धामी कैबिनेट ने 10 प्रस्ताव मंज़ूर किए और इंटर्न स्टाइपेंड बढ़ाया; चार धाम यात्रा ने 50 लाख श्रद्धालु पार किए; DAC ने ₹1.10 लाख करोड़ के रक्षा सौदों को मंज़ूरी दी
Friday, 11 September 2026 · IST · उत्तराखंड + राष्ट्रीय · 11 टॉपिक · 2 MCQs
उत्तराखंड कैबिनेट ने 11 सितंबर 2026 को 10 प्रस्ताव मंज़ूर किए, जिनमें मेडिकल इंटर्न का स्टाइपेंड ₹25,000 करना और पदक विजेता खिलाड़ियों के लिए 245 खेल-कोटा नौकरियाँ शामिल हैं। वर्ष 2026 की चार धाम यात्रा 15 सितंबर से शुरू होने वाले दूसरे चरण से पहले ही 50 लाख श्रद्धालु पार कर गई और 60 लाख के रिकॉर्ड की ओर है। राष्ट्रीय स्तर पर, रक्षा अधिग्रहण परिषद ने ₹1.10 लाख करोड़ के अधिग्रहण मंज़ूर किए और 9वाँ राष्ट्रीय पोषण माह POSHAN 2.0 के तहत शुरू हुआ।
आज एक नज़र में — याद रखने वाली बातें
धामी कैबिनेट ने 10 प्रस्ताव मंज़ूर किए; इंटर्न स्टाइपेंड बढ़ाकर ₹25,000/माह
चार धाम यात्रा ने 50 लाख श्रद्धालु पार किए; दूसरा चरण 15 सितंबर से
राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पदक विजेताओं के लिए 245 खेल-कोटा नौकरियाँ मंज़ूर
सेवा संकल्प अभियान17 सितंबर–17 अक्टूबर (वृक्षारोपण व स्वच्छता)
DAC ने ₹1.10 लाख करोड़ के रक्षा अधिग्रहण (हेलिकॉप्टर, रडार, CBRN) मंज़ूर किए
9वाँ राष्ट्रीय पोषण माह सितंबर भर POSHAN 2.0 के तहत मनाया जा रहा है
पश्चिमी समर्पित माल-भाड़ा गलियारा (DFC) के खंड वडोदरा में राष्ट्र को समर्पित
ISRO का लक्ष्य 2026 में पहला मानवरहित गगनयान मिशन
भारत का विदेशी मुद्रा भंडार लगभग $682 अरब (लगभग 11 माह के आयात के बराबर)
UNESCO अस्थायी सूची में चार नए भारतीय स्थल जोड़े गए (राष्ट्रीय कुल 73)
विस्तृत नोट्स
1. धामी कैबिनेट ने 10 प्रस्ताव मंज़ूर किए; मेडिकल इंटर्न का स्टाइपेंड ₹25,000 हुआ
UTTARAKHANDUKPSC: Prelims + Mains (राजव्यवस्था व शासन)
सिलेबस से संबंध
उत्तराखंड राजव्यवस्था व शासन; राज्य मंत्रिपरिषद; कल्याण प्रशासन।
संदर्भ
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में उत्तराखंड कैबिनेट ने 11 सितंबर 2026 को स्वास्थ्य, खेल, शिक्षा व प्रशासन से जुड़े 10 प्रस्ताव मंज़ूर किए।
मुख्य तथ्य
5 राजकीय मेडिकल कॉलेजों में मेडिकल इंटर्न का स्टाइपेंड ₹17,000 से बढ़ाकर ₹25,000।
राष्ट्रीय/अंतरराष्ट्रीय खेल पदक विजेताओं के लिए 245 नौकरियाँ + 33 सहायक शारीरिक शिक्षा पद।
ESI अस्पताल के लिए सलेमपुर के पास 15 एकड़ भूमि आवंटित।
सेवा संकल्प अभियान17 सितंबर–17 अक्टूबर 2026 (वृक्षारोपण व स्वच्छता)।
सरकारी अधिवक्ताओं की फीस संशोधित; कारागार सेवा व विधिक माप-विज्ञान नियम संशोधित।
आगे की राह
समय पर स्टाइपेंड वृद्धि और खेल कोटा कुशल युवाओं के पलायन को रोक सकते हैं और पर्वतीय क्षेत्रों में सेवा-वितरण मज़बूत कर सकते हैं।
अवधारणा
राज्य कैबिनेट = अनुच्छेद 163-164 के तहत मंत्रिपरिषद; विधानसभा के प्रति सामूहिक रूप से उत्तरदायी। ESICESI अधिनियम, 1948 के तहत कार्य करता है।
धामी कैबिनेट के 11 सितंबर 2026 के निर्णयों की स्टैट-टाइल पंक्ति: 10 प्रस्ताव, स्टाइपेंड ₹17 हज़ार से ₹25 हज़ार, 245 खेल नौकरियाँ, 33 पद, ESI हेतु 15 एकड़, सेवा संकल्प अभियान 17 सितंबर-17 अक्टूबर। — StudyForGS
2. चार धाम यात्रा 2026 ने 50 लाख श्रद्धालु पार किए; दूसरा चरण 15 सितंबर से
UTTARAKHANDUKPSC: Prelims + Mains (भूगोल व अर्थव्यवस्था — उत्तराखंड)
सिलेबस से संबंध
उत्तराखंड की तीर्थ-अर्थव्यवस्था; भीड़ व वहन-क्षमता प्रबंधन; पर्वतीय पर्यटन।
संदर्भ
10 सितंबर 2026 तक चारों धामों में 50 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुँच चुके थे; मानसून-बाद की भीड़ के साथ दूसरा चरण15 सितंबर 2026 से शुरू होता है।
मुख्य तथ्य
चार धाम: यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ, बद्रीनाथ (कपाट अप्रैल 2026 में खुले)।
10 सितंबर तक 50 लाख+ श्रद्धालु, जबकि पिछले पूरे वर्ष 51 लाख थे।
अधिकारियों का अनुमान—नवंबर में सीज़न के अंत तक रिकॉर्ड ~60 लाख।
ऋषिकेश–बद्रीनाथ व केदारनाथ मार्गों पर भूस्खलन-प्रवण खंड चिह्नित।
आगे की राह
रीयल-टाइम पंजीकरण सीमा, यातायात को चरणबद्ध करना और ढलान स्थिरीकरण—आस्था-पर्यटन और नाज़ुक पर्वतीय सुरक्षा में संतुलन के लिए अहम हैं।
अवधारणा
वहन क्षमता (Carrying capacity) = किसी पारिस्थितिक रूप से नाज़ुक स्थल द्वारा सहन की जा सकने वाली अधिकतम भीड़। चार धाम भूकंपीय रूप से सक्रिय उच्च हिमालय (ज़ोन IV–V) में स्थित हैं।
चार धाम यात्रा श्रद्धालुओं का बार चार्ट: 2025 में 51 लाख, 10 सितंबर 2026 तक 50 लाख, और 2026 के लिए अनुमानित 60 लाख। — StudyForGS
3. हिमालयी आपदाओं के बढ़ते ख़तरे के बीच मानसून आपदा-प्रबंधन फिर चर्चा में
ENVIRONMENTUKPSC: Prelims + Mains (भूगोल व आपदा प्रबंधन — उत्तराखंड)
सिलेबस से संबंध
उत्तराखंड में आपदा प्रबंधन; हिमालयी भू-आकृति विज्ञान; SDMA/SDRF तंत्र।
संदर्भ
रुद्रप्रयाग के आसपास लगातार वर्षा ने अलकनंदा और मंदाकिनी को चेतावनी स्तर की ओर धकेला, जिससे राज्य का आपदा तंत्र सतर्क रहा।
राज्य स्तर पर प्रतिक्रिया USDMA व SDRF; केंद्रीय सहयोग NDRF/NDMA से।
उत्तराखंड मुख्यतः भूकंपीय ज़ोन IV व V में—भारत की सर्वाधिक जोखिम श्रेणी।
हिमालयी हिमनदों के पीछे हटने से GLOF (हिमनद झील विस्फोट बाढ़) का ख़तरा बढ़ता है।
आगे की राह
हिमनद झीलों पर पूर्व-चेतावनी सेंसर, ढलान स्थिरीकरण और पारिस्थितिक-संवेदी क्षेत्र मानदंडों का पालन—जलवायु-सहनशील पर्वतीय विकास के लिए आवश्यक हैं।
अवधारणा
NDMA की अध्यक्षता प्रधानमंत्री करते हैं (आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005); राज्यों में समान SDMA मुख्यमंत्री के अधीन होते हैं।
उत्तराखंड की मानसून आपदा-प्रबंधन श्रृंखला का फ़्लोचार्ट: IMD/SDMA रेड अलर्ट, पूर्व-चेतावनी, SDRF/NDRF तैनाती, मार्ग मरम्मत व बचाव, राहत व पुनर्वास। — StudyForGS
4. ‘मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना’ युवा-सशक्तिकरण का इंजन बताई गई
UTTARAKHANDUKPSC: Prelims + Mains (शासन व अर्थव्यवस्था — उत्तराखंड)
सिलेबस से संबंध
राज्य की युवा व कौशल योजनाएँ; रोज़गार सृजन; पलायन-रोधी नीति।
संदर्भ
मुख्यमंत्री धामी ने मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना को “युवाओं के सपनों को हक़ीक़त में बदलने का सशक्त माध्यम” बताया।
मुख्य तथ्य
राज्य के युवाओं के लिए कौशल, स्वरोज़गार व नौकरियों पर केंद्रित।
पर्वतीय ज़िलों से पलायन के विरुद्ध संघर्ष के अनुरूप।
खेल-कोटा नौकरियों तथा राज्य के स्टार्ट-अप/होमस्टे प्रयासों का पूरक।
आगे की राह
कौशल को स्थानीय मूल्य-शृंखलाओं—पर्यटन, बागवानी, होमस्टे—से जोड़ने पर युवा मैदानों के बजाय पहाड़ों में टिक सकते हैं।
अवधारणा
पलायन पर उत्तराखंड का ग्रामीण विकास एवं पलायन आयोग निगरानी रखता है, जिसकी स्थापना 2017 में हुई।
5. उत्तराखंड की समान नागरिक संहिता राष्ट्रीय चर्चा में बनी हुई है
POLITYUKPSC: Prelims + Mains (राजव्यवस्था व सामाजिक न्याय — उत्तराखंड)
सिलेबस से संबंध
समान नागरिक संहिता; नीति-निदेशक तत्व (अनुच्छेद 44); व्यक्तिगत विधि सुधार।
संदर्भ
उत्तराखंड—UCC लागू करने वाला पहला राज्य (27 जनवरी 2025 से)—UCC (संशोधन) अध्यादेश, 2026 के ज़रिये क्रियान्वयन को निरंतर परिष्कृत कर रहा है।
मुख्य तथ्य
UCC विवाह, तलाक़, उत्तराधिकार के नियमों को एकरूप करता है और लिव-इन पंजीकरण अनिवार्य करता है।
उत्तराखंड UCC अधिनियम, 2024 के तहत पारित; नियम 2025 में अधिसूचित।
समान नागरिक संहिता का आग्रह करने वाले अनुच्छेद 44 (नीति-निदेशक तत्व) पर आधारित।
अनुसूचित जनजातियाँ संहिता के दायरे से बाहर रखी गई हैं।
आगे की राह
सुगम पोर्टल-आधारित पंजीकरण और जागरूकता अभियान तय करेंगे कि यह मॉडल अन्य राज्यों में दोहराया जा सकता है या नहीं।
अवधारणा
नीति-निदेशक तत्व (भाग IV) वाद-योग्य नहीं हैं पर ‘शासन में मौलिक’ हैं; अनुच्छेद 44 समान नागरिक संहिता से संबंधित है।
6. IIT रुड़की में औद्योगिक स्वायत्तता हेतु ‘फिज़िकल AI लैब’ बनेगी
SCI-TECHUKPSC: Prelims + Mains (विज्ञान व प्रौद्योगिकी — उत्तराखंड)
सिलेबस से संबंध
ज्ञान-केंद्र के रूप में उत्तराखंड; AI/रोबोटिक्स; उद्योग-शिक्षा जगत सहयोग।
संदर्भ
8 सितंबर 2026 को घोषित साझेदारी के तहत IIT रुड़की में Avathon Physical AI Lab स्थापित होगी, जो औद्योगिक संचालन के लिए स्वायत्तता को आगे बढ़ाएगी।
मुख्य तथ्य
लैब फिज़िकल AI पर काम करेगी—ऐसा AI जो वास्तविक दुनिया में महसूस कर कार्य करे (रोबोटिक्स, स्वायत्तता)।
IIT रुड़की भारत के सबसे पुराने तकनीकी संस्थानों में है (स्थापना 1847)।
अनुसंधान व नवाचार केंद्र के रूप में उत्तराखंड की स्थिति मज़बूत करता है।
आगे की राह
राज्य में डीप-टेक लैब स्थापित करने से उच्च-मूल्य वाली नौकरियाँ बन सकती हैं और कुशल युवाओं का पलायन घट सकता है।
अवधारणा
फिज़िकल AI मशीन लर्निंग को सेंसर/एक्चुएटर से जोड़ता है ताकि मशीनें भौतिक परिवेश में स्वयं समझकर स्वायत्त रूप से कार्य करें।
7. रक्षा अधिग्रहण परिषद ने ₹1.10 लाख करोड़ के अधिग्रहण मंज़ूर किए
DEFENCEUKPSC: Prelims + Mains (रक्षा व सुरक्षा)
सिलेबस से संबंध
रक्षा खरीद; रक्षा में आत्मनिर्भरता; आंतरिक व बाह्य सुरक्षा।
संदर्भ
रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) ने तीनों सेनाओं के लिए लगभग ₹1.10 लाख करोड़ के पूँजीगत अधिग्रहणों हेतु आवश्यकता की स्वीकृति (AoN) प्रदान की।
मुख्य तथ्य
मंज़ूरियों में CBRN वाहन, हेलिकॉप्टर, रडार और लड़ाकू विमानों के उन्नयन शामिल।
DAC शीर्ष निकाय है जिसकी अध्यक्षता रक्षा मंत्री करते हैं।
स्वदेशी रक्षा विनिर्माण हेतु आत्मनिर्भर भारत को आगे बढ़ाता है।
आगे की राह
प्लेटफ़ॉर्मों व गोला-बारूद का तेज़ स्वदेशीकरण आयात-निर्भरता घटाने और प्रतिरोध-क्षमता बनाने के लिए केंद्रीय है।
अवधारणा
आवश्यकता की स्वीकृति (AoN) DAC की पहली स्वीकृति अवस्था है; CBRN = रासायनिक, जैविक, रेडियोलॉजिकल व नाभिकीय।
8. 9वाँ राष्ट्रीय पोषण माह सितंबर भर POSHAN 2.0 के तहत मनाया गया
HEALTHUKPSC: Prelims + Mains (शासन व सामाजिक न्याय)
सिलेबस से संबंध
पोषण व स्वास्थ्य योजनाएँ; महिला एवं बाल विकास; पोषण अभियान।
संदर्भ
महिला एवं बाल विकास मंत्रालयसितंबर 2026 में POSHAN 2.0 के तहत 9वाँ राष्ट्रीय पोषण माह मना रहा है।
मुख्य तथ्य
थीम “हमारी आंगनवाड़ी, हमारी ज़िम्मेदारी” और आहार-विविधता पर केंद्रित।
मुख्य संकेतक: बौनापन (stunting), दुबलापन (wasting), रक्ताल्पता (anaemia) (NFHS से आकलन)।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) के 10 वर्ष पूरे।
ICDS के तहत आंगनवाड़ी नेटवर्क के माध्यम से क्रियान्वयन।
आगे की राह
पोषण, स्वच्छता और मातृ नकद-सहायता का अभिसरण भारत के उच्च बाल-कुपोषण बोझ को घटाने की कुंजी है।
अवधारणा
पोषण अभियान (2018 में शुरू) जन-आंदोलन के ज़रिये कुपोषण को लक्षित करता है; PMMVY एक मातृत्व-लाभ नकद-अंतरण योजना है।
POSHAN 2.0 का स्तंभ आरेख: चार स्तंभ—आहार-विविधता, रक्ताल्पता में कमी, बौनापन व दुबलापन, सामुदायिक जवाबदेही—पोषण सुरक्षा व आंगनवाड़ी नेटवर्क के अंतर्गत। — StudyForGS
9. पश्चिमी समर्पित माल-भाड़ा गलियारा राष्ट्र को समर्पित; ₹20,804 करोड़ का रेल विस्तार मंज़ूर
ECONOMYUKPSC: Prelims + Mains (अर्थव्यवस्था व अवसंरचना)
सिलेबस से संबंध
भारतीय अर्थव्यवस्था; परिवहन अवसंरचना; लॉजिस्टिक्स व पीएम गति शक्ति।
संदर्भ
पश्चिमी समर्पित माल-भाड़ा गलियारा (WDFC) के पूर्ण खंड 8 सितंबर 2026 को वडोदरा में राष्ट्र को समर्पित किए गए, साथ ही नई रेल मंज़ूरियाँ भी।
मुख्य तथ्य
लगभग ₹20,700 करोड़ के WDFC खंड समर्पित; आंशिक वित्तपोषण JICA सहयोग से।
कैबिनेट ने 9 राज्यों में ₹20,804 करोड़ की 8 रेल मल्टीट्रैकिंग परियोजनाएँ मंज़ूर कीं।
DFC का संचालन रेल मंत्रालय के अधीन PSU DFCCIL करता है।
कम लॉजिस्टिक्स लागत पीएम गति शक्ति व राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नीति के लक्ष्यों को बल देती है।
आगे की राह
समर्पित माल-लाइनें यात्री क्षमता मुक्त करती हैं और भारत की लॉजिस्टिक्स लागत घटाती हैं, जो अभी वैश्विक मानक से काफ़ी ऊपर है।
अवधारणा
समर्पित माल-भाड़ा गलियारा = केवल माल-गाड़ियों के लिए रेल लाइनें; पीएम गति शक्ति एक बहु-विध अवसंरचना मास्टर प्लान (2021) है।
सितंबर 2026 में राष्ट्रीय अवसंरचना निवेश का क्षैतिज बार चार्ट: रेल मल्टीट्रैकिंग ₹20,804 करोड़, पश्चिमी DFC ₹20,700 करोड़, नई रेल परियोजनाएँ ₹9,700 करोड़, राष्ट्रीय राजमार्ग ₹1,780 करोड़। — StudyForGS
10. ISRO का लक्ष्य 2026 में पहला मानवरहित गगनयान मिशन
SCI-TECHUKPSC: Prelims + Mains (विज्ञान व प्रौद्योगिकी)
सिलेबस से संबंध
अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी; भारत का मानव-अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम; स्वदेशी प्रक्षेपण यान।
संदर्भ
ISRO अध्यक्ष वी. नारायणन ने पुष्टि की कि पहला मानवरहित गगनयान मिशन 2026 के लिए लक्षित है, जिसे व्यस्त प्रक्षेपण-सूची का समर्थन है।
मुख्य तथ्य
गगनयान भारत का पहला मानव-अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम है।
हालिया सफलता: GSLV-F17 ने EOS-05 भू-प्रेक्षण उपग्रह प्रक्षेपित किया।
सूची में NVS-03 नेविगेशन उपग्रह और वित्त वर्ष 2026 के अन्य मिशन शामिल।
आगे की राह
मानवरहित परीक्षण उड़ानें भारत की पहली स्वदेशी मानव-उड़ान से पहले क्रू-सुरक्षा प्रणालियों को सत्यापित करती हैं।
अवधारणा
गगनयान का लक्ष्य क्रू को निम्न भू-कक्षा (LEO) में भेजना है; NVS उपग्रह NavIC क्षेत्रीय नेविगेशन प्रणाली को सशक्त करते हैं।
11. UNESCO अस्थायी सूची में चार नए भारतीय स्थल जोड़े गए
IRUKPSC: Prelims + Mains (कला व संस्कृति / अंतरराष्ट्रीय संबंध)
सिलेबस से संबंध
विश्व धरोहर; भारतीय संस्कृति व विरासत; UNESCO अभिसमय।
संदर्भ
भारत ने सितंबर 2026 में UNESCO विश्व धरोहर अस्थायी सूची में चार नए स्थल जोड़े, जिससे उसकी धरोहर-प्रक्रिया विस्तृत हुई।
मुख्य तथ्य
नई प्रविष्टियों में रंगपुर–शिवसागर समूह (असम) और शेखावाटी हवेली-नगर शामिल।
भारत की अंकित संख्या 73 स्थल (53 सांस्कृतिक, 3 मिश्रित, 17 प्राकृतिक)।
औपचारिक नामांकन से पहले अस्थायी-सूची में प्रवेश अनिवार्य पहला कदम है।
आगे की राह
धरोहर मान्यता सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ाती है और संरक्षण-वित्तपोषण तथा कूटनीति को मज़बूत करती है।
अवधारणा
विश्व धरोहर अभिसमय (1972) का प्रशासन UNESCO करता है; अस्थायी सूची नामांकन की पूर्व-शर्त है।
आज का डेटा पॉइंट
≈ $682.2 billion
भारत का विदेशी मुद्रा भंडार जुलाई 2026 के अंत तक—लगभग 11 माह के आयात और लगभग 89% बाह्य ऋण को कवर करने योग्य; सर्वकालिक उच्चतम लगभग $704.89 अरब (सितंबर 2024) था।
प्रारंभिक परीक्षा रैपिड-फायर
SDRF (राज्य आपदा मोचन बल) हिमालयी आपदाओं के लिए उत्तराखंड की समर्पित बचाव इकाई है।
चार धाम में यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ शामिल हैं।
उत्तराखंड ने GSDP के साथ सकल पर्यावरण उत्पाद (GEP) का लेखांकन शुरू करने में अग्रणी भूमिका निभाई।
DFCCIL रेल मंत्रालय के अधीन भारत के समर्पित माल-भाड़ा गलियारे संचालित करता है।
PMMVY ने 2026 में 10 वर्ष पूरे किए; पोषण अभियान2018 में शुरू हुआ।
भारत का विदेशी मुद्रा भंडार अधिकांशतः RBI द्वारा विदेशी मुद्रा आस्तियों के रूप में रखा जाता है।
अभ्यास MCQs — UKPSC Prelims पैटर्न
Q1. उत्तराखंड की चार धाम यात्रा के संदर्भ में निम्नलिखित पर विचार कीजिए: 1. केदारनाथ और बद्रीनाथ गढ़वाल हिमालय में स्थित हैं। 2. चारों धाम भगवान शिव को समर्पित हैं। 3. यात्रा सामान्यतः गर्मियों से नवंबर तक चलती है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
(a) केवल 1 और 3
(b) केवल 2
(c) केवल 1 और 2
(d) 1, 2 और 3
उत्तर देखें
उत्तर: a केदारनाथ (शिव) और बद्रीनाथ (विष्णु) गढ़वाल में हैं, अतः कथन 2 ग़लत है (बद्रीनाथ विष्णु का धाम है); यात्रा लगभग अप्रैल/मई से नवंबर तक चलती है।
Q2. चर्चा में रही रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC): 1. इसकी अध्यक्षता रक्षा मंत्री करते हैं। 2. रक्षा मंत्रालय में पूँजीगत खरीद का शीर्ष निकाय है। 3. ‘आवश्यकता की स्वीकृति (AoN)’ देने के लिए अधिकृत है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
(a) केवल 1 और 2
(b) केवल 2 और 3
(c) केवल 1 और 3
(d) 1, 2 और 3
उत्तर देखें
उत्तर: d DAC की अध्यक्षता रक्षा मंत्री करते हैं, यह शीर्ष खरीद निकाय है और AoN देता है—तीनों कथन सही हैं।
मुख्य परीक्षा अभ्यास प्रश्न
Q. उत्तराखंड का नाज़ुक हिमालयी भूगोल आपदा प्रबंधन को शासन की प्राथमिकता बनाता है। इस दृष्टि से, चार धाम यात्रा को सुरक्षित व सतत बनाने हेतु आवश्यक संस्थागत तंत्रों और निवारक उपायों का परीक्षण कीजिए। (150 शब्द)
संकेत / दृष्टिकोण
वहन क्षमता, भूकंपीय ज़ोन IV–V की संवेदनशीलता, GLOF/भूस्खलन जोखिम और USDMA–SDRF–NDRF श्रृंखला को जोड़ें; पूर्व-चेतावनी तकनीक, पंजीकरण सीमा और पारिस्थितिक-संवेदी क्षेत्र मानदंड सुझाएँ।
📌 एक पंक्ति में रिवीज़न: इंटर्न स्टाइपेंड ₹25,000 • चार धाम 50 लाख+ • सेवा संकल्प 17 सितंबर–17 अक्टूबर • DAC ₹1.10 लाख करोड़ • पोषण माह (POSHAN 2.0) • विदेशी मुद्रा भंडार ≈ $682 अरब • UNESCO कुल 73।