Thursday, 1 October 2026 · IST · बिहार + राष्ट्रीय · 11 टॉपिक · 2 MCQs
बिहार कैबिनेट ने 2031 तक प्रति वर्ष 1 लाख टन उत्पादन के लक्ष्य वाली हरित हाइड्रोजन नीति 2026 और ₹2,761.55 करोड़ की कृषि फीडर सौरीकरण योजना को मंज़ूरी दी, जबकि गंडक नदी अपने उच्चतम बाढ़ स्तर से ऊपर पहुँची और सारण व मुज़फ़्फ़रपुर में तटबंध टूटे। राष्ट्रीय स्तर पर सकल GST 14.7% बढ़कर ₹2,03,521 करोड़ हुआ, चुनाव आयोग ने SIR पूर्ण हो चुके राज्यों में फ़ॉर्म-6 से SIR घोषणा हटाई और 1 अक्टूबर से डीज़ल/ATF निर्यात शुल्क घटाया गया।
आज एक नज़र में — याद रखने वाली बातें
बिहार हरित हाइड्रोजन नीति 2026: लक्ष्य 2031 तक 1 लाख टन/वर्ष; नोडल एजेंसी BREDA।
कैबिनेट: 2,554 कृषि फीडरों (2,585 MW) के सौरीकरण हेतु ₹2,761.55 करोड़।
कैमूर–रोहतास के 21,644 परिवारों को RDSS के तहत ग्रिड बिजली मिलेगी।
गंडक ने HFL पार किया; वाल्मीकिनगर पर अधिकतम प्रवाह 5.43 लाख क्यूसेक।
गडकरी ने पटना में बिहार की NH परियोजनाओं की समीक्षा की; जेपी गंगा पथ फेज़-2 = 35 km, ₹5,500 करोड़।
बिहार ने AI शिक्षक प्रशिक्षण हेतु Google के साथ स्टेटमेंट ऑफ़ इंटेंट पर हस्ताक्षर किए।
GS-II: बिहार अर्थव्यवस्था – ऊर्जा एवं औद्योगिक नीति; विकास में विज्ञान-प्रौद्योगिकी की भूमिका। Prelims: बिहार की योजनाएँ, नवीकरणीय ऊर्जा, राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन।
संदर्भ
सम्राट चौधरी कैबिनेट ने 30 सितंबर 2026 को 30 एजेंडों को मंज़ूरी दी, जिनमें सबसे अहम बिहार हरित हाइड्रोजन नीति 2026 है – निजी निवेश आकर्षित करने, कार्बन उत्सर्जन घटाने और हरित रोज़गार सृजन हेतु।
मुख्य तथ्य
लक्ष्य: 2031 तक प्रति वर्ष 0.1 MMT (1 लाख टन) हरित हाइड्रोजन।
अनुमानित निवेश ~₹16,000 करोड़; ~12,000 प्रत्यक्ष + अप्रत्यक्ष रोज़गार।
नोडल एजेंसी: BREDA (बिहार नवीकरणीय ऊर्जा विकास अभिकरण)।
राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन (2023) और नेट-ज़ीरो 2070 के अनुरूप।
आगे की राह
इलेक्ट्रोलाइज़रों को सोलर पार्क एवं गंगा जल स्रोतों से जोड़ें और उर्वरक, रिफ़ाइनिंग (बरौनी) व परिवहन में मांग सुनिश्चित करें।
अवधारणा
हरित हाइड्रोजन = नवीकरणीय बिजली से जल के विद्युत-अपघटन द्वारा बना H₂ (शून्य CO₂)। ग्रे H₂ प्राकृतिक गैस से बनता है; ब्लू H₂ में कार्बन कैप्चर जुड़ता है।
बिहार हरित हाइड्रोजन नीति 2026 के आँकड़ा टाइल: 2031 तक 1 लाख टन प्रति वर्ष, 1 GW इलेक्ट्रोलाइज़र, 2.5 GW नवीकरणीय ऊर्जा, लगभग ₹16,000 करोड़ निवेश और लगभग 12,000 रोज़गार। — StudyForGS
2. ₹2,761.55 करोड़ से कृषि फीडर सौरीकरण; 21,644 घर ग्रिड से जुड़ेंगे
GS-II: बिहार अर्थव्यवस्था – विद्युत क्षेत्र, कृषि आदान, ग्रामीण अवसंरचना। Prelims: पीएम-कुसुम, RDSS, बिहार कैबिनेट निर्णय।
संदर्भ
उसी कैबिनेट बैठक में कृषि फीडरों के लिए सौर ऊर्जा, वंचित बसावटों के ग्रामीण विद्युतीकरण तथा कई कल्याण एवं विधि-व्यवस्था संबंधी व्ययों को मंज़ूरी दी गई।
मुख्य तथ्य
2,554 कृषि फीडरों के सौरीकरण हेतु ₹2,761.55 करोड़ – 2,585 MW सौर संयंत्र।
विभाजन: ₹2,714.25 करोड़ अनुदान (₹1.05 करोड़/MW) + 946 सबस्टेशनों पर ग्राम पंचायतों को ₹47.30 करोड़ प्रोत्साहन।
कैमूर एवं रोहतास की 177 बसावटों के 21,644 परिवार – RDSS के तहत ₹351.85 करोड़।
आंगनबाड़ी मानदेय हेतु ₹477 करोड़; हीमोफ़ीलिया उपचार योजना हेतु ₹26.33 करोड़ (प्रथम वर्ष)।
पुलिस के लिए 30 वॉटर कैनन और 86 वज्र वाहनों हेतु ₹62.52 करोड़।
आगे की राह
कृषि फीडरों को दिन में सौर बिजली से डीज़ल सिंचाई लागत और डिस्कॉम पर क्रॉस-सब्सिडी बोझ घटेगा; समय पर भूमि और ग्रिड निकासी अहम है।
अवधारणा
फीडर-स्तरीय सौरीकरण = पीएम-कुसुम घटक C: सबस्टेशन के पास सौर संयंत्र पूरे कृषि फीडर को बिजली देते हैं। RDSS (2021) का लक्ष्य AT&C हानि को 12–15% तक लाना है।
30 सितंबर 2026 की बिहार कैबिनेट के प्रमुख व्ययों का क्षैतिज बार चार्ट: कृषि फीडर सौरीकरण ₹2,761.55 करोड़, आंगनबाड़ी मानदेय ₹477 करोड़, कैमूर–रोहतास विद्युतीकरण ₹351.85 करोड़, पुलिस वॉटर कैनन व वज्र वाहन ₹62.52 करोड़, हीमोफ़ीलिया योजना ₹26.33 करोड़। — StudyForGS
3. गंडक उच्चतम बाढ़ स्तर से ऊपर; सारण, मुज़फ़्फ़रपुर में तटबंध टूटे
GS-II: बिहार का भूगोल – नदियाँ, बाढ़ एवं आपदा प्रबंधन। Prelims: गंडक/कोसी/बागमती, बराज, बाढ़-प्रवण ज़िले।
संदर्भ
नेपाल और पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी वर्षा से गंडक अपने पिछले उच्चतम बाढ़ स्तर (HFL) से ऊपर पहुँची; बागमती और कोसी भी उफान पर रहीं, जिससे उत्तर बिहार में 2 लाख+ लोग प्रभावित हुए।
मुख्य तथ्य
28 सितंबर को वाल्मीकिनगर बराज पर 2026 का अधिकतम प्रवाह 5,43,500 क्यूसेक।
डुमरियाघाट (गोपालगंज) पर जलस्तर ~36 घंटे तक HFL से ~22 cm ऊपर।
तटबंध टूटे: पानापुर (सारण) दायाँ तटबंध और तिरहुत मुख्य तटबंध (साहेबगंज, मुज़फ़्फ़रपुर)।
सर्वाधिक प्रभावित: पश्चिम एवं पूर्वी चंपारण, गोपालगंज; साथ ही सारण, वैशाली, मुज़फ़्फ़रपुर।
केवल सारण में: 48 गाँव, ~24,725 लोग; 33 नावें और NDRF/SDRF टीमें तैनात।
आगे की राह
तटबंधों को ऊँचा व मज़बूत करें, भारत-नेपाल बाढ़ पूर्वानुमान और भंडारण बाँध बनाएँ, तथा 'नदी को जगह दो' आधारित बाढ़-मैदान ज़ोनिंग अपनाएँ।
अवधारणा
गंडक (नेपाल में नारायणी/सालिग्रामी) वाल्मीकिनगर (पश्चिम चंपारण) से बिहार में प्रवेश करती है और हाजीपुर–सोनपुर के पास गंगा से मिलती है। HFL = किसी गेज पर दर्ज अब तक का उच्चतम जलस्तर।
गंडक बाढ़ का योजनाबद्ध चित्र: नेपाल और उत्तर प्रदेश की वर्षा वाल्मीकिनगर बराज (5.43 लाख क्यूसेक) से होकर बगहा, गोपालगंज (HFL से 22 cm ऊपर), सारण (पानापुर तटबंध टूटा) और वैशाली होते हुए हाजीपुर में गंगा तक; साथ में मुज़फ़्फ़रपुर के तिरहुत तटबंध का टूटना दर्शाया गया। — StudyForGS
4. गडकरी ने पटना में बिहार की NH परियोजनाओं की समीक्षा की; जेपी गंगा पथ फेज़-2 तैयार
GS-II: बिहार अर्थव्यवस्था – परिवहन अवसंरचना, PPP मॉडल। Prelims: बिहार से गुज़रने वाले एक्सप्रेसवे व कॉरिडोर।
संदर्भ
केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी1 अक्टूबर को पटना में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के साथ राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की समीक्षा कर रहे हैं; राज्य लंबित प्रस्तावों पर शीघ्र केंद्रीय स्वीकृति चाहता है।
मुख्य तथ्य
प्रमुख कॉरिडोर: गोरखपुर–सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे, रक्सौल–हल्दिया कॉरिडोर, बक्सर–भागलपुर राजमार्ग।
जेपी गंगा पथ फेज़-2: दीघा–शेरपुर–कोईलवर, 35 km, ₹5,500 करोड़; काम नवंबर 2026 से।
18 km एलिवेटेड चार-लेन (दीघा–शेरपुर) + 17.65 km तटबंध सड़क (शेरपुर–कोईलवर)।
हाइब्रिड एन्युटी मॉडल पर निर्माण: निर्माता 60%, राज्य 40%; 15 वर्ष रखरखाव।
पटना–बक्सर यात्रा समय घटकर ~2 घंटे होने की उम्मीद।
आगे की राह
भूमि अधिग्रहण, वन एवं अतिक्रमण बाधाएँ दूर करें; लॉजिस्टिक्स लाभ हेतु पूर्वांचल एक्सप्रेसवे और पटना मेट्रो से एकीकरण करें।
अवधारणा
HAM (2016): सरकार निर्माण के दौरान 40% भुगतान करती है, शेष संचालन अवधि में एन्युटी के रूप में – EPC और BOT-टोल का मिश्रण, जिसमें राज्य व डेवलपर जोखिम बाँटते हैं।
जेपी गंगा पथ फेज़-2 (35 km, ₹5,500 करोड़) का डोनट चार्ट: 18 km एलिवेटेड दीघा–शेरपुर खंड और 17.65 km तटबंध शेरपुर–कोईलवर खंड। — StudyForGS
5. शिक्षकों को AI टूल्स का प्रशिक्षण देने हेतु बिहार और Google साथ
BIHARBPSC: Prelims + Mains GS-II (विकास में विज्ञान-प्रौद्योगिकी / शिक्षा)
सिलेबस से संबंध
GS-II: बिहार के विकास में विज्ञान-प्रौद्योगिकी की भूमिका; शिक्षा सुधार। Prelims: डिजिटल शिक्षा पहल, NEP 2020।
संदर्भ
बिहार के विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग ने शिक्षण और शिक्षक प्रशिक्षण में AI को जोड़ने हेतु Google के साथ (29 सितंबर) स्टेटमेंट ऑफ़ इंटेंट पर हस्ताक्षर किए।
मुख्य तथ्य
शिक्षकों को पाठ-योजना और प्रशासनिक कार्यों हेतु Gemini और NotebookLM का प्रशिक्षण।
स्थानीय अनुकूलित सामग्री के साथ हिंदी और अंग्रेज़ी में प्रशिक्षण; हाइब्रिड मोड और दक्षता-आधारित मूल्यांकन।
ICT लैब, स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल लाइब्रेरी और भाषा प्रयोगशालाओं हेतु सहयोग।
बिहार के शिक्षकों में सहकर्मी अधिगम हेतु Google Educator Groups।
साथ ही बिहार बोर्ड की अंकपत्र पहली बार DigiLocker पर उपलब्ध।
आगे की राह
AI प्रशिक्षण के साथ ग्रामीण कनेक्टिविटी और डेटा-गोपनीयता सुरक्षा सुनिश्चित करें ताकि टूल्स केवल शहरी नहीं, सरकारी स्कूलों तक पहुँचें।
अवधारणा
NEP 2020प्रौद्योगिकी-सक्षम अधिगम पर बल देती है और इसने राष्ट्रीय शैक्षिक प्रौद्योगिकी मंच (NETF) स्थापित किया; दीक्षा (DIKSHA) भारत का राष्ट्रीय शिक्षक मंच है।
6. गयाजी में पितृपक्ष मेले में उमड़े श्रद्धालु; पिंडदान के लिए डिजिटल पहल
SOCIETYBPSC: Prelims + Mains GS-I (बिहार की संस्कृति)
सिलेबस से संबंध
GS-I: भारतीय संस्कृति – बिहार की भूमिका, मेले एवं तीर्थ। Prelims: गया, विष्णुपद मंदिर, फल्गु नदी, राजकीय मेले।
संदर्भ
गयाजी और पुनपुन में राज्य द्वारा आयोजित पितृपक्ष मेला (25 सितंबर – 10 अक्टूबर 2026) दूसरे सप्ताह में है; पिंडदान हेतु विष्णुपद मंदिर की वेदियों पर भारी भीड़।
मुख्य तथ्य
मेले का उद्घाटन मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने किया; स्थल गयाजी और पुनपुन।
अनुष्ठान, वेदियों, आवास और परिवहन की जानकारी हेतु 'पिंडदान गयाजी' ऐप और वेबसाइट।
गयाजी में 2,500-बेड टेंट सिटी; पुनपुन घाट पर 5,000 क्षमता का पंडाल।
बुज़ुर्ग एवं दिव्यांग तीर्थयात्रियों हेतु 150 निःशुल्क ई-रिक्शा।
सुरक्षा: 5 ज़ोन, 54 सेक्टर, CCTV और ड्रोन निगरानी।
आगे की राह
गया–बोधगया–राजगीर–नालंदा को जोड़ते हुए बेहतर फल्गु रिवरफ़्रंट और कचरा प्रबंधन के साथ वर्ष-भर तीर्थ सर्किट विकसित करें।
अवधारणा
पिंडदान = पितृपक्ष (भाद्रपद/आश्विन कृष्ण पक्ष) में पूर्वजों को चावल के पिंड अर्पित करने का अनुष्ठान। गया फल्गु नदी के तट पर है; विष्णुपद मंदिर का पुनर्निर्माण अहिल्याबाई होल्कर (1787) ने कराया।
7. 1 अक्टूबर से डीज़ल और ATF निर्यात पर विंडफ़ॉल शुल्क में कटौती
GS-II: भारतीय अर्थव्यवस्था – कराधान, ऊर्जा सुरक्षा, बाह्य क्षेत्र। Prelims: विंडफ़ॉल टैक्स, SAED, ईंधन मूल्य निर्धारण।
संदर्भ
पश्चिम एशिया तनाव के बीच केंद्र ने घरेलू आपूर्ति सुरक्षित रखने हेतु 27 मार्च को ईंधन निर्यात पर विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (SAED) लगाया था; अब एक माह में दूसरी बार इसमें कटौती की गई है।
मुख्य तथ्य
डीज़ल निर्यात शुल्क: ₹20 → ₹16 प्रति लीटर।
ATF निर्यात शुल्क: ₹15 → ₹10.50 प्रति लीटर।
पेट्रोल पर ₹0.50 प्रति लीटर – अपरिवर्तित।
वैश्विक कच्चे तेल और उत्पाद कीमतों के अनुसार शुल्क की हर दो सप्ताह समीक्षा।
ईंधन पर घरेलू उत्पाद शुल्क में कोई बदलाव नहीं।
आगे की राह
क्रैक स्प्रेड घटने के साथ शुल्क को चरणबद्ध रूप से हटाएँ ताकि घरेलू उपलब्धता बनाए रखते हुए रिफ़ाइनरी निर्यात प्रतिस्पर्धा बहाल हो।
अवधारणा
विंडफ़ॉल टैक्स = बाहरी झटकों से होने वाले अप्रत्याशित, असामान्य मुनाफ़े पर कर। भारत ने पहली बार जुलाई 2022 में कच्चे तेल व ईंधन निर्यात पर SAED लगाया था।
1 अक्टूबर 2026 से पहले और बाद प्रति लीटर निर्यात शुल्क का समूहित बार चार्ट: डीज़ल ₹20 से ₹16, ATF ₹15 से ₹10.50, पेट्रोल ₹0.50 पर अपरिवर्तित। — StudyForGS
8. पाथफ़ाइंडर: भारत का पहला ऑर्बिटल डेटा-सेंटर उपग्रह प्रक्षेपण को तैयार
SCI-TECHBPSC: Prelims + Mains GS-II (विज्ञान-प्रौद्योगिकी की भूमिका)
सिलेबस से संबंध
GS-II: विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी की भूमिका और प्रभाव; अंतरिक्ष क्षेत्र। Prelims: उपग्रह, हाइपरस्पेक्ट्रल इमेजिंग, अंतरिक्ष स्टार्ट-अप।
संदर्भ
बेंगलुरु की Pixxel द्वारा निर्मित और Sarvam AI मॉडल से युक्त पाथफ़ाइंडर का प्रक्षेपण वैंडनबर्ग स्पेस फ़ोर्स बेस, कैलिफ़ोर्निया से निर्धारित है – इससे भारत अंतरिक्ष में डेटा प्रोसेसिंग में अमेरिका, चीन और जापान की श्रेणी में आ जाएगा।
मुख्य तथ्य
~200 kg का उपग्रह, डेटा-सेंटर-स्तरीय GPU से युक्त।
Pixxel का हाइपरस्पेक्ट्रल कैमरा; Sarvam के भारतीय-भाषा AI मॉडल कक्षा में चलेंगे।
इमेजरी को ऑन-बोर्ड प्रोसेस कर कच्चे डेटा के बजाय इनसाइट भेजता है।
निरंतर सौर ऊर्जा का उपयोग; ज़मीनी डेटा सेंटरों की भूमि, जल व ऊर्जा सीमाओं से मुक्त।
उपयोग: फ़सल एवं बाढ़ निगरानी, संसाधन मानचित्रण, अवसंरचना ट्रैकिंग।
आगे की राह
कक्षा में AI का उपयोग आपदा चेतावनी (जैसे बिहार की बाढ़) हेतु करें और IN-SPACe व अंतरिक्ष नीति 2023 के तहत स्टार्ट-अप को बढ़ावा दें।
अवधारणा
हाइपरस्पेक्ट्रल इमेजिंगसैकड़ों संकीर्ण स्पेक्ट्रल बैंड कैप्चर कर फ़सलें, खनिज और प्रदूषक पहचानती है। अंतरिक्ष में एज कंप्यूटिंग से डाउनलिंक बैंडविड्थ और लेटेंसी घटती है।
पारंपरिक उपग्रह डेटा प्रवाह (कैप्चर, कच्चा डेटा डाउनलिंक, ज़मीनी विश्लेषण, निर्णय) की तुलना पाथफ़ाइंडर के कक्षा-स्थित AI प्रवाह (कैप्चर, ऑन-बोर्ड GPU विश्लेषण, इनसाइट डाउनलिंक, त्वरित निर्णय) से करता फ़्लोचार्ट। — StudyForGS
9. SIR पूरा होने वाले राज्यों में चुनाव आयोग ने फ़ॉर्म-6 से SIR घोषणा हटाई
भारत निर्वाचन आयोग ने जिन राज्यों में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पूरा हो चुका है, वहाँ फ़ॉर्म-6 से अतिरिक्त SIR घोषणा हटा दी है; अब नए मतदाता केवल वैधानिक फ़ॉर्म भरेंगे। बिहार SIR से गुज़रने वाला पहला राज्य था (2025)।
मुख्य तथ्य
घोषणा में आवेदकों को स्वयं/माता-पिता/दादा-दादी को पिछले गहन पुनरीक्षण की सूची से जोड़ना होता था।
SIR पूर्ण राज्यों में ECINET और CEO वेबसाइटों से हटाई गई।
जहाँ SIR जारी है, वहाँ 16 राज्यों और 3 केंद्रशासित प्रदेशों में अभी लागू।
फ़ॉर्म-6 निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण नियम, 1960 के तहत निर्धारित है।
यह मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार की अध्यक्षता में तीनों आयुक्तों की 26 सितंबर की बैठक के बाद हुआ।
आगे की राह
नामांकन को सरल और समावेशी रखते हुए सूची की शुद्धता सुनिश्चित करें – सहमति आधारित आधार-लिंक्ड डी-डुप्लिकेशन और पारदर्शी दावा-आपत्ति प्रक्रिया द्वारा।
अवधारणा
अनु. 324: चुनावों का अधीक्षण चुनाव आयोग के पास। अनु. 326: वयस्क मताधिकार (18+)। फ़ॉर्म-6 = नया नामांकन; फ़ॉर्म-7 = नाम विलोपन; फ़ॉर्म-8 = संशोधन/स्थानांतरण।
10. मोदी और ट्रंप की फ़ोन पर बातचीत; वैश्विक रणनीतिक साझेदारी की पुनः पुष्टि
एशियाई खेल 2026: आइची–नागोया, जापान, 19 सितंबर–4 अक्टूबर; भारत का पहला स्वर्ण – महिला क्रिकेट।
गांधी जयंती (2 अक्टूबर): भारत में गांधी का पहला सत्याग्रह – चंपारण, 1917।
अभ्यास MCQs — BPSC Prelims पैटर्न
Q1. बिहार हरित हाइड्रोजन नीति 2026 के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. इसका लक्ष्य 2031 तक प्रति वर्ष 1 लाख टन हरित हाइड्रोजन उत्पादन है।
2. बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी इसकी नोडल एजेंसी है।
3. इसमें 1 GW इलेक्ट्रोलाइज़र क्षमता की परिकल्पना है।
उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
केवल 1 और 2
केवल 1 और 3
केवल 2 और 3
1, 2 और 3
उत्तर देखें
उत्तर: B नोडल एजेंसी BREDA (बिहार नवीकरणीय ऊर्जा विकास अभिकरण) है, अतः कथन 2 गलत है। लक्ष्य 2031 तक 1 लाख टन/वर्ष और 1 GW इलेक्ट्रोलाइज़र है।
Q2. हाल ही में बिहार में अपने उच्चतम बाढ़ स्तर को पार करने वाली गंडक नदी किस स्थान से राज्य में प्रवेश करती है और किस नगर के पास गंगा से मिलती है?
रक्सौल; पटना
वाल्मीकिनगर; हाजीपुर–सोनपुर
बीरपुर; कुरसेला
जोगबनी; मुंगेर
उत्तर देखें
उत्तर: B गंडक वाल्मीकिनगर (पश्चिम चंपारण) से बिहार में प्रवेश करती है, जहाँ गंडक बराज स्थित है, और हाजीपुर–सोनपुर के पास गंगा से मिलती है। बीरपुरकोसी बराज के निकट है।
मुख्य परीक्षा अभ्यास प्रश्न
Q. तटबंधों के विशाल नेटवर्क के बावजूद उत्तर बिहार लगभग हर वर्ष बाढ़ झेलता है। इसके कारणों का परीक्षण कीजिए और गंडक–कोसी बेसिन हेतु एक सतत बाढ़-प्रबंधन रणनीति सुझाइए। (BPSC Mains GS-II, 38 अंक)
संकेत / दृष्टिकोण
कारण: नेपाल से आने वाली हिमालयी नदियाँ, अधिक गाद भार, तटबंधों का टूटना, बदलती धाराएँ (कोसी)। रणनीति: भारत-नेपाल भंडारण बाँध व पूर्वानुमान, तटबंध सुदृढ़ीकरण, बाढ़-मैदान ज़ोनिंग, जल-निकासी, सामुदायिक तैयारी, फ़सल बीमा; 2026 गंडक HFL घटना का उल्लेख करें।
📌 एक पंक्ति में रिवीज़न: हरित H₂ = 2031 तक 1 लाख टन/वर्ष (BREDA) • गंडक > HFL, वाल्मीकिनगर पर 5.43 लाख क्यूसेक • सितंबर GST ₹2,03,521 करोड़ (+14.7%) • फ़ॉर्म-6 से SIR घोषणा हटी • THE WUR 2027 में IISc 254।