बिहार में बाढ़ से 35.89 लाख प्रभावित, सात नदियाँ खतरे के निशान से ऊपर; कैबिनेट ने ₹23,698 करोड़ का चौथा कृषि रोडमैप मंजूर किया; DAC ने ₹1.10 लाख करोड़ की रक्षा खरीद को हरी झंडी दी।
Wednesday, 9 September 2026 · IST · बिहार + राष्ट्रीय · 11 टॉपिक · 2 MCQs
आज बिहार की बाढ़ सबसे बड़ी खबर रही — सात नदियाँ खतरे के निशान से ऊपर और 14 जिलों में 35.89 लाख लोग प्रभावित। इसके साथ ही राज्य ने कल्याण व कृषि पर बड़े प्रावधान किए — ₹23,698 करोड़ का चौथा कृषि रोडमैप और ₹476 करोड़ की मखाना योजना। राष्ट्रीय स्तर पर रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) ने ₹1.10 लाख करोड़ की खरीद मंजूर की, भारत वैश्विक 6G सुरक्षा ढाँचे में शामिल हुआ, और UNESCO की अस्थायी सूची में भारत के स्थल 73 हो गए।
आज एक नज़र में — याद रखने वाली बातें
सात नदियाँ खतरे के निशान से ऊपर; बिहार के 14 जिले, 35.89 लाख लोग प्रभावित
कैबिनेट ने स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना 2030-31 तक बढ़ाई (₹4 लाख तक ऋण)
चौथा कृषि रोडमैप मंजूर — ₹23,698 करोड़ का प्रावधान
मखाना योजना: ₹476 करोड़, 9 जिले; भारत के उत्पादन में बिहार ≈ 85%
पटना मेट्रो को ₹628.32 करोड़ की केंद्रीय पूंजीगत सहायता
रक्षा अधिग्रहण परिषद ने ₹1.10 लाख करोड़ की खरीद मंजूर की
भारत वैश्विक 'Call to Action for 6G' में शामिल; 2030 तक भारत 6G हब
UNESCO की अस्थायी सूची में भारत के स्थल बढ़कर 73 हुए
कोस्टल लोकल एरिया बैंक RBI की दूसरी अनुसूची में शामिल होने वाला पहला LAB
सात्विक-चिराग ने चाइना मास्टर्स पुरुष युगल का पहला खिताब जीता
विस्तृत नोट्स
1. सात नदियाँ खतरे के निशान से ऊपर: बिहार में बाढ़ आपातकाल
BIHARBPSC: प्रीलिम्स + मेन्स GS-II (बिहार भूगोल एवं आपदा प्रबंधन)
सिलेबस से संबंध
बिहार भूगोल — उत्तर बिहार की नदियाँ व बाढ़-प्रवण क्षेत्र; आपदा प्रबंधन। प्रीलिम्स: खतरे के निशान वाली नदियाँ, कोसी से जुड़े तथ्य।
संदर्भ
भारी मानसूनी वर्षा और नेपाल से ऊपरी जल-प्रवाह के बाद 9 सितंबर को बिहार में सात नदियाँ खतरे के निशान से ऊपर बहीं; उत्तर बिहार और गंगा-पट्टी सबसे अधिक प्रभावित।
मुख्य तथ्य
7 नदियाँ खतरे के निशान से ऊपर: गंगा, गंडक, कोसी, बूढ़ी गंडक, पुनपुन, बागमती, घाघरा
14 जिले, 35.89 लाख लोग और 491 ग्राम पंचायतें प्रभावित; अकेले समस्तीपुर में 2.33 लाख
पटना (दानापुर, मनेर) में 5 मौतें; प्रति परिवार ₹4 लाख अनुग्रह राशि
10 NDRF + 27 SDRF टीमें तैनात; मुंगेर में गंगा खतरे से 70 सेमी ऊपर
आगे की राह
कोसी–गंडक तटबंधों को मजबूत व गाद-मुक्त करना, वास्तविक समय बाढ़ पूर्वानुमान बढ़ाना, और भारत–नेपाल जल-निर्वहन समन्वय गहरा करना।
अवधारणा
बिहार भारत का सबसे बाढ़-प्रवण राज्य है (~73% क्षेत्र बाढ़-प्रवण)। कोसी = 'बिहार का शोक'; अधिकांश नदियाँ नेपाल हिमालय से निकलती हैं और भारी गाद लाती हैं।
बिहार 2026 बाढ़ का स्टैट-टाइल स्नैपशॉट: 7 नदियाँ, 14 जिले, 35.89 लाख प्रभावित, 456 रसोई, NDRF/SDRF टीमें। — StudyForGS
2. कैबिनेट ने स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना 2030-31 तक बढ़ाई
POLITYBPSC: प्रीलिम्स + मेन्स GS-II (राजव्यवस्था एवं शासन)
सिलेबस से संबंध
बिहार शासन व कल्याण योजनाएँ; शिक्षा-वित्त सहायता। प्रीलिम्स: योजना वर्ष, कार्यान्वयन संस्था।
संदर्भ
बिहार कैबिनेट ने प्रमुख कल्याण व शहरी योजनाओं को आगे बढ़ाया, शिक्षा-वित्त तथा संग्रहालय/सड़क रख-रखाव जारी रखा।
मुख्य तथ्य
स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना 2030-31 तक बढ़ाई गई; ₹4 लाख तक शिक्षा ऋण
बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम के माध्यम से
मुख्यमंत्री समग्र शहरी विकास योजना भी 2030-31 तक बढ़ाई गई
बिहार व पटना संग्रहालय रख-रखाव हेतु ₹40 करोड़; नेहरू पथ चौड़ीकरण हेतु ₹39.80 करोड़
आगे की राह
समय पर वितरण और कौशल-आधारित पुनर्भुगतान सुनिश्चित कर ड्रॉपआउट घटाना तथा उच्च शिक्षा नामांकन बढ़ाना।
अवधारणा
बिहार के 'सात निश्चय' एजेंडे का हिस्सा; उच्च शिक्षा हेतु राज्य-संचालित शिक्षा-वित्त व ऋण-गारंटी मॉडल।
3. चौथा कृषि रोडमैप मंजूर — ₹23,698 करोड़
ECONOMYBPSC: प्रीलिम्स + मेन्स GS-II (बिहार अर्थव्यवस्था एवं कृषि)
सिलेबस से संबंध
बिहार अर्थव्यवस्था — कृषि रोडमैप, सिंचाई (PMKSY), ग्रामीण रोजगार। प्रीलिम्स: प्रावधान, PMKSY नारा।
संदर्भ
कैबिनेट ने कृषि उत्पादकता बढ़ाने हेतु बड़े प्रावधान के साथ चौथा कृषि रोडमैप मंजूर किया, साथ ही नई खेल नीति व आँगनवाड़ी भर्ती।
मुख्य तथ्य
₹23,698 करोड़ का चौथा कृषि रोडमैप मंजूर
सिंचाई हेतु PMKSY के अंतर्गत ₹9,748 करोड़
बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर को ₹198 करोड़
बिहार खेल नीति 2026 — 'मेडल लाओ, नौकरी पाओ'
22,000 आँगनवाड़ी सेविका/सहायिका रिक्तियाँ मंजूर
आगे की राह
फसल विविधीकरण (मक्का, मखाना, दलहन), सूक्ष्म-सिंचाई और कृषि-विपणन सुधारों को बढ़ावा देना।
अवधारणा
बिहार 2008 से लगातार कृषि रोडमैप चला रहा है। PMKSY = 'हर खेत को पानी'; GS-II बिहार-अर्थव्यवस्था का मुख्य विषय।
चौथे कृषि रोडमैप के स्टैट टाइल्स: कुल ₹23,698 करोड़, PMKSY ₹9,748 करोड़, 22,000 आँगनवाड़ी पद, सबौर विश्वविद्यालय हेतु ₹198 करोड़। — StudyForGS
4. मखाना विकास योजना: ₹476 करोड़, 9 जिले
BIHARBPSC: प्रीलिम्स + मेन्स GS-II (बिहार अर्थव्यवस्था एवं कृषि)
सिलेबस से संबंध
बिहार की नकदी फसलें व GI उत्पाद; मूल्य शृंखला व FPO। प्रीलिम्स: मखाना हिस्सेदारी, GI टैग, राष्ट्रीय मखाना बोर्ड।
संदर्भ
एक समर्पित मखाना विकास योजना मिथिला–कोसी क्षेत्र में बीज गुणवत्ता और कटाई-उपरांत प्रसंस्करण पर केंद्रित है।
मुख्य तथ्य
2025-26 से 2030-31 तक ₹476.03 करोड़ (≈ ₹79 करोड़/वर्ष)
MSME व विकास वित्त; बहुपक्षीय संस्थाएँ। प्रीलिम्स: IFC की मूल संस्था, SIDBI की भूमिका।
संदर्भ
IFC ने भारतीय सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्यमों हेतु ऋण पहुँच बढ़ाने के लिए वित्त की व्यवस्था की।
मुख्य तथ्य
अंतर्राष्ट्रीय वित्त निगम (IFC) द्वारा 1 अरब डॉलर जुटाया गया
SIDBI को 500 मिलियन डॉलर और 500 मिलियन डॉलर सिंडिकेशन से
MSME को 7 वर्ष तक के ऋण
विनिर्माण, ऑटो-कंपोनेंट, इलेक्ट्रॉनिक्स, वस्त्र, खाद्य प्रसंस्करण पर लक्षित
आगे की राह
अंतिम-मील ऋण सुगम करना, औपचारिकीकरण को बढ़ावा और MSME निर्यात प्रतिस्पर्धा बढ़ाना।
अवधारणा
IFC विश्व बैंक समूह की निजी-क्षेत्र शाखा है; SIDBI भारत का शीर्ष MSME वित्तपोषक है।
11. सात्विक-चिराग ने चाइना मास्टर्स का पहला खिताब जीता
SOCIETYBPSC: प्रीलिम्स (खेल एवं पुरस्कार)
सिलेबस से संबंध
खेल समसामयिकी व पुरस्कार। प्रीलिम्स: आयोजन, खिलाड़ी, स्पर्धा।
संदर्भ
भारत की शीर्ष पुरुष युगल जोड़ी ने पहली बार चाइना मास्टर्स खिताब जीता।
मुख्य तथ्य
सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी व चिराग शेट्टी ने 19वें चाइना मास्टर्स (शेन्ज़ेन) पुरुष युगल जीता
यह खिताब जीतने वाले पहले भारतीय
फाइनल स्कोर: 11-21, 21-13, 21-17
यह उनका 10वाँ BWF वर्ल्ड टूर खिताब
आगे की राह
2028 ओलंपिक चक्र में फॉर्म बनाए रखना और जमीनी बैडमिंटन आधार बढ़ाना।
अवधारणा
BWF वर्ल्ड टूर श्रेणीबद्ध टूर्नामेंट (सुपर 1000/750/500/300) की रैंकिंग करता है; प्रीलिम्स खेल GK का अभिन्न अंग।
आज का डेटा पॉइंट
≈ 85% of India's makhana — India ≈ 90% of world output
बिहार का मखाना प्रभुत्व मिथिला–कोसी क्षेत्र; GI-टैग मिथिला मखाना (2022); राष्ट्रीय मखाना बोर्ड 2025 में गठित; 9 जिलों में ₹476-करोड़ की योजना।
प्रारंभिक परीक्षा रैपिड-फायर
कोसी — 'बिहार का शोक', नेपाल हिमालय से निकलती है, मार्ग बदलने के लिए कुख्यात।
मिथिला मखाना को 2022 में GI टैग मिला; राष्ट्रीय मखाना बोर्ड का मुख्यालय बिहार में (2025)।
DAC, जिसकी अध्यक्षता रक्षा मंत्री करते हैं, खरीद हेतु 'Acceptance of Necessity' देता है।
कोस्टल लोकल एरिया बैंक = RBI दूसरी अनुसूची में पहला LAB (RBI अधिनियम, 1934)।
भारत की UNESCO अस्थायी संख्या = 73 (53 सांस्कृतिक, 17 प्राकृतिक, 3 मिश्रित)।
भारत 6G मिशन का लक्ष्य 2030 तक भारत को वैश्विक 6G हब बनाना।
अभ्यास MCQs — BPSC Prelims पैटर्न
Q1. बिहार में बार-बार बाढ़ से जुड़ी निम्नलिखित में से कौन-सी नदी नेपाल हिमालय से निकलती है?
पुनपुन
कोसी
सोन
फल्गु
उत्तर देखें
उत्तर: B कोसी ('बिहार का शोक') नेपाल/तिब्बत हिमालय से निकलती है। सोन और पुनपुन दक्षिण-बिहार की नदियाँ हैं; फल्गु गया के पास बहती है।
Q2. बिहार में मखाना के संदर्भ में विचार कीजिए: (1) राष्ट्रीय मखाना बोर्ड 2025 में गठित हुआ। (2) इसका मुख्यालय बिहार में है। (3) मिथिला मखाना को GI टैग प्राप्त है। कौन-से सही हैं?
केवल 1 और 2
केवल 2 और 3
केवल 1 और 3
1, 2 और 3
उत्तर देखें
उत्तर: D तीनों सही हैं — बोर्ड सितंबर 2025 में गठित हुआ, मुख्यालय बिहार में है, और मिथिला मखाना को 2022 में GI टैग मिला।
मुख्य परीक्षा अभ्यास प्रश्न
Q. "बिहार की बार-बार आने वाली बाढ़ जितनी अभियांत्रिकी की चुनौती है उतनी ही अंतर-राज्यीय व अंतर्राष्ट्रीय जल-प्रबंधन की।" कोसी–गंडक नदी प्रणाली के संदर्भ में चर्चा कीजिए। (BPSC मेन्स GS-II)
संकेत / दृष्टिकोण
नेपाल-मूल नदियाँ व भारी गाद, तटबंधों की सीमाएँ, कोसी बैराज/संधि ढाँचा, वास्तविक समय पूर्वानुमान, और विशुद्ध संरचनात्मक बचाव से एकीकृत बेसिन प्रबंधन की ओर बदलाव को शामिल करें।
📌 एक पंक्ति में रिवीज़न: कोसी = बिहार का शोक (नेपाल-मूल) • मखाना: भारत में बिहार ≈85% • DAC ₹1.10 लाख करोड़ • UNESCO संख्या 73 • पटना मेट्रो ₹628 करोड़ • MSME हेतु IFC $1 अरब।