Friday, 23 October 2026 · IST · उत्तर प्रदेश + राष्ट्रीय · 11 टॉपिक · 2 MCQs
UP विधान परिषद की 11 सीटों (5 स्नातक + 6 शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र) पर आज मतदान हो रहा है, वहीं लखनऊ में मिशन कर्मयोगी की 'साधना श्रृंखला-2026' कार्यशाला और 'टेकसंगम' इंटरनेशनल डायलॉग-26 आयोजित हो रहे हैं। विकास के मोर्चे पर 594 km लंबा गंगा एक्सप्रेसवे माल-ढुलाई और यात्रा को बदल रहा है, राज्य ने 32,673 MW की रिकॉर्ड अधिकतम बिजली मांग पूरी की है और चार औद्योगिक इकाइयों के लिए ₹56.26 करोड़ के प्रोत्साहन स्वीकृत हुए हैं।
आज एक नज़र में — याद रखने वाली बातें
UP विधान परिषद: आज 11 सीटों (5 स्नातक + 6 शिक्षक) पर मतदान; मतगणना 27 अक्टूबर को।
लखनऊ में 12 राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के लिए मिशन कर्मयोगी की 'साधना श्रृंखला-2026' (23-24 अक्टूबर)।
AI, डीपफेक व फॉरेंसिक पर इंटरनेशनल डायलॉग-26 'टेकसंगम' UPSIFS, लखनऊ में शुरू (23-25 अक्टूबर)।
गंगा एक्सप्रेसवे (~594 km, 12 जिले, ₹36,230 करोड़) से मेरठ-प्रयागराज यात्रा ~6 घंटे में।
UP ने रिकॉर्ड 32,673 MW अधिकतम बिजली मांग पूरी की; PM-KUSUM C-2 सौर बिजली ₹2.91-2.99/यूनिट पर स्वीकृत।
गोरखपुर, बाराबंकी, हमीरपुर और अमेठी की चार औद्योगिक इकाइयों को ₹56.26 करोड़ प्रोत्साहन।
1.86 करोड़ उज्ज्वला परिवारों को दो मुफ्त LPG रिफिल; 18 शहरों के लिए 1,725 AC ई-बसें।
गैंगस्टर एक्ट संपत्ति कार्रवाई ₹15,233 करोड़ पहुँची; प्रयागराज में गरीबों के लिए 1,200 घर प्रस्तावित।
10वें अयोध्या दीपोत्सव (5-7 नवंबर) में 33 लाख दीये; अशफ़ाक़उल्ला ख़ाँ की जयंती (22 अक्टूबर)।
NSAP अब PM सामाजिक सहायता योजना (₹53,428 करोड़); ISRO का NVS-03 प्रक्षेपण 30 अक्टूबर को।
विस्तृत नोट्स
1. UP विधान परिषद: 11 स्नातक व शिक्षक सीटों के लिए आज मतदान
UP-POLITYUPPSC: प्रारंभिक + मुख्य GS-II (UP-विशेष GS-V: UP राजव्यवस्था)
सिलेबस से संबंध
GS-II: राज्य विधानमंडल, अनुच्छेद 169 व 171 | GS-V: UP विधानमंडल की संरचना
संदर्भ
UP विधान परिषद के द्विवार्षिक चुनाव 23 अक्टूबर 2026 को हो रहे हैं; केवल पंजीकृत स्नातक और शिक्षक ही मतदान कर सकते हैं।
मुख्य तथ्य
11 सीटें: 5 स्नातक (लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ, इलाहाबाद-झांसी) + 6 शिक्षक (लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ, बरेली-मुरादाबाद, गोरखपुर-फैजाबाद)।
लगभग 152 प्रत्याशी, 14.81 लाख से अधिक मतदाता और 2,697 मतदान केंद्र; मतगणना 27 अक्टूबर 2026 को।
लखनऊ में पात्र स्नातक/शिक्षक मतदाता कर्मचारियों के लिए विशेष आकस्मिक अवकाश घोषित।
वाराणसी मंडल की सीटें: अधिसूचना 29 सितंबर; मंडलायुक्त रिटर्निंग ऑफिसर हैं।
आगे की राह
UP उन केवल छह राज्यों में है जहाँ द्विसदनीय विधानमंडल है; स्नातक व शिक्षक सीटें शिक्षित और शिक्षक समुदाय को कानून-निर्माण में सीधी आवाज़ देती हैं।
अवधारणा
अनु. 171(3): 1/3 विधायकों द्वारा, 1/3 स्थानीय निकायों द्वारा, 1/12 स्नातकों (3+ वर्ष) द्वारा, 1/12 शिक्षकों (3+ वर्ष, माध्यमिक स्तर व ऊपर) द्वारा निर्वाचित, 1/6 राज्यपाल द्वारा मनोनीत। UP परिषद = 100 सदस्य; MLC कार्यकाल 6 वर्ष।
100 सदस्यीय UP विधान परिषद का डोनट चार्ट: 38 विधायकों द्वारा, 36 स्थानीय प्राधिकारियों द्वारा, 8 स्नातकों द्वारा, 8 शिक्षकों द्वारा निर्वाचित और 10 राज्यपाल द्वारा मनोनीत; आज 11 स्नातक व शिक्षक सीटों पर मतदान। — StudyForGS
2. लखनऊ में मिशन कर्मयोगी के तहत 'साधना श्रृंखला-2026' कार्यशाला
UP-GOVERNANCEUPPSC: प्रारंभिक + मुख्य GS-II (शासन)
सिलेबस से संबंध
GS-II: सिविल सेवा व क्षमता निर्माण | GS-V: UP प्रशासन
संदर्भ
मुख्यमंत्री सरकारी प्रशिक्षण संस्थानों के सुधार हेतु क्षमता निर्माण आयोग (CBC) की दो-दिवसीय (23-24 अक्टूबर) क्षेत्रीय परामर्श कार्यशाला का उद्घाटन कर रहे हैं।
मुख्य तथ्य
12 राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के लिए तीसरी क्षेत्रीय कार्यशाला (विजयवाड़ा व गुवाहाटी के बाद): UP सहित 8 राज्य + चंडीगढ़, दिल्ली, J&K, लद्दाख।
रोडमैप उन्नति पोर्टल से जोड़ा जाएगा, जो 700+ सरकारी प्रशिक्षण संस्थानों को जोड़ता है।
चार फोकस क्षेत्र: शासन व नेतृत्व, परिचालन दक्षता, संकाय क्षमता, डिजिटल/AI परिवर्तन।
आगे की राह
राज्य के प्रशासनिक प्रशिक्षण संस्थानों (ATIs) का उन्नयन, विकसित भारत@2047 के अनुरूप 'नियम से भूमिका' (rule-to-role) सिविल सेवा सुधार की कुंजी है।
अवधारणा
मिशन कर्मयोगी (NPCSCB, 2020) iGOT कर्मयोगी प्लेटफॉर्म के माध्यम से सिविल सेवकों की भूमिका-आधारित क्षमताएँ विकसित करता है; CBC इसका संस्थागत स्तंभ है।
3. UPSIFS लखनऊ में 'टेकसंगम' इंटरनेशनल डायलॉग-26 शुरू
UP-SECURITYUPPSC: मुख्य GS-III (आंतरिक सुरक्षा, विज्ञान-प्रौद्योगिकी)
सिलेबस से संबंध
GS-III: साइबर सुरक्षा, AI व क्वांटम तकनीक | GS-VI: UP पुलिस व फॉरेंसिक सुधार
संदर्भ
UP राज्य फॉरेंसिक विज्ञान संस्थान में तीन-दिवसीय संवाद (23-25 अक्टूबर) डीपफेक, AI-आधारित साइबर अपराध और डिजिटल संप्रभुता पर केंद्रित है।
मुख्य तथ्य
पहला दिन: डिजिटल विश्वास, डेटा सुरक्षा, फॉरेंसिक जाँच में AI; दूसरा दिन (24 अक्टूबर): मुख्यमंत्री मुख्य अतिथि; राष्ट्रीय क्वांटम मिशन पर प्रस्तुति।
चर्चाएँ DPDP अधिनियम, 2023 और विकसित भारत-2047 लक्ष्यों पर आधारित।
बैंकिंग साइबर सुरक्षा, बीमा धोखाधड़ी और साइबरबुलिंग साक्ष्य पर छात्र सत्र।
आगे की राह
नए आपराधिक कानूनों में गंभीर अपराधों में फॉरेंसिक साक्ष्य संग्रह अनिवार्य होने से UPSIFS, UP को फॉरेंसिक क्षमता केंद्र के रूप में स्थापित करता है।
4. गंगा एक्सप्रेसवे: 594 km कॉरिडोर से यात्रा समय 10 घंटे तक कम
UP-INFRAUPPSC: प्रारंभिक + मुख्य GS-III (UP-विशेष GS-VI: UP अवसंरचना)
सिलेबस से संबंध
GS-III: अवसंरचना व लॉजिस्टिक्स | GS-VI: UP एक्सप्रेसवे व औद्योगिक कॉरिडोर
संदर्भ
29 अप्रैल 2026 को हरदोई में प्रधानमंत्री द्वारा लोकार्पण के बाद से चालू मेरठ-प्रयागराज एक्सप्रेसवे माल व यात्री परिवहन को बदल रहा है।
मुख्य तथ्य
~594 km, छह-लेन (8 तक विस्तार योग्य), एक्सेस-नियंत्रित; लागत लगभग ₹36,230 करोड़; 12 जिलों से होकर गुज़रता है।
मेरठ-प्रयागराज समय 10-12 घंटे से घटकर ~6 घंटे; सहारनपुर-प्रयागराज ट्रक 20-22 घंटे से 11-12 घंटे।
प्रस्तावित: शाहजहाँपुर में 3.5 km आपातकालीन हवाई पट्टी और ~2,635 हेक्टेयर विनिर्माण व लॉजिस्टिक्स कॉरिडोर।
74.467 km ग्रीनफील्ड लिंक (₹8,585.51 करोड़, UPEIDA) बुलंदशहर होकर नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, जेवर को एक्सप्रेसवे से जोड़ेगा।
आगे की राह
एक्सप्रेसवे-आधारित औद्योगिक नोड पश्चिमी UP से अवध व प्रयागराज क्षेत्रों तक विकास फैला सकते हैं और MSME व ODOP उत्पादों की लॉजिस्टिक्स लागत घटा सकते हैं।
अवधारणा
UPEIDA (उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण) राज्य के एक्सप्रेसवे बनाता है: पूर्वांचल, बुंदेलखंड, गोरखपुर लिंक, गंगा।
उत्तर प्रदेश के जिलों का मानचित्र, जिसमें मेरठ से प्रयागराज तक गंगा एक्सप्रेसवे के 12 जिले, हरदोई, शाहजहाँपुर हवाई पट्टी और जेवर लिंक जिला चिह्नित हैं। — StudyForGS
5. UP ने 32,673 MW की रिकॉर्ड अधिकतम बिजली मांग पूरी की; सस्ती PM-KUSUM सौर बिजली स्वीकृत
UP-ECONOMYUPPSC: प्रारंभिक + मुख्य GS-III (UP-विशेष GS-VI: UP ऊर्जा)
सिलेबस से संबंध
GS-III: ऊर्जा, नवीकरणीय बिजली | GS-VI: UP बिजली क्षेत्र
संदर्भ
22 अक्टूबर को जारी राज्य आंकड़ों के अनुसार पूरी की गई अधिकतम मांग 2014 से लगभग 2.7 गुना बढ़ी है; UPERC ने नए सौर बिजली खरीद समझौतों को मंजूरी दी है।
मुख्य तथ्य
24 जून 2026 को रिकॉर्ड 32,673 MW मांग पूरी; 2014 में 12,327 MW और 2017 में 16,110 MW।
आपूर्ति अनुसूची: जिला मुख्यालय 24 घंटे, तहसील मुख्यालय 21.5 घंटे, ग्रामीण क्षेत्र 18 घंटे।
UPERC ने PM-KUSUM घटक C-2 (फीडर-स्तरीय सौरीकरण) के तहत 10 PPA (19.7 MW)₹2.91-2.99/यूनिट पर स्वीकृत किए; सबसे कम बोली चित्रकूट से।
आगे की राह
बढ़ती मांग औद्योगिक व घरेलू विकास का संकेत है; फीडर सौरीकरण किसानों को दिन में बिजली देता है और डिस्कॉम पर सब्सिडी बोझ घटाता है।
अवधारणा
PM-KUSUM (2019): A = विकेंद्रीकृत सौर संयंत्र, B = स्वतंत्र सौर पंप, C = ग्रिड-संबद्ध पंपों का सौरीकरण (C-2: फीडर स्तर)।
उत्तर प्रदेश की पूरी की गई अधिकतम बिजली मांग का बार चार्ट: 2014 में 12,327 MW, 2017 में 16,110 MW और 24 जून 2026 को रिकॉर्ड 32,673 MW। — StudyForGS
6. UP की चार औद्योगिक इकाइयों के लिए ₹56.26 करोड़ के प्रोत्साहन स्वीकृत
UP-ECONOMYUPPSC: मुख्य GS-III (UP-विशेष GS-VI: औद्योगिक नीति)
सिलेबस से संबंध
GS-III: निवेश मॉडल | GS-VI: UP औद्योगिक नीतियाँ व क्षेत्रीय संतुलन
संदर्भ
मुख्य सचिव की अध्यक्षता में अधिकार प्राप्त समिति (12वीं बैठक) ने कोविड-19 त्वरित निवेश प्रोत्साहन नीति, 2020 के तहत प्रोत्साहन स्वीकृत किए।
इकाइयाँ पूर्वांचल, मध्यांचल और बुंदेलखंड में फैली हैं, जो संतुलित क्षेत्रीय विकास में सहायक हैं।
प्रोत्साहन 2025-26 और 2026-27 की शुरुआत के लिए तिमाही-वार प्रतिपूर्ति हैं।
आगे की राह
प्रोत्साहनों का समय पर वितरण निवेशकों का भरोसा बढ़ाता है और UP को NCR क्षेत्र से बाहर MoU को जमीनी परियोजनाओं में बदलने में मदद करता है।
'आज की खबरों में उत्तर प्रदेश' मानचित्र, जिसमें लखनऊ, गोरखपुर, बाराबंकी, हमीरपुर, अमेठी, अयोध्या, प्रयागराज, शाहजहाँपुर, मथुरा और चित्रकूट चिह्नित हैं; चार औद्योगिक प्रोत्साहन इकाइयाँ नीले रंग में। — StudyForGS
7. उज्ज्वला परिवारों को दो मुफ्त LPG रिफिल; 18 शहरों के लिए 1,725 AC ई-बसें
UP-SCHEMEUPPSC: प्रारंभिक + मुख्य GS-II/III (UP-विशेष GS-V: कल्याणकारी योजनाएँ)
कैबिनेट निर्णय अब लागू हो रहे हैं: PM उज्ज्वला लाभार्थियों के लिए दिवाली पर पहला मुफ्त रिफिल चरण (अक्टूबर-दिसंबर 2026) जारी है।
मुख्य तथ्य
लगभग 1.86 करोड़ उज्ज्वला परिवार; वित्त वर्ष 2026-27 के लिए अनुमानित लागत लगभग ₹2,143 करोड़।
चरण 1: अक्टूबर-दिसंबर 2026 (दिवाली); चरण 2: जनवरी-मार्च 2027 (होली); आधार-लिंक्ड बैंक खाता व प्रमाणीकरण आवश्यक; सब्सिडी DBT से।
18 शहरों के लिए ग्रॉस कॉस्ट कॉन्ट्रैक्ट मॉडल पर 1,725 AC इलेक्ट्रिक बसें: लखनऊ व कानपुर 300-300, वाराणसी 250, गोरखपुर 150।
आगे की राह
मुफ्त रिफिल उस 'रिफिल अंतर' को दूर करते हैं जो गरीब परिवारों को फिर चूल्हे की ओर ले जाता है; ई-बसें शहरी PM2.5 घटाती हैं और UP की EV नीति को बल देती हैं।
अवधारणा
ग्रॉस कॉस्ट कॉन्ट्रैक्ट: ऑपरेटर को प्रति-km निश्चित शुल्क मिलता है; किराया राजस्व का जोखिम सरकार के पास रहता है।
ई-बस आवंटन का क्षैतिज बार चार्ट: 18 शहरों की 1,725 बसों में से लखनऊ 300, कानपुर 300, वाराणसी 250, गोरखपुर 150 तथा आगरा, गाज़ियाबाद, मेरठ और नोएडा 100-100। — StudyForGS
8. गैंगस्टर एक्ट: संपत्ति कार्रवाई ₹15,233 करोड़ के पार; ज़ब्त भूमि पर गरीबों के लिए आवास
UP-LAW & ORDERUPPSC: मुख्य GS-II/III (UP-विशेष GS-VI: कानून-व्यवस्था)
सिलेबस से संबंध
GS-III: संगठित अपराध | GS-II: विधि का शासन, उचित प्रक्रिया | GS-VI: UP कानून-व्यवस्था
संदर्भ
22 अक्टूबर को जारी आंकड़ों के अनुसार UP गैंगस्टर एक्ट के तहत कुर्की/ध्वस्तीकरण/ज़ब्ती का संचयी मूल्य ₹15,233 करोड़ पहुँच गया है।
मुख्य तथ्य
मूल्य ₹1,800 करोड़ (अगस्त 2021) से बढ़कर ₹15,233 करोड़ (अक्टूबर 2026); कुल में कुर्की भी शामिल, केवल अंतिम ज़ब्ती नहीं।
मुक्त भूमि पर 148 फ्लैट बने: लूकरगंज, प्रयागराज में 76 (PMAY-U) और दलीबाग, लखनऊ में 72 EWS फ्लैट।
कसारी-मसारी, प्रयागराज: पद्मलोक आवास योजना के तहत 1,200 घर (शिलान्यास 15 अक्टूबर 2026) - कुल 1,348 हो जाएगा।
आगे की राह
आपराधिक संपत्तियों का गरीबों के लिए उपयोग प्रभावी निवारक है, पर इसमें उचित प्रक्रिया और ध्वस्तीकरण पर सर्वोच्च न्यायालय के दिशानिर्देशों का पालन ज़रूरी है।
अवधारणा
UP गिरोहबंद एवं समाज-विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम, 1986 - धारा 14 के तहत DM गिरोह अपराध से अर्जित संपत्ति कुर्क कर सकता है।
UP गैंगस्टर एक्ट के तहत संचयी संपत्ति कार्रवाई का बार चार्ट: अगस्त 2021 में ₹1,800 करोड़, मार्च 2023 में ₹9,022 करोड़, अगस्त 2023 में ₹11,841 करोड़, 2024 के अंत में ₹14,246 करोड़ और अक्टूबर 2026 में ₹15,233 करोड़। — StudyForGS
9. 10वें अयोध्या दीपोत्सव (5-7 नवंबर) में 33 लाख दीये; अशफ़ाक़उल्ला ख़ाँ को स्मरण
UP-CULTUREUPPSC: प्रारंभिक (UP-विशेष GS-V: UP संस्कृति व इतिहास)
सिलेबस से संबंध
GS-I: कला व संस्कृति, स्वतंत्रता संग्राम | GS-V: UP के मेले-त्योहार व स्वतंत्रता सेनानी
संदर्भ
10वें दीपोत्सव की तैयारियाँ अंतिम चरण में हैं; 22 अक्टूबर को काकोरी नायक अशफ़ाक़उल्ला ख़ाँ की जयंती थी।
मुख्य तथ्य
10वाँ दीपोत्सव, 5-7 नवंबर 2026: राम की पैड़ी से सरयू घाटों तक ~2 km में 33 लाख दीये; ~34,000 स्वयंसेवक।
सामग्री: ~65 लाख बत्तियाँ, 55,000 लीटर तेल, 150 kg कपूर।
अशफ़ाक़उल्ला ख़ाँ (जन्म 22 अक्टूबर 1900, शाहजहाँपुर), HRA सदस्य, काकोरी ट्रेन एक्शन (9 अगस्त 1925) में शामिल; 19 दिसंबर 1927 को फैजाबाद जेल में फाँसी।
आगे की राह
दीपोत्सव अयोध्या की धार्मिक-पर्यटन अर्थव्यवस्था का आधार है; काकोरी शहीद (बिस्मिल, अशफ़ाक़उल्ला, लाहिड़ी, रोशन सिंह) UP-PCS के प्रिय विषय हैं।
10. NSAP का नया रूप 'PM सामाजिक सहायता योजना', ₹53,428 करोड़ परिव्यय
NATIONALUPPSC: प्रारंभिक + मुख्य GS-II (कमज़ोर वर्गों का कल्याण)
सिलेबस से संबंध
GS-II: कल्याणकारी योजनाएँ, DPSP अनु. 41 | GS-V: UP में सामाजिक सुरक्षा कवरेज
संदर्भ
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम को नए नाम और शिथिल दिव्यांगता मानदंडों के साथ 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखा है।
मुख्य तथ्य
परिव्यय ₹53,428 करोड़; सभी 36 राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों में लगभग 3.20 करोड़ लाभार्थी।
उप-योजनाओं के नए नाम: PM वृद्धावस्था, PM विधवा, PM दिव्यांगजन पेंशन योजना और PM परिवार लाभ योजना।
दिव्यांग पेंशन: मानक दिव्यांगता 80% → 40%, जन्म से पात्रता; ₹375/माह (0-79 वर्ष), ₹625 (80+)।
आगे की राह
सबसे अधिक जनसंख्या वाला राज्य होने से UP में पेंशन लाभार्थी सर्वाधिक हैं; 40% मानदंड RPwD अधिनियम, 2016 के अनुरूप है और कवरेज बढ़ाता है।
अवधारणा
NSAP (1995) एक केंद्र प्रायोजित 'कोर ऑफ द कोर' योजना है जो अनुच्छेद 41 (वृद्धावस्था, बीमारी, दिव्यांगता में लोक सहायता) को लागू करती है।
PM सामाजिक सहायता योजना (₹53,428 करोड़, 2026-27 से 2030-31) का स्तंभ आरेख: PM वृद्धावस्था, PM विधवा, PM दिव्यांगजन पेंशन योजना और PM परिवार लाभ योजना, तथा दिव्यांगता मानदंड 80% से घटकर 40%। — StudyForGS
11. ISRO 30 अक्टूबर को NVS-03 नेविगेशन उपग्रह लॉन्च करेगा
SCI-TECHUPPSC: प्रारंभिक + मुख्य GS-III (अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी)
सिलेबस से संबंध
GS-III: अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, स्वदेशीकरण
संदर्भ
ISRO ने 22 अक्टूबर को घोषणा की कि दूसरी पीढ़ी का तीसरा NavIC उपग्रह श्रीहरिकोटा से GSLV Mk II द्वारा प्रक्षेपित होगा।
मुख्य तथ्य
NVS-03: NVS श्रृंखला का तीसरा और IRNSS/NavIC का 12वाँ उपग्रह; सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से प्रक्षेपण।
NavIC भारत और उसकी सीमा से लगभग 1,500 km आगे तक स्थिति, नेविगेशन व समय सेवाएँ देता है।
आगे की राह
पूर्ण NavIC समूह रक्षा, आपदा प्रबंधन और लॉजिस्टिक्स ट्रैकिंग में विदेशी GNSS पर निर्भरता घटाता है।
आज का डेटा पॉइंट
32,673 MW
UP द्वारा पूरी की गई रिकॉर्ड अधिकतम बिजली मांग 24 जून 2026 को पूरी की गई - 2014 की 12,327 MW अधिकतम मांग का लगभग 2.7 गुना।
प्रारंभिक परीक्षा रैपिड-फायर
नाम परिवर्तन: भदोही जिले का नाम संत रविदास नगर भदोही होगा (UP कैबिनेट, 9 अक्टूबर 2026)।
नामकरण: नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, जेवर का नाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर होगा (UP कैबिनेट निर्णय)।
तकनीकी मिशन: UP-AIM (UP AI मिशन): 5 लाख युवाओं को AI प्रशिक्षण, सभी 75 जिलों में AI केंद्र, 100+ AI स्टार्टअप को सहायता।
खेल: सुहास एल.वाई. (IAS, UP खेल विभाग) ने एशियाई पैरा खेल 2026 में पुरुष एकल SL4 पैरा-बैडमिंटन में कांस्य जीता।
उत्सव: अयोध्या रामलीला 2026 पहली बार दिल्ली में मंचित (10-20 अक्टूबर); आयोजकों का दावा 74 करोड़+ दर्शक, 57 देशों में।
अभ्यास MCQs — UPPSC Prelims पैटर्न
Q1. उत्तर प्रदेश विधान परिषद के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इसमें 100 सदस्य हैं। 2. इसके बारहवें भाग के सदस्य उन शिक्षकों द्वारा चुने जाते हैं जिन्होंने माध्यमिक विद्यालय से निम्न स्तर के न होने वाले संस्थानों में कम से कम तीन वर्ष पढ़ाया हो। 3. इसके छठे भाग के सदस्य राज्यपाल द्वारा मनोनीत किए जाते हैं। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
केवल 1 और 2
केवल 2 और 3
केवल 1 और 3
1, 2 और 3
उत्तर देखें
उत्तर: D UP परिषद में 100 सदस्य हैं; अनु. 171(3)(c) के तहत 1/12 शिक्षकों (3+ वर्ष, माध्यमिक स्तर व ऊपर) द्वारा और अनु. 171(3)(e) के तहत 1/6 राज्यपाल द्वारा मनोनीत। आज 11 स्नातक व शिक्षक सीटों पर मतदान है।
Q2. गंगा एक्सप्रेसवे मेरठ को प्रयागराज से जोड़ता है। निम्नलिखित में से किस जिले से होकर यह नहीं गुज़रता?
हरदोई
उन्नाव
कानपुर नगर
संभल
उत्तर देखें
उत्तर: C इसके 12 जिले हैं: मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूँ, शाहजहाँपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज - कानपुर नगर मार्ग में नहीं है।
मुख्य परीक्षा अभ्यास प्रश्न
Q. "एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के विकास की रीढ़ बन रहे हैं।" गंगा एक्सप्रेसवे और राज्य की औद्योगिक-कॉरिडोर रणनीति के संदर्भ में इस कथन का परीक्षण कीजिए। (UPPSC GS-VI, 125 शब्द)
संकेत / दृष्टिकोण
भूमिका: 594 km, 12 जिले, ₹36,230 करोड़। मुख्य भाग: यात्रा-समय व लॉजिस्टिक्स लाभ, औद्योगिक नोड/कॉरिडोर, हवाई अड्डा संपर्क (जेवर), संतुलित क्षेत्रीय विकास, रक्षा हवाई पट्टियाँ; चुनौतियाँ - भूमि अधिग्रहण, प्रेरित विकास, सुरक्षा, गंगा किनारे पारिस्थितिक चिंताएँ। निष्कर्ष: $1-ट्रिलियन UP अर्थव्यवस्था हेतु एकीकृत कॉरिडोर योजना।
📌 एक पंक्ति में रिवीज़न: UP परिषद 100 सीटें (आज 11 पर मतदान) | गंगा एक्सप्रेसवे 594 km, 12 जिले | बिजली शिखर 32,673 MW | दीपोत्सव 33 लाख दीये | NSAP → PM सामाजिक सहायता योजना।