बिहार PSC (BPSC) के लिए डेली करेंट अफेयर्स

BPSC करेंट अफेयर्स — 29 October 2026

बिहार कैबिनेट ने ₹11,096.55 करोड़ के बिजली उन्नयन और 24 बांधों के सुरक्षा ऑडिट को मंज़ूरी दी; बिहार MLC चुनाव परिणाम; केंद्रीय कैबिनेट ने ₹10,000 करोड़ की कंटेनर योजना स्वीकृत की

Thursday, 29 October 2026 · IST · बिहार + राष्ट्रीय · 11 टॉपिक · 2 MCQs

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बिहार कैबिनेट ने 28 अक्टूबर 2026 को 43 प्रस्तावों को मंज़ूरी दी, जिनमें ₹11,096.55 करोड़ का लो-टेंशन बिजली नेटवर्क उन्नयन, 24 बांधों का सुरक्षा ऑडिट और कोसी, गंडक व सोन का बाढ़-मैदान ज़ोनिंग अध्ययन शामिल है। 8 सीटों वाली बिहार विधान परिषद के चुनाव में भाजपा को 3 सीटें मिलीं, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर केंद्रीय कैबिनेट ने ₹10,000 करोड़ की कंटेनर विनिर्माण प्रोत्साहन योजना को मंज़ूरी दी और चक्रवात अर्नब ने यानम के पास लैंडफॉल किया।

आज एक नज़र में — याद रखने वाली बातें

विस्तृत नोट्स

1. बिहार कैबिनेट ने ₹11,096.55 करोड़ के लो-टेंशन बिजली नेटवर्क उन्नयन को मंज़ूरी दी

BIHARBPSC: प्रारंभिक + मुख्य GS-II (बिहार अर्थव्यवस्था)
सिलेबस से संबंधGS-II: बिहार अर्थव्यवस्था — ऊर्जा एवं अवसंरचना; प्रारंभिक: बिहार बिजली क्षेत्र, डिस्कॉम।
संदर्भ28 अक्टूबर 2026 को कैबिनेट ने LT वितरण नेटवर्क मज़बूत करने की 3 वर्षीय योजना मंज़ूर की, क्योंकि ओवरलोड केबल और ट्रांसफॉर्मर बढ़ती मांग नहीं झेल पा रहे।
मुख्य तथ्य
  • कुल लागत ₹11,096.55 करोड़, अधिकतम 3 वर्षों में चरणबद्ध।
  • NBPDCL ₹6,066 करोड़; SBPDCL ₹5,030.55 करोड़ — राज्य गारंटी पर ऋण।
  • पीक मांग 1,802 MW (2012) से बढ़कर 9,475 MW।
  • कार्य: अधिक क्षमता वाले LT एरियल बंच्ड केबल + ओवरलोड वितरण ट्रांसफॉर्मरों का उन्नयन।
आगे की राहनेटवर्क उन्नयन के साथ स्मार्ट मीटरिंग, AT&C हानि में कमी और रूफटॉप सोलर जोड़ें ताकि डिस्कॉम वित्तीय रूप से सक्षम रहें।
अवधारणाBSEB का नवंबर 2012 में 5 कंपनियों में विभाजन हुआ, जिनमें NBPDCL और SBPDCL शामिल हैं। LT = उपभोक्ता-स्तर की लो-टेंशन आपूर्ति; केंद्र की सहायता RDSS (2021) से।
बार चार्ट: बिहार की पीक बिजली मांग 2012 के 1,802 MW से 9,475 MW तक; साथ में ₹11,096.55 करोड़ ऋण का NBPDCL (₹6,066 करोड़) और SBPDCL (₹5,030.55 करोड़) में बंटवारा।
बार चार्ट: बिहार की पीक बिजली मांग 2012 के 1,802 MW से 9,475 MW तक; साथ में ₹11,096.55 करोड़ ऋण का NBPDCL (₹6,066 करोड़) और SBPDCL (₹5,030.55 करोड़) में बंटवारा। — StudyForGS

2. 24 बांधों का सुरक्षा ऑडिट और कोसी, गंडक व सोन का बाढ़-मैदान ज़ोनिंग स्वीकृत

BIHARBPSC: प्रारंभिक + मुख्य GS-II (बिहार भूगोल)
सिलेबस से संबंधGS-II: बिहार भूगोल — नदियाँ, बाढ़, आपदा प्रबंधन; प्रारंभिक: बिहार की नदी प्रणालियाँ।
संदर्भजल संसाधन विभाग अगले मानसून से पहले बाढ़-तैयारी बेहतर करने के लिए 8 महीने में राज्यव्यापी बांध-सुरक्षा आकलन पूरा करेगा।
मुख्य तथ्य
  • बांध सुरक्षा अधिनियम, 2021 के तहत 24 बांध, ₹8.39 करोड़।
  • हाइड्रोग्राफिक व गाद सर्वेक्षण, स्पिलवे जाँच, डैम-ब्रेक विश्लेषण, आपातकालीन योजना, O&M मैनुअल।
  • NIH रुड़की के साथ कोसी, गंडक, सोन का बाढ़-मैदान ज़ोन निर्धारण अध्ययन — ₹1.99 करोड़।
  • आपातकालीन योजनाएँ ज़िला प्रशासन और आपदा एजेंसियों के साथ बनेंगी।
आगे की राहउच्च-जोखिम क्षेत्रों में निर्माण रोकने के लिए बाढ़-मैदान ज़ोनिंग नियम अधिसूचित करें और बांध आँकड़ों को पूर्व-चेतावनी प्रणाली से जोड़ें।
अवधारणाकोसी = 'बिहार का शोक' (बराज भीमनगर, नेपाल); गंडक बराज वाल्मीकिनगर में; सोन बराज इंद्रपुरी में। NIH रुड़की जल शक्ति मंत्रालय के अधीन है।
बिहार के ज़िलों का मानचित्र, जिसमें 28 अक्टूबर के कैबिनेट निर्णयों से जुड़े स्थान दिखाए गए हैं: कोसी, गंडक, सोन और गंगा नदियाँ, विश्वामित्र पथ (बक्सर–आरा–मनेर) और गंगा अंबिका पथ, गोपालगंज में नारायणी पथ, मोतीपुर व वारिसलीगंज चीनी मिल, पटना भूमिगत सड़क अध्ययन तथा मोतिहारी, छपरा और पूर्णिया में सिटी SP पद; साथ में प्रमुख आँकड़ों का पैनल।
बिहार के ज़िलों का मानचित्र, जिसमें 28 अक्टूबर के कैबिनेट निर्णयों से जुड़े स्थान दिखाए गए हैं: कोसी, गंडक, सोन और गंगा नदियाँ, विश्वामित्र पथ (बक्सर–आरा–मनेर) और गंगा अंबिका पथ, गोपालगंज में नारायणी पथ, मोतीपुर व वारिसलीगंज चीनी मिल, पटना भूमिगत सड़क अध्ययन तथा मोतिहारी, छपरा और पूर्णिया में सिटी SP पद; साथ में प्रमुख आँकड़ों का पैनल। — StudyForGS

3. MSME नीति 2026 और जैव-ईंधन व CBG नीति 2026 को कैबिनेट की मंज़ूरी; वारिसलीगंज में नई चीनी मिल

BIHARBPSC: प्रारंभिक + मुख्य GS-II (बिहार अर्थव्यवस्था)
सिलेबस से संबंधGS-II: बिहार की औद्योगिक नीति, रोज़गार, कृषि-उद्योग; प्रारंभिक: राज्य योजनाएँ व सात निश्चय-3।
संदर्भMSME नीति 2026 (8 अक्टूबर को जारी) को 'एक करोड़ उद्यमी परिवार' विज़न के साथ कार्योत्तर स्वीकृति मिली; नई CBG नीति कृषि व शहरी कचरे को ईंधन में बदलेगी।
मुख्य तथ्य
  • 5 वर्ष के लक्ष्य: 1 करोड़ उद्यमी परिवार, 1 करोड़ प्रत्यक्ष + अप्रत्यक्ष रोज़गार।
  • 75% ऋण-जमा अनुपात, हर ज़िले में औद्योगिक क्लस्टर, सभी 38 ज़िलों में MSME केंद्र।
  • CBG कच्चा माल: फसल अवशेष, पशु अपशिष्ट, नगरपालिका ठोस कचरा, प्रेस मड; निगरानी सिंगल विंडो पोर्टल से।
  • सात निश्चय-3 के तहत: वारिसलीगंज (नवादा) में नई मिल + डिस्टिलरी + CBG संयंत्र; मोतीपुर (मुज़फ्फरपुर) की भूमि 115.08 / 151.58 एकड़ में बंटी।
आगे की राहक्लस्टर-आधारित ऋण शिविरों से बिहार का कम CD अनुपात बढ़ाएँ और किसानों की आय सुनिश्चित करने हेतु CBG संयंत्रों को SATAT खरीद से जोड़ें।
अवधारणाCD अनुपात = राज्य में बैंक ऋण ÷ जमा। SATAT (2018) संपीड़ित बायो-गैस को बढ़ावा देता है; प्रेस मड चीनी मिल का उप-उत्पाद है। MSME की परिभाषा MSMED अधिनियम, 2006 में है।
छह रंगीन टाइलें, जो बिहार MSME नीति 2026 और CBG नीति 2026 के लक्ष्य दिखाती हैं: 1 करोड़ उद्यमी परिवार, 1 करोड़ रोज़गार, 75% ऋण-जमा अनुपात, 38 MSME केंद्र, हर ज़िले में एक औद्योगिक क्लस्टर, तथा फसल अवशेष, गोबर, नगर कचरा व प्रेस मड से CBG।
छह रंगीन टाइलें, जो बिहार MSME नीति 2026 और CBG नीति 2026 के लक्ष्य दिखाती हैं: 1 करोड़ उद्यमी परिवार, 1 करोड़ रोज़गार, 75% ऋण-जमा अनुपात, 38 MSME केंद्र, हर ज़िले में एक औद्योगिक क्लस्टर, तथा फसल अवशेष, गोबर, नगर कचरा व प्रेस मड से CBG। — StudyForGS

4. पटना भूमिगत सड़क अध्ययन, तीन नए सड़क कॉरिडोर और उड़ान के लिए व्यवहार्यता अंतर निधि

BIHARBPSC: प्रारंभिक + मुख्य GS-II (बिहार अवसंरचना)
सिलेबस से संबंधGS-II: शहरी परिवहन, कनेक्टिविटी, क्षेत्रीय हवाई संपर्क; प्रारंभिक: बिहार की सड़कें, हवाई अड्डे, उड़ान।
संदर्भराजधानी की भीड़ कम करने और क्षेत्रीय संपर्क तेज़ करने के लिए कैबिनेट ने पटना में भूमिगत सड़कों के व्यवहार्यता अध्ययन और तीन कॉरिडोर के परामर्श कार्य को मंज़ूरी दी।
मुख्य तथ्य
  • ₹18.21 करोड़ अध्ययन: आर ब्लॉक–कंकड़बाग, डाक बंगला–पटना वीमेंस कॉलेज।
  • ₹37.10 करोड़ परामर्श: विश्वामित्र पथ (बक्सर–आरा–मनेर, 90 किमी), गंगा अंबिका पथ (बिदुपुर–दिघवारा, 56 किमी), नारायणी पथ (गोपालगंज, 73.51 किमी)।
  • उड़ान हेतु AAI को ₹43.50 करोड़ VGF (मई 2026–सितंबर 2028, ₹1.5 करोड़/माह)।
  • ~49,000 इंजीनियरिंग/पॉलिटेक्निक छात्रों के निजी छात्रावास हेतु ₹58.80 करोड़ (₹1,000/बेड)।
आगे की राहभूमिगत सड़कों को पटना मेट्रो और रिवरफ्रंट योजना से जोड़ें; नई अड़चनों से बचने के लिए ट्रांज़िट-ओरिएंटेड डेवलपमेंट अपनाएँ।
अवधारणाVGF = परियोजना लागत और व्यावसायिक व्यवहार्यता के बीच के अंतर को भरने वाला अनुदान। उड़ान (RCS) 2016 में शुरू हुई; बिहार का दरभंगा हवाई अड्डा उड़ान की सफलता है।

5. बिहार विधान परिषद चुनाव: भाजपा ने 8 में से 3 सीटें जीतीं, जन सुराज का खाता खुला

POLITYBPSC: प्रारंभिक + मुख्य GS-II (राजव्यवस्था)
सिलेबस से संबंधGS-II: राज्य विधानमंडल — विधान परिषद (अनु. 169, 171); प्रारंभिक: बिहार विधान परिषद।
संदर्भ4 स्नातक और 4 शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए मतदान 23 अक्टूबर को हुआ; 27–28 अक्टूबर की मतगणना में खंडित जनादेश आया।
मुख्य तथ्य
  • परिणाम: भाजपा 3, जदयू 1, राजद 1, जन सुराज 1, निर्दलीय 2 (NDA = 4)।
  • पटना स्नातक: नीरज कुमार (जदयू); कोसी स्नातक: डॉ. एन.के. यादव (भाजपा), अंतर 10,026।
  • दरभंगा शिक्षक: डॉ. सुरेश प्रसाद राय — जन सुराज के पहले MLC।
  • मतदान: 82.85% (शिक्षक) बनाम ~53% (स्नातक)।
आगे की राहस्नातक मतदाता पंजीकरण बढ़ाएँ और परिषद को राजनीतिक समायोजन के बजाय विशेषज्ञ-आधारित विमर्श का मंच बनाएँ।
अवधारणाअनु. 171: परिषद ≤ विधायकों का 1/3, न्यूनतम 40; 1/12 स्नातक, 1/12 शिक्षक, 1/3 स्थानीय निकाय, 1/3 विधायक, 1/6 राज्यपाल द्वारा मनोनीत। बिहार परिषद में 75 सीटें; MLC कार्यकाल 6 वर्ष।
अक्टूबर 2026 में तय हुई बिहार विधान परिषद की 8 सीटों का डोनट चार्ट: भाजपा 3, जदयू 1, राजद 1, जन सुराज 1 और निर्दलीय 2।
अक्टूबर 2026 में तय हुई बिहार विधान परिषद की 8 सीटों का डोनट चार्ट: भाजपा 3, जदयू 1, राजद 1, जन सुराज 1 और निर्दलीय 2। — StudyForGS

6. कुलपतियों का कार्यकाल समाप्ति पर, राज्यपाल-कुलाधिपति ने छह विश्वविद्यालयों में नीतिगत निर्णयों पर रोक लगाई

BIHARBPSC: मुख्य GS-II (शासन एवं शिक्षा)
सिलेबस से संबंधGS-II: राज्यपाल की भूमिका, बिहार में उच्च शिक्षा शासन; प्रारंभिक: बिहार के विश्वविद्यालय।
संदर्भराज्यपाल सचिवालय के 27 अक्टूबर 2026 के पत्र में कुलपतियों के कार्यकाल के अंतिम चरण में कुलाधिपति की स्वीकृति के बिना बड़े निर्णयों पर रोक है।
मुख्य तथ्य
  • शामिल: LNMU व KSDSU (दरभंगा), JPU (छपरा), BNMU (मधेपुरा), AKU (पटना), BRABU (मुज़फ्फरपुर)।
  • प्रतिबंध: नई नियुक्तियाँ, स्थानांतरण, नीतिगत निर्णय, नई वित्तीय देनदारी वाली योजनाएँ।
  • राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव द्वारा जारी; प्रतिलिपि उच्च शिक्षा विभाग को।
आगे की राहसमयबद्ध कुलपति चयन कैलेंडर तय करें ताकि संक्रमण काल में शैक्षणिक प्रशासन न रुके।
अवधारणाराज्यपाल राज्य कानून (बिहार राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम, 1976) से विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति हैं, संविधान से नहीं — अतः ये शक्तियाँ वैधानिक हैं, संवैधानिक नहीं।

7. केंद्रीय कैबिनेट ने ₹10,000 करोड़ की कंटेनर विनिर्माण प्रोत्साहन योजना को मंज़ूरी दी

ECONOMYBPSC: प्रारंभिक + मुख्य GS-II (भारतीय अर्थव्यवस्था)
सिलेबस से संबंधGS-II: औद्योगिक नीति, लॉजिस्टिक्स, मेक इन इंडिया; प्रारंभिक: TEU, समुद्री योजनाएँ।
संदर्भ28 अक्टूबर 2026 को स्वीकृत CMPS (बजट 2026-27 की घोषणा) का उद्देश्य पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्रालय के तहत शिपिंग कंटेनरों पर आयात निर्भरता घटाना है।
मुख्य तथ्य
  • अवधि वित्त वर्ष 2027-28 से 2039-40 (3 वर्ष स्थापना + 10 वर्ष उत्पादन सहायता)।
  • क्षमता ~70,000 → 7.5 लाख TEU; घरेलू सामग्री 70% → 90%।
  • बंटवारा: परिचालन व्यय ₹8,891 करोड़, ब्याज सबवेंशन (3%) ₹859 करोड़, परीक्षण ₹150 करोड़, प्रशासन ₹100 करोड़।
  • पात्रता: ग्रीनफील्ड ≥1 लाख TEU/वर्ष; ब्राउनफील्ड ≥25,000 TEU; बंदरगाह भूमि अधिसूचित दर के 25% पर।
आगे की राहकंटेनर क्लस्टरों को इस्पात केंद्रों और अंतर्देशीय जलमार्गों के पास स्थापित करें; बिहार NW-1 पर कोलकाता–हल्दिया लॉजिस्टिक्स से जुड़ सकता है।
अवधारणाTEU = ट्वेंटी-फुट इक्विवेलेंट यूनिट (कंटेनर का मानक माप)। NW-1 (गंगा: हल्दिया–प्रयागराज) पटना से गुज़रता है; योजना मैरीटाइम अमृत काल विज़न 2047 के अनुरूप है।
₹10,000 करोड़ की कंटेनर विनिर्माण प्रोत्साहन योजना के व्यय का डोनट चार्ट: परिचालन व्यय सहायता ₹8,891 करोड़, ब्याज सबवेंशन ₹859 करोड़, परीक्षण व प्रमाणन ₹150 करोड़, योजना प्रबंधन ₹100 करोड़।
₹10,000 करोड़ की कंटेनर विनिर्माण प्रोत्साहन योजना के व्यय का डोनट चार्ट: परिचालन व्यय सहायता ₹8,891 करोड़, ब्याज सबवेंशन ₹859 करोड़, परीक्षण व प्रमाणन ₹150 करोड़, योजना प्रबंधन ₹100 करोड़। — StudyForGS

8. अति गंभीर चक्रवाती तूफ़ान अर्नब ने यानम के पास लैंडफॉल किया

ENVIRONMENTBPSC: प्रारंभिक + मुख्य GS-II (आपदा प्रबंधन)
सिलेबस से संबंधGS-II: आपदा प्रबंधन, पूर्वानुमान में विज्ञान-प्रौद्योगिकी की भूमिका; प्रारंभिक: चक्रवात वर्गीकरण, नामकरण।
संदर्भआंध्र प्रदेश और ओडिशा में बड़े पैमाने पर निकासी के बाद अर्नब ने 28 अक्टूबर (सुबह 2–8 बजे) को यानम के पास बापटला और विशाखापत्तनम के बीच तट पार किया।
मुख्य तथ्य
  • स्थायी हवा 125–135 किमी/घंटा, झोंके ~150 किमी/घंटा; सुबह 8:30 तक SCS में कमज़ोर।
  • आंध्र में लगभग 4 लाख लोगों की निकासी चिह्नित; ओडिशा ने 48,000 की योजना बनाई।
  • ओडिशा के अलर्ट ज़िले: गंजाम, गजपति, कोरापुट, मलकानगिरी आदि।
  • IMD ने 29 अक्टूबर को बिहार में कहीं-कहीं भारी वर्षा का पूर्वानुमान दिया।
आगे की राहबिहार को लैंडफॉल के बाद के अवदाब पर नज़र रखनी चाहिए — देर से होने वाली वर्षा धान की कटाई बिगाड़ सकती है और सुपौल में कोसी का जलस्तर बढ़ा सकती है।
अवधारणाIMD पैमाना: CS 62–88, SCS 89–117, VSCS 118–165, ESCS 166–220, SuCS ≥222 किमी/घंटा। नाम WMO/ESCAP सूची (2020) से; 'अर्नब' बांग्लादेश ने दिया था। यानम पुडुचेरी केंद्रशासित प्रदेश का भाग है।
आंध्र प्रदेश–ओडिशा तट का मानचित्र: बंगाल की खाड़ी से 28 अक्टूबर को यानम के पास लैंडफॉल तक चक्रवात अर्नब का मार्ग; अलर्ट वाले आंध्र ज़िले नारंगी, ओडिशा ज़िले बैंगनी, तथा विशाखापत्तनम, बापटला और भुवनेश्वर चिह्नित।
आंध्र प्रदेश–ओडिशा तट का मानचित्र: बंगाल की खाड़ी से 28 अक्टूबर को यानम के पास लैंडफॉल तक चक्रवात अर्नब का मार्ग; अलर्ट वाले आंध्र ज़िले नारंगी, ओडिशा ज़िले बैंगनी, तथा विशाखापत्तनम, बापटला और भुवनेश्वर चिह्नित। — StudyForGS

9. येरेवान में CBD COP-17 पर भारत ने कुनमिंग-मॉन्ट्रियल जैव-विविधता प्रतिबद्धताओं को दोहराया

ENVIRONMENTBPSC: प्रारंभिक + मुख्य GS-II (पर्यावरण)
सिलेबस से संबंधप्रारंभिक: पर्यावरण व पारिस्थितिकी, अंतरराष्ट्रीय अभिसमय; GS-II: विज्ञान-प्रौद्योगिकी व पर्यावरण।
संदर्भCOP-17 19–30 अक्टूबर 2026 तक येरेवान, आर्मेनिया में; पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने 27 अक्टूबर को भारत का वक्तव्य दिया।
मुख्य तथ्य
  • भारत का अद्यतन NBSAP: 23 राष्ट्रीय लक्ष्य, 142 संकेतक।
  • भारत में अब 1,134 संरक्षित क्षेत्र, 103 रामसर स्थल, 57 BHS, 18 बायोस्फीयर रिज़र्व।
  • पूर्वानुमेय वित्त व तकनीक हस्तांतरण की मांग; DSI लाभ-साझेदारी हेतु कैली फंड का समर्थन।
  • सिंथेटिक बायोलॉजी पर एहतियाती दृष्टिकोण।
आगे की राहबिहार कांवर झील जैसे आर्द्रभूमियों को राज्य कार्ययोजना में जोड़े और जैव-विविधता प्रबंधन समितियों को धन दे।
अवधारणाCBD (रियो, 1992; लागू 29 दिसंबर 1993)। KMGBF (COP-15, मॉन्ट्रियल, 2022): 23 लक्ष्य, 30x30। बिहार के रामसर स्थल: कांवर झील (बेगूसराय, पहला), नागी व नकटी (जमुई), गोकुल जलाशय (बक्सर), उदयपुर झील (प. चंपारण)।
CBD COP-17 पर भारत की जैव-विविधता की छह टाइलें: 1,134 संरक्षित क्षेत्र, 103 रामसर स्थल, 57 जैव-विविधता विरासत स्थल, 18 बायोस्फीयर रिज़र्व (13 यूनेस्को MAB में), 23 NBSAP लक्ष्य व 142 संकेतक, और KMGBF का 30x30 लक्ष्य।
CBD COP-17 पर भारत की जैव-विविधता की छह टाइलें: 1,134 संरक्षित क्षेत्र, 103 रामसर स्थल, 57 जैव-विविधता विरासत स्थल, 18 बायोस्फीयर रिज़र्व (13 यूनेस्को MAB में), 23 NBSAP लक्ष्य व 142 संकेतक, और KMGBF का 30x30 लक्ष्य। — StudyForGS

10. भारत और मैक्सिको ने अधिमान्य व्यापार समझौते पर वार्ता शुरू की

IRBPSC: प्रारंभिक + मुख्य GS-II (अर्थव्यवस्था एवं अंतरराष्ट्रीय संबंध)
सिलेबस से संबंधGS-II: भारत का विदेश व्यापार, व्यापार समझौते; प्रारंभिक: PTA बनाम FTA, लैटिन अमेरिका संबंध।
संदर्भ1 जनवरी 2026 से मैक्सिको द्वारा गैर-FTA साझेदारों पर 50% तक शुल्क लगाने के बाद 26 अक्टूबर 2026 को मैक्सिको सिटी में संदर्भ-शर्तों पर हस्ताक्षर हुए।
मुख्य तथ्य
  • वित्त वर्ष 26 में द्विपक्षीय व्यापार ~US$ 7.83 अरब; भारत का निर्यात US$ 5.73 अरब।
  • मैक्सिको को ऑटो निर्यात US$ 1.92 अरब; शुल्क से 1,463 वस्तुएँ प्रभावित।
  • G7, कनाडा (जून 2025) में मोदी–शीनबाम सहमति पर आधारित।
आगे की राहऑटो, वस्त्र, फार्मा को प्राथमिकता दें; PTA आगे चलकर पूर्ण CEPA बन सकता है।
अवधारणाPTA सीमित वस्तुओं पर शुल्क घटाता है; FTA लगभग सभी व्यापार पर शुल्क हटाता है; CEPA में सेवाएँ व निवेश भी शामिल।

11. प्रधानमंत्री ने उभरते विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार सम्मेलन (ESTIC) 2026 का उद्घाटन किया

SCI-TECHBPSC: प्रारंभिक + मुख्य GS-II (विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी)
सिलेबस से संबंधGS-II: भारत के विकास में विज्ञान-प्रौद्योगिकी की भूमिका व प्रभाव; प्रारंभिक: ANRF, RDI फंड।
संदर्भ27 अक्टूबर से भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित सम्मेलन में प्रधानमंत्री ने शोधकर्ताओं से 3 वर्षों में मापने योग्य, विस्तार-योग्य परिणाम माँगे।
मुख्य तथ्य
  • 5,000+ प्रतिनिधि; नोबेल विजेता योआखिम फ्रैंक और रिचर्ड जे. रॉबर्ट्स ने संबोधित किया।
  • 12 प्राथमिक क्षेत्र: क्वांटम संचार, जनरेटिव AI, सेमीकंडक्टर निर्माण आदि।
  • ₹1 लाख करोड़ RDI फंड और ANRF से वित्तपोषण।
  • स्टार्टअप ~400 (2014) से बढ़कर 2.3 लाख+; 50–60% टियर-2/3 शहरों में।
आगे की राहराज्य की अनुसंधान क्षमता बढ़ाने के लिए बिहार IIT पटना, NIT पटना और AKU के माध्यम से ANRF अवसरों का लाभ उठाए।
अवधारणाANRF की स्थापना ANRF अधिनियम, 2023 के तहत SERB के स्थान पर हुई; अध्यक्ष प्रधानमंत्री। RDI फंड निजी क्षेत्र के डीप-टेक अनुसंधान को सहायता देता है।

आज का डेटा पॉइंट

1,802 MW → 9,475 MW (~5.3x)
बिहार की पीक बिजली मांग (2012 → 2026)
यही उछाल कैबिनेट के ₹11,096.55 करोड़ के LT नेटवर्क उन्नयन का कारण है — अब बाधा केवल उत्पादन नहीं, बल्कि ओवरलोड केबल और ट्रांसफॉर्मर हैं।

प्रारंभिक परीक्षा रैपिड-फायर

बिहार राज्य खेल 2026: ₹12 करोड़, ~5,500 खिलाड़ी, 24 खेल; व्यवस्था बिहार ओलंपिक संघ द्वारा।
क्षेत्रीय आर्थिक अपराध इकाई के लिए 143 पद; मोतिहारी, पूर्णिया, सारण में नए सिटी SP पद।
पटना में वाणिज्यिक न्यायालयों हेतु दो ज़िला न्यायाधीश स्तर के पद (₹1 करोड़ से अधिक के विवाद)।
INS सृष्टि (यार्ड 1283) — चौथा नेक्स्ट जनरेशन OPV — 27 अक्टूबर को गोवा शिपयार्ड में लॉन्च।
अर्थशॉट पुरस्कार 2026 मुंबई में (16–17 नवंबर) — भारत में पहली बार।
जनजातीय गौरव पखवाड़ा: 1–15 नवंबर 2026, बिरसा मुंडा जयंती पर समापन।

अभ्यास MCQs — BPSC Prelims पैटर्न

Q1. 28 अक्टूबर 2026 के बिहार कैबिनेट निर्णयों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. बांध सुरक्षा अधिनियम, 2021 के तहत 24 बांधों का सुरक्षा आकलन किया जाएगा। 2. बाढ़-मैदान ज़ोनिंग अध्ययन में कोसी, गंडक और सोन नदियाँ शामिल हैं। 3. यह अध्ययन केंद्रीय जल आयोग को एकमात्र तकनीकी साझेदार बनाकर किया जाएगा। उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

  1. केवल 1
  2. केवल 1 और 2
  3. केवल 2 और 3
  4. 1, 2 और 3
उत्तर देखें
उत्तर: B
बाढ़-मैदान ज़ोन निर्धारण अध्ययन राष्ट्रीय जलविज्ञान संस्थान, रुड़की के साथ है, CWC के साथ नहीं; कथन 1 और 2 सही हैं।

Q2. संविधान के अनुच्छेद 171 के तहत राज्य विधान परिषद के कितने भाग सदस्य राज्य में रहने वाले कम-से-कम तीन वर्ष पुराने स्नातकों द्वारा निर्वाचित होते हैं?

  1. एक-तिहाई
  2. छठा भाग
  3. बारहवाँ भाग
  4. एक-चौथाई
उत्तर देखें
उत्तर: C
1/12 स्नातकों और 1/12 शिक्षकों द्वारा निर्वाचित; 1/3 स्थानीय निकायों, 1/3 विधायकों द्वारा और 1/6 राज्यपाल द्वारा मनोनीत।

मुख्य परीक्षा अभ्यास प्रश्न

Q. 2012 से बिहार की पीक बिजली मांग पाँच गुना से अधिक बढ़ी है। राज्य के बिजली वितरण क्षेत्र की चुनौतियों का परीक्षण कीजिए तथा अक्टूबर 2026 में स्वीकृत ₹11,096.55 करोड़ के LT नेटवर्क उन्नयन के महत्व का मूल्यांकन कीजिए। (BPSC मुख्य GS-II, ~38 अंक)

संकेत / दृष्टिकोण
भूमिका: 1,802 → 9,475 MW। मुख्य भाग: ओवरलोड LT लाइनें, AT&C हानि, डिस्कॉम वित्त, ग्रामीण फीडर, RDSS व स्मार्ट मीटर। महत्व: MSME नीति 2026 व कृषि पंपों के लिए विश्वसनीयता। निष्कर्ष: सौर ऊर्जा + मांग प्रबंधन।
📌 एक पंक्ति में रिवीज़न: 43 कैबिनेट निर्णय • ₹11,096.55 करोड़ बिजली • 24 बांध • कोसी–गंडक–सोन ज़ोनिंग • MLC: भाजपा 3/8 • CMPS ₹10,000 करोड़ • अर्नब यानम के पास • COP-17 येरेवान।
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