Monday, 5 October 2026 · IST · बिहार + राष्ट्रीय · 11 टॉपिक · 2 MCQs
5 अक्टूबर 2026 को राजेन्द्र सेतु के समानांतर मोकामा में बने नए 1.9 km डबल-लाइन रेल पुल से पहली ट्रेन गुज़री, वहीं राज्य कैबिनेट की ग्रीन हाइड्रोजन नीति 2026 और 2,585 MW कृषि-फीडर सौरीकरण बिहार की ऊर्जा पहल के केंद्र में हैं, जबकि गंगा, कोसी और बूढ़ी गंडक में बाढ़ जारी है। राष्ट्रीय स्तर पर RBI MPC की 5-7 अक्टूबर बैठक 5.25% रेपो दर के साथ शुरू हुई, स्विस राष्ट्रपति गाय पार्मेलिनभारत-EFTA TEPA के एक वर्ष पूरे होने पर राजकीय यात्रा पर आए, और भारत ने आइची-नागोया एशियाई खेलों का समापन 85 पदकों के साथ किया।
आज एक नज़र में — याद रखने वाली बातें
मोकामा में गंगा पर नया डबल-लाइन रेल पुल (1.9 km, 17 स्टील स्पैन) शुरू; पहली ट्रेन महानंदा एक्सप्रेस।
राजेन्द्र सेतु (मोकामा-सिमरिया) - बिहार में गंगा पर पहला रेल-सह-सड़क पुल, 1959 में जवाहरलाल नेहरू द्वारा उद्घाटित।
बिहार ग्रीन हाइड्रोजन नीति 2026: 2031 तक 1 लाख टन/वर्ष, 1 GW इलेक्ट्रोलाइज़र; नोडल एजेंसी BREDA।
बिहार कैबिनेट ने 2,554 कृषि फीडरों पर सौर संयंत्र (2,585 MW, ₹2,761.55 करोड़) को मंजूरी दी।
बिहार के क्षेत्रीय संपर्क योजना (RCS) हवाई अड्डों पर ATF पर VAT 1% से 0% किया गया।
खगड़िया में बूढ़ी गंडक खतरे के निशान से 115 cm ऊपर; पटना से भागलपुर तक गंगा खतरे के निशान से ऊपर।
घटोरा आर्द्रभूमि (बिहपुर, भागलपुर) - रामसर मान्यता हेतु प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।
पटना ज़ू में 165 घड़ियाल - दुनिया के किसी भी चिड़ियाघर में सबसे बड़ी संख्या; गंडक में छोड़ने की योजना।
एशियाई खेल 2026 (आइची-नागोया) में भारत 85 पदक (21 स्वर्ण) के साथ चौथे स्थान पर रहा।
विस्तृत नोट्स
1. मोकामा में गंगा पर नया डबल-लाइन रेल पुल शुरू - राजेन्द्र सेतु के समानांतर पहली ट्रेन गुज़री
BIHARBPSC: प्रारंभिक + मुख्य GS-II (बिहार की अवसंरचना)
सिलेबस से संबंध
GS-II: बिहार की अर्थव्यवस्था - परिवहन अवसंरचना एवं क्षेत्रीय संपर्क; प्रारंभिक: बिहार का भूगोल - गंगा पर पुल।
संदर्भ
5 अक्टूबर 2026 की तड़के महानंदा एक्सप्रेसमोकामा में गंगा पर बने नए डबल-लाइन रेल पुल को पार करने वाली पहली ट्रेन बनी, जिससे उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच 1959 में बने राजेन्द्र सेतु की सिंगल-लाइन बाधा समाप्त हुई।
मुख्य तथ्य
मुख्य पुल 1.9 km लंबा, 17 स्टील स्पैन; पूरी परियोजना 15.5 km (इसमें 3.6 km वायाडक्ट, 8 छोटे पुल, 2 ROB)।
राजेन्द्र सेतु से लगभग 50 m पटना की ओर निर्मित; लागत लगभग ₹2,400 करोड़ बताई गई है।
डिज़ाइन गति 140 km/h; शुरुआत में ट्रेनें लगभग 90 km/h पर चलेंगी; क्षमता 2.5 गुना तक।
रेल संरक्षा आयुक्त (पूर्वी सर्किल) के निरीक्षण के बाद मंजूरी; नई इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग और स्वचालित सिग्नलिंग स्थापित।
शिलान्यास 2016 में; प्रधानमंत्री द्वारा औपचारिक उद्घाटन प्रतीक्षित।
आगे की राह
फीडर खंडों (बरौनी-मोकामा) के दोहरीकरण में तेज़ी तथा छठ यातायात के लिए अधिक विशेष ट्रेनें; बढ़ी क्षमता का उपयोग उत्तर बिहार के मालवहन गलियारों हेतु।
अवधारणा
राजेन्द्र सेतु (मोकामा-सिमरिया, बेगूसराय) - बिहार में गंगा पर पहला रेल-सह-सड़क पुल, 1959 में PM जवाहरलाल नेहरू द्वारा उद्घाटित। अन्य गंगा पुल: महात्मा गांधी सेतु (पटना-हाजीपुर, 5.75 km, 1982), विक्रमशिला सेतु (भागलपुर), दीघा-सोनपुर और मुंगेर रेल-सड़क पुल।
मोकामा के नए रेल पुल पर आँकड़ा-टाइलें: 1.9 km मुख्य पुल, 17 स्टील स्पैन, 15.5 km परियोजना, 140 km/h डिज़ाइन गति, लगभग ₹2,400 करोड़ लागत, 2.5 गुना क्षमता। — StudyForGS
2. बिहार कैबिनेट ने ग्रीन हाइड्रोजन नीति 2026 और कृषि फीडरों के 2,585 MW सौरीकरण को मंजूरी दी
BIHARBPSC: प्रारंभिक + मुख्य GS-II (बिहार अर्थव्यवस्था, ऊर्जा एवं विज्ञान-प्रौद्योगिकी)
सिलेबस से संबंध
GS-II: बिहार की अर्थव्यवस्था - ऊर्जा एवं औद्योगिक नीति; विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी की भूमिका (स्वच्छ ऊर्जा)। प्रारंभिक: राज्य योजनाएँ, एजेंसियाँ।
संदर्भ
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में 30 सितंबर 2026 को राज्य कैबिनेट ने 30 प्रस्तावों को मंजूरी दी, जिनमें प्रमुख हैं बिहार ग्रीन हाइड्रोजन नीति 2026 और शेष सभी कृषि फीडरों पर सौर संयंत्र - स्वच्छ बिजली और सस्ती सिंचाई की दोहरी पहल।
मुख्य तथ्य
2031 तक नीति के लक्ष्य: 1 लाख टन/वर्ष ग्रीन हाइड्रोजन/अमोनिया, 1 GW इलेक्ट्रोलाइज़र और 2.5 GW नवीकरणीय क्षमता।
अनुमानित निवेश ₹16,000 करोड़ और लगभग 12,000 रोज़गार; नोडल एजेंसी BREDA।
2,554 कृषि फीडरों पर सौर संयंत्र - 2,585 MW, लागत ₹2,761.55 करोड़ (₹2,714.25 करोड़ अनुदान + ग्राम पंचायतों को ₹47.30 करोड़ प्रोत्साहन)।
क्षेत्रीय संपर्क योजना (उड़ान) हवाई अड्डों पर ATF पर VAT1% से 0%।
30 वॉटर कैनन और 86 वज्र दंगा-नियंत्रण वाहनों हेतु ₹62 करोड़; कैमूर-रोहतास के 21,644 घरों के विद्युतीकरण हेतु ₹351.85 करोड़।
आगे की राह
हाइड्रोजन हब को सौर-समृद्ध दक्षिण बिहार और जल-सुरक्षित स्थलों से जोड़ें; ITI के माध्यम से कुशल कार्यबल; फीडर सौरीकरण से DISCOM घाटा और कृषि में डीज़ल उपयोग घटे।
अवधारणा
ग्रीन हाइड्रोजन = नवीकरणीय बिजली से जल के विद्युत-अपघटन द्वारा बना H2 (ग्रे = प्राकृतिक गैस से)। राष्ट्रीय ग्रीन हाइड्रोजन मिशन (जनवरी 2023, ₹19,744 करोड़) का लक्ष्य 2030 तक 5 MMT। फीडर-स्तरीय सौरीकरण PM-KUSUM घटक C के अनुरूप है।
बिहार के स्वच्छ-ऊर्जा निर्णयों का प्रवाह-चित्र: ग्रीन हाइड्रोजन नीति 2026 के 2031 लक्ष्य (1 लाख टन, 1 GW इलेक्ट्रोलाइज़र, 2.5 GW नवीकरणीय, ₹16,000 करोड़, 12,000 रोज़गार) तथा फीडर सौरीकरण (2,554 फीडर, 2,585 MW, ₹2,761.55 करोड़)। — StudyForGS
3. बाढ़ निगरानी: पटना से भागलपुर तक गंगा खतरे के निशान से ऊपर; बूढ़ी गंडक 115 cm ऊपर
BIHARBPSC: प्रारंभिक + मुख्य GS-II (बिहार का भूगोल एवं आपदा प्रबंधन)
सिलेबस से संबंध
GS-II: बिहार का भूगोल - नदी तंत्र, बाढ़; प्रारंभिक: नदियाँ, गेज स्टेशन, गंगा की सहायक नदियाँ।
संदर्भ
4 अक्टूबर 2026 के राज्य जल-संसाधन आँकड़ों के अनुसार गंगा, गंडक, घाघरा, बूढ़ी गंडक, बागमती, अधवारा और कोसी कई स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर थीं, हालाँकि अधिकांश स्टेशनों पर सोमवार तक जल-स्तर घटने का पूर्वानुमान था।
मुख्य तथ्य
बूढ़ी गंडक (खगड़िया): खतरे से 115 cm ऊपर - सर्वाधिक; कहलगाँव (गंगा): 91 cm और अभी भी बढ़ रही।
गंगा गांधी घाट 85 cm, हथिदह 83 cm, दीघा 14 cm, भागलपुर 2 cm खतरे से ऊपर; मुंगेर 8 cm नीचे।
घाघरा (दरौली, सीवान) 59 cm, गंडक (डुमरियाघाट, गोपालगंज) 48 cm, कोसी (बलतारा) 34 cm, सोन (मनेर) 27 cm खतरे से ऊपर।
सारण में बाढ़ राहत के दौरान भीड़ पर पिस्तौल तानने का वीडियो सामने आने पर एक पुलिस अधिकारी निलंबित।
आगे की राह
केवल तटबंध-आधारित दृष्टिकोण से हटकर बेसिन-स्तरीय प्रबंधन - भारत-नेपाल भंडारण बाँध, कोसी-मेची लिंक, बाढ़-मैदान ज़ोनिंग और रियल-टाइम पूर्वानुमान।
अवधारणा
बिहार का लगभग 73% क्षेत्र बाढ़-प्रवण है। गंगा की उत्तरी सहायक नदियाँ: घाघरा, गंडक, बूढ़ी गंडक, बागमती, कोसी, महानंदा; दक्षिणी: सोन, पुनपुन, किउल। कोसी = 'बिहार का शोक'।
4 अक्टूबर 2026 को खतरे के निशान से ऊपर बिहार के नदी गेज स्टेशनों का क्षैतिज बार चार्ट; सबसे ऊपर खगड़िया में बूढ़ी गंडक (115 cm), कहलगाँव (91 cm), गांधी घाट (85 cm) और हथिदह (83 cm)। — StudyForGS
4. घटोरा आर्द्रभूमि रामसर प्रक्रिया में; पटना ज़ू के 165 घड़ियाल गंडक में बसाए जाएँगे
ENVIRONMENTBPSC: प्रारंभिक + मुख्य GS-II (बिहार का भूगोल एवं पारिस्थितिकी)
सिलेबस से संबंध
प्रारंभिक: आर्द्रभूमि, बिहार के रामसर स्थल, संरक्षित प्रजातियाँ; GS-II: बिहार का भूगोल - जैव-विविधता एवं संरक्षण।
संदर्भ
वन्यजीव सप्ताह (2-8 अक्टूबर) के दौरान भागलपुर प्रशासन ने घटोरा आर्द्रभूमि को रामसर दर्जा दिलाने हेतु प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया, जबकि पटना ज़ू ने विश्व में बंदी अवस्था की सबसे बड़ी घड़ियाल आबादी की जानकारी दी।
मुख्य तथ्य
घटोरा आर्द्रभूमिबिहपुर प्रखंड, भागलपुर में स्थित; प्रस्ताव में तकनीकी आँकड़े और GIS मानचित्र, बिहार राज्य आर्द्रभूमि समिति के सहयोग से।
ढाँचा: आर्द्रभूमि (संरक्षण एवं प्रबंधन) नियम, 2017।
बिहार के रामसर स्थलों में कांवर झील (बेगूसराय, पहला - 2020), नागी व नकटी (जमुई), गोकुल जलाशय (बक्सर) और उदयपुर झील (प. चंपारण) शामिल।
पटना ज़ू: 165 घड़ियाल - 14 वयस्क (4 नर, 10 मादा) और 151 किशोर; एक समूह वाल्मीकि टाइगर रिज़र्व में गंडक में छोड़ा जाएगा।
आगे की राह
आर्द्रभूमि सीमाओं की अधिसूचना, अतिक्रमण और मत्स्यन दबाव पर रोक; छोड़े गए घड़ियालों की टैगिंग से निगरानी और नदी-तटीय समुदायों की भागीदारी।
अवधारणा
रामसर कन्वेंशन - 1971 में रामसर, ईरान में हस्ताक्षरित; भारत 1982 में शामिल (पहले स्थल चिल्का व केवलादेव)। घड़ियाल - गंभीर रूप से संकटग्रस्त (IUCN), वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम की अनुसूची I; प्रमुख आवास चंबल और गंडक।
5. संपर्क विस्तार: ₹1,720 करोड़ की भागलपुर-हंसडीहा फोर-लेन, किशनगंज में एक्सप्रेसवे भू-अर्जन, पटना वॉटर मेट्रो
BIHARBPSC: प्रारंभिक + मुख्य GS-II (बिहार अर्थव्यवस्था - अवसंरचना)
सिलेबस से संबंध
GS-II: बिहार की अर्थव्यवस्था - सड़कें, जलमार्ग, शहरी परिवहन; प्रारंभिक: राष्ट्रीय जलमार्ग, बिहार से गुज़रने वाले एक्सप्रेसवे।
संदर्भ
इस सप्ताह की स्वीकृतियाँ पूर्वी और उत्तर-पूर्वी बिहार पर केंद्रित हैं - बिहार-झारखंड फोर-लेन, गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे हेतु भू-अर्जन, गंगा-तटीय नई सड़कें और पटना के लिए नदी-आधारित वॉटर मेट्रो।
मुख्य तथ्य
भागलपुर-हंसडीहा (झारखंड सीमा पर भालजोर तक): 67 km, दो चरणों में ₹1,720 करोड़ (₹857 करोड़ + ₹863 करोड़); भागलपुर-बांका को जोड़ेगी।
गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे: किशनगंज में 72.5 km (ठाकुरगंज, टेढ़ागाछ अंचल); NH अधिनियम 1956 की धारा 3A के तहत अधिसूचना।
BSRDC द्वारा 219 km गंगा-तटीय सड़कें: अंबिका पथ (56 km), विश्वामित्र पथ (90 km), नारायणी पथ (73 km)।
NW-1 पर पटना वॉटर मेट्रो: ₹1,200 करोड़, IWAI द्वारा कंगन घाट व पहलवान घाट पर टर्मिनल; लक्ष्य 2029 से पहले।
आगे की राह
उचित मुआवज़े के साथ समयबद्ध भू-अर्जन, बहु-मॉडल एकीकरण (रेल-सड़क-नदी) तथा सीमांचल गलियारे में लॉजिस्टिक्स पार्क।
अवधारणा
NW-1 = गंगा-भागीरथी-हुगली, प्रयागराज-हल्दिया (लगभग 1,620 km), भारत का सबसे लंबा राष्ट्रीय जलमार्ग, 1986 में घोषित। NH अधिनियम की धारा 3A = भूमि अर्जन के आशय की घोषणा।
बिहार की संपर्क पहल का माइंड-मैप: मोकामा रेल पुल, भागलपुर-हंसडीहा फोर-लेन, किशनगंज में गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे, 219 km गंगा-तटीय सड़कें और NW-1 पर पटना वॉटर मेट्रो। — StudyForGS
6. बिहार के विश्वविद्यालयों में 7 अप्रेंटिसशिप-आधारित चार-वर्षीय डिग्रियाँ; शिक्षकों के 7वें वेतनमान पर समिति
BIHARBPSC: प्रारंभिक + मुख्य GS-II (बिहार - शिक्षा एवं मानव संसाधन विकास)
सिलेबस से संबंध
GS-II: बिहार की अर्थव्यवस्था - मानव संसाधन विकास, शिक्षा नीति; कुलाधिपति के रूप में राज्यपाल की भूमिका।
संदर्भ
राज्यपाल द्वारा संशोधित अध्यादेशों की स्वीकृति (प्रभावी 30 सितंबर 2026) से राज्य विश्वविद्यालय सात रोज़गार-उन्मुख चार-वर्षीय स्नातक कार्यक्रम चला सकेंगे; साथ ही शिक्षा विभाग शिक्षकों के 7वें वेतनमान पर समिति बना रहा है।
मुख्य तथ्य
नए पाठ्यक्रम: BA कंटेंट एवं क्रिएटिव राइटिंग; BCom - BFSI, ई-कॉमर्स, HR ऑपरेशंस, रिटेल ऑपरेशंस; BSc हेल्थकेयर मैनेजमेंट; BSc (ऑनर्स) इलेक्ट्रॉनिक्स।
बिहार राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम, 1976 और पटना विश्वविद्यालय अधिनियम, 1976 के अधीन; एकेडमिक काउंसिल, सिंडिकेट व सीनेट की स्वीकृति तथा त्रिपक्षीय MoU आवश्यक।
शिक्षक समिति 7वें वेतनमान के वित्तीय भार का आकलन करेगी; स्थानांतरण, पदोन्नति और पारस्परिक स्थानांतरण की समीक्षा (शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी)।
आगे की राह
सवेतन अप्रेंटिसशिप हेतु उद्योग क्लस्टरों से साझेदारी, शिक्षक-प्रशिक्षण और कक्षा-समय बचाने हेतु शिक्षकों की शिकायतों का शीघ्र समाधान।
अवधारणा
NEP 2020 ने बहु-प्रवेश/निकास वाला चार-वर्षीय स्नातक शुरू किया; अप्रेंटिसशिप-एम्बेडेड डिग्री प्रोग्राम (AEDP) कक्षा-शिक्षण को कार्यस्थल प्रशिक्षण से जोड़ते हैं। राज्यपाल बिहार के राज्य विश्वविद्यालयों के पदेन कुलाधिपति हैं।
7. RBI की मौद्रिक नीति समिति की 5-7 अक्टूबर समीक्षा शुरू; बाज़ार को 25 bp वृद्धि की आशंका
ECONOMYBPSC: प्रारंभिक + मुख्य GS-II (भारतीय अर्थव्यवस्था)
सिलेबस से संबंध
GS-II: भारतीय अर्थव्यवस्था - मौद्रिक नीति, मुद्रास्फीति; प्रारंभिक: रेपो, SDF, MSF, MPC की संरचना।
संदर्भ
छह-सदस्यीय MPC की बैठक 5 अक्टूबर को शुरू हुई; निर्णय 7 अक्टूबर को आएगा। खुदरा मुद्रास्फीति तीन महीनों से 4% लक्ष्य से ऊपर है और अधिकांश अर्थशास्त्री इस चक्र की पहली वृद्धि की उम्मीद कर रहे हैं।
मुख्य तथ्य
रेपो दर 5.25% - पिछली चार समीक्षाओं से अपरिवर्तित; 25 bp वृद्धि से यह 5.50% हो जाएगी।
दबाव: महँगा खाद्य एवं ऊर्जा, ऊँचा कच्चा तेल, US फेड की दर-वृद्धि (सितंबर 2026) और 2026 में रुपये में लगभग 6% गिरावट।
RBI गवर्नर: संजय मल्होत्रा।
आगे की राह
खाद्य पर आपूर्ति-पक्षीय कदमों (बफ़र स्टॉक जारी करना, आयात शुल्क में बदलाव) के साथ संतुलित सख्ती, ताकि वृद्धि को नुकसान पहुँचाए बिना अपेक्षाएँ स्थिर रहें।
अवधारणा
MPC (RBI अधिनियम 1934 की धारा 45ZB, संशोधन 2016): 6 सदस्य - 3 RBI से + 3 केंद्र द्वारा नामित; गवर्नर का निर्णायक मत। लक्ष्य: CPI 4% ± 2%। कॉरिडोर: SDF = रेपो - 25 bp, MSF = रेपो + 25 bp।
8. भारत-EFTA TEPA के एक वर्ष पूरे होने पर स्विस राष्ट्रपति गाय पार्मेलिन राजकीय यात्रा पर
IRBPSC: प्रारंभिक + मुख्य GS-II (अंतरराष्ट्रीय संबंध एवं व्यापार)
सिलेबस से संबंध
GS-II: भारत का विदेश व्यापार एवं द्विपक्षीय संबंध; प्रारंभिक: व्यापार समूह (EFTA), FTA।
संदर्भ
राष्ट्रपति गाय पार्मेलिन का 5 अक्टूबर को राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत हुआ और उन्होंने हैदराबाद हाउस में PM नरेंद्र मोदी से वार्ता की; 7 अक्टूबर को दूसरा भारत-EFTA समृद्धि शिखर सम्मेलन होगा।
मुख्य तथ्य
यात्रा: 5-7 अक्टूबर 2026; EFTA में स्विट्ज़रलैंड भारत का सबसे बड़ा व्यापार एवं निवेश साझेदार है।
TEPA पर 10 मार्च 2024 को हस्ताक्षर; 1 अक्टूबर 2025 से लागू।
EFTA की प्रतिबद्धता: 15 वर्षों में $100 बिलियन निवेश और भारत में 10 लाख प्रत्यक्ष रोज़गार।
प्रमुख क्षेत्र: व्यापार, निवेश, विज्ञान एवं नवाचार, आवाजाही और जन-संपर्क।
आगे की राह
निवेश डेस्क को सक्रिय करना, कुशल पेशेवरों की आवाजाही आसान बनाना और स्विस तकनीक को सटीक विनिर्माण, फार्मा और व्यावसायिक प्रशिक्षण में लाना।
अवधारणा
EFTA (1960, स्टॉकहोम कन्वेंशन): स्विट्ज़रलैंड, नॉर्वे, आइसलैंड, लिकटेंस्टीन। TEPA भारत का पहला FTA है जिसमें निवेश और रोज़गार की प्रतिबद्धता शामिल है।
9. एक ही आपूर्तिकर्ता पर 80-90% निर्भरता घटाने के लिए केंद्र का घरेलू दुर्लभ-मृदा चुंबक क्षमता पर ज़ोर
SCI-TECHBPSC: प्रारंभिक + मुख्य GS-II (विज्ञान-प्रौद्योगिकी की भूमिका, उद्योग)
सिलेबस से संबंध
GS-II: विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी की भूमिका और प्रभाव; महत्वपूर्ण खनिज और रणनीतिक विनिर्माण; प्रारंभिक: दुर्लभ मृदा तत्व।
संदर्भ
5 अक्टूबर को PM के प्रधान सचिव-2 शक्तिकांत दास ने कहा कि दुर्लभ-मृदा चुंबक आपूर्ति का लगभग 80-90%चीन से आता है, और अक्टूबर 2025 से लगे निर्यात प्रतिबंधों के बाद भारत घरेलू चुंबक क्षमता बढ़ा रहा है।
मुख्य तथ्य
उपयोग: EV मोटर, पवन टरबाइन, इलेक्ट्रॉनिक्स, ड्रोन और रक्षा प्रणालियाँ।
सिंटर्ड दुर्लभ मृदा स्थायी चुंबक विनिर्माण प्रोत्साहन योजना (नवंबर 2025): ₹7,280 करोड़, लक्ष्य 6,000 टन/वर्ष।
राष्ट्रीय महत्वपूर्ण खनिज मिशन (2025) और IREL की मोनाज़ाइट-आधारित आपूर्ति की पूरक।
चीन ने अक्टूबर 2025 में दुर्लभ-मृदा निर्यात नियंत्रण कड़े किए।
आगे की राह
पूरी शृंखला - खनन, पृथक्करण, धातु/मिश्रधातु, चुंबक - का निर्माण, ई-कचरे से चुंबक पुनर्चक्रण और विश्वसनीय आपूर्तिकर्ताओं से साझेदारी।
अवधारणा
दुर्लभ मृदा तत्व = 17 तत्व (15 लैंथेनाइड + स्कैंडियम + यिट्रियम)। NdFeB (नियोडिमियम-आयरन-बोरॉन) सबसे शक्तिशाली स्थायी चुंबक है। भारत का मुख्य स्रोत: तटीय प्लेसर रेत में मोनाज़ाइट।
10. PM-SETU का एक वर्ष पूरा: हब-एंड-स्पोक उन्नयन हेतु 850 ITI चिह्नित
SOCIETYBPSC: प्रारंभिक + मुख्य GS-II (अर्थव्यवस्था - कौशल एवं रोज़गार)
सिलेबस से संबंध
GS-II: भारतीय अर्थव्यवस्था - मानव संसाधन विकास, रोज़गार; प्रारंभिक: केंद्रीय योजनाएँ और उनका वित्तपोषण पैटर्न।
संदर्भ
4 अक्टूबर 2025 को शुरू हुई PM-SETU (प्रधानमंत्री स्किलिंग एंड एम्प्लॉयबिलिटी ट्रांसफॉर्मेशन थ्रू अपग्रेडेड ITIs) का लक्ष्य 1,000 सरकारी ITI को उद्योग-संचालित कौशल क्लस्टरों में बदलना है।
मुख्य तथ्य
परिव्यय ₹60,000 करोड़: केंद्र ₹30,000 करोड़, राज्य ₹20,000 करोड़, उद्योग ₹10,000 करोड़।
मॉडल: 200 हब + 800 स्पोक ITI; पहले वर्ष में 850 चिह्नित (172 हब, 678 स्पोक)।
8 राज्यों + 1 UT में 14 क्लस्टर स्वीकृत (₹3,446 करोड़); 32 नए युग के पाठ्यक्रम (AI, EV, सेमीकंडक्टर, रोबोटिक्स)।
सिंगापुर, फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया के साथ साझेदारी और जर्मनी के साथ संयुक्त घोषणा।
आगे की राह
बिहार अपने क्लस्टर अनुमोदनों में तेज़ी लाए और ITI ट्रेडों को नए हब - ग्रीन हाइड्रोजन, सौर, खाद्य प्रसंस्करण और लॉजिस्टिक्स - से जोड़े।
अवधारणा
ITIकौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के प्रशिक्षण महानिदेशालय के अधीन शिल्पकार प्रशिक्षण देते हैं। हब-एंड-स्पोक = एक सुसज्जित हब लगभग 4 स्पोक का मार्गदर्शन करता है, प्रयोगशाला, प्रशिक्षक और उद्योग-संपर्क साझा करता है।
PM-SETU के ₹60,000 करोड़ परिव्यय का डोनट चार्ट: केंद्र ₹30,000 करोड़ (50%), राज्य ₹20,000 करोड़ (33%), उद्योग ₹10,000 करोड़ (17%)। — StudyForGS
11. एशियाई खेल 2026: भारत 85 पदकों के साथ चौथे स्थान पर; क्रिकेट, हॉकी, कबड्डी में स्वर्ण क्लीन स्वीप
SOCIETYBPSC: प्रारंभिक (खेल एवं पुरस्कार)
सिलेबस से संबंध
प्रारंभिक: खेल आयोजन, स्थल, रिकॉर्ड और 'पहली बार' उपलब्धियाँ।
संदर्भ
आइची-नागोया, जापान में 20वें एशियाई खेल (19 सितंबर-4 अक्टूबर 2026) का 4 अक्टूबर को समापन हुआ; भारत का प्रदर्शन हांग्झोउ के रिकॉर्ड के बाद दूसरा सर्वश्रेष्ठ रहा।
मुख्य तथ्य
भारत: 85 पदक - 21 स्वर्ण, 27 रजत, 37 कांस्य; स्थान चौथा (चीन, जापान, कोरिया आगे)।
पुरुष एवं महिला क्रिकेट, हॉकी और कबड्डी में स्वर्ण; महिला हॉकी स्वर्ण में चीन को 1-0 से हराया।
पहली बार: कुमकुम मोहोड़ - व्यक्तिगत महिला रिकर्व स्वर्ण; प्रणवी शरत उर्स - व्यक्तिगत गोल्फ स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय महिला।
रिकॉर्ड अब भी हांग्झोउ 2022 में 107 पदक (28 स्वर्ण) है।
आगे की राह
टीम खेलों की बढ़त का लाभ उठाते हुए राष्ट्रमंडल और ओलंपिक चक्र से पहले एथलेटिक्स, तैराकी और निशानेबाज़ी में आधार व्यापक करें।
अवधारणा
एशियाई खेलों का संचालन ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया करती है; पहला संस्करण नई दिल्ली, 1951 में हुआ। अगले मेज़बान: दोहा 2030, रियाद 2034।
भारत के एशियाई खेल पदकों की तुलना का बार चार्ट: हांग्झोउ 2022 में 107 पदक (28 स्वर्ण) और आइची-नागोया 2026 में 85 पदक (21 स्वर्ण, 27 रजत, 37 कांस्य)। — StudyForGS
आज का डेटा पॉइंट
₹2.04 lakh crore
सकल GST संग्रह - सितंबर 2026 वार्षिक आधार पर 14.7% वृद्धि (₹2,03,521 करोड़) - लगातार तीसरे महीने ₹2 लाख करोड़ से अधिक। शुद्ध GST ₹1.77 लाख करोड़ (+18.1%); वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में सकल ₹12.46 लाख करोड़ (+11.6%)। IGST ₹1,20,396 करोड़, SGST ₹45,363 करोड़, CGST ₹37,762 करोड़।
प्रारंभिक परीक्षा रैपिड-फायर
विश्व शिक्षक दिवस - 5 अक्टूबर (1994 से मनाया जाता है)।
भारत में वन्यजीव सप्ताह - 2-8 अक्टूबर।
महात्मा गांधी सेतु (पटना-हाजीपुर) - 5.75 km, 1982 में खुला।
बिहार कैबिनेट ने 15 सितंबर 2026 को विष्णुपद मंदिर (गया) विकास हेतु ₹3,516 करोड़ स्वीकृत किए।
वाल्मीकि टाइगर रिज़र्व (पश्चिम चंपारण) - बिहार का पहला टाइगर रिज़र्व, गंडक तट पर।
अगले एशियाई खेल: दोहा 2030; पहले एशियाई खेल: नई दिल्ली 1951।
अभ्यास MCQs — BPSC Prelims पैटर्न
Q1. राजेन्द्र सेतु और मोकामा के नए रेल पुल के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. राजेन्द्र सेतु मोकामा को बेगूसराय जिले के सिमरिया से जोड़ता है। 2. राजेन्द्र सेतु 1959 में जवाहरलाल नेहरू द्वारा खोला गया था। 3. नया पुल भागलपुर के नीचे की ओर बना सिंगल-लाइन सड़क पुल है। उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
केवल 1
केवल 1 और 2
केवल 2 और 3
1, 2 और 3
उत्तर देखें
उत्तर: B कथन 1 और 2 सही हैं। नया ढाँचा मोकामा में राजेन्द्र सेतु से लगभग 50 m दूर 1.9 km लंबा डबल-लाइन रेल पुल है - भागलपुर के पास सड़क पुल नहीं।
Q2. 30 सितंबर 2026 को स्वीकृत बिहार ग्रीन हाइड्रोजन नीति 2026 के तहत 2031 तक ग्रीन हाइड्रोजन/अमोनिया उत्पादन का वार्षिक लक्ष्य है:
50,000 टन
1 लाख टन
5 लाख टन
50 लाख टन
उत्तर देखें
उत्तर: B नीति का लक्ष्य 2031 तक 1 लाख टन (0.1 MMT) प्रति वर्ष और 1 GW इलेक्ट्रोलाइज़र है; 2030 तक 5 MMTराष्ट्रीय मिशन का लक्ष्य है।
मुख्य परीक्षा अभ्यास प्रश्न
Q. उत्तर बिहार में बाढ़ भूगोल में निहित एक वार्षिक आपदा है, जिसे तटबंध-केंद्रित दृष्टिकोण ने और गंभीर बनाया है। कारणों का परीक्षण कीजिए और राज्य के लिए एकीकृत बाढ़-प्रबंधन रणनीति सुझाइए। (BPSC मुख्य GS-II, 38 अंक)
संकेत / दृष्टिकोण
भूमिका: 73% क्षेत्र बाढ़-प्रवण; हिमालयी नदियाँ - कोसी, गंडक, बूढ़ी गंडक, बागमती (आज के गेज आँकड़े प्रयोग करें)। कारण: भारी गाद, धारा परिवर्तन, नेपाल जलग्रहण क्षेत्र, तटबंध टूटना, जल-निकासी अवरोध। रणनीति: भारत-नेपाल भंडारण बाँध, कोसी-मेची लिंक, बाढ़-मैदान ज़ोनिंग, पूर्व चेतावनी, बाढ़-सहनशील कृषि (मखाना, मत्स्य पालन), सामुदायिक तैयारी। निष्कर्ष 'बाढ़ के साथ जीना'।
📌 एक पंक्ति में रिवीज़न: मोकामा पुल 1.9 km | ग्रीन H2 2031 तक 1 लाख टन | फीडर सौर 2,585 MW | रेपो 5.25%, CPI 4.82% | GST ₹2.04 लाख करोड़ | TEPA $100 बिलियन | एशियाई खेल 85 पदक