उत्तर प्रदेश PSC (UPPCS) के लिए डेली करेंट अफेयर्स

UPPSC करेंट अफेयर्स — 16 October 2026

UPSIDA ने औद्योगिक भूखंड नियम आसान किए व ललितपुर फार्मा पार्क को मंजूरी; UP-AIM और SAF नीति-2026 कैबिनेट एजेंडे में सबसे आगे; राम मंदिर को FSSAI की सर्वोच्च रेटिंग

Friday, 16 October 2026 · IST · उत्तर प्रदेश + राष्ट्रीय · 12 टॉपिक · 2 MCQs

UPSIDA की 52वीं बोर्ड बैठक ने बड़े औद्योगिक भूखंडों के आवंटन की न्यूनतम सीमा घटाई और ललितपुर से कन्नौज तक की परियोजनाओं को मंजूरी दी, जबकि अयोध्या के राम मंदिर को FSSAI की 'अति विशिष्ट' खाद्य-सुरक्षा श्रेणी मिली। इस सप्ताह का कैबिनेट पैकेज — AI मिशन, सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल नीति, 1,725 AC ई-बसें और पूर्व अग्निवीरों को 20% आरक्षण — 23 अक्टूबर के विधान परिषद चुनाव से पहले यूपी के नीतिगत एजेंडे पर छाया है।

आज एक नज़र में — याद रखने वाली बातें

विस्तृत नोट्स

1. UPSIDA की 52वीं बोर्ड बैठक: औद्योगिक भूखंड आवंटन आसान; ललितपुर में PPP से फार्मा पार्क

UP-INFRAUPPSC: प्रारंभिक + मुख्य GS-III (यूपी-विशेष GS-VI)
सिलेबस से संबंधGS-III: उद्योग एवं अवसंरचना | GS-VI: यूपी की औद्योगिक नीति, क्षेत्रीय विकास
संदर्भउत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPSIDA) की 52वीं बोर्ड बैठक (16 अक्टूबर) में, अपर मुख्य सचिव (अवसंरचना एवं औद्योगिक विकास) आलोक कुमार की अध्यक्षता में, उद्योगों के लिए भूमि उपयोग तेज करने का पैकेज मंजूर हुआ।
मुख्य तथ्य
  • 500 वर्ग मीटर से बड़े भूखंडों के आवंटन हेतु न्यूनतम मूल्यांकन अंक 60 से घटाकर 50 किए गए।
  • ललितपुर में फार्मास्युटिकल पार्क (बुंदेलखंड) PPP मॉडल पर विकसित होगा।
  • हरदोई, चित्रकूट और मिर्जापुर में औद्योगिक क्षेत्रों हेतु भूमि अधिग्रहण को मंजूरी; कानपुर नगर में BPCL LPG बॉटलिंग प्लांट व टर्मिनल के लिए भूमि।
  • कन्नौज परफ्यूम पार्क का लेआउट प्लान स्वीकृत; ट्रांस गंगा सिटी, उन्नाव का संशोधित लेआउट मंजूर।
आगे की राहकम प्रवेश सीमा और स्वीकृत लेआउट निवेश MoU को ज़मीनी परियोजनाओं में बदलने में मदद करते हैं — और बुंदेलखंड (ललितपुर, चित्रकूट) व विंध्य (मिर्जापुर) के स्थल उद्योगों को पश्चिमी यूपी से बाहर फैलाते हैं।
अवधारणाUPSIDA (पूर्व में UPSIDC) नोएडा, ग्रेटर नोएडा और YEIDA प्राधिकरण क्षेत्रों के बाहर औद्योगिक क्षेत्रों के लिए राज्य की नोडल संस्था है।
उत्तर प्रदेश के जिलों का मानचित्र जिसमें ललितपुर (फार्मा पार्क), कन्नौज (परफ्यूम पार्क), कानपुर नगर (LPG प्लांट), उन्नाव (ट्रांस गंगा सिटी) तथा हरदोई, चित्रकूट, मिर्जापुर (भूमि अधिग्रहण) दर्शाए गए हैं।
उत्तर प्रदेश के जिलों का मानचित्र जिसमें ललितपुर (फार्मा पार्क), कन्नौज (परफ्यूम पार्क), कानपुर नगर (LPG प्लांट), उन्नाव (ट्रांस गंगा सिटी) तथा हरदोई, चित्रकूट, मिर्जापुर (भूमि अधिग्रहण) दर्शाए गए हैं। — StudyForGS

2. अयोध्या राम मंदिर को FSSAI की सर्वोच्च 'अति विशिष्ट' खाद्य-सुरक्षा रेटिंग

UP-CULTUREUPPSC: प्रारंभिक + मुख्य GS-II (यूपी-विशेष GS-V)
सिलेबस से संबंधGS-II: स्वास्थ्य एवं नियामक संस्थाएँ | GS-V: यूपी की संस्कृति, तीर्थ पर्यटन
संदर्भश्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र को FSSAI की 'ईट राइट प्लेस ऑफ वर्शिप' (BHOG) पहल में सर्वोच्च श्रेणी मिली; प्रमाणपत्र 11 अक्टूबर 2026 को अयोध्या में प्रदान किया गया।
मुख्य तथ्य
  • 47 मानकों वाली चेकलिस्ट पर 103/114 अंक — रसोई स्वच्छता, भंडारण, परोसने का स्थान, खाद्य प्रबंधन।
  • वैधता 2 वर्ष (11 अक्टूबर 2026 – 10 अक्टूबर 2028); ट्रस्ट हर पखवाड़े आंतरिक अनुपालन समीक्षा करेगा।
  • BHOG = Blissful Hygienic Offering to God — सुरक्षित प्रसाद व लंगर हेतु ईट राइट इंडिया के अंतर्गत FSSAI की पहल।
  • श्रेणियाँ: अति विशिष्ट 100–114, संतोषजनक 91–99, 77–90 पुनः ऑडिट, 77 से कम पुनः आवेदन; हनुमानगढ़ी, कनक भवन व देवकाली मंदिर भी प्रमाणित।
आगे की राहबढ़ती श्रद्धालु संख्या ने मंदिर रसोई को बड़े पैमाने का खाद्य संचालन बना दिया है; प्रमाणन धार्मिक पर्यटन को जन-स्वास्थ्य मानकों से जोड़ता है — दीपोत्सव की भीड़ से पहले अत्यंत आवश्यक।
अवधारणाFSSAI खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत एक वैधानिक निकाय है (स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय), मुख्यालय नई दिल्ली।
FSSAI 'ईट राइट प्लेस ऑफ वर्शिप' रेटिंग श्रेणियों का क्षैतिज बैंड चार्ट, जिसमें तीर अयोध्या राम मंदिर के 114 में से 103 अंक को 'अति विशिष्ट' श्रेणी में दर्शाता है।
FSSAI 'ईट राइट प्लेस ऑफ वर्शिप' रेटिंग श्रेणियों का क्षैतिज बैंड चार्ट, जिसमें तीर अयोध्या राम मंदिर के 114 में से 103 अंक को 'अति विशिष्ट' श्रेणी में दर्शाता है। — StudyForGS

3. उत्तर प्रदेश विधान परिषद: स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों का मतदान 23 अक्टूबर को

UP-POLITYUPPSC: प्रारंभिक + मुख्य GS-II (यूपी-विशेष GS-V)
सिलेबस से संबंधGS-II: राज्य विधानमंडल (अनुच्छेद 169, 171) | GS-V: यूपी की राजव्यवस्था
संदर्भमुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने द्विवार्षिक विधान परिषद चुनाव से पहले आगरा और गाजियाबाद में स्नातक–शिक्षक मतदाता सम्मेलनों को संबोधित किया (16 अक्टूबर)।
मुख्य तथ्य
  • स्नातक व शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की 11 सीटें — इनमें वाराणसी, मेरठ, आगरा, इलाहाबाद-झाँसी, गोरखपुर-फैजाबाद शामिल।
  • 152 प्रत्याशी, 14.81 लाख+ मतदाता, 2,697 बूथ; मतदान 23 अक्टूबर, मतगणना 27 अक्टूबर।
  • अनुच्छेद 171(3): 1/12 सदस्य 3 वर्ष पुराने स्नातकों द्वारा और 1/12 शिक्षकों (माध्यमिक स्तर व ऊपर, 3 वर्ष) द्वारा निर्वाचित।
  • उत्तर प्रदेश विधान परिषद में 100 सदस्य; सदस्य का कार्यकाल 6 वर्ष, हर 2 वर्ष में एक-तिहाई सेवानिवृत्त।
आगे की राहयूपी द्विसदनीय विधानमंडल वाले केवल छह राज्यों में से एक है; विशेष स्नातक व शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शिक्षित मतदाताओं को सीधी आवाज़ देते हैं — प्रारंभिक परीक्षा का पारंपरिक क्षेत्र।
अवधारणाअनुच्छेद 169: विधानसभा द्वारा विशेष बहुमत से पारित संकल्प पर संसद कानून बनाकर विधान परिषद का सृजन या उत्सादन कर सकती है; ऐसा कानून अनुच्छेद 368 के तहत संविधान संशोधन नहीं माना जाता।

4. UP-AIM: राज्य AI मिशन को मंजूरी, साथ में ₹1,725 करोड़ की स्किल-ज़ोन योजना

UP-SCHEMEUPPSC: प्रारंभिक + मुख्य GS-III (यूपी-विशेष GS-VI)
सिलेबस से संबंधGS-III: विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, रोज़गार | GS-VI: यूपी की योजनाएँ
संदर्भकैबिनेट (9 अक्टूबर) ने उत्तर प्रदेश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मिशन (UP-AIM) को IT एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के अधीन स्वतंत्र सोसाइटी के रूप में मंजूरी दी।
मुख्य तथ्य
  • लक्ष्य: 100+ AI उपयोग-मामले (25–30 बड़े स्तर पर), 100 AI स्टार्टअप को सहायता, 5 लाख युवाओं का प्रशिक्षण, 50,000 फ़ॉरवर्ड-डिप्लॉयड AI पेशेवर।
  • सभी 75 जिलों में AI केंद्र और GPU-आधारित कंप्यूटिंग के साथ एकीकृत UP AI स्टैक।
  • साथ में निर्णय: सरदार वल्लभभाई पटेल कौशल प्रशिक्षण एवं रोज़गार ज़ोन योजना — 3 वर्षों में ₹1,725 करोड़, 9 ज़ोन, हब-एंड-स्पोक मॉडल।
  • पहले चरण के केंद्र: लखनऊ, कानपुर, गोरखपुर, गौतम बुद्ध नगर, झाँसी।
आगे की राहराज्य की AI अवसंरचना को व्यापक कौशल विकास से जोड़ना यूपी के एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था लक्ष्य के केंद्र में है और राष्ट्रीय इंडियाAI मिशन से मेल खाता है।
अवधारणाइंडियाAI मिशन (2024, परिव्यय ₹10,372 करोड़): कंप्यूट क्षमता, डेटासेट, फाउंडेशन मॉडल, AI कौशल और स्टार्टअप वित्तपोषण।
छह रंगीन आँकड़ा-टाइलें जो UP-AIM के लक्ष्य दिखाती हैं: 100+ AI उपयोग-मामले, 100 AI स्टार्टअप, 5 लाख युवाओं का प्रशिक्षण, 50,000 AI पेशेवर, 75 जिलों में AI केंद्र और ₹1,725 करोड़ की स्किल-ज़ोन योजना।
छह रंगीन आँकड़ा-टाइलें जो UP-AIM के लक्ष्य दिखाती हैं: 100+ AI उपयोग-मामले, 100 AI स्टार्टअप, 5 लाख युवाओं का प्रशिक्षण, 50,000 AI पेशेवर, 75 जिलों में AI केंद्र और ₹1,725 करोड़ की स्किल-ज़ोन योजना। — StudyForGS

5. सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल विनिर्माण प्रोत्साहन नीति-2026

UP-ECONOMYUPPSC: प्रारंभिक + मुख्य GS-III (यूपी-विशेष GS-VI)
सिलेबस से संबंधGS-III: ऊर्जा, पर्यावरण, निवेश मॉडल | GS-VI: यूपी की औद्योगिक एवं ऊर्जा नीति
संदर्भ9 अक्टूबर को कैबिनेट द्वारा स्वीकृत समर्पित SAF विनिर्माण नीति के साथ यूपी इस क्षेत्र में अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है।
मुख्य तथ्य
  • पूँजी निवेश के आधार पर इकाई श्रेणियाँ: लार्ज ₹200–500 करोड़, मेगा ₹500–1,500 करोड़, अल्ट्रा-मेगा ₹1,500 करोड़ से अधिक।
  • 10 वर्ष तक विद्युत शुल्क में 100% छूट, साथ ही स्टांप शुल्क राहत, शुद्ध SGST प्रतिपूर्ति, ब्याज व कौशल सब्सिडी, पेटेंट शुल्क प्रतिपूर्ति।
  • नोडल एजेंसी: UPNEDA, इसके निदेशक की अध्यक्षता में मूल्यांकन समिति; नीति की अवधि 5 वर्ष।
  • अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए भारत के सांकेतिक SAF मिश्रण लक्ष्य: 2027 तक 1%, 2028 तक 2%।
आगे की राहSAF फसल अवशेष, प्रयुक्त खाद्य तेल और गन्ना-एथेनॉल को जेट ईंधन में बदल सकता है — पराली जलाना घटेगा, किसानों की आय बढ़ेगी और जेवर विमानन हब के आसपास हरित रोज़गार बनेंगे।
अवधारणाSAF जैव या अपशिष्ट फीडस्टॉक से बना 'ड्रॉप-इन' जेट ईंधन है; अंतरराष्ट्रीय विमानन की कार्बन-तटस्थ वृद्धि हेतु ICAO की CORSIA योजना में इसकी केंद्रीय भूमिका है।
यूपी की SAF नीति का फ़्लोचार्ट: फीडस्टॉक से SAF संयंत्र, नोडल एजेंसी UPNEDA और जेट-ईंधन मिश्रण तक, तीन इकाई श्रेणियों सहित — लार्ज ₹200–500 करोड़, मेगा ₹500–1,500 करोड़, अल्ट्रा-मेगा ₹1,500 करोड़ से अधिक।
यूपी की SAF नीति का फ़्लोचार्ट: फीडस्टॉक से SAF संयंत्र, नोडल एजेंसी UPNEDA और जेट-ईंधन मिश्रण तक, तीन इकाई श्रेणियों सहित — लार्ज ₹200–500 करोड़, मेगा ₹500–1,500 करोड़, अल्ट्रा-मेगा ₹1,500 करोड़ से अधिक। — StudyForGS

6. 18 शहरों के लिए 12 वर्षीय GCC मॉडल पर 1,725 AC इलेक्ट्रिक बसें

UP-INFRAUPPSC: प्रारंभिक + मुख्य GS-III (यूपी-विशेष GS-VI)
सिलेबस से संबंधGS-III: शहरी अवसंरचना, प्रदूषण | GS-VI: यूपी का शहरी विकास
संदर्भकैबिनेट ने ग्रॉस कॉस्ट कॉन्ट्रैक्ट के तहत 18 शहरों के लिए वातानुकूलित ई-बसों को मंजूरी दी — यूपी के इलेक्ट्रिक सिटी-बस बेड़े का अब तक का सबसे बड़ा विस्तार।
मुख्य तथ्य
  • आवंटन: लखनऊ व कानपुर 300-300, वाराणसी 250, गोरखपुर 150; आगरा, गाजियाबाद, मेरठ, नोएडा (जेवर सहित) 100-100।
  • 12 वर्ष का GCC मॉडल: निजी ऑपरेटर बसें खरीदेंगे, चलाएँगे और चार्जिंग डिपो बनाएँगे; किराया राज्य तय करेगा।
  • सब्सिडी ₹40 लाख प्रति 12-मीटर बस और ₹35 लाख प्रति 9-मीटर बस; नगर निगम व नोएडा प्राधिकरण डिपो हेतु निःशुल्क भूमि देंगे।
  • वर्तमान में 15 नगर निगमों में 743 ई-बसें चल रही हैं।
आगे की राहस्वच्छ सार्वजनिक परिवहन PM2.5 प्रदूषण से जूझ रहे शहरों को लक्षित करता है, जबकि GCC संचालन जोखिम निजी ऑपरेटरों पर डालता है और किराया सार्वजनिक नियंत्रण में रखता है।
अवधारणाग्रॉस कॉस्ट कॉन्ट्रैक्ट: ऑपरेटर को प्रति किमी तय दर से भुगतान होता है, जबकि किराया राजस्व (और यात्री-संख्या जोखिम) सार्वजनिक प्राधिकरण के पास रहता है।
ई-बस आवंटन का क्षैतिज बार चार्ट: लखनऊ व कानपुर 300-300, वाराणसी 250, गोरखपुर 150, आगरा, गाजियाबाद, मेरठ व नोएडा 100-100, अयोध्या, प्रयागराज व मथुरा-वृंदावन 50-50 और सात अन्य शहर 25-25।
ई-बस आवंटन का क्षैतिज बार चार्ट: लखनऊ व कानपुर 300-300, वाराणसी 250, गोरखपुर 150, आगरा, गाजियाबाद, मेरठ व नोएडा 100-100, अयोध्या, प्रयागराज व मथुरा-वृंदावन 50-50 और सात अन्य शहर 25-25। — StudyForGS

7. चार वर्दीधारी सेवाओं में पूर्व अग्निवीरों को 20% आरक्षण

UP-GOVERNANCEUPPSC: प्रारंभिक + मुख्य GS-II (यूपी-विशेष GS-V)
सिलेबस से संबंधGS-II: आरक्षण, कमज़ोर वर्गों का कल्याण | GS-III: आंतरिक सुरक्षा
संदर्भकैबिनेट ने चार वर्षीय सैन्य कार्यकाल के बाद लौटने वाले अग्निवीरों को समायोजित करने हेतु सेवा भर्ती नियमों में संशोधन किया।
मुख्य तथ्य
  • पुलिस, वन, कारागार और परिवहन विभाग की भर्ती में पूर्व अग्निवीरों के लिए 20% पद आरक्षित।
  • अधिकतम आयु सीमा 25 से बढ़ाकर 28 वर्ष (3 वर्ष की छूट)।
  • अभ्यर्थियों को अपनी मूल आरक्षण श्रेणी का लाभ मिलता रहेगा — यह क्षैतिज आरक्षण है।
  • अग्निपथ योजना (जून 2022): 4 वर्ष का कार्यकाल; अधिकतम 25% नियमित कैडर में बनाए रखे जाते हैं।
आगे की राहप्रशिक्षित युवाओं को सेवा के बाद करियर का रास्ता मिलता है और राज्य पुलिस व वन बलों को अनुशासित, मैदान के लिए तैयार कर्मी मिलते हैं।
अवधारणाऊर्ध्वाधर आरक्षण (SC/ST/OBC/EWS) बनाम क्षैतिज आरक्षण (महिलाएँ, पूर्व सैनिक, दिव्यांग), जो ऊर्ध्वाधर श्रेणियों के भीतर लागू होता है — इंद्रा साहनी (1992); सौरव यादव (2020)।

8. दो नामकरण: जेवर हवाई अड्डे का प्रस्ताव और संत रविदास नगर भदोही

UP-CULTUREUPPSC: प्रारंभिक + मुख्य GS-II (यूपी-विशेष GS-V)
सिलेबस से संबंधGS-II: केंद्र–राज्य प्रक्रियाएँ | GS-V: यूपी के जिले, इतिहास एवं संस्कृति
संदर्भकैबिनेट ने नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के नाम परिवर्तन का प्रस्ताव किया और कालीन जिले का नाम 'संत रविदास नगर भदोही' बहाल करने को मंजूरी दी।
मुख्य तथ्य
  • नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, जेवर (गौतम बुद्ध नगर) → प्रस्तावित नाम 'नरेंद्र मोदी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, नोएडा-जेवर'; हवाई अड्डों के नाम का निर्णय केंद्रीय कैबिनेट करती है, फिर राजपत्र अधिसूचना।
  • पहले चरण का उद्घाटन मार्च 2026 में; यह दिल्ली-NCR का दूसरा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है।
  • भदोही 1994 में वाराणसी से अलग कर बना; 1997, 1999 और 2014 में नाम बदला — यह इसका चौथा बड़ा नाम परिवर्तन है।
  • जिलों के नाम बदलने की शक्ति: धारा 6(2), उ.प्र. राजस्व संहिता, 2006। 15वीं सदी के भक्ति संत रविदास का जन्म वाराणसी में हुआ था।
आगे की राहनामकरण का सांस्कृतिक व राजनीतिक प्रतीकात्मक महत्व है, पर परीक्षा का पक्ष प्रक्रिया है: हवाई अड्डों के नाम के लिए केंद्र की मंजूरी चाहिए, जबकि जिलों का नाम राज्य अपने राजस्व कानून के तहत बदलता है।
अवधारणाभदोही के हाथ से बुने कालीनों को GI टैग प्राप्त है; भदोही–मिर्जापुर क्षेत्र भारत का सबसे बड़ा हस्तनिर्मित कालीन क्लस्टर है।
लोकेटर मानचित्र 'आज की खबरों में उत्तर प्रदेश', जिसमें संत रविदास नगर भदोही, गौतम बुद्ध नगर (जेवर हवाई अड्डा), अयोध्या, प्रयागराज तथा आगरा व गाजियाबाद (MLC मतदाता सम्मेलन) दर्शाए गए हैं।
लोकेटर मानचित्र 'आज की खबरों में उत्तर प्रदेश', जिसमें संत रविदास नगर भदोही, गौतम बुद्ध नगर (जेवर हवाई अड्डा), अयोध्या, प्रयागराज तथा आगरा व गाजियाबाद (MLC मतदाता सम्मेलन) दर्शाए गए हैं। — StudyForGS

9. व्यापार सुगमता त्रयी: मॉडल बिल्डिंग रेगुलेशन, स्टार्टअप प्रोक्योरमेंट और ब्याज माफी

UP-GOVERNANCEUPPSC: प्रारंभिक + मुख्य GS-III (यूपी-विशेष GS-VI)
सिलेबस से संबंधGS-III: शहरीकरण, निवेश माहौल | GS-VI: यूपी के शासन सुधार
संदर्भतीन कैबिनेट स्वीकृतियाँ तेज़ अनुमोदन, स्टार्टअप्स के लिए सरकारी बाज़ार तक पहुँच और कर बकाया निपटान पर केंद्रित हैं।
मुख्य तथ्य
  • औद्योगिक प्राधिकरणों (नोएडा, ग्रेटर नोएडा, YEIDA) हेतु मॉडल बिल्डिंग रेगुलेशन-2026: 45 मीटर से चौड़ी सड़कों पर भूखंडों के लिए FAR सीमा हटाई गई।
  • लाइसेंसधारी विशेषज्ञों के नक्शों को 60 दिन में स्वतः स्वीकृति — आवासीय भूखंड 500 वर्ग मीटर तक, व्यावसायिक 200 वर्ग मीटर तक; ऊँची इमारतों का हर 5 वर्ष में संरचनात्मक ऑडिट।
  • स्टार्टअप प्रोक्योरमेंट योजना-2026: यूपी स्टार्टअप मिशन द्वारा संचालित समर्पित UP स्टार्टअप ई-मार्केटप्लेस।
  • ब्याज माफी योजना-2026: 31 दिसंबर 2025 तक के कर बकाया पर ब्याज व जुर्माना माफी की 3 माह की अवधि।
आगे की राहस्वतः स्वीकृति और अधिक FAR विवेकाधिकार व देरी को कम करते हैं, पर निवासियों की सुरक्षा हेतु मज़बूत संरचनात्मक-सुरक्षा व अग्नि ऑडिट भी ज़रूरी हैं।
अवधारणाFAR (फ्लोर एरिया रेशियो) = कुल निर्मित फर्श क्षेत्रफल ÷ भूखंड क्षेत्रफल; अधिक FAR से सघन व ऊँचा निर्माण संभव होता है।

10. पहली BIMSTEC गृह मंत्रियों की बैठक में दिल्ली घोषणा-पत्र अंगीकृत

NATIONALUPPSC: प्रारंभिक + मुख्य GS-II (अंतरराष्ट्रीय संबंध) व GS-III (सुरक्षा)
सिलेबस से संबंधGS-II: क्षेत्रीय समूह | GS-III: आतंकवाद, संगठित अपराध
संदर्भभारत ने 13 अक्टूबर को नई दिल्ली में पहली BIMSTEC गृह मंत्रियों की बैठक की मेज़बानी की, जिसकी अध्यक्षता केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने की।
मुख्य तथ्य
  • सुरक्षित, लचीले और समृद्ध बंगाल की खाड़ी के लिए दिल्ली घोषणा-पत्र अंगीकृत।
  • प्राथमिक क्षेत्र: आतंकवाद-रोधी, संगठित अपराध व मादक पदार्थ, मानव तस्करी, साइबर अपराध, विधिक सहयोग।
  • BIMSTEC: स्थापना 6 जून 1997 (बैंकॉक घोषणा); 7 सदस्य; सचिवालय ढाका में।
आगे की राहभारत की 'पड़ोसी प्रथम' और 'एक्ट ईस्ट' नीतियों को कठोर सुरक्षा क्षेत्र तक विस्तार देता है, जिससे बंगाल की खाड़ी को अपनी क्षेत्रीय सुरक्षा संरचना मिलती है।
माइंड मैप जिसके केंद्र में दिल्ली घोषणा-पत्र है और छह प्राथमिक क्षेत्र: आतंकवाद-रोधी, संगठित अपराध व मादक पदार्थ, मानव तस्करी, साइबर अपराध, विधिक सहयोग व प्रत्यर्पण, और आपदा तैयारी।
माइंड मैप जिसके केंद्र में दिल्ली घोषणा-पत्र है और छह प्राथमिक क्षेत्र: आतंकवाद-रोधी, संगठित अपराध व मादक पदार्थ, मानव तस्करी, साइबर अपराध, विधिक सहयोग व प्रत्यर्पण, और आपदा तैयारी। — StudyForGS

11. वैश्विक नवाचार सूचकांक 2026: 139 अर्थव्यवस्थाओं में भारत 38वें स्थान पर

ECONOMYUPPSC: प्रारंभिक + मुख्य GS-III
सिलेबस से संबंधGS-III: नवाचार, विज्ञान-प्रौद्योगिकी, सूचकांक एवं रिपोर्ट
संदर्भWIPO के 19वें वैश्विक नवाचार सूचकांक में भारत 38वें स्थान पर बना हुआ है, आउटपुट स्कोर मज़बूत है।
मुख्य तथ्य
  • भारत: कुल 38वाँ; नवाचार इनपुट में 49वाँ, आउटपुट में 25वाँ; 36 निम्न-मध्यम आय अर्थव्यवस्थाओं में पहला।
  • शीर्ष 5: स्विट्ज़रलैंड, स्वीडन, अमेरिका, कोरिया गणराज्य, सिंगापुर।
  • ICT सेवा निर्यात में भारत पहला; क्लस्टर — बेंगलुरु 25वाँ, दिल्ली 27वाँ।
आगे की राहइनपुट–आउटपुट अंतर दिखाता है कि भारत सीमित R&D व संस्थागत इनपुट को मज़बूत आउटपुट में बदलता है; R&D खर्च बढ़ाना अगला कदम है।

12. ULLAS के तहत लक्षद्वीप भारत का पहला पूर्ण साक्षर केंद्रशासित प्रदेश घोषित

NATIONALUPPSC: प्रारंभिक + मुख्य GS-II
सिलेबस से संबंधGS-II: शिक्षा, सरकारी योजनाएँ
संदर्भप्रशासक प्रफुल्ल पटेल ने 12 अक्टूबर को यह उपलब्धि घोषित की, जब सभी चिन्हित शिक्षार्थियों ने साक्षरता परीक्षा उत्तीर्ण की।
मुख्य तथ्य
  • सभी 1,113 चिन्हित निरक्षरों ने FLNAT (बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान मूल्यांकन परीक्षा) उत्तीर्ण की।
  • उल्लास – नव भारत साक्षरता कार्यक्रम (2022–27) 15+ आयु के निरक्षरों को लक्षित करता है; 95%+ साक्षरता = 'पूर्ण साक्षर'।
  • मिज़ोरम पहला पूर्ण साक्षर राज्य बना था (मई 2025)।
आगे की राहयूपी के लिए एक मानक, जहाँ वयस्क साक्षरता का अंतर अभी बड़ा है; घर-घर मूल्यांकन बताता है कि अंतिम छोर के शिक्षार्थियों तक कैसे पहुँचा जाए।

आज का डेटा पॉइंट

1,725
यूपी के शहरों के लिए स्वीकृत AC इलेक्ट्रिक बसें
18 शहर, 12 वर्षीय GCC मॉडल; लखनऊ और कानपुर को 300-300 बसें।

प्रारंभिक परीक्षा रैपिड-फायर

दीपोत्सव 2026 (10वाँ संस्करण): अयोध्या, 5–7 नवंबर — राम की पैड़ी व सरयू घाटों पर 33 लाख दीये।
पद्म लोक आवास योजना: प्रयागराज विकास प्राधिकरण द्वारा मुक्त कराई गई भूमि पर लगभग 600 फ्लैट; 15 अक्टूबर को शिलान्यास।
राज्य राजमार्ग-84 (मैनपुरी): चार लेन में चौड़ीकरण होगा (कैबिनेट, 9 अक्टूबर)।
धान खरीद नीति: खरीफ विपणन सत्र 2026-27 हेतु स्वीकृत।
70वीं राज्य स्तरीय विद्यालयी कबड्डी प्रतियोगिता: जुबली इंटर कॉलेज, गोरखपुर में आयोजित।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाएँ: कैबिनेट ने प्रत्येक को एक अतिरिक्त साड़ी स्वीकृत की।

अभ्यास MCQs — UPPSC Prelims पैटर्न

Q1. उत्तर प्रदेश की सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल विनिर्माण प्रोत्साहन नीति-2026 के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. UPNEDA इस नीति की नोडल एजेंसी है। 2. 'मेगा' इकाइयाँ वे हैं जिनका पूँजी निवेश ₹1,500 करोड़ से अधिक है। 3. पात्र इकाइयों को 10 वर्ष तक विद्युत शुल्क में 100% छूट मिलती है। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?

  1. केवल 1 और 2
  2. केवल 1 और 3
  3. केवल 2 और 3
  4. 1, 2 और 3
उत्तर देखें
उत्तर: B
मेगा इकाइयाँ ₹500–1,500 करोड़ की होती हैं; ₹1,500 करोड़ से अधिक की इकाइयाँ 'अल्ट्रा-मेगा' हैं। कथन 1 और 3 सही हैं।

Q2. राज्य विधान परिषद के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इसके एक-बारहवें सदस्य राज्य में रहने वाले कम से कम तीन वर्ष पुराने स्नातकों द्वारा निर्वाचित होते हैं। 2. एक-बारहवें सदस्य माध्यमिक विद्यालय से अनिम्न स्तर की संस्थाओं में कम से कम तीन वर्ष से कार्यरत शिक्षकों द्वारा निर्वाचित होते हैं। 3. परिषद को समाप्त करने वाला संसद का कानून अनुच्छेद 368 के तहत संविधान संशोधन है। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?

  1. केवल 1 और 2
  2. केवल 2 और 3
  3. केवल 1 और 3
  4. 1, 2 और 3
उत्तर देखें
उत्तर: A
अनुच्छेद 171(3) स्नातक व शिक्षक कोटा का प्रावधान करता है। अनुच्छेद 169(3) के अनुसार परिषद के सृजन या उत्सादन का कानून अनुच्छेद 368 के तहत संशोधन नहीं माना जाता। यूपी की स्नातक–शिक्षक सीटों पर 23 अक्टूबर को मतदान है।

मुख्य परीक्षा अभ्यास प्रश्न

Q. उत्तर प्रदेश MoU-आधारित निवेश प्रोत्साहन से क्रियान्वयन-आधारित औद्योगीकरण की ओर बढ़ रहा है। UP-AIM, SAF नीति-2026 और मॉडल बिल्डिंग रेगुलेशन जैसे हालिया नीतिगत कदमों तथा क्षेत्रीय संतुलन की चुनौती के संदर्भ में विवेचना कीजिए। (125 शब्द, 8 अंक)

संकेत / दृष्टिकोण
भूमिका: ट्रिलियन डॉलर लक्ष्य और निवेश MoU। मुख्य भाग: क्षेत्रीय नीतियाँ (AI, SAF), अनुमोदन सुधार (स्वतः स्वीकृति, FAR), भूमि आपूर्ति (बुंदेलखंड/विंध्य में UPSIDA स्थल), कौशल (₹1,725 करोड़ के ज़ोन)। चुनौतियाँ: पश्चिमी यूपी में केंद्रीकरण, भूमि अधिग्रहण, सुरक्षा ऑडिट। निष्कर्ष: जिला-स्तरीय क्रियान्वयन और क्षेत्रीय समता।
📌 एक पंक्ति में रिवीज़न: UP-AIM → 75 जिलों में AI केंद्र | SAF नीति → UPNEDA, 10 वर्ष शुल्क छूट | 1,725 ई-बसें / 18 शहर | विधान परिषद चुनाव 23 अक्टूबर (अनु. 171) | राम मंदिर FSSAI 103/114
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