बिहार कैबिनेट ने ₹11,096 करोड़ के बिजली उन्नयन और कोसी-गंडक-सोन बाढ़ क्षेत्र निर्धारण को मंज़ूरी दी; SC ने बैंकों से डिजिटल अरेस्ट पीड़ितों को मुआवज़ा देने को कहा; केंद्र ने DA बढ़ाकर 63% किया
Friday, 30 October 2026 · IST · बिहार + राष्ट्रीय · 11 टॉपिक · 2 MCQs
बिहार कैबिनेट (28 अक्टूबर) ने ₹11,096.55 करोड़ के लो-टेंशन बिजली नेटवर्क उन्नयन, कोसी, गंडक और सोन के बाढ़ मैदान क्षेत्र निर्धारण अध्ययन, पटना भूमिगत सड़क अध्ययन तथा वारिसलीगंज में नई चीनी मिल को मंज़ूरी दी, जबकि आज पटना में समाप्त हो रही गंगा जल संधि में बिहार के हितों पर संगोष्ठी हो रही है। राष्ट्रीय स्तर पर सुप्रीम कोर्ट ने बैंकों से डिजिटल अरेस्ट ठगी पीड़ितों को मुआवज़ा देने पर ज़ोर दिया, केंद्र ने DA/DR 63% किया, आज PM-KISAN की 24वीं किस्त जारी हो रही है और ISRO का NVS-03 आज रात लॉन्च होगा।
GS-II: बिहार अर्थव्यवस्था, ऊर्जा व आधारभूत संरचना; Prelims: राज्य योजनाएँ, DISCOM, UDAN।
संदर्भ
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में 28 अक्टूबर 2026 को कैबिनेट ने 43 एजेंडों को मंज़ूरी दी, जिनमें लो-टेंशन (LT) वितरण लाइनों के आधुनिकीकरण की तीन वर्षीय योजना प्रमुख है।
विश्वामित्र पथ (बक्सर-आरा-मनेर, 90 km), गंगा अंबिका पथ (56 km), नारायणी पथ (73.51 km) हेतु परामर्श।
आगे की राह
AT&C हानि लक्ष्यों के साथ समयबद्ध क्रियान्वयन; सड़क PPP परियोजनाओं को राज्य के लॉजिस्टिक्स व पर्यटन सर्किट से जोड़ना।
अवधारणा
VGF (व्यवहार्यता अंतर वित्तपोषण): सामाजिक रूप से वांछनीय पर व्यावसायिक रूप से अव्यवहार्य परियोजना को बैंक योग्य बनाने वाला अनुदान; UDAN-RCS में यह क्षेत्रीय किराए किफ़ायती रखता है।
28 अक्टूबर 2026 के बिहार कैबिनेट निर्णयों के छह रंगीन आँकड़ा-टाइल: ₹11,096.55 करोड़ बिजली उन्नयन, ₹18.21 करोड़ पटना भूमिगत सड़क अध्ययन, ₹43.50 करोड़ UDAN VGF, ₹58.80 करोड़ छात्रावास, ₹12 करोड़ राज्य खेल और 43 एजेंडे। — StudyForGS
2. कोसी, गंडक व सोन का बाढ़ मैदान क्षेत्र निर्धारण; 24 बांधों का सुरक्षा ऑडिट
BIHARBPSC: Prelims + Mains GS-II (बिहार भूगोल)
सिलेबस से संबंध
GS-II: बिहार भूगोल, बाढ़ व आपदा प्रबंधन; Prelims: नदियाँ, बराज, बांध सुरक्षा अधिनियम।
संदर्भ
उसी कैबिनेट ने तीन बाढ़-प्रवण नदियों के किनारे बाढ़ मैदान क्षेत्र निर्धारण अध्ययन और राज्य के बांधों की वैधानिक सुरक्षा समीक्षा को मंज़ूरी दी।
मुख्य तथ्य
कोसी, गंडक और सोन पर राष्ट्रीय जल विज्ञान संस्थान (NIH), रुड़की के साथ ₹1.99 करोड़ का अध्ययन।
बांध सुरक्षा अधिनियम, 2021 के तहत 24 बांधों का 8 माह में आकलन, ₹8.39 करोड़।
कोसी को 'बिहार का शोक' कहा जाता है; बिहार का ~73% क्षेत्र बाढ़-प्रवण (राज्य आँकड़े)।
क्षेत्र निर्धारण से विनियमित निर्माण क्षेत्र चिह्नित होंगे, जिससे तटबंध व जल-निकासी योजना में मदद मिलेगी।
आगे की राह
बाढ़ मैदान क्षेत्रों को क़ानूनन अधिसूचित करना, अतिक्रमण रोकना और नेपाल की ओर के जलग्रहण आँकड़ों से समन्वय।
अवधारणा
बाढ़ मैदान क्षेत्रीकरण: बाढ़ आवृत्ति के आधार पर भूमि उपयोग का विनियमन (जैसे निषिद्ध, प्रतिबंधित, सावधानी क्षेत्र); बांध सुरक्षा अधिनियम 2021 से NDSA व राज्य बांध सुरक्षा संगठन बने।
बिहार का मानचित्र जिसमें कोसी, गंडक और सोन बेसिन के ज़िले रंगे हैं, गंगा, गंडक, सोन व कोसी नदियाँ नीले रंग में, बीरपुर, वाल्मीकिनगर व इंद्रपुरी बराज, पटना और फरक्का चिह्नित हैं, साथ में अध्ययन लागत, 24 बांध, बिहार की 10,000 क्यूसेक माँग और 11 दिसंबर 2026 संधि समाप्ति का पैनल। — StudyForGS
3. गंगा जल संधि: बिहार की 10,000 क्यूसेक और राष्ट्रीय गाद नीति की माँग
BIHARBPSC: Prelims + Mains GS-II (बिहार भूगोल व अंतरराष्ट्रीय संबंध)
सिलेबस से संबंध
GS-II: बिहार की नदियाँ, अंतर-राज्यीय व भारत-बांग्लादेश जल मुद्दे; Prelims: फरक्का, संधियाँ।
संदर्भ
जल संसाधन विभाग आज (30 अक्टूबर) पटना में बिहार की जल सुरक्षा पर संगोष्ठी कर रहा है, क्योंकि भारत-बांग्लादेश संधि समाप्ति के निकट है।
मुख्य तथ्य
संधि 12 दिसंबर 1996 को 30 वर्ष के लिए हुई; 11 दिसंबर 2026 को समाप्त; फरक्का बराज पर शुष्क मौसम प्रवाह का बँटवारा।
बिहार का आकलन (2051 तक अनुमानित): जनवरी-मई में न्यूनतम ~10,000 क्यूसेक।
बिहार ने गाद प्रबंधन नीति (2026) बनाई; समर्पित कोष सहित राष्ट्रीय गाद नीति की माँग।
CM को गंगा बाढ़ नियंत्रण आयोग (GFCC) की 19वीं बैठक (27 अक्टूबर) में फरक्का से जुड़ी बाढ़ का मुद्दा उठाना था।
आगे की राह
नई संधि में ऊपरी तटवर्ती राज्य की ज़रूरतें, गाद निकासी और जलवायु-परिवर्ती प्रवाह शामिल हों।
अवधारणा
फरक्का बराज (मुर्शिदाबाद, प.बं., 1975 में चालू) फीडर नहर से जल भागीरथी-हुगली में मोड़ता है ताकि कोलकाता बंदरगाह नौगम्य रहे; GFCC का मुख्यालय पटना में है।
4. चक्रवात अर्नब का अवशेष: सीतामढ़ी, मधुबनी में रेड अलर्ट
GS-II: बिहार जलवायु व आपदाएँ; Prelims: चक्रवात नामकरण, IMD रंग कोड।
संदर्भ
अति गंभीर चक्रवाती तूफ़ान अर्नब, जो 28 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश-यानम तट से टकराया, का अवशेष 30-31 अक्टूबर को उत्तर बिहार में भारी वर्षा ला रहा है।
मुख्य तथ्य
रेड: सीतामढ़ी, मधुबनी; ऑरेंज: दरभंगा, शिवहर, पूर्वी व पश्चिमी चंपारण (हवा 40-50 kmph)।
पटना व अन्य ज़िलों में येलो अलर्ट (वर्षा, वज्रपात)।
काकीनाडा के पास लैंडफ़ॉल; हवा 125-135 km/h, झोंके 150 km/h।
नाम 'अर्नब' (समुद्र) बांग्लादेश ने दिया; बंगाल की खाड़ी में बना।
आगे की राह
कटाई के लिए तैयार धान और छठ घाटों की सुरक्षा; राज्य के पूर्व-चेतावनी ऐप से वज्रपात परामर्श जारी करना।
अवधारणा
IMD रंग कोड: हरा (कोई कार्रवाई नहीं), पीला (अपडेट रहें), नारंगी (तैयार रहें), लाल (कार्रवाई करें)। उत्तर हिंद महासागर के नाम 13 WMO/ESCAP पैनल देशों की सूची से आते हैं।
30-31 अक्टूबर के IMD अलर्ट दिखाता बिहार ज़िला मानचित्र: सीतामढ़ी व मधुबनी लाल, दरभंगा, शिवहर, पूर्वी व पश्चिमी चंपारण नारंगी और पटना पीले रंग में। — StudyForGS
5. बिहार में 28 नए औद्योगिक क्षेत्र प्रस्तावित; MSME नीति 2026 को मंज़ूरी
MSME नीति लक्ष्य: हर ज़िले में एक औद्योगिक क्लस्टर, सभी 38 ज़िलों में MSME केंद्र।
आगे की राह
प्लग-एंड-प्ले शेड, विश्वसनीय बिजली और सिंगल-विंडो (62 सेवाएँ) से प्रस्तावों को ज़मीनी निवेश में बदलना।
अवधारणा
BIADA (बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण) औद्योगिक भूमि आवंटित करता है; डोभी सिटी अमृतसर-कोलकाता औद्योगिक गलियारा (AKIC) पर स्थित है।
बिहार उद्यम सहायता (₹ करोड़) का क्षैतिज बार चार्ट: मुख्यमंत्री उद्यमी योजना ₹3,414 करोड़ (47,075 लाभार्थी), बिहार लघु उद्यमी ₹581 करोड़ (71,740), सेमीकंडक्टर टेक केंद्र पटना ₹171 करोड़, स्टार्टअप बिहार ₹103 करोड़ (1,762 स्टार्टअप)। — StudyForGS
6. पूरे बिहार में 26 नवंबर तक एक माह का नशा-विरोधी अभियान
SOCIETYBPSC: Prelims + Mains GS-II (बिहार शासन)
सिलेबस से संबंध
GS-II: बिहार प्रशासन, क़ानून-व्यवस्था, सामाजिक नीति; Prelims: मद्यनिषेध अधिनियम 2016, NDPS।
संदर्भ
CM सम्राट चौधरी ने 27 अक्टूबर को अधिवेशन भवन, पटना में अभियान शुरू किया, जिसे मद्यनिषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग चला रहा है।
मुख्य तथ्य
अभियान 26 नवंबर तक; लक्ष्य हर घर तक पहुँचना।
चरस ज़ब्ती 282 kg (2024) से 400 kg (2025); हेरोइन 42 से 65 kg; 2025 में अफ़ीम 77 kg।
2029 तक नशा-मुक्त भारत के राष्ट्रीय लक्ष्य से जुड़ा।
बिहार में 2016 से पूर्ण शराबबंदी लागू है।
आगे की राह
नेपाल सीमा पर प्रवर्तन के साथ नशा-मुक्ति केंद्र, स्कूल परामर्श और सामुदायिक निगरानी को जोड़ना।
अवधारणा
NDPS अधिनियम, 1985 मादक पदार्थों को नियंत्रित करता है; अनुच्छेद 47 (DPSP) राज्य को स्वास्थ्य के लिए हानिकारक मादक पेयों व नशीले पदार्थों पर प्रतिबंध का निर्देश देता है।
7. SC: ड्यू डिलिजेंस में चूक हो तो बैंक डिजिटल अरेस्ट पीड़ितों को मुआवज़ा दें
POLITYBPSC: Prelims + Mains GS-II (राजव्यवस्था व शासन)
CJI सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने 29 अक्टूबर को कहा कि डिजिटल अरेस्ट ठगी में संस्थागत ड्यू डिलिजेंस की विफलता से हुए नुक़सान बैंक वहन करें।
मुख्य तथ्य
जनवरी-अगस्त 2026 में ₹647 करोड़ से अधिक की 21,928 डिजिटल अरेस्ट शिकायतें।
कोर्ट RBI के प्रस्तावित KYC संशोधनों की जाँच करेगा, जो 30 नवंबर तक अपेक्षित।
मिलीभगत वाले बैंक कर्मियों पर अभियोजन और वरिष्ठ नागरिकों की असामान्य निकासी पर अलर्ट पर ज़ोर।
ये टिप्पणियाँ सुनवाई स्तर की हैं; अंतिम मुआवज़ा ढाँचा अभी प्रतीक्षित।
आगे की राह
दायित्व उस पक्ष पर हो जो ठगी रोकने में सबसे सक्षम है; AI-आधारित लेनदेन निगरानी और 1930 हेल्पलाइन जागरूकता।
अवधारणा
'डिजिटल अरेस्ट' का कोई क़ानूनी आधार नहीं: ठग वीडियो कॉल पर पुलिस/CBI बनकर डराते हैं। RBI के शून्य/सीमित दायित्व नियम (2017) 3 दिन में रिपोर्ट करने वाले ग्राहकों की रक्षा करते हैं।
GS-II: भारतीय अर्थव्यवस्था, मुद्रास्फीति व लोक वित्त; Prelims: CPI-IW, वेतन आयोग।
संदर्भ
केंद्रीय कैबिनेट ने 28 अक्टूबर को महँगाई भत्ता (कर्मचारी) और महँगाई राहत (पेंशनभोगी) 60% से 63% किया।
मुख्य तथ्य
1 जुलाई 2026 से प्रभावी (पूर्वव्यापी)।
48.54 लाख कर्मचारी और 68.71 लाख पेंशनभोगी लाभान्वित।
वार्षिक लागत: ₹10,016.10 करोड़।
DA वर्ष में दो बार (जनवरी व जुलाई) CPI-IW के आधार पर संशोधित होता है।
आगे की राह
बिहार सहित राज्य प्रायः अनुसरण करते हैं; राजकोषीय गुंजाइश को पूँजीगत व्यय प्रतिबद्धताओं से संतुलित करना होगा।
अवधारणा
CPI-IW (औद्योगिक श्रमिकों हेतु उपभोक्ता मूल्य सूचकांक) श्रम ब्यूरो, शिमला संकलित करता है; DA मुद्रास्फीति से वास्तविक वेतन क्षरण की भरपाई करता है।
63% DA/DR दिखाता डोनट चार्ट, 48.54 लाख कार्यरत कर्मचारियों और 68.71 लाख पेंशनभोगियों में विभाजित, वार्षिक लागत ₹10,016.10 करोड़, 1 जुलाई 2026 से प्रभावी। — StudyForGS
10. NavIC को मज़बूत करने हेतु ISRO का NVS-03 आज रात GSLV-F18 से लॉन्च होगा
SCI-TECHBPSC: Prelims + Mains GS-II (विज्ञान व प्रौद्योगिकी)
सिलेबस से संबंध
GS-II: विज्ञान व प्रौद्योगिकी की भूमिका; Prelims: उपग्रह, प्रक्षेपण यान, NavIC।
संदर्भ
मिशन GSLV-F18/NVS-0330 अक्टूबर, रात 11:51 बजे ISTसतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र, श्रीहरिकोटा से निर्धारित है।
मुख्य तथ्य
पाँच दूसरी पीढ़ी के उपग्रहों (NVS-01 से NVS-05) में तीसरा; NVS-01 29 मई 2023 को लॉन्च।
स्वदेशी परमाणु घड़ी से लैस; मौजूदा L5 व S बैंड में L1-बैंड सिग्नल जोड़ता है।
NavIC भारत + सीमा से ~1,500 km आगे तक कवरेज देता है।
IRNSS सेवाओं की निरंतरता बहाल करना लक्ष्य।
आगे की राह
L1 अनुकूलता से NavIC स्मार्टफ़ोन में आ सकेगा; सामरिक उपयोग में विदेशी GNSS पर निर्भरता घटेगी।
अवधारणा
NavIC/IRNSS: भारत की क्षेत्रीय नेविगेशन प्रणाली (GSO + IGSO उपग्रह); वैश्विक प्रणालियाँ GPS (अमेरिका), GLONASS (रूस), Galileo (EU), BeiDou (चीन) हैं।
11. सेबू में 13वीं ADMM-Plus: भारत ने आसियान को आतंकरोधी विशेषज्ञता की पेशकश की
GS-II: भारत व पड़ोस, एक्ट ईस्ट; Prelims: आसियान, ADMM-Plus, शिखर सम्मेलन व स्थल।
संदर्भ
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 29 अक्टूबर को सेबू, फ़िलीपींस में 13वीं ADMM-Plus को संबोधित किया और ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख किया।
मुख्य तथ्य
थीम: 'Navigating Our Future, Together'; भारत आसियान केंद्रीयता और UNCLOS का समर्थक।
भारत व मलेशियाआतंकवाद-रोधी विशेषज्ञ कार्य समूह (2024-27) के सह-अध्यक्ष।
2026आसियान-भारत समुद्री सहयोग वर्ष; रक्षा 'यूथ ब्रिज' का प्रस्ताव।
अदन की खाड़ी में 2008 से नौसेना की समुद्री-डकैती रोधी तैनाती।
आगे की राह
संयुक्त अभ्यास व ख़ुफ़िया साझेदारी बढ़ाना; एक्ट ईस्ट में बिहार के बौद्ध संबंधों (बोधगया, नालंदा) को सॉफ्ट पावर बनाना।
अवधारणा
ADMM-Plus (2010 से, हनोई) = आसियान रक्षा मंत्री + 8 साझेदार: भारत, चीन, जापान, दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया, न्यूज़ीलैंड, रूस, अमेरिका।
एशिया-प्रशांत का मानचित्र जिसमें आसियान सदस्य नीले, ADMM-Plus साझेदार देश हल्के नारंगी, भारत केसरिया और सेबू, फ़िलीपींस (29 अक्टूबर 2026 को 13वीं ADMM-Plus का स्थल) पर लाल तारा। — StudyForGS
आज का डेटा पॉइंट
7.3%
भारत की FY27 वास्तविक GDP वृद्धि का अनुमान (वित्त मंत्रालय, अक्टूबर आर्थिक समीक्षा) अक्टूबर की शुरुआत में जारी RBI के 7.1% अनुमान से अधिक; मंत्रालय ने कच्चे तेल और मुद्रास्फीति को प्रमुख जोखिम बताया।
प्रारंभिक परीक्षा रैपिड-फायर
NBPDCL व SBPDCL: बिहार की दो बिजली DISCOM (उत्तर व दक्षिण), 2012 में BSEB के विभाजन के बाद गठित।
वारिसलीगंज (नवादा) में नई चीनी मिल; मोतीपुर मिल मुज़फ़्फ़रपुर में है।
बिहार राज्य खेल 2026: ₹12 करोड़, ~5,500 खिलाड़ी, 24 विधाएँ।
क्षेत्रीय आर्थिक अपराध इकाई हेतु 143 पद स्वीकृत; मोतिहारी, पूर्णिया, सारण में नए सिटी SP पद।
भारत में ग्रीन हाइड्रोजन ऑफटेक प्रतिबद्धताएँ 5.5 लाख MTPA से अधिक (अक्टूबर 2026)।
तवांग, अरुणाचल प्रदेश में 14वाँ अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मार्ट शुरू।
अभ्यास MCQs — BPSC Prelims पैटर्न
Q1. 28 अक्टूबर 2026 के बिहार कैबिनेट निर्णयों के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार करें:
1. बाढ़ मैदान क्षेत्र निर्धारण अध्ययन - कोसी, गंडक और सोन नदियाँ
2. नई चीनी मिल - वारिसलीगंज (नवादा)
3. बाढ़ क्षेत्रीकरण साझेदार - NIH, रुड़की
उपर्युक्त में से कौन-सा/से युग्म सही सुमेलित है/हैं?
केवल 1 और 2
केवल 2 और 3
केवल 1 और 3
1, 2 और 3
उत्तर देखें
उत्तर: D तीनों सही हैं: ₹1.99 करोड़ का अध्ययन NIH रुड़की के साथ कोसी, गंडक, सोन को कवर करता है, और नवादा के वारिसलीगंज में नई चीनी मिल प्रस्तावित है।
Q2. दिसंबर 2026 में समाप्त होने वाली भारत-बांग्लादेश गंगा जल संधि किस वर्ष हस्ताक्षरित हुई और किस संरचना पर जल बँटवारे को नियंत्रित करती है?
1977 - कोसी बराज
1996 - फरक्का बराज
1996 - वाल्मीकिनगर बराज
2006 - फरक्का बराज
उत्तर देखें
उत्तर: B 12 दिसंबर 1996 को 30 वर्षों के लिए हस्ताक्षरित यह संधि फरक्का बराज (पश्चिम बंगाल) पर शुष्क मौसम (जनवरी-मई) प्रवाह बाँटती है; 11 दिसंबर 2026 को समाप्त होगी।
मुख्य परीक्षा अभ्यास प्रश्न
Q. "उत्तर बिहार की बाढ़ जितनी जल की समस्या है, उतनी ही गाद और भूमि-उपयोग की भी।" हाल के बाढ़ मैदान क्षेत्रीकरण अध्ययन और गंगा जल संधि समीक्षा के आलोक में बिहार के लिए दीर्घकालिक बाढ़ प्रबंधन रणनीति सुझाइए। (BPSC Mains GS-II, 38 अंक)
संकेत / दृष्टिकोण
भूमिका: ~73% क्षेत्र बाढ़-प्रवण; कोसी/गंडक नेपाल से। मुख्य भाग: गाद भार व फरक्का बैकवाटर, तटबंधों की सीमाएँ, बाढ़ मैदान क्षेत्रीकरण (NIH अध्ययन), राष्ट्रीय गाद नीति, बांध सुरक्षा, भारत-नेपाल सहयोग, पूर्व चेतावनी। निष्कर्ष: बाढ़ नियंत्रण से बाढ़ लचीलापन की ओर।