Monday, 12 October 2026 · IST · उत्तर प्रदेश + राष्ट्रीय · 10 टॉपिक · 2 MCQs
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आज से ₹2,441 प्रति क्विंटल MSP पर 65 LMT लक्ष्य के साथ सरकारी धान खरीद शुरू हो रही है, वहीं राज्य वृद्धावस्था, निराश्रित महिला और दिव्यांग पेंशन ₹1,000 से बढ़ाकर ₹1,500 करने की ओर बढ़ रहा है। 9 अक्टूबर की कैबिनेट के फैसले — यूपी-एआईएम, सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल नीति-2026, 18 शहरों के लिए 1,725 ई-बसें और पूर्व अग्निवीरों को 20% आरक्षण — आज के यूपी घटनाक्रम का मुख्य हिस्सा हैं।
आज एक नज़र में — याद रखने वाली बातें
पश्चिमी यूपी में आज से धान खरीद (15 फरवरी तक); MSP ₹2,441/क्विंटल, लक्ष्य 65 LMT।
वृद्धावस्था, निराश्रित महिला व दिव्यांग पेंशन ₹1,000 → ₹1,500 होगी; 1.21 करोड़ लाभार्थी।
लखनऊ में गोमती 13 सेमी तक घटी; फैजुल्लागंज–नैमिषारण्य तटबंध सर्वे का निर्देश।
UP-AIM स्वीकृत: 75 जिलों में AI केंद्र, 100 स्टार्टअप, 5 लाख युवाओं का प्रशिक्षण।
SAF नीति-2026: फसल अवशेष से जेट ईंधन; अल्ट्रा-मेगा इकाइयाँ ₹1,500 करोड़ से अधिक; नोडल UPNEDA।
18 शहरों के लिए 12 वर्ष के GCC मॉडल पर 1,725 एसी ई-बसें; ₹265 करोड़ का लखनऊ बस टर्मिनल।
पूर्व अग्निवीरों को पुलिस, कारागार, वन, परिवहन में 20% आरक्षण; 9 ज़ोन में ₹1,725 करोड़ के कौशल ज़ोन।
NHRC का 33वाँ स्थापना दिवस: CJI ने सुरक्षित, भरोसेमंद जल को अनुच्छेद 21 का हिस्सा बताया।
INS मंगरोल — कोचीन शिपयार्ड का तीसरा ASW उथला जल पोत, 80%+ स्वदेशी।
विस्तृत नोट्स
1. पश्चिमी यूपी में आज से धान खरीद शुरू; खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 का लक्ष्य 65 LMT
UP-AGRIUPPSC: Prelims + Mains GS-III (यूपी विशेष GS-VI)
सिलेबस से संबंध
GS-III: MSP, खाद्य सुरक्षा, कृषि विपणन | GS-VI: यूपी कृषि एवं खरीद व्यवस्था
संदर्भ
9 अक्टूबर को यूपी कैबिनेट से स्वीकृत खरीफ विपणन वर्ष (KMY) 2026-27 की धान खरीद नीति के तहत पश्चिमी यूपी में आज से सरकारी खरीद शुरू हो रही है।
मुख्य तथ्य
खरीद अवधि: पश्चिमी यूपी 12 अक्टूबर 2026 – 15 फरवरी 2027; पूर्वी यूपी 1 नवंबर 2026 – 28 फरवरी 2027।
MSP: ₹2,441 प्रति क्विंटल (सामान्य) और ₹2,461 प्रति क्विंटल (ग्रेड A) धान।
राज्य का लक्ष्य पिछले सीज़न के 62 LMT से बढ़ाकर 65 लाख मीट्रिक टन (LMT) किया गया।
सरकारी क्रय केंद्रों पर धान बेचने के लिए किसानों का ऑनलाइन पंजीकरण अनिवार्य है।
आगे की राह
समय पर खरीद से कटाई के समय MSP से कम दाम पर मजबूरी में बिक्री रुकती है, और पश्चिम/पूर्व का अलग कैलेंडर यूपी के अलग-अलग कटाई चक्रों से मेल खाता है।
अवधारणा
MSP की घोषणा केंद्र सरकार CACP की सिफारिश पर 22 अनिवार्य फसलों के लिए करती है; राज्य केंद्रीकृत या विकेंद्रीकृत खरीद प्रणाली के तहत केंद्रीय पूल के लिए धान खरीदते हैं।
बार चार्ट: यूपी धान खरीद लक्ष्य 62 LMT से बढ़कर 65 LMT, MSP ₹2,441 (सामान्य) और ₹2,461 (ग्रेड A) प्रति क्विंटल, तथा पश्चिम/पूर्व खरीद अवधि। — StudyForGS
2. सामाजिक सुरक्षा पेंशन ₹1,000 से बढ़ाकर ₹1,500 प्रति माह करने की तैयारी
UP-WELFAREUPPSC: Prelims + Mains GS-II (यूपी विशेष GS-V)
सिलेबस से संबंध
GS-II: कमजोर वर्गों हेतु कल्याणकारी योजनाएँ | GS-V: यूपी की सामाजिक क्षेत्र योजनाएँ
संदर्भ
प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंज़ूरी मिल चुकी है और अब कैबिनेट की स्वीकृति शेष है; धनराशि दिसंबर में अपेक्षित दूसरे अनुपूरक बजट से दी जा सकती है।
मुख्य तथ्य
मासिक पेंशन ₹1,000 → ₹1,500 (₹12,000 → ₹18,000 प्रति वर्ष)।
लगभग 1.21 करोड़ लोग शामिल: 67 लाख+ वृद्धावस्था, 42 लाख+ निराश्रित महिला और ~12 लाख दिव्यांग पेंशनधारी।
पिछला संशोधन 2017 में हुआ था (₹500 → ₹1,000)।
मंज़ूरी मिलने पर बढ़ी राशि वित्त वर्ष 2026-27 की तीसरी तिमाही से मिल सकती है।
आगे की राह
1.21 करोड़ लोगों के लिए 50% वृद्धि राज्य के सबसे बड़े प्रत्यक्ष हस्तांतरण विस्तारों में है; पूर्ण कवरेज पर अतिरिक्त व्यय अनुमानतः ₹7,000 करोड़+ प्रति वर्ष — Mains के लिए कल्याण बनाम राजकोषीय संतुलन का उपयोगी उदाहरण।
अवधारणा
अनुच्छेद 41 (DPSP) राज्य को वृद्धावस्था, बीमारी और निःशक्तता में लोक सहायता देने का निर्देश देता है; केंद्र के राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) में राज्य अपनी ओर से राशि जोड़ते हैं।
डोनट चार्ट: यूपी के लगभग 1.21 करोड़ पेंशन लाभार्थी — 67 लाख वृद्धावस्था, 42 लाख निराश्रित महिला और 12 लाख दिव्यांग, प्रस्तावित वृद्धि ₹1,000 से ₹1,500 प्रति माह। — StudyForGS
3. लखनऊ में गोमती की बाढ़ घटी; फैजुल्लागंज से नैमिषारण्य तक तटबंध का सर्वे
UP-DISASTERUPPSC: Mains GS-III (यूपी विशेष GS-VI)
सिलेबस से संबंध
GS-III: आपदा प्रबंधन, शहरी बाढ़ | GS-VI: यूपी की नदियाँ, बाढ़ एवं नगरीय नियोजन
संदर्भ
लखनऊ के निचले इलाकों में बाढ़ जैसे हालात के बाद 12 अक्टूबर को अधिकारियों ने बताया कि गोमती का जलस्तर एक दिन में 13 सेमी तक घटा।
मुख्य तथ्य
नदी का स्तर 105.60 मीटर से नीचे आने तक बैराज के गेट खुले रहेंगे।
सिंचाई विभाग फैजुल्लागंज (लखनऊ) से नैमिषारण्य (सीतापुर) तक प्रस्तावित तटबंध का सर्वे करेगा।
सप्ताह की शुरुआत में 52 नावें और हयात नगर में राहत शिविर लगाए गए; नीमसार (सीतापुर) में ऊपरी गेज पर जलस्तर पहले से घट रहा था।
गोमती भूजल-पोषित गंगा की सहायक नदी है, जो पीलीभीत के पास गोमत ताल से निकलकर कैथी (गाजीपुर) के पास गंगा में मिलती है।
आगे की राह
बाढ़ क्षेत्र में अतिक्रमण और जल-निकासी की बाधाएँ नदी के मामूली उफान को शहरी आपदा बना देती हैं — यूपी के शहरों में बाढ़ क्षेत्र ज़ोनिंग और ड्रेनेज नियोजन पर Mains का क्लासिक उदाहरण।
अवधारणा
आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के तहत मुख्यमंत्री की अध्यक्षता वाला यूपी राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण राज्य आपदा प्रबंधन योजना तैयार करता है।
योजनाबद्ध मानचित्र 'आज की खबरों में उत्तर प्रदेश': जिला सीमाओं के साथ लखनऊ व सीतापुर (गोमती बाढ़), बलरामपुर (देवीपाटन), भदोही (नाम परिवर्तन), गौतम बुद्ध नगर (जेवर एयरपोर्ट), मिर्जापुर व मुजफ्फरनगर (नया शहर योजना) तथा मैनपुरी (SH-84) के चिह्न। — StudyForGS
4. 25,000+ आउटसोर्स बिजली कर्मियों की बहाली का रास्ता साफ; सेवा आयु 60 वर्ष
UP-GOVERNANCEUPPSC: Mains GS-II/GS-III (यूपी विशेष GS-V)
सिलेबस से संबंध
GS-III: ऊर्जा क्षेत्र, श्रम मुद्दे | GS-V: यूपी के सार्वजनिक उपक्रम
संदर्भ
उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) ने 12 अक्टूबर को कर्मचारी संगठनों के साथ बैठक में पिछले दो वर्षों में हटाए गए आउटसोर्स कर्मियों की वापसी पर सहमति दी।
मुख्य तथ्य
पहले हटाए गए 25,000 से अधिक आउटसोर्स बिजली कर्मियों की वापसी हो सकेगी (दो वर्ष पहले ~85,000 कार्यरत थे)।
आउटसोर्स सेवा की अधिकतम आयु 55 से बढ़ाकर 60 वर्ष की गई।
55 वर्ष से अधिक आयु वालों को पंजीकृत चिकित्सक का फिटनेस प्रमाणपत्र और इच्छा का शपथपत्र देना होगा।
सेवा अवधि बढ़ाने के लिए आउटसोर्सिंग एजेंसियों के अनुबंधों में संशोधन होगा।
आगे की राह
त्योहारी सीज़न की अधिकतम मांग से पहले वितरण नेटवर्क में फील्ड कर्मियों की कमी दूर होगी, और सार्वजनिक उपयोगिताओं में संविदाकरण का बड़ा मुद्दा सामने आता है।
5. कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मिशन (UP-AIM) को मंज़ूरी दी
UP-SCHEMEUPPSC: Prelims + Mains GS-III (यूपी विशेष GS-VI)
सिलेबस से संबंध
GS-III: विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, IT, रोज़गार | GS-VI: यूपी IT एवं स्टार्टअप नीति
संदर्भ
9 अक्टूबर को स्वीकृत 39 प्रस्तावों में शामिल UP-AIM, IT एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के अधीन एक स्वतंत्र सोसाइटी के रूप में काम करेगा।
मुख्य तथ्य
प्रशिक्षण, नवाचार, रोज़गार और उद्यमिता के लिए सभी 75 जिलों में AI केंद्र।
कम से कम 100 AI स्टार्टअप को सहायता; 5 लाख युवाओं को AI कौशल प्रशिक्षण।
50,000 फॉरवर्ड-डिप्लॉयड AI पेशेवर; 100+ AI उपयोग मामले, जिनमें से 25-30 को बड़े स्तर पर लागू किया जाएगा।
इसी बैठक में यूपी स्टार्टअप प्रोक्योरमेंट योजना-2026 को मंज़ूरी — पंजीकृत स्टार्टअप से सरकारी खरीद हेतु यूपी स्टार्टअप ई-मार्केटप्लेस।
आगे की राह
यूपी को राष्ट्रीय इंडियाएआई मिशन से जोड़ता है, जिला स्तर के शासन में AI ला सकता है और राज्य की बड़ी युवा आबादी में रोज़गार-योग्य डिजिटल कौशल बनाता है।
अवधारणा
इंडियाएआई मिशन (2024): ₹10,371.92 करोड़ का राष्ट्रीय कार्यक्रम, जिसके स्तंभों में AI कंप्यूट क्षमता, डेटासेट प्लेटफ़ॉर्म (AIKosh), नवाचार केंद्र और स्टार्टअप वित्तपोषण शामिल हैं।
UP-AIM के आँकड़े: 75 जिला AI केंद्र, 100 AI स्टार्टअप, 5 लाख युवा प्रशिक्षित, 50,000 AI पेशेवर और 100+ AI उपयोग मामले। — StudyForGS
6. उत्तर प्रदेश सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल (SAF) विनिर्माण प्रोत्साहन नीति-2026 स्वीकृत
UP-ECONOMYUPPSC: Prelims + Mains GS-III (यूपी विशेष GS-VI)
सिलेबस से संबंध
GS-III: ऊर्जा, पर्यावरण, निवेश | GS-VI: यूपी औद्योगिक एवं ऊर्जा नीति
संदर्भ
नीति का उद्देश्य राज्य के फसल अवशेष, गन्ना और एथेनॉल आधार का उपयोग कर यूपी को SAF विनिर्माण केंद्र बनाना है।
मुख्य तथ्य
कच्चा माल: धान की भूसी, गेहूँ का भूसा, गन्ने की खोई, नगरीय कचरा और अखाद्य तिलहन।
प्रौद्योगिकियाँ: पायरोलिसिस, गैसीकरण और अल्कोहल-टू-जेट (ATJ)।
इकाई श्रेणियाँ: बड़ी ₹200–500 करोड़, मेगा ₹500–1,500 करोड़, अल्ट्रा-मेगा ₹1,500 करोड़ से अधिक।
10 वर्ष तक 100% विद्युत शुल्क छूट, शुद्ध SGST प्रतिपूर्ति, स्टांप शुल्क राहत; नोडल एजेंसी UPNEDA; नीति 5 वर्ष के लिए मान्य।
आगे की राह
पराली और खोई को उच्च-मूल्य ईंधन में बदलती है — फसल अवशेष जलाना घटेगा, चीनी मिलों को सहारा मिलेगा और भारत के SAF मिश्रण लक्ष्यों में मदद होगी।
अवधारणा
अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए भारत के सांकेतिक SAF मिश्रण लक्ष्य: 2027 तक 1% और 2028 तक 2%।
यूपी SAF नीति-2026 का प्रवाह चित्र: कच्चा माल (धान भूसी, गेहूँ भूसा, खोई, नगरीय कचरा, अखाद्य तिलहन) से प्रौद्योगिकी (पायरोलिसिस, गैसीकरण, अल्कोहल-टू-जेट) होते हुए SAF तक, साथ में बड़ी, मेगा और अल्ट्रा-मेगा निवेश श्रेणियाँ तथा प्रमुख प्रोत्साहन। — StudyForGS
7. 18 शहरों के लिए 1,725 एसी इलेक्ट्रिक बसें; लखनऊ में एकीकृत बस टर्मिनल
UP-INFRAUPPSC: Prelims + Mains GS-III (यूपी विशेष GS-VI)
कैबिनेट ने निजी ऑपरेटरों के साथ 12 वर्ष के लिए ग्रॉस कॉस्ट कॉन्ट्रैक्ट (GCC) मॉडल पर ई-बस सेवा को मंज़ूरी दी।
मुख्य तथ्य
18 शहरों में 1,725 वातानुकूलित ई-बसें, जिनमें लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, प्रयागराज, अयोध्या, गोरखपुर और नोएडा (जेवर सहित) शामिल हैं।
ऑपरेटर बसें व चार्जर खरीदेंगे तथा स्टाफ और रखरखाव संभालेंगे; किराया राज्य तय करेगा; डिपो की भूमि नगर निकाय/नोएडा प्राधिकरण निःशुल्क देंगे।
वर्तमान में 15 नगर निगमों में 743 ई-बसें चल रही हैं।
लखनऊ की वृंदावन विहार योजना में PPP पर एकीकृत बस टर्मिनल, अनुमानित लागत ₹265 करोड़।
आगे की राह
GCC पूँजीगत जोखिम ऑपरेटरों पर डालता है और प्रति किमी भुगतान करता है — पीएम ई-बस सेवा में यही मॉडल है — जिससे NCR और यूपी के बड़े शहरों में हवा स्वच्छ होगी।
अवधारणा
ग्रॉस कॉस्ट कॉन्ट्रैक्ट: प्राधिकरण किराया राजस्व रखता है और ऑपरेटर को प्रति किमी तय दर देता है, जबकि नेट-कॉस्ट मॉडल में किराया ऑपरेटर रखता है।
उत्तर प्रदेश का योजनाबद्ध मानचित्र: ई-बस वाले 18 शहरों के क्रमांकित चिह्न तथा कौशल ज़ोन के पहले चरण के पाँच केंद्रों — लखनऊ, कानपुर नगर, गोरखपुर, गौतम बुद्ध नगर और झाँसी — के रंगे हुए जिले। — StudyForGS
8. पूर्व अग्निवीरों को 20% आरक्षण; ₹1,725 करोड़ के सरदार पटेल कौशल एवं रोज़गार ज़ोन
UP-GOVERNANCEUPPSC: Prelims + Mains GS-II/GS-III (यूपी विशेष GS-V)
सिलेबस से संबंध
GS-II: सरकारी नीतियाँ, भर्ती | GS-III: कौशल विकास एवं रोज़गार | GS-V: यूपी शासन
संदर्भ
9 अक्टूबर की कैबिनेट बैठक के युवा-रोज़गार से जुड़े दो फैसले।
मुख्य तथ्य
पूर्व अग्निवीरों को पुलिस, कारागार, वन और परिवहन विभाग के पदों पर 20% आरक्षण।
ऊपरी आयु सीमा में 3 वर्ष की छूट; मूल आरक्षण श्रेणी का लाभ भी बना रहेगा।
सरदार वल्लभभाई पटेल कौशल प्रशिक्षण एवं रोज़गार ज़ोन योजना: 3 वर्ष में ₹1,725 करोड़; 75 जिले 9 ज़ोन में (हब-एंड-स्पोक)।
पहले चरण के केंद्र: लखनऊ, कानपुर, गोरखपुर, गौतम बुद्ध नगर, झाँसी, छात्रावास और प्लेसमेंट सेल सहित।
आगे की राह
अग्निपथ के चार वर्षीय सैनिकों को वर्दीधारी सेवाओं में दूसरा करियर मिलेगा, और ज़ोन मॉडल कौशल को प्लेसमेंट से जोड़ता है — दोनों का लक्ष्य यूपी का विशाल युवा कार्यबल है।
अवधारणा
अग्निपथ योजना (2022): सशस्त्र बलों में 4 वर्ष के लिए भर्ती; हर बैच के अधिकतम 25% को नियमित कैडर में रखा जा सकता है।
दो स्तंभों वाला चित्र: बायाँ स्तंभ पूर्व अग्निवीर (पुलिस, कारागार, वन, परिवहन में 20% आरक्षण; 3 वर्ष आयु छूट), दायाँ स्तंभ सरदार पटेल कौशल ज़ोन (₹1,725 करोड़, 3 वर्ष, 9 ज़ोन, पहले चरण के 5 केंद्र)। — StudyForGS
9. NHRC का 33वाँ स्थापना दिवस; CJI बोले — जल का अधिकार यानी सुरक्षित और भरोसेमंद आपूर्ति
POLITYUPPSC: Prelims + Mains GS-II
सिलेबस से संबंध
GS-II: वैधानिक निकाय, मानवाधिकार, अनुच्छेद 21
संदर्भ
12 अक्टूबर को विज्ञान भवन, नई दिल्ली में भारत के मुख्य न्यायाधीश ने आयोग के जल के अधिकार पर राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित किया।
मुख्य तथ्य
CJI सूर्यकांत: अनुच्छेद 21 के तहत पानी सुरक्षित, भरोसेमंद और सुलभ होना चाहिए — केवल नल कनेक्शन जल तक पहुँच नहीं है।
NHRC की स्थापना 12 अक्टूबर 1993 को मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 के तहत हुई; अध्यक्ष न्यायमूर्ति वी. रामासुब्रमण्यन।
33 वर्षों में 24 लाख से अधिक मामले दर्ज, निपटान दर 98% से अधिक; NHRC India मोबाइल ऐप लॉन्च।
संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 2010 में सुरक्षित पेयजल और स्वच्छता को मानवाधिकार माना।
आगे की राह
एक वैधानिक निकाय के कार्य को अनुच्छेद 21 की विस्तृत व्याख्या से जोड़ता है — NHRC की शक्तियों और जल को मानवाधिकार मानने वाले प्रश्नों के लिए उपयोगी।
अवधारणा
NHRC एक वैधानिक (संवैधानिक नहीं) निकाय है; इसके अध्यक्ष — पूर्व CJI या सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश — की नियुक्ति राष्ट्रपति प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली समिति की सिफारिश पर करते हैं।
10. नौसेना ने तीसरे पनडुब्बी-रोधी उथले जल पोत INS मंगरोल को कमीशन किया
NATIONALUPPSC: Prelims + Mains GS-III (सुरक्षा)
सिलेबस से संबंध
GS-III: समुद्री सुरक्षा, रक्षा स्वदेशीकरण
संदर्भ
12 अक्टूबर को मुंबई में कमीशन किया गया यह पोत तटीय पनडुब्बी-रोधी रक्षा को मज़बूत करता है।
मुख्य तथ्य
कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड द्वारा निर्मित; शिपयार्ड का तीसरा पनडुब्बी-रोधी उथला जल पोत (ASW-SWC)।
80% से अधिक स्वदेशी सामग्री।
भूमिका: समुद्री गश्ती विमानों, हेलीकॉप्टरों और अन्य युद्धपोतों के साथ तटीय जल में पनडुब्बियों की खोज।
नाम गुजरात के जूनागढ़ जिले के मछली बंदरगाह कस्बे मंगरोल पर रखा गया।
आगे की राह
उथले जल के ASW पोत हिंद महासागर में पनडुब्बी खतरों के विरुद्ध तटीय रक्षा की कमी पूरी करते हैं और आत्मनिर्भर जहाज़ निर्माण को दर्शाते हैं।
अवधारणा
नौसेना ने 16 ASW-SWC का ऑर्डर दिया: 8 GRSE से (अर्नाला श्रेणी) और 8 कोचीन शिपयार्ड से (माहे श्रेणी)।
आज का डेटा पॉइंट
1.21 crore
यूपी में सामाजिक सुरक्षा पेंशनधारी प्रस्तावित मासिक पेंशन ₹1,500 (₹1,000 से); पिछली वृद्धि 2017 में
प्रारंभिक परीक्षा रैपिड-फायर
नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (जेवर, गौतम बुद्ध नगर) → प्रस्तावित नाम नरेंद्र मोदी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, नोएडा-जेवर (केंद्र की मंज़ूरी आवश्यक)।
भदोही जिला → संत रविदास नगर भदोही; GI टैग प्राप्त हस्तनिर्मित कालीनों के लिए प्रसिद्ध।
मुख्यमंत्री ने देवीपाटन, तुलसीपुर (बलरामपुर) — एक शक्तिपीठ — में नवरात्रि के पहले दिन (11 अक्टूबर) ₹803 करोड़ की 78 परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास किया।
उज्ज्वला लाभार्थियों को वित्त वर्ष 2026-27 में दो मुफ्त LPG रिफिल (दीवाली व होली); व्यय ₹2,142.78 करोड़।
आयुष इंटर्न का मासिक स्टाइपेंड दोगुना: ₹7,500 → ₹15,000।
नया शहर प्रोत्साहन योजना: मिर्जापुर-विंध्याचल व मुजफ्फरनगर प्राधिकरणों को ₹115 करोड़ की पहली किस्त (वित्त वर्ष 27 में ₹3,500 करोड़ का प्रावधान)।
अभ्यास MCQs — UPPSC Prelims पैटर्न
Q1. उत्तर प्रदेश सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल विनिर्माण प्रोत्साहन नीति-2026 के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. UPNEDA इस नीति की नोडल एजेंसी है। 2. ₹1,500 करोड़ से अधिक पूँजी निवेश वाली इकाइयाँ 'अल्ट्रा-मेगा' श्रेणी में हैं। 3. इसमें 20 वर्ष तक 100% विद्युत शुल्क छूट दी गई है। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
केवल 1
केवल 2 और 3
केवल 1 और 2
1, 2 और 3
उत्तर देखें
उत्तर: c UPNEDA नोडल एजेंसी है और ₹1,500 करोड़ से अधिक की इकाइयाँ अल्ट्रा-मेगा हैं। विद्युत शुल्क छूट 10 वर्ष तक है, 20 वर्ष नहीं।
Q2. गोमती नदी के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. यह पीलीभीत के पास गोमत ताल से निकलती है। 2. यह घाघरा की सहायक नदी है। 3. लखनऊ और जौनपुर इसके तट पर स्थित हैं। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
केवल 1 और 2
केवल 1 और 3
केवल 2 और 3
1, 2 और 3
उत्तर देखें
उत्तर: b गोमती पीलीभीत के पास गोमत ताल से निकलकर लखनऊ, सुल्तानपुर और जौनपुर से होते हुए गाजीपुर जिले में कैथी के पास गंगा (घाघरा नहीं) में मिलती है।
मुख्य परीक्षा अभ्यास प्रश्न
Q. सामाजिक सुरक्षा पेंशन और MSP पर खरीद उत्तर प्रदेश में समावेशी विकास के दो प्रमुख साधन हैं। हाल के फैसलों के आलोक में इनके कल्याणकारी और राजकोषीय प्रभावों का आलोचनात्मक परीक्षण कीजिए। (125 शब्द)
संकेत / दृष्टिकोण
भूमिका: पेंशन वृद्धि प्रस्ताव (1.21 करोड़ के लिए ₹1,000 → ₹1,500) और 65 LMT धान लक्ष्य। मुख्य भाग: कल्याणकारी लाभ (बुजुर्गों, विधवाओं, दिव्यांगों के लिए आय सुरक्षा; मजबूरी में बिक्री पर रोक), राजकोषीय लागत (~₹7,000 करोड़+ प्रति वर्ष, अनुपूरक बजट), क्रियान्वयन मुद्दे (DBT, पंजीकरण, समय पर भुगतान, रिसाव)। आगे की राह: पेंशन को महँगाई से जोड़ना, विकेंद्रीकृत खरीद को मज़बूत करना, सामाजिक अंकेक्षण।
📌 एक पंक्ति में रिवीज़न: पश्चिमी यूपी में धान खरीद शुरू (65 LMT, MSP ₹2,441) • 1.21 करोड़ के लिए पेंशन ₹1,000 → ₹1,500 प्रस्तावित • UP-AIM: 75 जिलों में AI केंद्र • SAF नीति-2026 (UPNEDA) • 18 शहरों में 1,725 ई-बसें • पूर्व अग्निवीरों को 20% आरक्षण • NHRC दिवस: अनुच्छेद 21 में जल।