बिहार PSC (BPSC) के लिए डेली करेंट अफेयर्स

BPSC करेंट अफेयर्स — 9 September 2026

बिहार में बाढ़ से 35.89 लाख प्रभावित, सात नदियाँ खतरे के निशान से ऊपर; कैबिनेट ने ₹23,698 करोड़ का चौथा कृषि रोडमैप मंजूर किया; DAC ने ₹1.10 लाख करोड़ की रक्षा खरीद को हरी झंडी दी।

Wednesday, 9 September 2026 · IST · बिहार + राष्ट्रीय · 11 टॉपिक · 2 MCQs

आज बिहार की बाढ़ सबसे बड़ी खबर रही — सात नदियाँ खतरे के निशान से ऊपर और 14 जिलों में 35.89 लाख लोग प्रभावित। इसके साथ ही राज्य ने कल्याण व कृषि पर बड़े प्रावधान किए — ₹23,698 करोड़ का चौथा कृषि रोडमैप और ₹476 करोड़ की मखाना योजना। राष्ट्रीय स्तर पर रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) ने ₹1.10 लाख करोड़ की खरीद मंजूर की, भारत वैश्विक 6G सुरक्षा ढाँचे में शामिल हुआ, और UNESCO की अस्थायी सूची में भारत के स्थल 73 हो गए।

आज एक नज़र में — याद रखने वाली बातें

विस्तृत नोट्स

1. सात नदियाँ खतरे के निशान से ऊपर: बिहार में बाढ़ आपातकाल

BIHARBPSC: प्रीलिम्स + मेन्स GS-II (बिहार भूगोल एवं आपदा प्रबंधन)
सिलेबस से संबंधबिहार भूगोल — उत्तर बिहार की नदियाँ व बाढ़-प्रवण क्षेत्र; आपदा प्रबंधन। प्रीलिम्स: खतरे के निशान वाली नदियाँ, कोसी से जुड़े तथ्य।
संदर्भभारी मानसूनी वर्षा और नेपाल से ऊपरी जल-प्रवाह के बाद 9 सितंबर को बिहार में सात नदियाँ खतरे के निशान से ऊपर बहीं; उत्तर बिहार और गंगा-पट्टी सबसे अधिक प्रभावित।
मुख्य तथ्य
  • 7 नदियाँ खतरे के निशान से ऊपर: गंगा, गंडक, कोसी, बूढ़ी गंडक, पुनपुन, बागमती, घाघरा
  • 14 जिले, 35.89 लाख लोग और 491 ग्राम पंचायतें प्रभावित; अकेले समस्तीपुर में 2.33 लाख
  • पटना (दानापुर, मनेर) में 5 मौतें; प्रति परिवार ₹4 लाख अनुग्रह राशि
  • राहत: 456 सामुदायिक रसोई (10 लाख+ भोजन/दिन), 14 शिविर, 1,876 नावें
  • 10 NDRF + 27 SDRF टीमें तैनात; मुंगेर में गंगा खतरे से 70 सेमी ऊपर
आगे की राहकोसी–गंडक तटबंधों को मजबूत व गाद-मुक्त करना, वास्तविक समय बाढ़ पूर्वानुमान बढ़ाना, और भारत–नेपाल जल-निर्वहन समन्वय गहरा करना।
अवधारणाबिहार भारत का सबसे बाढ़-प्रवण राज्य है (~73% क्षेत्र बाढ़-प्रवण)। कोसी = 'बिहार का शोक'; अधिकांश नदियाँ नेपाल हिमालय से निकलती हैं और भारी गाद लाती हैं।
बिहार 2026 बाढ़ का स्टैट-टाइल स्नैपशॉट: 7 नदियाँ, 14 जिले, 35.89 लाख प्रभावित, 456 रसोई, NDRF/SDRF टीमें।
बिहार 2026 बाढ़ का स्टैट-टाइल स्नैपशॉट: 7 नदियाँ, 14 जिले, 35.89 लाख प्रभावित, 456 रसोई, NDRF/SDRF टीमें। — StudyForGS

2. कैबिनेट ने स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना 2030-31 तक बढ़ाई

POLITYBPSC: प्रीलिम्स + मेन्स GS-II (राजव्यवस्था एवं शासन)
सिलेबस से संबंधबिहार शासन व कल्याण योजनाएँ; शिक्षा-वित्त सहायता। प्रीलिम्स: योजना वर्ष, कार्यान्वयन संस्था।
संदर्भबिहार कैबिनेट ने प्रमुख कल्याण व शहरी योजनाओं को आगे बढ़ाया, शिक्षा-वित्त तथा संग्रहालय/सड़क रख-रखाव जारी रखा।
मुख्य तथ्य
  • स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना 2030-31 तक बढ़ाई गई; ₹4 लाख तक शिक्षा ऋण
  • बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम के माध्यम से
  • मुख्यमंत्री समग्र शहरी विकास योजना भी 2030-31 तक बढ़ाई गई
  • बिहार व पटना संग्रहालय रख-रखाव हेतु ₹40 करोड़; नेहरू पथ चौड़ीकरण हेतु ₹39.80 करोड़
आगे की राहसमय पर वितरण और कौशल-आधारित पुनर्भुगतान सुनिश्चित कर ड्रॉपआउट घटाना तथा उच्च शिक्षा नामांकन बढ़ाना।
अवधारणाबिहार के 'सात निश्चय' एजेंडे का हिस्सा; उच्च शिक्षा हेतु राज्य-संचालित शिक्षा-वित्त व ऋण-गारंटी मॉडल।

3. चौथा कृषि रोडमैप मंजूर — ₹23,698 करोड़

ECONOMYBPSC: प्रीलिम्स + मेन्स GS-II (बिहार अर्थव्यवस्था एवं कृषि)
सिलेबस से संबंधबिहार अर्थव्यवस्था — कृषि रोडमैप, सिंचाई (PMKSY), ग्रामीण रोजगार। प्रीलिम्स: प्रावधान, PMKSY नारा।
संदर्भकैबिनेट ने कृषि उत्पादकता बढ़ाने हेतु बड़े प्रावधान के साथ चौथा कृषि रोडमैप मंजूर किया, साथ ही नई खेल नीति व आँगनवाड़ी भर्ती।
मुख्य तथ्य
  • ₹23,698 करोड़ का चौथा कृषि रोडमैप मंजूर
  • सिंचाई हेतु PMKSY के अंतर्गत ₹9,748 करोड़
  • बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर को ₹198 करोड़
  • बिहार खेल नीति 2026 — 'मेडल लाओ, नौकरी पाओ'
  • 22,000 आँगनवाड़ी सेविका/सहायिका रिक्तियाँ मंजूर
आगे की राहफसल विविधीकरण (मक्का, मखाना, दलहन), सूक्ष्म-सिंचाई और कृषि-विपणन सुधारों को बढ़ावा देना।
अवधारणाबिहार 2008 से लगातार कृषि रोडमैप चला रहा है। PMKSY = 'हर खेत को पानी'; GS-II बिहार-अर्थव्यवस्था का मुख्य विषय।
चौथे कृषि रोडमैप के स्टैट टाइल्स: कुल ₹23,698 करोड़, PMKSY ₹9,748 करोड़, 22,000 आँगनवाड़ी पद, सबौर विश्वविद्यालय हेतु ₹198 करोड़।
चौथे कृषि रोडमैप के स्टैट टाइल्स: कुल ₹23,698 करोड़, PMKSY ₹9,748 करोड़, 22,000 आँगनवाड़ी पद, सबौर विश्वविद्यालय हेतु ₹198 करोड़। — StudyForGS

4. मखाना विकास योजना: ₹476 करोड़, 9 जिले

BIHARBPSC: प्रीलिम्स + मेन्स GS-II (बिहार अर्थव्यवस्था एवं कृषि)
सिलेबस से संबंधबिहार की नकदी फसलें व GI उत्पाद; मूल्य शृंखला व FPO। प्रीलिम्स: मखाना हिस्सेदारी, GI टैग, राष्ट्रीय मखाना बोर्ड।
संदर्भएक समर्पित मखाना विकास योजना मिथिला–कोसी क्षेत्र में बीज गुणवत्ता और कटाई-उपरांत प्रसंस्करण पर केंद्रित है।
मुख्य तथ्य
  • 2025-26 से 2030-31 तक ₹476.03 करोड़ (≈ ₹79 करोड़/वर्ष)
  • 9 जिले: मधुबनी, दरभंगा, सीतामढ़ी, सहरसा, कटिहार, पूर्णिया, सुपौल, किशनगंज, अररिया
  • राष्ट्रीय मखाना बोर्ड 14 सितंबर 2025 को गठित, मुख्यालय बिहार में
  • भारत के मखाना उत्पादन में बिहार ≈ 85%; विश्व में भारत ≈ 90%
  • मिथिला मखाना को GI टैग (2022) प्राप्त
आगे की राहग्रेडिंग/सुखाने/पॉपिंग इकाइयाँ लगाना, FPO व स्टार्ट-अप को मजबूत करना, और निर्यात हेतु ब्रांडिंग।
अवधारणाGI (भौगोलिक संकेत) टैग मूल-आधारित उत्पादों की रक्षा करता है; मखाना एक जलीय नकदी फसल है, जो 'एक जिला एक उत्पाद' से संरेखित है।
डोनट चार्ट: भारत के मखाना उत्पादन में बिहार लगभग 85%; विश्व उत्पादन में भारत लगभग 90%।
डोनट चार्ट: भारत के मखाना उत्पादन में बिहार लगभग 85%; विश्व उत्पादन में भारत लगभग 90%। — StudyForGS

5. पटना मेट्रो को ₹628 करोड़ की केंद्रीय पूंजीगत सहायता

BIHARBPSC: प्रीलिम्स + मेन्स GS-II (अवसंरचना एवं शहरी)
सिलेबस से संबंधशहरी जन-परिवहन; केंद्र-राज्य पूंजीगत वित्तपोषण। प्रीलिम्स: वित्त विभाजन, PMRCL, O&M संचालक।
संदर्भराज्य ने 2026-27 हेतु पटना मेट्रो रेल परियोजना के लिए केंद्रीय पूंजीगत निवेश किश्त मंजूर की।
मुख्य तथ्य
  • केंद्र की पूंजीगत निवेश हेतु विशेष सहायता से ₹628.32 करोड़, वित्त वर्ष 2026-27
  • वित्त विभाजन: केंद्र 20% / राज्य 20% / बाह्य ऋण 60%
  • पटना मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लि. (PMRCL) के माध्यम से कार्यान्वयन
  • O&M DMRC द्वारा; ~2 वर्ष 8 माह हेतु अनुमानित ₹2,179.37 करोड़
आगे की राहसमय पर कॉरिडोर पूर्णता और अंतिम-मील संपर्क को प्राथमिकता देकर मेट्रो को हरित परिवहन रीढ़ बनाना।
अवधारणाराज्यों को केंद्र से 50-वर्षीय ब्याज-मुक्त पूंजीगत ऋण मिलता है; शहरी मेट्रो मिश्रित अनुदान-सह-बाह्य ऋण मॉडल अपनाते हैं।
पटना मेट्रो वित्त का डोनट चार्ट: बाह्य ऋण 60%, केंद्र 20%, राज्य 20%; ₹628.32 करोड़ केंद्रीय सहायता।
पटना मेट्रो वित्त का डोनट चार्ट: बाह्य ऋण 60%, केंद्र 20%, राज्य 20%; ₹628.32 करोड़ केंद्रीय सहायता। — StudyForGS

6. DAC ने ₹1.10 लाख करोड़ की रक्षा खरीद मंजूर की

DEFENCEBPSC: प्रीलिम्स + मेन्स (विज्ञान, तकनीक एवं सुरक्षा)
सिलेबस से संबंधरक्षा स्वदेशीकरण व खरीद; राष्ट्रीय सुरक्षा। प्रीलिम्स: DAC की भूमिका, 'Acceptance of Necessity'।
संदर्भरक्षा मंत्री की अध्यक्षता वाली रक्षा अधिग्रहण परिषद ने प्रमुख पूंजीगत खरीद हेतु 'Acceptance of Necessity' दी।
मुख्य तथ्य
  • ₹1.10 लाख करोड़ की पूंजीगत खरीद मंजूर
  • रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में
  • इसमें CBRN वाहन, हेलीकॉप्टर, रडार, समुद्री गैस-टरबाइन इंजन शामिल
  • थल सेना, नौसेना और वायु सेना की युद्धक क्षमता मजबूत
  • रक्षा में आत्मनिर्भरता को बल
आगे की राहस्वदेशी डिज़ाइन व निजी-क्षेत्र भागीदारी पर आधारित ऑर्डर और तय समय-सीमा में आपूर्ति।
अवधारणाDAC रक्षा मंत्रालय के अधीन शीर्ष रक्षा-खरीद निकाय है; 'Acceptance of Necessity' पहला अनुमोदन चरण है।
पिलर आरेख: DAC के ₹1.10 लाख करोड़ में CBRN वाहन, हेलीकॉप्टर, रडार और समुद्री टरबाइन शामिल।
पिलर आरेख: DAC के ₹1.10 लाख करोड़ में CBRN वाहन, हेलीकॉप्टर, रडार और समुद्री टरबाइन शामिल। — StudyForGS

7. भारत वैश्विक 'Call to Action for 6G' में शामिल

SCI-TECHBPSC: प्रीलिम्स + मेन्स GS-II (विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी)
सिलेबस से संबंधउभरती तकनीक व डिजिटल संप्रभुता; वैश्विक तकनीकी समूहों में भारत। प्रीलिम्स: भारत 6G मिशन का लक्ष्य वर्ष।
संदर्भभारत सुरक्षित 6G पर अमेरिका-नेतृत्व वाले बहु-राष्ट्र ढाँचे में शामिल हुआ, जो इसके भारत 6G मिशन से संरेखित है।
मुख्य तथ्य
  • भारत सहित अमेरिका और 24 देशों ने 'Call to Action for 6G Leadership and Security' का समर्थन किया
  • भारत का भारत 6G मिशन 2030 तक वैश्विक 6G हब का लक्ष्य रखता है
  • सुरक्षित, भरोसेमंद दूरसंचार आपूर्ति शृंखलाओं व मानकों पर ध्यान
आगे की राहमानक-निर्धारक पेटेंट, स्वदेशी R&D और भरोसेमंद-विक्रेता तंत्र में निवेश कर 6G मानदंड गढ़ना।
अवधारणा6G, 5G के बाद की अगली पीढ़ी है; नेतृत्व स्पेक्ट्रम, IPR और डिजिटल संप्रभुता पर निर्भर।

8. भारत की UNESCO अस्थायी सूची 73 स्थल पहुँची

SOCIETYBPSC: प्रीलिम्स + मेन्स GS-I (भारतीय संस्कृति एवं विरासत)
सिलेबस से संबंधभारतीय कला, संस्कृति व विरासत; UNESCO ढाँचा। प्रीलिम्स: संख्या विभाजन; बिहार के विरासत स्थल।
संदर्भUNESCO की अस्थायी सूची में भारत के चार नए स्थल जोड़े गए, जिससे भारत की विरासत उपस्थिति बढ़ी।
मुख्य तथ्य
  • अस्थायी सूची में 4 स्थल जोड़े गए
  • इनमें रंगपुर-शिवसागर (असम), औपनिवेशिक दंड बस्ती (अंडमान), चित्रित हवेली नगर (राजस्थान) शामिल
  • भारत की अस्थायी संख्या अब 73 स्थल
  • विभाजन: 53 सांस्कृतिक, 17 प्राकृतिक, 3 मिश्रित
आगे की राहमजबूत नामांकन दस्तावेज़ और संरक्षण योजनाएँ तैयार कर अस्थायी सूची को अंकित सूची में बदलना।
अवधारणाUNESCO विश्व विरासत अभिसमय, 1972; अस्थायी सूची अंकन से पहले आती है। बिहार की विरासत: नालंदा, महाबोधि (बोधगया)।
भारत की UNESCO संख्या का बार चार्ट: 53 सांस्कृतिक, 17 प्राकृतिक और 3 मिश्रित स्थल (कुल 73)।
भारत की UNESCO संख्या का बार चार्ट: 53 सांस्कृतिक, 17 प्राकृतिक और 3 मिश्रित स्थल (कुल 73)। — StudyForGS

9. कोस्टल LAB RBI की दूसरी अनुसूची में शामिल होने वाला पहला बैंक

ECONOMYBPSC: प्रीलिम्स + मेन्स GS-II (अर्थव्यवस्था एवं बैंकिंग)
सिलेबस से संबंधबैंकिंग संरचना; अनुसूचित बनाम गैर-अनुसूचित बैंक; वित्तीय समावेशन। प्रीलिम्स: LAB, RBI अधिनियम दूसरी अनुसूची।
संदर्भएक लोकल एरिया बैंक ने RBI अधिनियम के तहत अनुसूचित-बैंक दर्जा प्राप्त किया, जो इस श्रेणी में पहला है।
मुख्य तथ्य
  • कोस्टल लोकल एरिया बैंक (विजयवाड़ा, आंध्र प्रदेश) RBI दूसरी अनुसूची में शामिल
  • भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 के तहत
  • अनुसूचित बैंक बनने वाला पहला LAB
  • RBI तरलता व पुनर्वित्त सुविधाओं तक पहुँच
आगे की राहविवेकपूर्ण मानदंड बनाए रखते हुए क्षेत्रीय ऋण व वित्तीय समावेशन गहरा करना।
अवधारणालोकल एरिया बैंक (1996 दिशानिर्देश) छोटे, क्षेत्र-केंद्रित बैंक हैं; RBI अधिनियम की दूसरी अनुसूची अनुसूचित बैंकों को सूचीबद्ध करती है।

10. IFC ने भारतीय MSME हेतु 1 अरब डॉलर देने की प्रतिबद्धता जताई

ECONOMYBPSC: प्रीलिम्स + मेन्स GS-II (अर्थव्यवस्था)
सिलेबस से संबंधMSME व विकास वित्त; बहुपक्षीय संस्थाएँ। प्रीलिम्स: IFC की मूल संस्था, SIDBI की भूमिका।
संदर्भIFC ने भारतीय सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्यमों हेतु ऋण पहुँच बढ़ाने के लिए वित्त की व्यवस्था की।
मुख्य तथ्य
  • अंतर्राष्ट्रीय वित्त निगम (IFC) द्वारा 1 अरब डॉलर जुटाया गया
  • SIDBI को 500 मिलियन डॉलर और 500 मिलियन डॉलर सिंडिकेशन से
  • MSME को 7 वर्ष तक के ऋण
  • विनिर्माण, ऑटो-कंपोनेंट, इलेक्ट्रॉनिक्स, वस्त्र, खाद्य प्रसंस्करण पर लक्षित
आगे की राहअंतिम-मील ऋण सुगम करना, औपचारिकीकरण को बढ़ावा और MSME निर्यात प्रतिस्पर्धा बढ़ाना।
अवधारणाIFC विश्व बैंक समूह की निजी-क्षेत्र शाखा है; SIDBI भारत का शीर्ष MSME वित्तपोषक है।

11. सात्विक-चिराग ने चाइना मास्टर्स का पहला खिताब जीता

SOCIETYBPSC: प्रीलिम्स (खेल एवं पुरस्कार)
सिलेबस से संबंधखेल समसामयिकी व पुरस्कार। प्रीलिम्स: आयोजन, खिलाड़ी, स्पर्धा।
संदर्भभारत की शीर्ष पुरुष युगल जोड़ी ने पहली बार चाइना मास्टर्स खिताब जीता।
मुख्य तथ्य
  • सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी व चिराग शेट्टी ने 19वें चाइना मास्टर्स (शेन्ज़ेन) पुरुष युगल जीता
  • यह खिताब जीतने वाले पहले भारतीय
  • फाइनल स्कोर: 11-21, 21-13, 21-17
  • यह उनका 10वाँ BWF वर्ल्ड टूर खिताब
आगे की राह2028 ओलंपिक चक्र में फॉर्म बनाए रखना और जमीनी बैडमिंटन आधार बढ़ाना।
अवधारणाBWF वर्ल्ड टूर श्रेणीबद्ध टूर्नामेंट (सुपर 1000/750/500/300) की रैंकिंग करता है; प्रीलिम्स खेल GK का अभिन्न अंग।

आज का डेटा पॉइंट

≈ 85% of India's makhana — India ≈ 90% of world output
बिहार का मखाना प्रभुत्व
मिथिला–कोसी क्षेत्र; GI-टैग मिथिला मखाना (2022); राष्ट्रीय मखाना बोर्ड 2025 में गठित; 9 जिलों में ₹476-करोड़ की योजना।

प्रारंभिक परीक्षा रैपिड-फायर

कोसी — 'बिहार का शोक', नेपाल हिमालय से निकलती है, मार्ग बदलने के लिए कुख्यात।
मिथिला मखाना को 2022 में GI टैग मिला; राष्ट्रीय मखाना बोर्ड का मुख्यालय बिहार में (2025)।
DAC, जिसकी अध्यक्षता रक्षा मंत्री करते हैं, खरीद हेतु 'Acceptance of Necessity' देता है।
कोस्टल लोकल एरिया बैंक = RBI दूसरी अनुसूची में पहला LAB (RBI अधिनियम, 1934)।
भारत की UNESCO अस्थायी संख्या = 73 (53 सांस्कृतिक, 17 प्राकृतिक, 3 मिश्रित)।
भारत 6G मिशन का लक्ष्य 2030 तक भारत को वैश्विक 6G हब बनाना।

अभ्यास MCQs — BPSC Prelims पैटर्न

Q1. बिहार में बार-बार बाढ़ से जुड़ी निम्नलिखित में से कौन-सी नदी नेपाल हिमालय से निकलती है?

  1. पुनपुन
  2. कोसी
  3. सोन
  4. फल्गु
उत्तर देखें
उत्तर: B
कोसी ('बिहार का शोक') नेपाल/तिब्बत हिमालय से निकलती है। सोन और पुनपुन दक्षिण-बिहार की नदियाँ हैं; फल्गु गया के पास बहती है।

Q2. बिहार में मखाना के संदर्भ में विचार कीजिए: (1) राष्ट्रीय मखाना बोर्ड 2025 में गठित हुआ। (2) इसका मुख्यालय बिहार में है। (3) मिथिला मखाना को GI टैग प्राप्त है। कौन-से सही हैं?

  1. केवल 1 और 2
  2. केवल 2 और 3
  3. केवल 1 और 3
  4. 1, 2 और 3
उत्तर देखें
उत्तर: D
तीनों सही हैं — बोर्ड सितंबर 2025 में गठित हुआ, मुख्यालय बिहार में है, और मिथिला मखाना को 2022 में GI टैग मिला।

मुख्य परीक्षा अभ्यास प्रश्न

Q. "बिहार की बार-बार आने वाली बाढ़ जितनी अभियांत्रिकी की चुनौती है उतनी ही अंतर-राज्यीय व अंतर्राष्ट्रीय जल-प्रबंधन की।" कोसी–गंडक नदी प्रणाली के संदर्भ में चर्चा कीजिए। (BPSC मेन्स GS-II)

संकेत / दृष्टिकोण
नेपाल-मूल नदियाँ व भारी गाद, तटबंधों की सीमाएँ, कोसी बैराज/संधि ढाँचा, वास्तविक समय पूर्वानुमान, और विशुद्ध संरचनात्मक बचाव से एकीकृत बेसिन प्रबंधन की ओर बदलाव को शामिल करें।
📌 एक पंक्ति में रिवीज़न: कोसी = बिहार का शोक (नेपाल-मूल) • मखाना: भारत में बिहार ≈85% • DAC ₹1.10 लाख करोड़ • UNESCO संख्या 73 • पटना मेट्रो ₹628 करोड़ • MSME हेतु IFC $1 अरब।
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