बिहार में बाढ़ से 15 जिलों के 47.33 लाख लोग प्रभावित; राज्य ने एकीकृत चीनी-एथेनॉल नीति को गति दी, जबकि सुप्रीम कोर्ट ने न्यायालय जमा राशि पर एक समान कानून का सुझाव दिया
Monday, 21 September 2026 · IST · बिहार + राष्ट्रीय · 11 टॉपिक · 2 MCQs
बिहार का सितंबर बाढ़ संकट राज्य की सुर्खियों में है — 15 जिलों के 47.33 लाख से अधिक लोग प्रभावित हैं और पटना में गंगा ने 2016 के अपने रिकॉर्ड स्तर को पार कर लिया। अर्थव्यवस्था में बिहार एक एकीकृत चीनी-एथेनॉल-CBG कॉम्प्लेक्स मॉडल और मिथिला मखाना पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ा रहा है। राष्ट्रीय स्तर पर सुप्रीम कोर्ट ने अपील के दौरान जमा राशि पर एक समान कानून मांगा, सेमीकंडक्टर मिशन डिज़ाइन-एवं-फैब्रिकेशन चरण-2 में पहुँचा, और नई अमेरिकी प्रतिबंध दबाव के बीच भारत का कच्चा तेल आयात रूस की ओर झुका रहा।
आज एक नज़र में — याद रखने वाली बातें
बिहार बाढ़: 15 जिलों में 47.33 लाख लोग प्रभावित
पटना के गांधी घाट पर गंगा ने 2016 का पिछला रिकॉर्ड पार किया
बिहार चीनी उद्योग निवेश प्रोत्साहन नीति-2026 एकीकृत कॉम्प्लेक्स को बढ़ावा
अगले पाँच वर्षों में बिहार में 25 नई चीनी मिलों का लक्ष्य
मिथिला मखाना GI पारिस्थितिकी तंत्र को राष्ट्रीय मखाना बोर्ड का समर्थन
सुप्रीम कोर्ट ने न्यायालय जमा राशि पर एक समान राष्ट्रीय कानून मांगा
सेमीकंडक्टर मिशन चरण-2: लगभग Rs 1.27 लाख करोड़ प्रतिबद्ध
रूस51% के साथ भारत का शीर्ष कच्चा तेल आपूर्तिकर्ता रहा (जुलाई 2026)
RBI का तटस्थ रुख, रेपो दर 5.25%; CPI 4.82% (अगस्त 2026)
विस्तृत नोट्स
1. बिहार बाढ़ 2026: गंगा ने 2016 का शिखर तोड़ा, 47 लाख प्रभावित
BIHARBPSC: Prelims + Mains GS-II (बिहार भूगोल एवं आपदा प्रबंधन)
सिलेबस से संबंध
Prelims: बिहार की नदियाँ, बाढ़-प्रवण जिले, तटबंध। Mains GS-II: बिहार का भूगोल, नदी तंत्र एवं आपदा प्रतिक्रिया।
संदर्भ
बिहार में वर्षों की सबसे भीषण सितंबर बाढ़ महीने के मध्य तक जारी रही, क्योंकि गंगा, कोसी, गंडक, बागमती और पुनपुन खतरे के निशान से ऊपर बहीं, जिससे बड़े पैमाने पर निकासी और राहत कार्य करने पड़े।
मुख्य तथ्य
15 जिलों में 47.33 लाख लोग प्रभावित, जिनमें भागलपुर, पटना, सारण, वैशाली और कटिहार शामिल।
पटना के गांधी घाट पर गंगा ने 2016 के अपने अधिकतम रिकॉर्ड स्तर को पार किया।
सितंबर की वर्षा सामान्य से लगभग 27% अधिक (104.1 मिमी); भागलपुर में चार तटबंध टूटे।
आगे की राह
कोसी-मेची नदी जोड़ो परियोजना एवं नदी-प्रशिक्षण कार्य पूरे करें, तटबंध मजबूत करें और वास्तविक-समय बाढ़ पूर्वानुमान का विस्तार करें।
अवधारणा
बिहार भारत का सर्वाधिक बाढ़-प्रवण राज्य है; उत्तर बिहार का लगभग 73% बाढ़-प्रभावित है। प्रमुख नदियाँ: कोसी ('बिहार का शोक'), गंडक, बागमती, गंगा।
बिहार बाढ़ राहत की स्टैट-टाइल पंक्ति: 47.33 लाख प्रभावित, 15 जिले, 1876 नावें, 1221 रसोई, 37 बचाव टीमें, गंगा 2016 शिखर के ऊपर। — StudyForGS
2. बिहार का एकीकृत चीनी-एथेनॉल दांव: पाँच वर्षों में 25 नई मिलें
ECONOMYBPSC: Prelims + Mains GS-II (बिहार अर्थव्यवस्था एवं उद्योग)
सिलेबस से संबंध
Prelims: चीनी पट्टी के जिले, एथेनॉल मिश्रण। Mains GS-II: बिहार की अर्थव्यवस्था, कृषि-उद्योग एवं निवेश नीति।
संदर्भ
बिहार चीनी उद्योग निवेश प्रोत्साहन नीति-2026 के तहत राज्य ऐसे एकीकृत चीनी कॉम्प्लेक्स को बढ़ावा दे रहा है जो मिलों को आसवनी, सह-उत्पादन (कोजेन) और संपीड़ित बायोगैस इकाइयों से जोड़ते हैं।
मुख्य तथ्य
पाँच वर्षों में बिहार में 25 नई चीनी मिलों का लक्ष्य (गन्ना उद्योग विभाग)।
20 नवंबर 2026 को साकरी (मधुबनी) एवं रैयाम (दरभंगा) में 2 मिलों की आधारशिला।
एकीकृत मॉडल चीनी + एथेनॉल + कोजेन बिजली + CBG को जोड़कर मूल्यवर्धन करता है।
2025-26 के लिए Rs 2,137.83 करोड़ गन्ना बकाया चुकाया; मोतीपुर मिल हेतु 266 एकड़ भूमि।
आगे की राह
नई क्षमता को एथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम (E20) और जलवायु-सहनशील गन्ना किस्मों से जोड़कर किसानों की आय बढ़ाएँ।
अवधारणा
बिहार की चीनी पट्टी उत्तर-पश्चिम (चंपारण, गोपालगंज, सिवान) में है। एथेनॉल ऊर्जा सुरक्षा का समर्थन करता है और कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता घटाता है।
फ्लोचार्ट: गन्ने से सहकारी चीनी मिल तक, जो चीनी, एथेनॉल, कोजेन बिजली और संपीड़ित बायोगैस में बँटकर रोजगार एवं किसान आय बढ़ाती है। — StudyForGS
3. मिथिला मखाना: राष्ट्रीय मखाना बोर्ड से जुड़ी GI फसल
BIHARBPSC: Prelims + Mains GS-II (बिहार कृषि)
सिलेबस से संबंध
Prelims: बिहार के GI टैग, मखाना बोर्ड। Mains GS-II: बिहार कृषि, खाद्य प्रसंस्करण एवं FPO।
संदर्भ
बिहार अपनी मखाना मूल्य-श्रृंखला को गहरा कर रहा है — मिथिला मखाना GI टैग और केंद्रीय बजट में घोषित राष्ट्रीय मखाना बोर्ड के आधार पर, एक राज्य मखाना विकास योजना के साथ।
मुख्य तथ्य
मिथिला मखाना को भौगोलिक संकेतक (GI) टैग प्राप्त है (2022 में)।
राष्ट्रीय मखाना बोर्ड (बजट 2025-26) का मुख्यालय बिहार में है।
मखाना विकास योजना 2026-27 बीज, तालाब, प्रसंस्करण एवं FPO जुड़ाव का वित्तपोषण करती है।
भारत का लगभग 90% मखाना बिहार में उगता है, केंद्र दरभंगा, मधुबनी, पूर्णिया।
आगे की राह
मिथिलांचल में किसानों का मार्जिन बढ़ाने हेतु यंत्रीकृत प्रसंस्करण, कोल्ड चेन एवं ब्रांडेड निर्यात को बढ़ाएँ।
अवधारणा
GI टैग: विशिष्ट भौगोलिक मूल वाले उत्पादों का चिह्न (TRIPS/GI अधिनियम 1999)। बिहार के अन्य GI: शाही लीची, कतरनी चावल, मगही पान, भागलपुरी सिल्क।
मिथिला मखाना पारिस्थितिकी तंत्र के चार स्तंभ: GI टैग 2022, बिहार में राष्ट्रीय मखाना बोर्ड, मखाना विकास योजना 2026-27, और ~90% उत्पादन वाला मिथिलांचल क्षेत्र। — StudyForGS
4. ADB बिहार को उद्योग एवं सामाजिक क्षेत्रों के लिए $1 अरब से अधिक देगा
Prelims: बहुपक्षीय वित्तपोषण, औद्योगिक हब। Mains GS-II: बिहार अर्थव्यवस्था, अवसंरचना वित्तपोषण।
संदर्भ
बिहार एक बहु-क्षेत्रीय सुधार योजना के तहत उद्योग, पर्यटन, सिंचाई, ऊर्जा, स्वास्थ्य एवं शिक्षा के आधुनिकीकरण हेतु एशियाई विकास बैंक से $1 अरब से अधिक का समर्थन जुटा रहा है।
मुख्य तथ्य
क्षेत्रों में $1 अरब (लगभग Rs 9,000 करोड़) से अधिक का समर्थन।
विनिर्माण एवं लॉजिस्टिक्स बढ़ाने हेतु गया और मुजफ्फरपुर में नए औद्योगिक हब।
निधि का लक्ष्य बौद्ध सर्किट, सिंचाई आधुनिकीकरण एवं स्मार्ट-ग्रिड ऊर्जा।
इसमें बिहार स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा रूपांतरण और स्कूल-तैयारी सुधार शामिल।
आगे की राह
PPP मॉडल एवं कौशल विकास से बाहरी वित्त को टिकाऊ रोजगार और उच्च स्वयं-राजस्व में बदलें।
अवधारणा
ADB (स्थापना 1966, मुख्यालय मनीला) एक क्षेत्रीय बहुपक्षीय विकास बैंक है; भारत संस्थापक सदस्य और बड़ा ऋण-प्राप्तकर्ता है।
5. महिला-केंद्रित कल्याण: मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना का विस्तार
SOCIETYBPSC: Prelims + Mains GS-II (शासन एवं कल्याण)
सिलेबस से संबंध
Prelims: बिहार की कल्याण योजनाएँ। Mains GS-II: महिला सशक्तिकरण, स्वरोजगार एवं DBT।
संदर्भ
बिहार अपनी प्रमुख महिला स्वरोजगार योजना जारी रखे हुए है, जिसमें महिलाओं को सूक्ष्म-उद्यम शुरू करने हेतु सीधे बीज पूँजी दी जाती है, जिसे आगे और सहायता से बढ़ाया जा सकता है।
मुख्य तथ्य
DBT के माध्यम से लाखों महिलाओं को Rs 10,000 प्रत्येक की प्रारंभिक राशि हस्तांतरित।
दूसरा चरण व्यवहार्य उद्यमों हेतु Rs 2 लाख तक की स्केलिंग सहायता देता है।
ग्रामीण बिहार में जीविका स्वयं-सहायता समूह की सदस्यों को लक्षित।
महिला-नेतृत्व वाले विकास और वित्तीय समावेशन पर व्यापक जोर का हिस्सा।
आगे की राह
पूँजी को बाजार-जुड़ाव, ऋण एवं कौशल से जोड़ें ताकि सूक्ष्म-इकाइयाँ पहले वर्ष के बाद भी टिकी रहें।
अवधारणा
DBT लाभ को सीधे बैंक खातों में भेजकर रिसाव रोकता है; जीविका बिहार का ग्रामीण आजीविका (SHG) मिशन है।
6. बिहार का मेट्रो जाल पटना के पहले कॉरिडोर से आगे बढ़ा
BIHARBPSC: Prelims + Mains GS-II (बिहार अवसंरचना)
सिलेबस से संबंध
Prelims: पटना मेट्रो, शहरी परिवहन। Mains GS-II: बिहार अवसंरचना एवं शहरीकरण।
संदर्भ
पटना मेट्रो का पहला चरण चालू होने के बाद, बिहार शहरी गतिशीलता आसान करने और नियोजित औद्योगिक विकास को समर्थन देने हेतु और शहरों में मेट्रो नेटवर्क की योजना बना रहा है।
मुख्य तथ्य
पटना मेट्रो का पहला चरण अक्टूबर 2025 में चालू हुआ।
मुजफ्फरपुर, गया, दरभंगा और भागलपुर के लिए मेट्रो/रैपिड ट्रांजिट प्रस्तावित।
शहरी परिवहन नए औद्योगिक हब एवं पर्यटन सर्किट से जुड़ा।
बढ़ते शहरों में भीड़ और वाहन-उत्सर्जन घटाने का लक्ष्य।
आगे की राह
राइडरशिप अधिकतम करने हेतु मेट्रो को फीडर बसों एवं TOD (पारगमन-उन्मुख विकास) से एकीकृत करें।
अवधारणा
TOD पारगमन स्टेशनों के आसपास सघन, मिश्रित-उपयोग विकास केंद्रित करता है ताकि सार्वजनिक-परिवहन उपयोग बढ़े।
7. सुप्रीम कोर्ट ने न्यायालय जमा राशि पर एक समान राष्ट्रीय कानून मांगा
POLITYBPSC: Prelims + Mains GS-II (राजव्यवस्था एवं न्यायपालिका)
सुप्रीम कोर्ट ने अपील के दौरान न्यायालयों में जमा धन के लिए एक समान ढाँचे के अभाव को रेखांकित किया और मामला एक राष्ट्रीय मॉडल हेतु विधि आयोग को भेजा।
मुख्य तथ्य
न्यायमूर्ति पी.एस. नरसिम्हा और आलोक आराधे की पीठ ने मामला विधि आयोग को भेजा।
वर्तमान प्रणाली में निवेश, नवीनीकरण एवं ब्याज पर बार-बार अलग-अलग निर्णय लेने पड़ते हैं।
अदालत ने मॉडल के रूप में अमेरिकी कोर्ट रजिस्ट्री इन्वेस्टमेंट सिस्टम के अध्ययन का सुझाव दिया।
उद्देश्य: मुकदमों में जमा बड़ी राशि का सुसंगत एवं पारदर्शी प्रबंधन।
आगे की राह
एक वैधानिक ढाँचा न्यायालय जमा के निवेश को मानकीकृत कर सकता है और वादियों के ब्याज-अर्जन की रक्षा कर सकता है।
अवधारणा
भारत का विधि आयोग एक गैर-सांविधिक निकाय है जो सरकार को विधिक सुधारों की सिफारिश करता है।
8. FCRA संशोधन विधेयक 2026: रद्दीकरण पर विदेशी धन सरकार में निहित
POLITYBPSC: Prelims + Mains GS-II (शासन)
सिलेबस से संबंध
Prelims: FCRA, NGO विनियमन। Mains GS-II: शासन, नागरिक समाज की भूमिका।
संदर्भ
विदेशी-अंशदान कानून में एक प्रस्तावित संशोधन के अनुसार, किसी संगठन का पंजीकरण रद्द होने पर उसके विदेशी अंशदान एवं संपत्तियाँ सरकार द्वारा नामित प्राधिकरण में निहित हो जाएँगी।
मुख्य तथ्य
लाइसेंस रद्द होने पर विदेशी धन/संपत्तियाँ नामित प्राधिकरण में निहित।
2015 से लगभग 22,496 FCRA पंजीकरण रद्द; लगभग 14,466 सक्रिय।
घरेलू परोपकार लगभग Rs 1.43 लाख करोड़ अनुमानित; CSR व्यय लगभग Rs 22,563 करोड़ (FY25)।
इसे NGO के विदेशी वित्तपोषण की निगरानी कड़ी करने के रूप में देखा जा रहा।
आगे की राह
राष्ट्रीय-सुरक्षा सुरक्षोपायों को उचित प्रक्रिया एवं वैध नागरिक-समाज कार्य के स्थान के साथ संतुलित करें।
अवधारणा
FCRA (2010) भारत में व्यक्तियों एवं संघों द्वारा विदेशी अंशदान की स्वीकृति एवं उपयोग को विनियमित करता है।
9. सेमीकंडक्टर मिशन चरण-2: असेंबली से फैब्रिकेशन की ओर
SCI-TECHBPSC: Prelims + Mains GS-II (विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी)
सिलेबस से संबंध
Prelims: भारत सेमीकंडक्टर मिशन, चिप मूल्य-श्रृंखला। Mains GS-II: विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी की भूमिका एवं प्रभाव।
संदर्भ
भारत सेमीकंडक्टर मिशन का दूसरा चरण घरेलू मूल्य-श्रृंखला को गहरा करने हेतु ध्यान असेंबली एवं परीक्षण से हटाकर डिज़ाइन, फैब्रिकेशन, उपकरण एवं सामग्री की ओर ले जाता है।
मुख्य तथ्य
मिशन के अगले चरण के तहत लगभग Rs 1.27 लाख करोड़ प्रतिबद्ध।
लगभग Rs 1 लाख करोड़ का निवेशक रुझान प्राप्त।
ध्यान ATMP (असेंबली/परीक्षण) से हटकर डिज़ाइन, फैब्रिकेशन, उपकरण, सामग्री पर।
पाँच-वर्षीय लक्ष्य: ऑटोमोबाइल, पावर सिस्टम एवं उपकरणों के लिए चिप।
ATMP = असेंबली, परीक्षण, मार्किंग एवं पैकेजिंग — चिप-निर्माण का बैक-एंड; फैब्रिकेशन फ्रंट-एंड है।
सेमीकंडक्टर मिशन चरण-2 टाइलें: Rs 1.27 लाख करोड़ प्रतिबद्ध, लगभग Rs 1 लाख करोड़ निवेशक रुझान, और डिज़ाइन, फैब्रिकेशन, उपकरण एवं सामग्री की ओर बदलाव। — StudyForGS
10. नए अमेरिकी प्रतिबंध दबाव के बीच रूस भारत का शीर्ष कच्चा तेल आपूर्तिकर्ता
IRBPSC: Prelims + Mains GS-II (अंतरराष्ट्रीय संबंध एवं अर्थव्यवस्था)
सिलेबस से संबंध
Prelims: कच्चा तेल व्यापार, प्रतिबंध। Mains GS-II: भारत का बाह्य क्षेत्र एवं ऊर्जा सुरक्षा।
संदर्भ
नए अमेरिकी कानून में रूसी तेल खरीदारों पर भारी शुल्क का प्रावधान है, जिससे भारत की ऊर्जा रणनीति चर्चा में है, क्योंकि 2026 के मध्य तक रूस उसका सबसे बड़ा एकल कच्चा तेल आपूर्तिकर्ता रहा।
मुख्य तथ्य
रूस = 51% भारत के कच्चे तेल आयात का (जुलाई 2026)।
अमेरिकी कानून रूसी-तेल खरीदारों पर मौजूदा शुल्कों के ऊपर 100% तक टैरिफ की अनुमति देता है।
किसी भी शुल्क हेतु अमेरिकी कांग्रेस को राष्ट्रपति छूट औचित्य देना होगा।
भारत ऊर्जा वहनीयता को बाह्य दबाव एवं विविधीकरण के साथ संतुलित करता है।
आगे की राह
आयात जोखिम घटाने हेतु स्रोतों का विविधीकरण करें, रणनीतिक भंडार बढ़ाएँ और नवीकरणीय ऊर्जा की ओर बदलाव तेज करें।
अवधारणा
ऊर्जा सुरक्षा = विश्वसनीय, वहनीय आपूर्ति। भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरत का 85% से अधिक आयात करता है, इसलिए कीमत एवं स्रोत मायने रखते हैं।
जुलाई 2026 में भारत के कच्चे तेल आपूर्तिकर्ताओं का डोनट चार्ट: रूस 51%, मध्य पूर्व 21%, अमेरिका 14%, अन्य 14%। — StudyForGS
11. भारत-चीन व्यापार घाटा बढ़ा: आयात में उछाल, निर्यात स्थिर
ECONOMYBPSC: Prelims + Mains GS-II (अर्थव्यवस्था एवं व्यापार)
सिलेबस से संबंध
Prelims: द्विपक्षीय व्यापार आँकड़े, व्यापार घाटा। Mains GS-II: भारत की अर्थव्यवस्था एवं बाह्य व्यापार।
संदर्भ
चीन के साथ भारत का व्यापार अंतर बढ़ता रहा, क्योंकि पिछले कुछ वर्षों में मध्यवर्ती एवं पूँजीगत वस्तुओं का आयात तेजी से बढ़ा जबकि निर्यात काफी हद तक स्थिर रहा।
मुख्य तथ्य
द्विपक्षीय व्यापार लगभग $167.6 अरब (2025)।
आयात 71% बढ़ा — $87.5B से $149.5B (2021-2025); निर्यात लगभग स्थिर।
लगभग 70% आयात मध्यवर्ती वस्तुएँ हैं; 22% पूँजीगत वस्तुएँ।
इलेक्ट्रॉनिक्स एवं मशीनरी घटकों में बढ़ती आयात निर्भरता।
आगे की राह
घरेलू विनिर्माण (PLI) बढ़ाएँ, आपूर्ति-श्रृंखला में विविधता लाएँ और निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाएँ।
अवधारणा
व्यापार घाटा = आयात, निर्यात से अधिक। इनपुट के लिए एक ही साझेदार पर अधिक निर्भरता एक आपूर्ति-श्रृंखला भेद्यता है।
भारत-चीन व्यापार का समूहित बार चार्ट: आयात $88B (2021) से बढ़कर $150B (2025), जबकि निर्यात $22-23B के पास स्थिर। — StudyForGS
आज का डेटा पॉइंट
Repo 5.25% | CPI 4.82% | Core 4.2%
भारत की वास्तविक नीतिगत दर मामूली रूप से सकारात्मक हुई अगस्त 2026 में खुदरा मुद्रास्फीति (CPI) 4.82% और RBI रेपो दर तटस्थ रुख के तहत 5.25% होने से वास्तविक नीतिगत दर हल्की सकारात्मक है। खाद्य मुद्रास्फीति 5.95% और बैंक ऋण वृद्धि 19.1% रही।
प्रारंभिक परीक्षा रैपिड-फायर
मिथिला मखाना के पास GI टैग है; राष्ट्रीय मखाना बोर्ड बिहार में स्थित है।
पटना मेट्रो का पहला चरण अक्टूबर 2025 में चालू हुआ।
RBI रेपो दर5.25% है और मौद्रिक-नीति रुख तटस्थ है।
रूस ने जुलाई 2026 में भारत के कच्चे तेल आयात का 51% आपूर्ति किया।
कोसी को 'बिहार का शोक' कहा जाता है; कोसी-मेची जोड़ो बाढ़ नियंत्रण में मदद करती है।
शाही लीची (मुजफ्फरपुर) और कतरनी चावल (भागलपुर) बिहार के GI उत्पाद हैं।
अभ्यास MCQs — BPSC Prelims पैटर्न
Q1. मिथिला मखाना के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. इसे भौगोलिक संकेतक (GI) टैग प्रदान किया गया है।
2. राष्ट्रीय मखाना बोर्ड का मुख्यालय बिहार में है।
उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
केवल 1
केवल 2
1 और 2 दोनों
न तो 1 और न ही 2
उत्तर देखें
उत्तर: C मिथिला मखाना को GI टैग (2022) मिला और केंद्रीय बजट में घोषित राष्ट्रीय मखाना बोर्ड बिहार में स्थित है। अतः दोनों कथन सही हैं।
Q2. निम्नलिखित में से कौन-सी नदी लोकप्रिय रूप से 'बिहार का शोक' के नाम से जानी जाती है?
गंडक
बागमती
कोसी
पुनपुन
उत्तर देखें
उत्तर: C कोसी, जो अपना मार्ग बदलने और उत्तर बिहार में भीषण बाढ़ लाने के लिए कुख्यात है, 'बिहार का शोक' कहलाती है।
मुख्य परीक्षा अभ्यास प्रश्न
Q. बिहार तीव्र कृषि-औद्योगिक विकास की ओर बढ़ते हुए भी भारत का सर्वाधिक बाढ़-प्रवण राज्य बना हुआ है। उत्तर बिहार में नदी प्रबंधन की चुनौतियों की जाँच कीजिए और एक ऐसी सतत रणनीति सुझाइए जो राज्य की अर्थव्यवस्था को भी समर्थन दे।
संकेत / दृष्टिकोण
कोसी/गंडक/बागमती के व्यवहार एवं तटबंधों की सीमाओं को शामिल करें; राहत आँकड़ों (47 लाख प्रभावित) को तैयारी से जोड़ें; कोसी-मेची जोड़ो, पूर्वानुमान और चीनी-एथेनॉल एवं मखाना मूल्य-श्रृंखलाओं के जलवायु-सहनशील विकास में योगदान पर चर्चा करें।
📌 एक पंक्ति में रिवीज़न: आज याद रखें: बिहार बाढ़ से 15 जिलों के 47.33 लाख प्रभावित (गंगा 2016 शिखर के ऊपर); चीनी नीति-2026 का लक्ष्य 25 मिलें; मिथिला मखाना GI-टैग प्राप्त; SC ने न्यायालय जमा पर एक समान कानून मांगा; सेमीकॉन चरण-2 ~Rs 1.27 लाख करोड़; रूस = भारत के कच्चे तेल का 51%; रेपो 5.25%, CPI 4.82%।