मध्य प्रदेश कैबिनेट ने 13,790 करोड़ रुपये का पैकेज मंजूर किया (140 खेल परिसर, सिंचाई व न्यायपालिका पर बड़ा जोर); भारत ने कांडला में पहला बंदरगाह-आधारित ई-मेथनॉल संयंत्र शुरू किया; कुनो में चीतों की संख्या 56 पहुँची।
Tuesday, 29 September 2026 · IST · मध्य प्रदेश + राष्ट्रीय · 10 टॉपिक · 2 MCQs
आज का दिन मध्य प्रदेश के नाम रहा: राज्य कैबिनेट ने 16वें वित्त आयोग काल के लिए 13,790 करोड़ रुपये का विकास पैकेज मंजूर किया, GIS-2027 की तैयारी में 20,193 करोड़ रुपये के नए प्रस्ताव आए, और प्रोजेक्ट चीता के तहत कुनो में चीतों की संख्या 56 पार कर गई। राष्ट्रीय स्तर पर भारत ने कांडला में पहला बंदरगाह-आधारित ई-मेथनॉल संयंत्र शुरू किया और पहली LNG-चालित ट्रेन को हरी झंडी दी, जबकि UNGA ने समुद्र-स्तर वृद्धि पर ऐतिहासिक घोषणा-पत्र अपनाया और वायुसेना ने जोधपुर में तरंग शक्ति 2026 अभ्यास आयोजित किया।
आज एक नज़र में — याद रखने वाली बातें
मप्र कैबिनेट ने 16वें वित्त आयोग काल (2026-31) के लिए 13,790 करोड़ रुपये का पैकेज मंजूर किया।
सभी विधानसभा क्षेत्रों में 140 मुख्यमंत्री खेल परिसर; 962.5 करोड़ रुपये स्वीकृत।
मप्र न्यायपालिका को 4,000+ करोड़ रुपये — हाईकोर्ट, कुटुंब न्यायालय, ग्राम न्यायालय व विधिक सहायता।
GIS-2027 तैयारी: 20,193 करोड़ रुपये के प्रस्ताव, 27,592 रोजगार; शिखर सम्मेलन जनवरी 2027।
कुनो में चीते बढ़कर 56; भारत-जन्मी चीता ने 4 शावकों को जन्म दिया; गांधी सागर में CCB-2।
लाड़ली बहना 40वीं किस्त: 1.25 करोड़ महिलाओं को 1,500 रुपये प्रत्येक (1,835 करोड़ रुपये)।
भारत का पहला बंदरगाह-आधारित ई-मेथनॉल संयंत्रकांडला में शुरू (2,300 करोड़ रुपये, 150 TPD)।
भारत की पहली LNG-चालित ट्रेनसाबरमती से रवाना; डीजल खपत ~40% घटेगी।
UNGA ने समुद्र-स्तर वृद्धि पर घोषणा-पत्र अपनाया; डूबते राष्ट्रों की राज्यीयता मानी जाएगी।
वायुसेना ने जोधपुर में तरंग शक्ति 2026 अभ्यास आयोजित किया; पहली बार F-35 शामिल।
विस्तृत नोट्स
1. मप्र कैबिनेट ने 13,790 करोड़ रुपये का विकास पैकेज मंजूर किया
MADHYA PRADESHMPPSC: प्रारंभिक + मुख्य GS-II (शासन) व GS-III (अवसंरचना)
सिलेबस से संबंध
MPPSC प्रारंभिक (मप्र राजव्यवस्था व योजनाएँ) + मुख्य GS-II राज्य शासन / GS-III अवसंरचना, सिंचाई, ऊर्जा।
संदर्भ
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मध्य प्रदेश कैबिनेट ने खेल, सिंचाई, ताप विद्युत व न्यायपालिका को कवर करने वाले बड़े विकास पैकेज को मंजूरी दी, जो 16वें वित्त आयोग की अवधि के अनुरूप है।
मुख्य तथ्य
कुल पैकेज: 16वें वित्त आयोग काल (1 अप्रैल 2026 - 31 मार्च 2031) हेतु 13,790 करोड़ रुपये।
सभी 140 लक्षित विधानसभा क्षेत्रों में मुख्यमंत्री खेल परिसरों हेतु 962.50 करोड़ रुपये, मुख्य मैदानों पर स्थायी हेलीपैड सहित।
3 प्रमुख सिंचाई परियोजनाओं (राजगढ़ में सुथालिया व पार्वती-रिंसी; जावद-नीमच सूक्ष्म सिंचाई) हेतु लगभग 4,968 करोड़ रुपये, 88,000+ हेक्टेयर जुड़ेंगे।
प्रतिस्पर्धी बोली के माध्यम से 2,800 मेगावाट ताप विद्युत खरीदी जाएगी।
समयबद्ध क्रियान्वयन व परिणाम-निगरानी ही तय करेगी कि खेल व सिंचाई व्यय रोजगार, ग्रामीण आय व स्थानीय प्रतिभा में बदले।
अवधारणा
16वाँ वित्त आयोग (अध्यक्ष: अरविंद पनगढ़िया) 2026-31 हेतु हस्तांतरण की सिफारिश करता है; राज्य इसी के इर्द-गिर्द बहु-वर्षीय व्यय की योजना बनाते हैं। ग्राम न्यायालय ग्राम न्यायालय अधिनियम, 2008 के तहत ग्राम-स्तरीय न्यायालय हैं।
13,790 करोड़ रुपये के मप्र कैबिनेट पैकेज का न्यायपालिका, सिंचाई, खेल परिसर, वाणिज्यिक-कर योजनाओं व अन्य मदों में विभाजन दर्शाता बार चार्ट। — StudyForGS
2. GIS-2027 तैयारी: मप्र को 20,193 करोड़ रुपये के नए निवेश प्रस्ताव
MADHYA PRADESHMPPSC: प्रारंभिक + मुख्य GS-III (अर्थव्यवस्था व उद्योग)
सिलेबस से संबंध
MPPSC प्रारंभिक (मप्र अर्थव्यवस्था, निवेश सम्मेलन) + मुख्य GS-III औद्योगिक नीति, रोजगार, निवेश जुटाव।
संदर्भ
ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS)-2027 से पहले मध्य प्रदेश ने क्षेत्रीय कॉन्क्लेव व दिल्ली निवेश संवाद के माध्यम से निवेशक-आउटरीच जारी रखी, जिससे उभरते क्षेत्रों में प्रस्ताव आए।
मुख्य तथ्य
20,193 करोड़ रुपये के नए प्रस्ताव, अनुमानित 27,592 प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार।
GIS-2027जनवरी 2027 में प्रस्तावित; पिछले GIS-2025 में 33 लाख करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्ताव आए थे।
प्रमुख क्षेत्र: सेमीकंडक्टर, डेटा सेंटर, IT व AI, वस्त्र, रक्षा विनिर्माण, नवीकरणीय ऊर्जा।
PM मित्र वस्त्र पार्क, धार में स्थापना के तुरंत बाद 90% भूखंड आवंटन।
मप्र अवसंरचना: 5 लाख किमी सड़क नेटवर्क, 8 हवाई अड्डे, 6 अंतरराष्ट्रीय कंटेनर सुविधाएँ।
आगे की राह
MoU को धरातल पर उतारना — निवेश सम्मेलनों की स्थायी कमी — ही GIS-2027 के रोजगार वादे की असली परीक्षा होगी।
अवधारणा
PM मित्र (मेगा एकीकृत वस्त्र क्षेत्र व परिधान) पार्क '5F' — फार्म से फाइबर, फैक्ट्री, फैशन व फॉरेन — के तहत संपूर्ण वस्त्र मूल्य-श्रृंखला का लक्ष्य रखते हैं। मप्र अग्रणी कपास व परिधान राज्य है।
मप्र के 20,193 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों का दिल्ली निवेश संवाद व वस्त्र कॉन्क्लेव के बीच विभाजन दर्शाता डोनट चार्ट। — StudyForGS
3. प्रोजेक्ट चीता: कुनो में चीतों की संख्या बढ़कर 56 हुई
ENVIRONMENTMPPSC: प्रारंभिक + मुख्य GS-III (पर्यावरण व पारिस्थितिकी)
सिलेबस से संबंध
MPPSC प्रारंभिक (मप्र वन्यजीव, राष्ट्रीय उद्यान) + मुख्य GS-III संरक्षण, प्रजाति पुनर्स्थापन, जैवविविधता।
संदर्भ
कुनो राष्ट्रीय उद्यान में एक भारत-जन्मी चीता ने चार शावकों को जन्म दिया, जिससे वहाँ चीतों की कुल संख्या 56 हो गई, जबकि चीता CCB-2 गांधी सागर वन्यजीव अभयारण्य के दूसरे आवास में शामिल हुआ।
मुख्य तथ्य
भारत-जन्मी चीता द्वारा 4 शावकों को जन्म देने के बाद कुनो में चीतों की संख्या 56 हुई।
चीता CCB-2 को दूसरे चीता आवास गांधी सागर वन्यजीव अभयारण्य (मंदसौर-नीमच) में स्थानांतरित किया गया।
प्रोजेक्ट चीता17 सितम्बर 2022 को नामीबिया व दक्षिण अफ्रीका के चीतों के साथ शुरू — विश्व का पहला अंतरमहाद्वीपीय बड़ी-बिल्ली स्थानांतरण।
मप्र भारत का 'टाइगर स्टेट' है और अब एकमात्र चीता-युक्त राज्य; कुनो श्योपुर जिले में स्थित है।
अन्य बड़ी-बिल्ली उद्यान: कान्हा, बांधवगढ़, पेंच, पन्ना, सतपुड़ा।
आगे की राह
गांधी सागर में जंगली-जन्म उत्तरजीविता दर बनाए रखना व शिकार-आधार बढ़ाना मप्र में आत्मनिर्भर मेटा-जनसंख्या हेतु महत्वपूर्ण है।
अवधारणा
चीता (Acinonyx jubatus) विश्व का सबसे तेज़ स्थलीय प्राणी है; एशियाई चीता को भारत में 1952 में विलुप्त घोषित किया गया था। पुनर्स्थापन में अफ्रीकी उप-प्रजाति का उपयोग हुआ। IUCN स्थिति: संवेदनशील (Vulnerable)।
भारत के टाइगर व चीता राज्य के रूप में मध्य प्रदेश का तथ्य-पत्रक, कुनो में चीतों की संख्या व प्रमुख राष्ट्रीय उद्यानों सहित। — StudyForGS
4. लाड़ली बहना योजना: 1.25 करोड़ महिलाओं को 1,500 रुपये की 40वीं किस्त
MADHYA PRADESHMPPSC: प्रारंभिक + मुख्य GS-II (सामाजिक न्याय व महिला सशक्तिकरण)
सिलेबस से संबंध
MPPSC प्रारंभिक (मप्र प्रमुख योजनाएँ) + मुख्य GS-II कल्याण योजनाएँ, महिला व कमजोर-वर्ग सशक्तिकरण।
संदर्भ
मध्य प्रदेश सरकार ने महिलाओं हेतु राज्य की प्रमुख प्रत्यक्ष-लाभ योजना, मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की 40वीं किस्त लाभार्थियों के बैंक खातों में जारी की।
मुख्य तथ्य
लगभग 1.25 करोड़ महिलाओं को 1,500 रुपये प्रत्येक की 40वीं किस्त (कुल ~1,835 करोड़ रुपये)।
योजना 2023 में शुरू; 21-60 वर्ष की पात्र महिलाओं को मासिक वित्तीय सहायता।
भुगतान आधार-लिंक्ड बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से।
त्योहारी माह में पूर्व में कुछ किस्तें (जैसे राखी) आधार 1,500 रुपये से अधिक रही हैं।
लाभार्थी संख्या के हिसाब से भारत की सबसे बड़ी राज्य-संचालित महिला नकद-अंतरण योजनाओं में से एक।
आगे की राह
राजकोषीय स्थिरता व बेहतर लक्ष्यीकरण तय करेगा कि ऐसे अंतरण पूँजी व कौशल व्यय के पूरक बनें, न कि उन्हें विस्थापित करें।
अवधारणा
DBT सब्सिडी को सीधे लाभार्थियों तक पहुँचाकर रिसाव घटाता है। महिला नकद-अंतरण योजनाओं पर महिला श्रमबल भागीदारी व घरेलू स्वायत्तता पर प्रभाव को लेकर बहस होती है।
लाड़ली बहना योजना का स्टैट-टाइल पंक्ति: मासिक राशि, लाभार्थी, किस्त कुल राशि व किस्त संख्या। — StudyForGS
5. मप्र ने उज्जैन में सिंहस्थ 2028 की तैयारियाँ तेज कीं
MADHYA PRADESHMPPSC: प्रारंभिक + मुख्य GS-I (कला, संस्कृति व विरासत)
सिलेबस से संबंध
MPPSC प्रारंभिक (मप्र विरासत, मेले व त्योहार) + मुख्य GS-I संस्कृति; GS-III आयोजन अवसंरचना व पर्यटन अर्थव्यवस्था।
संदर्भ
राज्य सरकार सिंहस्थ 2028 कुंभ हेतु उज्जैन में अवसंरचना व नागरिक कार्यों को तेज कर रही है, जो शिप्रा तट पर आयोजित भारत के सबसे बड़े धार्मिक समागमों में से एक है।
मुख्य तथ्य
उज्जैन में सिंहस्थ (कुंभ) प्रत्येक 12 वर्ष में होता है; अगला 2028 में।
शिप्रा (क्षिप्रा) नदी के तट पर आयोजित; उज्जैन में महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग स्थित है।
सरकार लाखों श्रद्धालुओं हेतु सड़क चौड़ीकरण, रिवरफ्रंट व भीड़-प्रबंधन अवसंरचना का लक्ष्य रखती है।
उज्जैन अवंति / मालवा की प्राचीन राजधानी व खगोलशास्त्र (प्रधान याम्योत्तर) का ऐतिहासिक केंद्र था।
मप्र को अग्रणी आध्यात्मिक-पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करने के प्रयास का हिस्सा।
आगे की राह
बड़े पैमाने के निर्माण को शिप्रा की पारिस्थितिकी व स्वच्छता के साथ संतुलित करना 'भव्य किन्तु हरित' सिंहस्थ हेतु केंद्रीय होगा।
अवधारणा
कुंभ मेलाप्रयागराज, हरिद्वार, उज्जैन व नासिक के बीच घूमता है; UNESCO ने 2017 में इसे अमूर्त सांस्कृतिक विरासत माना। उज्जैन का आयोजन सिंहस्थ कहलाता है (सूर्य/बृहस्पति की विशिष्ट राशि स्थिति पर)।
6. भारत ने कांडला में पहला बंदरगाह-आधारित ई-मेथनॉल संयंत्र शुरू किया
SCI-TECHMPPSC: प्रारंभिक + मुख्य GS-III (विज्ञान-तकनीक, ऊर्जा व पर्यावरण)
सिलेबस से संबंध
MPPSC प्रारंभिक (ऊर्जा व पर्यावरण) + मुख्य GS-III स्वच्छ ऊर्जा, हरित ईंधन, डीकार्बनीकरण।
संदर्भ
गुजरात के दीनदयाल (कांडला) बंदरगाह पर भारत के पहले बंदरगाह-आधारित ई-मेथनॉल उत्पादन संयंत्र की आधारशिला रखी गई, जिसका उद्देश्य समुद्री जहाजरानी का डीकार्बनीकरण है।
संयुक्त उद्यम: दीनदयाल पोर्ट प्राधिकरण (76%) व असम पेट्रो-केमिकल्स लि. (24%)।
कुल निवेश 2,300 करोड़ रुपये; क्षमता 150 टन/दिन (चरण-I 50 TPD, चरण-II 100 TPD)।
3,500+ प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार सृजन की उम्मीद।
भारत के 2070 तक नेट ज़ीरो लक्ष्य व हरित समुद्री ईंधन उद्देश्यों का समर्थन।
आगे की राह
प्रतिस्पर्धी लागत पर हरित हाइड्रोजन व अभिग्रहीत-CO2 फीडस्टॉक का विस्तार तय करेगा कि ई-मेथनॉल पारंपरिक बंकर ईंधन की जगह ले सकता है या नहीं।
अवधारणा
ई-मेथनॉलहरित हाइड्रोजन (नवीकरणीय ऊर्जा से इलेक्ट्रोलिसिस द्वारा) को अभिग्रहीत CO2 के साथ मिलाकर बनाया जाता है; यह IMO डीकार्बनीकरण लक्ष्यों के तहत जहाजरानी हेतु निम्न-कार्बन 'ई-ईंधन' है।
कांडला ई-मेथनॉल संयंत्र का स्तंभ/प्रवाह चित्र, जो 76/24 संयुक्त उद्यम, दो-चरण क्षमता व निवेश दर्शाता है। — StudyForGS
7. भारत ने साबरमती से अपनी पहली LNG-चालित ट्रेन को हरी झंडी दी
SCI-TECHMPPSC: प्रारंभिक + मुख्य GS-III (विज्ञान-तकनीक व पर्यावरण)
भारतीय रेलवे ने साबरमती से देश की पहली LNG-चालित (डीजल-LNG द्वि-ईंधन) ट्रेन को हरी झंडी दी, जो हरित रेल कर्षण की ओर एक कदम है।
मुख्य तथ्य
साबरमती (अहमदाबाद मंडल, पश्चिम रेलवे), गुजरात से रवाना।
द्वि-ईंधन कर्षण: LNG डीजल खपत का 40% तक प्रतिस्थापित करता है।
दो 1,400 HP पावर कार, 2,200-लीटर क्रायोजेनिक टैंक (-162 डिग्री सेल्सियस) के साथ।
प्रति 8-कोच ट्रेन प्रति वर्ष लगभग 23.9 लाख रुपये ईंधन बचत का अनुमान।
पारंपरिक डीजल की तुलना में कणिका पदार्थ, NOx व CO2 घटाता है।
आगे की राह
द्वि-ईंधन कर्षण को पायलट गलियारों से आगे बढ़ाने से पहले प्रमुख मार्गों पर LNG ईंधन-भरण अवसंरचना बनाना आवश्यक है।
अवधारणा
LNG (द्रवीकृत प्राकृतिक गैस) प्राकृतिक गैस को लगभग -162 डिग्री सेल्सियस तक ठंडा कर द्रव में बदला जाता है। द्वि-ईंधन इंजन LNG को डीजल के साथ जलाते हैं, जिससे उत्सर्जन व आयात-निर्भर डीजल उपयोग घटता है।
8. क्या मतदान का अधिकार मौलिक अधिकार है? बहस फिर तेज
POLITYMPPSC: प्रारंभिक + मुख्य GS-II (राजव्यवस्था, संविधान व शासन)
सिलेबस से संबंध
MPPSC प्रारंभिक (संविधान, चुनाव) + मुख्य GS-II मौलिक अधिकार, चुनावी सुधार, ECI।
संदर्भ
मतदान को मौलिक अधिकार बनाने की बहस मतदाता-सूची विलोपन की चिंताओं के बीच फिर उभरी, जबकि चुनाव आयोग ने शासन सुधारों की घोषणा की।
मुख्य तथ्य
भारत में मतदान वर्तमान में वैधानिक/कानूनी अधिकार है (जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951), मौलिक अधिकार नहीं।
61वें संविधान संशोधन (1988) ने मतदान आयु 21 से घटाकर 18 वर्ष की।
कुलदीप नैयर (2006) निर्णय ने मतदान को वैधानिक अधिकार माना।
ECI ने नौ सुधार निर्णय घोषित किए — अनिवार्य बैठक कार्यवृत्त व स्वतंत्र ECINet समीक्षा समिति सहित।
समर्थक ICCPR के अनुच्छेद 25 व मनमाने विलोपन के विरुद्ध मजबूत संरक्षण का हवाला देते हैं।
आगे की राह
सूची संशोधन हेतु मजबूत प्रक्रियात्मक सुरक्षा-उपायों का संहिताकरण संविधान के अधिकार-ढाँचे में संशोधन किए बिना शिकायतों का समाधान कर सकता है।
अवधारणा
वैधानिक अधिकार सामान्य कानून से आता है और संसद द्वारा बदला जा सकता है; मौलिक अधिकार (भाग III) को अनुच्छेद 32 के तहत प्रवर्तनीय संवैधानिक संरक्षण प्राप्त है। मतदान अनुच्छेद 326 (वयस्क मताधिकार) से जुड़ा है।
9. UNGA ने समुद्र-स्तर वृद्धि पर ऐतिहासिक घोषणा-पत्र अपनाया
IRMPPSC: प्रारंभिक + मुख्य GS-II (अंतरराष्ट्रीय संबंध) व GS-III (पर्यावरण)
सिलेबस से संबंध
MPPSC प्रारंभिक (अंतरराष्ट्रीय निकाय, जलवायु) + मुख्य GS-II वैश्विक शासन / GS-III जलवायु परिवर्तन।
संदर्भ
संयुक्त राष्ट्र महासभा ने सर्वसम्मति से समुद्र-स्तर वृद्धि पर घोषणा-पत्र अपनाया, जो बढ़ते महासागरों से खतरे में पड़े राष्ट्रों की राज्यीयता व समुद्री अधिकारों को संबोधित करता है।
मुख्य तथ्य
81वीं संयुक्त राष्ट्र महासभा में सर्वसम्मति से अपनाया गया।
ऑस्ट्रेलिया व केप वर्डे द्वारा सह-सुगमीकृत।
समुद्र में भूमि खोने वाले राष्ट्रों हेतु निरंतर राज्यीयता की उपधारणा की पुष्टि।
UNCLOS के तहत स्थिर समुद्री आधाररेखाओं का समर्थन, ताकि तटरेखा घटने पर भी क्षेत्र सिकुड़ें नहीं।
विस्थापित लोगों व लघु द्वीपीय विकासशील राष्ट्रों (SIDS) के संरक्षण को प्राथमिकता।
आगे की राह
घोषणा-पत्र के सिद्धांतों को UNCLOS के तहत बाध्यकारी विधिक संरक्षण में बदलना संवेदनशील राष्ट्रों हेतु प्रमुख कूटनीतिक चुनौती बनी हुई है।
अवधारणा
UNCLOS (1982) समुद्री क्षेत्रों को परिभाषित करता है — प्रादेशिक समुद्र (12 समुद्री मील), EEZ (200 समुद्री मील) — जो आधाररेखाओं से मापे जाते हैं। समुद्र-स्तर वृद्धि इन आधाररेखाओं को खिसकाकर SIDS के महासागरीय अधिकारों को सिकोड़ने का खतरा पैदा करती है।
10. वायुसेना ने जोधपुर में तरंग शक्ति 2026 अभ्यास आयोजित किया
DEFENCEMPPSC: प्रारंभिक + मुख्य GS-III (रक्षा व सुरक्षा)
सिलेबस से संबंध
MPPSC प्रारंभिक (रक्षा अभ्यास) + मुख्य GS-III सुरक्षा, रक्षा कूटनीति, स्वदेशी प्लेटफॉर्म।
संदर्भ
भारतीय वायुसेना ने राजस्थान के वायुसेना स्टेशन जोधपुर में एक बड़ा बहुराष्ट्रीय वायु-युद्ध अभ्यास, तरंग शक्ति 2026 आयोजित किया।
मुख्य तथ्य
वायुसेना स्टेशन जोधपुर, राजस्थान में आयोजित; विषय 'पावर इन पार्टनरशिप'।
भाग लेने वाले राष्ट्रों में अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस, जर्मनी, UAE, श्रीलंका व बांग्लादेश शामिल।
F-35 ने पहली बार परिचालन भागीदारी की, राफेल, Su-30MKI व HAL तेजस के साथ।
5वीं-पीढ़ी युद्ध प्रशिक्षण, सेंसर फ्यूजन, स्टेल्थ रणनीति व दृश्य-सीमा-परे संचालन पर जोर।
अंतरराष्ट्रीय रक्षा विमानन संगोष्ठी व एयरोस्पेस-उद्योग सहभागिता शामिल।
आगे की राह
ऐसे अभ्यास अंतर-संचालनीयता बढ़ाते हैं व तेजस जैसे स्वदेशी प्लेटफॉर्म को संभावित निर्यात साझेदारों के समक्ष प्रदर्शित करते हैं।
अवधारणा
तरंग शक्ति भारत का सबसे बड़ा बहुराष्ट्रीय वायु अभ्यास है। HAL तेजस एक स्वदेशी हल्का लड़ाकू विमान (LCA) है; अंतर-संचालनीयता अभ्यास रक्षा कूटनीति व निर्यात संभावनाओं को मजबूत करते हैं।
तरंग शक्ति 2026 अभ्यास का माइंड-मैप, जो मेजबान अड्डा, विषय, भाग लेने वाले राष्ट्र व विमान दर्शाता है। — StudyForGS
आज का डेटा पॉइंट
7.8%
भारत की GDP वृद्धि, पहली तिमाही वित्त वर्ष 27 (अप्रैल-जून 2026) भारत की वास्तविक GDP पहली तिमाही वित्त वर्ष 27 में 7.8% बढ़ी, बाहरी दबावों के बावजूद अपेक्षा से बेहतर — बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेज़ में से एक। (आधिकारिक सरकारी आँकड़े)
प्रारंभिक परीक्षा रैपिड-फायर
कुनो राष्ट्रीय उद्यान (चीते) मप्र के श्योपुर जिले में; दूसरा चीता आवास गांधी सागर अभयारण्य।
16वाँ वित्त आयोग (अध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया) पुरस्कार अवधि 2026-31 को कवर करता है।
सीहोर (मप्र) के शरबती गेहूँ को GI टैग प्राप्त; मप्र भारत का अग्रणी गेहूँ व सोयाबीन राज्य।
भारत का पहला बंदरगाह-आधारित ई-मेथनॉल संयंत्र कांडला (दीनदयाल बंदरगाह), गुजरात में।
61वें संविधान संशोधन (1988) ने मतदान आयु घटाकर 18 वर्ष की।
तरंग शक्ति 2026 अभ्यासजोधपुर में आयोजित; विषय 'पावर इन पार्टनरशिप'।
अभ्यास MCQs — MPPSC Prelims पैटर्न
Q1. मध्य प्रदेश में प्रोजेक्ट चीता के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. कुनो राष्ट्रीय उद्यान श्योपुर जिले में स्थित है।
2. गांधी सागर वन्यजीव अभयारण्य को चीतों के दूसरे आवास के रूप में विकसित किया जा रहा है।
3. भारत में पुनर्स्थापित चीते एशियाई उप-प्रजाति के हैं।
उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
केवल 1 और 2
केवल 2 और 3
केवल 1 और 3
1, 2 और 3
उत्तर देखें
उत्तर: A कुनो श्योपुर जिले में है और गांधी सागर दूसरा चीता आवास है, अतः कथन 1 व 2 सही हैं। पुनर्स्थापित चीते अफ्रीकी उप-प्रजाति (नामीबिया व दक्षिण अफ्रीका से) के हैं, एशियाई नहीं, अतः कथन 3 गलत है।
Q2. हाल ही में शुरू किए गए ई-मेथनॉल संयंत्र के संदर्भ में विचार कीजिए:
1. यह भारत का पहला बंदरगाह-आधारित ई-मेथनॉल उत्पादन संयंत्र है।
2. यह गुजरात के दीनदयाल (कांडला) बंदरगाह पर स्थित है।
3. ई-मेथनॉल हरित हाइड्रोजन को अभिग्रहीत कार्बन डाइऑक्साइड के साथ मिलाकर बनाया जाता है।
उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
केवल 1 और 2
केवल 2 और 3
केवल 1 और 3
1, 2 और 3
उत्तर देखें
उत्तर: D तीनों सही हैं: यह भारत का पहला बंदरगाह-आधारित ई-मेथनॉल संयंत्र है, दीनदयाल (कांडला) बंदरगाह, गुजरात में स्थित है, और ई-मेथनॉल हरित हाइड्रोजन को अभिग्रहीत CO2 के साथ मिलाकर बनता है जो निम्न-कार्बन जहाजरानी ईंधन है।
मुख्य परीक्षा अभ्यास प्रश्न
Q. "महिलाओं हेतु प्रत्यक्ष नकद-अंतरण योजनाएँ, जैसे मध्य प्रदेश की लाड़ली बहना योजना, राज्य कल्याण राजनीति का केंद्र बन गई हैं।" महिला सशक्तिकरण व राज्य वित्त पर इनके प्रभाव की समालोचनात्मक विवेचना कीजिए। (250 शब्द)
संकेत / दृष्टिकोण
DBT अभिकल्पना व पहुँच; स्वायत्तता व उपभोग में लाभ बनाम महिला श्रमबल भागीदारी पर सीमित प्रभाव; राजकोषीय भार व पूँजी/कौशल व्यय से समझौते; बेहतर लक्ष्यीकरण, कौशल के साथ अभिसरण व परिणाम-निगरानी का सुझाव दें।
📌 एक पंक्ति में रिवीज़न: आज याद रखें: मप्र कैबिनेट 13,790 कर. (16वाँ वित्त आयोग, 140 खेल परिसर) | कुनो चीते 56 | लाड़ली बहना 40वीं किस्त 1,500 रु. | भारत का पहला बंदरगाह ई-मेथनॉल (कांडला) व पहली LNG ट्रेन (साबरमती) | UNGA समुद्र-स्तर घोषणा-पत्र | तरंग शक्ति 2026 (जोधपुर) | GDP पहली तिमाही वित्त वर्ष 27 7.8%।