लेखांकन प्रयास से जोड़ता है।
आगे की राह
पहाड़ी जल-संकट एवं कटाव रोकने हेतु जलस्रोत (स्प्रिंगशेड) पुनर्जीवन एवं सामुदायिक वानिकी का विस्तार करें।
अवधारणा
पर्यावरण-संवेदनशील क्षेत्र (ESZ) पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 के तहत संरक्षित क्षेत्रों के चारों ओर आघात-अवशोषक बफ़र का काम करते हैं।
सकल पर्यावरण उत्पाद का माइंड-मैप जिसमें चार शाखाएँ हैं: वायु गुणवत्ता, जल संसाधन, मृदा स्वास्थ्य और वन आवरण। — StudyForGS
5. 2026 संशोधन के साथ गहरा हुआ UCC क्रियान्वयन
POLITYUKPSC: Prelims + Mains (राजव्यवस्था एवं सामाजिक न्याय)
सिलेबस से संबंध
समान नागरिक संहिता, व्यक्तिगत कानून सुधार एवं राज्य विधान (GS राजव्यवस्था एवं सामाजिक न्याय; उत्तराखंड-विशेष)।
संदर्भ
उत्तराखंड, समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने वाला पहला भारतीय राज्य (27 जनवरी 2026 से), UCC संशोधन 2026 के माध्यम से विवाह, तलाक और लिव-इन पंजीकरण के नियमों को सुव्यवस्थित कर रहा है।
मुख्य तथ्य
UCC विवाह, तलाक, उत्तराधिकार एवं लिव-इन संबंधों पर एक समान नियम लागू करता है (जनजातीय समुदाय छूट-प्राप्त)।
निवासियों के लिए पंजीकरण आधिकारिक UCC पोर्टल के माध्यम से होता है।
संशोधन ने पंजीकरण प्रक्रियाओं एवं समय-सीमा को सरल एवं स्पष्ट किया।
आगे की राह
जागरूकता एवं पोर्टल पहुँच बढ़ाएँ ताकि अनुपालन ग्रामीण एवं पहाड़ी निवासियों पर बोझ न बने।
अवधारणा
अनुच्छेद 44 (नीति-निदेशक तत्व) राज्य से नागरिकों के लिए समान नागरिक संहिता सुनिश्चित करने का आग्रह करता है।
6. युद्ध अभ्यास 2026: औली एवं बीकानेर में भारत-अमेरिका अभ्यास
DEFENCEUKPSC: Prelims + Mains (रक्षा एवं अंतर्राष्ट्रीय संबंध)
सिलेबस से संबंध
भारत के रक्षा अभ्यास एवं रणनीतिक साझेदारियाँ (GS अंतर्राष्ट्रीय संबंध एवं सुरक्षा; उत्तराखंड कड़ी — औली)।
संदर्भ
भारत-अमेरिका संयुक्त सैन्य अभ्यास युद्ध अभ्यास का 22वां संस्करण9 सितंबर से 28 सितंबर तक जारी है, जिसमें उत्तराखंड के औली और बीकानेर, राजस्थान में उच्च-तुंगता प्रशिक्षण हो रहा है।
मुख्य तथ्य
युद्ध अभ्यास वार्षिक भारत-संयुक्त राज्य अमेरिका थल सेना अभ्यास है।
यह 'ऑपरेशन पाथवेज़' ढांचे के तहत आयोजित होता है।
औली (चमोली ज़िला) आदर्श उच्च-तुंगता, पर्वतीय-युद्ध भूभाग प्रदान करता है।
आगे की राह
उत्तराखंड के भूभाग का उपयोग अंतर-संचालनीयता हेतु करें, साथ ही इसके संवेदनशील उच्च-तुंगता क्षेत्रों की रक्षा करें।
अवधारणा
उच्च-तुंगता संयुक्त अभ्यास अंतर-संचालनीयता बनाते हैं — दो सेनाओं की एक साथ निर्बाध रूप से संचालन की क्षमता।
7. भारत की अध्यक्षता में नई दिल्ली में 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन
IRUKPSC: Prelims + Mains (अंतर्राष्ट्रीय संबंध)
सिलेबस से संबंध
भारत एवं बहुपक्षीय समूह; वैश्विक दक्षिण कूटनीति (GS अंतर्राष्ट्रीय संबंध)।
संदर्भ
भारत अपनी अध्यक्षता में नई दिल्ली में 12-13 सितंबर 2026 को 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेज़बानी कर रहा है, जिसकी थीम लचीलापन, नवाचार, सहयोग एवं स्थिरता पर आधारित है।
मुख्य तथ्य
हालिया विस्तार के बाद ब्रिक्स 11 सदस्य अर्थव्यवस्थाओं तक बढ़ गया है।
मूल सदस्य: ब्राज़ील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका।
पहला ब्रिक्स शिखर सम्मेलन2009 में येकातेरिनबर्ग, रूस में हुआ था।
भारत की प्राथमिकताएँ वैश्विक दक्षिण एवं बहुपक्षीय संस्थाओं के सुधार पर केंद्रित हैं।
आगे की राह
अध्यक्षता का उपयोग विकास वित्त एवं सुधारित, बहुध्रुवीय वैश्विक व्यवस्था को आगे बढ़ाने में करें।
अवधारणा
ब्रिक्स प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं का अंतर-सरकारी समूह है; यह नव विकास बैंक (NDB) का संचालन करता है।
डोनट जो 11 ब्रिक्स सदस्य अर्थव्यवस्थाएँ दर्शाता है, जिसमें नई दिल्ली सम्मेलन हेतु भारत अध्यक्ष है। — StudyForGS
8. 14-अंकीय 'भू-आधार' के साथ DILRMP 3.0 शुरू
POLITYUKPSC: Prelims + Mains (शासन एवं अर्थव्यवस्था)
सिलेबस से संबंध
ई-गवर्नेंस, भूमि सुधार एवं डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना (GS शासन एवं अर्थव्यवस्था)।
संदर्भ
केंद्र सरकार ने भूमि अभिलेखों के आधुनिकीकरण हेतु DILRMP 3.0 शुरू किया, जो प्रत्येक भूखंड को 14-अंकीय विशिष्ट पहचानकर्ता (भू-आधार / ULPIN) प्रदान करता है।
मुख्य तथ्य
DILRMP = डिजिटल इंडिया भूमि अभिलेख आधुनिकीकरण कार्यक्रम।
2026-2031 अवधि के लिए 565.50 करोड़ रुपये का बजट।
राज्यों में GIS-आधारित एकीकृत डिजिटल भूमि अभिलेख बनाता है।
भू-आधार = ULPIN, एक विशिष्ट भूखंड पहचान संख्या।
आगे की राह
स्वामित्व विवाद एवं धोखाधड़ी घटाने हेतु भूमि अभिलेखों को न्यायालयों एवं पंजीकरण से जोड़ें।
अवधारणा
ULPIN प्रत्येक भूखंड को जियो-टैग करता है, जिसका लक्ष्य निर्णायक स्वामित्व एवं भूमि पर आसान ऋण है।
DILRMP 3.0 का स्तंभ आरेख: भू-आधार 14-अंकीय ID, GIS अभिलेख, 565.5 करोड़ रुपये परिव्यय और 2026-2031 अवधि। — StudyForGS
9. फ्रंट-ऑफ-पैक चेतावनी लेबल पर सुप्रीम कोर्ट ने FSSAI को घेरा
HEALTHUKPSC: Prelims + Mains (राजव्यवस्था एवं स्वास्थ्य शासन)
सिलेबस से संबंध
न्यायपालिका, खाद्य सुरक्षा विनियमन एवं सार्वजनिक स्वास्थ्य (GS राजव्यवस्था एवं शासन)।
संदर्भ
सुप्रीम कोर्ट ने FSSAI को स्पष्ट चेतावनियों वाली फ्रंट-ऑफ-पैक लेबलिंग (FoPL) के दूसरे चरण के लिए दस दिनों के भीतर एक तर्कसंगत समय-सीमा देने का निर्देश दिया।
मुख्य तथ्य
FoPL उच्च नमक, चीनी एवं वसा वाले खाद्य पदार्थों पर लाल 'षट्कोण' चेतावनी लगाएगा।
FSSAI = भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण।
उद्देश्य: जीवनशैली रोगों के विरुद्ध उपभोक्ताओं को सूचित, स्वस्थ विकल्प चुनने में मदद।
आगे की राह
साक्ष्य-आधारित चेतावनी-लेबल डिज़ाइन अपनाएँ एवं अति-प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों पर इसे लागू करें।
अवधारणा
FSSAIखाद्य संरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत एक सांविधिक निकाय है।
10. ISRO ने CE20 क्रायोजेनिक इंजन का 220 kN पर परीक्षण किया
SCI-TECHUKPSC: Prelims + Mains (विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी)
सिलेबस से संबंध
भारत का अंतरिक्ष कार्यक्रम एवं नोदन प्रौद्योगिकी (GS विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी)।
संदर्भ
ISRO ने LVM3 प्रक्षेपण यान हेतु स्वदेशी CE20 क्रायोजेनिक इंजन का 220 kN थ्रस्ट पर फ्लाइट-एक्सेप्टेंस परीक्षण सफलतापूर्वक किया।
मुख्य तथ्य
CE20 एक स्वदेशी क्रायोजेनिक ऊपरी-चरण इंजन है।
यह LVM3 (पूर्व में GSLV Mk III) रॉकेट को शक्ति देता है।
परीक्षण ISRO प्रोपल्शन कॉम्प्लेक्स, महेंद्रगिरि (तमिलनाडु) में हुआ।
आगे की राह
अधिक-थ्रस्ट क्रायो चरण गगनयान एवं वाणिज्यिक प्रक्षेपणों के लिए पेलोड क्षमता बढ़ाते हैं।
अवधारणा
क्रायोजेनिक इंजन उच्च दक्षता हेतु द्रव हाइड्रोजन एवं द्रव ऑक्सीजन को अत्यंत निम्न तापमान पर जलाते हैं।
11. NSO ने जारी किया पहला जिला-स्तरीय ASUSE डेटा
ECONOMYUKPSC: Prelims + Mains (अर्थव्यवस्था एवं रिपोर्ट)
सिलेबस से संबंध
आर्थिक सर्वेक्षण, अनौपचारिक क्षेत्र एवं डेटा शासन (GS अर्थव्यवस्था)।
संदर्भ
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) ने ASUSE 2025 से अनिगमित (अनौपचारिक) क्षेत्र के पहले जिला-स्तरीय अनुमान जारी किए, जो 757 जिलों को कवर करते हैं।
मुख्य तथ्य
ASUSE = अनिगमित क्षेत्र उद्यमों का वार्षिक सर्वेक्षण।
237 जिलों में कार्यबल का कम-से-कम एक-तिहाई महिलाएँ रहीं।
शीर्ष जिले गुजरात, तेलंगाना, यूपी और पश्चिम बंगाल में उद्यम केंद्रित करते हैं।
आगे की राह
अनौपचारिक सूक्ष्म-उद्यमों हेतु ऋण एवं कौशल को लक्षित करने के लिए विस्तृत डेटा का उपयोग करें।
अवधारणा
अनिगमित क्षेत्र में अपंजीकृत स्वामित्व एवं साझेदारी फर्में आती हैं — अनौपचारिक रोज़गार का बड़ा हिस्सा।
स्टैट टाइल्स: ISRO CE20 220 kN पर, 80 लाख+ HPV टीकाकरण, 78.4 अरब डॉलर फोटोनिक्स बाज़ार और 757 जिलों का सर्वेक्षण। — StudyForGS
आज का डेटा पॉइंट
₹1.11 lakh crore
उत्तराखंड बजट वित्त वर्ष 2026-27 राज्य मंत्रिमंडल ने 2026-27 के लिए लगभग 1.11 लाख करोड़ रुपये का बजट पारित किया, हरित-वृद्धि पर ध्यान देते हुए 28 प्रस्तावों को मंज़ूरी दी।
प्रारंभिक परीक्षा रैपिड-फायर
चार धाम यात्रा का दूसरा चरण 15 सितंबर 2026 से शुरू होता है।
हिमालय दिवस प्रतिवर्ष 9 सितंबर को मनाया जाता है।
भू-आधार एक 14-अंकीय विशिष्ट भूखंड पहचान (ULPIN) है।
ISRO के CE20 क्रायोजेनिक इंजन का LVM3 हेतु 220 kN थ्रस्ट पर परीक्षण हुआ।
पहला ब्रिक्स शिखर सम्मेलन2009 में येकातेरिनबर्ग, रूस में हुआ।
उत्तराखंडसकल पर्यावरण उत्पाद (GEP) सूचकांक शुरू करने वाला पहला राज्य (2024) था।
अभ्यास MCQs — UKPSC Prelims पैटर्न
Q1. उत्तराखंड सकल पर्यावरण उत्पाद (GEP) सूचकांक शुरू करने वाला पहला भारतीय राज्य बना। यह मुख्यतः निम्न में से किसके स्वास्थ्य का आकलन करता है?
वायु, जल, मृदा और वन
GDP, GNP, NNP और प्रति-व्यक्ति आय
सड़क, रेल, बिजली और दूरसंचार
गेहूँ, चावल, दालें और मोटे अनाज
उत्तर देखें
उत्तर: A GEP एक हरित-लेखांकन मीट्रिक है जो चार प्राकृतिक संसाधनों — वायु, जल, मृदा और वन — के पारिस्थितिक मूल्य को मापता है। उत्तराखंड ने इसे 2024 में शुरू किया।
Q2. उत्तराखंड की चार धाम यात्रा के संदर्भ में, चार धामों पर विचार करें। इनमें से कौन-सा चार धाम परिपथ का हिस्सा नहीं है?
केदारनाथ
बद्रीनाथ
हेमकुंड साहिब
गंगोत्री
उत्तर देखें
उत्तर: C चार धाम हैं — यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ। हेमकुंड साहिब एक पूजनीय सिख तीर्थ है पर चार धामों में से एक नहीं है।
मुख्य परीक्षा अभ्यास प्रश्न
Q. उत्तराखंड का हिमालयी भूगोल इसे बादल फटना, फ्लैश फ्लड और भूस्खलन जैसी बार-बार आने वाली आपदाओं के प्रति उजागर करता है। हाल की पहलों के संदर्भ में राज्य की आपदा-प्रबंधन तैयारियों की जाँच करें।
संकेत / दृष्टिकोण
भूकंपीय ज़ोन IV-V और बादल फटने का जोखिम, USDMA, नई विद्यालय आपदा-प्रबंधन योजनाएँ, पूर्व-चेतावनी एवं चार धाम भीड़ सुरक्षा, और पर्यावरण-संवेदनशील क्षेत्र विनियमन को कवर करें।
📌 एक पंक्ति में रिवीज़न: आज याद रखें: चार धाम 50 लाख पार (दूसरा चरण 15 सितंबर); उत्तराखंड के स्कूलों को मिलेंगी आपदा योजनाएँ; नई दिल्ली में 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन; DILRMP 3.0 लाया 14-अंकीय भू-आधार; ISRO ने CE20 का 220 kN पर परीक्षण किया।