बिहार PSC (BPSC) के लिए डेली करेंट अफेयर्स

BPSC करेंट अफेयर्स — 23 September 2026

सम्राट चौधरी कैबिनेट ने रोज़गार और AI-EV एजेंडा आगे बढ़ाया, वहीं बिहार रिकॉर्ड बाढ़ से जूझ रहा; सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय गीत गाने से इनकार पर दंड को असंवैधानिक ठहराया।

Wednesday, 23 September 2026 · IST · बिहार + राष्ट्रीय · 10 टॉपिक · 2 MCQs

आज बिहार छाया रहा: सम्राट चौधरी कैबिनेट ने रोज़गार, AI और EV योजनाओं को आगे बढ़ाया, जबकि रिकॉर्ड बाढ़ से 15 ज़िलों में 46 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए; आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार राज्य की अर्थव्यवस्था ₹9.92 लाख करोड़ पार कर गई और वास्तविक वृद्धि 8.6% रही। राष्ट्रीय स्तर पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राष्ट्रीय गीत गाने से इनकार पर आपराधिक दंड नहीं दिया जा सकता, भारत ने UNGA-81 में UNSC सीट की दावेदारी और 'सुधारित बहुपक्षवाद' पर ज़ोर दिया, और SEBI ने हिंडनबर्ग से जुड़े अडानी मामले को ₹1.5 करोड़ में निपटाया।

आज एक नज़र में — याद रखने वाली बातें

विस्तृत नोट्स

1. सम्राट चौधरी कैबिनेट का रोज़गार, AI और EV एजेंडा

BIHARBPSC: प्रीलिम्स + मेन्स GS-II (राजव्यवस्था एवं शासन)
सिलेबस से संबंधराज्य कार्यपालिका व कैबिनेट प्रणाली; रोज़गार, उद्योग व कल्याण की बिहार योजनाएँ — प्रीलिम्स के बिहार खंड और GS-II शासन के लिए अति उपयोगी।
संदर्भमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बिहार कैबिनेट ने 23 सितंबर 2026 को पटना में बैठक की, जिसमें त्योहारी सीज़न से पहले रोज़गार, कल्याण और पद-सृजन के नए प्रस्तावों पर विचार हुआ — यह 2026 में पारित प्रमुख निर्णयों को आगे बढ़ाता है।
मुख्य तथ्य
  • बिहार AI मिशन का लक्ष्य 5 वर्षों में 7,000 छात्रों को प्रशिक्षित करना; बिहटा की नई डेयरी इकाई से ~170 रोज़गार।
  • मुख्यमंत्री पर्यावरण-अनुकूल परिवहन योजना का लक्ष्य 2030 तक 30% EV हिस्सेदारी, महिला ख़रीदारों को प्रोत्साहन।
  • DA ~9 लाख कर्मचारियों व 3.5 लाख पेंशनभोगियों के लिए 60% किया गया; वैशाली में 100 एकड़ NIFTEM फूड-टेक संस्थान को।
आगे की राहसमयबद्ध क्रियान्वयन और कौशल-क्षमता ही तय करेगी कि ये योजनाएँ महज़ घोषणाओं के बजाय रोज़गार व निजी निवेश में बदलें।
अवधारणामंत्रिपरिषद सामूहिक रूप से विधानसभा के प्रति उत्तरदायी है (अनुच्छेद 164); 'कैबिनेट निर्णय' कार्यपालिका की नीति हैं, जो विधानसभा के क़ानून से भिन्न हैं।
सम्राट चौधरी कैबिनेट के 2026 के प्रमुख निर्णयों का स्तंभ चित्र: AI मिशन, EV योजना, NIFTEM वैशाली, DA वृद्धि और बिहटा डेयरी इकाई।
सम्राट चौधरी कैबिनेट के 2026 के प्रमुख निर्णयों का स्तंभ चित्र: AI मिशन, EV योजना, NIFTEM वैशाली, DA वृद्धि और बिहटा डेयरी इकाई। — StudyForGS

2. गंगा ने रिकॉर्ड तोड़ा, बिहार बाढ़ से 46 लाख प्रभावित

BIHARBPSC: प्रीलिम्स + मेन्स GS-II (बिहार भूगोल एवं आपदा प्रबंधन)
सिलेबस से संबंधबिहार की नदियाँ, बाढ़-प्रवण भूगोल और आपदा प्रबंधन — प्रीलिम्स व GS-II दोनों में BPSC का स्थायी विषय।
संदर्भबिहार दशक की सबसे भीषण बाढ़ में से एक झेल रहा है; गंगा सर्वकालिक उच्चतम जलस्तर को पार कर गई और ऊपरी क्षेत्रों में भारी वर्षा से हिमालयी नदियाँ उफान पर हैं।
मुख्य तथ्य
  • 15 ज़िलों में 46 लाख से अधिक लोग प्रभावित; पूर्व अनुमानों में विस्थापन लगभग 40 लाख तक बताया गया।
  • गंगा, कोसी, गंडक और बागमती सभी खतरे के निशान से ऊपर; तटबंध टूटने की सूचनाएँ।
  • NDRF और SDRF की टीमें, नावें व राहत शिविर तैनात; उत्तर बिहार का कोसी–गंडक क्षेत्र सर्वाधिक प्रभावित।
आगे की राहस्थायी राहत गाद-प्रबंधन, तटबंधों की मज़बूती और बैराज-निकासी पर भारत-नेपाल समन्वय में है — केवल वार्षिक बचाव में नहीं।
अवधारणाबिहार भारत का सर्वाधिक बाढ़-प्रवण राज्य है: लगभग 73% क्षेत्र बाढ़-प्रवण। अपने बदलते मार्ग के कारण कोसी को 'बिहार का शोक' कहा जाता है।
बिहार बाढ़ 2026 की सांख्यिकी-टाइलें: 46+ लाख प्रभावित, 15 ज़िले, 4 नदियाँ खतरे से ऊपर, गंगा रिकॉर्ड स्तर पर, NDRF/SDRF तैनात।
बिहार बाढ़ 2026 की सांख्यिकी-टाइलें: 46+ लाख प्रभावित, 15 ज़िले, 4 नदियाँ खतरे से ऊपर, गंगा रिकॉर्ड स्तर पर, NDRF/SDRF तैनात। — StudyForGS

3. कोसी–गंडक बाढ़ चक्र बार-बार क्यों दोहराता है

ENVIRONMENTBPSC: प्रीलिम्स + मेन्स GS-II (बिहार भूगोल)
सिलेबस से संबंधबिहार की नदी प्रणालियाँ, बैराज व तटबंध; नेपाल से अंतरसंबंध — GS-II भूगोल व शासन।
संदर्भइस वर्ष की बाढ़ ने नदी-प्रबंधन पर फिर ध्यान खींचा है, क्योंकि बैराज-निकासी और कमज़ोर तटबंधों ने मानसूनी अधिशेष को मैदानों में आपदा बना दिया।
मुख्य तथ्य
  • बिहार की बाढ़-नदियाँ — कोसी, गंडक, बागमती, बूढ़ी गंडक — नेपाल/हिमालय से निकलती हैं और मैदानों में भारी गाद जमा करती हैं।
  • कोसी व गंडक बैराज से अधिक क्यूसेक निकासी कुछ ही घंटों में निचले इलाक़ों का जोखिम बढ़ा देती है।
  • तटबंध टूटने से सुरक्षित भूमि बाढ़-क्षेत्र बन जाती है; गाद जमने से नदी-तल लगातार ऊँचा होता है।
आगे की राहविशेषज्ञ केवल संरचनात्मक तटबंधों के बजाय जलग्रहण-क्षेत्र उपचार, गाद-निकासी और वास्तविक-समय भारत-नेपाल डेटा-साझाकरण पर ज़ोर देते हैं।
अवधारणातटबंध अल्पकालिक सुरक्षा देते हैं, पर गाद रोककर और नदी-तल ऊँचा कर बाढ़ बढ़ा भी सकते हैं — बिहार भूगोल की एक केंद्रीय बहस।
बिहार बाढ़ चक्र का प्रवाह-चित्र: हिमालयी नदियाँ → बैराज निकासी → तटबंध टूटना → 46 लाख प्रभावित → राज्य की प्रतिक्रिया।
बिहार बाढ़ चक्र का प्रवाह-चित्र: हिमालयी नदियाँ → बैराज निकासी → तटबंध टूटना → 46 लाख प्रभावित → राज्य की प्रतिक्रिया। — StudyForGS

4. बिहार अर्थव्यवस्था ₹9.9 लाख करोड़ पार, भारत से आगे

ECONOMYBPSC: प्रीलिम्स + मेन्स GS-II (बिहार अर्थव्यवस्था)
सिलेबस से संबंधबिहार की अर्थव्यवस्था, वृद्धि, प्रति-व्यक्ति आय व क्षेत्रीय संरचना — BPSC GS-II पाठ्यक्रम में सीधे उल्लिखित।
संदर्भनवीनतम बिहार आर्थिक सर्वेक्षण (2025-26) दर्शाता है कि राज्य राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था से तेज़ बढ़ रहा है, यद्यपि प्रति-व्यक्ति आय भारत के औसत से काफ़ी कम है।
मुख्य तथ्य
  • बिहार का GSDP 2024-25 में चालू क़ीमतों पर ₹9,91,997 करोड़ पहुँचा।
  • वास्तविक वृद्धि 8.6% रही, भारत के 6.5% से अधिक; सांकेतिक वृद्धि 13.1%।
  • प्रति-व्यक्ति आय ₹76,490 — फिर भी देश में सबसे कम में से एक; द्वितीयक क्षेत्र में 11.1% वृद्धि।
आगे की राहदोहरे-अंकीय वृद्धि बनाए रखने के लिए तेज़ औद्योगीकरण और निजी निवेश ज़रूरी है ताकि निम्न प्रति-व्यक्ति आधार ऊपर उठे।
अवधारणाGSDP राज्य-स्तर पर GDP का समकक्ष है; प्रति-व्यक्ति आय = शुद्ध राज्य आय ÷ जनसंख्या, एक प्रमुख विकास सूचक।
2024-25 के लिए सांकेतिक वृद्धि, वास्तविक GSDP वृद्धि व प्रति-व्यक्ति वृद्धि पर बिहार व भारत की तुलना का समूह-बार चार्ट।
2024-25 के लिए सांकेतिक वृद्धि, वास्तविक GSDP वृद्धि व प्रति-व्यक्ति वृद्धि पर बिहार व भारत की तुलना का समूह-बार चार्ट। — StudyForGS

5. मिथिला मखाना की GI तेज़ी से बदलती बिहार की कृषि अर्थव्यवस्था

BIHARBPSC: प्रीलिम्स + मेन्स GS-II (बिहार अर्थव्यवस्था व कृषि)
सिलेबस से संबंधबिहार में कृषि, GI टैग व कृषि-प्रसंस्करण — प्रीलिम्स के बिहार खंड का बार-बार आने वाला विषय।
संदर्भबिहार की मखाना अर्थव्यवस्था GI टैग, अनुसंधान व स्टार्ट-अप बढ़ावे के बल पर फैल रही है, जिससे राज्य वैश्विक मखाना केंद्र बन रहा है।
मुख्य तथ्य
  • मिथिला मखाना को 2022 में भौगोलिक संकेत (GI) टैग मिला; भारत का अधिकांश मखाना बिहार में उगता है।
  • मखाना — घी व गुलाब जामुन के साथ — बिहार के डेयरी व खाद्य निर्यात में अमेरिका व कनाडा तक जाता है।
  • शाही लीची (मुज़फ़्फ़रपुर) और जर्दालु आम (भागलपुर) बिहार के अन्य GI उत्पाद हैं।
आगे की राहकोल्ड चेन, ब्रांडिंग व प्रसंस्करण इकाइयाँ किसानों को कच्चे उत्पाद की बिक्री से आगे मूल्य-शृंखला में ऊपर ले जा सकती हैं।
अवधारणाGI टैग किसी उत्पाद को उसके भौगोलिक मूल से क़ानूनी रूप से जोड़ता है, उत्पादकों की रक्षा करता है और निर्यात बढ़ाता है।
2024-25 में क्षेत्रवार बिहार के सकल राज्य मूल्य-वर्धन का डोनट चार्ट: सेवाएँ 54.8%, द्वितीयक 26.8%, कृषि 18.3%।
2024-25 में क्षेत्रवार बिहार के सकल राज्य मूल्य-वर्धन का डोनट चार्ट: सेवाएँ 54.8%, द्वितीयक 26.8%, कृषि 18.3%। — StudyForGS

6. पटना हाईकोर्ट ने अधिकारियों को जवाबदेह ठहराया, मुआवज़े का आदेश

POLITYBPSC: प्रीलिम्स + मेन्स GS-II (राजव्यवस्था व प्रशासन)
सिलेबस से संबंधउच्च न्यायालय, न्यायिक समीक्षा व प्रशासनिक जवाबदेही — बिहार-संदर्भ के साथ GS-II राजव्यवस्था।
संदर्भपटना हाईकोर्ट ने एक बार फिर न्यायिक समीक्षा से प्रशासनिक अति पर अंकुश लगाया, और एक अधिकार-मामले में दोषी अधिकारियों से मुआवज़ा वसूलने का आदेश दिया।
मुख्य तथ्य
  • पटना हाईकोर्ट की पीठ ने ज़िलाधिकारी-स्तर की कार्रवाई को अवैध ठहराया और दोषी अधिकारियों से ₹1 लाख मुआवज़ा वसूलने का आदेश दिया।
  • यह निर्णय अवैध प्रशासनिक कृत्यों के लिए अधिकारियों की व्यक्तिगत जवाबदेही को मज़बूत करता है।
  • पटना हाईकोर्ट (स्थापना 1916) अनुच्छेद 214 के तहत बिहार का संवैधानिक न्यायालय है।
आगे की राह'अधिकारियों पर लागत' के आदेश मनमानी सरकारी कार्रवाई को रोकते हैं और कुशासन के विरुद्ध नागरिकों के उपायों को मज़बूत करते हैं।
अवधारणान्यायिक समीक्षा (अनुच्छेद 226/227) उच्च न्यायालयों को अवैध कार्यपालिका-कार्रवाई रद्द कर राहत देने देती है — यह आधारभूत-संरचना का अंग है।

7. सुप्रीम कोर्ट: राष्ट्रीय गीत गाने से इनकार पर आपराधिक दंड नहीं

POLITYBPSC: प्रीलिम्स + मेन्स GS-II (राजव्यवस्था — मौलिक अधिकार)
सिलेबस से संबंधमौलिक अधिकार, अंतःकरण की स्वतंत्रता व वाक्-स्वातंत्र्य — GS-II व प्रीलिम्स राजव्यवस्था का मूल।
संदर्भसुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राज्य उन अंतःकरण-आपत्तिकर्ताओं को आपराधिक दंड नहीं दे सकता जो राष्ट्रीय गीत गाने से इनकार करते हैं, तथा सम्मानजनक मौन की रक्षा की।
मुख्य तथ्य
  • न्यायालय ने अनुच्छेद 25 व 26 (अंतःकरण व धर्म की स्वतंत्रता) की व्याख्या कर बाध्यकारी देशभक्ति-अभिव्यक्ति को रोका।
  • इसने बिजोई इमैनुएल बनाम केरल राज्य (1986) — प्रसिद्ध 'राष्ट्रगान' अंतःकरण मामले — का आधार लिया।
  • मामला 2026 के एक संशोधन को चुनौती से उठा, जो अनुपालन न करने पर आपराधिक दंड तय करता था।
आगे की राहदबाव नहीं, अनुनय से देशभक्ति — यही प्रतीकात्मक क़ानून को संवैधानिक वाक्-स्वातंत्र्य की सीमा में रखती है।
अवधारणाअनुच्छेद 19(1)(क) का वाक्-स्वातंत्र्य मौन के अधिकार को समेटता है; अनुच्छेद 25 अंतःकरण की स्वतंत्रता की रक्षा करता है।

8. भारत ने UNGA-81 में UNSC दावेदारी व 'सुधारित बहुपक्षवाद' को आगे बढ़ाया

IRBPSC: प्रीलिम्स + मेन्स GS-II (अंतरराष्ट्रीय संबंध)
सिलेबस से संबंधभारत व संयुक्त राष्ट्र, वैश्विक-शासन सुधार — GS-II IR तथा अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं पर प्रीलिम्स।
संदर्भ81वीं संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत ने स्थायी UNSC सीट की दावेदारी रखी और संस्थागत सुधार के लिए एक गठबंधन में शामिल हुआ।
मुख्य तथ्य
  • भारत पार्टनरशिप फॉर मल्टीलैटरलिज़्म (P4M) में शामिल हुआ, ऑस्ट्रेलिया, ब्राज़ील, बारबाडोस व केन्या के साथ सह-अध्यक्षता।
  • भारत UNSC सीट (2028-29 चक्र) के लिए दावेदार है, जिसमें क्षेत्रीय प्रतिस्पर्धा भी है।
  • भारत ने ग्लोबल साउथ के '4F' संकट — ईंधन, खाद्य, उर्वरक, वित्त — को उठाया और UNSC व ब्रेटन वुड्स संस्थाओं के सुधार की माँग की।
आगे की राहकिसी भी UNSC-सुधार सफलता के लिए निरंतर गठबंधन-निर्माण और ग्लोबल-साउथ मुद्दों पर विश्वसनीयता कुंजी है।
अवधारणाUNSC में 5 स्थायी (P5) वीटो-धारी और 10 निर्वाचित सदस्य हैं; सुधार के लिए P5-समर्थित चार्टर-संशोधन आवश्यक है।
UNGA-81 में भारत का माइंड-मैप: P4M गठबंधन, UNSC 2028-29 दावेदारी, सुधारित बहुपक्षवाद, ग्लोबल साउथ 4F संकट, सह-अध्यक्ष व प्रतिद्वंद्वी।
UNGA-81 में भारत का माइंड-मैप: P4M गठबंधन, UNSC 2028-29 दावेदारी, सुधारित बहुपक्षवाद, ग्लोबल साउथ 4F संकट, सह-अध्यक्ष व प्रतिद्वंद्वी। — StudyForGS

9. SEBI ने हिंडनबर्ग से जुड़ा अडानी मामला ₹1.5 करोड़ में निपटाया

ECONOMYBPSC: प्रीलिम्स + मेन्स GS-II (अर्थव्यवस्था व विनियमन)
सिलेबस से संबंधवित्तीय-बाज़ार विनियमन व SEBI — GS-II अर्थव्यवस्था तथा संस्थाओं पर प्रीलिम्स।
संदर्भबाज़ार नियामक SEBI ने अडानी समूह की इकाइयों के विरुद्ध हिंडनबर्ग आरोपों से जुड़ी कार्यवाही एक मौद्रिक समझौते से बंद कर दी।
मुख्य तथ्य
  • पाँच अडानी इकाइयों ने आरोपों को स्वीकार या अस्वीकार किए बिना कुल ~₹1.5 करोड़ में समझौता किया।
  • आरोप LODR (प्रकटीकरण) मानदंडों और अघोषित संबंधित-पक्ष लेनदेन से जुड़े थे।
  • समझौते SEBI अधिनियम / SCRA प्रावधानों के तहत हुए, जिससे मामला बंद हुआ।
आगे की राहसशक्त प्रकटीकरण-प्रवर्तन भारत के पूँजी बाज़ारों में निवेशक-विश्वास का आधार है।
अवधारणाSEBI (सांविधिक, 1992) प्रतिभूति बाज़ारों का नियमन करता है; LODR मानदंड समयबद्ध कॉर्पोरेट प्रकटीकरण अनिवार्य करते हैं।

10. कैनाल-टॉप सोलर से भूमि-मुक्त स्वच्छ ऊर्जा; बिहार शीर्ष श्रेणी में

SCI-TECHBPSC: प्रीलिम्स + मेन्स GS-II (विज्ञान व प्रौद्योगिकी)
सिलेबस से संबंधनवीकरणीय ऊर्जा व विकास में S&T की भूमिका — GS-II विज्ञान-प्रौद्योगिकी, बिहार-संभावना के कोण से।
संदर्भसिंचाई नहरों के ऊपर सोलर पैनल लगाना स्वच्छ ऊर्जा का भूमि-मुक्त मार्ग बन रहा है, जो भूमि व जल दोनों बचाता है।
मुख्य तथ्य
  • कैनाल-टॉप PV (CTPV) को अतिरिक्त भूमि नहीं चाहिए; पंजाब की एक परियोजना ने लगभग 100 एकड़ बचाई।
  • नर्मदा नहर पर 1 MW वाष्पीकरण घटाकर सालाना ~90 लाख लीटर जल बचाता है।
  • राष्ट्रीय CTPV/नहर-तट क्षमता लगभग 131 GW आँकी गई है, जिसमें बिहार, यूपी, कर्नाटक, आंध्र व पंजाब शीर्ष पर हैं।
आगे की राहकम संरचनात्मक लागत और व्यवहार्यता-अंतर सहायता CTPV को रूफटॉप व फ्लोटिंग सोलर के साथ बढ़ा सकती है।
अवधारणाCTPV फ्लोटिंग सोलर से भिन्न है; दोनों भूमि-उपयोग व वाष्पीकरण घटाते हैं, जो भारत के 2030 तक 500 GW ग़ैर-जीवाश्म लक्ष्य में सहायक हैं।
राज्यवार सांकेतिक कैनाल-टॉप सोलर (CTPV) क्षमता का बार चार्ट, ~131 GW राष्ट्रीय अनुमान में बिहार शीर्ष श्रेणी में।
राज्यवार सांकेतिक कैनाल-टॉप सोलर (CTPV) क्षमता का बार चार्ट, ~131 GW राष्ट्रीय अनुमान में बिहार शीर्ष श्रेणी में। — StudyForGS

आज का डेटा पॉइंट

₹9.92 lakh crore
बिहार की अर्थव्यवस्था का आकार (GSDP, चालू क़ीमत, 2024-25)
बिहार का GSDP 2024-25 में वास्तविक रूप से 8.6% बढ़ा — भारत के 6.5% से तेज़ — यद्यपि प्रति-व्यक्ति आय (₹76,490) देश में सबसे कम में से एक रही। 11.1% की द्वितीयक-क्षेत्र वृद्धि क्रमिक औद्योगिक तेज़ी का संकेत है।

प्रारंभिक परीक्षा रैपिड-फायर

हैफ़ा का युद्ध (23 सितंबर 1918): भारतीय घुड़सवार सेना (जोधपुर, मैसूर, हैदराबाद लांसर्स) ने WWI में हैफ़ा मुक्त कराया — हैफ़ा दिवस के रूप में स्मरण।
यूपी गैंगस्टर्स एक्ट, 1986: SC ने कहा कि 'अपराध' की परिभाषा कार्यपालिका के विवेक पर नहीं छोड़ी जा सकती — अनुच्छेद 20(1) वैधता सिद्धांत।
क्रिटिकल मिनरल्स: भारत EV-बैटरी पारिस्थितिकी हेतु लिथियम व निकल प्रसंस्करण (माली परियोजना सहित) पर नज़र गड़ाए है।
विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR): SC ने दिल्ली के ~33 लाख मतदाता नोटिस 'यंत्रवत जारी' पाए; निपटान की अंतिम तिथि 29 अक्टूबर।
शाही लीची (मुज़फ़्फ़रपुर) और जर्दालु आम (भागलपुर) के पास GI टैग हैं — BPSC प्रीलिम्स के बार-बार आने वाले प्रश्न।
BIT/ISDS: भारत की हालिया निवेश-संधियाँ विवादों को घरेलू मध्यस्थता की ओर भेजती हैं, निवेशक-राज्य (ISDS) खंड को छोड़कर।

अभ्यास MCQs — BPSC Prelims पैटर्न

Q1. बिहार की नदियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें: 1. कोसी नेपाल/हिमालय से निकलती है। 2. कोसी को 'बिहार का शोक' कहा जाता है। 3. गंडक गंगा की सहायक नदी है। उपर्युक्त में से कौन-से सही हैं?

  1. केवल 1 और 2
  2. केवल 2 और 3
  3. केवल 1 और 3
  4. 1, 2 और 3
उत्तर देखें
उत्तर: D
तीनों सही हैं। कोसी हिमालय/नेपाल से निकलती है, अपने बदलते मार्ग के कारण 'बिहार का शोक' कहलाती है, और गंडक (नारायणी) गंगा की बायीं-तट सहायक नदी है।

Q2. 'बिजोई इमैनुएल बनाम केरल राज्य (1986)' मामला मुख्यतः किस मौलिक अधिकार से संबंधित है?

  1. संपत्ति का अधिकार
  2. अंतःकरण व धर्म की स्वतंत्रता
  3. संवैधानिक उपचारों का अधिकार
  4. शोषण के विरुद्ध अधिकार
उत्तर देखें
उत्तर: B
इसने राष्ट्रगान मामले में छात्रों की अंतःकरण-स्वतंत्रता (अनुच्छेद 19(1)(क) व 25) को बरक़रार रखा — 2026 के राष्ट्रीय-गीत निर्णय में उद्धृत।

मुख्य परीक्षा अभ्यास प्रश्न

Q. बिहार भारत का सर्वाधिक बाढ़-प्रवण राज्य है। उत्तर बिहार में बार-बार आने वाली बाढ़ के भौगोलिक कारणों की विवेचना करें और एक टिकाऊ नदी-प्रबंधन रणनीति सुझाएँ। (BPSC मेन्स, GS-II)

संकेत / दृष्टिकोण
हिमालय-मूल गाद-युक्त नदियाँ (कोसी, गंडक, बागमती), नेपाल बैराज-निकासी व तटबंध की सीमाएँ शामिल करें; गाद-निकासी, जलग्रहण-क्षेत्र उपचार, भारत-नेपाल सहयोग व बाढ़-क्षेत्र ज़ोनिंग सुझाएँ।
📌 एक पंक्ति में रिवीज़न: आज याद रखें: बिहार GSDP ₹9.92 लाख करोड़ (8.6% वास्तविक वृद्धि) • 15 ज़िलों में 46 लाख बाढ़-प्रभावित • SC: राष्ट्रीय गीत से इनकार पर दंड नहीं • UNGA-81 में भारत का P4M व UNSC ज़ोर • कैनाल-टॉप सोलर ~131 GW संभावना।
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