बिहार की नदी संजीवनी गाद नीति पर NHAI से MoU, ₹49,751 करोड़ की सड़क योजनाएँ और कोईलवर रेल पुल; भारत को ISA अध्यक्षता का 3रा कार्यकाल; ₹53,866 करोड़ का कॉर्वेट सौदा
Wednesday, 4 November 2026 · IST · बिहार + राष्ट्रीय · 10 टॉपिक · 2 MCQs
बिहार ने NHAI के साथ नदी संजीवनी MoU किया, जिसके तहत 83.5 मिलियन घन मीटर नदी गाद का उपयोग 27 सड़क परियोजनाओं में होगा; साथ ही ₹49,751 करोड़ की चार राजमार्ग परियोजनाओं को CCEA मंज़ूरी हेतु आगे बढ़ाया गया। KMS 2026-27 की धान खरीद 2,385 केंद्रों पर शुरू हो चुकी है। राष्ट्रीय स्तर पर भारत लगातार तीसरी बार ISA अध्यक्ष चुना गया, रक्षा मंत्रालय ने 8 नेक्स्ट जनरेशन कॉर्वेट के लिए ₹53,866.50 करोड़ के अनुबंध किए और अक्टूबर 2026 का GST₹2.31 लाख करोड़ पहुँचा।
आज एक नज़र में — याद रखने वाली बातें
नदी संजीवनी: बिहार के राजमार्गों में नदी गाद का उपयोग; NHAI और बिहार के बीच MoU (3 नवंबर 2026)।
बिहार का दावा: व्यापक गाद प्रबंधन नीति (2026) लाने वाला पहला राज्य।
₹49,751 करोड़ की चार सड़क परियोजनाएँ PPPAC से पास; अब CCEA मंज़ूरी का इंतज़ार।
सबसे बड़ी परियोजना पटना-पूर्णिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे — ₹31,987 करोड़।
कोईलवर में सोन नदी पर चार-लाइन रेल पुल को मंज़ूरी, अनुमानित लागत ₹3,500 करोड़।
भारत ISA अध्यक्ष के रूप में लगातार 3रे कार्यकाल के लिए चुना गया; फ्रांस फिर से सह-अध्यक्ष।
COP31 — अंताल्या, तुर्किये (9-20 नवंबर 2026); 1835-2025 में भारत में 6,119 GLOF मौतें।
विस्तृत नोट्स
1. नदी संजीवनी: बिहार की नदी गाद से बनेंगे राष्ट्रीय राजमार्ग
BIHARBPSC: प्रारंभिक + मुख्य GS-II (बिहार भूगोल एवं अर्थव्यवस्था)
सिलेबस से संबंध
मुख्य GS-II: बिहार भूगोल (नदियाँ, बाढ़), अवसंरचना; प्रारंभिक: बिहार की नदियाँ, बाढ़ प्रबंधन, NHAI।
संदर्भ
3 नवंबर 2026 को नई दिल्ली में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की उपस्थिति में नदी गाद निकालकर राजमार्ग निर्माण में उपयोग हेतु NHAI और बिहार सरकार के बीच MoU हुआ।
मुख्य तथ्य
लगभग 83.5 मिलियन घन मीटर गाद का उपयोग बिहार की 27 सड़क परियोजनाओं में होगा।
24.3 मिलियन घन मीटर गाद 16 चालू NH परियोजनाओं को निःशुल्क दी जाएगी।
यह बिहार जल स्रोत पुनर्स्थापन एवं गाद प्रबंधन नीति 2026 से जुड़ा है; बिहार स्वयं को ऐसी नीति वाला पहला राज्य बताता है।
मुख्यमंत्री के अनुसार गाद की परत 10 मीटर तक मोटी है; कटिहार-भागलपुर के पास गंगा 38-40 किमी तक फैल जाती है।
बिहार में 39 NHAI परियोजनाएँ (लगभग 1,561 किमी, ₹58,340 करोड़) चल रही हैं।
आगे की राह
गाद निकासी को वैज्ञानिक तलछट बजट, नदीवार ड्रेजिंग योजना और पारिस्थितिक सुरक्षा उपायों से जोड़ना ज़रूरी है, ताकि जलीय जीवन को नुकसान पहुँचाए बिना नदियों की वहन क्षमता लौटे।
अवधारणा
गाद नदी तल को ऊँचा कर धारा की क्षमता घटाती है और बाढ़ बढ़ाती है। कोसी ("बिहार का शोक") सर्वाधिक तलछट ढोने वाली नदियों में है। चितले समिति (2016) ने फरक्का तक गंगा की गाद निकासी का अध्ययन किया था।
बिहार का नक्शा जिसमें गंगा, गंडक, कोसी और सोन नदियाँ, तथा गंगा किनारे के बक्सर, पटना, मुंगेर, भागलपुर व कटिहार ज़िले (जहाँ धारा चौड़ी होती है) हाइलाइट हैं; साथ में नदी संजीवनी गाद आँकड़ों का पैनल। — StudyForGS
2. ₹49,751 करोड़ की सड़क योजना: बिहार की चार परियोजनाएँ CCEA मंज़ूरी की प्रतीक्षा में
BIHARBPSC: प्रारंभिक + मुख्य GS-II (बिहार अर्थव्यवस्था - अवसंरचना)
सिलेबस से संबंध
मुख्य GS-II: बिहार अर्थव्यवस्था, परिवहन अवसंरचना, PPP; प्रारंभिक: एक्सप्रेसवे, PPPAC, CCEA।
संदर्भ
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने PPPAC चरण पार कर चुकी लगभग ₹49,751 करोड़ की चार परियोजनाओं को शीघ्र मंज़ूरी की माँग की (2-3 नवंबर 2026 की रिपोर्ट)।
पटना छह-लेन एलिवेटेड रोड (सरिस्ताबाद/अनीसाबाद-दीदारगंज): ₹8,455 करोड़।
मनुआ पुल (बेतिया) से तिवारी पट्टी (उ.प्र.) तक दो-लेन गंडक पुल: ₹1,977 करोड़।
आगे की राह
भूमि अधिग्रहण और वन स्वीकृतियों में तेज़ी लाकर एक्सप्रेसवे को उत्तर व पूर्वी बिहार के औद्योगिक क्लस्टरों से जोड़ा जाए।
अवधारणा
PPPAC (अध्यक्ष: सचिव, आर्थिक कार्य विभाग) केंद्रीय PPP परियोजनाओं का मूल्यांकन करती है; CCEA की अध्यक्षता प्रधानमंत्री करते हैं। ग्रीनफील्ड परियोजना नए संरेखण पर बनती है।
₹49,751 करोड़ के बिहार सड़क पैकेज का डोनट चार्ट: पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे ₹31,987 करोड़, पटना एलिवेटेड रोड ₹8,455 करोड़, वाराणसी-रांची-कोलकाता राजमार्ग ₹7,331 करोड़ और गंडक पुल ₹1,977 करोड़। — StudyForGS
3. कोईलवर में सोन नदी पर चार-लाइन रेल पुल को मंज़ूरी
BIHARBPSC: प्रारंभिक + मुख्य GS-II (बिहार अर्थव्यवस्था - अवसंरचना)
सिलेबस से संबंध
मुख्य GS-II: बिहार परिवहन, रेल क्षमता; प्रारंभिक: सोन नदी, कोईलवर, DDU-झाझा कॉरिडोर।
संदर्भ
रेलवे बोर्ड ने कोईलवर (आरा के पास) में सोन नदी पर चार-लाइन रेल पुल को मंज़ूरी दी है, जो DDU जंक्शन से झाझा तक 400 किमी विस्तार का हिस्सा है; अनुमानित लागत ₹3,500 करोड़ (3 नवंबर 2026 की रिपोर्ट)।
मुख्य तथ्य
पहला चरण: DDU और दानापुर के बीच लगभग 203 किमी।
कॉरिडोर में छह लाइनें होंगी, जिससे एक साथ हर दिशा में तीन ट्रेनें चल सकेंगी; गति 180 किमी/घंटा तक।
लक्ष्य: पुनारख-बाढ़-बख्तियारपुर जुलाई 2029; बख्तियारपुर-फतुहा 2030; शेष 2031।
वित्तीय स्वीकृति के बाद ही निविदा; कार्य नए वर्ष के आसपास शुरू हो सकता है।
आगे की राह
पुल को दानापुर-बिहटा अवरोध सुधार और पूर्वी समर्पित माल गलियारे से समन्वित किया जाए ताकि यात्री यातायात सुगम हो।
अवधारणा
सोन नदी अमरकंटक (मध्य प्रदेश) से निकलकर पटना के पास गंगा में मिलती है। सोन पर ऐतिहासिक कोईलवर (अब्दुल बारी) पुल, एक रेल-सड़क पुल, 1862 में खुला था।
DDU-झाझा रेल विस्तार के चरणों की समयरेखा: पुनारख-बाढ़-बख्तियारपुर जुलाई 2029 तक, बख्तियारपुर-फतुहा 2030 तक, तथा DDU-दानापुर, पुनारख-किउल और किउल-झाझा 2031 तक। — StudyForGS
4. धान खरीद 2026-27: 2,385 पैक्स व व्यापार मंडल केंद्रों पर खरीद जारी
BIHARBPSC: प्रारंभिक + मुख्य GS-II (बिहार अर्थव्यवस्था - कृषि)
सिलेबस से संबंध
मुख्य GS-II: बिहार कृषि, सहकारिता, खाद्य सुरक्षा; प्रारंभिक: MSP, पैक्स, विकेन्द्रीकृत खरीद।
संदर्भ
सरकारी धान खरीद 1 नवंबर 2026 से उत्तर बिहार के 19 ज़िलों में शुरू हुई; दक्षिण बिहार में 15 नवंबर 2026 से। सहकारिता मंत्री राम कृपाल यादव ने पारदर्शी प्रक्रिया का आश्वासन दिया।
मुख्य तथ्य
MSP: ₹2,441/क्विंटल (सामान्य) और ₹2,461/क्विंटल (ग्रेड A), ₹2,369 से ₹72 अधिक।
2,385 पैक्स और व्यापार मंडल क्रय केंद्र के रूप में चयनित।
सीमा: रैयत किसानों के लिए 250 क्विंटल और गैर-रैयत के लिए 100 क्विंटल।
भुगतान 48 घंटे में किसानों के खाते में; लक्ष्य 50 लाख टन करने पर विचार।
आगे की राह
नमी जाँच, मिलिंग अनुबंध और समय पर भुगतान में तेज़ी लाई जाए, ताकि चक्रवात अर्नब की बारिश से प्रभावित छोटे किसान औने-पौने दाम पर बिक्री से बचें।
अवधारणा
MSP केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा CACP की सिफ़ारिश पर तय होता है। बिहार विकेन्द्रीकृत खरीद (DCP) प्रणाली अपनाता है, जिसमें राज्य स्वयं अनाज खरीदकर वितरित करता है।
बिहार धान खरीद 2026-27 के छह आँकड़ा टाइलों का ग्रिड: MSP ₹2,441 सामान्य व ₹2,461 ग्रेड A, 2,385 क्रय केंद्र, 1 नवंबर से उत्तर बिहार के 19 ज़िले, रैयत/गैर-रैयत के लिए 250/100 क्विंटल सीमा और 48 घंटे में भुगतान। — StudyForGS
5. सात निश्चय-3: 135 PHC बनेंगे 30 बेड वाले CHC
HEALTHBPSC: प्रारंभिक + मुख्य GS-II (बिहार शासन - स्वास्थ्य)
सिलेबस से संबंध
मुख्य GS-II: बिहार स्वास्थ्य अवसंरचना, राज्य योजनाएँ; प्रारंभिक: PHC/CHC मानक, सात निश्चय।
संदर्भ
बिहार स्वास्थ्य विभाग सभी 38 ज़िलों के 135 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में अपग्रेड करेगा (3 नवंबर 2026 की रिपोर्ट)।
मुख्य तथ्य
प्रत्येक अपग्रेड केंद्र: 30 बेड और 47 स्वीकृत पद।
उपाधीक्षक के नेतृत्व में हड्डी रोग, नेत्र रोग और ENT विशेषज्ञ।
ग्रामीण मरीज़ों की लंबी यात्रा घटाने के लिए सात निश्चय-3 के तहत।
अलग से पाँच ज़ोन में 11 लेवल-3 और 5 लेवल-2 ट्रॉमा सेंटर बन रहे हैं।
आगे की राह
बेड के साथ डॉक्टर भी ज़रूरी हैं: विशेषज्ञ रिक्तियाँ भरें और जाँच सुविधाएँ (CT, अल्ट्रासाउंड) जोड़ें, ताकि 'बिना स्टाफ़ की इमारतें' न बनें।
अवधारणा
IPHS मानकों के अनुसार PHC लगभग 30,000 (मैदानी) और CHC लगभग 1.2 लाख आबादी को सेवा देता है; CHC 30 बेड वाली प्रथम रेफ़रल इकाई है। स्वास्थ्य राज्य सूची का विषय है।
6. आठ नेक्स्ट जनरेशन कॉर्वेट के लिए ₹53,866.50 करोड़ के अनुबंध
DEFENCEBPSC: प्रारंभिक (रक्षा एवं समसामयिकी)
सिलेबस से संबंध
प्रारंभिक: रक्षा खरीद, शिपयार्ड, आत्मनिर्भर भारत; मुख्य GS-I: राष्ट्रीय महत्व की समसामयिक घटनाएँ।
संदर्भ
2 नवंबर 2026 को रक्षा मंत्रालय ने नई दिल्ली के कर्तव्य भवन-2 में नौसेना के लिए आठ नेक्स्ट जनरेशन कॉर्वेट हेतु ₹53,866.50 करोड़ के अनुबंध किए।
मुख्य तथ्य
GRSE (कोलकाता)5 और गोवा शिपयार्ड लि.3 जहाज़ बनाएगा।
जहाज़ों का डिज़ाइन नौसेना का; DPSU का चयन प्रतिस्पर्धी प्रक्रिया से।
भूमिकाएँ: पनडुब्बी-रोधी व सतह-रोधी युद्ध, तटीय रक्षा, तटवर्ती युद्ध।
10 वर्षों में शिपयार्ड में लगभग 72 लाख मानव-दिवस और सहायक इकाइयों/MSME में 460 लाख रोज़गार।
आगे की राह
स्वदेशी हथियार व सेंसर और समय पर डिलीवरी सुनिश्चित कर हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की उपस्थिति मज़बूत की जाए।
अवधारणा
कॉर्वेट तटीय व अनुरक्षण भूमिका वाला छोटा, तेज़ युद्धपोत है। GRSE और GSL रक्षा मंत्रालय के अधीन रक्षा सार्वजनिक उपक्रम हैं।
7. भारत लगातार तीसरी बार ISA का अध्यक्ष चुना गया
IRBPSC: प्रारंभिक + मुख्य GS-I (समसामयिकी - अंतरराष्ट्रीय संबंध) एवं GS-II (विज्ञान-प्रौद्योगिकी - ऊर्जा)
सिलेबस से संबंध
प्रारंभिक: अंतरराष्ट्रीय संगठन, नवीकरणीय ऊर्जा; मुख्य GS-II: ऊर्जा सुरक्षा में विज्ञान-प्रौद्योगिकी की भूमिका।
संदर्भ
भारत नवीकरणीय ऊर्जा शिखर सम्मेलन 2026 के दौरान अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन सभा के नौवें सत्र में भारत लगातार तीसरी बार अध्यक्ष चुना गया; फ्रांस फिर से सह-अध्यक्ष बना (3 नवंबर 2026 को घोषणा)।
मुख्य तथ्य
ISA में 130 हस्ताक्षरकर्ता व सदस्य देश हैं।
भारत $200 मिलियन के अफ़्रीका सोलर फ़ैसिलिटी में लगभग ₹225 करोड़ ($25 मिलियन) देगा।
$300 मिलियन का नाइजीरिया डिस्ट्रीब्यूटेड रिन्यूएबल एनर्जी फ़ंड भी रेखांकित किया गया।
ISA 17 STAR-C (सोलर टेक्नोलॉजी एप्लिकेशन रिसोर्स सेंटर) स्थापित कर रहा है।
आगे की राह
अध्यक्षता का उपयोग ग्लोबल साउथ के लिए सौर वित्त और COP31 में वन सन, वन वर्ल्ड, वन ग्रिड विज़न को आगे बढ़ाने में किया जाए।
अवधारणा
ISA की शुरुआत भारत और फ्रांस ने COP21, पेरिस (2015) में की; मुख्यालय: गुरुग्राम। यह भारत में मुख्यालय वाला पहला संधि-आधारित अंतरराष्ट्रीय संगठन है।
विश्व मानचित्र जिसमें भारत (ISA अध्यक्ष), फ्रांस (सह-अध्यक्ष), $200 मिलियन अफ़्रीका सोलर फ़ैसिलिटी के केंद्र अफ़्रीका (नाइजीरिया चिह्नित) और COP31 स्थल अंताल्या (तुर्किये) हाइलाइट हैं; साथ में प्रमुख आँकड़ों का पैनल। — StudyForGS
8. स्टेट ऑफ़ द क्रायोस्फ़ीयर 2026: 1.5°C से ऊपर जाने पर स्थायी हिम-क्षति का ख़तरा
ENVIRONMENTBPSC: प्रारंभिक (पर्यावरण) + मुख्य GS-II (भूगोल)
सिलेबस से संबंध
प्रारंभिक: जलवायु परिवर्तन, हिमनद, GLOF, COP; मुख्य GS-II: भूगोल एवं आपदा जोखिम।
संदर्भ
COP31 (अंताल्या, 9-20 नवंबर) से पहले 2 नवंबर 2026 को ICCI और UNEP द्वारा जारी रिपोर्टें चेतावनी देती हैं कि 1.5°C का अस्थायी उल्लंघन भी हिम को अपरिवर्तनीय क्षति पहुँचा सकता है।
मुख्य तथ्य
आर्कटिक वैश्विक औसत से 4 गुना तक तेज़ी से गर्म; हिम चादरें 1990 के दशक की तुलना में 6 गुना तेज़ी से पिघल रहीं।
पर्माफ़्रॉस्ट लगभग 14 मिलियन वर्ग किमी में फैला और कम से कम 1,700 अरब टन कार्बन संग्रहित।
विश्व 1.5°C गर्म होने पर हिंदू कुश हिमालय1.8-2.2°C गर्म हो सकता है।
भारत: 62 GLOF और 6,119 मौतें (1835-2025), क्षेत्र में सर्वाधिक मौतें।
आगे की राह
हिमालयी राज्यों के लिए GLOF पूर्व-चेतावनी, झील निगरानी और अनुकूलन वित्त बढ़ाया जाए; बिहार की नदियाँ हिमालयी हिमनदों पर निर्भर हैं।
अवधारणा
क्रायोस्फ़ीयर = पृथ्वी के जमे हुए भाग (हिमनद, हिम चादरें, समुद्री बर्फ़, पर्माफ़्रॉस्ट)। GLOF हिमनद झील से अचानक जल निकासी है, जैसे दक्षिण ल्होनक (सिक्किम), अक्टूबर 2023।
हिंदू कुश हिमालय में हिमनद झील विस्फोट बाढ़ (1835-2025) पर दो बार चार्ट: GLOF घटनाएँ (चीन 199, पाकिस्तान 152, भारत 62, नेपाल 58) और मौतें (भारत 6,119, पाकिस्तान 1,991, चीन 625)। — StudyForGS
9. इंडियाAI मिशन ने EKA-1 और धीर फ़ाउंडेशन मॉडल जारी किए
SCI-TECHBPSC: प्रारंभिक + मुख्य GS-II (विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी की भूमिका)
सिलेबस से संबंध
मुख्य GS-II: विज्ञान-प्रौद्योगिकी की भूमिका व प्रभाव, AI; प्रारंभिक: इंडियाAI मिशन, AIKosh।
संदर्भ
3 नवंबर 2026 को MeitY ने नई दिल्ली में इंडियाAI मिशन के फ़ाउंडेशन मॉडल स्तंभ के तहत तीन स्वदेशी मॉडल जारी किए।
मुख्य तथ्य
सॉकेट AI का EKA-1: 26 अरब पैरामीटर, 7.5 ट्रिलियन टोकन पर प्रशिक्षित, 100+ भाषाएँ।
ज़ेनटीक्यू के धीर 2B और धीर 5B: मिक्सचर-ऑफ़-एक्सपर्ट्स, अंग्रेज़ी + 10 भारतीय भाषाएँ।
धीर मॉडल मोबाइल पर ऑफ़लाइन चलते हैं; वेट्स Apache 2.0 लाइसेंस के तहत जारी।
मॉडल AIKosh पर उपलब्ध; गणित, कोडिंग, शोध और साइबर सुरक्षा पर ज़ोर।
आगे की राह
बिहार जैसे राज्यों में शासन, कृषि सलाह और शिक्षा के लिए हिंदी, मैथिली, भोजपुरी आदि स्थानीय भाषाओं के AI टूल बनाए जाएँ।
अवधारणा
फ़ाउंडेशन मॉडल व्यापक डेटा पर प्रशिक्षित बड़ा AI मॉडल है, जिसे कई कार्यों में ढाला जा सकता है। इंडियाAI मिशन को मार्च 2024 में ₹10,371.92 करोड़ के परिव्यय के साथ मंज़ूरी मिली।
10. वरिष्ठ नागरिकों के लिए वयो सम्मान राष्ट्रीय अभियान शुरू
SOCIETYBPSC: प्रारंभिक + मुख्य GS-I (समाज एवं समसामयिकी)
सिलेबस से संबंध
प्रारंभिक: कल्याणकारी योजनाएँ, नीति निदेशक तत्व; मुख्य GS-I: सामाजिक मुद्दे, बढ़ती वृद्ध आबादी।
संदर्भ
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की अटल वयो अभ्युदय योजना (AVYAY) के तहत एक राष्ट्रीय अंतर-पीढ़ी अभियान 4 नवंबर 2026 को शुरू हो रहा है।
मुख्य तथ्य
5C मॉडल पर आधारित: कनेक्ट, कन्वर्स, को-क्रिएट, कॉन्ट्रिब्यूट, कंटिन्यू।
18+ आयु के नागरिकों के लिए वयो साथी स्वयंसेवी पहल।
भारत की 60+ आबादी 2036 तक 23 करोड़ होने का अनुमान; जनगणना 2011 में यह 10.38 करोड़ थी।
आगे की राह
अभियान को पेंशन, वृद्धजन चिकित्सा और डिजिटल साक्षरता से जोड़ा जाए ताकि बिहार जैसे राज्यों के ग्रामीण बुज़ुर्ग लाभान्वित हों।
अवधारणा
अनुच्छेद 41 (नीति निदेशक तत्व) वृद्धावस्था में लोक सहायता का निर्देश देता है। माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण तथा कल्याण अधिनियम, 2007 भरण-पोषण का कानूनी अधिकार देता है; एल्डरलाइन 14567 राष्ट्रीय हेल्पलाइन है।
आज का डेटा पॉइंट
₹1,827 crore (+24% YoY)
बिहार का GST संग्रह, अक्टूबर 2026 बिहार का सकल GST ₹1,478 करोड़ (अक्टूबर 2025) से बढ़कर ₹1,827 करोड़ हुआ; निपटान के बाद SGST लगभग 12% बढ़कर ₹2,831 करोड़ रहा। भारत का सकल GST ₹2,31,290 करोड़ (+22.9%) रहा, जो अब तक का दूसरा सर्वाधिक मासिक संग्रह है; आयात से GST 42.2% बढ़ा। अप्रैल-अक्टूबर FY27 सकल: ₹14.77 लाख करोड़ (+13.2%)।
प्रारंभिक परीक्षा रैपिड-फायर
बिहार की गाद नीति: बिहार जल स्रोत पुनर्स्थापन एवं गाद प्रबंधन नीति 2026।
कोईलवर रेल पुल सोन पर; DDU-झाझा कॉरिडोर 400 किमी लंबा।
8 NGC: GRSE 5 + GSL 3; हस्ताक्षर 2 नवंबर 2026।
EKA-1 (सॉकेट AI) में 26 अरब पैरामीटर हैं।
COP31: अंताल्या, तुर्किये, 9-20 नवंबर 2026।
अभ्यास MCQs — BPSC Prelims पैटर्न
Q1. NHAI और बिहार के बीच हुई 'नदी संजीवनी' पहल के तहत बिहार की 27 सड़क परियोजनाओं में लगभग कितनी नदी गाद का उपयोग होगा?
24.3 मिलियन घन मीटर
58.3 मिलियन घन मीटर
83.5 मिलियन घन मीटर
185.2 मिलियन घन मीटर
उत्तर देखें
उत्तर: C लगभग 83.5 मिलियन घन मीटर गाद 27 परियोजनाओं में उपयोग होगी; इसमें से 24.3 मिलियन घन मीटर16 चालू NH परियोजनाओं को निःशुल्क मिलेगी।
Q2. अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA) के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इसकी शुरुआत भारत और फ्रांस ने पेरिस में COP21 के दौरान की। 2. इसका मुख्यालय गुरुग्राम में है। 3. नवंबर 2026 में भारत लगातार तीसरी बार इसका अध्यक्ष चुना गया। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
केवल 1 और 2
केवल 2 और 3
केवल 1 और 3
1, 2 और 3
उत्तर देखें
उत्तर: D तीनों कथन सही हैं: ISA की शुरुआत भारत और फ्रांस ने COP21, पेरिस (2015) में की, मुख्यालय गुरुग्राम में है और भारत को अध्यक्ष के रूप में लगातार तीसरा कार्यकाल मिला।
मुख्य परीक्षा अभ्यास प्रश्न
Q. गाद बिहार में बाढ़ को कई गुना बढ़ाने वाला छिपा कारक है। आलोचनात्मक परीक्षण कीजिए कि बिहार जल स्रोत पुनर्स्थापन एवं गाद प्रबंधन नीति 2026 और 'नदी संजीवनी' पहल कोसी-गंडक-गंगा बेसिन में बाढ़ प्रबंधन में कैसे सहायक हो सकती हैं। (BPSC मुख्य GS-II, 38 अंक)
संकेत / दृष्टिकोण
भूमिका: बिहार का बाढ़-प्रवण क्षेत्र और नेपाल से आने वाली हिमालयी नदियाँ। मुख्य भाग: गाद (कोसी, फरक्का का पश्चजल, 10 मीटर जमाव), नीति की विशेषताएँ (27 सड़क परियोजनाओं में 83.5 मिलियन घन मीटर गाद), लाभ (धारा क्षमता, सस्ती सड़कें, भूमि पुनः प्राप्ति), चिंताएँ (पारिस्थितिकी, बालू खनन का दुरुपयोग, नेपाल से सहयोग)। आगे की राह: तलछट बजट, चितले समिति के सुझाव, भारत-नेपाल बेसिन प्रबंधन।
📌 एक पंक्ति में रिवीज़न: याद रखें: नदी संजीवनी = 83.5 मिलियन घन मीटर गाद, 27 सड़कें; ₹49,751 करोड़ की सड़कें CCEA की प्रतीक्षा में; धान MSP ₹2,441; ISA: भारत का 3रा कार्यकाल; 8 NGC = ₹53,866.50 करोड़।